नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के झांसी में सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक महिला की मौत के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर श्मशान घाट पहुंचे, लेकिन मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। बताया गया कि श्मशान घाट का चौकीदार ताला लगाकर एक शादी समारोह में शामिल होने चला गया था। इस वजह से शोकाकुल परिवार को शव के साथ करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। लंबे समय तक गेट नहीं खुलने पर नाराज परिजनों ने शव सड़क पर रखकर विरोध जताया, जिससे इलाके में जाम की स्थिति बन गई। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति संभली और चौकीदार के पहुंचने पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो सकी।
मामला झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित लहर गिर्द का है। यहां रहने वाले संतोष अहिरवार की 33 वर्षीय पत्नी पूनम की सोमवार दोपहर तीसरी डिलीवरी हुई थी। परिजनों के मुताबिक, प्रसव के कुछ समय बाद ही पूनम की तबीयत बिगड़ने लगी। उनकी हालत लगातार गंभीर होती गई। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। महिला की मौत से परिवार में शोक छा गया। इसके बाद परिजन शव को घर लेकर पहुंचे और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की।
शाम करीब सात बजे परिवार के सदस्य पूनम का शव लेकर पहुज नदी के पास स्थित श्मशान घाट पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें मुख्य गेट बंद मिला और उस पर ताला लगा हुआ था। परिजनों का कहना है कि उन्होंने श्मशान घाट के चौकीदार को पहले ही सूचना दे दी थी कि वे अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर आने वाले हैं। इसके बावजूद जब परिवार वहां पहुंचा तो कोई व्यवस्था नहीं मिली और गेट पर ताला लगा हुआ था।
परिजनों ने आसपास के लोगों से चौकीदार के बारे में जानकारी जुटाई। इस दौरान उन्हें पता चला कि चौकीदार श्मशान घाट बंद करके शादी समारोह में शामिल होने चला गया है। परिवार को बताया गया कि वह जल्द वापस आ जाएगा। इसी उम्मीद में लोग काफी देर तक उसका इंतजार करते रहे, लेकिन चौकीदार समय पर नहीं पहुंचा। एक तरफ परिवार महिला की मौत से दुखी था, वहीं दूसरी तरफ अंतिम संस्कार में हो रही देरी से लोगों की नाराजगी बढ़ती गई।
करीब तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने विरोध जताते हुए शव को सड़क पर रख दिया। इससे वहां वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और जाम लग गया। घटना की सूचना मिलने पर सीपरी बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने नाराज परिजनों को समझाकर शांत कराया और सड़क से शव हटवाकर यातायात सामान्य कराया। इसके बाद परिवार के लोग दोबारा श्मशान घाट के गेट पर पहुंचे और चौकीदार के आने का इंतजार करने लगे।
करीब तीन घंटे बाद चौकीदार मौके पर पहुंचा और श्मशान घाट के गेट का ताला खोला गया। इसके बाद परिजन शव को अंदर ले जा सके और पूनम का अंतिम संस्कार किया गया। सीपरी बाजार थाना प्रभारी जेपी चौबे के मुताबिक, श्मशान घाट का चौकीदार झांसी के बबीना में आयोजित एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने गया था। उसे वहां से वापस बुलवाया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार कराया गया।
इस घटना के बाद श्मशान घाट जैसी आवश्यक सार्वजनिक सुविधा की व्यवस्था और उसकी जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले परिवारों को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए चौकीदार की उपलब्धता और वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत सामने आई है। पूनम के परिवार को पहले ही मौत के दुख से गुजरना पड़ रहा था, लेकिन श्मशान घाट पर ताला लगा होने के कारण उन्हें अंतिम संस्कार के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ा।









