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  • 83 की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का जुनून कायम, KBC डायरेक्टर ने बताया हर एपिसोड की तैयारी का राज

    83 की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का जुनून कायम, KBC डायरेक्टर ने बताया हर एपिसोड की तैयारी का राज


    नई दिल्ली । कौन बनेगा करोड़पति अपने 18वें सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों के बीच लौटने की तैयारी में है और इस बार भी शो की सबसे बड़ी पहचान अमिताभ बच्चन ही हैं। शो की शुरुआत से ही बिग बी इसके चेहरे रहे हैं। तीसरे सीजन को छोड़ दिया जाए तो पिछले 26 वर्षों से अमिताभ बच्चन और KBC का रिश्ता लगातार कायम है। दर्शकों को हर एपिसोड में उनका सवाल पूछने का अंदाज और कंटेस्टेंट्स के साथ उनकी बातचीत दिखाई देती है लेकिन कैमरे के पीछे बिग बी जिस तरह हर एपिसोड की तैयारी करते हैं उसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। KBC के डायरेक्टर अरुण शेषकुमार ने एक खास बातचीत में अमिताभ बच्चन की कार्यशैली और उनकी ऊर्जा से जुड़े कई दिलचस्प पहलुओं का खुलासा किया है।

    अरुण शेषकुमार के मुताबिक 26 साल बीत जाने के बावजूद अमिताभ बच्चन के काम करने का तरीका आज भी पहले जैसा ही है। वह शूटिंग के दिन सुबह सेट पर पहुंचते हैं और सबसे पहले स्क्रिप्ट देखते हैं। शो की शुरुआत और अंत का हिस्सा स्क्रिप्टेड होता है जबकि बाकी पूरा एपिसोड कंटेस्टेंट के साथ मौके पर होने वाली बातचीत के आधार पर आगे बढ़ता है। यही वजह है कि हर कंटेस्टेंट को समझना उनके लिए बेहद जरूरी हो जाता है।

    डायरेक्टर ने बताया कि टीम को पहले से यह पता नहीं होता कि हॉट सीट पर आखिर कौन पहुंचेगा। ऐसे में हर एपिसोड से पहले करीब 10 संभावित कंटेस्टेंट्स की प्रोफाइल और उनकी जिंदगी से जुड़ी कहानियां तैयार रखी जाती हैं। अमिताभ बच्चन इन सभी प्रोफाइल को ध्यान से पढ़ते हैं और कंटेस्टेंट्स की जिंदगी को समझने की कोशिश करते हैं। जब कोई व्यक्ति हॉट सीट पर पहुंचता है तो बिग बी उसकी कहानी और संघर्ष के मुताबिक बातचीत का अंदाज तय करते हैं। यही खूबी उन्हें सिर्फ एक टीवी होस्ट नहीं बल्कि कंटेस्टेंट्स के साथ जुड़ने वाला कलाकार बनाती है।

    अरुण शेषकुमार के मुताबिक अमिताभ बच्चन की एक और बड़ी खासियत यह है कि वह सामने बैठे व्यक्ति की बॉडी लैंग्वेज और घबराहट को तुरंत समझ लेते हैं। अगर कोई कंटेस्टेंट तनाव में होता है या अपनी बात खुलकर नहीं रख पाता तो बिग बी पहले उसे सहज करने की कोशिश करते हैं। वह बातचीत के जरिए उसका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और फिर उसे अपनी कहानी साझा करने के लिए प्रेरित करते हैं। यही कारण है कि KBC में कंटेस्टेंट और होस्ट के बीच होने वाली बातचीत कई बार बेहद व्यक्तिगत और भावनात्मक नजर आती है।

    अमिताभ बच्चन की भूमिका केवल शो की मेजबानी तक सीमित नहीं है। डायरेक्टर के अनुसार हर सीजन में बिग बी के सुझाव मिलते हैं और उनका योगदान शो को बेहतर बनाने में अहम रहता है। वह सिर्फ गेम से जुड़े बदलावों पर सुझाव नहीं देते बल्कि पूरे कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए अपनी राय साझा करते हैं। इतने लंबे समय से शो का हिस्सा होने के बावजूद उनका उत्साह और नएपन को लेकर नजरिया आज भी बरकरार है।

    सबसे ज्यादा चर्चा अमिताभ बच्चन की उम्र और उनकी ऊर्जा को लेकर होती है। अरुण शेषकुमार बताते हैं कि 83 साल की उम्र में भी सेट पर कई बार सबसे ज्यादा ऊर्जा अमिताभ बच्चन में ही दिखाई देती है। वह कहते हैं कि टीम के कई सदस्य उनसे उम्र में काफी छोटे होने के बावजूद उनकी ऊर्जा की बराबरी नहीं कर पाते। बिग बी का काम के प्रति जुनून और समर्पण पूरी टीम के लिए प्रेरणा है।

    हालांकि उनकी उम्र को देखते हुए KBC की टीम शूटिंग के दौरान उनकी सेहत और आराम का विशेष ध्यान रखती है। कोशिश की जाती है कि काम के घंटे बहुत लंबे न हों और उन्हें पर्याप्त ब्रेक मिलता रहे। सेट पर उनकी सुविधा और आराम का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसके बावजूद कैमरा ऑन होते ही उनकी ऊर्जा और पेशेवर अंदाज ऐसा दिखाई देता है कि उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि 26 साल बाद भी अमिताभ बच्चन KBC की सबसे बड़ी ताकत बने हुए हैं।

  • ICU और सर्जरी वाली पोस्ट पर बिग बी ने दिया बड़ा बयान बताया आखिर किस संदर्भ में लिखी थी बात

    ICU और सर्जरी वाली पोस्ट पर बिग बी ने दिया बड़ा बयान बताया आखिर किस संदर्भ में लिखी थी बात


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन की एक ब्लॉग पोस्ट ने उनके प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी थी। ब्लॉग में सर्जरी ICU और रिकवरी का जिक्र होने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगीं। हालांकि अब खुद अमिताभ बच्चन ने सामने आकर पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनकी कोई सर्जरी नहीं हुई है और लोग उनकी बात का अर्थ गलत समझ बैठे।

    अमिताभ बच्चन ने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी तबीयत को लेकर फैल रही खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने बताया कि ब्लॉग में उन्होंने सर्जरी और ICU का उल्लेख केवल एक उदाहरण के रूप में किया था। उनका उद्देश्य यह बताना था कि किसी भी व्यक्ति के लिए कठिन दौर के बाद सामान्य जीवन में लौटना सबसे चुनौतीपूर्ण समय होता है।

    उन्होंने समझाया कि जब कोई व्यक्ति सर्जरी या गंभीर बीमारी के बाद ICU से घर लौटता है तो उसके सामने शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनने की बड़ी चुनौती होती है। इसी तरह जब कोई चैंपियन हार का सामना करता है तो उसके लिए भी सबसे कठिन समय वही होता है जब उसे खुद को फिर से संभालना पड़ता है। उनका कहना था कि इसी भाव को समझाने के लिए उन्होंने यह उदाहरण दिया था लेकिन लोगों ने इसे उनकी निजी स्वास्थ्य स्थिति से जोड़ लिया।

    अमिताभ बच्चन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी ब्लॉग पोस्ट का संबंध उनकी सेहत से नहीं बल्कि हाल ही में हुए फीफा विश्व कप फाइनल से था। उन्होंने बताया कि वह अर्जेंटीना की हार और एक चैंपियन खिलाड़ी के रूप में लियोनेल मेसी की भावनात्मक स्थिति का जिक्र कर रहे थे। उनका उद्देश्य यह समझाना था कि हार के बाद किसी भी विजेता के लिए मानसिक रूप से खुद को संभालना कितना कठिन होता है।

    उन्होंने कहा कि उनकी बात को संदर्भ से अलग करके देखा गया जिसके कारण यह गलतफहमी फैल गई कि उनकी सर्जरी हुई है या वह अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी चिंता और शुभकामनाएं उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रही हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन जल्द ही फिल्म कल्कि 2898 एडी के सीक्वल में नजर आएंगे। इसके अलावा वह लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति के नए सीजन की मेजबानी भी करते दिखाई देंगे। लंबे समय से सक्रिय अमिताभ बच्चन आज भी फिल्मों और टेलीविजन दोनों माध्यमों में लगातार काम कर रहे हैं।

    अमिताभ बच्चन का फिल्मी सफर भी संघर्षों से भरा रहा है। शुरुआती दौर में लगातार कई फिल्मों की असफलता के बाद उन्होंने अभिनय छोड़ने का विचार बना लिया था। लेकिन वर्ष 1973 में आई फिल्म जंजीर ने उनके करियर की दिशा बदल दी और इसके बाद उन्होंने सफलता की ऐसी कहानी लिखी जो आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में मिसाल मानी जाती है।

  • शहंशाह' के वे दिन जब दरवाजे पर आते थे लेनदार: 90 करोड़ का कर्ज और 55 लीगल केस

    शहंशाह' के वे दिन जब दरवाजे पर आते थे लेनदार: 90 करोड़ का कर्ज और 55 लीगल केस


    नई दिल्ली । अमिताभ बच्चन आज भारतीय सिनेमा के शहंशाह कहे जाते हैं, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब उनके सिर से सफलता का साया पूरी तरह उठ चुका था। 90 के दशक के अंत में बिग बी अपने जीवन के सबसे अंधकारमय दौर से गुजर रहे थे। उनकी कंपनी अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड  दिवालिया हो चुकी थी और उन पर 90 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज था। स्थिति इतनी भयावह थी कि उनके घर और निजी संपत्तियों के जब्त होने का खतरा मंडरा रहा था।

    साल 2013 के एक इंटरव्यू में अमिताभ बच्चन ने अपनी उस पीड़ा को साझा करते हुए बताया था कि वह दौर उनके लिए बेहद अपमानजनक था। उनके दरवाजे पर हर दिन लेनदार पैसे मांगने आते थे। जो लोग कभी उनके साथ काम करने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते थे, मुसीबत के वक्त उन्होंने ही बिग बी के प्रति अनादर दिखाना शुरू कर दिया था। उस दौरान उन पर 55 लीगल केस दर्ज थे और उन्होंने स्वीकार किया कि कई लोगों ने उन्हें गुमराह करके गलत दस्तावेजों पर साइन भी करवा लिए थे, जिसका खामियाजा उन्हें अकेले भुगतना पड़ा।

    इस टूटते हुए हौसले के बीच बिग बी को अपने पिता, महान कवि हरिवंश राय बच्चन की दो बातों ने संभाले रखा। पहली सीख थी मन का हो तो अच्छा, मन का न हो तो और भी अच्छा। इसका अर्थ था कि अगर चीजें आपकी योजना के अनुसार नहीं हो रही हैं, तो ईश्वर ने आपके लिए कुछ और भी बेहतर सोच रखा है। दूसरी अहम बात जो उनके पिता ने कही थी वह यह कि जब तक जीवन है, संघर्ष बना रहेगा। इन दो मंत्रों ने अमिताभ को हार मानने के बजाय लड़ने की शक्ति दी।

    अमिताभ बच्चन की सेकेंड इनिंग की शुरुआत फिल्म मोहब्बतें और टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति से हुई, जिसने न केवल उनका कर्ज उतारा बल्कि उन्हें पहले से भी बड़ा स्टार बना दिया। आज उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि इंसान अपने पिता के आदर्शों और खुद के परिश्रम पर भरोसा रखे, तो वह राख से भी उठकर दोबारा अपना साम्राज्य खड़ा कर सकता है।