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  • पुष्पा झुकेगा नहीं’ लिखी पिकअप से सागौन तस्करी: खंडवा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

    पुष्पा झुकेगा नहीं’ लिखी पिकअप से सागौन तस्करी: खंडवा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई


    खंडवा। जिले के कालीभीत वन क्षेत्र में सागौन तस्करी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां फिल्मी अंदाज में ‘पुष्पा झुकेगा नहीं साला’ जैसे डायलॉग लिखी पिकअप गाड़ी से अवैध लकड़ी की तस्करी का खुलासा हुआ। वन विभाग की टीम ने मंगलवार देर रात घेराबंदी कर वाहन को पकड़ लिया, हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर मौके से फरार हो गए। जांच में वाहन से करीब 3 घनमीटर सागौन लकड़ी बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग पौने दो लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

    जंगल में रोशनी देखकर बढ़ा शक, फिर शुरू हुई कार्रवाई
    मामला पश्चिम कालीभीत वन परिक्षेत्र के सिरालिया सब रेंज के भुरकुला जंगल क्षेत्र का है। नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों को जंगल के अंदर संदिग्ध वाहन की रोशनी दिखाई दी। देर रात जंगल में वाहन की मौजूदगी संदिग्ध लगने पर तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर वाहन को रोका। जैसे ही टीम नजदीक पहुंची, तस्करों ने वन विभाग की गाड़ियों की रोशनी देख वाहन छोड़कर जंगल में भागने में सफलता पा ली।

    गाड़ी से मिला सागौन का बड़ा जखीरा
    घेराबंदी के बाद जब वाहन की जांच की गई तो वह लॉक मिला। वन विभाग ने लॉक तोड़कर जब तलाशी ली तो अंदर सागौन के करीब 20 लट्ठे भरे हुए पाए गए। इसके बाद वाहन और लकड़ी दोनों को जब्त कर लिया गया। वन विभाग की कार्रवाई के बाद पिकअप पर लिखे फिल्मी डायलॉग भी सुर्खियों में आ गए हैं, जिससे यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

    पहले से संदिग्ध थी गाड़ी की गतिविधियां
    वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रम सिंह भदौरिया ने बताया कि यह वाहन पहले भी कई बार रात के समय जंगल क्षेत्र में संदिग्ध रूप से घूमता देखा गया था। हालांकि तब पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण कार्रवाई संभव नहीं हो सकी थी। इस बार वाहन को सागौन लकड़ी के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया है, जिससे तस्करी की पुष्टि हो गई है। अब विभाग इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है।

    तस्करी नेटवर्क की जांच तेज, मालिक से पूछताछ की तैयारी
    प्रारंभिक जांच में यह पिकअप वाहन वनग्राम कोटवारिया निवासी रामकिशन पाटिल के नाम पर दर्ज बताया जा रहा है। वन विभाग अब वाहन मालिक सहित अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश कर रहा है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

  • खंडवा को केंद्र सरकार से मिली 4 सड़कें: PMGSY के तहत 14 करोड़ की परियोजना को मंजूरी

    खंडवा को केंद्र सरकार से मिली 4 सड़कें: PMGSY के तहत 14 करोड़ की परियोजना को मंजूरी


    खंडवा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी विकास सौगात दी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत खंडवा जिले की चार महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 13.74 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा, जिसके तहत 14.44 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

    इस स्वीकृति के बाद लंबे समय से लंबित ग्रामीण इलाकों की सड़क सुविधा से जुड़ी मांगों को राहत मिलने की उम्मीद है। नई सड़कों के बनने से न सिर्फ गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और आवागमन व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

    ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
    इन सड़कों के निर्माण से किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी, वहीं विद्यार्थियों, मरीजों और व्यापारियों के लिए भी आवागमन सुगम हो जाएगा। बरसात के मौसम में जिन इलाकों में संपर्क टूट जाता था, वहां अब स्थायी सड़क सुविधा से राहत मिलेगी। केंद्र सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है, ताकि विकास का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच सके।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी मंजूरी
    इन परियोजनाओं को केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि स्वीकृति पत्र उन्हें सौंपा गया है और यह निर्णय क्षेत्र की वर्षों पुरानी जरूरतों को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण भारत में कनेक्टिविटी को मजबूत करने का काम तेजी से किया जा रहा है और खंडवा जिले को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

    कौन-कौन से मार्ग बनेंगे
    स्वीकृत परियोजनाओं में कुल चार सड़क मार्ग शामिल हैं:
    बरमलाय से कुकडाल मार्ग – 7.64 किमी, लागत 7.18 करोड़ रुपये
    बरमलाय से सुकलतालाई-4 मार्ग – 3.20 किमी, लागत 3.13 करोड़ रुपये
    लहाड़पुर से पारवाड़ी मार्ग – 2.24 किमी, लागत 2.06 करोड़ रुपये
    मालूद रोड से खेड़ी रैयत मार्ग – 1.36 किमी, लागत 1.35 करोड़ रुपये
    इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने पर ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

    ग्रामीणों में खुशी का माहौल
    सड़क निर्माण की स्वीकृति के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से खराब और कच्चे रास्तों के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब स्थायी सड़क बनने से उनकी समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।

  • खंडवा में संवेदनशील मामला: गोवंश अवशेष मिलने के बाद तनाव, जांच में जुटी पुलिस

    खंडवा में संवेदनशील मामला: गोवंश अवशेष मिलने के बाद तनाव, जांच में जुटी पुलिस


    खंडवा| खंडवा जिले के मुंदवाड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत बड़ियातुला गांव में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। शुक्रवार देर रात सामने आए इस मामले के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

    जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात करीब 11 बजे गांव के बाहर सड़क किनारे पॉलिथीन में भरे गोवंश के अवशेष फेंके जाने की सूचना मिली। इसी दौरान आसपास के गांवों के कुछ युवक मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवाओं को देखकर संदिग्ध लोग वहां से भाग निकले और अपनी एक बाइक मौके पर छोड़ गए।

    घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित लोगों ने मौके पर मौजूद कुछ वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी और बल तत्काल मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने घटनास्थल से गोवंश के अवशेष और एक बाइक जब्त कर ली है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रातभर जांच और तलाशी अभियान चलाया। शनिवार सुबह तड़के एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है और चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

    घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन लोगों से संयम बरतने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहा है।

  • ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर प्रशासन सक्रिय: खंडवा में 26 पंजीयन केंद्र बनाए गए

    ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर प्रशासन सक्रिय: खंडवा में 26 पंजीयन केंद्र बनाए गए


    खंडवा  खंडवा जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर जिलेभर में 26 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसान 25 मई से 15 जून 2026 तक अपना निशुल्क पंजीयन करा सकेंगे।प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान समय पर रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी फसल को सरकारी खरीदी व्यवस्था से जोड़ सकें और उन्हें उचित मूल्य मिल सके।

    26 केंद्रों पर मुफ्त पंजीयन की सुविधा
    किसानों की सुविधा के लिए बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और मार्केटिंग संस्थाओं को पंजीयन केंद्र बनाया गया है। इनमें टेमीकला, सिहाड़ा, गुड़ीखेड़ा, सिंगोट, कालमुखी, अमलपुरा, छैगांवमाखन, पंधाना, मूंदी, भगवानपुरा, सुलगांव, पुनासा, मोहना, दौलतपुरा, छनेरा, बरूड़, सोमगांवखुर्द, किल्लौद, बड़केश्वर, खालवा, खेड़ी और आशापुर सहित कई केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा खालवा की कृषक सहकारी विपणन समिति और हरसूद की को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी में भी पंजीयन की व्यवस्था की गई है। सभी केंद्रों पर यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी।

    ऑनलाइन भी कर सकेंगे पंजीयन
    निशुल्क केंद्रों के अलावा किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे के माध्यम से भी निर्धारित शुल्क देकर पंजीयन करा सकते हैं। इससे किसानों को अपने नजदीकी स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध होगी।

    गांव-गांव पहुंचेगा प्रचार अभियान
    प्रशासन ने तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि कोटवारों और पटवारियों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी किसान समय पर रजिस्ट्रेशन कर सकें और खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

  • खंडवा कारोबारी की हिमाचल में दर्दनाक मौत: सतलज किनारे अंतिम संस्कार, विशेषज्ञों ने बताए पहाड़ों में सुरक्षा टिप्स

    खंडवा कारोबारी की हिमाचल में दर्दनाक मौत: सतलज किनारे अंतिम संस्कार, विशेषज्ञों ने बताए पहाड़ों में सुरक्षा टिप्स


    खंडवा । खंडवा के प्रसिद्ध कपड़ा कारोबारी और ‘जींस हाउस’ के संचालक मनीष जैन की हिमाचल प्रदेश यात्रा के दौरान दुखद मौत हो गई। वे अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए भारत-चीन सीमा के पास स्थित ऊंचाई वाले क्षेत्र काजा पहुंचे थे, जहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई। चालक उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    परिजन पहुंचे हिमाचल, कठिन परिस्थितियों में किया अंतिम संस्कार
    22 मई को मौत की सूचना मिलने के बाद उनके बेटे शांतनु जैन, भाई तपिश जैन और करीबी दोस्त तुरंत हिमाचल प्रदेश रवाना हुए। करीब 30 घंटे की कठिन यात्रा के बाद परिजन काजा पहुंचे, जहां बेहद दुर्गम परिस्थितियों में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों ने बताया कि चारों ओर बर्फ, तेज ठंड और शून्य के आसपास तापमान के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन था। बाद में सतलज नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार कर अस्थियां प्रवाहित की गईं।

    स्थानीय लोगों और पुलिस ने की मदद
    इस मुश्किल समय में स्थानीय निवासी केसन रेपचिक ने परिजनों की मदद करते हुए लकड़ी, वाहन और अन्य आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई। वहीं हिमाचल पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए सहयोग किया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर तुरंत डेथ सर्टिफिकेट जारी किया। परिजनों ने स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद को अत्यंत संवेदनशील और मानवीय बताया।

    एक्सपर्ट की सलाह: ऊंचाई वाले इलाकों में बरतें विशेष सावधानी
    ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मुनीश मिश्रा के अनुसार, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी के कारण हाई एल्टीट्यूड सिकनेस का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    विशेषज्ञों की सलाह है कि-

    शरीर को ऊंचाई के अनुसार ढलने का समय दिया जाए
    सांस फूलना या सिरदर्द होने पर तुरंत नीचे के इलाके में लौटें
    पल्स ऑक्सीमीटर और पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर साथ रखें
    हृदय, बीपी और अस्थमा के मरीज बिना मेडिकल सलाह यात्रा न करें
    पर्याप्त पानी पिएं और शराब-धूम्रपान से बचें
    समुदाय में शोक की लहर
    इस अचानक हुई घटना से खंडवा में शोक का माहौल है। कारोबारी के निधन को व्यापारिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में बड़ी क्षति माना जा रहा है।

  • खंडवा में सड़क पर हड़कंप: ट्रक-टैंकर की जोरदार टक्कर, आधे घंटे रेस्क्यू के बाद घायल बाहर निकाले गए

    खंडवा में सड़क पर हड़कंप: ट्रक-टैंकर की जोरदार टक्कर, आधे घंटे रेस्क्यू के बाद घायल बाहर निकाले गए


    खंडवा । खंडवा जिले के इंदौर-एदलाबाद नेशनल हाईवे पर मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पंधाना थाना क्षेत्र की बोरगांव चौकी अंतर्गत एक निजी होटल के सामने ट्रक के ब्रेक फेल हो जाने से वह सामने खड़े टैंकर में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक व क्लीनर केबिन में फंस गए। हादसा करीब दोपहर 2 बजे हुआ, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।

    केबिन में फंसे ड्राइवर-क्लीनर, आधे घंटे तक चला रेस्क्यू
    हादसे में ट्रक चालक नासिर खान और क्लीनर राशिद खान गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद दोनों केबिन में बुरी तरह फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सूचना मिलते ही बोरगांव चौकी प्रभारी अविनाश भोपले पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद केबिन का क्षतिग्रस्त हिस्सा काटकर दोनों घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद डायल-100 की मदद से उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंधाना पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    तेज रफ्तार और ब्रेक फेल हादसे की वजह
    पुलिस के अनुसार ट्रक तेज रफ्तार में था, इसी दौरान अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। चालक नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रक सीधे आगे चल रहे टैंकर से टकरा गया। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घटनास्थल पर दौड़ पड़े।

    हाईवे पर बढ़ते हादसों से चिंता
    स्थानीय लोगों ने बताया कि इंदौर-एदलाबाद हाईवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। भारी वाहनों की तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और तकनीकी खराबी इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर नियमित वाहन जांच, स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • खंडवा SP से गुहार: मारपीट केस में CCTV और कॉल डिटेल जांच की मांग

    खंडवा SP से गुहार: मारपीट केस में CCTV और कॉल डिटेल जांच की मांग


    मध्य प्रदेश । खंडवा जिले के बोरगांव चौकी क्षेत्र में दर्ज मारपीट के एक मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। खिराला गांव निवासी कलीम उर्फ कल्लू ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर खुद को निर्दोष बताते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

    कलीम का आरोप है कि उसे व्यक्तिगत रंजिश और पुलिस की कथित मिलीभगत के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। उसने दावा किया कि 16 मई की रात जब घटना हुई, उस समय वह मौके पर मौजूद नहीं था, बल्कि खिराला से करीब 5 किलोमीटर दूर एक होटल में था। कलीम ने कहा कि उसके पास होटल के CCTV फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मौजूद हैं, जो उसकी बेगुनाही साबित कर सकते हैं।

    शिकायत में तत्कालीन बोरगांव चौकी प्रभारी और वर्तमान देशगांव चौकी प्रभारी रामप्रकाश यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कलीम ने आरोप लगाया कि घटना के बाद रामप्रकाश यादव आरोपी पक्ष के व्यक्ति रईस से अस्पताल में मिलने पहुंचे थे, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं।

    वहीं इस पूरे मामले पर पूर्व चौकी प्रभारी रामप्रकाश यादव ने सफाई देते हुए कहा कि रईस उनका परिचित है, इसलिए वह सिर्फ मिलने के लिए अस्पताल गए थे। दूसरी ओर बोरगांव चौकी प्रभारी अविनाश भोपले ने बताया कि एफआईआर फरियादी के बयान के आधार पर दर्ज की गई है और मामले की जांच प्रक्रिया जारी है। अब पूरा मामला जांच के दायरे में है और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

  • महादेवगढ़ मंदिर में बंगाली परिवार ने की महाकाल की भव्य महाआरती

    महादेवगढ़ मंदिर में बंगाली परिवार ने की महाकाल की भव्य महाआरती


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के खंडवा स्थित महादेवगढ़ मंदिर में एक विशेष धार्मिक आयोजन के तहत बंगाली परिवार ने महाकाल की भव्य महाआरती की। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर भक्ति, मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा।

    महाकाल की आराधना में उमड़ी श्रद्धा
    आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से महाआरती में भाग लिया और “अखंड भारत” की कामना करते हुए देश की एकता और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

     बंगाली परिवार की सक्रिय भागीदारी
    इस धार्मिक आयोजन में बंगाली परिवार के कई सदस्य शामिल रहे, जिनमें सुनीता सोनोने, दिव्या लेंडे, आशा मराठा, मीता विश्वास, डॉ. टी.के. विश्वास, रीता राय, शिवानी घोष, रितिका घोष, जय घोष, पारितोष घोष, डॉ. पी. कुमार, डॉ. पी.के. मलिक और सुशांत राय प्रमुख रूप से मौजूद थे।

    भक्ति के साथ सामाजिक संदेश भी
    इस आयोजन ने केवल धार्मिक आस्था को ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी दिया। श्रद्धालुओं ने मिलकर देश की खुशहाली और शांति की कामना की।

     आस्था और एकता का संगम
    महादेवगढ़ मंदिर में हुआ यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें भक्तिभाव और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संगम देखने को मिला।

  • नकली घी का जाल उजागर खंडवा में बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई, अनवर कुरैशी हिरासत में

    नकली घी का जाल उजागर खंडवा में बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई, अनवर कुरैशी हिरासत में

    इंदौर । मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में मिलावटी खाद्य सामग्री के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है जहां प्रशासन ने नकली घी बनाने वाले एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इमलीपुरा क्षेत्र के बेगम पार्क के पास की गई इस छापामार कार्रवाई में भारी मात्रा में चर्बी युक्त घी और पशुओं के अवशेष बरामद किए गए हैं जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

    लंबे समय से इस क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं जिसके बाद जिला प्रशासन ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। जैसे ही जानकारी की पुष्टि हुई सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। इस टीम में तहसीलदार महेश सोलंकी नगर निगम उपायुक्त सचिन सिटोले और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।

    छापे के दौरान टीम को वहां मौजूद हालात देखकर चौंकाने वाले दृश्य मिले। परिसर में बड़ी मात्रा में बोरियों में भरी जानवरों की खाल और हड्डियां पाई गईं वहीं ड्रमों और कनस्तरों में चर्बी युक्त घी भरा हुआ मिला। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस सामग्री का उपयोग नकली घी बनाने में किया जा रहा था जिसे बाजार में सप्लाई किया जाता था।

    कार्रवाई के दौरान मौके से संचालक अनवर कुरैशी को हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ की गई। उसने दावा किया कि उसके पास वर्ष 2023 का अपशिष्ट सामग्री रखने का ट्रेड लाइसेंस है लेकिन प्रशासन अब इस दावे की वैधता की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि केवल लाइसेंस होने का मतलब यह नहीं है कि अवैध गतिविधियों की अनुमति मिल जाती है।

    टीम ने मौके से कुल 9 ड्रम और 69 कनस्तरों में भरा चर्बी युक्त पदार्थ जब्त किया है। इसके साथ ही सभी सैंपल पशु चिकित्सा विभाग द्वारा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें क्या मिलावट की जा रही थी और इसका उपयोग किस स्तर पर हो रहा था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार की शिकायतें कई बार प्रशासन से की गई थीं लेकिन अब जाकर इस पर ठोस कार्रवाई हुई है। लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी थी कि इतने लंबे समय तक यह गतिविधि कैसे चलती रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि इसमें कोई बड़ा नेटवर्क या अन्य लोग शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि नकली और मिलावटी घी का सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी इस तरह के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

  • खंडवा के गुड़ी वन परिक्षेत्र में अतिक्रमणकारियों का दुस्साहस और वन कर्मी पर जानलेवा हमला

    खंडवा के गुड़ी वन परिक्षेत्र में अतिक्रमणकारियों का दुस्साहस और वन कर्मी पर जानलेवा हमला


    मध्यप्रदेश/खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में अतिक्रमणकारियों के बढ़ते दुस्साहस ने प्रशासनिक तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीलाईखेड़ा के जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा करने की नियत से पहुंचे करीब तीस से चालीस हमलावरों ने वन विभाग की टीम पर हिंसक हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब विभाग के कर्मचारी नियमित गश्त और सूचना के आधार पर जंगल की सुरक्षा के लिए मौके पर पहुंचे थे। अतिक्रमणकारियों का समूह सुनियोजित तरीके से वन भूमि को कृषि भूमि में बदलने की तैयारी कर रहा था और उनके पास जंगल की जमीन साफ करने के उपकरण भी मौजूद थे।

    वन विभाग के अमले ने जैसे ही उन्हें रोकने की कोशिश की तो स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। जंगल में अवैध खेत तैयार करने की जिद पर अड़े इन लोगों ने सरकारी ड्यूटी पर तैनात चौकीदार रामदास को अपना निशाना बनाया। हमलावरों ने न केवल उनके साथ गाली गलौज की बल्कि शारीरिक रूप से भी उन पर टूट पड़े। इस हिंसक झड़प में हमलावरों ने चौकीदार का गला दबाने और उन्हें नाखूनों से घायल करने जैसी क्रूर हरकतें कीं। इस दौरान वर्दी फाड़ दी गई और मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों को भी जान से मारने की धमकी दी गई। यह हमला इतना अचानक और उग्र था कि शुरुआती क्षणों में कर्मचारियों को अपनी जान बचाना भारी पड़ गया।

    अतिक्रमणकारियों की यह भीड़ पड़ोसी जिलों बड़वानी खरगोन और बुरहानपुर से संगठित होकर यहां पहुंची थी। जंगलों के बीच जमीन कब्जाने का यह सिलसिला नया नहीं है लेकिन जिस तरह से हमलावरों ने कानून को अपने हाथ में लिया उससे वन कर्मियों के बीच भारी आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है। घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद वन विभाग का अतिरिक्त अमला और पुलिस बल सक्रिय हुआ जिसके बाद हमलावर वहां से भाग खड़े हुए। इस संबंध में पिपलौद पुलिस थाने में नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार आमाखुजरी क्षेत्र में लगभग पचास हेक्टेयर वन भूमि पर वर्तमान में अतिक्रमण का बड़ा संकट मंडरा रहा है। यहां बड़ी संख्या में लोग बुवाई की तैयारी कर रहे हैं जो पर्यावरण और वन संपदा के लिए एक अपूरणीय क्षति साबित हो सकती है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते इन बाहरी तत्वों पर नकेल नहीं कसी गई तो घने जंगलों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। फिलहाल घायल कर्मचारी का उपचार कराया जा रहा है और पुलिस प्रशासन के सहयोग से पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी हिंसक वारदात को टाला जा सके और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।