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  • पानी भरने की बात पर भड़की पुरानी रंजिश: मैहर में खूनी संघर्ष, 7 महिलाओं समेत 14 लोग गंभीर घायल

    पानी भरने की बात पर भड़की पुरानी रंजिश: मैहर में खूनी संघर्ष, 7 महिलाओं समेत 14 लोग गंभीर घायल

    मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में जमीनी विवाद ने बुधवार रात हिंसक और खूनी रूप ले लिया। अमरपाटन थाना क्षेत्र के कहरी गांव में दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चल रही रंजिश एक बार फिर भड़क उठी और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे और धारदार हथियार निकल आए। दोनों ओर से हुए हमले में 7 महिलाओं सहित कुल 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

    पुलिस के अनुसार कहरी गांव में रहने वाले बंसल समाज के दो परिवारों के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। बुधवार रात विवादित जमीन पर पानी भरने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई। पहले तीखी नोकझोंक हुई और फिर देखते ही देखते मामला हिंसक संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। गांव में अचानक मची चीख-पुकार और हंगामे से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने बीच-बचाव का प्रयास किया लेकिन तब तक कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो चुके थे।

    घटना के बाद घायल किसी तरह अमरपाटन थाने पहुंचे। थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने घायलों की हालत गंभीर देखते हुए तत्काल एंबुलेंस और शासकीय वाहन की व्यवस्था कर सभी को अमरपाटन सिविल अस्पताल भिजवाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियां भी उजागर हो गईं। एक साथ 14 गंभीर घायलों के पहुंचने पर अस्पताल में पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं थे। मजबूरन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को कई घायलों का उपचार अस्पताल के बरामदे और फर्श पर करना पड़ा। घायल महिलाओं और पुरुषों को जमीन पर लिटाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। उन्हें वहीं पट्टियां बांधी गईं और ड्रिप तथा इंजेक्शन लगाए गए।

    मारपीट में दोनों पक्षों के लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। प्रथम पक्ष से सरिता बंसल, जितेंद्र, फूलचंद, साक्षी, आरती और प्रिया बंसल घायल हुए हैं। वहीं दूसरे पक्ष से समीर, बड्डी, सोमबाई, सुरेश, पार्वती, रमेश, मुकेश और तिजियाबाई बंसल को चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया है।

    थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुराना जमीनी विवाद ही इस हिंसक घटना की मुख्य वजह है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में घायलों के बयान लिए जा रहे हैं और घटनास्थल से भी जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

  • रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप, बुजुर्ग महिला को घसीटा; लाठी-डंडों से हुई मारपीट का वीडियो वायरल

    रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप, बुजुर्ग महिला को घसीटा; लाठी-डंडों से हुई मारपीट का वीडियो वायरल


    मध्यप्रदेश । सीहोर शहर में गणेश मंदिर के पास रास्ते और जमीन के अधिकार को लेकर हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट तक पहुंच गया, जिसमें लाठी-डंडे, लात-घूंसे और धक्का-मुक्की का दौर चला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है।

    जानकारी के अनुसार, विवाद एक छोटे से जमीन के टुकड़े और उससे जुड़े रास्ते के उपयोग को लेकर शुरू हुआ था। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि लोग एक-दूसरे पर हमला करने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि विवाद के दौरान किसी ने भी संयम नहीं बरता और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।

    वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर रहे हैं। मारपीट के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया। वीडियो में एक बुजुर्ग महिला को घसीटते हुए देखा जा सकता है, जबकि कुछ लोग उन्हें बचाने का प्रयास करते नजर आते हैं। इस दौरान महिलाओं की चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल साफ दिखाई देता है।

    घटना के दौरान कई लोगों को चोटें आई हैं। वीडियो में एक युवक जमीन पर बेसुध अवस्था में पड़ा दिखाई देता है, जबकि आसपास मौजूद लोग हंगामे को देखते रहते हैं। कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि विवाद को तुरंत शांत नहीं कराया जा सका।

    सबसे चिंताजनक बात यह रही कि बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर मौजूद होने के बावजूद झगड़ा रोकने के बजाय अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाते रहे। इससे मारपीट का सिलसिला और लंबा चलता रहा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद काफी समय से चल रहा था और दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनातनी की स्थिति बन चुकी थी। हालांकि इस बार मामला पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को जानकारी दी गई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

    पुलिस अब वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे विवादों को समय रहते सुलझाने की आवश्यकता है, ताकि छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की नौबत न आए।

    फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद इलाके में तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

  • 85 वर्षीय किसान की जमीन पर फर्जी अनुबंध का आरोप: कोर्ट के आदेश पर FIR, दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस

    85 वर्षीय किसान की जमीन पर फर्जी अनुबंध का आरोप: कोर्ट के आदेश पर FIR, दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी में एक बुजुर्ग किसान की जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ग्वालियर बायपास रोड निवासी 85 वर्षीय किसान रामजीलाल वर्मा की जमीन का कथित रूप से फर्जी अनुबंध कराने के आरोप में कोतवाली थाना पुलिस ने न्यायालय के निर्देश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के आदेश के बाद की गई है।

    पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में शिवपुरी के किड्स गार्डन स्कूल के पास रहने वाले शिवकुमार गौतम को आरोपी बनाया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 336(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले ने शहर में जमीन संबंधी विवादों और दस्तावेजों में कथित हेराफेरी के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

    शिकायतकर्ता रामजीलाल वर्मा के अनुसार, उनके नाम राजस्व अभिलेखों में सर्वे नंबर 609/2 की भूमि दर्ज है और वे इसके वैध स्वामी हैं। आरोप है कि फरवरी 2024 में शिवकुमार गौतम ने इस भूमि को अपनी बताते हुए हेमंत कुमार गुप्ता के साथ अनुबंध कर लिया। शिकायत में दावा किया गया है कि यह अनुबंध पूरी तरह फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया था।

    रामजीलाल वर्मा का कहना है कि इस कथित अनुबंध का उद्देश्य उनकी संपत्ति पर अवैध दावा स्थापित करना और आर्थिक लाभ प्राप्त करना था। जब उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

    बताया गया है कि रामजीलाल वर्मा ने पहले फिजिकल थाना, कोतवाली थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्याय की उम्मीद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और परिवाद प्रस्तुत किया।

    मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों का अवलोकन किया। इसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के तहत कोतवाली थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने विधिवत मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    कोतवाली थाना पुलिस अब कथित अनुबंध से जुड़े दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि अनुबंध किन परिस्थितियों में तैयार किया गया, उसमें प्रयुक्त दस्तावेजों की वैधता क्या है और कहीं किसी प्रकार की जालसाजी या कूटरचना तो नहीं की गई।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है और पुलिस दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

    यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि भूमि संबंधी मामलों में दस्तावेजों की पारदर्शिता और सत्यापन कितना महत्वपूर्ण है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और इस पूरे प्रकरण में किसकी क्या भूमिका रही।

  • 'बेटों ने घर से निकाला, अब वृद्धाश्रम ही सहारा', बुजुर्ग दंपती ने एक करोड़ की जमीन दान करने की जताई इच्छा

    'बेटों ने घर से निकाला, अब वृद्धाश्रम ही सहारा', बुजुर्ग दंपती ने एक करोड़ की जमीन दान करने की जताई इच्छा


    देवास देवास में पारिवारिक रिश्तों को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग दंपती ने अपने ही बेटों और बहुओं पर संपत्ति के लालच में प्रताड़ित करने तथा घर से निकाल देने के आरोप लगाए हैं। न्याय और सुरक्षा की उम्मीद लेकर मंगलवार को बुजुर्ग दंपती कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। इस दौरान उन्होंने अपनी करोड़ों की संपत्ति बेटों के बजाय किसी वृद्धाश्रम को दान करने की इच्छा भी जाहिर की।

    76 वर्षीय जीवनसिंह और उनकी 72 वर्षीय पत्नी लीलाबाई ने प्रशासन को दिए आवेदन में बताया कि उनके बेटे उनकी जमीन अपने नाम करवाने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। दंपती का आरोप है कि जब उन्होंने जमीन हस्तांतरित करने से इनकार किया तो उनके साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अपने ही घर में अपमान और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

    बुजुर्ग महिला लीलाबाई ने भावुक होकर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को उन्होंने बड़े प्यार से पाला-पोसा, पढ़ाया-लिखाया और जीवनभर उनकी खुशियों के लिए संघर्ष किया, आज वही बच्चे उन्हें बोझ समझने लगे हैं। उनका आरोप है कि बेटे और बहुएं उनके साथ मारपीट करते हैं और घर में रहने तक नहीं देते। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने घर से ज्यादा भरोसा वृद्धाश्रम पर है।

    जीवनसिंह ने बताया कि उनकी पत्नी लीलाबाई के नाम करीब चार बीघा जमीन दर्ज है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। यही जमीन पूरे विवाद की मुख्य वजह बनी हुई है। उनका कहना है कि बेटे इस जमीन को अपने नाम करवाने के लिए दबाव बना रहे हैं और विरोध करने पर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता है।

    दंपती ने प्रशासन को बताया कि वे अब अपनी संपत्ति बेटों को देने के इच्छुक नहीं हैं। उनका मानना है कि जिस परिवार ने उन्हें सम्मान और सुरक्षा नहीं दी, उसे उनकी मेहनत की कमाई पर अधिकार नहीं होना चाहिए। इसी कारण उन्होंने अपनी जमीन किसी ऐसे वृद्धाश्रम या सामाजिक संस्था को दान करने की इच्छा व्यक्त की है, जहां जरूरतमंद बुजुर्गों की सेवा और देखभाल की जाती हो।

    कलेक्टर कार्यालय में आवेदन मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने बुजुर्ग दंपती की सुरक्षा और रहने की व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही दंपती को अस्थायी रूप से वृद्धाश्रम में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    यह मामला केवल एक परिवार का विवाद नहीं, बल्कि समाज में बुजुर्गों की स्थिति और उनके सम्मान से जुड़े बड़े सवाल भी खड़े करता है। जीवन के अंतिम पड़ाव में माता-पिता को सहारे और सम्मान की आवश्यकता होती है, लेकिन जब अपने ही उन्हें ठुकरा दें तो यह स्थिति बेहद पीड़ादायक बन जाती है। फिलहाल बुजुर्ग दंपती प्रशासन से न्याय और सुरक्षित जीवन की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

  • MP में लंबे समय से रह रहे लोगों की लीज का नवीनीकरण संभव, नियमों में होगा संशोधन

    MP में लंबे समय से रह रहे लोगों की लीज का नवीनीकरण संभव, नियमों में होगा संशोधन


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि वर्षों से किसी भूमि पर रह रहे या व्यापार कर रहे लोगों के लिए भूमि लीज के नवीनीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया जाएगा। भोपाल में विधानसभा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि समय-समय पर व्यापारिक और आवासीय परियोजनाओं के लिए दी गई लीज में परिवार बढ़ने और भूमि विभाजन के कारण नवीनीकरण में समस्या आती है।

    मंत्री ने कहा कि लंबे समय से लोग किसी भूमि पर रह रहे हैं या कारोबार कर रहे हैं, ऐसे में भूमि हटाना व्यावहारिक नहीं है। इसलिए नियम में संशोधन करके ऐसा रास्ता निकाला जाएगा कि संबंधित निकाय की आय बढ़े और लीज का नवीनीकरण भी संभव हो। यह घोषणा उन्होंने विधानसभा में कांग्रेस के डॉ. हिरालाल अलावा और भाजपा के अभिलाष पांडेय के प्रश्नों के जवाब में की।

    डॉ. हिरालाल अलावा ने मनावर नगर पालिका परिषद की भूमि के अवैध हस्तांतरण का मामला उठाया। जांच में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ और अन्य कर्मचारी दोषी पाए गए थे, लेकिन चार वर्ष में भी अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
    इस बदलाव से न केवल भूमि संबंधी विवादों का समाधान होगा, बल्कि लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी बनेगी।

  • शिवपुरी वकील हत्याकांड: सुपारी देकर कराई गई थी हत्या, शॉर्ट एनकाउंटर में 3 आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली

    शिवपुरी वकील हत्याकांड: सुपारी देकर कराई गई थी हत्या, शॉर्ट एनकाउंटर में 3 आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली


    शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में हुए सनसनीखेज वकील हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। करेरा में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की हत्या सुपारी देकर कराई गई थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान हुए शॉर्ट एनकाउंटर में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है।

    जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की हत्या जमीन विवाद के चलते कराई गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि कमलेश शर्मा, सुनील शर्मा और नीरज शर्मा ने कथित रूप से साजिश रचकर सुपारी दी थी। इसके बाद सुपारी किलर के रूप में गोलू रावत, पपेंद्र रावत और जहीर को वारदात को अंजाम देने के लिए लगाया गया।

    घटना गुरुवार को हुई थी। अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना अपने घर से कोर्ट के लिए निकले थे। जैसे ही वे न्यायालय परिसर के पास पहुंचे, बाइक सवार अज्ञात हमलावर ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। हमलावर वारदात के बाद बाइक से फरार हो गए थे।

    हत्या के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की। गिरफ्तारी के दौरान एक आरोपी पपेंद्र रावत ने भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर में कार्रवाई की। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य दो आरोपियों को भी धर दबोचा गया।

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने जमीन विवाद को लेकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है। मामले में साजिशकर्ताओं और शूटरों के बीच हुई लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।

    इस हत्याकांड से अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश व्याप्त है। दिनदहाड़े कोर्ट परिसर के पास हुई हत्या ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि पुलिस का दावा है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घायल आरोपी का इलाज पुलिस निगरानी में अस्पताल में जारी है। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों या अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

  • ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    दतिया । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के दतिया जिले के विजयपुर गांव में लालच और पारिवारिक कलह ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। यहां एक बेटे ने जमीन के मामूली टुकड़े के लिए अपनी ही मां के सिर को पत्थर से कुचलकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। यह वारदात जितनी खौफनाक थी, उसका मंजर उतना ही हृदयविदारक था; मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतका का डेढ़ साल का मासूम पोता अपनी दादी के लहूलुहान शव के पास बैठकर रो रहा था।

    पत्नी के दबाव में की हत्या

    घटना जिगना थाना क्षेत्र की है। आरोपी बेटे अरविन्द पाल का अपनी मां मिथला पाल से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि अरविन्द की पत्नी लगातार उस पर जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बना रही थी। बुधवार की रात इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया और अरविन्द ने सो रही मां पर भारी पत्थर से हमला कर उनकी जान ले ली।

    ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया आरोपी
    चीख-पुकार और हलचल सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोपी बेटे को भागने से पहले ही पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी अरविन्द पाल को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

    वारदात का संक्षिप्त विवरण

    स्थान: विजयपुर गांव, जिगना थाना क्षेत्र, दतिया। मृतका: मिथला पाल मां ।आरोपी: अरविन्द पाल बेटा।कारण: जमीनी विवाद और पत्नी का उकसावा।मार्मिक दृश्य: दादी के शव के पास बिलखता रहा डेढ़ साल का मासूम।

  • ग्वालियर हाईकोर्ट ने 48 साल पुराने भूमि विवाद में किया फैसला, कब्जा अवैध, नगर निगम को कार्रवाई की अनुमति

    ग्वालियर हाईकोर्ट ने 48 साल पुराने भूमि विवाद में किया फैसला, कब्जा अवैध, नगर निगम को कार्रवाई की अनुमति



    ग्वालियर।
    ग्वालियर के तानसेन रोड पर नेचुरोपैथी अस्पताल के सामने की जमीन को लेकर 48 साल से चल रहे विवाद में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लीज की अवधि समाप्त होने के बाद जमीन पर कब्जा रखना पूरी तरह गैरकानूनी है। हाईकोर्ट ने कहा कि लीज खत्म होते ही उसका स्वतः अंत हो जाता है और उसके बाद जमीन पर बने रहना अतिक्रमण माना जाएगा।

    हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के फैसले को सही ठहराते हुए अपीलकर्ताओं की दूसरी अपील खारिज कर दी।

    कोर्ट ने साथ ही नगर निगम ग्वालियर को जमीन पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की पूरी अनुमति दे दी है। अब नगर निगम इस जमीन पर उचित कार्रवाई कर सकता है और भविष्य में ऐसे मामलों को नियंत्रित कर सकेगा।

    यह विवाद तानसेन रोड पर स्थित नेचुरोपैथी अस्पताल के सामने की 3161.6 वर्गफुट जमीन को लेकर था। अपीलकर्ता, डॉ. मणिकांत शर्मा के वारिस, नगर निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर रहे थे। उनका दावा था कि यह जमीन उनके पिता को लीज पर दी गई थी और बाद में इसका नवीनीकरण भी हुआ।

    सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि लीज केवल 31 मार्च 1977 तक वैध थी और उसके बाद कोई वैध नवीनीकरण नहीं हुआ।

    अपीलकर्ताओं के वकील ने भी कोर्ट में माना कि लीज बढ़ाने से जुड़े कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर मान भी लिया जाए कि 1976 में लीज को 30 साल के लिए बढ़ाया गया था, तो वह 2007 में समाप्त हो चुकी थी।

    इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि बिना वैध लीज के जमीन पर कब्जा अवैध है, और अब नगर निगम को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार है। इस निर्णय से ग्वालियर में भूमि विवादों को लेकर प्रशासनिक स्पष्टता बढ़ेगी और भविष्य में ऐसे मामलों में कानून के पालन को मजबूती मिलेगी।

    हाईकोर्ट का यह फैसला यह संदेश देता है कि जमीन पर कब्जा कानून और दस्तावेजों के आधार पर ही वैध माना जाएगा और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 48 साल पुराने इस विवाद का यह निपटारा ग्वालियर के भूमि विवाद मामलों में नियम और अनुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।