Tag: land dispute

  • शिवपुरी वकील हत्याकांड: सुपारी देकर कराई गई थी हत्या, शॉर्ट एनकाउंटर में 3 आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली

    शिवपुरी वकील हत्याकांड: सुपारी देकर कराई गई थी हत्या, शॉर्ट एनकाउंटर में 3 आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली


    शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में हुए सनसनीखेज वकील हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। करेरा में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की हत्या सुपारी देकर कराई गई थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान हुए शॉर्ट एनकाउंटर में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है।

    जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की हत्या जमीन विवाद के चलते कराई गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि कमलेश शर्मा, सुनील शर्मा और नीरज शर्मा ने कथित रूप से साजिश रचकर सुपारी दी थी। इसके बाद सुपारी किलर के रूप में गोलू रावत, पपेंद्र रावत और जहीर को वारदात को अंजाम देने के लिए लगाया गया।

    घटना गुरुवार को हुई थी। अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना अपने घर से कोर्ट के लिए निकले थे। जैसे ही वे न्यायालय परिसर के पास पहुंचे, बाइक सवार अज्ञात हमलावर ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। हमलावर वारदात के बाद बाइक से फरार हो गए थे।

    हत्या के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की। गिरफ्तारी के दौरान एक आरोपी पपेंद्र रावत ने भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर में कार्रवाई की। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य दो आरोपियों को भी धर दबोचा गया।

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने जमीन विवाद को लेकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है। मामले में साजिशकर्ताओं और शूटरों के बीच हुई लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।

    इस हत्याकांड से अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश व्याप्त है। दिनदहाड़े कोर्ट परिसर के पास हुई हत्या ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि पुलिस का दावा है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घायल आरोपी का इलाज पुलिस निगरानी में अस्पताल में जारी है। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों या अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

  • ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    दतिया । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के दतिया जिले के विजयपुर गांव में लालच और पारिवारिक कलह ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। यहां एक बेटे ने जमीन के मामूली टुकड़े के लिए अपनी ही मां के सिर को पत्थर से कुचलकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। यह वारदात जितनी खौफनाक थी, उसका मंजर उतना ही हृदयविदारक था; मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतका का डेढ़ साल का मासूम पोता अपनी दादी के लहूलुहान शव के पास बैठकर रो रहा था।

    पत्नी के दबाव में की हत्या

    घटना जिगना थाना क्षेत्र की है। आरोपी बेटे अरविन्द पाल का अपनी मां मिथला पाल से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि अरविन्द की पत्नी लगातार उस पर जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बना रही थी। बुधवार की रात इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया और अरविन्द ने सो रही मां पर भारी पत्थर से हमला कर उनकी जान ले ली।

    ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया आरोपी
    चीख-पुकार और हलचल सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोपी बेटे को भागने से पहले ही पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी अरविन्द पाल को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

    वारदात का संक्षिप्त विवरण

    स्थान: विजयपुर गांव, जिगना थाना क्षेत्र, दतिया। मृतका: मिथला पाल मां ।आरोपी: अरविन्द पाल बेटा।कारण: जमीनी विवाद और पत्नी का उकसावा।मार्मिक दृश्य: दादी के शव के पास बिलखता रहा डेढ़ साल का मासूम।

  • ग्वालियर हाईकोर्ट ने 48 साल पुराने भूमि विवाद में किया फैसला, कब्जा अवैध, नगर निगम को कार्रवाई की अनुमति

    ग्वालियर हाईकोर्ट ने 48 साल पुराने भूमि विवाद में किया फैसला, कब्जा अवैध, नगर निगम को कार्रवाई की अनुमति



    ग्वालियर।
    ग्वालियर के तानसेन रोड पर नेचुरोपैथी अस्पताल के सामने की जमीन को लेकर 48 साल से चल रहे विवाद में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लीज की अवधि समाप्त होने के बाद जमीन पर कब्जा रखना पूरी तरह गैरकानूनी है। हाईकोर्ट ने कहा कि लीज खत्म होते ही उसका स्वतः अंत हो जाता है और उसके बाद जमीन पर बने रहना अतिक्रमण माना जाएगा।

    हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के फैसले को सही ठहराते हुए अपीलकर्ताओं की दूसरी अपील खारिज कर दी।

    कोर्ट ने साथ ही नगर निगम ग्वालियर को जमीन पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की पूरी अनुमति दे दी है। अब नगर निगम इस जमीन पर उचित कार्रवाई कर सकता है और भविष्य में ऐसे मामलों को नियंत्रित कर सकेगा।

    यह विवाद तानसेन रोड पर स्थित नेचुरोपैथी अस्पताल के सामने की 3161.6 वर्गफुट जमीन को लेकर था। अपीलकर्ता, डॉ. मणिकांत शर्मा के वारिस, नगर निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर रहे थे। उनका दावा था कि यह जमीन उनके पिता को लीज पर दी गई थी और बाद में इसका नवीनीकरण भी हुआ।

    सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि लीज केवल 31 मार्च 1977 तक वैध थी और उसके बाद कोई वैध नवीनीकरण नहीं हुआ।

    अपीलकर्ताओं के वकील ने भी कोर्ट में माना कि लीज बढ़ाने से जुड़े कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर मान भी लिया जाए कि 1976 में लीज को 30 साल के लिए बढ़ाया गया था, तो वह 2007 में समाप्त हो चुकी थी।

    इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि बिना वैध लीज के जमीन पर कब्जा अवैध है, और अब नगर निगम को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार है। इस निर्णय से ग्वालियर में भूमि विवादों को लेकर प्रशासनिक स्पष्टता बढ़ेगी और भविष्य में ऐसे मामलों में कानून के पालन को मजबूती मिलेगी।

    हाईकोर्ट का यह फैसला यह संदेश देता है कि जमीन पर कब्जा कानून और दस्तावेजों के आधार पर ही वैध माना जाएगा और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 48 साल पुराने इस विवाद का यह निपटारा ग्वालियर के भूमि विवाद मामलों में नियम और अनुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।