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  • स्पेन की जीत का देशभर में जश्न अर्जेंटीना की हार पर छलका फैंस का दर्द बोले फाइनल में बेहतर साबित हुई स्पेनिश टीम

    स्पेन की जीत का देशभर में जश्न अर्जेंटीना की हार पर छलका फैंस का दर्द बोले फाइनल में बेहतर साबित हुई स्पेनिश टीम


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन की ऐतिहासिक जीत ने दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों के बीच उत्साह और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला। स्पेन ने रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस जीत के बाद भारत के कई शहरों में स्पेन समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया जबकि अर्जेंटीना की हार ने उसके प्रशंसकों को निराश कर दिया। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक फुटबॉल प्रेमियों की प्रतिक्रियाएं पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रहीं।

    स्पेन की ऐतिहासिक जीत के बाद केरल के कोझिकोड जिले के कुट्टियाडी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। स्पेन के समर्थक सड़कों पर उतर आए और ढोल नगाड़ों के साथ नाचते गाते हुए अपनी खुशी का इजहार किया। जगह जगह आतिशबाजी की गई और समर्थकों ने स्पेन के झंडे लहराते हुए अपनी टीम की शानदार जीत का स्वागत किया। लंबे समय बाद विश्व कप ट्रॉफी जीतने की खुशी ने प्रशंसकों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया।

    दूसरी ओर अर्जेंटीना के समर्थकों के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। मुंबई में कई फुटबॉल प्रेमी मैच खत्म होने के बाद मायूस दिखाई दिए। कुछ प्रशंसकों ने माना कि कप्तान लियोनेल मेसी से जिस स्तर के प्रदर्शन की उम्मीद थी वह फाइनल मुकाबले में देखने को नहीं मिला। उनका कहना था कि स्पेन के मजबूत डिफेंस ने मेसी को खुलकर खेलने का अवसर ही नहीं दिया जिसके कारण अर्जेंटीना अपनी आक्रामक रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर सका। हालांकि कई प्रशंसकों ने यह भी स्वीकार किया कि पूरी प्रतियोगिता में अर्जेंटीना ने शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल तक पहुंचना भी बड़ी उपलब्धि रही।

    मेघालय की राजधानी शिलांग में भी फुटबॉल का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। राज्य सरकार की ओर से आयोजित विशेष स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रेमी शामिल हुए और विशाल स्क्रीन पर फाइनल मुकाबले का आनंद लिया। मैच समाप्त होते ही स्पेन समर्थकों ने खुशी का इजहार किया जबकि अर्जेंटीना के प्रशंसकों ने अपनी टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए तालियां बजाईं। इस दौरान दोनों टीमों की जर्सी पहने हुए प्रशंसक खेल भावना का शानदार उदाहरण पेश करते नजर आए।

    भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त मुहम्मद रियाज हमीदुल्लाह ने भी फाइनल मुकाबले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अर्जेंटीना से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन स्पेन ने पूरे मैच में अधिक संतुलित और प्रभावशाली खेल दिखाया। उनके अनुसार स्पेन ने जिस अनुशासन और रणनीति के साथ मुकाबला खेला उसी का परिणाम रहा कि टीम विश्व चैंपियन बनने में सफल रही।

    दिल्ली के फुटबॉल प्रेमियों ने भी स्पेन के प्रदर्शन की खुलकर सराहना की। कई प्रशंसकों का मानना था कि स्पेन ने पूरे मैच में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और बेहतर अवसर तैयार किए। वहीं कुछ अर्जेंटीना समर्थकों ने कहा कि उनकी टीम ने फाइनल में जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक रणनीति अपनाई और आखिरी दस मिनट में ही आक्रामक खेल दिखाने की कोशिश की जिससे वापसी का मौका नहीं बन सका।

    स्पेन की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विश्व फुटबॉल में मजबूत रणनीति अनुशासित डिफेंस और धैर्य सबसे बड़ी ताकत होते हैं। वहीं अर्जेंटीना की हार के बावजूद उसके समर्थकों ने टीम का हौसला बढ़ाते हुए भविष्य में और मजबूत वापसी की उम्मीद जताई। फाइनल के बाद भारत में देखने को मिला यह उत्साह इस बात का प्रमाण है कि फुटबॉल के प्रति भारतीय प्रशंसकों का जुनून लगातार बढ़ रहा है।

  • एम्बाप्पे का गोल्डन रिकॉर्ड दो लगातार विश्व कप में गोल्डन बूट जीतने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बने फ्रांस के कप्तान

    एम्बाप्पे का गोल्डन रिकॉर्ड दो लगातार विश्व कप में गोल्डन बूट जीतने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बने फ्रांस के कप्तान


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का समापन स्पेन की ऐतिहासिक खिताबी जीत के साथ हुआ लेकिन व्यक्तिगत उपलब्धियों की बात करें तो सबसे बड़ी चर्चा फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे के नाम रही। अपनी विस्फोटक फॉर्म और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर एम्बाप्पे ने इस टूर्नामेंट में गोल्डन बूट अपने नाम किया और इसके साथ ही विश्व फुटबॉल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। लगातार दूसरे विश्व कप में गोल्डन बूट जीतने वाले वह दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले कोई भी फुटबॉलर लगातार दो विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने का सम्मान हासिल नहीं कर पाया था।

    पूरे टूर्नामेंट में एम्बाप्पे ने अपनी तेज रफ्तार शानदार फिनिशिंग और आक्रामक खेल से विरोधी टीमों के डिफेंस को लगातार परेशान किया। उन्होंने विश्व कप 2026 में कुल 10 गोल दागे और 4 गोल में अपने साथियों की मदद करते हुए असिस्ट भी किए। उनकी यही निरंतरता उन्हें गोल्डन बूट का सबसे बड़ा दावेदार बनाती रही और अंत में उन्होंने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार पर कब्जा जमाकर अपनी महानता को फिर साबित कर दिया।

    विश्व कप के दौरान गोल्डन बूट की दौड़ बेहद रोमांचक रही। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी भी शानदार लय में थे और उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 8 गोल किए। फाइनल मुकाबले से पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि यदि मेसी स्पेन के खिलाफ गोल करते हैं तो वह एम्बाप्पे को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। हालांकि स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति ने मेसी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और वह फाइनल में गोल करने में सफल नहीं हो सके। इसी के साथ एम्बाप्पे ने गोल्डन बूट की रेस में अपनी बढ़त बरकरार रखी।

    फ्रांस ने भले ही विश्व कप का खिताब नहीं जीता लेकिन तीसरे स्थान के लिए इंग्लैंड के खिलाफ हुए मुकाबले में एम्बाप्पे ने दो शानदार गोल दागकर अपने अभियान का शानदार अंत किया। इन दो गोलों ने उन्हें न केवल मेसी से आगे पहुंचाया बल्कि विश्व कप इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोरर का रिकॉर्ड भी उनके नाम कर दिया। अब एम्बाप्पे के नाम फीफा विश्व कप में कुल 22 गोल दर्ज हो चुके हैं जबकि लियोनेल मेसी 21 गोल के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। यह उपलब्धि बताती है कि एम्बाप्पे ने बेहद कम उम्र में विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर कितनी बड़ी छाप छोड़ी है।

    दूसरी ओर विश्व कप का खिताब स्पेन के नाम रहा जिसने फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद फिर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। दोनों टीमों के बीच निर्धारित समय तक कोई गोल नहीं हुआ और मुकाबला अतिरिक्त समय तक पहुंचा। आखिरकार फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल करते हुए स्पेन को दूसरी बार विश्व चैंपियन बना दिया। इस हार के साथ अर्जेंटीना का लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया।

    भले ही फ्रांस ट्रॉफी नहीं जीत सका लेकिन किलियन एम्बाप्पे ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि वह मौजूदा दौर के सबसे प्रभावशाली फुटबॉलरों में शामिल हैं। लगातार दो विश्व कप में गोल्डन बूट जीतना और विश्व कप इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बनना उनकी महान उपलब्धियों में शामिल हो गया है। आने वाले वर्षों में भी दुनिया की नजरें इस स्टार स्ट्राइकर के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी।

  • मेसी या यामल किसके सिर सजेगा ताज फीफा वर्ल्ड कप फाइनल से पहले फैंस की भविष्यवाणियों ने बढ़ाया रोमांच

    मेसी या यामल किसके सिर सजेगा ताज फीफा वर्ल्ड कप फाइनल से पहले फैंस की भविष्यवाणियों ने बढ़ाया रोमांच


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर दुनिया भर के साथ भारत में भी फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले से पहले प्रशंसक अपनी अपनी पसंदीदा टीम की जीत की भविष्यवाणी कर रहे हैं। किसी को लियोनेल मेसी के अनुभव और जादुई खेल पर भरोसा है तो कोई स्पेन की युवा टीम और मजबूत डिफेंस को ट्रॉफी का सबसे बड़ा दावेदार मान रहा है।

    देश के अलग अलग राज्यों से फुटबॉल प्रेमियों ने फाइनल को लेकर अपनी राय साझा की है। केरल के मलप्पुरम के एक प्रशंसक का मानना है कि स्पेन शानदार प्रदर्शन करते हुए अर्जेंटीना को 2-1 से हराकर विश्व चैंपियन बनेगा। उनका कहना है कि स्पेन की टीम पूरे टूर्नामेंट में संतुलित और आक्रामक फुटबॉल खेलती नजर आई है और फाइनल में भी वही लय बरकरार रहेगी।

    वहीं कई प्रशंसकों को भरोसा है कि अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचेगा। उनका मानना है कि लियोनेल मेसी बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी हैं और फाइनल में एक बार फिर अपने अनुभव और शानदार खेल से टीम को जीत दिला सकते हैं। कुछ फैंस का कहना है कि यदि यह मेसी का आखिरी विश्व कप है तो वह इसे यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

    राजस्थान के कोटा के एक युवा प्रशंसक ने स्पेन की युवा ब्रिगेड की तारीफ करते हुए कहा कि टीम का डिफेंस बेहद मजबूत है और युवा स्टार लामिन यामल फाइनल में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। वहीं कुछ अन्य प्रशंसकों का मानना है कि स्पेन की तेज रफ्तार और अनुशासित फुटबॉल अनुभवी अर्जेंटीना पर भारी पड़ सकती है।

    दूसरी ओर गुजरात के राजकोट की फुटबॉल प्रशंसक दिशा ने अर्जेंटीना की जीत की भविष्यवाणी की है। वहीं कुंजल नाम के एक अन्य प्रशंसक ने कहा कि अर्जेंटीना की जीत की संभावना लगभग 60 प्रतिशत है जबकि स्पेन के जीतने के 40 प्रतिशत अवसर हैं। उनका मानना है कि अर्जेंटीना ने पूरे टूर्नामेंट में कठिन परिस्थितियों से उबरकर कई शानदार जीत दर्ज की हैं और टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत है।

    कुछ फुटबॉल प्रेमियों का यह भी कहना है कि स्पेन के युवा खिलाड़ी इस बार बड़ा उलटफेर कर सकते हैं और विश्व फुटबॉल में नए युग की शुरुआत कर सकते हैं। वहीं अर्जेंटीना समर्थकों का विश्वास है कि मेसी की कप्तानी में टीम लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचने में सफल रहेगी।

    अब सभी की निगाहें इस महामुकाबले पर टिकी हैं जहां एक ओर स्पेन 16 साल बाद विश्व कप ट्रॉफी जीतने की कोशिश करेगा तो दूसरी ओर अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने के इरादे से मैदान में उतरेगा। आखिरकार ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी इसका फैसला मैदान पर दोनों टीमों के प्रदर्शन से होगा।

  • बेंगलुरु में देर रात तक फुटबॉल का जश्न फीफा फाइनल की स्क्रीनिंग को हरी झंडी पुलिस ने बढ़ाई फूड सर्विस की समय सीमा

    बेंगलुरु में देर रात तक फुटबॉल का जश्न फीफा फाइनल की स्क्रीनिंग को हरी झंडी पुलिस ने बढ़ाई फूड सर्विस की समय सीमा


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबले से पहले कर्नाटक सरकार ने फुटबॉल प्रशंसकों को बड़ी राहत देते हुए सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद बेंगलुरु सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में फुटबॉल प्रेमी बड़े पर्दे पर स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्क्रीनिंग की मंजूरी की घोषणा करते हुए सभी प्रशंसकों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।

    मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं और खेल प्रेमियों की ओर से उन्हें लगातार संदेश और अनुरोध मिल रहे थे। लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने विश्व कप फाइनल की सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग इस ऐतिहासिक मुकाबले का उत्साहपूर्वक आनंद लें लेकिन कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।

    डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सभी प्रशंसक जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें और किसी भी स्थिति में शांति भंग न होने दें। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जीत और हार को खेल भावना के साथ स्वीकार करें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु और कर्नाटक अपनी शांतिप्रिय संस्कृति के लिए जाने जाते हैं और फुटबॉल प्रेमियों को भी उसी पहचान को कायम रखना चाहिए। उन्होंने सभी युवाओं खेल प्रेमियों और फुटबॉल प्रशंसकों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ मैच का आनंद लें और खेल को उत्सव की तरह मनाएं।

    विश्व कप फाइनल को लेकर बेंगलुरु पुलिस ने भी विशेष व्यवस्था की है। पुलिस प्रशासन ने शहर के रेस्तरां और फूड आउटलेट्स को रात देर तक भोजन सेवा जारी रखने की अनुमति दी है ताकि मैच देखने पहुंचे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके तहत कई प्रतिष्ठानों को सुबह साढ़े तीन बजे तक फूड सर्विस जारी रखने की अनुमति दी गई है।

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला स्पेन और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना के बीच सोमवार तड़के भारतीय समयानुसार रात 12 बजकर 30 मिनट पर खेला जाएगा। स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है जबकि अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। पूरी दुनिया की नजर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी और स्पेन की युवा टीम के प्रदर्शन पर टिकी हुई है।

  • विश्व चैंपियन की दमदार वापसी, अर्जेंटीना ने मिस्र को हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया

    विश्व चैंपियन की दमदार वापसी, अर्जेंटीना ने मिस्र को हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अपने जुझारू खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अटलांटा में खेले गए राउंड ऑफ-16 मुकाबले में अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज की। इस यादगार मुकाबले में कप्तान लियोनेल मेसी ने एक गोल करने के साथ एक गोल में असिस्ट भी किया, जबकि एंजो फर्नांडीज ने स्टॉपेज टाइम में विजयी गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की।

    मुकाबले की शुरुआत मिस्र के लिए शानदार रही। 15वें मिनट में यासर इब्राहिम ने शानदार हेडर के जरिए गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। अर्जेंटीना ने बराबरी की कई कोशिशें कीं, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शोबीर ने बेहतरीन बचाव करते हुए मेसी की पेनाल्टी समेत कई खतरनाक प्रयास नाकाम कर दिए। पहले हाफ में अर्जेंटीना गोल नहीं कर सकी और दबाव लगातार बढ़ता गया।

    दूसरे हाफ में मिस्र ने 62वें मिनट में मुस्तफा जिको के गोल की बदौलत बढ़त को 2-0 कर दिया। उस समय ऐसा लग रहा था कि मौजूदा विश्व चैंपियन टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। हालांकि अर्जेंटीना ने हार नहीं मानी और लगातार आक्रामक खेल जारी रखा।

    79वें मिनट में लियोनेल मेसी ने शानदार मूव बनाते हुए क्रिस्टियन रोमेरो के गोल में अहम भूमिका निभाई, जिससे स्कोर 2-1 हो गया। इसके बाद 83वें मिनट में मेसी ने खुद शानदार फिनिश करते हुए बराबरी का गोल दाग दिया। लुटारो मार्टिनेज की लंबी गेंद पर मेसी ने बेहतरीन नियंत्रण दिखाया और गेंद को गोल में पहुंचाकर अर्जेंटीना को मुकाबले में वापस ला खड़ा किया।

    जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता नजर आ रहा था, तभी स्टॉपेज टाइम के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडीज ने शानदार गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 की बढ़त दिला दी। यह गोल अंततः निर्णायक साबित हुआ और अर्जेंटीना ने रोमांचक जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

    इस मुकाबले में अर्जेंटीना ने शानदार मानसिक मजबूती और संघर्ष का परिचय दिया। दो गोल से पिछड़ने के बावजूद टीम ने धैर्य बनाए रखा और लगातार हमले करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कप्तान मेसी ने एक बार फिर बड़े मुकाबले में अपनी अहमियत साबित की, जबकि एंजो फर्नांडीज ने निर्णायक गोल कर टीम को यादगार जीत दिलाई।

    अब अर्जेंटीना की नजर क्वार्टर फाइनल में जीत की लय बरकरार रखते हुए लगातार दूसरी बार विश्व कप खिताब की ओर कदम बढ़ाने पर होगी।

  • रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे लियोनेल मेसी वर्ल्ड कप में माराडोना का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ फिर चमके अर्जेंटीना के कप्तान

    रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे लियोनेल मेसी वर्ल्ड कप में माराडोना का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ फिर चमके अर्जेंटीना के कप्तान


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी लगातार नए इतिहास रच रहे हैं। काबो वर्डे के खिलाफ खेले गए राउंड ऑफ 32 मुकाबले में मेसी ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम करते हुए विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा असिस्ट करने वाले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना का वर्षों पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    इस मुकाबले में मेसी ने अपना नौवां विश्व कप असिस्ट दर्ज किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड डिएगो माराडोना के नाम था जिन्होंने अपने विश्व कप करियर में आठ असिस्ट किए थे। मेसी अब नौ असिस्ट के साथ इस सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं और एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ गोल करने वाले खिलाड़ी ही नहीं बल्कि अपनी टीम के लिए मौके तैयार करने में भी सबसे आगे हैं।

    मेसी ने काबो वर्डे के खिलाफ मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 29वें मिनट में अर्जेंटीना के लिए पहला गोल भी दागा। लिसेंड्रो मार्टिनेज के बेहतरीन पास को उन्होंने शानदार तरीके से गोल में बदलकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। यह विश्व कप में उनके करियर का 20वां गोल भी रहा। इस उपलब्धि के साथ वह पहले ही विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।

    मेसी ने इस टूर्नामेंट में एक और खास उपलब्धि भी हासिल की। वह फीफा विश्व कप इतिहास के पहले खिलाड़ी बन गए जिन्होंने लगातार आठ मुकाबलों में गोल करने का रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा वह दो अलग अलग विश्व कप संस्करणों में सात सात गोल करने वाले पहले फुटबॉलर भी बन चुके हैं। विश्व कप 2026 में भी वह सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं जबकि फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे छह गोल के साथ उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी हैं।

    काबो वर्डे के खिलाफ मुकाबला अर्जेंटीना के लिए आसान नहीं रहा। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थीं और मैच अतिरिक्त समय में पहुंच गया। अतिरिक्त समय में मेसी के एक आक्रमण को रोकने की कोशिश में काबो वर्डे के खिलाड़ी डिने बोर्गस से आत्मघाती गोल हो गया जिसने मुकाबले का रुख बदल दिया। इसी गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने रोमांचक मुकाबला 3-2 से जीतकर अगले दौर में जगह बनाई।

    विश्व फुटबॉल में लियोनेल मेसी का यह शानदार प्रदर्शन एक बार फिर उनकी महानता की पुष्टि करता है। लगातार रिकॉर्ड तोड़ते हुए वह न केवल अर्जेंटीना बल्कि विश्व फुटबॉल के इतिहास में अपने नाम को और अधिक सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा रहे हैं।

  • फीफा विश्व कप 2026 में एल्डोर शोमुरोदोव का बड़ा धमाका ग्रुप स्टेज के बेस्ट गोल की रेस में मेसी और विनीसियस को छोड़ा पीछे

    फीफा विश्व कप 2026 में एल्डोर शोमुरोदोव का बड़ा धमाका ग्रुप स्टेज के बेस्ट गोल की रेस में मेसी और विनीसियस को छोड़ा पीछे


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में जहां दुनिया की नजरें लियोनेल मेसी किलियन एमबाप्पे एरलिंग हालंद और विनीसियस जूनियर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों पर टिकी हुई हैं वहीं उज्बेकिस्तान के कप्तान एल्डोर शोमुरोदोव ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया है। भले ही उज्बेकिस्तान की टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी लेकिन उसके कप्तान ने ऐसा गोल दागा जिसने दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों का दिल जीत लिया। फीफा की ओर से आयोजित ग्रुप स्टेज गोल ऑफ द टूर्नामेंट की शुरुआती वोटिंग में शोमुरोदोव का गोल सबसे अधिक पसंद किया गया और उन्होंने मेसी तथा विनीसियस जूनियर जैसे सुपरस्टार खिलाड़ियों को भी पीछे छोड़ दिया।

    डीआर कांगो के खिलाफ ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में शोमुरोदोव ने बेहद कठिन कोण से शानदार लॉब शॉट लगाकर ऐसा गोल किया जिसे पूरे टूर्नामेंट के सबसे खूबसूरत गोलों में शामिल किया जा रहा है। इस गोल को फैंस से 36 प्रतिशत वोट मिले और वह पहले स्थान पर रहे। हैती के विल्सन इसिडोर 26.5 प्रतिशत वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे जबकि बोस्निया और हर्जेगोविना के केरिम अलाजबेगोविच को 24.9 प्रतिशत वोट मिले। इस नतीजे ने यह साबित कर दिया कि शानदार प्रदर्शन किसी बड़े नाम का मोहताज नहीं होता।

    31 वर्षीय एल्डोर शोमुरोदोव का जन्म उज्बेकिस्तान के छोटे से कस्बे जारकुरगान में हुआ था। विश्व कप से पहले उन्होंने कहा था कि वह इस टूर्नामेंट में अपने देश को नई पहचान दिलाना चाहते हैं। भले ही टीम नॉकआउट चरण तक नहीं पहुंच सकी लेकिन उनके इस शानदार गोल ने उज्बेकिस्तान को वैश्विक फुटबॉल मंच पर नई पहचान दिला दी है।

    फीफा ने गोल ऑफ द टूर्नामेंट चुनने के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाई है। सबसे पहले ग्रुप स्टेज के गोलों पर 48 घंटे तक फैंस से वोटिंग कराई गई। इसके बाद राउंड ऑफ 32 राउंड ऑफ 16 क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल के बाद भी इसी तरह मतदान होगा। टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद अंतिम वोटिंग के आधार पर पूरे विश्व कप का सर्वश्रेष्ठ गोल चुना जाएगा।

    दूसरी ओर विश्व कप के 20वें दिन भी कई बड़े सितारों ने अपनी चमक बिखेरी। नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालंद ने आइवरी कोस्ट के खिलाफ निर्णायक गोल कर अपनी टीम को 2-1 से जीत दिलाई। इस जीत के साथ नॉर्वे पहली बार विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में जीत दर्ज कर राउंड ऑफ 16 में पहुंच गया जहां उसका सामना ब्राजील से होगा। हालंद ने इस टूर्नामेंट में अब तक हर मैच में गोल करने का अपना शानदार रिकॉर्ड भी कायम रखा है।

    उधर फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने स्वीडन के खिलाफ दो गोल दागकर अपनी टीम को 3-0 की शानदार जीत दिलाई। एमबाप्पे के विश्व कप करियर में अब 18 गोल हो चुके हैं और वह लियोनेल मेसी के 19 गोल के रिकॉर्ड से सिर्फ एक कदम दूर हैं। इसके साथ ही वह मौजूदा विश्व कप में गोल्डन बूट की दौड़ में भी सबसे आगे निकल चुके हैं। विश्व कप 2026 लगातार नए रिकॉर्ड शानदार मुकाबलों और यादगार गोलों का गवाह बन रहा है और एल्डोर शोमुरोदोव का यह गोल लंबे समय तक फुटबॉल प्रेमियों की यादों में दर्ज रहेगा।

  • 'मेसी-रोनाल्डो जैसी प्रतिद्वंदिता फिर शायद कभी नहीं दिखेगी' ओलिवर कान ने दोनों दिग्गजों की जमकर की तारीफ

    'मेसी-रोनाल्डो जैसी प्रतिद्वंदिता फिर शायद कभी नहीं दिखेगी' ओलिवर कान ने दोनों दिग्गजों की जमकर की तारीफ


    नई दिल्ली। जर्मनी के पूर्व कप्तान और दिग्गज गोलकीपर ओलिवर कान का मानना है कि फुटबॉल इतिहास में लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसी प्रतिद्वंदिता दोबारा देखने को मिलना बेहद मुश्किल है। उनके अनुसार दोनों खिलाड़ियों ने लगभग दो दशकों तक लगातार एक-दूसरे को बेहतर बनने की प्रेरणा दी और अपने शानदार प्रदर्शन से विश्व फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। कान ने कहा कि उनकी प्रतिस्पर्धा केवल लोकप्रियता तक सीमित नहीं रही बल्कि मैदान पर प्रदर्शन और निरंतर उत्कृष्टता के दम पर इतिहास रचा गया।

    फीफा विश्व कप 2026 के दौरान विशेषज्ञ के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे ओलिवर कान ने कहा कि मेसी और रोनाल्डो ने हर सीजन में एक-दूसरे को चुनौती देते हुए अपने खेल का स्तर लगातार ऊंचा किया। यही वजह है कि दोनों खिलाड़ियों ने वर्षों तक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों की सूची में अपना दबदबा बनाए रखा। कान के मुताबिक उनकी प्रतिद्वंदिता व्यक्तिगत उपलब्धियों से कहीं आगे थी क्योंकि इसने पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रशंसकों को लंबे समय तक रोमांचित किया।

    उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता लेकिन मेसी और रोनाल्डो ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण से यह कर दिखाया। दोनों ने क्लब फुटबॉल में कई रिकॉर्ड बनाए और एक-दूसरे को लगातार चुनौती देते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए। कान का मानना है कि इसी कारण यह प्रतिद्वंदिता खेल इतिहास की सबसे यादगार प्रतिस्पर्धाओं में गिनी जाएगी।

    ओलिवर कान ने अपने करियर के सबसे यादगार पल के रूप में 2002 फीफा विश्व कप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस टूर्नामेंट में जर्मनी को फाइनल तक पहुंचाना उनके जीवन का सबसे बड़ा अनुभव था। हालांकि फाइनल में हार का दर्द आज भी उनके मन में है क्योंकि हर खिलाड़ी का सपना विश्व कप जीतना होता है। उन्होंने स्वीकार किया कि गोलकीपर के रूप में गोल्डन बॉल जीतना उनके लिए गर्व की बात थी लेकिन यदि मौका मिले तो वह इस व्यक्तिगत सम्मान के बदले विश्व कप ट्रॉफी लेना पसंद करेंगे।

    दिग्गज गोलकीपर ने मौजूदा विश्व कप में खेल रहे युवा खिलाड़ियों और खासकर गोलकीपरों को भी महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होनी चाहिए। खिलाड़ियों को लगातार अपने खेल में सुधार करते रहना चाहिए और बड़े मंच पर दबाव से घबराने के बजाय उसका आनंद लेना चाहिए। उनके अनुसार विश्व कप ऐसा मंच है जहां पूरी दुनिया की नजर खिलाड़ियों पर होती है और कई बार एक पल या एक फैसला पूरे टूर्नामेंट का भविष्य तय कर देता है। इसलिए हर खिलाड़ी को हर क्षण पूरी एकाग्रता के साथ खेलना चाहिए।

    मेसी और रोनाल्डो को आधुनिक फुटबॉल के सबसे महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। दोनों ने क्लब फुटबॉल में वर्षों तक शानदार मुकाबले खेले और अनगिनत रिकॉर्ड अपने नाम किए। हालांकि विश्व कप में दोनों कभी आमने-सामने नहीं आ सके। माना जा रहा है कि फीफा विश्व कप 2026 दोनों दिग्गजों का आखिरी विश्व कप हो सकता है। ऐसे में दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजर एक बार फिर इन दोनों खिलाड़ियों पर रहेगी, जो अपने करियर के इस अहम पड़ाव पर यादगार प्रदर्शन कर इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ने की कोशिश करेंगे।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 बना सबसे धमाकेदार टूर्नामेंट 59वें मैच में टूटा सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड अभी कई मुकाबले बाकी

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 बना सबसे धमाकेदार टूर्नामेंट 59वें मैच में टूटा सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड अभी कई मुकाबले बाकी


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 ने गोलों के मामले में नया इतिहास रच दिया है। अमेरिका कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट ने अभी आधा सफर भी पूरा नहीं किया है लेकिन एक संस्करण में सबसे ज्यादा गोल होने का रिकॉर्ड पहले ही टूट चुका है। नए 48 टीमों वाले प्रारूप ने विश्व कप को पहले से अधिक रोमांचक बना दिया है और मैदान पर गोलों की लगातार बारिश देखने को मिल रही है।

    टूर्नामेंट के 59वें मुकाबले में अमेरिका और तुर्किये के बीच खेले गए मैच के दौरान विश्व कप का 173वां गोल दर्ज हुआ। इसके साथ ही कतर में आयोजित 2022 विश्व कप में बने 172 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया गया। इसके बाद गोलों की संख्या लगातार बढ़ती रही और अब तक कुल 177 गोल हो चुके हैं। खास बात यह है कि नॉकआउट चरण के कई बड़े मुकाबले अभी बाकी हैं जिससे यह आंकड़ा और आगे जाने की पूरी संभावना है।

    इस रिकॉर्ड के पीछे सबसे बड़ा कारण विश्व कप का नया प्रारूप माना जा रहा है। पहली बार टूर्नामेंट में 48 टीमों को शामिल किया गया है। इससे पहले 1930 से 2022 तक विश्व कप में 32 टीमें हिस्सा लेती थीं और कुल 64 मुकाबले खेले जाते थे। अब मैचों की संख्या बढ़कर 104 हो गई है जिससे खिलाड़ियों को गोल करने के अधिक अवसर मिल रहे हैं और दर्शकों को अधिक रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं।

    इस विश्व कप में कई स्टार खिलाड़ियों ने भी नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पुर्तगाल के दिग्गज क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ गोल कर लगातार छह अलग अलग विश्व कप में गोल करने वाले पहले पुरुष फुटबॉलर बनने का गौरव हासिल किया। 41 वर्ष की उम्र में भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी है।

    फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे ने भी अपनी शानदार फॉर्म बरकरार रखते हुए विश्व कप इतिहास में सबसे अधिक छह बार किसी मैच में दो या उससे अधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनके कुल विश्व कप गोलों की संख्या 16 तक पहुंच गई है। वहीं अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी भी 18 गोल के साथ बेहतरीन लय में बने हुए हैं।

    ब्राजील के विनिसियस जूनियर भी गोल्डन बूट की दौड़ में मजबूती से शामिल हो गए हैं। स्कॉटलैंड के खिलाफ उनके दो गोलों ने ब्राजील को अगले दौर में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नए प्रारूप के तहत हर टीम को ग्रुप चरण में कम से कम तीन मैच मिलने से खिलाड़ियों के पास बेहतर प्रदर्शन और अधिक गोल करने के अवसर भी बढ़ गए हैं।

    विश्व कप के इतिहास पर नजर डालें तो 1930 के पहले टूर्नामेंट में कुल 70 गोल हुए थे। इसके बाद 1998 और 2014 में 171 गोल तथा 2022 में 172 गोल का रिकॉर्ड बना था। अब 2026 विश्व कप ने इन सभी उपलब्धियों को पीछे छोड़ दिया है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा रफ्तार जारी रही तो फाइनल तक कुल गोलों की संख्या 200 के आंकड़े को भी पार कर सकती है। इससे यह विश्व कप गोलों और रोमांच दोनों के लिहाज से अब तक का सबसे यादगार संस्करण बनने की ओर बढ़ रहा है।

  • मिरोस्लाव क्लोस के सर्वकालिक महान रिकॉर्ड की मेसी ने की बराबरी, केन्सास सिटी में अर्जेंटीना की धमाकेदार जीत के साथ फुटबॉल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय दर्ज

    मिरोस्लाव क्लोस के सर्वकालिक महान रिकॉर्ड की मेसी ने की बराबरी, केन्सास सिटी में अर्जेंटीना की धमाकेदार जीत के साथ फुटबॉल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय दर्ज

    नई दिल्ली । वैश्विक फुटबॉल के महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने एक नया और अभूतपूर्व इतिहास रच दिया है। अमेरिका के केन्सास सिटी में अल्जीरिया के खिलाफ खेले गए एक बेहद रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना के कप्तान ने अपने जादुई खेल का प्रदर्शन करते हुए शानदार हैट्रिक जमाई। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के दम पर अर्जेंटीना ने मुकाबले में 3-0 की एकतरफा और मजबूत बढ़त हासिल की। इसके साथ ही 37 वर्षीय दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के नाम अब फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में कुल 16 गोल दर्ज हो गए हैं, जो खेल जगत के सबसे बड़े मंच पर एक महारिकॉर्ड के रूप में स्थापित हो गया है।

    इस शानदार और अविस्मरणीय हैट्रिक के साथ ही लियोनेल मेसी ने जर्मनी के पूर्व दिग्गज स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोस के उस ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है, जो लंबे समय से अटूट माना जा रहा था। क्लोस ने साल 2002 से 2014 के बीच चार विश्व कप संस्करणों के कुल 24 मैचों में 16 गोल दागे थे। अब मेसी और क्लोस संयुक्त रूप से फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इस सूची में ब्राजील के महान खिलाड़ी रोनाल्डो 15 गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि जर्मनी के गेर्ड मुलर और फ्रांस के युवा स्टार किलियन एमबाप्पे 14-14 गोल के साथ क्रमशः अगले पायदानों पर काबिज हैं।

    यह मेसी के लंबे और सुनहरे अंतरराष्ट्रीय करियर का एक अनूठा मोड़ है, क्योंकि उनके पांच विश्व कप संस्करणों के सफर में यह पहली बार है जब उन्होंने विश्व कप के किसी एकल मैच में हैट्रिक लगाई है। इसके साथ ही मेसी दुनिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं जिन्होंने पांच अलग-अलग विश्व कप टूर्नामेंटों में गोल करने का गौरव हासिल किया है। इस मामले में उन्होंने पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो के रिकॉर्ड की बराबरी की है। मैच के दौरान मेसी का दबदबा इस कदर था कि विरोधी टीम के गोलकीपर लुका जिदान उनके प्रहारों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आए।

    मैच में मेसी के गोल करने का सिलसिला एक बेहद सटीक और पावरफुल शॉट के साथ शुरू हुआ, जिसे रोकने में विपक्षी गोलकीपर नाकाम रहे। इसके बाद दूसरा गोल तब देखने को मिला जब एलेक्सिस मैक एलिस्टर के एक जोरदार शॉट को अल्जीरियाई गोलकीपर नियंत्रित नहीं कर सके और रिबाउंड पर मुस्तैद खड़े मेसी ने गेंद को जाल में धकेलने में कोई चूक नहीं की। हैट्रिक को पूरा करने वाला तीसरा गोल पूरी तरह से मेसी के पारंपरिक और सिग्नेचर स्टाइल का नमूना था। पेनल्टी एरिया के कोने पर निको गोंजालेज से मिले पास को इंटर मियामी के इस स्टार खिलाड़ी ने अपने बाएं पैर के बाहरी हिस्से से नियंत्रित किया और बॉक्स के बाहर से एक ऐसा घुमावदार शॉट लगाया कि गेंद सीधे गोलपोस्ट के निचले बाएं कोने में समा गई।

    इस शानदार प्रदर्शन के बाद जब मैच के 79वें मिनट में कोच ने रणनीति के तहत लियोनेल मेसी को मैदान से बाहर बुलाने का निर्णय लिया, तो स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने खड़े होकर करतल ध्वनि से अपने चहेते खिलाड़ी का अभिवादन किया। साल 2006 में अपने विश्व कप सफर की शुरुआत करने वाले मेसी अब तक इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 27 मैच खेलने वाले खिलाड़ी भी बन चुके हैं। अर्जेंटीना के रोसारियो शहर में जन्मे और बचपन से ही फुटबॉल को अपनी जिंदगी मानने वाले मेसी अब इतिहास का इकलौता सबसे सफल विश्व कप फुटबॉलर बनने के वैश्विक रिकॉर्ड से महज एक गोल दूर हैं। आने वाले मैचों में एक और गोल करते ही वे क्लोस को पीछे छोड़कर फुटबॉल के स्वर्णिम इतिहास में अकेले शीर्ष पर विराजमान हो जाएंगे।