Tag: Lionel Messi

  • फीफा विश्व कप 2026: गोल्डन बॉल की जंग में मेसी, एमबाप्पे और यमाल आमने-सामने, कौन बनेगा टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी?

    फीफा विश्व कप 2026: गोल्डन बॉल की जंग में मेसी, एमबाप्पे और यमाल आमने-सामने, कौन बनेगा टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी?


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 का आगाज होते ही दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें सिर्फ ट्रॉफी पर ही नहीं, बल्कि टूर्नामेंट के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तिगत सम्मान ‘गोल्डन बॉल’ पर भी टिक गई हैं। यह पुरस्कार विश्व कप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को दिया जाता है और इसके लिए हर बार दुनिया के सबसे बड़े सितारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। इस बार भी अनुभवी दिग्गजों और युवा प्रतिभाओं के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद की जा रही है।

    गोल्डन बॉल के प्रमुख दावेदारों में सबसे चर्चित नाम अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी का है। 39 वर्षीय मेसी पहले ही दो बार यह सम्मान जीतकर इतिहास रच चुके हैं। 2022 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर अर्जेंटीना को चैंपियन बनाने वाले मेसी अब अपने करियर के अंतिम विश्व कप में एक और यादगार उपलब्धि हासिल करने की कोशिश करेंगे। क्लब फुटबॉल में भी उनकी फॉर्म प्रभावशाली रही है, जिससे उनके समर्थकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

    स्पेन के युवा स्टार लामिन यमाल को इस विश्व कप का सबसे बड़ा उभरता चेहरा माना जा रहा है। महज 18 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपनी प्रतिभा से पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। तेज रफ्तार, बेहतरीन ड्रिब्लिंग और आक्रमण में निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता उन्हें गोल्डन बॉल की दौड़ में मजबूत दावेदार बनाती है। यदि स्पेन टूर्नामेंट में गहरी छाप छोड़ता है, तो यमाल इतिहास रच सकते हैं।

    फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे भी इस सूची में बेहद मजबूत दावेदार हैं। 2022 विश्व कप फाइनल में हैट्रिक लगाने वाले एमबाप्पे पहले ही विश्व कप इतिहास के सबसे खतरनाक गोल स्कोररों में गिने जाने लगे हैं। उनकी गति, तकनीक और बड़े मुकाबलों में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें हर टूर्नामेंट में खास बनाती है।

    इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन भी बेहतरीन फॉर्म में विश्व कप में उतर रहे हैं। क्लब स्तर पर लगातार गोल करने वाले केन के कंधों पर इंग्लैंड को लंबे समय बाद विश्व चैंपियन बनाने की जिम्मेदारी होगी। यदि इंग्लैंड खिताब जीतने में सफल रहता है तो केन का नाम गोल्डन बॉल की दौड़ में सबसे आगे दिखाई दे सकता है।

    ब्राजील के स्टार विंगर विनीसियस जूनियर से भी काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। क्लब फुटबॉल में शानदार प्रदर्शन के बावजूद वह अभी तक विश्व मंच पर अपनी पूरी क्षमता नहीं दिखा सके हैं। हालांकि नए माहौल और अनुभवी मार्गदर्शन में वह ब्राजील के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।

    वहीं, पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 41 वर्ष की उम्र में अपने छठे विश्व कप में हिस्सा लेने जा रहे रोनाल्डो के पास इतिहास रचने का अवसर है। यदि वह पुर्तगाल को पहली बार विश्व कप खिताब दिलाने में सफल रहते हैं, तो यह फुटबॉल इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक होगी।

    इन छह बड़े नामों के अलावा एरलिंग हालंद, केविन डी ब्रुइन, जमाल मुसियाला, फ्लोरियन विर्ट्ज, लुइस डियाज और माइकल ओलिसे जैसे खिलाड़ी भी अपने प्रदर्शन से गोल्डन बॉल की दौड़ को रोमांचक बना सकते हैं। कुल मिलाकर विश्व कप 2026 में न केवल खिताब की लड़ाई दिलचस्प होगी, बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने की प्रतिस्पर्धा भी प्रशंसकों को रोमांचित करेगी।

  • FIFA World Cup के सबसे घातक स्ट्राइकर, जिनके गोल आज भी रिकॉर्ड हैं

    FIFA World Cup के सबसे घातक स्ट्राइकर, जिनके गोल आज भी रिकॉर्ड हैं


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से USA, कनाडा और मैक्सिको में संयुक्त रूप से होने जा रहा है। यह टूर्नामेंट फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े आयोजनों में से एक होगा, जहां एक बार फिर दुनिया की नजरें दिग्गज खिलाड़ियों पर होंगी।

    लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के इस वर्ल्ड कप को आखिरी माना जा रहा है, जिससे टूर्नामेंट और भी ऐतिहासिक बन जाता है। वहीं डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना एक बार फिर खिताब बचाने उतरेगी।

    1. मिरोस्लाव क्लोस – 16 गोल (सबसे ऊपर)
    जर्मनी के दिग्गज स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोस वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2002 से 2014 के बीच 4 वर्ल्ड कप में 24 मैच खेलकर 16 गोल किए। उनकी खासियत रही लगातार प्रदर्शन, जिसमें 2002 और 2006 में 5-5 गोल शामिल हैं। यह रिकॉर्ड अब तक कोई नहीं तोड़ सका है।

    2. रोनाल्डो (ब्राजील) – 15 गोल
    रोनाल्डो, जिन्हें “फेनोमेनन” कहा जाता है, ने 1994 से 2006 के बीच 19 मैचों में 15 गोल किए। 2002 का वर्ल्ड कप उनके करियर का स्वर्णिम अध्याय रहा, जहां उन्होंने 8 गोल दागकर ब्राजील को चैंपियन बनाया।

    3. जस्ट फॉन्टेन – 13 गोल (एक टूर्नामेंट में रिकॉर्ड)
    जस्ट फॉन्टेन ने 1958 वर्ल्ड कप में इतिहास रच दिया। उन्होंने सिर्फ 6 मैचों में 13 गोल दागे, जो किसी एक संस्करण में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड है। यह उपलब्धि आज भी लगभग अटूट मानी जाती है।

    4. लियोनेल मेसी – 13 गोल
    लियोनेल मेसी ने 2006 से 2022 तक वर्ल्ड कप में 13 गोल किए। 2022 का वर्ल्ड कप उनके करियर का सबसे यादगार टूर्नामेंट रहा, जहां उन्होंने 7 गोल करते हुए अर्जेंटीना को चैंपियन बनाया।

    5. किलियन एमबाप्पे – 12 गोल (और बढ़ रहा है)
    किलियन एमबाप्पे ने अब तक सिर्फ 14 मैचों में 12 गोल दागे हैं। 2018 और 2022 वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा, खासकर 2022 में उन्होंने 8 गोल कर गोल्डन बूट अपने नाम किया और फाइनल में हैट्रिक लगाई।

     गोलों की रफ्तार ही बनाती है दिग्गज
    वर्ल्ड कप इतिहास में ये खिलाड़ी सिर्फ गोल स्कोरर नहीं बल्कि मैच विनर रहे हैं। 2026 वर्ल्ड कप में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एमबाप्पे या कोई नया स्टार इस रिकॉर्ड लिस्ट को बदल पाता है या नहीं।

  • लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण

    लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण


    कोलकाता । अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के हाल ही में भारत दौरे पर 100 करोड़ रुपये का खर्च हुआ जिसे लेकर अब कई अहम खुलासे हुए हैं। इस खर्च में से 89 करोड़ रुपये मेसी की फीस थी जबकि 11 करोड़ रुपये भारत सरकार को टैक्स के रूप में दिए गए। इस राशि को लेकर आयोजक सताद्रू दत्ता ने जांच एजेंसियों के सामने कई अहम बातें साझा की हैं।

    न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दत्ता ने एसआईटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को बताया कि मेसी के इंडिया टूर के दौरान कुल 100 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस रकम में से 30 प्रतिशत स्पॉन्सर से मिला जबकि बाकी 30 प्रतिशत टिकटों की बिक्री से जुटाए गए थे। एसआईटी द्वारा दत्ता के बैंक खातों की जांच के बाद उनके अकाउंट में 20 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली जो कथित तौर पर कोलकाता और हैदराबाद में आयोजित मेसी के इवेंट के टिकटों की बिक्री और स्पॉन्सरशिप से आई थी।

    सताद्रू दत्ता जो मेसी के इवेंट्स के प्रमुख आयोजक थे को गिरफ्तार कर लिया गया था। एसआईटी के अधिकारियों ने शुक्रवार को दत्ता के घर पर छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। दत्ता ने जांचकर्ताओं से कहा कि इवेंट के दौरान मेसी के प्रति सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए गए थे लेकिन बावजूद इसके भीड़ के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हुईं।

    कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में जब मेसी की उपस्थिति के दौरान हजारों दर्शक इवेंट में पहुंचे थे तब अफरातफरी का माहौल बन गया। फैंस की भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई लोग मेसी के चारों ओर जमा हो गए जिससे वह गैलरी से मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। इसके परिणामस्वरूप कई दर्शकों ने स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इस घटना ने पुलिस और आयोजकों को एक बड़ी चुनौती दी और सुरक्षा में चूक को लेकर कई सवाल उठाए।

    एसआईटी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घटना की पूरी जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक टीम गठित की जिसमें पीयूष पांडे जावेद शमीम सुप्रतिम सरकार और मुरलीधर शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि सुरक्षा में चूक आयोजकों की भूमिका और एक्सेस नियमों के उल्लंघन के पीछे कौन जिम्मेदार है।

    मेसी की सुरक्षा को लेकर दत्ता ने भी बयान दिया कि मेसी को छुआ या गले लगाया जाना पसंद नहीं आया और यह बात उनके सुरक्षा अधिकारियों ने आयोजकों को पहले ही बता दी थी। मेसी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेशी सुरक्षा अधिकारियों ने भी कई बार चेतावनी दी थी। दत्ता ने कहा भीड़ को रोकने के लिए कई बार पब्लिक अनाउंसमेंट किए गए लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। मेसी को इस तरह घेरने और गले लगाने का तरीका उनके लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं था।

    इस दौरान एसआईटी अधिकारियों ने यह भी बताया कि दत्ता के बैंक खातों से जुड़ी रकम की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह रकम इवेंट्स से सही तरीके से जुटाई गई थी या इसमें कोई अनियमितता थी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से आयोजकों की जिम्मेदारी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • लियोनल मेसी ने GOAT इंडिया टूर के समापन पर भारत को धन्यवाद कहा फुटबॉल के भविष्य के प्रति जताई उम्मीद

    लियोनल मेसी ने GOAT इंडिया टूर के समापन पर भारत को धन्यवाद कहा फुटबॉल के भविष्य के प्रति जताई उम्मीद


    नई दिल्ली । फुटबॉल जगत के महानतम खिलाड़ियों में शामिल लियोनल मेसी ने अपने भारत दौरे के समापन पर एक भावुक संदेश साझा किया। अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर ने भारत के विभिन्न शहरों में अपने शानदार अनुभवों को साझा करते हुए देशवासियों का आभार व्यक्त किया। “नमस्ते इंडिया इस शब्द के साथ मेसी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश की शुरुआत की और भारत में बिताए गए समय को अविस्मरणीय बताया।

    दौरे की खासियतें

    लियोनल मेसी का GOAT इंडिया टूर भारत के चार प्रमुख शहरों – दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता में हुआ। इस दौरे ने भारत में फुटबॉल प्रेमियों के बीच एक नया उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। इन शहरों में मेसी को जहां जबरदस्त स्वागत मिला, वहीं उनकी यात्रा ने क्रिकेट और फुटबॉल के बीच एक अनोखा संबंध भी स्थापित किया। मेसी ने अपने दौरे के दौरान भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों से भी मुलाकात की, जिनमें क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सचिव जय शाह और भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री शामिल थे। इन मुलाकातों ने मेसी के इस दौरे को और भी खास बना दिया।

    भारत में फुटबॉल का भविष्य

    मेसी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि भारत में फुटबॉल का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारत में फुटबॉल के प्रति बढ़ता प्यार और फुटबॉल के प्रति लोगों का जुनून देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने भारत के फुटबॉल प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा यहां मिले प्यार और समर्थन को कभी नहीं भूलूंगा। मुझे यकीन है कि भारत में फुटबॉल का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।

    भारत में फुटबॉल का महत्व

    भारत में फुटबॉल का इतिहास काफी लंबा और समृद्ध है लेकिन हाल के वर्षों में इस खेल के प्रति लोगों की रुचि में तेजी से वृद्धि हुई है। मेसी का दौरा इस बात का प्रतीक था कि भारत में फुटबॉल अब सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जुनून बन चुका है। भारतीय फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह और मेसी के प्रति प्यार इसे साबित करता है। मेसी ने इस दौरे के दौरान भारतीय फुटबॉल का समर्थन करने और इसे बढ़ावा देने का वादा किया।

    भारत की मेहमाननवाजी ने किया भावुक

    मेसी ने अपनी यात्रा को एक व्यक्तिगत अनुभव के रूप में भी देखा, जहां उन्हें न सिर्फ फुटबॉल के प्रति भारतीयों का प्यार मिला बल्कि भारतीय संस्कृति और मेहमाननवाजी का भी खास अनुभव हुआ। उन्होंने कहा, भारत में जितना प्यार और अपनापन मुझे मिला, वह किसी और देश में नहीं मिला। यह मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहेगा।

    लियोनल मेसी का GOAT इंडिया टूर भारत के फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक घटना बन गया। मेसी का भारत में आना न केवल फुटबॉल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कारण बना बल्कि इसने फुटबॉल और क्रिकेट के बीच की दूरी को भी खत्म किया। मेसी के इस दौरे से यह स्पष्ट है कि भारत में फुटबॉल का भविष्य मजबूत और उज्ज्वल है और अब भारत में इस खेल को लेकर और भी ज्यादा उत्साह देखने को मिलेगा।

  • मेसी इवेंट विवाद में नया मोड़; पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास का इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

    मेसी इवेंट विवाद में नया मोड़; पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास का इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेजा पत्र


    कोलकाता । पश्चिम बंगाल सरकार में खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने हाल ही में कोलकाता में हुए लियोनेल मेसी के GOAT टूर कार्यक्रम से जुड़ी घटनाओं को लेकर इस्तीफा दे दिया। मेसी के कार्यक्रम में कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुई अराजकता और तोड़फोड़ के बाद बिस्वास पर भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस मुद्दे पर तनाव बढ़ने के बाद बिस्वास ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने खुद को खेल मंत्रालय की जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया।

    बिस्वास ने पत्र में कहा कि वे मेसी इवेंट की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा दे रहे हैं। उनका यह कदम इस विवाद की गंभीरता को दर्शाता है और टीएमसी तृणमूल कांग्रेस पार्टी के लिए महत्वपूर्ण संदेश भेजता है खासकर आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बिस्वास के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है और अब खुद इस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने का निर्णय लिया है।

    इस विवाद के बाद राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल SIT का गठन किया है। SIT में चार वरिष्ठ आईपीएस अफसरों को शामिल किया गया है। मुख्य सचिव मनोज पंत ने बताया कि एसआईटी की जांच में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में बिधाननगर के पुलिस उपायुक्त अनीश सरकार को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही बंगाल के खेल सचिव राजेश कुमार सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और सॉल्ट लेक स्टेडियम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डी के नंदन की सेवाएं वापस ले ली गई हैं।

    इस घटना के बाद टीएमसी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी प्रकार के विवाद या आलोचना से बचने के लिए पूरी तरह से पारदर्शी जांच करेगी। इस मामले में बिस्वास का इस्तीफा और जांच के आदेश इस बात का संकेत हैं कि ममता बनर्जी की सरकार आगामी चुनावों से पहले किसी भी तरह की अनावश्यक नकारात्मकता से बचना चाहती है। यह पूरा विवाद राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है जो आने वाले समय में चुनावी रणनीतियों पर भी असर डाल सकता है।

  • हिमंत सरमा ने ममता बनर्जी को ठहराया मेसी के कोलकाता इवेंट में भगदड़ के लिए जिम्मेदारकहा गिरफ्तार हो राज्य के मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त

    हिमंत सरमा ने ममता बनर्जी को ठहराया मेसी के कोलकाता इवेंट में भगदड़ के लिए जिम्मेदारकहा गिरफ्तार हो राज्य के मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त


    नई दिल्ली । लियोनेल मेसी के भारत दौरे के पहले दिन कोलकाता में आयोजित उनके कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में वीआईपी कल्चर के चलते इस कार्यक्रम का संचालन सही तरीके से नहीं हो सकाजिससे अफरा-तफरी मच गई। सरमा ने यहां तक कहा कि राज्य के मुख्यमंत्रीगृहमंत्री और पुलिस आयुक्त को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

    सरमा ने आरोप लगाया कि बंगाल में ऐसे बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भीड़ प्रबंधन की भारी नाकामी नजर आती है। उन्होंने कहा”दूसरे राज्यों में भीड़ को शांतिपूर्वक संभाला जाता हैलेकिन बंगाल में कुछ भी सुनिश्चित नहीं होता। यहां वीआईपी कल्चर का प्रभाव बहुत ज्यादा हैजो कार्यक्रमों को बर्बाद कर देता है।

    उनके अनुसारगुवाहाटी में गायक जुबिन गर्ग के निधन के बाद तीन दिनों तक 10 लाख लोग सड़कों पर थेलेकिन कोई हादसा नहीं हुआ। वहींमुंबई में विश्व कप फाइनल भी शांति से संपन्न हुआ था। सरमा ने कहा”बंगाल में कोई बड़ी घटना कभी भी घट सकती हैक्योंकि यहां हर चीज पर वीआईपी कल्चर हावी है।

    कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुए इस कार्यक्रम में हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा फुटबॉल आइकॉन मेसी की एक झलक पाने पहुंचे थे। लेकिन केवल 15 मिनट के कार्यक्रम के बाद मेसी वहां से चले गएजिससे दर्शकों में नाराजगी फैल गई। गुस्साए प्रशंसकों ने आयोजकों पर आरोप लगाते हुए पानी की बोतलें फेंकी। आयोजकों का कहना था कि कार्यक्रम लगभग 45 मिनट तक चलने वाला थालेकिन मेसी केवल 15 मिनट के बाद ही चले गए।

    इसके बाद प्रशंसकों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान टीएमसी नेताओं और वीआईपी लोगों के परिवारों ने मेसी को घेरे रखाजिससे आम दर्शकों को किसी भी प्रकार का सामान्य अनुभव नहीं मिला।हिमंत सरमा ने इस घटना की जिम्मेदारी राज्य सरकार की ठहराते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन सही ढंग से किया जाताअगर वहां पर कानून और व्यवस्था को बेहतर तरीके से लागू किया जाता।

  • कोलकाता में लियोनेल मेसी का दौरा 22 मिनट में खत्म, प्रशंसक हुए मायूस, जानिए क्या है वजह?

    कोलकाता में लियोनेल मेसी का दौरा 22 मिनट में खत्म, प्रशंसक हुए मायूस, जानिए क्या है वजह?


    नई दिल्‍ली । दिग्गज फुटबॉलर(Legendary footballer) लियोनेल मेसी(Lionel Messi) का कोलकाता दौरा, जिसके लिए फैन्स लंबे समय से इंतजार कर रहे थे वह महज 22 मिनट में ही खत्म हो गया और शनिवार को साल्ट लेक स्टेडियम के भीतर अफरा-तफरी का माहौल हो गया. अपने GOAT टूर के तहत शहर की दूसरी यात्रा पर आए मेसी से यह उम्मीद की जा रही थी कि यह भारत (India)में फुटबॉल के लिए एक यादगार दिन होगा. लेकिन हुआ इसका बिलकुल उल्टा.

    फीफा वर्ल्ड कप विजेता मेसी के आगमन को लेकर प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह था. शनिवार तड़के ही बड़ी संख्या में फैंस उन्हें देखने के लिए स्टेडियम पहुंच गए थे. लेकिन दोपहर होते-होते पूरा आयोजन बिखर गया. अब आइए जानते हैं कि आखिर ये अव्यवस्था हुई कैसे

    50 हजार से ज्यादा फैन्स पहुंचे
    करीब 50,000 दर्शक साल्ट लेक स्टेडियम में उमड़ पड़े थे, जिनमें से कई ने 4,000 रुपये से ज्यादा कीमत के टिकट खरीदे थे. वे बेबस होकर यह दृश्य देखते रह गए कि फुटबॉल के इस महान खिलाड़ी को राजनेताओं, वीवीआईपी लोगों, भारी सुरक्षा व्यवस्था और सेल्फी लेने में ज्यादा दिलचस्पी रखने वाले लोगों की भीड़ ने चारों ओर से घेर लिया.

    स्टेडियम के गेट सुबह 8 बजे खोल दिए गए थे और मेसी 11:30 बजे अपने इंटर मियामी टीम के साथी लुईस सुआरेज़ और रोड्रिगो डी पॉल के साथ मैदान में उतरे. जैसे ही उन्होंने प्रवेश किया, हजारों प्रशंसकों की गगनभेदी तालियों से उनका स्वागत हुआ.

    वीआईपी लोगों ने ही घेर लिया
    सूत्रों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में मेसी खुद को राजनेताओं, पुलिस अधिकारियों, वीआईपी और उनके काफिलों से घिरा हुआ पाया, जिससे एक मानवीय घेरा बन गया. दर्शकों को उस खिलाड़ी की झलक तक नहीं मिल पा रही थी, जिसे देखने वे आए थे.

    हैरान और हल्की मुस्कान के साथ मेसी ने मैदान का एक धीमा चक्कर लगाने की कोशिश की और कुछ पूर्व खिलाड़ियों को ऑटोग्राफ भी दिए, लेकिन अव्यवस्था और बढ़ती चली गई.

    पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए प्रमोटर सताद्रु दत्ता ने बार-बार भीड़ से पीछे हटने की अपील की. तनाव भरी आवाज़ में उन्होंने कहा, “कृपया उन्हें अकेला छोड़ दें. कृपया मैदान खाली करें.”

    हालांकि, उनकी अपीलों को काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया गया. आखिरकार, उनके एक घंटे के तय कार्यक्रम से काफी पहले ही सुरक्षा कारणों से उन्हें स्टेडियम से बाहर ले जाया गया और आयोजन रद्द करने का फैसला लिया गया. इसके बाद हालात और बिगड़ गए. स्टेडियम में तोड़फोड़ हुई, सजावट और संपत्ति को नुकसान पहुंचा और पूरा परिसर अस्त-व्यस्त हो गया.

    गांगुली चाहते थे मेसी और रुकें
    एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में शामिल सौरव गांगुली ने मेसी को ज्यादा देर रुकने के लिए मनाने की कोशिश की. आयोजन रद्द होने के बाद आयोजक, पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास और राज्य पुलिस के डीजीपी राजीव कुमार को मेसी की टीम से बातचीत करते और उन्हें कार्यक्रम जारी रखने के लिए मनाने की कोशिश करते देखा गया.

    इसी दौरान गांगुली को यह कहते हुए सुना गया, “अगर आप थोड़ी देर और रुकें तो अच्छा होगा.”

    अब मेसी शनिवार को ही हैदराबाद के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वह तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ एक संक्षिप्त फुटबॉल सत्र (किकअबाउट) में हिस्सा लेंगे.