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  • शादी के लिए बांदा में आशिक का हाईवोल्टेज ड्रामा केन नदी के रेलवे पुल पर चढ़कर दी कूदने की धमकी पुलिस ने ऐसे संभाला मामला

    शादी के लिए बांदा में आशिक का हाईवोल्टेज ड्रामा केन नदी के रेलवे पुल पर चढ़कर दी कूदने की धमकी पुलिस ने ऐसे संभाला मामला


    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के बांदा में शादी की जिद को लेकर एक युवक ने ऐसा कदम उठा लिया जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। मटौंध थाना क्षेत्र के भूरागढ़ इलाके में करीब 20 वर्षीय युवक केन नदी के रेलवे पुल की लगभग 30 फीट ऊंची रेलिंग पर चढ़ गया और नीचे कूदने की धमकी देने लगा। युवक लगातार अपनी कथित प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था। उसका कहना था कि अगर उसकी शादी लड़की से नहीं कराई गई तो वह पुल से छलांग लगा देगा। युवक के इस हाईवोल्टेज ड्रामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक उसे समझाने का प्रयास करती रही।

    बताया जा रहा है कि युवक लड़की से शादी करना चाहता था लेकिन लड़की इसके लिए तैयार नहीं थी। शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी बात से नाराज होकर युवक रेलवे पुल की रेलिंग पर जा चढ़ा। राहगीरों ने जब उसे इतनी ऊंचाई पर खतरनाक स्थिति में देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए बातचीत शुरू की।

    पुलिस ने युवक को काफी समझाया लेकिन वह नीचे आने को तैयार नहीं था। वह बार बार अपनी कथित प्रेमिका को बुलाने की मांग कर रहा था। युवक का कहना था कि लड़की को सामने लाया जाए और उससे शादी करा दी जाए। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसकी मांग पर लड़की को मौके पर बुलाया। लड़की के पहुंचने के बाद पुलिस ने युवक को समझाया और किसी तरह उसे रेलिंग से नीचे उतार लिया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली क्योंकि युवक काफी ऊंचाई पर खड़ा था और किसी भी तरह की जल्दबाजी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी।

    युवक के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद मामले में एक और अहम मोड़ सामने आया। पुलिस के मुताबिक युवक के खिलाफ पहले से ही एक मुकदमा दर्ज था और वह पुलिस की नजर में वांछित चल रहा था। बताया गया कि लड़की की शिकायत पर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस पहले से ही उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी। ऐसे में पुल से नीचे उतारने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

    अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि केन नदी के भूरागढ़ इलाके में रेलवे पुल के ऊपर एक व्यक्ति चढ़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और समझा बुझाकर युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। युवक की पहचान विकास के रूप में हुई। पुलिस अधिकारी के अनुसार उसके खिलाफ पहले से अभियोग दर्ज था और विवेचना के दौरान उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए थे। इसी आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई और उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की गई।

    पुलिस के अनुसार युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो बनाने का काम भी करता था। उसके खिलाफ दर्ज मामले में जांच जारी थी। पुल पर युवक के चढ़ने और पुलिस द्वारा उसे नीचे उतारने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया। घटना ने एक बार फिर दिखाया कि निजी रिश्तों से जुड़े विवाद में भावनात्मक दबाव और खतरनाक कदम कितनी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • स्टेज पर फिल्मी ड्रामा! दुल्हन ने दूल्हे को छोड़ प्रेमी को पहनाई वरमाला

    स्टेज पर फिल्मी ड्रामा! दुल्हन ने दूल्हे को छोड़ प्रेमी को पहनाई वरमाला


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया जब वरमाला की रस्म के दौरान दुल्हन ने दूल्हे को नजरअंदाज कर अपने प्रेमी को वरमाला पहना दी। यह घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए और शादी का माहौल देखते ही देखते तनावपूर्ण हो गया।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना 27-28 अप्रैल की रात उमरेठ थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई। बारात धूमधाम से पहुंची थी, स्टेज सजाया गया था और सभी रस्में सामान्य रूप से चल रही थीं। लेकिन वरमाला के समय दुल्हन ने अचानक स्टेज से उतरकर भीड़ के बीच अपने प्रेमी को माला पहना दी, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

    इस घटना के बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। कुछ लोगों ने दुल्हन के प्रेमी की पिटाई कर दी, जबकि दोनों परिवारों के बीच कुर्सियां फेंकने तक की नौबत आ गई। मामला बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया गया।

    जांच में सामने आया कि दुल्हन आरती (परिवर्तित नाम) और उसके प्रेमी रितेश (परिवर्तित नाम) के बीच पिछले 5 वर्षों से प्रेम संबंध थे। बताया गया कि दोनों पहले भी तीन बार साथ भागने की कोशिश कर चुके थे। हालांकि सामाजिक कारणों और पारिवारिक दबाव के चलते उनका रिश्ता आगे नहीं बढ़ पाया।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सामाजिक रूप से दोनों को ‘भाई-बहन’ माना जाता था, क्योंकि उनके परिवार एक ही धार्मिक परंपरा (देव पूजा) से जुड़े थे। इसी कारण परिवारों ने इस रिश्ते का विरोध किया और आरती की शादी अविनाश (परिवर्तित नाम) से तय कर दी।

    दूल्हा पक्ष के अनुसार, शादी की सभी तैयारियां बड़े खर्च और भव्यता के साथ की गई थीं, लेकिन इस घटना ने पूरे माहौल को बदल दिया। वरमाला कांड के बाद दूल्हा पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया और दुल्हन को दिए गए गहने वापस ले लिए। पुलिस की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में सुलह हुई और बारात वापस लौट गई।

    घटना के बाद दुल्हन और उसका प्रेमी दोनों गांव छोड़कर इंदौर चले गए। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दोनों अब भी एक-दूसरे से संबंध में हैं और भविष्य में शादी करने की बात कही जा रही है। वहीं, सामाजिक स्तर पर दोनों परिवारों ने उन्हें अपने से अलग कर दिया है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है और एक बार फिर रिश्तों, परंपराओं और व्यक्तिगत पसंद के बीच टकराव को उजागर कर दिया है।

  • घर से निकला है… लौटकर नहीं आना चाहिए दतिया में पत्नी निकली पति की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेम प्रसंग ने ली जान

    घर से निकला है… लौटकर नहीं आना चाहिए दतिया में पत्नी निकली पति की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेम प्रसंग ने ली जान


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गोराघाट थाना क्षेत्र में सिंध नदी पुल के नीचे झाड़ियों में मिले एक अज्ञात युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने दस दिन की गहन जांच के बाद सुलझा लिया है। जो मामला शुरुआत में अंधे कत्ल जैसा प्रतीत हो रहा था, वह दरअसल प्रेम प्रसंग में रची गई एक सुनियोजित साजिश निकला, जिसकी मास्टरमाइंड मृतक की पत्नी ही थी।

    घटना 6 फरवरी की है, जब हाईवे किनारे पुल के नीचे करीब 35 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ। शव की स्थिति संदिग्ध थी और प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। पहचान न होने पर पुलिस ने नियमानुसार शव को दफना दिया। दो दिन बाद परिजन अपने लापता सदस्य की तलाश में दतिया पहुंचे और शव की पहचान झांसी निवासी हंसराज वर्मा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने शव को निकलवाकर परिजनों को सौंप दिया और जांच को नई दिशा मिली।

    पहचान होते ही पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और परिजनों के बयान खंगालने शुरू किए। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी बबीता वर्मा और उसके रिश्ते में लगने वाले देवर हेमंत आर्य के बीच लंबे समय से बातचीत हो रही थी। फोन कॉल्स का सिलसिला धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गया। हंसराज पुराने ऑयल का कारोबार करता था और लेनदेन पत्नी के फोनपे खाते से होता था, जिससे दोनों के बीच संपर्क और गहरा हो गया।

    पूछताछ में सामने आया कि वारदात वाले दिन हंसराज ग्वालियर जाने के लिए घर से निकला था। उसी दौरान बबीता ने अपने प्रेमी हेमंत को फोन कर कथित तौर पर कहा वह घर से निकला है, लौटकर नहीं आना चाहिए, यह तुम्हारी जिम्मेदारी है। यही वह पल था जब साजिश ने अंतिम रूप लिया। हेमंत ने अपने साथी अनिल खटीक को साथ लिया। दोनों ने हंसराज से मुलाकात की, उसे शराब पिलाई और झांसी छोड़ने का बहाना बनाकर बाइक पर साथ ले गए। डबरा और गोराघाट पुल के पास दोबारा शराब पिलाने के बाद सुनसान झाड़ियों में मफलर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव फेंककर फरार हो गए।

    कॉल डिटेल में हत्या से पहले और बाद में बबीता और हेमंत के बीच लगातार संपर्क के सबूत मिले। मोबाइल लोकेशन, रेलवे टिकट और गवाहों के बयानों ने पुलिस को साजिश की हर कड़ी जोड़ने में मदद की। आखिरकार 17 फरवरी को पुलिस ने हेमंत आर्य (33), अनिल खटीक (35) और बबीता वर्मा (32) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मफलर, शराब की बोतलें, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गईं।

    प्रेम संबंधों की आड़ में रची गई इस खौफनाक साजिश ने न सिर्फ एक व्यक्ति की जान ले ली, बल्कि एक परिवार को भी उजाड़ दिया। दतिया का यह मामला रिश्तों में विश्वासघात और लालच की ऐसी कहानी बन गया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।