जानकारी के अनुसार, यह घटना 27-28 अप्रैल की रात उमरेठ थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई। बारात धूमधाम से पहुंची थी, स्टेज सजाया गया था और सभी रस्में सामान्य रूप से चल रही थीं। लेकिन वरमाला के समय दुल्हन ने अचानक स्टेज से उतरकर भीड़ के बीच अपने प्रेमी को माला पहना दी, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
इस घटना के बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। कुछ लोगों ने दुल्हन के प्रेमी की पिटाई कर दी, जबकि दोनों परिवारों के बीच कुर्सियां फेंकने तक की नौबत आ गई। मामला बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
जांच में सामने आया कि दुल्हन आरती (परिवर्तित नाम) और उसके प्रेमी रितेश (परिवर्तित नाम) के बीच पिछले 5 वर्षों से प्रेम संबंध थे। बताया गया कि दोनों पहले भी तीन बार साथ भागने की कोशिश कर चुके थे। हालांकि सामाजिक कारणों और पारिवारिक दबाव के चलते उनका रिश्ता आगे नहीं बढ़ पाया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सामाजिक रूप से दोनों को ‘भाई-बहन’ माना जाता था, क्योंकि उनके परिवार एक ही धार्मिक परंपरा (देव पूजा) से जुड़े थे। इसी कारण परिवारों ने इस रिश्ते का विरोध किया और आरती की शादी अविनाश (परिवर्तित नाम) से तय कर दी।
दूल्हा पक्ष के अनुसार, शादी की सभी तैयारियां बड़े खर्च और भव्यता के साथ की गई थीं, लेकिन इस घटना ने पूरे माहौल को बदल दिया। वरमाला कांड के बाद दूल्हा पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया और दुल्हन को दिए गए गहने वापस ले लिए। पुलिस की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में सुलह हुई और बारात वापस लौट गई।
घटना के बाद दुल्हन और उसका प्रेमी दोनों गांव छोड़कर इंदौर चले गए। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दोनों अब भी एक-दूसरे से संबंध में हैं और भविष्य में शादी करने की बात कही जा रही है। वहीं, सामाजिक स्तर पर दोनों परिवारों ने उन्हें अपने से अलग कर दिया है।
इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है और एक बार फिर रिश्तों, परंपराओं और व्यक्तिगत पसंद के बीच टकराव को उजागर कर दिया है।
