Tag: LPG Crisis

  • LPG संकट के बीच भारत को मिली बड़ी कामयाबी…. होर्मुज से न‍िकली 34 लाख स‍िलेंडर की खेप

    LPG संकट के बीच भारत को मिली बड़ी कामयाबी…. होर्मुज से न‍िकली 34 लाख स‍िलेंडर की खेप


    नई दिल्ली।
    दुन‍ियाभर में चल रहे एलपीजी संकट (LPG Crisis) के बीच गैस को लेकर एक नहीं दो खुशखबरी आ रही हैं. मिडल ईस्ट (Middle East.) में जारी तनाव और जंग के बीच भारत ने अपनी एनर्जी जरूरतों को लेकर बड़ी कामयाबी हासिल की है. पहली खुशखबरी एलपीजी टैंकर (LPG tanker) के होर्मुज स्‍ट्रेट (Strait of Hormuz) पार करने को लेकर है. एजेंसी के अनुसार भारत आ रहे एलपीजी टैंकर ‘एमवी सनशाइन’ (MV Sunshine) ने इस समय सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते, होर्मुज स्‍ट्रेट (Strait of Hormuz) को सफलतापूर्वक पार कर ल‍िया है. मीड‍िया र‍िपोर्ट के अनुसार इस जहाज के जर‍िये 48,456 टन एलपीजी भारत आ रही है, ज‍िसके 18 मई तक पहुंचने की उम्‍मीद है. दूसरी खुशखबरी गैस स‍िलेंडर की कीमत को लेकर है।

    सूत्रों का कहना है ‘एमवी सनशाइन’ को ऐसे जहाजों की ल‍िस्‍ट में शाम‍िल क‍िया गया था, ज‍िसे मौजूदा तनाव के चलते विशेष सुरक्षा घेरे में रखा गया था. इसके अलावा तेल कंपन‍ियों ने स‍िलेंडर के रेट में क‍िसी तरह का इजाफा नहीं क‍िया है. कुछ मीड‍िया र‍िपोर्ट में कहा जा रहा था क‍ि 14 क‍िलो वाले घरेलू गैस स‍िलेंडर का रेट बढ़ सकता है. फारस की खाड़ी में बढ़ती संवेदनशीलता को देखते हुए भारत ने अपने एनर्जी जहाजों को निकालने के लिए खास स्‍ट्रेटजी तैयार की है. यह सफलता इसलिए खास हो जाती है क्योंकि ‘एमवी सनशाइन’ गैस का 15वां ऐसा जहाज है, जिसे इस खतरनाक इलाके से सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया है।


    जहाज के 18 मई को भारतीय सीमा में पहुंचने की उम्‍मीद

    अध‍िकार‍ियों की तरफ से पुष्टि की गई क‍ि टैंकर अपने तय रूट पर बढ़ रहा है और उसे भारत तक पहुंचाने के लि‍ए हर संभव तकनीकी और सुरक्षा सहायता दी जा रही है. इस जहाज के 18 मई को भारतीय सीमा में पहुंचने की उम्‍मीद है. ईरान और इजरायल के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच यह आशंका जताई जा रही थी क‍ि होर्मुज स्‍ट्रेट से होने वाली एलपीजी सप्लाई रुक सकती है. क्‍योंक‍ि जंग के बीच भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रास्‍ते से इम्‍पोर्ट कर रहा है. सरकार और तेल कंपनियों ने वैकल्पिक इंतजाम और कूटनीतिक लेवल पर बातचीत के जरिये यह तय क‍िया है क‍ि सप्‍लाई चेन बाध‍ित नहीं होगी.


    भारतीय बाजार में सस्‍ती है कीमत

    फिलहाल सप्लाई को लेकर बड़ा खतरा नहीं है, ज‍िससे देश में गैस की किल्लत नहीं होगी. तेल कंपनियों की तरफ से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का रेट प‍िछले दाम पर ही चल रहा है. यह स‍िलेंडर द‍िल्‍ली में 3071 रुपये में म‍िल रहा है. घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमत को लेकर भी यही उम्‍मीद है क‍ि इंटरनेशल मार्केट में क्रूड ऑयल और गैस की कीमत में स्थिरता रहने पर आने वाले समय में आम जनता को राहत मिल सकती है. दुनियाभर में एलपीजी का एवरेज प्राइस 86.19 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, भारतीय बाजार में औसत रेट 66.73 रुपये प्रत‍ि लीटर का है. ये आंकड़े ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज की तरफ से जारी क‍िये गए हैं।

  • LPG संकट के बीच एक और राहत की खबर… भारत के नौंवे जहाज ने भी पार किया होर्मुज

    LPG संकट के बीच एक और राहत की खबर… भारत के नौंवे जहाज ने भी पार किया होर्मुज


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में एलपीजी (LPG) की कमी के बीच बड़ी राहत की खबर है। ईरान युद्ध के बीच होर्मुज (Hormuz) से भारत के 9वें टैंकर को निकले की इजाजत मिल गई है। ‘ग्रीन आशा’ नाम का भारतीय झंडे वाला यह पोत बड़ी मात्रा में एलपीजी लेकर भारत आ रहा है। इससे पहले 3 अप्रैल को ‘ग्रीन सांवी’ को होर्मुज से निकलने की इजाजत मिली थी। इससे 46 हजार टन एलपीजी भारत पहुंच रही है। इससे कहा जा सकता है कि जल्द ही भारत में एलपीजी की किल्लत दूर होने वाली है।


    एक और एलपीजी टैंकर कर रहा इंतजार

    रिपोर्ट के मुताबिक भारत का एक और पोत ‘जग विक्रम’ अभी परमीशन का इंतजार कर रहा है। ये भी टैंकर होर्मुज से पहले ही रुककर इजाजत का इंतजार करते हैं। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इन्हें पास कराया जाता है। कच्चे तेल और एलपीजी वाले पोतों को प्राथमिकता दी जाती है। ईरान ने स्पष्ट कह दिया है कि भारत के टैंकरों को होर्मुज से निकलने की इजाजत दी जाएगी। इसके अलावा अमेरिका और इजरायल का साथ देने वाले देशों के लिए होर्मुज बंद माना जाए।

    इससे पहले BW TYR टैंकर मुंबई पहुंचा है। शिपिंग महानिदेशालय की रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज के पास अभी 16 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इनमें से पांच शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के हैं। ओमान की खाड़ी , अदन की खाड़ी और लाल सागर में भी कुछ भारतीय जहाज मौजूद हैं।


    खाड़ी में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक

    खाड़ी इलाकों में भारतीय नाविकों की संख्या भी काफी ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक इस क्षेत्र में भारत के कम से कम 20 हजार 500 नाविक हैं। इनमें से 504 नाविक ही भारतीय शिप पर हैं। 3 अप्रैल को अलग-अलग शिपिंग कंपनियों द्वारा 1130 नाविकों को सुरक्षित निकाला गया है। भारत ईरान की सरकार के साथ कूटनीतिक वार्ता भी कर रहा है। ईरान का भी रुख भारत के प्रति बेहद नरम है।

    डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को होर्मुज खोलने के लिए चेतावनी दे रहे हैं। ट्रंप ने कहा है कि तेहरान में एक ‘भीषण हमले’ में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों को ‘खत्म’ कर दिया गया है। उन्होने कहा कि अगर ईरान अब भी नहीं मानता है तो ऐसे अभियान चलते रहेंगे। उन्होंने कहा, “याद रखें जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दस दिन का समय दिया था। अब समय खत्म हो रहा है-48 घंटे बचे हैं, इसके बाद उन पर चौतरफा आफत बरसेगी।”

  • LPG संकट: कर्नाटक में 300 से ज्यादा पंप हुए बंद…. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने बढ़ाई सप्लाई

    LPG संकट: कर्नाटक में 300 से ज्यादा पंप हुए बंद…. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने बढ़ाई सप्लाई


    बंगलूरू।
    कर्नाटक (Karnataka ) में इन दिनों ऑटो एलपीजी (Auto LPG.) की मांग अचानक बहुत तेजी से बढ़ गई है। इसकी वजह यह है कि बंगलूरू और राज्य के कई हिस्सों में 300 से ज्यादा निजी एलपीजी पंप बंद (Over 300 Pumps Shut Down) हो गए हैं या आंशिक रूप से काम कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (इंडियन ऑयल) (Indian Oil Corporation ) ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने पूरे कर्नाटक में ऑटो एलपीजी की सप्लाई काफी बढ़ा दी है, ताकि ऑटो रिक्शा और एलपीजी से चलने वाली गाड़ियों को ईंधन की कमी न हो।

    कंपनी के मुताबिक, अभी वह अपने 55 ऑटो एलपीजी डिस्पेंसिंग स्टेशनों (ALDS) के जरिए राज्य में जरूरत पूरी कर रही है। निजी पंप बंद होने के कारण अब ज्यादा लोग सरकारी पंपों पर निर्भर हो गए हैं, जिससे यहां दबाव भी काफी बढ़ गया है। इंडियन ऑयल के अधिकारी वी. वेत्रिसेल्वाक्कुमार ने बताया कि कंपनी ने हालात को संभालने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि सप्लाई लगातार जारी रहे और लोगों को परेशानी न हो।


    क्या कहता है आंकड़ा, समझिए

    आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक में इंडियन ऑयल के पंपों पर रोजाना बिक्री बढ़कर करीब 59.53 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, जबकि पिछले तीन महीनों में यह औसतन 43.4 मीट्रिक टन थी। यानी मांग में काफी बड़ा उछाल आया है।

    कंपनी ने दिलाया भरोसा
    इसके साथ ही कंपनी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वह सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए सभी क्षेत्रों में ईंधन की बराबर आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। कुल मिलाकर, निजी पंपों के बंद होने से बनी स्थिति को संभालने के लिए इंडियन ऑयल पूरी तरह सक्रिय हो गया है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो।

  • LPG संकट के बीच कनेक्शन सरेंडर करने के लिए सरकार ने लॉन्च किया MyPNG-D पोर्टल

    LPG संकट के बीच कनेक्शन सरेंडर करने के लिए सरकार ने लॉन्च किया MyPNG-D पोर्टल


    नई दिल्ली।  देश में जारी एलपीजी किल्लत के बीच भारत सरकार ने एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश कर दिया है जिसकी मदद से देश में सप्लाई संकट को मैनेज करने की कोशिश की जा रही है। 
    एलपीजी (LPG) को लेकर बनी स्थिति और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने के बीच सरकार ने MyPNG-D पोर्टल लॉन्च किया है। यह कदम उपभोक्ताओं को LPG से PNG में आसान ट्रांजिशन के लिए उठाया गया है।

    भारत में इस समय एलपीजी की ऊंची मांग और सीमित उपलब्धता के बीच संतुलन बिठाने के लिए केंद्र सरकार ने आदेश भी जारी किया कि जिन घरों के पास पीएनपी पाइपलाइन है उन घरों को तीन महीने के भीतर पीएनपी पर शिफ्ट होना होगा वर्ना उनकी एलपीजी सिलेंडर सप्लाई रोक दी जाएगी। इस आदेश की वजह से देश भर में कई घरों को पीएनजी पाइपलाइन कनेक्शन लेना होगा और अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।

    इसी काम के लिए हाल ही में सरकार की तरफ से MyPNG-D पोर्टल लॉन्च किया गया है जो एलपीजी सिलेंडर और कनेक्शन सरेंडर करने के लिए उपयुक्त है। इसकी मदद से कस्टमर्स गैस एजेंसी के दफ्तर जाए बिना अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर सकेंगे।

    अब चूंकि पीएनजी और एलपीजी कनेक्शन एक साथ नहीं चल सकते तो पीएनजी कनेक्शन मिलते ही ग्राहकों को एलपीजी कनेक्शन लौटाना होगा। सरकार ने जो नया पोर्टल लॉन्च किया है वो एलपीजी यूजर्स के लिए बेहद आसानी से कनेक्शन सरेंडर करने की प्रक्रिया को को पूरा कर सकता है। mypngd.in के यूआरएल से इस पोर्टल तक पहुंचा जा सकता है। इस पोर्टल के जरिए कस्टमर्स बिना डीलर के पास जाए,अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या एलपीजी आईडी के जरिए सरेंडर प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।

    आपके समय को बचाने के लिए और काम आसान बनाने के लिए ये पोर्टल लॉन्च किया गया है जिसपर आप अपने फोन नंबर या एलपीजी कनेक्शन की एलपीजी आईडी के जरिए अकाउंट बनाकर लॉगिन कर सकते हैं। इस पोर्टल की मदद से आप अपने एलपीजी कनेक्शन का स्टेटस भी जान सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस पर Switch To PNG Connection पर क्लिक करने के बाद आपको इस ऑप्शन को चुनना होगा। इसके बाद अपने पुराने कनेक्शन के सरेंडर करने की प्रकिया पूरी करने के लिए इसी पोर्टल पर मौजूद डिजिटल फॉर्म भरना होगा। कहा जा रहा है कि इसके बाद गैस कंपनी आपसे कॉन्टेक्ट करेगी और सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपसे सिलेंडर कलेक्ट कर लिया जाएगा। 

  • LPG संकट के बीच PNG कनेक्शन को बढ़ावा… जानें युद्ध में भी इस पर क्यों नहीं पड़ रहा कोई असर?

    LPG संकट के बीच PNG कनेक्शन को बढ़ावा… जानें युद्ध में भी इस पर क्यों नहीं पड़ रहा कोई असर?


    नई दिल्ली।
    ईरान (Iran) पर अमेरिका और इजरायल के हमले (America and Israeli attacks) ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सप्लाई की चेन खराब कर दी है। तेल भंडार से भरे, गल्फ क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइलों की बारिश ने तबाही ला दी है। इसका असर भारत समेत दुनिया के कई अन्य देशों पर भी पड़ा है और सभी देश दशकों की सबसे बड़ी फ्यूल क्राइसिस (Biggest Fuel Crisis) से जूझ रहे हैं। भारत (India) में, सरकार लोगों को पीएनजी कनेक्शन (PNG connection) के लिए उत्साहित कर रही है। लोगों से कहा जा रहा है कि अगर उनके घरों तक पीएनजी लाइन पहुंच गई है तो वह एलपीजी सिलिंडर सरेंडर करके पीएनजी में शिफ्ट हो जाएं। बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के चलते एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ा है। आइए समझते हैं कि आखिर क्या है पीएनजी? साथ ही यह भी जानेंगे कि क्या इसकी सप्लाई, एलपीजी सप्लाई की तरह प्रभावित नहीं हुई है।


    क्या है पीएनजी

    पीएनजी यानी पाइपलाइन गैस या पाइप्ड नैचुरल गैस, मुख्य रूप से नैचुरल गैस (अधिकतर मीथेन) है। इसे अंडरग्राउंड पाइपलाइनों के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जाता है। भारत में पीएनजी को गैस वाले क्षेत्रों से प्राकृतिक ढंग से निकाला जाता है और तरल रूप में, लिक्विफाइड नैचुरल गैस (एलएनजी) के रूप में सप्लाई किया जाता है। वहीं, दूसरी तरफ एलपीजी रिफाइनरियों में तैयार की जाती है। वहां पर इसे क्रूड ऑयल से बनाया जाता है। पीएनजी लगातार फ्लो में रहती है और इसे रिफिलिंग की जरूरत नहीं होती। यह सिटी गैस नेटवर्क के जरिए लो प्रेशर में सप्लाई की जाती है।

    पीएनजी आती कहां से है
    भारत में घरेलू स्तर पर पीएनजी, गैस क्षेत्रों, जैसे-कृष्णा-गोदावरी (केजी) बेसिन, आसाम और त्रिपुरा से आती है। उत्तरी तट पर गहरे पानी में स्थित केजी बेसिन, सबसे बड़ा उत्पादक है। केजी बेसिन में तीन क्षेत्र, आर क्लस्टर, सैटेलाइट क्लस्टर और एमजे हैं। यह साल 2024 में भारत में पैदा हुई, कुल 36 बीसीएम पीएनजी का 25 फीसदी है। अनुमान है कि पूरे जीवन में यहां से 85 बीसीएम पीएनजी का उत्पादन होगा। असम और त्रिपुरा के बेसिन रिजर्व से देश के उत्पादन की 47 फीसदी पीएनजी आती है। वहीं, इंपोर्टेड नैचुरल गैस (एलएनजी) भारत में मध्य पूर्व, मुख्य रूप से कतर से आती है। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी भारत को एलएनजी सप्लाई करते हैं।


    क्यों प्रभावित हो रही एलपीजी सप्लाई

    एलपीजी प्रोपेन और ब्यूटेन का एक मिश्रण है, जिसे सिलेंडरों में दबाव के तहत तरल रूप में संग्रहित किया जाता है। यह क्रूड ऑयल को प्रोसेस करके निकाला जाता है। इसके लिए दुनिया, मुख्य रूप से मध्य पूर्व पर निर्भर करती है। भारत अपनी एलपीजी खपत का लगभग 60 फीसदी आयात करता है। इसमें से करीब 90 फीसदी होर्मुज से आता है। मिडिल ईस्ट से आयात पर निर्भर होने के चलते एलपीजी की सप्लाई पर असर पड़ रहा है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर रखा है। वहां से गिने-चुने टैंकर ही पास हो पा रहे हैं। इसके लिए भी काफी ज्यादा कवायद करनी पड़ रही है। हाल ही में अलग-अलग शहरों में एलपीजी सिलिंडरों के लिए लगने वाली लाइन, इसी डिस्टर्बेंस का नतीजा है।


    पीएनजी सप्लाई पर असर क्यों नहीं

    भारत सरकार लगातार लोगों से अपील कर रही है कि विकल्प होने पर वह एलपीजी सिलिंडरों को छोड़ पाइप से सप्लाई होने वाली पीएनजी पर शिफ्ट हो जाएं। इसकी वजह यह है कि ईरान में चल रहे युद्ध के हालात में भी पीएनजी की सप्लाई प्रभावित नहीं होने वाली है। पीएनजी फिक्स पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए डिलिवर होती है। चूंकि इसके वितरण का तरीका जमीन के नीचे बिछी पाइपों से होता है, ऐसे में इसे सिलिंडरों में भरने की जरूरत नहीं होती। इसलिए अगर वैश्विक स्तर पर किसी तरह का डिस्टर्बेंस भी होता है तो इसकी सप्लाई पर असर नहीं पड़ने वाला है। लोगों को बिना किसी बाधा के गैस मिलनी जारी रहती है और घरों का चूल्हा जलता रहता है।


    एलएनजी का आयात

    भारत हर साल करीब 25-26 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी का आयात करता है। उदाहरण के लिए, एस एंड पी ग्लोबल के अनुसार, भारत ने 2025 में करीब 25.5 मिलियन टन एलएनजी आयात की थी। भविष्य में यह बढ़कर सालाना 28–29 मिलियन टन तक होने का अनुमान है। भारत का आधिकारिक सरकारी आंकड़ा, पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल द्वारा प्रकाशित किया जाता है। यह एलएनजी आयात को ट्रैक करता है और पुष्टि करता है कि भारत की प्राकृतिक गैस की मांग का लगभग 50 फीसदी आयात से पूरा होता है, जो मुख्य रूप से एलएनजी के रूप में होता है। मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते एलएनजी पूरी तरह अप्रभावित नहीं है। बता दें कि वित्त वर्ष 25 में कतर से 41 फीसदी आयात हुआ। वहीं, अमेरिका से भारत के एलएनजी आयात का 19 प्रतिशत रहा।


    एलपीजी बनाम पीएनजी कनेक्शनों की संख्या

    भारत के पास वर्तमान में 16.2 मिलियन घरेलू पीएनजी कनेक्शन हैं। इसके मुकाबले 332 मिलियन से अधिक एलपीजी उपभोक्ता हैं। साल 2014 में यह संख्या 140 मिलियन थी। इसमें 105.6 मिलियन बीपीएल परिवार भी हैं, जिनके पास पीएम उज्ज्वला योजना के अंतर्गत सब्सिडी वाले कनेक्शन हैं।

  • LPG संकट के बीच UP सरकार का बड़ा फैसला… गौशालाओं में लगेंगे गोबर गैस प्लांट..

    LPG संकट के बीच UP सरकार का बड़ा फैसला… गौशालाओं में लगेंगे गोबर गैस प्लांट..


    लखनऊ।
    खाड़ी युद्ध के कारण पेट्रोलियम उत्पादों (Petroleum Products) की आपूर्ति पर मंडराते संकट के मद्देनजर यूपी सरकार (UP Government) बड़े पैमाने पर इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करने जा रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में गोबर गैस प्लांट (Gobar Gas Plant) स्थापित करने की योजना है। शुरुआत में प्रदेश में संचालित 7527 गौशालाओं (Cowsheds) से इसकी शुरुआत करने की योजना है। बाद में पशुपालकों को भी इस योजना की परिधि में लाया जाएगा।

    वर्तमान में प्रदेश के 80 बड़े गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट की स्थापना की गई है जो पूरी तरह से क्रियाशील है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य एलपीजी रसोई गैस का विकल्प तैयार करना है ताकि अधिक से अधिक लोगों को राहत मिल सके। साथ ही पर्यावरण का भी संरक्षण किया जा सके। यूपी में छोटी-बड़ी कुल 7527 गौशालाएं अथवा गो आश्रय स्थल है, जिनमें 12.39 लाख गोवंशीय पशुओं को पाला-पोसा जा रहा है। इन गोशालाओं से प्राप्त होने वाले दूध की उपयोगिता तो है ही अब इनके अपशिष्ट विशेष कर एक-एक ग्राम गोबर के सदुपयोग की तैयारी की जा रही है।

    इन गोबर का उपयोग सिर्फ कम्पोस्ट या खाद के लिए ही न करके वर्तमान में ईरान-अमेरिका एवं इजरायल युद्ध के कारण रसोई गैस के सम्भावित संकट से निपटने के लिए भी करने की तैयारी है। इसके लिए रणनीति तैयार की गई है जो कम से कम ग्रामीण क्षेत्रों में राहत जरूर पहुंचाएगी। उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता की माने तो संकट की इस घड़ी में सस्ते गोबर गैस की व्यवस्था लोगों को भारी राहत देने वाला होगा। बकौल श्री गुप्ता, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्य को मिशन मोड पर शुरू करने के आदेश दिए हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।


    यूपी में गोवंशों एवं गोशालाओं की स्थिति

    प्रदेश में इस समय 7,527 गो-आश्रय स्थल है जो सरकार द्वारा संचालित एवं संरक्षित हैं। इनमें 12.39 लाख से अधिक गोवंश हैं। इनमें 6,433 अस्थायी स्थलों में 9.89 लाख गोवंश और 518 वृहद गो-संरक्षण केंद्रों में 1.58 लाख गोवंश पले हुए हैं। इसके अलावा 323 कान्हा गो-आश्रयों में 77,925 और 253 कांजी हाउस में 13,576 गोवंश पाले-पोसे जा रहे हैं। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1.14 लाख गौ पालकों को 1.83 लाख गोवंश सुपुर्द किए गए हैं।


    गोरक्ष पीठ में भी लगा हुआ गोबर गैस संयंत्र

    आयोग के अध्यक्ष कहते हैं कि सीएम योगी के गोरक्ष पीठ में स्थित गोबर का उपयोग वहां लगे गोबर गैस प्लांट में किया जाता है, जिसके गैस से लोगों के भोजन की व्यवस्था होती है। साथ ही पीठ के खेतों में गोबर की खाद यूरिया व अन्य पोषक तत्त्वों की जरूरतों को पूरी कर रही है। गुप्ता की मानें तो इस योजना के क्रियान्वयन से प्रदेश में बड़ी संख्या में गोबर गैस प्लांट स्थापित किए जाएंगे जो पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करेंगे।

  • LPG संकट में भारत का ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा….जानें नौसेना होर्मुज से कैसे निकाल रही जहाज!

    LPG संकट में भारत का ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा….जानें नौसेना होर्मुज से कैसे निकाल रही जहाज!


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में LPG संकट के बीच ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा (Operation Energy Security) की शुरुआत की गई है। खबर है कि भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धपोत तैनात किए हैं। हालांकि, इसे लेकर सेना की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Iran’s Foreign Minister Abbas Araghchi) ने कहा है कि मित्र देशों के जहाजों को निकलने की अनुमति दी गई है, जिनमें भारत भी शामिल है।

    एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ऑपरेशन के तहत भारतीय नौसेना ने 5 से ज्यादा युद्धपोत तैनात किए हैं। ऑपरेशन का मकसद उन जलमार्गों और जहाजों को सुरक्षित करना है, जिनके जरिए एलपीजी, एलएजी और कच्चा तेल भारत पहुंच रहा है। माना जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग में भारत के लिए निकले 20 कार्गो फंस गए हैं।

    एक सूत्र ने बताया, ‘जब भारत आने वाला कोई मालवाहक जहाज इस स्ट्रेट को पार कर लेता है, तो ओमान की खाड़ी में तैनात नौसेना के युद्धपोत उस जहाज को सुरक्षा देते हैं और उसे संकटग्रस्त क्षेत्र से बाहर अरब सागर की ओर ले जाते हैं।’ वहीं, रिस्क एनालिस्ट मार्टिन कैली कहते हैं, ‘ऐसा लगता है कि ईरान चुनिंदा जहाजों को वेरिफिकेशन के बाद होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे रहा है, जो ईरानी जलक्षेत्र के अंदर जहाजों के ट्रांजिट के दौरान किया जाता है।’


    नौसेना का ऐक्शन

    रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी से निकलने वाले भारतीय कार्गो के संपर्क में नौसेना बनी रहती है। जहाज जब ईरान की सहमति से एक पॉइंट से गुजर जाता है, तो नौसेना के डेस्ट्रॉयर्स और फ्रिगेट्स कमान संभालते हैं। ये मिलकर जहाज को खतरे के क्षेत्र से बाहर निकालकर ले जाते हैं।


    भारत पहुंचे कई जहाज

    खबर है कि इस मिशन के चलते कई भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से भारत लौट आए हैं। इनमें एलपीजी लाने वाले पाइन गैस और जग वसंत का नाम शामिल है। दोनों मिलकर करीब 92 हजार टन एलपीजी लाए हैं।


    ईरान ने दिया भारतीय जहाजों को रास्ता

    मुंबई में ईरान के कॉन्सुलेट ने एक पोस्ट में कहा, ‘ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची: हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र देशों के लिए Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी है।


    इन लोगों की एलपीजी सप्लाई बंद करने की तैयारी

    पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध होने पर भी इसकी सेवा नहीं लेने वाले उपभोक्ताओं की घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। सरकार ने आदेश जारी कर इसकी जानकारी दी है। यह कदम गैस नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि नोटिस मिलने के तीन महीने के भीतर ग्राहकों को पीएनजी अपनानी होगी, ऐसा न करने पर रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

  • मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट, 12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को नहीं मिले सिलेंडर

    मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट, 12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को नहीं मिले सिलेंडर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट बना हुआ है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की कमर तोड़ दी है। लगातार 12 दिन से होटल और रेस्टोरेंट को कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है।

    इसे लेकर रविवार को नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया मध्य प्रदेश चैप्टर और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने प्रदेश की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी से मुलाकात की। मुख्य सचिव शमी ने छुट्टी के दिन होटल संचालकों से बात और ऑयल कंपनियों के साथ बैठक भी की।

    दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण देश में गैस आपूर्ति बाधित हुई है। केंद्र सरकार द्वारा शुरुआत में आपूर्ति बंद करने के बाद इसे 20 प्रतिशत तक बहाल करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर यह राहत अब तक व्यवसायियों तक नहीं पहुंच सकी है। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट पर संकट के बादल छाए हुए हैं। वे बंद होने की कगार पर है।

    होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए मध्य प्रदेश होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने खाद्य आपूर्ति सचिव रश्मि अरुण शमी से बातचीत की। प्रदेश भर के होटल संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि केंद्र के 20 प्रतिशत आपूर्ति के आदेश के बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर वितरण व्यवस्था ठप पड़ी है।

    सूरी ने कहा कि हमने सरकार के सामने अपनी मांगे रखी हैं और हमें उम्मीद है कि जल्द से जल्द हमें मदद मिलेगी। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिशन से लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। सभी के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सुमित सूरी के अनुसार संगठन की प्रमुख मांग है कि वर्तमान 20 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए, ताकि व्यवसायों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। इसके अलावा उन्होंने एक नया प्रस्ताव भी रखा है कि सभी संस्थानों के लिए आपूर्ति का एक समान नियम नहीं होना चाहिए। होटलों की श्रेणी और उनकी मांग के आधार पर गैस का कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए। बड़े संस्थानों को उनकी खपत के अनुसार अधिक और छोटे संस्थानों को उनके अनुपात में गैस उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही पीएनजी सप्लाई को भी मांग के अनुरूप बढ़ाने की मांग रखी गई है।

    इधर, भोपाल होटल एवं रेस्तरां संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर सख्त पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर है, जिसके समाधान को लेकर अपर मुख्य सचिव से चर्चा कर गैस की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने की मांग की और ज्ञापन सौंपा गया है।

    पाली ने बताया कि भोपाल के होटल, रेस्तरा, ढाबों, खान-पान सेवा आदि रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के अभाव में संचालन व्यवस्था में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि भोपाल के पंजीकृत होटलों और रेस्तरांओं को उनकी वास्तविक परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का एक सीमित कोटा आवंटित किया जाए। प्रत्येक प्रतिष्ठान को आवश्यक रसोई संचालन बनाए रखने और खाद्य सेवाओं में व्यवधान से बचने के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किए जाए। भोपाल में 2 हजार होटल और रेस्टोरेंट है। जहां हालात गंभीर हो गए हैं।

    नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधि अभिषेक बाहेती ने बताया कि कमर्शियल गैस नहीं मिलने की बात से मुश्किलें बढ़ गई हैं। गैस के अभाव में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर बड़ा संकट खड़ा हुआ है। इसे दूर करने की मांग की गई है।

  • LPG किल्लत पर अक्षय कुमार का बड़ा बयान ट्विंकल ने घर में मंगवाए इलेक्ट्रिक स्टोव..

    LPG किल्लत पर अक्षय कुमार का बड़ा बयान ट्विंकल ने घर में मंगवाए इलेक्ट्रिक स्टोव..


    नई दिल्ली:देशभर में रसोई गैस की किल्लत को लेकर चल रही चर्चा के बीच बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने अपने घर का उदाहरण देते हुए बताया कि इस समस्या को लेकर उनके परिवार ने भी एहतियात बरतना शुरू कर दिया है

    हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अक्षय कुमार ने बताया कि उनके घर में फिलहाल गैस की कोई बड़ी समस्या नहीं है लेकिन उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना ने पहले से ही तैयारी करते हुए दो इलेक्ट्रिक स्टोव ऑर्डर कर दिए हैं अक्षय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि वे स्टोव घर पहुंचे हैं या नहीं लेकिन यह साफ है कि उन्होंने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बैकअप तैयार कर लिया है

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में LPG को लेकर लोगों के बीच चिंता बनी हुई है सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तरह तरह के मीम और चर्चाएं देखने को मिल रही हैं आम लोगों से लेकर सेलेब्रिटीज तक इस विषय पर अपनी राय रख रहे हैं

    इसी कार्यक्रम में अक्षय कुमार ने सिर्फ गैस संकट ही नहीं बल्कि शहर की स्वच्छता को लेकर भी अहम बात कही उन्होंने मुंबई में क्लीन मुंबई लीग शुरू करने का प्रस्ताव रखा है इस पहल के जरिए वह चाहते हैं कि शहर के लोग खुद आगे आकर सफाई अभियान में हिस्सा लें उन्होंने कहा कि अगर सभी नागरिक मिलकर काम करें तो शहर को साफ रखना मुश्किल नहीं है

    अक्षय ने यह भी सुझाव दिया कि शहर में जहां भी निर्माण कार्य चल रहा है वहां धूल को नियंत्रित करने के लिए बिल्डरों को हरे पर्दे लगाने चाहिए ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके

    अक्षय कुमार ने एक तरफ जहां LPG संकट पर हल्के अंदाज में अपने घर की स्थिति साझा की वहीं दूसरी तरफ उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया उनका मानना है कि छोटी छोटी तैयारियां और सामूहिक प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं

  • बेंगलुरु कैफे में ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ का सनसनीखेज बिल, लेमनेड पर भी 5% अतिरिक्त शुल्क, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

    बेंगलुरु कैफे में ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ का सनसनीखेज बिल, लेमनेड पर भी 5% अतिरिक्त शुल्क, सोशल मीडिया पर मचा बवाल



    नई दिल्ली। बेंगलुरु के थियो कैफे का एक बिल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने लोगों का ध्यान रेस्टोरेंट बिलिंग प्रैक्टिस और बढ़ती लागत की तरफ खींचा है। इस बिल में दो मिंट लेमनेड पर 5% गैस क्राइसिस चार्ज जोड़ा गया, जो ग्राहकों के लिए चौंकाने वाला रहा। ग्राहक ने दो मिंट लेमनेड ऑर्डर किए, जिनकी कीमत 179 रुपये प्रत्येक थी। कुल सबटोटल 358 रुपये बनी, जिसमें पहले 5% डिस्काउंट (17.90 रुपये) लागू किया गया। इसके बाद स्टैंडर्ड GST (CGST 2.5% + SGST 2.5%) जोड़ा गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बिल में अतिरिक्त 5% गैस क्राइसिस चार्ज (17.01 रुपये) भी शामिल किया गया, जिससे अंतिम बिल 374 रुपये तक पहुंच गया।

    सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ
    सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बिल पर जमकर मज़ाक उड़ाया। कई ने टिप्पणी की कि “लेमनेड बनाने में कौन सी गैस लगी?” और “शायद लेमनेड को फिज़्जी बनाया गया होगा।” कुछ ने इसे कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत अनुचित व्यापारिक प्रथा बताते हुए चेताया कि यदि ऐसे चार्ज अनिवार्य हैं, तो 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। अन्य यूजर्स ने कहा कि यदि यह वैकल्पिक होता, तो ग्राहक इसे समझ सकते थे, लेकिन अनिवार्य चार्ज अधिकारहीन और अनुचित माना जा रहा है।

    पृष्ठभूमि: LPG संकट और बढ़ती लागत
    देश के कई हिस्सों में LPG सिलेंडर की कमी ने रेस्टोरेंट्स और कैफे की लागत बढ़ा दी है। बेंगलुरु में भी कई स्थानों पर कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे होटल और कैफे ग्राहकों से अलग से गैस चार्ज वसूल रहे हैं। हालांकि लेमनेड जैसी ड्रिंक आमतौर पर गैस पर नहीं बनाई जाती, लेकिन बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण कुछ कैफे ने गैस क्राइसिस चार्ज लागू किया।

    मिश्रित प्रतिक्रिया और बहस
    कुछ लोगों ने कैफे का समर्थन किया, कहा कि गैस की कमी में यह समझदारी भरा कदम हो सकता है। वहीं, अधिकांश यूजर्स ने इसे ग्राहक हित और पारदर्शिता के खिलाफ बताया। सोशल मीडिया पर यह घटना कंज्यूमर राइट्स, बिलिंग पारदर्शिता, महंगाई और व्यवसाय की चुनौतियों पर बहस छेड़ने का कारण बनी है।

    बेंगलुरु के थियो कैफे ने दो मिंट लेमनेड पर 5% गैस क्राइसिस चार्ज लगाया।

    बिल की कुल राशि 374 रुपये तक पहुंची, जिसमें डिस्काउंट और GST शामिल हैं।

    सोशल मीडिया पर इसे अनुचित व्यापारिक प्रथा और मज़ाक बताया गया।

    बढ़ती LPG कमी और लागत ने रेस्टोरेंट्स को नए चार्ज लगाने पर मजबूर किया।

    घटना ने कंज्यूमर राइट्स और बिलिंग पारदर्शिता पर बहस को जन्म दिया।

    इस तरह, बेंगलुरु की यह घटना दिखाती है कि महंगाई, गैस संकट और सप्लाई चेन की चुनौतियाँ आम ग्राहकों तक कैसे सीधे असर डाल रही हैं, और व्यवसायों को अपने बिलिंग मॉडल में बदलाव करने पर मजबूर कर रही हैं।