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  • MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर

    MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर



    भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) संकट ने आम नागरिक और व्यवसाय दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से मिली रिपोर्टों के मुताबिक, घरेलू गैस की कमी ने लोगों को धूप में घंटों कतार में खड़ा कर दिया है, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटलों और रेस्तरां के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद और बोगदा पुल इलाकों में स्थिति गंभीर है। स्थानीय निवासी शीबा खान के अनुसार, उनके पास 13 मार्च को डिलीवरी का मैसेज तो आया, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, जिससे उन्हें अब रिश्तेदारों के यहां खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं मोहम्मद रियाज ने तीन दिन गैस न मिलने के बाद नया इंडक्शन चूल्हा खरीदा, ताकि परिवार भूखा न रहे।

    कॉमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने प्रदेश के होटल और रेस्तरां उद्योग को भी प्रभावित किया है। पिछले छह दिनों में 50,000 से ज्यादा होटलों और छोटे रेस्टॉरेंट्स को सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल और इंदौर के कई होटलों ने मेन्यू छोटा कर दिया है, जबकि कई रेहड़ियां और स्ट्रीट फूड ठेले पूरी तरह बंद हो गए हैं। इससे दैनिक मजदूरी पर निर्भर दुकानदारों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है।

    हालांकि ग्वालियर और उज्जैन में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने दावा किया कि जिले में स्टॉक की कोई कमी नहीं है और खाद्य विभाग की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। अफवाहों को रोकने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। उज्जैन में रविवार की छुट्टी के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी खोलकर घरेलू गैस की सप्लाई जारी रखी गई। एजेंसी संचालक भगवान दास एरन ने बताया कि घरेलू सिलेंडर की निरंतर सप्लाई की जा रही है, हालांकि कॉमर्शियल सिलेंडरों के लिए नए आदेशों का इंतजार किया जा रहा है।

    इंदौर में स्थिति थोड़ी मिश्रित रही। प्रशासन के निर्देश पर रविवार को खुली एजेंसियों में उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराने में कोई परेशानी नहीं बताई, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण डिलीवरी 7-8 दिन में मिलने का आश्वासन दिया गया। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने KYC प्रक्रिया और गैस पाइप (नली) खरीदने का दबाव भी अनुभव किया।

    इस संकट ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में LPG की आपूर्ति और वितरण में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक चुनौतियां हैं। घरों में खाना बनाने वाले आम नागरिक और व्यवसायिक स्तर पर रेस्तरां चलाने वाले दोनों ही इस संकट से प्रभावित हैं। ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर में प्रशासन की सक्रियता के बावजूद राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में जनता को गैस के लिए लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं की मांग है कि राज्य सरकार और गैस एजेंसियां जल्द से जल्द सप्लाई और वितरण सुचारू करें ताकि रोजमर्रा के काम और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

  • मध्य प्रदेश में LPG संकट: सिलेंडर 30% महंगे, होटल और घरों में हाहाकार

    मध्य प्रदेश में LPG संकट: सिलेंडर 30% महंगे, होटल और घरों में हाहाकार

    भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की कमी लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 6 दिनों से प्रदेश के कई शहरों में कॉमर्शियल और घरेलू सिलेंडर की सप्लाई बाधित है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि होटल, रेस्टोरेंट और घरों में रसोई गैस की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

    सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें:
    भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में लोग सुबह-सुबह सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े हो रहे हैं। बड़ी संख्या में बच्चे और बुजुर्ग भी सिलेंडर लेने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। कई बार बुकिंग पूरी नहीं हो पा रही है, जबकि कभी-कभी 6 से 8 घंटे इंतजार के बाद सिलेंडर मिल पा रहा है।

    होटल और रेस्टोरेंट्स पर असर:
    प्रदेश में करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट्स इस संकट से प्रभावित हैं। इन व्यवसायों को अपने संचालन के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे, जिससे खाना पकाने में बाधा और ग्राहकों की सेवा प्रभावित हो रही है।

    विकल्प और बढ़ा खर्च:
    गैस की कमी के कारण इंडक्शन और डीजल भट्ठियों का उपयोग बढ़ गया है। हालांकि, इनके संचालन की लागत 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। भोपाल में कुछ रेहड़ियां और छोटे स्ट्रीट फूड स्टॉल्स अस्थायी रूप से बंद भी हो गए हैं।

    राज्यव्यापी स्थिति:
    LPG संकट केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। राजधानी से लेकर छिंदवाड़ा और अन्य शहरों में रसोई गैस की कमी ने आम जनता और व्यवसायों में हाहाकार मचा दिया है।

    विशेषज्ञों की चेतावनी:
    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संकट लंबा खिंचता है, तो इससे खाद्य सेवा उद्योग और घरेलू रसोई दोनों प्रभावित होंगे। लंबे समय तक गैस की कमी के कारण लोग सस्ता और असुरक्षित विकल्प, जैसे खुले भट्ठी या कोयला, इस्तेमाल करने पर मजबूर हो सकते हैं, जिससे सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।

    सरकारी कदम:
    इस समय सरकारी एजेंसियां और वितरक प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सिलेंडर की सप्लाई बहाल हो। हालाँकि, अभी तक कोई ठोस समयरेखा नहीं दी गई है।

    मध्य प्रदेश में LPG संकट से गृहस्थी और व्यापार दोनों प्रभावित हैं। होटल और रेस्टोरेंट्स संचालन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, घरों में रसोई गैस की कमी आमजन की दिनचर्या पर असर डाल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की सुविधा दोनों पर लंबी अवधि में असर डाल सकता है।

  • देश में गहराया LPG संकट: बिहार में बढ़ी लकड़ी-कोयले की मांग, राजस्थान के होटल लकड़ी पर बना रहे खाना; कई राज्यों में गोदामों पर छापे

    देश में गहराया LPG संकट: बिहार में बढ़ी लकड़ी-कोयले की मांग, राजस्थान के होटल लकड़ी पर बना रहे खाना; कई राज्यों में गोदामों पर छापे

    नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के असर अब भारत में भी दिखाई देने लगे हैं। देशभर में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत तेजी से बढ़ रही है। कई राज्यों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, वहीं कालाबाजारी और जमाखोरी के मामले भी सामने आ रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि बिहार में लोग लकड़ी और कोयले पर खाना बनाने को मजबूर हैं, जबकि राजस्थान के कई होटल और ढाबे गैस की जगह लकड़ी की भट्ठियों का सहारा ले रहे हैं।

    उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में लोग रात से ही गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर के इंतजार में बैठे रहे। कई जगहों पर घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडर की कालाबाजारी भी सामने आई है। करीब 2000 रुपए का कॉमर्शियल सिलेंडर कुछ इलाकों में 4000 रुपए तक बेचा जा रहा है। जमाखोरी की शिकायतों के बाद सरकार ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में गैस गोदामों पर छापेमारी शुरू कर दी है।

    पंजाब और चंडीगढ़ में भी गैस संकट गहराता जा रहा है। बरनाला में सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लगे एक बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं छत्तीसगढ़ के रायपुर समेत कई जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुट रही है।पंजाब और चंडीगढ़ में भी गैस संकट गहराता जा रहा है। बरनाला में सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लगे एक बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं छत्तीसगढ़ के रायपुर समेत कई जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुट रही है। तेज धूप में घंटों इंतजार करने के बाद भी कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

    हरियाणा में गैस डिलीवरी में 20 से 25 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है। ऑनलाइन बुकिंग और फोन कॉल का जवाब नहीं मिलने से लोग सीधे एजेंसियों पर पहुंचकर सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। उधर, हिमाचल प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण होटल और ढाबा संचालक इंडक्शन हीटर खरीदने लगे हैं। दुकानदारों के अनुसार पहले हफ्ते में एक-दो इंडक्शन बिकते थे, लेकिन अब रोज 8 से 15 तक बिक रहे हैं।

    इस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के अधिकारियों की हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो गैस सप्लाई की निगरानी कर रही है। साथ ही जमाखोरी रोकने के लिए एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 लागू किया गया है। सिलेंडर की डिलीवरी में OTP और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।

    सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियम भी बदल दिए हैं। अब एक सिलेंडर मिलने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अंतराल 45 दिन कर दिया गया है। वहीं सभी रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है और उत्पादन में करीब 28% तक बढ़ोतरी की गई है।

    इसके बावजूद जमीनी हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें बनी हुई हैं और होटल-ढाबा संचालकों ने खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ाने के संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने तक एलपीजी सप्लाई पर दबाव बना रह सकता है।

  • संसद के बाहर नारेबाजी, ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’; LPG संकट पर पेट्रोलियम मंत्री देंगे जवाब

    संसद के बाहर नारेबाजी, ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’; LPG संकट पर पेट्रोलियम मंत्री देंगे जवाब

    नई दिल्ली। लोकसभा में गुरुवार को विपक्ष के सांसदों ने LPG संकट को लेकर हंगामा किया। संसद के बाहर ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ के नारे लगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर चुके हैं और देश को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल गांधी के नोटिस के बाद संसद गैस संकट पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी आज सदन में जवाब देंगे, जबकि बहस की शुरुआत राहुल गांधी करेंगे।

    लोकसभा में ग्रांट्स डिमांड्स पर दो घंटे से चर्चा जारी रही। तमिलनाडु से आईयूएमएल सांसद नवासकनी तमिल भाषा में बोलते नजर आए। सांसदों ने LPG की बढ़ती कीमतों, सप्लाई की कमी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।

    सागरिका घोष (ShTMc सांसद) ने कहा कि LPG महंगा हुआ और सरकार लंबे समय तक इनकार करती रही। उन्होंने पूछा कि सरकार ने LPG का स्टॉक पहले क्यों नहीं बढ़ाया या सप्लाई के दूसरे स्रोत क्यों नहीं तलाशे। उनका कहना था कि आम नागरिक इस संकट का सामना कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त हैं।

    सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी सांसद) ने कहा कि आयातित अमोनिया की जगह ग्रीन अमोनिया लाने का वादा किया गया था, लेकिन इसमें कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऑल पार्टी मीटिंग बुलाकर इस संकट का समाधान निकाला जाए।

    राहुल गांधी ने सदन में प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन खुद परेशान लग रहे हैं। एप्स्टीन-अदाणी केस और अन्य मुद्दों को लेकर चिंता साफ दिख रही है।”

    इस बीच, राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हालिया हमले का मुद्दा उठाया।

    स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में चर्चा चल रही है। विपक्ष लगातार सरकार को यह चेतावनी दे रहा है कि देश में LPG संकट गंभीर है, आम जनता को राहत मिलनी चाहिए और सप्लाई चैन मजबूत करना आवश्यक है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि संसद में उठाए गए ये सवाल सरकार के लिए दबाव पैदा करेंगे। LPG और गैस संकट के मुद्दे पर आने वाले दिनों में संसद और मीडिया में बहस तेज होने की संभावना है।

  • देश में LPG संकट, सिलेंडर कालाबाजारी और बुकिंग में उछाल: रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर, सरकार ने कहा- घबराएं नहीं

    देश में LPG संकट, सिलेंडर कालाबाजारी और बुकिंग में उछाल: रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर, सरकार ने कहा- घबराएं नहीं



    भोपाल । अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते पूरे देश में LPG सिलेंडर की किल्लत देखने को मिल रही है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं और घरेलू व कॉमर्शियल सिलेंडरों की कालाबाजारी बढ़ गई है।

    मध्य प्रदेश में कॉमर्शियल सिलेंडर 4 हजार में बिक रहा
    भोपाल के बरखेड़ा पठानी में खुलेआम देखा गया कि 1,918 रुपए वाला कॉमर्शियल सिलेंडर कालाबाजारी में ₹4,000 में बेचा जा रहा है। सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया है, लेकिन कालाबाजारी पर असर नहीं पड़ा।

    बिहार और उत्तर प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की कीमतें आसमान पर
    बिहार में 900 रुपए वाले घरेलू सिलेंडर ब्लैक मार्केट में 1,700-1,800 रुपए में बिक रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 950 रुपए वाला सिलेंडर 1,600 रुपए में तुरंत उपलब्ध हो रहा है। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर 3,500 रुपए तक पहुँच गया है।

    राजस्थान और उत्तराखंड में होटलों-रेस्टोरेंट्स की मुश्किलें बढ़ीं
    राजस्थान में चित्तौड़गढ़ और सवाई माधोपुर में रेस्टोरेंट बंद हो गए, जैसलमेर में 150 रिसॉर्ट्स बंद करने की तैयारी में हैं। कोटा में लकड़ी और कोयले की भट्टियों की मांग बढ़ गई।
    उत्तराखंड के देहरादून और हल्द्वानी में व्यावसायिक गैस की कमी के कारण होटल, ढाबा और ठेला संचालकों ने अपने मेन्यू के लगभग 70% आइटम हटा दिए हैं।

    सरकार का दावा- रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर, सप्लाई स्थिर
    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG विदेशों से आयात करता है, जिसमें से 90% स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है।
    सरकार ने भरोसा दिलाया कि रोजाना लगभग 50 लाख सिलेंडर डिलीवर किए जा रहे हैं और घरेलू उपभोक्ताओं को सप्लाई जारी है। घबराहट में बुकिंग बढ़ी है, जिसे नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकारों से लाभार्थियों की सूची तैयार करने को कहा गया है।

    इंडक्शन की मांग 50% बढ़ी
    जयपुर में औद्योगिक इंडक्शन की बिक्री पिछले महीने 2,500-3,000 यूनिट थी, जो अब 50% बढ़ गई है। होटल और रेस्टोरेंट भी इंडक्शन पर खाना बनाने लगे हैं, जिससे गैस की मांग और बढ़ गई है।

    सरकार ने उठाए कदम

    देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ लागू किया गया, कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए।

    घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है।

    राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरतमंदों की सूची तैयार की जाए।

    बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव कर एक सिलेंडर डिलीवरी के बाद अगले 25 दिन में बुकिंग होगी।

    देशभर में घरेलू और व्यावसायिक गैस की सप्लाई पर निगरानी लगातार जारी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि पैनिक बुकिंग से बचें और अधिकृत एजेंसियों से ही गैस लें।

  • सरकार ने एलपीजी सप्लाई पर दी अपडेट: 60% आयात, 90% होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर, पैनिक बुकिंग से बचें

    सरकार ने एलपीजी सप्लाई पर दी अपडेट: 60% आयात, 90% होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर, पैनिक बुकिंग से बचें



    नई दिल्ली। भारत सरकार ने गुरुवार को देश में गैस और कच्चे तेल की स्थिति को लेकर जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी। सरकार ने कहा कि देश अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आती है। मंत्रालयों ने जोर देकर कहा कि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है और पैनिक बुकिंग की वजह से सिलेंडर बुकिंग में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई है।

    पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की उपलब्धता संतोषजनक है। भारत रोजाना करीब 55 लाख बैरल कच्चे तेल का उपयोग करता है और दुनिया के चौथे सबसे बड़े रिफाइनर होने के कारण ईंधन की आपूर्ति स्थिर है। 9 मार्च को जारी आदेश के तहत सभी रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाया है, घरेलू उत्पादन 25% से बढ़कर 28% हो गया है। देशभर में लगभग 1 लाख रिटेल आउटलेट काम कर रहे हैं, जहां कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है।

    शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि फारस की खाड़ी में भारत के 28 जहाज मौजूद हैं, जिनमें 778 भारतीय नाविक सवार हैं। इनमें से 677 पश्चिमी होर्मुज स्ट्रेट में और 101 पूर्वी हिस्से में तैनात हैं। हाल ही में विदेशी झंडे वाले कुछ जहाजों पर हादसे हुए, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई, चार घायल और एक लापता है। सरकार सभी जहाजों और क्रू की सुरक्षा पर निगरानी रख रही है।

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारतीय दूतावास सक्रिय है। भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। दूतावास वीजा सुविधा के साथ अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमा पार करने में भी मदद कर रहा है।

    सरकार ने सप्लाई संकट के दो मुख्य कारण बताए हैं। पहला, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का असुरक्षित होना, जो 167 किलोमीटर लंबा जलमार्ग है और ईरान-जंग के कारण बंद हो गया। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का लगभग 20% इसी रूट से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से आयात करता है। दूसरा, कतर में LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद प्रोडक्शन रुका, जिससे भारत को गैस की सप्लाई घट गई। भारत अपनी जरूरत का करीब 40% LNG कतर से आयात करता है।

    इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर ने कहा कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार वैकल्पिक कार्गो आयात पर विचार कर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने की योजना बना रहे हैं। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।

    सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की प्राथमिकता के आधार पर जरूरतमंदों को सप्लाई सुनिश्चित करें।

    मुख्य बातें:

    भारत अपनी जरूरत का 60% LPG आयात करता है, 90% होर्मुज स्ट्रेट से आता है।

    रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवरी, पैनिक बुकिंग से बचें।

    एलपीजी उत्पादन बढ़कर 28% हुआ।

    ईंधन सप्लाई सुरक्षित, देशभर के पेट्रोल पंप सामान्य काम कर रहे हैं।

    ईरान में भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए दूतावास मदद कर रहा है।

    सप्लाई संकट: होर्मुज स्ट्रेट असुरक्षित, कतर में LNG प्रोडक्शन रुका।

    वैकल्पिक आयात और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संकट कम करने की कोशिशें।

  • एमपी में गैस संकट गहराया: रीवा में 2000 रुपए का सिलेंडर, भोपाल-इंदौर में लंबी कतारें, होटल-रेस्टोरेंट डीजल भट्ठी पर खाना बना रहे

    एमपी में गैस संकट गहराया: रीवा में 2000 रुपए का सिलेंडर, भोपाल-इंदौर में लंबी कतारें, होटल-रेस्टोरेंट डीजल भट्ठी पर खाना बना रहे


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में LPG संकट गंभीर रूप ले चुका है। रीवा में घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी का मामला सामने आया है, जहां 900 रुपए का सिलेंडर दलालों द्वारा 1700 से 2000 रुपए तक बेचा जा रहा है। राज्यभर में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं।

    प्रदेश में पिछले तीन दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई ठप है। घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी में 5 से 7 दिन की देरी हो रही है। तेल कंपनियों का कहना है कि फिलहाल केवल 15% गैस ही उपलब्ध कराई जा रही है, जो मुख्य रूप से इमरजेंसी सेवाओं और घरों के लिए है।

    रीवा में उमेश शुक्ला जैसे उपभोक्ताओं ने बताया कि सुबह से कतार में लगे रहने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल पाया। दलाल महंगे दामों पर सिलेंडर बेच रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता मजबूरी में अधिक पैसे खर्च कर रहे हैं।

    कमर्शियल सिलेंडर अब केवल अस्पताल, सेना-पुलिस कैंटीन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट स्थित कैंटीन, बस स्टैंड के भोजनालय को ही मिलेगा। वहीं, होटल, मैरिज गार्डन और सराफा कारीगरों को सप्लाई नहीं हो पा रही। छिंदवाड़ा में शादियों के आयोजन के लिए रसोई गैस की कमी के कारण डीजल भट्ठियों पर खाना बनाना पड़ रहा है।

    भोपाल होटल एसोसिएशन के तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि राजधानी के डेढ़ हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट हर रोज 2 से 2.5 हजार सिलेंडर उपयोग करते हैं। वर्तमान स्टॉक केवल 48 घंटे का ही काम चला पाएगा।

    सिर्फ सप्लाई की कमी ही नहीं, बल्कि घरेलू सिलेंडर के लिए भी लंबी वेटिंग है। भोपाल के कई इलाकों में सिलेंडर के लिए भाग-दौड़ और भीड़ देखी गई। इंदौर में कमर्शियल सिलेंडर के संकट के कारण होटल और रेस्टोरेंट लकड़ी, कंडा और कोयला जैसे पारंपरिक ईंधन पर खाना बना रहे हैं।

    मार्च में प्रदेश भर में 20,000 से अधिक शादियां आयोजित होने वाली हैं, जिनमें कमर्शियल सिलेंडर का भारी उपयोग होता है। सिलेंडर की कमी के कारण खाने की तैयारी में बाधा आ रही है। इसके अलावा, किराना और खाद्य सामग्री की कीमतों में भी तेजी आई है। हरी मूंग, मसूर, चना और ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 100 से 300 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी हुई है। पिस्ता, अंजीर, केसर और अन्य महंगे ड्राई फ्रूट्स की कीमतें भी बढ़ गई हैं।

    सरकार का कहना है कि घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है और पेट्रोलियम उत्पाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। केंद्र सरकार ने देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू कर गैस कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के निर्देश दिए हैं।

    संकट से निपटने के लिए सरकार ने पांच अहम कदम उठाए हैं:

    हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है जो सप्लाई की समीक्षा करेगी।

    एसेंशियल कमोडिटी एक्ट के तहत गैस की जमाखोरी पर रोक।

    घरेलू सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन बाद ही होगी।

    डिलीवरी एजेंटों द्वारा OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य।

    LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश, अतिरिक्त उत्पादन केवल घरेलू गैस के लिए।

    इधर, ऑयल कंपनियों की सप्लाई के बाद भी होटल और रेस्टोरेंट 48 घंटे के स्टॉक पर निर्भर हैं। सरकार की तरफ से लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद आम उपभोक्ताओं और व्यवसायियों में चिंता बरकरार है।

  • एलपीजी संकट पर लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा, पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने दी पूरी स्थिति की जानकारी

    एलपीजी संकट पर लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा, पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने दी पूरी स्थिति की जानकारी



    नई दिल्ली। गुरुवार को लोकसभा में एलपीजी संकट और देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने संसद में ऊर्जा संकट को लेकर चर्चा शुरू की और कहा कि अभी तो केवल “दर्द की शुरुआत” हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार समय रहते उपाय नहीं करेगी, तो छोटे व्यापारी, रेस्टोरेंट और आम नागरिक गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। राहुल ने कहा कि किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है और वर्तमान वैश्विक हालात में अमेरिका और अन्य देशों के निर्णय से भारत की ऊर्जा नीति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोलियम मंत्री ने एक निजी बातचीत में एपस्टीन को अपना दोस्त बताया था, जिससे सदन में विवाद पैदा हो गया।

    राहुल गांधी के बयान के तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने संसद वेल में नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को टोका और कहा कि केवल नोटिस दिए गए विषय पर ही चर्चा करें। इस दौरान विपक्ष के सांसदों ने ‘देखो-देखो कौन आया, एपस्टीन का दोस्त आया’ जैसे नारे लगाए। भारी हंगामा बढ़ते देख स्पीकर ने कार्यवाही को शाम 5 बजे तक स्थगित कर दिया।

    केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि देश में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और एलपीजी उत्पादन में 28% की वृद्धि की गई है। पुरी ने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता है कि 33 करोड़ परिवारों की रसोई में किसी तरह की कमी न हो। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और डिलीवरी चेन में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    पुरी ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से भारत को मिलने वाला क्रूड ऑयल सुरक्षित स्तर पर उपलब्ध है। संघर्ष के कारण होर्मुज से 20% आवाजाही प्रभावित हुई थी, लेकिन सरकार ने इसके लिए रणनीति तैयार की है। वर्तमान में भारत 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जबकि 2006-07 में यह संख्या केवल 27 थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अपनाई गई विविधीकरण नीति ने भारत को विकल्प दिए हैं, जो कई अन्य देशों के पास नहीं हैं।

    पेट्रोलियम मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि यह समय अफवाह फैलाने या फेक नैरेटिव बनाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, एटीएफ और फ्यूल ऑयल की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने जनता और उद्योग को भरोसा दिलाया कि भारत संकट का प्रबंधन कर रहा है और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

    लोकसभा में पुरी के बोलने के दौरान विपक्ष ने लगातार नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही बाधित हुई। स्पीकर ने दोबारा हिदायत दी कि संसद के नियमों का पालन किया जाए और केवल नोटिस किए गए मुद्दे पर ही चर्चा हो। इस हंगामे के बीच संसद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई और विपक्षी सांसदों से वेल खाली करने का आदेश दिया गया।

    कुल मिलाकर संसद में एलपीजी और ऊर्जा सुरक्षा पर हुई यह बहस दर्शाती है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पर सभी की निगाहें हैं। विपक्ष ने सरकार की तैयारी पर सवाल उठाए, जबकि केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देश की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है। एलपीजी संकट को लेकर लगातार अफवाहें फैल रही हैं, लेकिन सरकार की रणनीति और उत्पादन वृद्धि ने स्थिति नियंत्रण में रखने का काम किया है।

  • भोपाल में कमर्शियल गैस संकट: 2000 होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन में एक बार ही बुक होंगे

    भोपाल में कमर्शियल गैस संकट: 2000 होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन में एक बार ही बुक होंगे



    भोपाल। मध्य प्रदेश में ईरान-इजराइल युद्ध के असर के चलते एलपीजी सप्लाई संकट गहराने लगा है। मंगलवार को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने तीनों तेल कंपनियों, फूड अफसर और गैस एजेंसियों के साथ मीटिंग बुलाई, जिसमें कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोकने के बाद शहर के 2000 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में संकट की गंभीर स्थिति सामने आई।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार से ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी रोक दी है। इससे बड़े और छोटे होटल, रेस्टोरेंट और बार में भोजन बनाने और शादियों के आयोजन में परेशानी बढ़ गई है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स (बीसीसीआई) के अध्यक्ष गोविंद गोयल और मंत्री अजय देवनानी ने कलेक्टर से अपील की कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए, अन्यथा मार्च में होने वाली हजारों शादियों में खाना बनाने में दिक्कतें आएंगी।

    इधर, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नियमों में बदलाव किया गया है। पहले 15 दिन में बुकिंग होती थी, अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही मिलेगा। इसके अलावा, बुकिंग केवल उसी रजिस्टर्ड नंबर पर ही OTP के जरिए हो पाएगी।

    मध्यप्रदेश में कुल सवा करोड़ से ज्यादा एलपीजी उपभोक्ता हैं। राजधानी भोपाल में प्रतिदिन लगभग 15 हजार सिलेंडर सप्लाई होते हैं, वहीं इंदौर में 25 हजार, जबलपुर में 20-25 हजार और ग्वालियर में 20 हजार सिलेंडर रोजाना वितरित किए जाते हैं। छोटे जिलों में भी 2 हजार सिलेंडर प्रतिदिन सप्लाई होते हैं।

    केंद्र सरकार ने गैस की सप्लाई और जमाखोरी रोकने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू किया है और एलपीजी को चार कैटेगरी में बांटा गया है:

    पूरी सप्लाई: घरेलू रसोई गैस (PNG) और CNG।

    खाद कारखाने: फैक्ट्रियों को 70% गैस उपलब्ध।

    बड़े उद्योग: आवश्यकतानुसार लगभग 80% गैस।

    छोटे बिजनेस और होटल: पुरानी खपत के हिसाब से 80% गैस।

    सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच अहम कदम उठाए हैं: हाई-लेवल कमेटी गठन, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू, घरेलू सिलेंडर बुकिंग में बदलाव, OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य, तथा एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश।

    सप्लाई संकट के दो प्रमुख कारण हैं: पहला, फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाले 167 किलोमीटर लंबे ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना, जिससे भारत की 50% कच्चा तेल और 54% LNG सप्लाई प्रभावित हुई। दूसरा, कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया गया। भारत अपनी कुल LNG जरूरत का करीब 40% कतर से आयात करता है।

    इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर ने उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग से बचने की सलाह दी और बताया कि सरकार वैकल्पिक सप्लाई विकल्प तलाश रही है। वहीं, G7 देश और रूस-अल्जीरिया से अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।

    साथ ही सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी की है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर अब ₹913 में मिलेगा, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹1883 हो गए हैं।

    मध्यप्रदेश के होटल-रेस्टोरेंट संचालक और छोटे व्यवसायों में तनाव बढ़ गया है, क्योंकि कमर्शियल गैस की सप्लाई रोकने से खाना बनाने और व्यापार चलाने में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। सरकार की हाई-लेवल कमेटी और आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू होने के बाद ही हालात में सुधार की उम्मीद है।