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  • LPG से हवाई यात्रा तक… 1 सितंबर से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, कार खरीदना भी होगा महंगा

    LPG से हवाई यात्रा तक… 1 सितंबर से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, कार खरीदना भी होगा महंगा


    नई दिल्ली। अगस्त का महीना खत्म होने वाला है और 1 सितंबर से देश में कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इनका असर सीधे आपकी रसोई के बजट, गैस कनेक्शन, हवाई यात्रा और कार खरीदने के खर्च पर पड़ सकता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी और एटीएफ की नई कीमतें जारी करेंगी, जबकि टाटा और हुंडई की कारें महंगी होने की तैयारी में हैं। वहीं, विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया भी आसान होने वाली है।

    1. LPG सिलेंडर के दाम बदलेंगे
    हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए दाम जारी किए जा सकते हैं। अगस्त में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 202 रुपए की कटौती की गई थी, जबकि 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ था। सितंबर में होने वाला बदलाव सीधे घरेलू बजट पर असर डाल सकता है।

    2. LPG e-KYC के लिए 31 अगस्त तक मौका
    घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए e-KYC भी जरूरी है। IOCL, BPCL और HPCL ने e-KYC पूरा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाई थी। अगर तय समय सीमा में e-KYC पूरी नहीं की जाती है, तो आगे गैस सिलेंडर की सुविधा या सब्सिडी से जुड़ी दिक्कत सामने आ सकती है। इसलिए जिन उपभोक्ताओं की KYC प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उन्हें समय रहते इसे पूरा करना होगा।

    3. ATF के साथ CNG-PNG के दाम भी बदल सकते हैं
    हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में संशोधन करती हैं। सितंबर में भी नई दरें जारी होने की उम्मीद है। ATF महंगा या सस्ता होने का असर एयरलाइंस की परिचालन लागत और आगे चलकर हवाई किराए पर पड़ सकता है। इसके अलावा कुछ शहरों में CNG और PNG की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

    4. टाटा की कारें 25 हजार रुपए तक महंगी
    कार खरीदने वालों को सितंबर से झटका लग सकता है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड 1 सितंबर 2026 से अपनी कारों और SUV की कीमतों में 25,000 रुपए तक की बढ़ोतरी करने वाली है।

    कंपनी के मुताबिक, यह बढ़ोतरी पेट्रोल-डीजल यानी ICE मॉडल के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी लागू होगी। हालांकि, कीमत में बढ़ोतरी मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। टाटा के अलावा हुंडई मोटर इंडिया ने भी इस साल कारों की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

    5. विदेश जाने वालों के लिए एयरपोर्ट पर बदलेगा नियम
    विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 1 सितंबर से इमिग्रेशन प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी।

    यात्री मोबाइल पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों का समय बचने और प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

    आपकी जेब पर सीधा असर
    सितंबर की शुरुआत में होने वाले इन बदलावों में सबसे सीधा असर LPG, कार और हवाई यात्रा से जुड़ा होगा। वहीं, CNG-PNG और ATF की कीमतों में होने वाले बदलाव का असर भी आने वाले दिनों में दिखाई दे सकता है।

  • मुख्यमंत्री विजय के बड़े ऐलान से राहत की उम्मीद, मुफ्त सिलेंडर योजना के साथ महिलाओं के लिए विस्तृत बस यात्रा सुविधा

    मुख्यमंत्री विजय के बड़े ऐलान से राहत की उम्मीद, मुफ्त सिलेंडर योजना के साथ महिलाओं के लिए विस्तृत बस यात्रा सुविधा

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के गरीब परिवारों, महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार के मुताबिक इन फैसलों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने के साथ महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच आसान बनाना है। इसके तहत गरीब परिवारों को हर साल तीन मुफ्त LPG सिलेंडर देने की योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है। साथ ही महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का दायरा बढ़ाने की बात कही गई है।

    सरकार की ओर से घोषित ‘अन्नपूर्णानी सुपर सिक्स’ योजना पोंगल 2027 से शुरू होने की बात कही गई है। इस योजना के तहत ऐसे परिवारों को लाभ देने का प्रस्ताव है, जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। पात्र परिवारों को एक साल में तीन LPG सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार के अनुमान के अनुसार इस योजना से करीब 1.30 करोड़ परिवार लाभान्वित हो सकते हैं।

    इस योजना पर राज्य सरकार के खजाने से हर साल करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लाभार्थियों को पहले LPG सिलेंडर खरीदना होगा और इसके बाद सिलेंडर की कीमत सीधे उनके बैंक खाते में जमा किए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इस तरह सरकार ने योजना को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता से जोड़ने की तैयारी की है।

    मुख्यमंत्री विजय ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है। प्रस्तावित सुविधा केवल सामान्य बसों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एक्सप्रेस, एलएसएस और डीलक्स बसों में भी महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की बात कही गई है। इसके अलावा अंतर-जिला बस सेवाओं में भी महिलाओं को इस सुविधा का लाभ दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

    महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की यह सुविधा ‘वेट्री पयाना थिट्टम’ के तहत 2 अक्टूबर से शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके दायरे में ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल अधिक सुगम हो सकता है।

    इन कल्याणकारी घोषणाओं के साथ चेन्नई के प्रस्तावित नए एयरपोर्ट को लेकर भी सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना का स्थानीय लोगों की ओर से विरोध किए जाने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि सरकार ऐसे वैकल्पिक स्थानों की तलाश कर रही है, जहां एयरपोर्ट निर्माण से परिवार प्रभावित न हों।

    सरकार ने नए एयरपोर्ट के लिए कुछ वैकल्पिक स्थानों की पहचान किए जाने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार परंदूर में एयरपोर्ट बनाने के पक्ष में नहीं है। इसके साथ ही चेन्नई के मौजूदा मीनांबक्कम एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल-5 बनाने की योजना का भी ऐलान किया गया है।

    मुख्यमंत्री विजय ने किसानों के हितों को भी प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने किसानों को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर उनके हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। ऐसे में सरकार के हालिया फैसलों में एक ओर गरीब परिवारों को घरेलू ईंधन पर राहत देने का प्रयास दिखाई देता है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया गया है। इन घोषणाओं के लागू होने के बाद इनके वास्तविक लाभ और वित्तीय प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

  • भारत ने सितंबर डिलीवरी के लिए 23 डॉलर से अधिक में LNG खरीदी, यूरोप की मांग से बढ़ी बाजार चुनौती

    भारत ने सितंबर डिलीवरी के लिए 23 डॉलर से अधिक में LNG खरीदी, यूरोप की मांग से बढ़ी बाजार चुनौती

    नई दिल्ली । ईरान युद्ध के बीच वैश्विक गैस आपूर्ति व्यवस्था पर बढ़ते दबाव का असर अब भारत की LNG खरीद पर भी दिखाई देने लगा है। भारतीय कंपनियों को प्राकृतिक गैस की जरूरत पूरी करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से अपेक्षाकृत ऊंची कीमत पर LNG खरीदनी पड़ रही है। सितंबर में डिलीवरी के लिए किए गए कुछ सौदों में कीमत 23 डॉलर प्रति MMBtu से अधिक बताई गई है। यह स्तर वर्ष 2022 के बाद भारत की महंगी LNG खरीद में शामिल है।

    सरकारी गैस कंपनी GAIL India ने सितंबर में डिलीवरी के लिए LNG की एक खेप स्पॉट मार्केट से खरीदी है। इसके लिए कंपनी ने 23 डॉलर प्रति MMBtu से ज्यादा कीमत चुकाई है। गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन यानी GSPC ने भी सितंबर में मिलने वाली LNG के लिए करीब 23 डॉलर प्रति MMBtu की कीमत पर खरीदारी की है। इन सौदों से संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की उपलब्धता और कीमत दोनों ही भारत के लिए चुनौती बन रहे हैं।

    भारत में महंगी LNG खरीदने की जरूरत कई कारणों से बढ़ी है। देश की गैस और बिजली कंपनियां घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए स्पॉट मार्केट से अतिरिक्त LNG खरीद रही हैं। विशेष रूप से उर्वरक क्षेत्र में गैस की लगातार आपूर्ति बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्राकृतिक गैस उर्वरक उत्पादन की प्रमुख जरूरतों में शामिल है। ऐसे में कंपनियों को ऊंची कीमतों के बावजूद खरीदारी करनी पड़ रही है।

    भारत लंबे समय से LNG की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक समझौतों के माध्यम से पूरा करता रहा है। कतर भारत के प्रमुख LNG आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और ऊर्जा ढांचे पर असर पड़ने से समुद्री मार्गों और LNG आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली आवाजाही में बाधा की आशंका ने भी वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है।

    कतर के LNG निर्यात ढांचे पर संघर्ष से जुड़े प्रभावों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के कारण एशियाई खरीदारों को वैकल्पिक स्रोतों से गैस जुटाने की कोशिश करनी पड़ रही है। इसका असर कीमतों पर पड़ रहा है और भारत जैसे आयात पर निर्भर बाजारों के लिए खरीद लागत बढ़ रही है।

    भारत को LNG खरीद के लिए यूरोपीय खरीदारों से भी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है। यूरोप में गैस की कीमतों में तेजी आने से वहां LNG की मांग बढ़ी है। ऐसे में उपलब्ध कार्गो के लिए एशियाई और यूरोपीय खरीदारों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज होने की स्थिति बनी हुई है। इसका सीधा असर स्पॉट मार्केट की कीमतों पर पड़ सकता है।

    सरकारी ऊर्जा कंपनी BPCL ने भी इस सप्ताह स्पॉट मार्केट से LNG की एक खेप खरीदने का समझौता किया है। हालांकि इस सौदे की कीमत सार्वजनिक नहीं हुई है। लगातार महंगी LNG खरीदने की स्थिति बनी रहती है तो गैस आधारित बिजली, उर्वरक और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।

    LPG की कीमतों पर इसका असर तुरंत और सीधे पड़ना तय नहीं माना जा सकता, क्योंकि घरेलू रसोई गैस की कीमतें कई नीतिगत और बाजार संबंधी कारकों पर निर्भर करती हैं। हालांकि आयातित गैस और ऊर्जा लागत में लंबे समय तक बढ़ोतरी रहने पर पेट्रोलियम क्षेत्र की लागत संरचना पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले समय में LPG की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

    फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती वैश्विक LNG आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता है। पश्चिम एशिया में तनाव, समुद्री परिवहन की स्थिति और यूरोप की बढ़ती मांग के बीच भारत के लिए सस्ती गैस की उपलब्धता महत्वपूर्ण रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारतीय कंपनियों की खरीद लागत और ऊर्जा क्षेत्र पर उसका प्रभाव आने वाले महीनों में और स्पष्ट हो सकता है।

  • LPG e-KYC की समयसीमा आज खत्म, सरकार ने अभी नहीं बढ़ाई डेडलाइन, उपभोक्ताओं के लिए वेरिफिकेशन जरूरी

    LPG e-KYC की समयसीमा आज खत्म, सरकार ने अभी नहीं बढ़ाई डेडलाइन, उपभोक्ताओं के लिए वेरिफिकेशन जरूरी

    नई दिल्ली ।देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 23 अगस्त 2026 की तारीख महत्वपूर्ण है, क्योंकि घरेलू गैस कनेक्शन से जुड़े ई-केवाईसी की बढ़ाई गई समयसीमा आज समाप्त हो रही है। इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस के उपभोक्ताओं को आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले 16 अगस्त तक का समय दिया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 23 अगस्त किया गया था। फिलहाल इस समयसीमा को आगे बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

    ई-केवाईसी का उद्देश्य एलपीजी उपभोक्ताओं की पहचान और कनेक्शन से जुड़ी जानकारी का सत्यापन करना है। बड़ी संख्या में ग्राहक इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अपने संबंधित गैस वितरक केंद्रों का रुख कर रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना सत्यापन पूरा नहीं किया है, उनके लिए आज प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ई-केवाईसी लंबित रहने की स्थिति में उपभोक्ताओं को भविष्य में गैस कनेक्शन से जुड़ी सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सत्यापन नहीं होने पर कनेक्शन की सेवाओं, रिफिल बुकिंग या सब्सिडी से संबंधित लाभ प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि किसी भी उपभोक्ता के मामले में वास्तविक कार्रवाई संबंधित नियमों और तेल विपणन कंपनियों की प्रक्रिया के अनुसार होगी।

    ई-केवाईसी पूरा करने के लिए उपभोक्ताओं को अपने गैस कनेक्शन से जुड़े विवरण और आधार से संबंधित जानकारी तैयार रखनी चाहिए। ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होने पर संबंधित गैस कंपनी के आधिकारिक डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। जिन लोगों को ऑनलाइन सत्यापन में परेशानी हो रही है, वे अपने गैस वितरक से संपर्क कर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

    समयसीमा बढ़ाने की संभावना को लेकर फिलहाल उपभोक्ताओं के बीच सवाल बने हुए हैं। इससे पहले निर्धारित अंतिम तारीख को उपभोक्ताओं की सुविधा और तकनीकी समस्याओं से जुड़ी शिकायतों के बीच आगे बढ़ाया गया था। लेकिन 23 अगस्त के बाद नई समयसीमा घोषित की गई है या नहीं, इसे लेकर आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। इसलिए जिन ग्राहकों का ई-केवाईसी अभी बाकी है, उन्हें केवल डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद पर निर्भर रहने के बजाय उपलब्ध समय में सत्यापन पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।

    एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी और घरेलू सिलेंडर से जुड़े लाभ भी ई-केवाईसी व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। खासकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए पहचान सत्यापन महत्वपूर्ण है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संबंधित लाभों पर असर पड़ सकता है, इसलिए पात्र उपभोक्ताओं को अपनी स्थिति समय रहते जांच लेनी चाहिए।

    इस बीच 23 अगस्त को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर के दाम शहर के अनुसार अलग-अलग हैं। दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, जयपुर में 945.50 रुपये और कोलकाता में 968 रुपये बताई गई है। पटना में घरेलू सिलेंडर की कीमत 1,031.50 रुपये है, जबकि लखनऊ में यह 979.50 रुपये और हैदराबाद में 994 रुपये है।

    वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी शहर के हिसाब से अलग हैं। दिल्ली में इसकी कीमत 2,738 रुपये, मुंबई में 2,691.50 रुपये और पटना में 3,018 रुपये बताई गई है। घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की कीमतों में अंतर के साथ उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन की स्थिति और लागू नियमों की जानकारी भी रखनी चाहिए।

    ई-केवाईसी को लेकर किसी भी अंतिम निर्णय के लिए उपभोक्ताओं को संबंधित गैस कंपनी और सरकारी स्तर से जारी आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए। अगर आज तक सत्यापन नहीं हुआ है, तो जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करना भविष्य में संभावित असुविधा से बचने का सबसे सुरक्षित विकल्प है।

  • घरेलू रसोई गैस की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं, देशभर में उपभोक्ताओं को फिलहाल नहीं मिली बढ़ोतरी से राहत

    घरेलू रसोई गैस की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं, देशभर में उपभोक्ताओं को फिलहाल नहीं मिली बढ़ोतरी से राहत


    नई दिल्ली ।
    देशभर में रसोई गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 14 अगस्त को राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों ने आज घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के साथ 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी आज स्थिर रखे गए हैं। ऐसे में दिल्ली से पटना और मुंबई से हैदराबाद तक ग्राहकों को आज सिलेंडर के लिए वही कीमत चुकानी होगी जो पहले लागू थी।

    दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है। वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,738 रुपये पर बना हुआ है। मुंबई में घरेलू सिलेंडर 941.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,691.50 रुपये में उपलब्ध है। नोएडा में घरेलू LPG की कीमत 939.50 रुपये, जबकि कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,738 रुपये है।

    जयपुर में घरेलू LPG सिलेंडर के लिए 945.50 रुपये देने होंगे। यहां 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,765.50 रुपये है। हैदराबाद में घरेलू सिलेंडर का भाव 994 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,985 रुपये है। वहीं पटना में घरेलू LPG सिलेंडर 1,031.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3,018 रुपये में मिल रहा है।

    चंडीगढ़ में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 951.50 रुपये है, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,760 रुपये है। कोलकाता में घरेलू LPG सिलेंडर 968 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,872.50 रुपये में उपलब्ध है। अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर स्थानीय करों और अन्य लागतों के कारण देखने को मिलता है।

    महीने की शुरुआत में कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 192 रुपये की बड़ी कटौती की गई थी। इसके बाद 14 अगस्त को कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू LPG की कीमतों को स्थिर रखने से आम परिवारों के मासिक रसोई खर्च पर फिलहाल अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा है।

    वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच भारत LPG की आपूर्ति को लेकर भी अपनी रणनीति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए भारत अलग-अलग देशों से LPG आपूर्ति हासिल करने पर जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य किसी एक क्षेत्र या आपूर्तिकर्ता पर अत्यधिक निर्भरता कम करना है।

    अमेरिका से LPG आयात भी भारत की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस वर्ष अगस्त तक अमेरिका से भारत को करीब 3.9 मिलियन टन LPG की आपूर्ति हो चुकी है। भारत 2027 के लिए अमेरिकी LPG की दीर्घकालिक आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है।

    सरकारी तेल कंपनियां संभावित आपूर्तिकर्ताओं और उनके प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रही हैं। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और LPG की कीमतों, आयात लागत तथा वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमतों में बदलाव हो सकता है। फिलहाल 14 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में LPG सिलेंडर के दाम स्थिर हैं और उपभोक्ताओं को किसी नई बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

  • एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अहम अपडेट, तय समय सीमा से पहले e-KYC नहीं कराया तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अहम अपडेट, तय समय सीमा से पहले e-KYC नहीं कराया तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    नई दिल्ली । देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया को समय पर पूरा करना जरूरी हो गया है। गैस कनेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और प्रमाणित बनाने के उद्देश्य से उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर e-KYC कराने की सलाह दी गई है। यदि तय अवधि तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो भविष्य में गैस सिलेंडर की आपूर्ति या उससे जुड़ी कुछ सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाई आ सकती है।

    e-KYC का उद्देश्य उपभोक्ताओं की पहचान का सत्यापन करना और एलपीजी कनेक्शन से संबंधित जानकारी को अद्यतन रखना है। इससे वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित होगी और फर्जी या निष्क्रिय कनेक्शनों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में सहायता मिलेगी। साथ ही गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे 16 अगस्त की निर्धारित समय सीमा से पहले अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी कर लें। इसके लिए गैस एजेंसी, अधिकृत सेवा केंद्र या उपलब्ध डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जहां आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।

    e-KYC के दौरान आधार से जुड़ी जानकारी और बायोमेट्रिक अथवा अन्य निर्धारित पहचान प्रक्रिया के माध्यम से उपभोक्ता का सत्यापन किया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित गैस कनेक्शन का रिकॉर्ड अपडेट हो जाता है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या दस्तावेजी परेशानी की संभावना कम हो जाती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर e-KYC पूरा करने से उपभोक्ताओं को गैस वितरण, सब्सिडी से जुड़ी सेवाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहेगा। वहीं, जिन उपभोक्ताओं की जानकारी अपडेट नहीं होगी, उन्हें भविष्य में सेवा प्राप्त करने के दौरान अतिरिक्त सत्यापन या अन्य औपचारिकताओं से गुजरना पड़ सकता है।

    ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए भी यह प्रक्रिया समान रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे क्षेत्रों में संबंधित एजेंसियां लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक सहायता भी उपलब्ध करा रही हैं, ताकि कोई भी पात्र उपभोक्ता समय सीमा के कारण असुविधा का सामना न करे। वरिष्ठ नागरिकों और तकनीकी जानकारी कम रखने वाले लोगों को भी परिवार या स्थानीय सेवा केंद्र की मदद से यह प्रक्रिया जल्द पूरी करने की सलाह दी गई है।

    उपभोक्ताओं को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके मोबाइल नंबर, पता और अन्य व्यक्तिगत विवरण गैस कनेक्शन के रिकॉर्ड में सही दर्ज हों। यदि किसी जानकारी में बदलाव हुआ है, तो उसे e-KYC के दौरान अपडेट कराया जा सकता है। इससे भविष्य में गैस बुकिंग, वितरण और अन्य सेवाओं में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।

    एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि अंतिम समय तक प्रतीक्षा करने के बजाय जल्द से जल्द e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। समय सीमा के भीतर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने से गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति, रिकॉर्ड का सही रखरखाव और सभी उपलब्ध सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहेगा।

  • ईंधन खपत के नए आंकड़े जारी, पेट्रोल-डीजल और एटीएफ की बिक्री बढ़ी, एलपीजी की मांग घटी

    ईंधन खपत के नए आंकड़े जारी, पेट्रोल-डीजल और एटीएफ की बिक्री बढ़ी, एलपीजी की मांग घटी

    नई दिल्ली । जुलाई 2026 के दौरान देश में पेट्रोल और डीजल की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों के शुरुआती बिक्री आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल दोनों की खपत पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मजबूत रही। वहीं विमान ईंधन की मांग में भी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एलपीजी की बिक्री में गिरावट देखने को मिली। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि कमजोर मानसून, कृषि गतिविधियों में बदलाव और ऊर्जा उपयोग के बदलते पैटर्न ने इन आंकड़ों को प्रभावित किया है।

    जुलाई के दौरान पेट्रोल की बिक्री में लगभग 9.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। कुल बिक्री 34.5 लाख टन तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में काफी अधिक रही। हालांकि जून के मुकाबले इसमें हल्की गिरावट दर्ज हुई, लेकिन वार्षिक आधार पर मांग में मजबूती बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि निजी वाहनों की बढ़ती आवाजाही, यात्रा गतिविधियों में तेजी और शहरी क्षेत्रों में ईंधन की लगातार मांग ने पेट्रोल की बिक्री को सहारा दिया।

    डीजल की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जुलाई के दौरान इसकी खपत करीब 10.7 प्रतिशत बढ़कर 71.2 लाख टन तक पहुंच गई। डीजल देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ईंधन माना जाता है क्योंकि इसका उपयोग माल परिवहन, कृषि उपकरणों, सिंचाई पंपों और औद्योगिक गतिविधियों में बड़े पैमाने पर होता है। सामान्य से कम मानसूनी वर्षा के कारण कई क्षेत्रों में सिंचाई की आवश्यकता बढ़ी, जिससे डीजल की मांग में तेजी देखने को मिली।

    विमान ईंधन यानी एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की बिक्री में भी सकारात्मक रुझान सामने आया। जुलाई में इसकी बिक्री लगभग 2.9 प्रतिशत बढ़कर 6.59 लाख टन के स्तर पर पहुंच गई। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा में निरंतर बढ़ोतरी तथा विमान सेवाओं के संचालन में विस्तार को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है। इससे विमानन क्षेत्र में गतिविधियों के मजबूत बने रहने के संकेत भी मिलते हैं।

    इसके विपरीत, एलपीजी की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। जुलाई के दौरान इसकी खपत लगभग 17.4 प्रतिशत घटकर 23.7 लाख टन रह गई। ऊर्जा क्षेत्र के अधिकारियों का मानना है कि कुछ उपभोक्ताओं ने पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी की ओर रुख किया है, जिससे एलपीजी की मांग प्रभावित हुई है। इसके अलावा ऊर्जा उपयोग के तरीकों में बदलाव और वैकल्पिक ईंधन के बढ़ते इस्तेमाल का असर भी एलपीजी की बिक्री पर दिखाई दिया।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की मांग में आने वाले ऐसे बदलाव देश की आर्थिक गतिविधियों और उपभोक्ता व्यवहार का महत्वपूर्ण संकेत होते हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती बिक्री परिवहन, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी का संकेत देती है, जबकि एलपीजी की घटती मांग घरेलू ऊर्जा उपभोग में बदलते रुझानों की ओर इशारा करती है। आने वाले महीनों में मानसून की स्थिति, कृषि उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों के आधार पर ईंधन की मांग में और परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

    जुलाई के शुरुआती बिक्री आंकड़े यह दर्शाते हैं कि देश में पारंपरिक परिवहन ईंधनों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। वहीं घरेलू ऊर्जा क्षेत्र में वैकल्पिक विकल्पों का उपयोग धीरे-धीरे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा बाजार की यह बदलती तस्वीर भविष्य में ईंधन उपभोग के नए रुझानों को भी प्रभावित कर सकती है। सरकार और तेल विपणन कंपनियां भी मांग के इन पैटर्न पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखा जा सके।

  • मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटे, अब भोपाल में ₹2743 और इंदौर में ₹2846 में मिलेगा सिलेंडर

    मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटे, अब भोपाल में ₹2743 और इंदौर में ₹2846 में मिलेगा सिलेंडर


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। एक अगस्त से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए दाम लागू हो गए हैं। प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 190 से 194 रुपए तक की कमी की गई है। कीमतों में आई इस गिरावट से व्यापारियों की संचालन लागत कम होने की उम्मीद है और आने वाले समय में ग्राहकों को भी खाने-पीने की सेवाओं में राहत मिल सकती है।

    नई दरों के अनुसार राजधानी भोपाल में अब 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 2743 रुपए में उपलब्ध होगा। वहीं इंदौर में इसकी कीमत घटकर 2846 रुपए रह गई है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में भी नई दरें लागू कर दी गई हैं। सबसे महंगा कमर्शियल सिलेंडर रीवा में 2991.50 रुपए का मिलेगा। इसके अलावा सिंगरौली और नरसिंहपुर में इसकी कीमत 2989.50 रुपए तथा सतना में 2989 रुपए निर्धारित की गई है। दूसरी ओर शाजापुर प्रदेश का सबसे सस्ता शहर बन गया है, जहां यह सिलेंडर 2749.50 रुपए में मिलेगा।

    होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ने से उनकी लागत काफी बढ़ गई थी। गैस महंगी होने के कारण कई प्रतिष्ठानों को अपने मेन्यू की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करनी पड़ी थी। अब गैस सस्ती होने से कारोबारियों को राहत मिलेगी और यदि कीमतें स्थिर रहीं तो आने वाले समय में ग्राहकों को भी इसका फायदा मिल सकता है।

    कैटरिंग व्यवसाय पर भी गैस की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ा था। कारोबारियों के अनुसार लगभग 500 लोगों के भोजन वाले एक आयोजन की लागत में 45 से 50 हजार रुपए तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो गई थी। इसके चलते कई कैटरर्स ने प्रति प्लेट चार्ज बढ़ा दिए थे। अब कमर्शियल एलपीजी सस्ती होने के बाद आयोजन की लागत में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

    व्यापारियों का कहना है कि कुछ महीने पहले ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ा था। इसका असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दिया और कई शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3300 रुपए से अधिक तक पहुंच गई थी। जबकि इससे पहले यही सिलेंडर लगभग 1800 से 2000 रुपए के बीच उपलब्ध था। अब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में कुछ राहत मिलने के बाद कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।

    इस बीच घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए गैस कंपनियों ने महत्वपूर्ण सूचना भी जारी की है। कंपनियां उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजकर आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराने की अपील कर रही हैं। निर्धारित समय सीमा तक ई-केवाईसी पूरी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू दर पर एलपीजी सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं से समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने की अपील कर रही हैं।

    कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आई यह कमी फिलहाल होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग उद्योग के लिए राहत का संकेत मानी जा रही है। यदि आने वाले महीनों में कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं तो इसका लाभ कारोबारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।

  • ITR से लेकर LPG-तत्काल टिकट बुकिंग तक…. 1 अगस्त से बदल जाएंगे ये नियम

    ITR से लेकर LPG-तत्काल टिकट बुकिंग तक…. 1 अगस्त से बदल जाएंगे ये नियम


    नई दिल्ली।
    हर नए महीने की पहली तारीख अपने साथ कई नए बदलाव (Rules Changing ) लेकर आती है, जिनका सीधा असर देश के आम नागरिकों के घरेलू बजट और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ता है। 1 अगस्त 2026 ( 1st August 2026) से भी देश में कई महत्वपूर्ण नियम (New Rules) बदलने जा रहे हैं, जो सीधे आपकी जेब, यात्रा, टैक्स और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े हुए हैं।

    इन नए नियमों में रसोई गैस (LPG) की कीमतों से लेकर, रेलवे (Railways, Banking) की तत्काल टिकट खिड़की, क्रेडिट कार्ड के सर्विस चार्ज, आईटीआर पेनल्टी और पहचान सत्यापन की पूरी व्यवस्था शामिल है। सही जानकारी न होने पर आपको वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। आइए बेहद आसान और सरल भाषा में समझते हैं कि 1 अगस्त से देश में कौन से 5 बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।


    एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें

    तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस सिलेंडरों के दामों की समीक्षा करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए 1 अगस्त को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के नए रेट जारी किए जाएंगे। अगर कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ते हैं, तो बाहर होटलों और रेस्टोरेंट में खाना-पीना महंगा हो सकता है, जिसका सीधा असर आपके मासिक बजट पर पड़ेगा।


    तत्काल टिकट बुकिंग में टोकन से जुड़ा नया नियम

    पश्चिम मध्य रेलवे 1 अगस्त से रिजर्वेशन काउंटरों पर तत्काल टिकटों की बुकिंग के लिए नया ‘टोकन सिस्टम’ लागू कर रहा है। अब काउंटरों पर लंबी लाइन और धक्का-मुक्की रोकने के लिए टोकन बांटने का समय तत्काल बुकिंग खुलने के समय के साथ मिलाया जा रहा है। एसी तत्काल के लिए सुबह 8:30-9:00 बजे और नॉन-एसी के लिए सुबह 9:00-9:30 बजे टोकन मिलेंगे, इसके बाद ही काउंटर से तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे।


    क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग चार्ज में बड़ा बदलाव

    1 अगस्त से कुछ बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े शुल्क, रिवॉर्ड पॉइंट्स या अन्य नियमों में बदलाव कर सकते हैं। बता दें कि यह बदलाव सभी बैंकों पर लागू नहीं होगा। इसलिए अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो अपने बैंक की वेबसाइट या एप पर जाकर नए नियम और शुल्क जरूर चेक करें।


    आईटीआर (ITR) फाइलिंग पर भारी लेट फीस और पेनल्टी

    वित्तीय वर्ष के लिए बिना जुर्माने के इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। जो लोग इस समय सीमा तक अपना रिटर्न फाइल नहीं कर पाए हैं, उन्हें 1 अगस्त से बिलेटेड रिटर्न भरने पर आय के आधार पर भारी जुर्माना (पेनल्टी) देना होगा। इसलिए टैक्सपेयर्स को किसी भी अन्य कानूनी पचड़े से बचने के लिए जल्द से जल्द लेट फीस के साथ रिटर्न भरने की सलाह दी जाती है।


    सीकेवाईसी (CKYC) 2.0 की शुरुआत

    1 अगस्त से देश के बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में ग्राहक सत्यापन को सुरक्षित बनाने के लिए ‘सेंट्रल नो योर कस्टमर’ यानी सीकेवाईसी 2.0 सिस्टम लागू होने जा रहा है। इसके तहत ग्राहकों को 14 अंकों का एक यूनिक सीकेवाईसी नंबर मिलेगा। इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपको हर बैंक, बीमा कंपनी या म्यूचुअल फंड में अलग-अलग केवाईसी दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

  • 15 अगस्त तक 100 नए शहरों में पहुंचेगा 10 किलो एलपीजी सिलेंडर, छोटे परिवारों और कम खपत वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

    15 अगस्त तक 100 नए शहरों में पहुंचेगा 10 किलो एलपीजी सिलेंडर, छोटे परिवारों और कम खपत वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

    नई दिल्ली । घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के अनुसार अधिक सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने बड़ा विस्तार कार्यक्रम शुरू किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 15 अगस्त तक देश के 24 राज्यों के 100 नए शहरों में 10 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को राहत देना है, जिनकी गैस खपत अपेक्षाकृत कम होती है और जिन्हें 14.2 किलो के पारंपरिक घरेलू सिलेंडर की आवश्यकता नहीं पड़ती।

    कंपनी का मानना है कि छोटे आकार का सिलेंडर विशेष रूप से छोटे परिवारों, अकेले रहने वाले लोगों, किराए के मकानों में रहने वाले उपभोक्ताओं तथा सीमित गैस उपयोग करने वाले परिवारों के लिए अधिक उपयोगी साबित होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को अब अपनी आवश्यकता के अनुसार सिलेंडर चुनने का विकल्प मिलेगा, जिससे घरेलू खर्च और उपयोग दोनों में बेहतर संतुलन बनाया जा सकेगा। साथ ही छोटे सिलेंडर का वजन कम होने से उसे उठाने और उपयोग करने में भी आसानी होगी।

    एलपीजी वितरण नेटवर्क के विस्तार के साथ कंपनी ऊर्जा सेवाओं को अधिक उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में काम कर रही है। 100 नए शहरों में सुविधा शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है, जो अब तक केवल बड़े घरेलू सिलेंडर पर निर्भर थे। इससे उपभोक्ताओं के पास अपनी जरूरत और खपत के अनुरूप विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे सुविधा और उपयोगिता दोनों में वृद्धि होगी।

    कंपनी ने अपने परिचालन से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की हैं। जून तिमाही के दौरान कच्चे तेल की खरीद में विविधता लाने पर विशेष ध्यान दिया गया। रूस के अलावा वेनेजुएला और अंगोला जैसे देशों से भी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई गई है। कंपनी के अनुसार, स्पॉट मार्केट से खरीद का हिस्सा भी बढ़ा है, जिससे वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप खरीद रणनीति को अधिक लचीला बनाया जा सका है।

    ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से कंपनी ने पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार भी बनाए रखा है। उपलब्ध भंडार लगभग 35 दिनों की आवश्यकता पूरी करने के लिए पर्याप्त बताया गया है। इससे वैश्विक बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव या आपूर्ति संबंधी चुनौतियों की स्थिति में परिचालन को स्थिर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। कंपनी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन पर पड़ सकता है, इसलिए खरीद और भंडारण रणनीति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि 10 किलो एलपीजी सिलेंडर का विस्तार उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया व्यावहारिक कदम है। इससे ऐसे परिवारों को आर्थिक और उपयोग संबंधी सुविधा मिलेगी, जिनकी मासिक गैस खपत कम रहती है। साथ ही यह पहल घरेलू एलपीजी वितरण व्यवस्था को अधिक लचीला और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

    15 अगस्त तक विस्तार योजना पूरी होने के बाद जिन शहरों में यह सुविधा शुरू होगी, वहां के उपभोक्ताओं को पारंपरिक बड़े सिलेंडर के साथ एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा। इससे घरेलू एलपीजी सेवाओं का दायरा बढ़ने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर और अधिक सुविधाजनक चयन करने का अवसर मिलेगा।