Tag: LPG

  • 1 नवंबर से लागू हुए 18 बड़े बदलाव, LPG से लेकर पेंशन और दूध-दही तक जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

    1 नवंबर से लागू हुए 18 बड़े बदलाव, LPG से लेकर पेंशन और दूध-दही तक जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

    नई दिल्ली ।नवंबर महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए कई नए बदलाव लेकर आई है। 1 नवंबर 2026 से देश के अलग-अलग राज्यों में रोजमर्रा की जरूरतों, परिवहन, बैंकिंग, बिजली, टैक्स और सरकारी सेवाओं से जुड़े 18 महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं। इनका असर घरेलू बजट से लेकर कारोबारियों के खर्च और सरकारी पेंशन प्राप्त करने वालों की प्रक्रियाओं तक दिखाई दे सकता है। कहीं दूध-दही और CNG महंगी हुई है, तो कहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े हैं। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड, बिजली कनेक्शन और यातायात से जुड़े नियम भी बदले हैं।

    दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए 1 नवंबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP लागू किया गया है। इसके तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। कुछ श्रेणियों के ट्रकों और बसों पर भी पाबंदियां लागू हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना और वाहन जब्त होने की कार्रवाई हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में पार्किंग शुल्क बढ़ाने के साथ डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

    उत्तर प्रदेश के कई शहरों में CNG की कीमत बढ़ाई गई है। लखनऊ, आगरा, सुल्तानपुर और अयोध्या में एक रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है, जबकि उन्नाव में CNG 2.25 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है। इससे गैस से चलने वाले वाहनों का परिचालन खर्च बढ़ेगा। वहीं, कर्नाटक में दूध की कीमत आठ रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई है। इसमें सात रुपये किसानों और एक रुपया दूध यूनियनों को मिलेगा। राज्य में दही भी 14 रुपये प्रति किलो महंगा हो गया है।

    तमिलनाडु में शराब की बोतलों के दाम में 10 रुपये की वृद्धि की गई है। हालांकि, खाली बोतल सही स्थिति में वापस करने पर ग्राहकों को 10 रुपये लौटाने का प्रावधान है। दूसरी ओर, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 2,820 रुपये का हो गया है, जो पहले 2,810 रुपये था। घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत 942 रुपये पर स्थिर रखी गई है।

    बैंकिंग सेवाओं में भी नए शुल्क लागू हुए हैं। पंजाब नेशनल बैंक के Visa और RuPay क्रेडिट कार्ड पर रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने की पात्र रिक्वेस्ट के लिए 99 रुपये शुल्क लगेगा। एक बिलिंग साइकल में 50 हजार रुपये से अधिक के यूटिलिटी बिल भुगतान पर एक प्रतिशत तक शुल्क लग सकता है। SBI ने भी क्रेडिट कार्ड से संबंधित कुछ शुल्कों में बदलाव किया है।

    बिजली उपभोक्ताओं के लिए उत्तराखंड और बिहार में नए प्रावधान लागू किए गए हैं। उत्तराखंड में BPL कार्डधारकों के नए बिजली कनेक्शन का सर्विस लाइन शुल्क 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये कर दिया गया है। हालांकि, प्रीपेड मीटर इस्तेमाल करने वालों को कुछ राहत दी गई है। बिहार में 150 किलोवाट तक के सभी नए बिजली कनेक्शन के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। कनेक्शन का शुल्क फेज के अनुसार तय किया जाएगा।

    सरकारी पेंशन पाने वाले 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनर्स 1 नवंबर से अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसकी अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। निर्धारित समय में प्रमाण पत्र नहीं देने पर पेंशन भुगतान प्रभावित हो सकता है। 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया एक अक्टूबर से शुरू हो चुकी है।

    आयकर से जुड़े बदलाव के तहत असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए उन करदाताओं को ITR दाखिल करने की तारीख में राहत मिली है, जिनके खातों का ऑडिट जरूरी है। उनके लिए अंतिम तारीख बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है। यह विस्तार उन सभी करदाताओं पर लागू नहीं होगा, जिनके खातों का ऑडिट अनिवार्य नहीं है। GST के नियमों में भी बिक्री के बाद मिलने वाली छूट, क्रेडिट नोट और टैक्स रिफंड से संबंधित बदलाव किए गए हैं। इनसे कारोबारियों को कुछ परिस्थितियों में राहत मिल सकती है।

    टेलीकॉम क्षेत्र में CNAP सुविधा शुरू की जा रही है। इसके माध्यम से आने वाली कॉल के दौरान फोन की स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम दिखाई दे सकता है। हालांकि, इसकी उपलब्धता नेटवर्क और टेलीकॉम ऑपरेटर पर निर्भर करेगी। FASTag के तहत टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए सालाना पास की व्यवस्था की गई है। नगर सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए इसकी फीस 1,500 रुपये और नगर सीमा के अंदर स्थित टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपये होगी।

    उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर भी गति सीमा घटाई गई है। कार और जीप जैसे हल्के वाहनों की अधिकतम रफ्तार 100 से घटाकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। भारी वाहनों के लिए यह सीमा 80 से घटाकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। सर्दियों में कोहरे के कारण दुर्घटनाओं को कम करना इसका उद्देश्य है।

    हवाई और रेल यात्रियों के लिए भी कुछ बदलाव किए गए हैं। आठ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों के लिए Digi Yatra सुविधा का ट्रायल शुरू किया जा रहा है। शुरुआत में एयर इंडिया और इंडिगो की चुनिंदा उड़ानों में इसका लाभ मिलेगा। ताज एक्सप्रेस अब नई दिल्ली स्टेशन के बजाय हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से संचालित होगी।

    अयोध्या के राम मंदिर में भी दर्शन और पूजा का समय बदल गया है। एक नवंबर से मंदिर के पट सुबह चार बजे खुलेंगे और रात 10 बजे बंद होंगे। मंगला आरती सुबह 4:30 से 4:40 बजे तक होगी, जबकि श्रद्धालुओं के लिए दर्शन सुबह सात बजे से शुरू होंगे।

    पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी मासिक समीक्षा की प्रक्रिया जारी है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की स्थिति के आधार पर तेल कंपनियां दरों की समीक्षा करती हैं। हालांकि, एक नवंबर को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में किसी बदलाव की पुष्टि के लिए आधिकारिक घोषणा जरूरी होगी। इन सभी बदलावों के बीच लोगों को अपने भुगतान, यात्रा, पेंशन और जरूरी दस्तावेजों से जुड़े नए प्रावधानों की जानकारी रखना जरूरी है।

  • नवंबर की शुरुआत में महंगा हुआ कमर्शियल LPG सिलेंडर, दिल्ली से चेन्नई तक बढ़े नए दाम..

    नवंबर की शुरुआत में महंगा हुआ कमर्शियल LPG सिलेंडर, दिल्ली से चेन्नई तक बढ़े नए दाम..


    नई दिल्ली ।
    नवंबर महीने के पहले दिन आम लोगों और कारोबारियों से जुड़ी ईंधन की कीमतों में बदलाव किया गया है। तेल कंपनियों ने 1 नवंबर 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए रेट लागू कर दिए हैं। इस बार विभिन्न शहरों में इसकी कीमतों में अलग-अलग बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 10 रुपये महंगा होकर 2,820 रुपये का हो गया है। इससे पहले इसकी कीमत 2,810 रुपये थी। हालांकि, घरेलू रसोई गैस इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है और 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। ऐसे में इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर इन कारोबारों के संचालन खर्च पर पड़ सकता है। नवंबर की शुरुआत में हुई यह वृद्धि अलग-अलग शहरों में अलग स्तर पर दर्ज की गई है। प्रमुख महानगरों में चेन्नई में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।

    चेन्नई में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 2,983 रुपये से बढ़कर 2,994.50 रुपये हो गई है। यहां प्रति सिलेंडर 11.50 रुपये की वृद्धि की गई है। मुंबई में इसकी नई कीमत 2,764 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, अहमदाबाद में कमर्शियल सिलेंडर का दाम 2,831.50 रुपये से बढ़कर 2,842 रुपये पहुंच गया है। इन बदलावों के बाद संबंधित शहरों के व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सिलेंडर खरीदने के लिए पहले से अधिक भुगतान करना होगा।

    दूसरी ओर घरेलू रसोई गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू LPG सिलेंडर पहले की तरह 942 रुपये में उपलब्ध है। मुंबई में इसकी कीमत 941.50 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये बनी हुई है। अहमदाबाद में घरेलू गैस सिलेंडर का भाव 949 रुपये पर स्थिर रखा गया है। इस तरह कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक रसोई खर्च पर फिलहाल कीमतों में बदलाव का अतिरिक्त असर नहीं पड़ेगा।

    कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले 1 अक्टूबर 2026 को भी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दाम में 62.50 रुपये का इजाफा किया गया था। उस समय भी घरेलू रसोई गैस की कीमतों को स्थिर रखा गया था। अब नवंबर में दोबारा कीमत बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और खानपान से जुड़े दूसरे व्यवसायों के सामने ईंधन पर अधिक खर्च करने की स्थिति बन सकती है।

    LPG के साथ ही 1 नवंबर से हवाई ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। दिल्ली में ATF का भाव 137.12 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 138.50 रुपये प्रति लीटर हो गया है। यह करीब एक प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इससे पहले अक्टूबर में हवाई ईंधन की कीमतों में 13.22 प्रतिशत यानी लगभग 16 रुपये प्रति लीटर का बड़ा इजाफा हुआ था। नवंबर में हुई वृद्धि के साथ ATF लगातार चौथे महीने महंगा हुआ है।

    हवाई ईंधन एयरलाइंस कंपनियों के संचालन खर्च का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। कुल ऑपरेटिंग लागत में इसकी हिस्सेदारी लगभग 35 से 40 प्रतिशत बताई जाती है। ऐसे में ATF की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से विमानन कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है। इसका असर भविष्य में हवाई टिकटों की कीमतों पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल नवंबर की शुरुआत में कमर्शियल गैस और हवाई ईंधन महंगे हुए हैं, जबकि घरेलू रसोई गैस के उपभोक्ताओं को कीमतों में बदलाव से राहत मिली हुई है।

  • एक ही मकान में मकान मालिक और किरायेदार ले सकते हैं अलग-अलग LPG कनेक्शन, जानें क्या हैं जरूरी शर्तें

    एक ही मकान में मकान मालिक और किरायेदार ले सकते हैं अलग-अलग LPG कनेक्शन, जानें क्या हैं जरूरी शर्तें

    नई दिल्ली ।किराए के मकान में रहने वाले लोगों के सामने अक्सर रसोई गैस कनेक्शन को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है। खासकर तब, जब मकान मालिक के नाम पर पहले से घरेलू LPG कनेक्शन मौजूद हो। ऐसे में किरायेदार के मन में सवाल उठता है कि क्या वह उसी मकान के पते पर अपने नाम से अलग गैस कनेक्शन ले सकता है? इसका जवाब हां है। निर्धारित शर्तें पूरी होने पर एक ही पते पर मकान मालिक और किरायेदार दोनों के नाम से अलग-अलग घरेलू गैस कनेक्शन हो सकते हैं।

    घरेलू LPG कनेक्शन के नियमों के अनुसार, एक परिवार के लिए सामान्य रूप से एक ही घरेलू गैस कनेक्शन की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य एक ही परिवार के सदस्यों द्वारा अलग-अलग नामों से एक से अधिक घरेलू कनेक्शन लेने पर रोक लगाना है। हालांकि, एक ही मकान में रहने वाले दो अलग-अलग परिवार अपनी अलग रसोई होने पर अलग-अलग कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    इस नियम के तहत मकान मालिक और किरायेदार को अलग परिवार के रूप में रहना जरूरी है। साथ ही दोनों की रसोई भी अलग-अलग होनी चाहिए। केवल मकान के अलग-अलग हिस्सों में रहने या अलग कमरे इस्तेमाल करने से दूसरा गैस कनेक्शन लेने की पात्रता नहीं बनती। परिवार और रसोई की अलग व्यवस्था इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    उदाहरण के तौर पर, यदि मकान मालिक अपने परिवार के साथ पहली मंजिल पर रहता है और किरायेदार दूसरी मंजिल पर रहता है, तो केवल मंजिल अलग होने से किरायेदार को दूसरा LPG कनेक्शन नहीं मिल सकता। यदि दोनों परिवार एक ही रसोई में खाना बनाते हैं और साझा व्यवस्था का इस्तेमाल करते हैं, तो अलग-अलग कनेक्शन लेने की अनुमति नहीं होगी।

    इसके विपरीत, यदि मकान मालिक और किरायेदार के परिवार अलग हैं और दोनों के पास खाना बनाने के लिए अपनी स्वतंत्र रसोई है, तो वे एक ही मकान के पते पर अलग-अलग घरेलू गैस कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन करने के बाद संबंधित गैस कंपनी और वितरक की ओर से दस्तावेजों तथा पात्रता की जांच की जाएगी। अंतिम मंजूरी इसी प्रक्रिया के आधार पर मिलेगी।

    नया गैस कनेक्शन लेने के लिए किरायेदार को अपनी पहचान और निवास से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने पड़ सकते हैं। इसमें आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र, किराए का समझौता और बिजली बिल जैसे पते के प्रमाण शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा गैस एजेंसी की ओर से निर्धारित KYC प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।

    कुछ मामलों में एजेंसी अलग परिवार और स्वतंत्र रसोई होने से संबंधित जानकारी या अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित LPG वितरक से आवश्यक कागजात और प्रक्रिया की जानकारी लेना उचित रहेगा। इससे आवेदन के दौरान दस्तावेजों की कमी या पात्रता को लेकर होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।

    वहीं, यदि मकान मालिक और किरायेदार वास्तव में एक ही परिवार का हिस्सा हैं और एक ही रसोई का इस्तेमाल करते हैं, तो अलग-अलग घरेलू कनेक्शन लेने का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। ऐसी स्थिति में डबल बॉटल कनेक्शन यानी DBC की सुविधा ली जा सकती है।

    DBC में एक ही घरेलू गैस कनेक्शन के तहत दो सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते हैं। इसमें एक सिलेंडर खत्म होने पर दूसरे सिलेंडर का उपयोग किया जा सकता है। इससे गैस की आपूर्ति बनाए रखने में सुविधा मिलती है। हालांकि, इसे दो अलग-अलग घरेलू गैस कनेक्शन नहीं माना जाता।

    इसलिए किराए के मकान में रहने वाले लोगों को नया LPG कनेक्शन लेने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका परिवार और रसोई मकान मालिक से अलग हैं। निर्धारित दस्तावेजों और जांच प्रक्रिया के बाद ही एक ही पते पर अलग कनेक्शन की मंजूरी मिल सकती है।

  • LPG से लेकर GST तक…. होने वाले हैं बड़े बदलाव….एक नवंबर से लागू होंगे नए नियम

    LPG से लेकर GST तक…. होने वाले हैं बड़े बदलाव….एक नवंबर से लागू होंगे नए नियम


    नई दिल्ली।
    अक्टूबर (October) का महीना खत्म होने वाला है और नवंबर की शुरुआत देश में कई बड़े बदलावों (Rule Change From 1st November) के साथ होने जा रही है. इन चेंज का असर हर घर हर जेब पर देखने को मिलेगा. दरअसल, ऐसा इसलिए क्योंकि नए महीने के पहले दिन से लागू होने जा रहे ये बदलाव घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) से लेकर जीएसटी (GST) ही नहीं, बल्कि हाइवे पर सफर से लेकर शराब खरीदने के लिए पेमेंट तक से जुड़े हुए हैं. आइए ऐसे ही पांच बड़े बदलावों के बारे में जानते हैं।


    पहला बदलाव: LPG सिलेंडर के बदलेंगे दाम

    हर महीने की तरह नवंबर महीने के पहले दिन भी देश के लोगों की नजर एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में होने वाले बदलाव पर रहेगी. इससे पहले 1 अक्तूबर 2026 को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने LPG Cylinder Price Change किए थे और इसके तहत 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 62.50 रुपये तक इजाफा किया था. हालांकि, 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम यथावत हैं. ऐसे में 1 नवंबर को भी दाम में बदलाव देखने को मिल सकता है. न सिर्फ LPG, बल्कि हवाई ईंधन यानी ATF के रेट भी बदल सकते हैं।


    दूसरा बदलाव: GST से जुड़ा नियम

    1 नवंबर से जो दूसरा बड़ा बदलाव देश में लागू होने जा रहा है, वो GST से जुड़ा हुआ है. GST Rule Change की बात करें, तो इससे कारोबारियों और छोटे व्यापारियों को राहत मिल सकती है. जीएसटी प्रोसेस को सरल बनाने के लिए ये रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स रिफंड में होने वाली देरी कम करने और कारोबारियों पर डॉक्युमेंटेशन का भार घटाने की तैयारी सरकार ने की है. बदलावों के तहत कुछ मामलों में रिफंड ऑटोमैटिक अप्रूवल की व्यवस्था की जाएगा. इसके अलावा सालाना 5 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए नई रिटर्न व्यवस्था की जाएगी, जो ग्राहकों को सीधे सामान या सर्विसेस देते हैं।


    तीसरा बदलाव: शराब पेमेंट का बदलेगा नियम

    नवंबर की शुरुआत के साथ लागू होने वाला तीसरा बदलाव शराब के शौकीनों से जुड़ा हुआ है. दरअसल, 1 नवंबर से तमिलनाडु में शराब पेमेंट का नियम बदलने (Liquor Payment Rule Change) जा रहा है. तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) ने बड़ा फैसला लेते हुए अब 1000 रुपये से महंगी शराब की बोतल की रिटेल बिक्री के लिए डिजिटल पेमेंट को अनिवार्य कर दिया है. यानी आप शराब खरीदने दुकान पर जाते हैं और एक हजार रुपये से ज्यादा की शराब लेते हैं, तो फिर कैश नहीं लिया जाएगा।


    चौथा बदलाव: इस हाइवे पर सफर का नियम

    अगर आप मुंबई से पुणे का सफर करते हैं, तो फिर अगला बदलाव आपने लिए है. दरअसल, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक पर अब सभी वाहन नहीं चल पाएंगे. महाराष्ट्र हाईवे पुलिस ने इस रास्ते पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर स्थायी रोक का फैसला किया है और ये New Highway Rule 1 नवंबर से लागू हो रहा है. तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर लिए गए इस फैसले के तहत इस प्रतिबंध के दायरे में छोटे कमर्शियल वाहन, पिकअप वैन और टाटा ऐस जैसे वाहन भी आएंगे. हालांकि, प्राइवेट कार और पैसेंजर बसों को इस रास्ते से चलने की अनुमति होगी।


    पांचवां बदलाव: मोबाइल यूजर्स के लिए रूल चेंज

    पांचवां बदलाव मोबाइल यूजर्स से जुड़ा हुआ है. केंद्र सरकार के आदेश के बाद अब 1 नवंबर से नया नियम लागू होने जा रहा है. दूरसंचार विभाग (DoT) की तरफ से जारी ऑर्डर पर नजर डालें, तो सभी मोबाइल यूजर्स को कॉलर का नाम दिखाना जरूरी होगा. दरअसल, कई बार अनजान नंबर से आने वाले कॉलर का नाम पता करने के लिए बहुत से लोग ट्रू कॉलर जैसे मोबाइल ऐप करते थे. ऐसे में DoT ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को दिशा-निर्देश दिए हैं कि कॉलिंग नेम प्रजेंटेशन (CNAP) को 1 नवंबर 2026 से लागू करें।

  • पाकिस्तान में LPG संकट गहराया, 12 किलो सिलेंडर की कीमत 8200 रुपये तक पहुंची..

    पाकिस्तान में LPG संकट गहराया, 12 किलो सिलेंडर की कीमत 8200 रुपये तक पहुंची..


    नई दिल्ली ।
    पाकिस्तान में महंगाई के बीच रसोई गैस की कमी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। देश के कई हिस्सों में घरेलू इस्तेमाल वाले LPG सिलेंडरों की कीमतों में तेजी से उछाल आया है। करीब 12 किलो गैस वाला सिलेंडर, जो कुछ दिन पहले लगभग 4,500 पाकिस्तानी रुपये में मिल रहा था, अब 7,000 रुपये से अधिक कीमत पर बिक रहा है। कुछ क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को इसके लिए 8,200 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। गैस की बढ़ती कीमतों और सीमित उपलब्धता ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है।

    इस संकट की प्रमुख वजह ईरान से होने वाली LPG आपूर्ति का बाधित होना है। पाकिस्तान और ईरान के बीच स्थित दो प्रमुख सीमा चौकियां 17 अक्टूबर से बंद हैं। सीमा बंद होने के कारणों को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग दावे हैं। पाकिस्तान सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अवैध तस्करी रोकने को इसकी वजह बताया है, जबकि ईरान ने इसे तकनीकी समस्या से जुड़ा मामला कहा है।

    पाकिस्तान अपनी LPG जरूरत का लगभग आधा हिस्सा ईरान से प्राप्त करता है। ऐसे में सीमा पर आवाजाही बंद होने से गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। घरेलू उत्पादन सीमित होने के कारण बाजार में मांग और उपलब्धता के बीच अंतर बढ़ गया है। इसका असर सीधे सिलेंडरों की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

    पाकिस्तान की LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश अपनी कुल आवश्यकता का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से खरीदता है। ईरान के अलावा ओमान और इराक भी गैस आपूर्ति के प्रमुख स्रोत हैं। इन देशों से आने वाली खेप प्रभावित होने से संकट और गंभीर हो गया है।

    पाकिस्तान में प्रतिदिन लगभग 6,500 से 7,000 टन LPG की खपत होती है। इसके मुकाबले घरेलू उत्पादन करीब 2,000 से 2,500 टन प्रतिदिन है। शेष जरूरत पूरी करने के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक के अनुसार, खपत और उत्पादन के बीच का यह अंतर देश को बाहरी आपूर्ति में आने वाली बाधाओं के प्रति संवेदनशील बनाता है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़े तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों ने समुद्री परिवहन को भी प्रभावित किया है। इसके कारण इराक और ओमान से आने वाली गैस की आपूर्ति बाधित होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह पाकिस्तान को एक साथ सीमा पार आपूर्ति और समुद्री मार्गों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

    गैस की कमी के बीच कालाबाजारी की समस्या भी सामने आई है। पाकिस्तान के तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण ने 11.8 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर की आधिकारिक कीमत 3,296 पाकिस्तानी रुपये निर्धारित की है। इसके बावजूद कई बाजारों में सिलेंडर इससे दोगुने से भी अधिक दाम पर बेचे जा रहे हैं। आधिकारिक दर और बाजार में वसूली जा रही कीमत के बीच बड़ा अंतर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा रहा है।

    कीमतों की स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में और गंभीर है। बलूचिस्तान में 12 किलो का सिलेंडर लगभग 7,000 रुपये में मिल रहा है, जबकि लाहौर में इसकी कीमत 7,500 रुपये तक बताई गई है। दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्र स्कर्दू में उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए 8,200 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।

    आपूर्ति सामान्य होने में देरी से घरेलू उपभोक्ताओं के सामने परेशानी बनी रह सकती है। फिलहाल सीमा चौकियों के बंद रहने, समुद्री मार्गों पर तनाव और आयात पर निर्भरता के कारण पाकिस्तान के LPG बाजार पर दबाव है। गैस की उपलब्धता में सुधार और कीमतों में स्थिरता इस बात पर निर्भर करेगी कि बाधित आपूर्ति कितनी जल्दी बहाल होती है।

  • फेस्टिव सीजन में नहीं होगी LPG की किल्लत …. मोदी सरकार ने Plan-B पर शुरू किया काम

    फेस्टिव सीजन में नहीं होगी LPG की किल्लत …. मोदी सरकार ने Plan-B पर शुरू किया काम


    नई दिल्ली।
    अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच अभी भी सबकुछ ठीक नहीं हो पाया है, मिडिल ईस्ट टेंशन (Middle East Tensions) के बीच होर्मुज (Hormuz) ही नहीं, बाब-अल-मंदेब समेत अन्य समुद्री रूट्स में बाधाएं जारी हैं. भारत (India) के लिए ये सब इसलिए खास है, क्योंकि देश में फेस्टिव सीजन (Festive season) शुरू होने वाला है. यानी LPG की खपत बढ़ना तय है, लेकिन इस तेज त्योहारी मांग को पूरा करने में खाड़ी देशों से सप्लाई में रुकावट का बुरा असर पड़ सकता है. ऐसे में अभी से सरकार ने अपने प्लान-बी (Modi Govt Plan-B) पर काम करना शुरू कर दिया है, ताकि आम जनता को त्योहारों पर एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से न जूझना पड़े. इसके लिए सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियां एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं.


    घरेलू मांग पूरा करने के लिए तैयारी

    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी मौसम में एलपीजी की घरेलू मांग बढ़ने के कारण सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियां लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) का उत्पादन बढ़ाने लगी हैं. इसके पीछे वजह ये है कि वेस्ट एशिया टेंशन के बीच फारस की खाड़ी से एलपीजी आपूर्ति में व्यवधान जारी है, जिससे देश की कुकिंग गैस सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा हो रहा है. सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के चलते त्योहारों से पहले ही उत्पादन में इजाफा किया जाने लगा है।


    20% बढ़ा देश में LPG का उत्पादन

    त्योहारी सीजन और सप्लाई में रुकावट के बीच सरकार का प्लान काम करता नजर आने लगा है. सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियों का घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़कर लगभग 44,000 टन प्रतिदिन हो गया है, जो बीते अगस्त महीने के औसत उत्पादन से लगभग 20% ज्यादा है. LPG Production में घरेलू स्तर पर ये बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जबकि भारत नवंबर में दिवाली तक चलने वाली उच्च खपत की अवधि के लिए तैयार हो रहा है, जबकि सर्दियों की मांग से इसे और बढ़ावा मिल सकता है।


    सरकार लगातार उठा रही कदम

    भले ही अमेरिका और ईरान के बीच हमलों का सिलसिला थमा हुआ है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों के बीच तनातनी बिल्कुल खत्म नहीं है. ऐसे में लंबे समय से बाधित तेल-गैस आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण इस समुद्री रूट की वजह से भारत में एलपीजी शॉर्टेज (LPG Shortage In India) को पूरा करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. इसे लेकर अब केंद्र ने राज्यों और प्रमुख उद्योगों के लिए एलपीजी आवंटन तय कर दिया है।

    बता दें कि घरेलू रिफाइनरियों ने युद्ध के दौरान के अपने हाई एलपीजी प्रोडक्शन को कम कर दिया था, क्योंकि गर्मियों के दौरान अमेरिका और अफ्रीका से वैकल्पिक आपूर्ति होने लगी थी. लेकिन त्योहारों के लिए ये काफी नहीं है, ऐसे में घरेलू एलपीजी उत्पादन में फिर से बढ़ोतरी शुरू की गई है. इसके साथ ही सरकार ने मार्च में LPG Supply Crisis के दौरान लागू न्यूनतम रिफिल वेटिंग टाइम को 45 दिनों से घटाकर अब 25 दिन कर दिया है।


    भारत दूसरा बड़ा LPG आयातक

    भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है और ऐतिहासिक रूप से फारस की खाड़ी से आपूर्ति पर बहुत अधिक निर्भर रहा है. इस निर्भरता के कारण देश में इस क्षेत्र में जारी संघर्ष और व्यापारिक उथल-पुथल से पैदा होने वाली रुकावटों का बड़ा असर देखने को मिलता है।

    फिलहाल देश में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों (LPG Cylinder Price) की बात करें, तो दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और कोलकाता में 968 रुपये है. बात नोएडा की करें, तो यहां पर घरेलू एलपीजी सिलेंडर 939.50 रुपये पर मिल रहा है, जबकि हैदराबाद में इसका दाम सबसे अधिक 994 रुपये है. वहीं कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर यानी 19 किलोग्राम के LPG Cylinder का रेट देखें, तो दिल्ली 2,747.50 रुपये, जबकि मुंबई में ये 2,701 रुपये का है।

  • Gas Cylinder Booking: एलपीजी आपूर्ति सुधरने पर ग्रामीण ग्राहकों को राहत, शहरी उपभोक्ताओं के बराबर हुआ बुकिंग अंतराल

    Gas Cylinder Booking: एलपीजी आपूर्ति सुधरने पर ग्रामीण ग्राहकों को राहत, शहरी उपभोक्ताओं के बराबर हुआ बुकिंग अंतराल


    नई दिल्ली ।केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए निर्धारित न्यूनतम अंतराल को घटाकर 25 दिन कर दिया है। नए नियम के बाद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के घरेलू एलपीजी उपभोक्ता समान समय अंतराल पर अगला रिफिल बुक करा सकेंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

    केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने एलपीजी आपूर्ति की स्थिति में सुधार और लंबित रिफिल बुकिंग में कमी आने के बाद प्रतिबंधों में ढील दिए जाने की जानकारी दी। सरकार के अनुसार, मौजूदा आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होने के कारण ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए पहले निर्धारित 45 दिन की अवधि को कम किया गया है।

    इससे पहले ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव के दौरान ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग रिफिल बुकिंग व्यवस्था लागू थी। शहरी क्षेत्रों में घरेलू एलपीजी ग्राहक 25 दिन के अंतराल पर रिफिल बुक कर सकते थे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का अंतराल निर्धारित किया गया था। अब यह अंतर समाप्त कर दिया गया है।

    सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी स्थिति में पहले की तुलना में सुधार हुआ है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में व्यवधान के बीच घरेलू मांग पूरी करने और उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने कई स्तरों पर निगरानी और नियंत्रणात्मक उपाय किए थे।

    अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग तथा आपूर्ति संबंधी व्यवधान के दौरान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ा था। इसका असर एलपीजी की उपलब्धता पर भी पड़ा था। संभावित कमी को देखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरत को प्राथमिकता देने के लिए सरकार ने रिफिल बुकिंग और आपूर्ति से जुड़े कुछ प्रतिबंध लागू किए थे।

    अब आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आने के बाद ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी शहरी ग्राहकों के समान 25 दिन के अंतराल पर सिलेंडर बुक करने की अनुमति मिल गई है। इससे विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों को सुविधा मिलने की उम्मीद है जिनकी घरेलू एलपीजी खपत अपेक्षाकृत अधिक है और जिन्हें पहले अगली बुकिंग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।

    पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल विपणन कंपनियों को संशोधित व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग प्रक्रिया को सामान्य करना और एलपीजी की बेहतर उपलब्धता का लाभ सीधे घरेलू ग्राहकों तक पहुंचाना है।

    सरकार ने इससे पहले वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति पर लगाए गए प्रतिबंधों में भी चरणबद्ध तरीके से राहत दी थी। जून में गैर-घरेलू पैक्ड एलपीजी की आपूर्ति को संघर्ष-पूर्व स्तरों के अनुरूप सामान्य करने के निर्देश दिए गए थे। इससे उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपनी जरूरत के अनुसार गैस उपलब्ध कराने की दिशा में राहत मिली।

    ऊर्जा संकट के दौरान व्यावसायिक गतिविधियों पर असर कम करने के लिए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को संकट से पहले की खपत के 50 प्रतिशत तक बहाल करने की अनुमति भी दी गई थी। बाद में आपूर्ति की स्थिति में सुधार के साथ प्रतिबंधों में और ढील दी गई।

    होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए घरेलू एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के उपाय किए थे। अब ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन की रिफिल बुकिंग व्यवस्था लागू होने से देशभर में घरेलू एलपीजी ग्राहकों के लिए नियम अधिक समान हो गया है।

  • LPG से हवाई यात्रा तक… 1 सितंबर से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, कार खरीदना भी होगा महंगा

    LPG से हवाई यात्रा तक… 1 सितंबर से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम, कार खरीदना भी होगा महंगा


    नई दिल्ली। अगस्त का महीना खत्म होने वाला है और 1 सितंबर से देश में कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इनका असर सीधे आपकी रसोई के बजट, गैस कनेक्शन, हवाई यात्रा और कार खरीदने के खर्च पर पड़ सकता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी और एटीएफ की नई कीमतें जारी करेंगी, जबकि टाटा और हुंडई की कारें महंगी होने की तैयारी में हैं। वहीं, विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया भी आसान होने वाली है।

    1. LPG सिलेंडर के दाम बदलेंगे
    हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए दाम जारी किए जा सकते हैं। अगस्त में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 202 रुपए की कटौती की गई थी, जबकि 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ था। सितंबर में होने वाला बदलाव सीधे घरेलू बजट पर असर डाल सकता है।

    2. LPG e-KYC के लिए 31 अगस्त तक मौका
    घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए e-KYC भी जरूरी है। IOCL, BPCL और HPCL ने e-KYC पूरा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाई थी। अगर तय समय सीमा में e-KYC पूरी नहीं की जाती है, तो आगे गैस सिलेंडर की सुविधा या सब्सिडी से जुड़ी दिक्कत सामने आ सकती है। इसलिए जिन उपभोक्ताओं की KYC प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उन्हें समय रहते इसे पूरा करना होगा।

    3. ATF के साथ CNG-PNG के दाम भी बदल सकते हैं
    हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में संशोधन करती हैं। सितंबर में भी नई दरें जारी होने की उम्मीद है। ATF महंगा या सस्ता होने का असर एयरलाइंस की परिचालन लागत और आगे चलकर हवाई किराए पर पड़ सकता है। इसके अलावा कुछ शहरों में CNG और PNG की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

    4. टाटा की कारें 25 हजार रुपए तक महंगी
    कार खरीदने वालों को सितंबर से झटका लग सकता है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड 1 सितंबर 2026 से अपनी कारों और SUV की कीमतों में 25,000 रुपए तक की बढ़ोतरी करने वाली है।

    कंपनी के मुताबिक, यह बढ़ोतरी पेट्रोल-डीजल यानी ICE मॉडल के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी लागू होगी। हालांकि, कीमत में बढ़ोतरी मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। टाटा के अलावा हुंडई मोटर इंडिया ने भी इस साल कारों की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

    5. विदेश जाने वालों के लिए एयरपोर्ट पर बदलेगा नियम
    विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 1 सितंबर से इमिग्रेशन प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी।

    यात्री मोबाइल पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों का समय बचने और प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

    आपकी जेब पर सीधा असर
    सितंबर की शुरुआत में होने वाले इन बदलावों में सबसे सीधा असर LPG, कार और हवाई यात्रा से जुड़ा होगा। वहीं, CNG-PNG और ATF की कीमतों में होने वाले बदलाव का असर भी आने वाले दिनों में दिखाई दे सकता है।

  • मुख्यमंत्री विजय के बड़े ऐलान से राहत की उम्मीद, मुफ्त सिलेंडर योजना के साथ महिलाओं के लिए विस्तृत बस यात्रा सुविधा

    मुख्यमंत्री विजय के बड़े ऐलान से राहत की उम्मीद, मुफ्त सिलेंडर योजना के साथ महिलाओं के लिए विस्तृत बस यात्रा सुविधा

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के गरीब परिवारों, महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार के मुताबिक इन फैसलों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने के साथ महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच आसान बनाना है। इसके तहत गरीब परिवारों को हर साल तीन मुफ्त LPG सिलेंडर देने की योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है। साथ ही महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का दायरा बढ़ाने की बात कही गई है।

    सरकार की ओर से घोषित ‘अन्नपूर्णानी सुपर सिक्स’ योजना पोंगल 2027 से शुरू होने की बात कही गई है। इस योजना के तहत ऐसे परिवारों को लाभ देने का प्रस्ताव है, जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। पात्र परिवारों को एक साल में तीन LPG सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार के अनुमान के अनुसार इस योजना से करीब 1.30 करोड़ परिवार लाभान्वित हो सकते हैं।

    इस योजना पर राज्य सरकार के खजाने से हर साल करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लाभार्थियों को पहले LPG सिलेंडर खरीदना होगा और इसके बाद सिलेंडर की कीमत सीधे उनके बैंक खाते में जमा किए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इस तरह सरकार ने योजना को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता से जोड़ने की तैयारी की है।

    मुख्यमंत्री विजय ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है। प्रस्तावित सुविधा केवल सामान्य बसों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एक्सप्रेस, एलएसएस और डीलक्स बसों में भी महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की बात कही गई है। इसके अलावा अंतर-जिला बस सेवाओं में भी महिलाओं को इस सुविधा का लाभ दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

    महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की यह सुविधा ‘वेट्री पयाना थिट्टम’ के तहत 2 अक्टूबर से शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके दायरे में ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल अधिक सुगम हो सकता है।

    इन कल्याणकारी घोषणाओं के साथ चेन्नई के प्रस्तावित नए एयरपोर्ट को लेकर भी सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना का स्थानीय लोगों की ओर से विरोध किए जाने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि सरकार ऐसे वैकल्पिक स्थानों की तलाश कर रही है, जहां एयरपोर्ट निर्माण से परिवार प्रभावित न हों।

    सरकार ने नए एयरपोर्ट के लिए कुछ वैकल्पिक स्थानों की पहचान किए जाने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार परंदूर में एयरपोर्ट बनाने के पक्ष में नहीं है। इसके साथ ही चेन्नई के मौजूदा मीनांबक्कम एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल-5 बनाने की योजना का भी ऐलान किया गया है।

    मुख्यमंत्री विजय ने किसानों के हितों को भी प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने किसानों को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर उनके हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। ऐसे में सरकार के हालिया फैसलों में एक ओर गरीब परिवारों को घरेलू ईंधन पर राहत देने का प्रयास दिखाई देता है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया गया है। इन घोषणाओं के लागू होने के बाद इनके वास्तविक लाभ और वित्तीय प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

  • भारत ने सितंबर डिलीवरी के लिए 23 डॉलर से अधिक में LNG खरीदी, यूरोप की मांग से बढ़ी बाजार चुनौती

    भारत ने सितंबर डिलीवरी के लिए 23 डॉलर से अधिक में LNG खरीदी, यूरोप की मांग से बढ़ी बाजार चुनौती

    नई दिल्ली । ईरान युद्ध के बीच वैश्विक गैस आपूर्ति व्यवस्था पर बढ़ते दबाव का असर अब भारत की LNG खरीद पर भी दिखाई देने लगा है। भारतीय कंपनियों को प्राकृतिक गैस की जरूरत पूरी करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से अपेक्षाकृत ऊंची कीमत पर LNG खरीदनी पड़ रही है। सितंबर में डिलीवरी के लिए किए गए कुछ सौदों में कीमत 23 डॉलर प्रति MMBtu से अधिक बताई गई है। यह स्तर वर्ष 2022 के बाद भारत की महंगी LNG खरीद में शामिल है।

    सरकारी गैस कंपनी GAIL India ने सितंबर में डिलीवरी के लिए LNG की एक खेप स्पॉट मार्केट से खरीदी है। इसके लिए कंपनी ने 23 डॉलर प्रति MMBtu से ज्यादा कीमत चुकाई है। गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन यानी GSPC ने भी सितंबर में मिलने वाली LNG के लिए करीब 23 डॉलर प्रति MMBtu की कीमत पर खरीदारी की है। इन सौदों से संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की उपलब्धता और कीमत दोनों ही भारत के लिए चुनौती बन रहे हैं।

    भारत में महंगी LNG खरीदने की जरूरत कई कारणों से बढ़ी है। देश की गैस और बिजली कंपनियां घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए स्पॉट मार्केट से अतिरिक्त LNG खरीद रही हैं। विशेष रूप से उर्वरक क्षेत्र में गैस की लगातार आपूर्ति बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्राकृतिक गैस उर्वरक उत्पादन की प्रमुख जरूरतों में शामिल है। ऐसे में कंपनियों को ऊंची कीमतों के बावजूद खरीदारी करनी पड़ रही है।

    भारत लंबे समय से LNG की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक समझौतों के माध्यम से पूरा करता रहा है। कतर भारत के प्रमुख LNG आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और ऊर्जा ढांचे पर असर पड़ने से समुद्री मार्गों और LNG आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली आवाजाही में बाधा की आशंका ने भी वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है।

    कतर के LNG निर्यात ढांचे पर संघर्ष से जुड़े प्रभावों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के कारण एशियाई खरीदारों को वैकल्पिक स्रोतों से गैस जुटाने की कोशिश करनी पड़ रही है। इसका असर कीमतों पर पड़ रहा है और भारत जैसे आयात पर निर्भर बाजारों के लिए खरीद लागत बढ़ रही है।

    भारत को LNG खरीद के लिए यूरोपीय खरीदारों से भी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है। यूरोप में गैस की कीमतों में तेजी आने से वहां LNG की मांग बढ़ी है। ऐसे में उपलब्ध कार्गो के लिए एशियाई और यूरोपीय खरीदारों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज होने की स्थिति बनी हुई है। इसका सीधा असर स्पॉट मार्केट की कीमतों पर पड़ सकता है।

    सरकारी ऊर्जा कंपनी BPCL ने भी इस सप्ताह स्पॉट मार्केट से LNG की एक खेप खरीदने का समझौता किया है। हालांकि इस सौदे की कीमत सार्वजनिक नहीं हुई है। लगातार महंगी LNG खरीदने की स्थिति बनी रहती है तो गैस आधारित बिजली, उर्वरक और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।

    LPG की कीमतों पर इसका असर तुरंत और सीधे पड़ना तय नहीं माना जा सकता, क्योंकि घरेलू रसोई गैस की कीमतें कई नीतिगत और बाजार संबंधी कारकों पर निर्भर करती हैं। हालांकि आयातित गैस और ऊर्जा लागत में लंबे समय तक बढ़ोतरी रहने पर पेट्रोलियम क्षेत्र की लागत संरचना पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले समय में LPG की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

    फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती वैश्विक LNG आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता है। पश्चिम एशिया में तनाव, समुद्री परिवहन की स्थिति और यूरोप की बढ़ती मांग के बीच भारत के लिए सस्ती गैस की उपलब्धता महत्वपूर्ण रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारतीय कंपनियों की खरीद लागत और ऊर्जा क्षेत्र पर उसका प्रभाव आने वाले महीनों में और स्पष्ट हो सकता है।