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  • पेट्रोल पंपों से मिलेगा केरोसिन, सरकार ने बनाया 2 महीने का बैकअप प्लान

    पेट्रोल पंपों से मिलेगा केरोसिन, सरकार ने बनाया 2 महीने का बैकअप प्लान


    नई दिल्ली!
     जैसे-जैसे मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है, केंद्र सरकार ने देश में खाना पकाने के फ्यूल की उपलब्धता पर दबाव कम करने के लिए एक अस्थायी तरीका निकाल लिया है. सोमवार को घोषित 60-दिन की आपातकालीन योजना के तहत, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को घर के जरूरी कामों, जैसे खाना पकाने और रोशनी के लिए, अतिरिक्त केरोसिन दिया जाएगा. इस फैसले से यह भी संकेत मिलता है कि 21 ऐसे क्षेत्रों में केरोसिन को थोड़े समय के लिए फिर से शुरू किया जा रहा है, जहां इसे पहले ही चरणबद्ध तरीके से खत्म कर दिया गया था या PDS SKO-फ्री घोषित कर दिया गया था. इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जिन घरों में LPG की कमी हो रही है, उन्हें ऊर्जा का एक बुनियादी स्रोत मिलता रहे.

    इसे आसान बनाने के लिए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने केरोसिन-फ्री इलाकों में चुने हुए फ्यूल स्टेशनों को घरेलू इस्तेमाल के लिए ‘सुपीरियर केरोसिन ऑयल’ (SKO) रखने और बेचने की मंजूरी दी है. नोटिफिकेशन के मुताबिक, हर जिले में ज्यादा से ज़्यादा दो फ्यूल स्टेशनों को-बेहतर होगा कि वे पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियों के अपने आउटलेट हों—पांच हजार लीटर तक केरोसिन रखने की इजाजत होगी. इस प्रोसेस को तेज करने के लिए, डीलर्स और ट्रांसपोर्टर्स के लिए लाइसेंस से जुड़ी कुछ शर्तों में ढील दी गई है, हालांकि सुरक्षा और निगरानी के नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे.

    मंत्रालय ने साफ किया है कि यह नियम सिर्फ उस केरोसिन के लिए है जिसका इस्तेमाल घरों में खाना पकाने और रोशनी के लिए किया जाता है. यह फैसला तब लिया गया जब सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए तय कोटे के अलावा 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन मंजूर किया. स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे जिला-स्तर पर केरोसिन बांटने के लिए जगहें तय करें. इससे पहले, 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को SKO बांटने के आदेश मिले थे, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने कहा था कि उन्हें ऐसे किसी कोटे की जरूरत नहीं है. इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान जैसे इलाके शामिल हैं.

    इसके साथ ही, एनर्जी सप्लाई चेन में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए निगरानी और सख्त कर दी गई है. अधिकारियों ने हाल के दिनों में लगभग 2,900 जगहों पर छापे मारे हैं और जमाखोरी व कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लगभग 1,000 सिलेंडर जब्त किए हैं. राज्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे निगरानी बढ़ाएं, रोजाना मीटिंग करें, गलत जानकारियों का खंडन करें और गैस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मंजूरी देने का काम तेज करें. बयान में कहा गया है कि सरकार जनता से एक बार फिर अपील करती है कि वे अफ़वाहों पर ध्यान न दें.

    इन सब बातों के बीच, कुछ कंज्यूमर्स ने LPG का इस्तेमाल छोड़कर दूसरे विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है. शनिवार तक, 6,000 ‘पाइप्ड नेचुरल गैस’ (PNG) इस्तेमाल करने वालों ने अपने LPG कनेक्शन वापस कर दिए थे. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने ‘X’ पर लिखा कि कल तक 6,000 PNG इस्तेमाल करने वालों ने अपने LPG कनेक्शन वापस कर दिए! उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद!!

    सप्लाई मैनेजमेंट के मामले में, सरकार ने घरेलू और ट्रांसपोर्ट की ज़रूरतों को सबसे ज़्यादा अहमियत दी है, और PNG व CNG सेक्टर के लिए पूरा कोटा सुनिश्चित किया है. फिलहाल, इंडस्ट्रियल और कमर्शियल इस्तेमाल करने वालों को उनकी औसत खपत का लगभग 80 फीसदी हिस्सा मिल रहा है, जबकि खाद बनाने वाले कारखाने 7075 फीसदी क्षमता पर काम कर रहे हैं. एक सरकारी बयान के अनुसार, ईंधन और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत अतिरिक्त LNG कार्गो की भी व्यवस्था की जा रही है.

  • मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

    मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा इनके वितरण में किसी प्रकार की कमी या बाधा नहीं है।

    यह जानकारी शनिवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है, जिससे ईंधन आपूर्ति में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की स्थिति सामान्य है और सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल (एमएस) और डीजल (एचएसडी) का पर्याप्त भंडार मौजूद है। पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा कंपनी के डिपो से पेट्रोल और डीजल की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।


    रसोई गैस की उपलब्धता पर्याप्त

    मंत्री राजपूत ने बताया कि एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं, जिससे किसी भी स्थिति में रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित न हो।


    बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विशेष व्यवस्था

    राजपूत ने बताया कि प्रदेश में ईंधन की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए सभी सप्लाई लोकेशन को अधिक समय तक संचालित किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति को सुचारु बनाए रखते हुए स्थिति को सामान्य रखा जा सके।


    कालाबाजारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई

    मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2050 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 2912 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।


    पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में तेजी

    उन्होंने बताया कि प्रदेश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लंबित अनुमतियों को शीघ्र प्रदान करने और नई अनुज्ञप्तियां 24 कार्यकारी घंटों में जारी करने के लिए संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में सीजीडी (City Gas Distribution) संस्थाओं द्वारा 2,14,980 घरेलू, 535 औद्योगिक और 661 वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। विभिन्न प्रकार की अनुमतियां प्रदान करने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

    ऑयल कंपनियों आईओसीएल (IOCL), बीपीसीएल (BPCL) और एचपीसीएल (HPCL) तथा सीजीडी संस्थाओं के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित कर भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

    मंत्री राजपूत ने आम नागरिकों से अपील की है कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि नागरिक आवश्यकतानुसार ही पेट्रोल और डीजल खरीदें तथा अनावश्यक संग्रह न करें। सरकार द्वारा प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन कर पीएनजी कनेक्शन लेने की भी अपील की गई है।

  • पेट्रोल गैस और खाद की सप्लाई पर गुजरात सरकार सख्त सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा..

    पेट्रोल गैस और खाद की सप्लाई पर गुजरात सरकार सख्त सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा..


    नई दिल्ली: 
    Bhupendra Patel की अध्यक्षता में Gandhinagar में एक अहम हाई लेवल मीटिंग आयोजित की गई जिसमें राज्य में पेट्रोल डीजल गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और सप्लाई सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की गई यह बैठक मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बुलाई गई थी

    यह बैठक Narendra Modi द्वारा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों के साथ की गई वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद आयोजित की गई जिसमें उन्होंने पेट्रोल डीजल गैस फर्टिलाइजर और खाद्य सामग्री की आपूर्ति को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए थे

    बैठक में स्पष्ट किया गया कि गुजरात में फिलहाल पेट्रोल डीजल गैस और खाद समेत सभी जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य में भी सप्लाई में किसी तरह की कमी न आए इसके लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और बेहतर तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए

    इस दौरान राज्य में पीएनजी कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने पर भी जोर दिया गया मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस को जल्द लागू करने और खासकर रिहायशी इलाकों शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए

    मीटिंग में जानकारी दी गई कि गुजरात देश में सबसे अधिक लगभग 23 प्रतिशत पीएनजी कनेक्शन वाला राज्य है वहीं देश के करीब 12 प्रतिशत सीएनजी फिलिंग स्टेशन भी यहीं संचालित हैं पिछले 10 दिनों में राज्य में 12 हजार से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन और 300 से अधिक कमर्शियल कनेक्शन दिए गए हैं जो तेजी से बढ़ती मांग को दर्शाता है

    राज्य में एलपीजी सप्लाई को लेकर भी सरकार सतर्क है करीब 1.28 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन धारकों को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेल और गैस कंपनियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की गई है जिसमें अब तक 10 हजार शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है

    मुख्यमंत्री ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है ताकि लोगों में किसी भी तरह की कमी का डर न फैले

    इसके अलावा फर्टिलाइजर की उपलब्धता पर भी संतोष जताया गया और कृषि विभाग को खरीफ सीजन के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा गया पोर्ट्स पर कार्गो मैनेजमेंट को बेहतर बनाने और सप्लाई चेन में किसी भी रुकावट को रोकने के निर्देश भी दिए गए

    सरकार ने कर्मचारियों को समय पर वेतन देने पर भी जोर दिया ताकि वैश्विक हालात के बीच आर्थिक दबाव कम किया जा सके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने का फैसला लिया गया ताकि सप्लाई चेन मजबूत बनी रहे

  • पेट्रोल-डीजल और LPG की कोई कमी नहीं… सरकार का दावा- भारत के पास 2 माह का ईंधन भंडार

    पेट्रोल-डीजल और LPG की कोई कमी नहीं… सरकार का दावा- भारत के पास 2 माह का ईंधन भंडार


    नई दिल्ली।
    देश के कई हिस्सों में पेट्रोल, डीजल ( Petrol-Diesel Crisis) और एलपीजी गैस (LPG gas) को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच सरकार ने दावा किया है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है। सरकार ने बयान जारी कर कहा कि भारत के पास करीब 60 दिन का ईंधन भंडार है। ऐसे में लोगों को घबराने और दहशत में खरीदारी करने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि दुनिया के कई देश जहां मूल्य वृद्धि, सीमित आपूर्ति, ऑड-इवेन प्रतिबंध और जबरन स्टेशन बंद करने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कुछ देशों ने राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित किया है, पर भारत में ऐसे किसी भी उपाय की जरूरत नहीं है।

    मंत्रालय ने कहा, भारत की कुल भंडार क्षमता 74 दिनों की है। पश्चिम एशिया संकट के 27वें दिन भी वास्तविक भंडार करीब 60 दिनों का है। इसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और भूमिगत गुफाओं में रणनीतिक भंडारण शामिल है। भारत के भंडार के खत्म या अपर्याप्त होने के किसी भी दावे को पूरी तरह से गलत बताया।

    सरकार का दावा है देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। घरेलू एलपीजी उत्पादन में 40% की वृद्धि हुई है, जिससे रोज एलपीजी उत्पादन 50 टीएमटी हो गई है। यह हमारी जरूरत का करीब 60% है, क्योंकि देश में गैस की कुल जरूरत 80 टीएमटी है। इससे आयात की जरूरत 30 टीएमटी रह गई है। अमेरिका, रूस समेत कई देशों से 800 टीएमटी एलपीजी कार्गो पहले से सुरक्षित हैं और भारत के कई टर्मिनलों पर पहुंच रहे हैं।

    सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों प्रतिदिन 50 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर की सफलतापूर्वक आपूर्ति कर रही हैं। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं के घबराहट में एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की मांग 89 लाख सिलेंडर से घटकर 50 लाख के आसपास रह गई है। तेल कंपनियां गैस सिलेंडर की आपूर्ति कर रही है।

    पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ हुए
    सरकार का कहना है, पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को देश में बढ़ावा दिया जा रहा है। घरेलू पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं। भारत अपनी प्रतिदिन 191 मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर की दैनिक जरूरत में से रोज 92 मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर प्राकृतिक गैस का घरेलू उत्पादन करता है। ऐसे में एलपीजी के मुकाबले पीएनजी के आयात के मामले में कम निर्भर है। नए घरेलू पीएनजी कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं।


    भ्रम फैलाने पर कार्रवाई

    कुछ शरारती तत्वों द्वारा गलत सूचना फैलाई जा रही है और कुछ स्वार्थी तत्व इसे बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे लोगों में चिंता पैदा हो रही है। मंत्रालय सभी से आग्रह करता है कि वे ईंधन और गैस की उपलब्धता संबंधी जानकारी के लिए केवल सरकारी सूचनाओं पर भरोसा करें। सरकार जानबूझकर दहशत फैलाने वालों पर कार्रवाई करेगी।

  • पश्चिम एशिया तनाव में भी चीन में पेट्रोल-LPG की हो रही भरपूर सप्लाई…. जिनपिंग ने ढूंढा नया रास्ता!

    पश्चिम एशिया तनाव में भी चीन में पेट्रोल-LPG की हो रही भरपूर सप्लाई…. जिनपिंग ने ढूंढा नया रास्ता!


    बीजिंग।
    मिडल ईस्ट (Middle East) में छिड़ी भीषण जंग और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) की तालाबंदी ने दुनिया के कई देशों में हाहाकार मचा दिया है. तेल संकट से जूझ रहे देशों में चीन (China) भी शामिल होता लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने एक रास्ता ढूंढ़ लिया है. ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा देखते हुए बीजिंग (Beijing) ने पुराने ट्रे़ड रास्तों का विकल्प ढूंढना शुरू कर दिया है. ऐसे में म्यांमार चीन के लिए सिर्फ एक पड़ोसी नहीं, बल्कि हिंद महासागर में उतरने का सबसे सुरक्षित ‘बैकडोर’ बन गया है. चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारा (CMEC) अब केवल व्यापार का जरिया नहीं, बल्कि एक रणनीतिक ढाल बन चुका है।

    बड़ी-बड़ी पाइपलाइनें: चीन ने म्यांमार के क्यायुकफ्यू बंदरगाह से लेकर चीन के कुनमिंग शहर तक दो बड़ी-बड़ी पाइपलाइनें बिछाई हैं. इनका सबसे बड़ा मकसद ‘मलक्का डिलेमा’ से बचना है.

    कच्चा तेल: यह पाइपलाइन सालाना 2.2 करोड़ टन यानी लगभग 2,40,000 बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल ले जाने की क्षमता रखती है. खाड़ी देशों और अफ्रीका से आने वाले बड़े टैंकर म्यांमार के तट पर तेल उतारते हैं, जो पाइपलाइन के जरिए सीधे चीन पहुंचता है.

    नैचुरल गैस: इसके साथ ही एक गैस पाइपलाइन भी है जो सालाना 12 अरब क्यूबिक मीटर गैस सप्लाई करती है. इसमें म्यांमार के अपने अपतटीय क्षेत्रों की गैस भी शामिल है.


    हिंद महासागर में चीन की बिसात

    चीन अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए ‘मोतियों की माला’ (String of Pearls) की नीति को और मजबूत कर रहा है. मालदीव में चीन ने इंफ्रास्ट्रक्चर और ‘फ्रेंडशिप ब्रिज’ जैसे प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश किया है ताकि भारत के प्रभाव को कम किया जा सके।

    भारत ने ग्रेट निकोबार द्वीप पर नया एयरपोर्ट और मिलिट्री बेस बनाकर चीन की घेराबंदी तेज कर दी है. यह बेस बंगाल की खाड़ी और मलक्का जलडमरूमध्य के बीच एक ‘नेचुरल बैरियर’ की तरह काम करेगा.

    म्यांमार: चीन का ‘ट्रम्प कार्ड’
    सारे रास्तों के बंद होने पर म्यांमार ही वो एकमात्र रास्ता है जो चीन को सीधे बंगाल की खाड़ी से जोड़ता है. चीन ने इसके लिए कई तरह की चालें चली हैं, जिसमें से एक म्यांमार के आंतरिक संघर्षों में एक ‘मध्यस्थ’ की भूमिका भी है, ताकि CMEC के प्रोजेक्ट्स सुरक्षित रहें. चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए वाशिंगटन में भी अब चर्चा शुरू हो गई है कि क्या म्यांमार पर लगाए गए प्रतिबंध उसे पूरी तरह चीन की गोद में धकेल रहे हैं?

  • एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई स्थिर, घबराने की जरूरत नहीं

    नई दिल्ली। सरकार ने बताया है कि देश में सभी गैस रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और एलपीजी की सप्लाई लगातार सुचारू बनी हुई है। अब तक 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है

    अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं

    सरकार सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दे रही है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी किचन में पीएनजी कनेक्शन तेजी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके

    देशभर में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के प्रयासों के चलते केवल एक दिन में हजारों नए कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि मार्च के पहले तीन हफ्तों में 3.5 लाख से अधिक कनेक्शन जोड़े गए हैं

    सरकार का कहना है कि एलपीजी की सप्लाई को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है और सप्लाई चैन को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। साथ ही, घबराहट में खरीदारी न करने की अपील भी की गई है, क्योंकि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है

    वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी सरकार ने भरोसा दिलाया है कि घरेलू और आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो सरकार का दावा है कि देश में ईंधन और गैस की आपूर्ति स्थिर है और आने वाले समय में भी इसे और मजबूत किया जाएगा

  • भारत की ऊर्जा सुरक्षा: होर्मुज स्ट्रेट और तेल-एलएनजी आयात की चुनौतियां

    भारत की ऊर्जा सुरक्षा: होर्मुज स्ट्रेट और तेल-एलएनजी आयात की चुनौतियां


    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। भारत अपनी सीक्रेट डिप्लोमेसी और रणनीतिक कदमों के माध्यम से ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने की कोशिशों में लगा है। हालात ऐसे हैं कि अमेरिका को नाटो देशों से अपील करनी पड़ रही है कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए युद्धपोत भेजें।

    भारत ने इस चुनौती के बीच भी अपने दो तेल टैंकर शिप्स को होर्मुज स्ट्रेट से निकालकर भारतीय समुद्री तट पर पहुंचा दिया है जबकि कई अन्य शिप्स की वापसी की संभावना बनी हुई है। भारत लगभग 85-89 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है और इसमें से पहले लगभग 55 फीसदी तेल होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता था। अब यह आंकड़ा लगभग 70 फीसदी तक बढ़ गया है। भारत की दैनिक तेल खपत लगभग 55 लाख बैरल है और यह तेल लगभग 40 देशों से आयात किया जाता है।

    भारत का कच्चा तेल मुख्य रूप से रूस इराक सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आता है। इसके अलावा अमेरिका से तेल आयात बढ़ा है। खाड़ी और मिडिल ईस्ट में कुवैत कतर ओमान और मिस्र; अफ्रीका में नाइजीरिया अंगोला लीबिया और अल्जीरिया; अमेरिका महाद्वीप में कनाडा मेक्सिको और ब्राजील; मिडिल एशिया में कजाकिस्तान और अजरबैजान भारत के तेल आपूर्तिकर्ता हैं।

    प्राकृतिक गैस की बात करें तो भारत की कुल खपत लगभग 189 मिलियन घन मीटर प्रतिदिन है जिसमें से घरेलू उत्पादन 97.5 मिलियन घन मीटर प्रतिदिन है। अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण लगभग 47.4 मिलियन घन मीटर की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

    रसोई गैस में भारत लगभग 60 फीसदी आयात पर निर्भर है। इस आयात का करीब 90 फीसदी हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता है। हालात प्रभावित होने के बावजूद घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25 फीसदी की वृद्धि कर इसे संतुलित किया गया है। भारत मुख्य रूप से कतर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से एलपीजी आयात करता है जबकि अमेरिका भी इस सूची में शामिल हो गया है।

    एलएनजी में भारत का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता कतर है जिससे कुल एलएनजी का 47-50 फीसदी आता है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात ओमान नाइजीरिया अंगोला ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से भी एलएनजी आती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट इसलिए इतना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दुनिया के तेल और गैस व्यापार का मुख्य मार्ग है। यदि यहां किसी तरह की बाधा आती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और तेल व गैस की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

    भारत ने रणनीतिक भंडार और वैकल्पिक मार्गों के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय सहयोग के जरिए भारतीय समुद्री शिप्स को सुरक्षित मार्ग मुहैया कराया जा रहा है।

  • LPG vs Induction: कौन सा तरीका है हेल्दी और सुरक्षित खाना बनाने के लिए?

    LPG vs Induction: कौन सा तरीका है हेल्दी और सुरक्षित खाना बनाने के लिए?


    नई दिल्ली । आज के समय में रसोई में खाना बनाने के लिए LPG गैस और इंडक्शन कुकटॉप दोनों ही आम विकल्प बन गए हैं। लेकिन कई लोगों के मन में सवाल है कि इन दोनों में से कौन ज्यादा सुरक्षित और सेहतमंद है।

    LPG गैस कुकिंग
    LPG पर खाना बनाना दशकों से हमारी आदत रही है। गैस की आंच को कंट्रोल करना आसान होता है जिससे खाने का स्वाद और टेक्सचर बरकरार रहता है। आयुर्वेद के अनुसार अग्नि पर पका खाना सुपाच्य होता है क्योंकि यह धीरे-धीरे पकता है और पोषक तत्वों को बनाए रखता है। हालांकि बंद कमरे या छोटे किचन में गैस जलाने से नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसें निकलती हैं जो लंबे समय में श्वसन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती हैं।

    इंडक्शन कुकिंग

    इंडक्शन कुकटॉप इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड के जरिए काम करता है और केवल बर्तन को गर्म करता है न कि आसपास की हवा को। इसका रेडिएशन बहुत कम होता है और केवल बर्तन तक सीमित रहता है। पेसमेकर यूज़ करने वाले मरीजों को इंडक्शन से थोड़ी दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

    पोषक तत्वों की सुरक्षा

    एक बड़ा मिथक यह है कि इंडक्शन खाना पोषक तत्व खो देता है। वास्तव में पोषक तत्वों का नुकसान तापमान और कुकिंग टाइम पर निर्भर करता है। इंडक्शन पर खाना जल्दी पकता है जिससे विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स सुरक्षित रहते हैं। वहीं गैस पर धीमी आंच पर पकने वाला खाना दालों और कड़े खाद्य पदार्थों के लिए बेहतर माना जाता है।

    सुरक्षा और सुविधा

    इंडक्शन गैस की तुलना में अधिक सुरक्षित है क्योंकि इसमें खुली लौ नहीं होती जिससे आग लगने का खतरा कम होता है। यह किचन के तापमान को भी सामान्य रखता है। गैस की पहुंच हर जगह है और यह बिजली पर निर्भर नहीं करती लेकिन अगर किचन में वेंटिलेशन सही नहीं है तो इंडक्शन एक बेहतर और क्लीनर विकल्प साबित हो सकता है। अगर आप जल्दी और क्लीनर कुकिंग चाहते हैं तो इंडक्शन बेहतर है।अगर आप धीमी आंच और पारंपरिक स्वाद पसंद करते हैं तो LPG गैस उपयुक्त है।स्वास्थ्य और वेंटिलेशन को ध्यान में रखते हुए दोनों विकल्प सुरक्षित हैं बस इस्तेमाल और देखभाल सही हो।

  • प्रधानमंत्री बोले- LPG को लेकर पैनिक फैलाकर देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं कुछ लोग

    प्रधानमंत्री बोले- LPG को लेकर पैनिक फैलाकर देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं कुछ लोग


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत (India) में रसोई गैस (LPG) की स्थिति को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि वे न केवल जनता के सामने खुद को बेनकाब कर रहे हैं बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत (India) में रसोई गैस (LPG) की स्थिति को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि वे न केवल जनता के सामने खुद को बेनकाब कर रहे हैं बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हैं, जो एलपीजी को लेकर पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वे अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं और देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। एनएक्सटी समिट को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट से कोई भी देश अछूता नहीं है और सरकार भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

    उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग मौजूदा हालात का फायदा उठाकर कुछ उत्पादों की कालाबाजारी करने की कोशिश कर रहे हैं और चेतावनी दी कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मोदी ने कहा, ”कुछ लोग एलपीजी को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। बिना किसी राजनीतिक टिप्पणी के मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि वे न सिर्फ लोगों के सामने खुद को उजागर कर रहे हैं, बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।”

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न मौजूदा संकट से निपटने में हर किसी की महत्वपूर्ण भूमिका है- चाहे वह राजनीतिक दल हों, मीडिया हो, युवा हों, शहर हों या गांव हों। पीएम मोदी ने कहा कि कई वैश्विक संकटों के बावजूद, विश्व नेता और विशेषज्ञ भारत की ओर बड़ी आशा से देखते हैं, जिससे भारत की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, ”आज पूरी दुनिया जानती है कि यदि आप भविष्य का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको भारत से जुड़ना होगा और भारत में रहना होगा।”

    उन्होंने कहा, ”हमारा एक ही लक्ष्य है, एक ही मंजिल है, और वो है विकसित भारत। भारत न केवल प्रगति कर रहा है, बल्कि अगले स्तर की ओर अग्रसर है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विश्व एक कठिन दौर से गुजर रहा है, लेकिन भारत तेज और स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है। मोदी ने कहा, ”कई वैश्विक नेता कह रहे हैं कि भारत पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।”

  • होली से पहले LPG उपभोक्ताओं को लग सकता है झटका… 1 मार्च को अपडेट होंगे रेट

    होली से पहले LPG उपभोक्ताओं को लग सकता है झटका… 1 मार्च को अपडेट होंगे रेट


    नई दिल्ली।
    होली से पहले 1 मार्च को LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) के रेट ( Price) अपडेट होंगे। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (Oil Marketing Companies) इस दिन नए रेट जारी करेंगी। पिछले 5 साल का ट्रेंड बताता है कि मार्च के महीने में घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट बढ़े ही हैं। कॉमरशियल सिलेंडर तो हर बार महंगा हुआ है, जबकि इस दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर (Domestic LPG cylinder) के रेट मार्च में जब भी बदले, उपभोक्ताओं को झटका ही लगा है।

    अभी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये में मिल रहा है। आंकड़े इंडियन ऑयल की वेबसाइट से लिए गए हैं। इसके अनुसार कॉमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 1740.50 रुपये, कोलकाता में 1844.50 रुपये, मुंबई में 1692 और चेन्नई में 1899.50 रुपये में बिक रहा है।


    घरेलू सिलेंडर के रेट का मार्च ट्रेंड

    पिछले 5 साल में तीन बार ही मार्च में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट बदले। दो बार 1 मार्च को और एक बार 22 मार्च को। एक मार्च 2023 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर 50 रुपये महंगा हो गया। 6 जुलाई 2022 के बाद रेट में बदलाव हुआ था और दिल्ली में यह 50 रुपये बढ़कर 1103 रुपये पर पहुंच गया। 14 किलो वाले इस सिलेंडर के दाम कोलकाता में 1129, मुंबई में 1102.50 और चेन्नई में 1118.50 रुपये पर पहुंच गए।

    जबकि, साल 2022 में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट में बदलाव 22 मार्च को हुआ। इस दिन भी 50 रुपये का इजाफा हुआ। रेट में बदलाव 6 अक्टूबर 2021 के बाद हुआ था। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 949.50 रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह कोलकाता में 976, मुंबई में 949.50 और चेन्नई में 965.50 रुपये का हो गया। साल 2021 का मार्च भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं को झटका ही दिया। 1 मार्च 2021 को घरेलू एलपीजी सिलेंड दिल्ली में 25 रुपये महंगा होकर 819, कोलकाता में 845.50, मुंबई में 819 और चेन्नई में 835 रुपये का हो गया।


    पिछले 5 साल से मार्च महीने में क्या रहा कॉमर्शियल सिलेंडर का ट्रेंड
    मार्च 2025 में बढ़े थे सिलेंडर के दाम

    पिछले साल यानी 2025 में दिल्ली में कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट में मामूली बढ़ोतरी हुई थी। एक फरवरी को 19 किलो वाला सिलेंडर यहां 1 फरवरी को 1797 रुपये में बिक रहा था, जो 1 मार्च 2025 को 6 रुपये बढ़कर 1803 रुपये का हो गया। कोलकाता में भी इतना ही महंगा होकर 1913, मुंबई में 1756 और चेन्नई मे 1965 रुपये का हो गया था।


    मार्च 2024 में दाम मामूली बढ़े

    साल 2024 में कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट में 26 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई। 1 मार्च 2024 को यह दिल्ली में 1795 और मुंबई में भी 26 रुपये बढ़कर 1749 रुपये का हो गया। जबकि, कोलकाता में 24 रुपये महंगा होकर 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 1911 और चेन्नई में 24 रुपये ही बढ़कर 1961 रुपये का हो गया।


    2023 के मार्च में 108 रुपये तक महंगा हुआ सिलेंडर

    साल 2023 में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा। दिल्ली में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 105 रुपये महंगा होकर 2120, कोलकाता में 108 रुपये बढ़कर 2222 रुपये, मुंबई में 106 रुपये उछलकर 2072 रुपये और चेन्नई में 106 रुपये महंगा होकर 2268 रुपये पर पहुंच गए।


    2022 के मार्च में 100 रुपये से अधिक का झटका

    साल 2022 में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के रेट दो बार बदले। 1 मार्च को और 22 मार्च को। एक फरवरी 2022 के रेट की तुलना में 1 मार्च को कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम दिल्ली में 105 रुपये उछलकर 2012 रुपये, कोलकाता में 108 रुपये महंगा होकर 2095 रुपये पर पहुंच गए। मुंबई और चेन्नई में भी नीला सिलेंडर 106-106 रुपये महंगा हो गया। मुंबई में यह 1963 और चेन्नई में 2146 रुपये पर पहुंच गया।


    2021 के मार्च में 95 रुपये महंगा हुआ सिलेंडर

    मार्च महीने में झटका साल 2021 में भी लगा। 1 मार्च 2021 को दिल्ली में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 95 रुपये बढ़कर 1614 रुपये पर पहुंच गए। कोलकाता में 98 रुपये बढ़े और 1681.50 रुपये पर पहुंच गए। मुंबई और चेन्नई में 96-96 रुपये बढ़े और क्रमश: 1564 और 1731 रुपये पर पहुंच गए।