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  • LPG e-KYC की समयसीमा आज खत्म, सरकार ने अभी नहीं बढ़ाई डेडलाइन, उपभोक्ताओं के लिए वेरिफिकेशन जरूरी

    LPG e-KYC की समयसीमा आज खत्म, सरकार ने अभी नहीं बढ़ाई डेडलाइन, उपभोक्ताओं के लिए वेरिफिकेशन जरूरी

    नई दिल्ली ।देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 23 अगस्त 2026 की तारीख महत्वपूर्ण है, क्योंकि घरेलू गैस कनेक्शन से जुड़े ई-केवाईसी की बढ़ाई गई समयसीमा आज समाप्त हो रही है। इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस के उपभोक्ताओं को आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले 16 अगस्त तक का समय दिया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 23 अगस्त किया गया था। फिलहाल इस समयसीमा को आगे बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

    ई-केवाईसी का उद्देश्य एलपीजी उपभोक्ताओं की पहचान और कनेक्शन से जुड़ी जानकारी का सत्यापन करना है। बड़ी संख्या में ग्राहक इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अपने संबंधित गैस वितरक केंद्रों का रुख कर रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना सत्यापन पूरा नहीं किया है, उनके लिए आज प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ई-केवाईसी लंबित रहने की स्थिति में उपभोक्ताओं को भविष्य में गैस कनेक्शन से जुड़ी सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सत्यापन नहीं होने पर कनेक्शन की सेवाओं, रिफिल बुकिंग या सब्सिडी से संबंधित लाभ प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि किसी भी उपभोक्ता के मामले में वास्तविक कार्रवाई संबंधित नियमों और तेल विपणन कंपनियों की प्रक्रिया के अनुसार होगी।

    ई-केवाईसी पूरा करने के लिए उपभोक्ताओं को अपने गैस कनेक्शन से जुड़े विवरण और आधार से संबंधित जानकारी तैयार रखनी चाहिए। ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होने पर संबंधित गैस कंपनी के आधिकारिक डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। जिन लोगों को ऑनलाइन सत्यापन में परेशानी हो रही है, वे अपने गैस वितरक से संपर्क कर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

    समयसीमा बढ़ाने की संभावना को लेकर फिलहाल उपभोक्ताओं के बीच सवाल बने हुए हैं। इससे पहले निर्धारित अंतिम तारीख को उपभोक्ताओं की सुविधा और तकनीकी समस्याओं से जुड़ी शिकायतों के बीच आगे बढ़ाया गया था। लेकिन 23 अगस्त के बाद नई समयसीमा घोषित की गई है या नहीं, इसे लेकर आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। इसलिए जिन ग्राहकों का ई-केवाईसी अभी बाकी है, उन्हें केवल डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद पर निर्भर रहने के बजाय उपलब्ध समय में सत्यापन पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।

    एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी और घरेलू सिलेंडर से जुड़े लाभ भी ई-केवाईसी व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। खासकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए पहचान सत्यापन महत्वपूर्ण है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संबंधित लाभों पर असर पड़ सकता है, इसलिए पात्र उपभोक्ताओं को अपनी स्थिति समय रहते जांच लेनी चाहिए।

    इस बीच 23 अगस्त को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर के दाम शहर के अनुसार अलग-अलग हैं। दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, जयपुर में 945.50 रुपये और कोलकाता में 968 रुपये बताई गई है। पटना में घरेलू सिलेंडर की कीमत 1,031.50 रुपये है, जबकि लखनऊ में यह 979.50 रुपये और हैदराबाद में 994 रुपये है।

    वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी शहर के हिसाब से अलग हैं। दिल्ली में इसकी कीमत 2,738 रुपये, मुंबई में 2,691.50 रुपये और पटना में 3,018 रुपये बताई गई है। घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की कीमतों में अंतर के साथ उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन की स्थिति और लागू नियमों की जानकारी भी रखनी चाहिए।

    ई-केवाईसी को लेकर किसी भी अंतिम निर्णय के लिए उपभोक्ताओं को संबंधित गैस कंपनी और सरकारी स्तर से जारी आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए। अगर आज तक सत्यापन नहीं हुआ है, तो जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करना भविष्य में संभावित असुविधा से बचने का सबसे सुरक्षित विकल्प है।

  • घरेलू रसोई गैस की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं, देशभर में उपभोक्ताओं को फिलहाल नहीं मिली बढ़ोतरी से राहत

    घरेलू रसोई गैस की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं, देशभर में उपभोक्ताओं को फिलहाल नहीं मिली बढ़ोतरी से राहत


    नई दिल्ली ।
    देशभर में रसोई गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 14 अगस्त को राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों ने आज घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के साथ 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी आज स्थिर रखे गए हैं। ऐसे में दिल्ली से पटना और मुंबई से हैदराबाद तक ग्राहकों को आज सिलेंडर के लिए वही कीमत चुकानी होगी जो पहले लागू थी।

    दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है। वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,738 रुपये पर बना हुआ है। मुंबई में घरेलू सिलेंडर 941.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,691.50 रुपये में उपलब्ध है। नोएडा में घरेलू LPG की कीमत 939.50 रुपये, जबकि कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,738 रुपये है।

    जयपुर में घरेलू LPG सिलेंडर के लिए 945.50 रुपये देने होंगे। यहां 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,765.50 रुपये है। हैदराबाद में घरेलू सिलेंडर का भाव 994 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,985 रुपये है। वहीं पटना में घरेलू LPG सिलेंडर 1,031.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3,018 रुपये में मिल रहा है।

    चंडीगढ़ में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 951.50 रुपये है, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,760 रुपये है। कोलकाता में घरेलू LPG सिलेंडर 968 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,872.50 रुपये में उपलब्ध है। अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर स्थानीय करों और अन्य लागतों के कारण देखने को मिलता है।

    महीने की शुरुआत में कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 192 रुपये की बड़ी कटौती की गई थी। इसके बाद 14 अगस्त को कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू LPG की कीमतों को स्थिर रखने से आम परिवारों के मासिक रसोई खर्च पर फिलहाल अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा है।

    वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच भारत LPG की आपूर्ति को लेकर भी अपनी रणनीति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए भारत अलग-अलग देशों से LPG आपूर्ति हासिल करने पर जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य किसी एक क्षेत्र या आपूर्तिकर्ता पर अत्यधिक निर्भरता कम करना है।

    अमेरिका से LPG आयात भी भारत की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस वर्ष अगस्त तक अमेरिका से भारत को करीब 3.9 मिलियन टन LPG की आपूर्ति हो चुकी है। भारत 2027 के लिए अमेरिकी LPG की दीर्घकालिक आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है।

    सरकारी तेल कंपनियां संभावित आपूर्तिकर्ताओं और उनके प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रही हैं। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और LPG की कीमतों, आयात लागत तथा वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमतों में बदलाव हो सकता है। फिलहाल 14 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में LPG सिलेंडर के दाम स्थिर हैं और उपभोक्ताओं को किसी नई बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

  • एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अहम अपडेट, तय समय सीमा से पहले e-KYC नहीं कराया तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अहम अपडेट, तय समय सीमा से पहले e-KYC नहीं कराया तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    नई दिल्ली । देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया को समय पर पूरा करना जरूरी हो गया है। गैस कनेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और प्रमाणित बनाने के उद्देश्य से उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर e-KYC कराने की सलाह दी गई है। यदि तय अवधि तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो भविष्य में गैस सिलेंडर की आपूर्ति या उससे जुड़ी कुछ सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाई आ सकती है।

    e-KYC का उद्देश्य उपभोक्ताओं की पहचान का सत्यापन करना और एलपीजी कनेक्शन से संबंधित जानकारी को अद्यतन रखना है। इससे वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित होगी और फर्जी या निष्क्रिय कनेक्शनों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में सहायता मिलेगी। साथ ही गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे 16 अगस्त की निर्धारित समय सीमा से पहले अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी कर लें। इसके लिए गैस एजेंसी, अधिकृत सेवा केंद्र या उपलब्ध डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जहां आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।

    e-KYC के दौरान आधार से जुड़ी जानकारी और बायोमेट्रिक अथवा अन्य निर्धारित पहचान प्रक्रिया के माध्यम से उपभोक्ता का सत्यापन किया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित गैस कनेक्शन का रिकॉर्ड अपडेट हो जाता है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या दस्तावेजी परेशानी की संभावना कम हो जाती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर e-KYC पूरा करने से उपभोक्ताओं को गैस वितरण, सब्सिडी से जुड़ी सेवाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहेगा। वहीं, जिन उपभोक्ताओं की जानकारी अपडेट नहीं होगी, उन्हें भविष्य में सेवा प्राप्त करने के दौरान अतिरिक्त सत्यापन या अन्य औपचारिकताओं से गुजरना पड़ सकता है।

    ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए भी यह प्रक्रिया समान रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे क्षेत्रों में संबंधित एजेंसियां लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक सहायता भी उपलब्ध करा रही हैं, ताकि कोई भी पात्र उपभोक्ता समय सीमा के कारण असुविधा का सामना न करे। वरिष्ठ नागरिकों और तकनीकी जानकारी कम रखने वाले लोगों को भी परिवार या स्थानीय सेवा केंद्र की मदद से यह प्रक्रिया जल्द पूरी करने की सलाह दी गई है।

    उपभोक्ताओं को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके मोबाइल नंबर, पता और अन्य व्यक्तिगत विवरण गैस कनेक्शन के रिकॉर्ड में सही दर्ज हों। यदि किसी जानकारी में बदलाव हुआ है, तो उसे e-KYC के दौरान अपडेट कराया जा सकता है। इससे भविष्य में गैस बुकिंग, वितरण और अन्य सेवाओं में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।

    एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि अंतिम समय तक प्रतीक्षा करने के बजाय जल्द से जल्द e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। समय सीमा के भीतर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने से गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति, रिकॉर्ड का सही रखरखाव और सभी उपलब्ध सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहेगा।

  • ईंधन खपत के नए आंकड़े जारी, पेट्रोल-डीजल और एटीएफ की बिक्री बढ़ी, एलपीजी की मांग घटी

    ईंधन खपत के नए आंकड़े जारी, पेट्रोल-डीजल और एटीएफ की बिक्री बढ़ी, एलपीजी की मांग घटी

    नई दिल्ली । जुलाई 2026 के दौरान देश में पेट्रोल और डीजल की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों के शुरुआती बिक्री आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल दोनों की खपत पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मजबूत रही। वहीं विमान ईंधन की मांग में भी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एलपीजी की बिक्री में गिरावट देखने को मिली। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि कमजोर मानसून, कृषि गतिविधियों में बदलाव और ऊर्जा उपयोग के बदलते पैटर्न ने इन आंकड़ों को प्रभावित किया है।

    जुलाई के दौरान पेट्रोल की बिक्री में लगभग 9.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। कुल बिक्री 34.5 लाख टन तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में काफी अधिक रही। हालांकि जून के मुकाबले इसमें हल्की गिरावट दर्ज हुई, लेकिन वार्षिक आधार पर मांग में मजबूती बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि निजी वाहनों की बढ़ती आवाजाही, यात्रा गतिविधियों में तेजी और शहरी क्षेत्रों में ईंधन की लगातार मांग ने पेट्रोल की बिक्री को सहारा दिया।

    डीजल की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जुलाई के दौरान इसकी खपत करीब 10.7 प्रतिशत बढ़कर 71.2 लाख टन तक पहुंच गई। डीजल देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ईंधन माना जाता है क्योंकि इसका उपयोग माल परिवहन, कृषि उपकरणों, सिंचाई पंपों और औद्योगिक गतिविधियों में बड़े पैमाने पर होता है। सामान्य से कम मानसूनी वर्षा के कारण कई क्षेत्रों में सिंचाई की आवश्यकता बढ़ी, जिससे डीजल की मांग में तेजी देखने को मिली।

    विमान ईंधन यानी एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की बिक्री में भी सकारात्मक रुझान सामने आया। जुलाई में इसकी बिक्री लगभग 2.9 प्रतिशत बढ़कर 6.59 लाख टन के स्तर पर पहुंच गई। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा में निरंतर बढ़ोतरी तथा विमान सेवाओं के संचालन में विस्तार को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है। इससे विमानन क्षेत्र में गतिविधियों के मजबूत बने रहने के संकेत भी मिलते हैं।

    इसके विपरीत, एलपीजी की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। जुलाई के दौरान इसकी खपत लगभग 17.4 प्रतिशत घटकर 23.7 लाख टन रह गई। ऊर्जा क्षेत्र के अधिकारियों का मानना है कि कुछ उपभोक्ताओं ने पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी की ओर रुख किया है, जिससे एलपीजी की मांग प्रभावित हुई है। इसके अलावा ऊर्जा उपयोग के तरीकों में बदलाव और वैकल्पिक ईंधन के बढ़ते इस्तेमाल का असर भी एलपीजी की बिक्री पर दिखाई दिया।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की मांग में आने वाले ऐसे बदलाव देश की आर्थिक गतिविधियों और उपभोक्ता व्यवहार का महत्वपूर्ण संकेत होते हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती बिक्री परिवहन, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी का संकेत देती है, जबकि एलपीजी की घटती मांग घरेलू ऊर्जा उपभोग में बदलते रुझानों की ओर इशारा करती है। आने वाले महीनों में मानसून की स्थिति, कृषि उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों के आधार पर ईंधन की मांग में और परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

    जुलाई के शुरुआती बिक्री आंकड़े यह दर्शाते हैं कि देश में पारंपरिक परिवहन ईंधनों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। वहीं घरेलू ऊर्जा क्षेत्र में वैकल्पिक विकल्पों का उपयोग धीरे-धीरे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा बाजार की यह बदलती तस्वीर भविष्य में ईंधन उपभोग के नए रुझानों को भी प्रभावित कर सकती है। सरकार और तेल विपणन कंपनियां भी मांग के इन पैटर्न पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखा जा सके।

  • मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटे, अब भोपाल में ₹2743 और इंदौर में ₹2846 में मिलेगा सिलेंडर

    मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटे, अब भोपाल में ₹2743 और इंदौर में ₹2846 में मिलेगा सिलेंडर


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। एक अगस्त से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए दाम लागू हो गए हैं। प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 190 से 194 रुपए तक की कमी की गई है। कीमतों में आई इस गिरावट से व्यापारियों की संचालन लागत कम होने की उम्मीद है और आने वाले समय में ग्राहकों को भी खाने-पीने की सेवाओं में राहत मिल सकती है।

    नई दरों के अनुसार राजधानी भोपाल में अब 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 2743 रुपए में उपलब्ध होगा। वहीं इंदौर में इसकी कीमत घटकर 2846 रुपए रह गई है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में भी नई दरें लागू कर दी गई हैं। सबसे महंगा कमर्शियल सिलेंडर रीवा में 2991.50 रुपए का मिलेगा। इसके अलावा सिंगरौली और नरसिंहपुर में इसकी कीमत 2989.50 रुपए तथा सतना में 2989 रुपए निर्धारित की गई है। दूसरी ओर शाजापुर प्रदेश का सबसे सस्ता शहर बन गया है, जहां यह सिलेंडर 2749.50 रुपए में मिलेगा।

    होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ने से उनकी लागत काफी बढ़ गई थी। गैस महंगी होने के कारण कई प्रतिष्ठानों को अपने मेन्यू की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करनी पड़ी थी। अब गैस सस्ती होने से कारोबारियों को राहत मिलेगी और यदि कीमतें स्थिर रहीं तो आने वाले समय में ग्राहकों को भी इसका फायदा मिल सकता है।

    कैटरिंग व्यवसाय पर भी गैस की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ा था। कारोबारियों के अनुसार लगभग 500 लोगों के भोजन वाले एक आयोजन की लागत में 45 से 50 हजार रुपए तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो गई थी। इसके चलते कई कैटरर्स ने प्रति प्लेट चार्ज बढ़ा दिए थे। अब कमर्शियल एलपीजी सस्ती होने के बाद आयोजन की लागत में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

    व्यापारियों का कहना है कि कुछ महीने पहले ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ा था। इसका असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दिया और कई शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3300 रुपए से अधिक तक पहुंच गई थी। जबकि इससे पहले यही सिलेंडर लगभग 1800 से 2000 रुपए के बीच उपलब्ध था। अब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में कुछ राहत मिलने के बाद कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।

    इस बीच घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए गैस कंपनियों ने महत्वपूर्ण सूचना भी जारी की है। कंपनियां उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजकर आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराने की अपील कर रही हैं। निर्धारित समय सीमा तक ई-केवाईसी पूरी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू दर पर एलपीजी सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं से समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने की अपील कर रही हैं।

    कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आई यह कमी फिलहाल होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग उद्योग के लिए राहत का संकेत मानी जा रही है। यदि आने वाले महीनों में कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं तो इसका लाभ कारोबारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।

  • ITR से लेकर LPG-तत्काल टिकट बुकिंग तक…. 1 अगस्त से बदल जाएंगे ये नियम

    ITR से लेकर LPG-तत्काल टिकट बुकिंग तक…. 1 अगस्त से बदल जाएंगे ये नियम


    नई दिल्ली।
    हर नए महीने की पहली तारीख अपने साथ कई नए बदलाव (Rules Changing ) लेकर आती है, जिनका सीधा असर देश के आम नागरिकों के घरेलू बजट और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ता है। 1 अगस्त 2026 ( 1st August 2026) से भी देश में कई महत्वपूर्ण नियम (New Rules) बदलने जा रहे हैं, जो सीधे आपकी जेब, यात्रा, टैक्स और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े हुए हैं।

    इन नए नियमों में रसोई गैस (LPG) की कीमतों से लेकर, रेलवे (Railways, Banking) की तत्काल टिकट खिड़की, क्रेडिट कार्ड के सर्विस चार्ज, आईटीआर पेनल्टी और पहचान सत्यापन की पूरी व्यवस्था शामिल है। सही जानकारी न होने पर आपको वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। आइए बेहद आसान और सरल भाषा में समझते हैं कि 1 अगस्त से देश में कौन से 5 बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।


    एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें

    तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस सिलेंडरों के दामों की समीक्षा करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए 1 अगस्त को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के नए रेट जारी किए जाएंगे। अगर कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ते हैं, तो बाहर होटलों और रेस्टोरेंट में खाना-पीना महंगा हो सकता है, जिसका सीधा असर आपके मासिक बजट पर पड़ेगा।


    तत्काल टिकट बुकिंग में टोकन से जुड़ा नया नियम

    पश्चिम मध्य रेलवे 1 अगस्त से रिजर्वेशन काउंटरों पर तत्काल टिकटों की बुकिंग के लिए नया ‘टोकन सिस्टम’ लागू कर रहा है। अब काउंटरों पर लंबी लाइन और धक्का-मुक्की रोकने के लिए टोकन बांटने का समय तत्काल बुकिंग खुलने के समय के साथ मिलाया जा रहा है। एसी तत्काल के लिए सुबह 8:30-9:00 बजे और नॉन-एसी के लिए सुबह 9:00-9:30 बजे टोकन मिलेंगे, इसके बाद ही काउंटर से तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे।


    क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग चार्ज में बड़ा बदलाव

    1 अगस्त से कुछ बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े शुल्क, रिवॉर्ड पॉइंट्स या अन्य नियमों में बदलाव कर सकते हैं। बता दें कि यह बदलाव सभी बैंकों पर लागू नहीं होगा। इसलिए अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो अपने बैंक की वेबसाइट या एप पर जाकर नए नियम और शुल्क जरूर चेक करें।


    आईटीआर (ITR) फाइलिंग पर भारी लेट फीस और पेनल्टी

    वित्तीय वर्ष के लिए बिना जुर्माने के इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। जो लोग इस समय सीमा तक अपना रिटर्न फाइल नहीं कर पाए हैं, उन्हें 1 अगस्त से बिलेटेड रिटर्न भरने पर आय के आधार पर भारी जुर्माना (पेनल्टी) देना होगा। इसलिए टैक्सपेयर्स को किसी भी अन्य कानूनी पचड़े से बचने के लिए जल्द से जल्द लेट फीस के साथ रिटर्न भरने की सलाह दी जाती है।


    सीकेवाईसी (CKYC) 2.0 की शुरुआत

    1 अगस्त से देश के बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में ग्राहक सत्यापन को सुरक्षित बनाने के लिए ‘सेंट्रल नो योर कस्टमर’ यानी सीकेवाईसी 2.0 सिस्टम लागू होने जा रहा है। इसके तहत ग्राहकों को 14 अंकों का एक यूनिक सीकेवाईसी नंबर मिलेगा। इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपको हर बैंक, बीमा कंपनी या म्यूचुअल फंड में अलग-अलग केवाईसी दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

  • 15 अगस्त तक 100 नए शहरों में पहुंचेगा 10 किलो एलपीजी सिलेंडर, छोटे परिवारों और कम खपत वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

    15 अगस्त तक 100 नए शहरों में पहुंचेगा 10 किलो एलपीजी सिलेंडर, छोटे परिवारों और कम खपत वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

    नई दिल्ली । घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के अनुसार अधिक सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने बड़ा विस्तार कार्यक्रम शुरू किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 15 अगस्त तक देश के 24 राज्यों के 100 नए शहरों में 10 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को राहत देना है, जिनकी गैस खपत अपेक्षाकृत कम होती है और जिन्हें 14.2 किलो के पारंपरिक घरेलू सिलेंडर की आवश्यकता नहीं पड़ती।

    कंपनी का मानना है कि छोटे आकार का सिलेंडर विशेष रूप से छोटे परिवारों, अकेले रहने वाले लोगों, किराए के मकानों में रहने वाले उपभोक्ताओं तथा सीमित गैस उपयोग करने वाले परिवारों के लिए अधिक उपयोगी साबित होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को अब अपनी आवश्यकता के अनुसार सिलेंडर चुनने का विकल्प मिलेगा, जिससे घरेलू खर्च और उपयोग दोनों में बेहतर संतुलन बनाया जा सकेगा। साथ ही छोटे सिलेंडर का वजन कम होने से उसे उठाने और उपयोग करने में भी आसानी होगी।

    एलपीजी वितरण नेटवर्क के विस्तार के साथ कंपनी ऊर्जा सेवाओं को अधिक उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में काम कर रही है। 100 नए शहरों में सुविधा शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है, जो अब तक केवल बड़े घरेलू सिलेंडर पर निर्भर थे। इससे उपभोक्ताओं के पास अपनी जरूरत और खपत के अनुरूप विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे सुविधा और उपयोगिता दोनों में वृद्धि होगी।

    कंपनी ने अपने परिचालन से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की हैं। जून तिमाही के दौरान कच्चे तेल की खरीद में विविधता लाने पर विशेष ध्यान दिया गया। रूस के अलावा वेनेजुएला और अंगोला जैसे देशों से भी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई गई है। कंपनी के अनुसार, स्पॉट मार्केट से खरीद का हिस्सा भी बढ़ा है, जिससे वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप खरीद रणनीति को अधिक लचीला बनाया जा सका है।

    ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से कंपनी ने पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार भी बनाए रखा है। उपलब्ध भंडार लगभग 35 दिनों की आवश्यकता पूरी करने के लिए पर्याप्त बताया गया है। इससे वैश्विक बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव या आपूर्ति संबंधी चुनौतियों की स्थिति में परिचालन को स्थिर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। कंपनी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन पर पड़ सकता है, इसलिए खरीद और भंडारण रणनीति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि 10 किलो एलपीजी सिलेंडर का विस्तार उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया व्यावहारिक कदम है। इससे ऐसे परिवारों को आर्थिक और उपयोग संबंधी सुविधा मिलेगी, जिनकी मासिक गैस खपत कम रहती है। साथ ही यह पहल घरेलू एलपीजी वितरण व्यवस्था को अधिक लचीला और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

    15 अगस्त तक विस्तार योजना पूरी होने के बाद जिन शहरों में यह सुविधा शुरू होगी, वहां के उपभोक्ताओं को पारंपरिक बड़े सिलेंडर के साथ एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा। इससे घरेलू एलपीजी सेवाओं का दायरा बढ़ने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर और अधिक सुविधाजनक चयन करने का अवसर मिलेगा।

  • 14.2 किलो और 19 किलो LPG सिलेंडर की ताजा कीमतें जारी, घरेलू गैस के दाम स्थिर, कमर्शियल रेट भी जानिए

    14.2 किलो और 19 किलो LPG सिलेंडर की ताजा कीमतें जारी, घरेलू गैस के दाम स्थिर, कमर्शियल रेट भी जानिए

    नई दिल्ली । देशभर में रसोई गैस का उपयोग करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए 21 जुलाई को राहत की खबर है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल विपणन कंपनियों की ओर से इस महीने की शुरुआत में जो दरें तय की गई थीं, वही आज भी लागू हैं। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की बुकिंग पहले की निर्धारित कीमत पर ही करानी होगी। एलपीजी की कीमतें पेट्रोल और डीजल की तरह प्रतिदिन नहीं बदलतीं, बल्कि सामान्य तौर पर प्रत्येक महीने की पहली तारीख को उनकी समीक्षा की जाती है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये बनी हुई है। मुंबई में इसकी कीमत 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये है। इसके अलावा चंडीगढ़ में घरेलू सिलेंडर 951.50 रुपये, देहरादून में 961 रुपये, हैदराबाद में 934 रुपये, भुवनेश्वर में 968 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 951 रुपये की दर से उपलब्ध है। अलग-अलग राज्यों में कर और स्थानीय शुल्क के कारण कीमतों में कुछ अंतर देखने को मिलता है।

    व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में इसका दाम 2930 रुपये है, जबकि मुंबई में यह 2885.50 रुपये में उपलब्ध है। कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3082 रुपये और चेन्नई में 3106 रुपये निर्धारित है। चंडीगढ़ में इसकी कीमत 2954.50 रुपये, देहरादून में 2983.50 रुपये, हैदराबाद में 2052.50 रुपये, भुवनेश्वर में 3115 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 2970.50 रुपये बनी हुई है। इन दरों का असर होटल, रेस्तरां, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की परिचालन लागत पर पड़ता है।

    घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है। 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर मुख्य रूप से घरों में भोजन पकाने के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में अधिक मात्रा में गैस की आवश्यकता को पूरा करता है। दोनों श्रेणियों की कीमतें अलग-अलग निर्धारित की जाती हैं और इनमें बदलाव बाजार की परिस्थितियों तथा अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों के आधार पर किया जाता है।

    इस महीने की शुरुआत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन किया गया था, जबकि घरेलू सिलेंडर के दाम यथावत रखे गए थे। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू गैस की कीमतों में स्थिरता से आम परिवारों के मासिक बजट पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जबकि व्यावसायिक क्षेत्र की लागत पर कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों का सीधा असर दिखाई देता है।

    अब उपभोक्ताओं की निगाहें अगले मूल्य संशोधन पर टिकी हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव होता है, तो आगामी महीने की शुरुआत में नई दरें घोषित की जा सकती हैं। फिलहाल 21 जुलाई को देशभर में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर निर्धारित मौजूदा कीमतों पर ही उपलब्ध हैं और उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • जुलाई की शुरुआत के साथ बदले कई नियम, आधार अपडेट, रेलवे जुर्माना, पासपोर्ट फीस और बैंकिंग सेवाओं पर दिखेगा असर

    जुलाई की शुरुआत के साथ बदले कई नियम, आधार अपडेट, रेलवे जुर्माना, पासपोर्ट फीस और बैंकिंग सेवाओं पर दिखेगा असर

    नई दिल्ली । जुलाई महीने की शुरुआत के साथ देशभर में कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो रहे हैं, जिनका सीधा असर आम नागरिकों की दैनिक जरूरतों और सेवाओं पर पड़ेगा। आधार से जुड़े अपडेट, रेलवे यात्रा के नियम, पासपोर्ट शुल्क, बैंकिंग सेवाओं तथा एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतों में होने वाले बदलाव लोगों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में इन नए प्रावधानों की जानकारी होना आवश्यक है ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

    आधार से जुड़े बदलाव के तहत भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार में ईमेल आईडी अपडेट कराने की सुविधा सीमित अवधि के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। अब निर्धारित अवधि तक नागरिक बिना किसी शुल्क के अपने आधार रिकॉर्ड में ईमेल आईडी अपडेट करा सकेंगे। इससे पहले इस सेवा के लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ता था। इस कदम का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को अपने आधार विवरण अद्यतन कराने के लिए प्रोत्साहित करना है।

    रेलवे ने भी यात्रा संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़े जाने पर लगाए जाने वाले जुर्माने में वृद्धि की गई है। इसके अलावा किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी टिकट का उपयोग करने पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। महिला कोच में अनधिकृत रूप से यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों पर भी अधिक जुर्माना लगाया जाएगा। रेलवे का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना और यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को मजबूत करना है।

    एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की मासिक समीक्षा भी पहली जुलाई से प्रभावी होगी। तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को घरेलू और वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। नई दरों के अनुसार कीमतों में बदलाव या उन्हें यथावत रखने का निर्णय लिया जाएगा। इसी तरह विमान ईंधन और सीएनजी की कीमतों में भी संशोधन की संभावना बनी रहती है, जिसका असर परिवहन और अन्य क्षेत्रों की लागत पर पड़ सकता है।

    पासपोर्ट सेवाओं का लाभ लेने वाले नागरिकों के लिए भी नई व्यवस्था लागू हो रही है। सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों में पासपोर्ट जारी कराने के लिए निर्धारित शुल्क में संशोधन किया गया है। इसके बाद नए आवेदन करने वाले लोगों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क का भुगतान करना होगा। विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए यह बदलाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    बैंकिंग क्षेत्र में भी कुछ नए प्रावधान लागू हुए हैं। विशेष रूप से कुछ क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं के लिए एयरपोर्ट लाउंज सुविधा का लाभ लेने संबंधी पात्रता शर्तों में बदलाव किया गया है। अब निर्धारित श्रेणी के कार्डधारकों को निःशुल्क लाउंज सुविधा प्राप्त करने के लिए एक निश्चित अवधि में न्यूनतम खर्च की शर्त पूरी करनी होगी। इसका उद्देश्य कार्ड उपयोग से जुड़े लाभों को नई नीति के अनुरूप व्यवस्थित करना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे नियामकीय बदलाव प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने और सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से लागू किए जाते हैं। हालांकि इन परिवर्तनों का प्रभाव अलग-अलग वर्गों पर अलग हो सकता है। इसलिए आधार, पासपोर्ट, रेलवे, बैंकिंग और अन्य आवश्यक सेवाओं का उपयोग करने वाले नागरिकों के लिए नए नियमों की जानकारी रखना और उसी के अनुरूप अपनी योजनाएं बनाना महत्वपूर्ण रहेगा।

  • पेट्रोल-डीजल और LPG होंगे सस्ते…. ! ट्रंप का दावा- US-ईरान के बीच हुई डील, होर्मुज खोलने पर बनी सहमति

    पेट्रोल-डीजल और LPG होंगे सस्ते…. ! ट्रंप का दावा- US-ईरान के बीच हुई डील, होर्मुज खोलने पर बनी सहमति


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में कई महीनों से जारी तनाव के बीच एलपीजी (LPG), पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel) को लेकर राहत भरी खबर है। आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel) और एलपीजी के दाम (LPG Price) में कटौती देखने को मिल सकती है। बड़ी खबर यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Pakistan’s Prime Minister Shehbaz Sharif) ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। इस समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से आवाजाही के लिए खोलने और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी है।


    भारत के लिए क्यों है अहम यह शांति समझौता?

    भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए बड़ी मात्रा में तेल और LPG की सप्लाई होती है। अगर यह समझौता सफल रहता है तो पेट्रोल-डीजल पर दबाव कम हो सकता है। LPG कीमतों में राहत की उम्मीद बढ़ सकती है। साथ ही महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।


    ऑयल मार्केट में बड़ी गिरावट

    शांति समझौते की खबर आते ही ब्रेंट क्रूड 3% से ज्यादा टूटकर 84 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 3.4% गिरकर 81.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज खुलने से ग्लोबल ऑयल सप्लाई सामान्य हो सकती है, जिससे ऊर्जा बाजार पर दबाव कम होगा।


    शेयर बाजार में लौटी रौनक

    इस खबर के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में जोरदार तेजी आई, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.8% की तेजी आई और बिटकॉइन 2.1% उछलकर 65,341 डॉलर पर पहुंच गया जबकि, एथेरियम 3.1% बढ़कर 1,721 डॉलर पर। निवेशक अब मान रहे हैं कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से वैश्विक आर्थिक गतिविधियों को राहत मिलेगी।

    – रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित समझौते में अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमला नहीं करेंगे।
    – होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी खत्म होगी।
    – ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नई बातचीत शुरू होगी।
    – ईरान के तेल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में राहत मिल सकती है।
    – लेबनान में सैन्य गतिविधियां रोकने पर भी सहमति बनी है।
    – समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होने की संभावना बताई गई है।

    बता दें दिल्ली में पेट्रोल करीब ₹102 प्रति लीटर और डीजल ₹95 प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। जबकि, यहां आज भी 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 और 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत ₹3,113.50 है। ईरान युद्ध के दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर 89 रुपये महंगा हुआ है और कमर्शियल 1373 रुपये। पेट्रोल और डीजल चार बार में 7.50-7.50 रुपये महंगे हुए।