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  • भोपाल में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पेट्रोल डालकर लगाई थी आग, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

    भोपाल में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पेट्रोल डालकर लगाई थी आग, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच


    भोपाल। भोपाल में छह महीने पहले प्रेम विवाह करने वाली 20 वर्षीय नवविवाहिता की आग में गंभीर रूप से झुलसने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना गांधीनगर इलाके में अचारपुरा के पास मीणा चौराहे की बताई जा रही है। युवती ने 18 अक्टूबर को कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी। गंभीर हालत में उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां बुधवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जानकारी जुटा रही है।

    पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान दीपाली प्रजापति के रूप में हुई है। वह मूल रूप से छिंदवाड़ा की रहने वाली थी। दीपाली की सोशल मीडिया के जरिए भोपाल निवासी रोहित कुशवाह से दोस्ती हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद दोनों ने करीब छह महीने पहले प्रेम विवाह कर लिया था। शादी के बाद दीपाली अपने पति के साथ करोंद की पूजा कॉलोनी स्थित ससुराल में रह रही थी। रोहित एक निजी कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है जबकि दीपाली गृहिणी थी। कम उम्र में प्रेम विवाह करने वाले इस दंपती की जिंदगी में हुई इस दुखद घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    रोहित के बयान के मुताबिक दीपाली अपनी एक सहेली के साथ बिना बताए ग्वालियर घूमने गई थी और 17 अक्टूबर को भोपाल लौटी थी। उसी रात उसने घबराहट होने की बात कही और चाय पीने के लिए बाहर चलने को कहा। इसके बाद रोहित उसे चाय पिलाने के लिए लेकर गया। वापस लौटते समय दीपाली ने कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। रोहित ने आग की लपटों में घिरी पत्नी को बचाने की कोशिश की। इस दौरान उसके हाथ भी झुलस गए। गंभीर रूप से घायल दीपाली को उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। हालांकि कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। एएसआई जेएस पाटिल के अनुसार इस मामले में मर्ग कायम किया गया है और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया है। परिवार की ओर से मौत को लेकर किसी तरह का संदेह भी व्यक्त नहीं किया गया है। इसके बावजूद पुलिस घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए संबंधित लोगों के बयान और अन्य जरूरी जानकारियां जुटा रही है।

    पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि आखिर किन परिस्थितियों में दीपाली ने यह कदम उठाया। घटना से पहले उसकी मानसिक स्थिति क्या थी और उस रात वास्तव में क्या हुआ था इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। छह महीने पहले शुरू हुए वैवाहिक जीवन का इस तरह अंत होने से परिवार और परिचितों में दुख का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • नरवर में माता विसर्जन जुलूस के दौरान अचानक शुरू हुई मारपीट, मोटे महादेव मंदिर के पास हंगामा, अब तक शिकायत नहीं

    नरवर में माता विसर्जन जुलूस के दौरान अचानक शुरू हुई मारपीट, मोटे महादेव मंदिर के पास हंगामा, अब तक शिकायत नहीं


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर कस्बे में माता की प्रतिमाओं के विसर्जन जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच विवाद हो गया। मंगलवार को हुए इस घटनाक्रम में दोनों पक्षों के युवकों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। विवाद बढ़ने से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थिति संभालने के दौरान पुलिस ने लाठियां चलाकर दोनों पक्षों को अलग किया और झगड़ा शांत कराया। घटना मोटे महादेव मंदिर के पास पेट्रोल पंप के सामने की बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार नरवर में नवरात्र के अवसर पर स्थापित माता की प्रतिमाओं को नवमी की शाम नगर भ्रमण कराया जा रहा था। इसके बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लखना तालाब ले जाया जा रहा था। जुलूस में श्रद्धालु शामिल थे और प्रतिमाओं को विसर्जन स्थल तक ले जाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान जुलूस में शामिल दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में हुआ विवाद देखते ही देखते बढ़ गया और दोनों पक्षों के युवक आमने-सामने आ गए।

    कुछ ही देर में विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। दोनों ओर से युवकों के बीच लात-घूंसे चलने लगे। जुलूस के दौरान अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग करने और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। विवाद बढ़ने पर पुलिस को लाठियां चलानी पड़ीं। इसके बाद झगड़े को शांत कराया गया और मौके पर स्थिति को संभाला गया।

    माता की प्रतिमाओं का विसर्जन धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन होता है जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में जुलूस के बीच मारपीट की घटना से आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ और इसमें शामिल लोगों के बीच पहले से कोई रंजिश थी या नहीं इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हुई थी। घटना के पीछे की वास्तविक वजह पुलिस जांच या संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    नरवर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत नहीं मिलने के कारण फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस की मौजूदगी में विवाद शांत करा दिया गया था। यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

    फिलहाल घटना में शामिल युवकों की पहचान और विवाद की वजह को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। माता विसर्जन जुलूस के दौरान हुई इस मारपीट ने धार्मिक आयोजन के बीच तनाव की स्थिति पैदा कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात नियंत्रित किए और जुलूस के दौरान व्यवस्था संभाली। अब तक किसी पक्ष की शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण मामले में अगला कदम शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तय होगा।

  • शिवपुरी में नवजात की मौत से मचा हड़कंप, नाले में मिला महज 775 ग्राम वजन का बालक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    शिवपुरी में नवजात की मौत से मचा हड़कंप, नाले में मिला महज 775 ग्राम वजन का बालक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में मंगलवार को जिला अस्पताल के पिछले गेट के पास नाले में नवजात बालक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात के शव को नाले से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नवजात की नाभि पर कॉर्ड क्लैंप लगा हुआ था। इससे उसके अस्पताल में जन्म लेने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बालक का जन्म शिवपुरी जिला अस्पताल में हुआ था या किसी दूसरे अस्पताल में। पुलिस इस संबंध में जानकारी जुटा रही है और नवजात के माता-पिता की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

    जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के पिछले गेट के पास स्थित नाले में नवजात का शव दिखाई देने के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को बाहर निकलवाया। जांच के दौरान नवजात का वजन केवल 775 ग्राम पाया गया। इतना कम वजन होने के कारण उसके जन्म के समय की स्थिति और मौत से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरपी सिंह के मुताबिक नवजात का वजन बेहद कम था। इतने कम वजन वाले शिशु के जीवित रहने की संभावना कम होती है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो दिनों के दौरान जिला अस्पताल में कोलारस सिरसौद और पिछोर क्षेत्र से जुड़े तीन नवजात की मौत हुई थी। इन बच्चों के परिजन उनके शव अपने साथ ले गए थे। अब यह पता लगाया जा रहा है कि नाले में मिले नवजात का उन घटनाओं से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल दोनों मामलों के बीच संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।

    पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नवजात को नाले में कैसे और किन परिस्थितियों में छोड़ा गया। नाभि पर कॉर्ड क्लैंप मिलने के कारण उसके अस्पताल में जन्म लेने की संभावना पर ध्यान दिया जा रहा है। जांच के तहत आसपास के अस्पतालों में जन्म और नवजात से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा सकती है। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य नवजात की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचना है।

    कोतवाली थाने के एसआई सुमित शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नवजात का जन्म कहां हुआ था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। घटना ने अस्पताल परिसर के आसपास सुरक्षा और नवजात की पहचान से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। हालांकि जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • भोपाल में कुएं में मिला युवक का शव, दो साल से चल रहा था इलाज, मर्ग कायम कर मौत की परिस्थितियों की जांच में जुटी पुलिस

    भोपाल में कुएं में मिला युवक का शव, दो साल से चल रहा था इलाज, मर्ग कायम कर मौत की परिस्थितियों की जांच में जुटी पुलिस


    भोपाल । भोपाल के सुखी सेवनिया इलाके में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब सुरभि कॉलेज के पास स्थित एक कुएं में 23 वर्षीय युवक का शव मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान विशाल वंशकार पिता छोटेलाल वंशकार निवासी सुखी सेवनिया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विशाल पिछले चार दिनों से घर नहीं लौटा था। हालांकि परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज नहीं कराई थी। युवक का शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
    जानकारी के अनुसार रविवार सुबह सुरभि कॉलेज के पास स्थित कुएं में ग्रामीणों ने एक युवक का शव देखा। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कुएं से बाहर निकलवाया। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने पर मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी भेजा गया। रविवार दोपहर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
    मृतक के बड़े भाई राजेश वंशकार ने बताया कि विशाल के दिमाग का पिछले करीब दो साल से इलाज चल रहा था। उनके अनुसार बीते कुछ समय से उसकी मानसिक स्थिति में परेशानी बढ़ गई थी। वह कई-कई दिनों तक बिना किसी को बताए घर से बाहर चला जाता था और फिर कुछ समय बाद वापस लौट आता था। परिवार के मुताबिक पहले भी उसके घर से बाहर रहने की ऐसी स्थिति बनती रही थी।
    परिजनों ने बताया कि इसी वजह से जब विशाल चार दिनों तक घर नहीं लौटा तो उन्होंने उसकी गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई। परिवार को उम्मीद थी कि वह पहले की तरह खुद ही वापस आ जाएगा। हालांकि इस बार उसका शव कुएं में मिलने की खबर सामने आई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार परिजनों ने किसी व्यक्ति पर संदेह जताते हुए कोई आरोप नहीं लगाया है।
    पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि विशाल कुएं तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। युवक के घर से निकलने से लेकर शव मिलने तक की घटनाओं को समझने के लिए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। कुएं में गिरने की आशंका समेत अन्य संभावित परिस्थितियों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। अभी मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
    सुखी सेवनिया पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों को समझने में मदद मिलेगी। जांच के दौरान जरूरी तथ्यों और परिस्थितियों का भी सत्यापन किया जाएगा। फिलहाल मामले में किसी तरह की आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत कैसे हुई। घटना ने इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

  • 20% ब्याज और बेइज्जती से परेशान चार लोगों ने रची खूनी साजिश, गर्दन पर 5 और सिर पर 2 वार कर सूदखोर को मार डाला

    20% ब्याज और बेइज्जती से परेशान चार लोगों ने रची खूनी साजिश, गर्दन पर 5 और सिर पर 2 वार कर सूदखोर को मार डाला


    ग्वालियर। ग्वालियर में ब्याज पर पैसे देने वाले एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूदखोरी और कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान चार लोगों पर हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने मृतक पुरुषोत्तम गुर्जर की गर्दन पर कुल्हाड़ी से पांच और सिर पर दो वार किए थे। इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में घटनास्थल पर मिले गेंदे के फूलों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने मामले में मृतक के ही गांव के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
    यह वारदात 14 अक्टूबर को ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के केदारपुर के पास छोटी मढ़ैया गांव में हुई थी। सुबह भागीरथ गुर्जर के खेत में 35 वर्षीय पुरुषोत्तम गुर्जर का खून से लथपथ शव मिला था। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मृतक की गर्दन और सिर पर कुल्हाड़ी से किए गए हमले के निशान मिले। शुरुआती पड़ताल में ही साफ हो गया था कि हत्या बेहद बेरहमी से की गई है। मृतक की जेब से लेनदेन से जुड़ी एक पर्ची भी मिली जिसके बाद पुलिस ने आर्थिक विवाद के पहलू पर जांच शुरू की।
    पुलिस की जांच में सामने आया कि छोटी मढ़ैया गांव के रहने वाले रमन गुर्जर राधाकृष्ण गुर्जर छोटू उर्फ राहुल और विजय उर्फ खैरी ने पुरुषोत्तम से कथित तौर पर 20 प्रतिशत ब्याज पर करीब 10 लाख रुपये उधार लिए थे। पुलिस के अनुसार पुरुषोत्तम उनसे लगातार पैसों की मांग करता था। आरोपियों का कहना था कि ब्याज चुकाने के लिए बनाए जा रहे दबाव और गांव में कथित रूप से बेइज्जती किए जाने से वे परेशान थे। इसी नाराजगी के चलते चारों ने हत्या की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक वारदात से करीब तीन दिन पहले गांव के एक चबूतरे पर बैठकर उन्होंने इस साजिश को अंतिम रूप दिया था।
    जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने हत्या से पहले शीतला माता मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और वारदात को अंजाम देने का प्रण लिया। इसके बाद वे माला पहनकर घटनास्थल की ओर पहुंचे। घटनास्थल के पास एक चबूतरे पर मिले गेंदे के फूलों ने पुलिस का ध्यान खींचा। जांच के दौरान मंदिर जाने और माला पहनने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई। इसी सुराग ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की और पूछताछ के दौरान कथित साजिश की परतें खुलती चली गईं।
    पुलिस के अनुसार 13 अक्टूबर की रात पुरुषोत्तम की पत्नी अपने भाई के एक्सीडेंट की सूचना मिलने पर मायके पृथ्वीपुरा गई हुई थी। पुरुषोत्तम घर पर अकेला था और बाहर सो रहा था। इसी दौरान रात करीब 11 बजे आरोपी रमन गुर्जर उसे ब्याज के पैसों का हिसाब करने और रकम देने की बात कहकर अपने साथ ले गया। इसके बाद पुरुषोत्तम घर के पास स्थित भागीरथ के खेत में पहुंचा जहां चारों ने कथित तौर पर उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में उसकी मौत हो गई।
    ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक मामले का खुलासा करने के लिए एएसपी डॉ. शिवेश सिंह बघेल के निर्देशन में सीएसपी रवि भदौरिया की पांच टीमों ने काम किया। पुलिस ने करीब 72 घंटे के भीतर तकनीकी साक्ष्य और दूसरे सुराग जुटाकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल यह मामला कथित सूदखोरी और आर्थिक विवाद से शुरू होकर हत्या तक पहुंचने की गंभीर तस्वीर पेश करता है। पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • ग्वालियर में पुलिस की बड़ी लापरवाही, हथकड़ी सहित भागा चोरी का आरोपी, होटल में खाना खिलाने के बाद फ्लैट पर सो गए जवान

    ग्वालियर में पुलिस की बड़ी लापरवाही, हथकड़ी सहित भागा चोरी का आरोपी, होटल में खाना खिलाने के बाद फ्लैट पर सो गए जवान


    ग्वालियर । ग्वालियर में पुलिस की लापरवाही का एक मामला सामने आया है जहां चोरी के आरोप में पकड़ा गया एक बंदी हथकड़ी सहित पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। आरोपी को हाथ में चोट लगने के बाद इलाज कराने के लिए छतरपुर से ग्वालियर लाया गया था। लेकिन अस्पताल में उपचार नहीं मिलने पर पुलिसकर्मियों ने उसे थाने में सुरक्षित रखने के बजाय अपने एक रिश्तेदार के फ्लैट पर ले जाने का फैसला किया। आरोप है कि रात में पुलिसकर्मी बंदी को होटल भी लेकर गए जहां उसने खाना खाया। इसके बाद सभी विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित लोटस विला के एक फ्लैट पर पहुंचे और सो गए। सुबह जब पुलिसकर्मियों की नींद खुली तो आरोपी वहां से गायब था जबकि उसकी हथकड़ी मौके पर ही पड़ी मिली। घटना के बाद पुलिस विभाग में सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी के दौरान बरती गई सावधानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
    सीएसपी विश्वविद्यालय रवि भदौरिया के मुताबिक छतरपुर पुलिस में पदस्थ आरक्षक विजय यादव शुभम शर्मा और संदीप चोरी के आरोप में पकड़े गए बंदी सन्नी पाल को इलाज के लिए ग्वालियर लेकर आए थे। करीब 30 वर्षीय सन्नी पाल उत्तराखंड का निवासी बताया जा रहा है। उसके हाथ में चोट लगी थी जिसके उपचार के लिए पुलिसकर्मी उसे तड़के करीब चार बजे ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे सुबह आने की सलाह दी गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों के सामने बंदी को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी थी। आरोप है कि उन्होंने उसे किसी नजदीकी थाने में रखने के बजाय आरक्षक शुभम शर्मा के भाई गौरव शर्मा के फ्लैट पर ले जाने का निर्णय लिया। यह फ्लैट विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के लोटस विला में स्थित है।
    मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार पुलिसकर्मी बंदी को फ्लैट पर ले जाने से पहले एक होटल में भी पहुंचे थे। वहां बंदी को खाना खिलाया गया। घटना से संबंधित एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें आरोपी होटल में खाना खाता दिखाई दे रहा है। इसके बाद पुलिसकर्मी बंदी को लेकर फ्लैट पर पहुंचे। आरोप है कि रात में सभी वहीं रुक गए और सो गए। इस दौरान बंदी की निगरानी में लापरवाही हुई जिसका फायदा उठाकर वह मौके से भाग निकला। सुबह करीब सात बजे जब पुलिसकर्मियों की नींद खुली तो सन्नी पाल वहां मौजूद नहीं था। उसकी हथकड़ी मौके पर पड़ी हुई थी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
    आरोपी के फरार होने के बाद पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और विश्वविद्यालय थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार बंदी की तलाश शुरू कर दी है। उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों और आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी किस रास्ते से फरार हुआ और घटना के समय उसकी निगरानी में किस स्तर पर चूक हुई इसकी भी जांच की जा सकती है।
    इस घटना ने बंदियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस हिरासत में रखे गए किसी भी आरोपी की निगरानी और उसकी सुरक्षित अभिरक्षा संबंधित पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में बंदी को अस्पताल से थाने ले जाने के बजाय निजी फ्लैट पर ठहराने के आरोप गंभीर माने जा रहे हैं। ड्यूटी के दौरान हुई इस लापरवाही को लेकर संबंधित पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार सन्नी पाल को पकड़ना और पूरे घटनाक्रम की जांच करना है।

  • शिवपुरी में सगाई की खुशियों में खलल, परिवार और रिश्तेदारों पर हमला, SC-ST एक्ट समेत 11 लोगों पर केस दर्ज

    शिवपुरी में सगाई की खुशियों में खलल, परिवार और रिश्तेदारों पर हमला, SC-ST एक्ट समेत 11 लोगों पर केस दर्ज


    शिवपुरी ।  मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र के समोहा गांव में सगाई समारोह के दौरान पुरानी रंजिश को लेकर विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने पहले परिवार के दामाद को रास्ते में रोककर पीटा और फिर घर पहुंचकर परिवार के सदस्यों तथा रिश्तेदारों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना में महिलाओं सहित कई लोगों को चोटें आई हैं। हमलावरों पर घर के बाहर लगे टेंट और सामान के साथ वाहनों में तोड़फोड़ करने का भी आरोप है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 11 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत मारपीट से जुड़ी विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
    जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात करीब 10 बजे समोहा गांव में कमल सिंह जाटव के घर उनके भतीजे रविंद्र जाटव की सगाई का कार्यक्रम चल रहा था। घर के बाहर टेंट लगाया गया था और समारोह में शामिल होने के लिए रिश्तेदार भी पहुंचे हुए थे। परिवार में खुशी का माहौल था। इसी दौरान कमल सिंह के दामाद अनिल जाटव निवासी महलगांव जिला ग्वालियर दवाई लेने के लिए समोहा गांव जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में बाबा की बावड़ी के पास साहब सिंह गुर्जर और उनके साथ मौजूद निर्भय गुर्जर बंटी गुर्जर तथा छोटू गुर्जर ने अनिल को रोक लिया और उनके साथ मारपीट की।
    शिकायत के अनुसार इस हमले में अनिल जाटव के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद अनिल ने फोन के माध्यम से अपने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद विवाद ने और गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ देर बाद जीतू गुर्जर समेत अन्य लोग कमल सिंह जाटव के घर पहुंच गए। वहां पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज शुरू हो गई। परिवार के लोगों ने विरोध किया तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
    इस दौरान कमल सिंह जाटव और उनके भतीजे मंगल जाटव के सिर में चोटें आने की बात कही गई है। वहीं रिश्तेदार मनोज जाटव और परिवार की महिलाओं सपना जाटव तथा भारती जाटव को भी चोटें लगने का आरोप है। घटना के समय घर पर सगाई समारोह चल रहा था और बड़ी संख्या में रिश्तेदार मौजूद थे। अचानक हुए विवाद और मारपीट से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने समारोह के लिए लगाए गए टेंट और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। वाहनों में भी तोड़फोड़ किए जाने की बात सामने आई है।
    घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और मारपीट से संबंधित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले में पुरानी रंजिश को विवाद की वजह बताया गया है। पुलिस की जांच में घटना से जुड़े सभी आरोपों और संबंधित लोगों की भूमिका की पुष्टि होना बाकी है।
    सगाई जैसे पारिवारिक समारोह में हुई इस घटना से परिवार के लोगों में भय और नाराजगी है। समारोह में शामिल महिलाओं और रिश्तेदारों के घायल होने के आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। मामले में दोष तय करने का निर्णय साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

  • जहरीली शराब ने खोला MP-गुजरात नेटवर्क का राज, 38.59% मेथनॉल वाली शराब से 9 मौतें; उज्जैन से रईस गिरफ्तार

    जहरीली शराब ने खोला MP-गुजरात नेटवर्क का राज, 38.59% मेथनॉल वाली शराब से 9 मौतें; उज्जैन से रईस गिरफ्तार


    भोपाल ।
    गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का मामला अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। इस कांड में मौतों का आंकड़ा नौ तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है और गुजरात पुलिस की जांच में मध्य प्रदेश से जुड़े आरोपियों की भूमिका भी सामने आई है। गुजरात स्टेट मॉनिटरिंग सेल ने मध्य प्रदेश के उज्जैन से रईस को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक रईस पर जहरीली शराब तैयार करने वाले नेटवर्क में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। उसे गुजरात ले जाकर पूछताछ की जा रही है।

    जांच में मुरैना निवासी नरेंद्र सिंह यादव उर्फ डॉक्टर का नाम भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक रईस को नरेंद्र के कथित अनुभव की जानकारी थी और इसी वजह से उसे गुजरात बुलाया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार भावनगर में रईस और नरेंद्र ने स्थानीय शराब तस्कर गौतम सोलंकी के साथ मिलकर नकली शराब तैयार की। एफआईआर में आरोप है कि पहले एक खेप तैयार की गई थी लेकिन बाद की खेप में मेथनॉल मिलाकर करीब 25 कार्टन जहरीली शराब तैयार की गई। इसे अलग अलग लोगों तक पहुंचाया गया।

    इस पूरे मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस शराब को तैयार करने में नरेंद्र की भूमिका बताई जा रही है वही शराब पीने के बाद उसकी भी तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार नरेंद्र को भावनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां 18 अगस्त को उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में उसे मामले के आरोपियों में शामिल किया गया है। हालांकि किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

    फोरेंसिक जांच में जहरीली शराब की गंभीरता भी सामने आई है। जब्त किए गए एक नमूने में 38.59 प्रतिशत मेथनॉल पाया गया जबकि इथेनॉल की मात्रा सिर्फ 0.94 प्रतिशत थी। मेथनॉल अत्यंत जहरीला पदार्थ है और लाइसेंसी शराब में इसका इस तरह मौजूद होना सामान्य नहीं है। इसी जहरीले मिश्रण को पीने के बाद कई लोगों की हालत बिगड़ी और मौतें हुईं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि मेथनॉल कहां से खरीदा गया और तैयार की गई शराब की कितनी बोतलें अभी भी लोगों तक पहुंची हैं।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रईस और उसके साथियों ने शराब बनाने के लिए कच्चा माल जुटाया था। एफआईआर के मुताबिक इसमें मेथनॉल के साथ बोतलें कैप और ब्रांडेड शराब जैसे दिखने वाले स्टीकर शामिल थे। पुलिस का आरोप है कि नकली शराब को असली ब्रांड की बोतलों जैसा रूप देकर बाजार में पहुंचाने की कोशिश की गई। गुजरात पुलिस ने अब तक इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़ी मात्रा में नकली शराब रसायन तथा अन्य सामान जब्त किए हैं।

    इस मामले का मध्य प्रदेश से जुड़ना इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि मुरैना में जनवरी 2021 में जहरीली शराब कांड में 24 लोगों की मौत हुई थी। उस घटना के बाद भी अवैध शराब के नेटवर्क पर कार्रवाई की गई थी। पांच साल बाद भावनगर कांड में मुरैना के एक व्यक्ति का नाम सामने आने से अवैध शराब के अंतरराज्यीय नेटवर्क को लेकर सवाल फिर खड़े हो गए हैं। 2021 के मुरैना मामले में बाद में अदालत ने 14 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा भी सुनाई थी।

    अब गुजरात पुलिस की जांच का फोकस केवल भावनगर तक सीमित नहीं है। रईस के मध्य प्रदेश संपर्कों से लेकर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए कच्चे माल की सप्लाई और तैयार शराब के वितरण तक हर कड़ी की जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे। भावनगर की घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि अवैध और मिलावटी शराब किस तरह लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे में जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है।

  • सड़क हादसे के बाद भिड़े दो पक्ष, लात-घूंसे चले, पुलिस जांच में जुटी

    सड़क हादसे के बाद भिड़े दो पक्ष, लात-घूंसे चले, पुलिस जांच में जुटी


    मध्यप्रदेश। इंदौर के तुकोगंज थाना क्षेत्र स्थित रेसकोर्स रोड के पास शनिवार देर रात दो बाइकों की टक्कर के बाद मामला अचानक हिंसक हो गया। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के युवक आपस में भिड़ गए और सड़क पर ही लात-घूंसे चलने लगे।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद रॉन्ग साइड से बाइक टकराने को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। काफी देर तक सड़क पर हंगामा चलता रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अब वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

    गंग वाल बस स्टैंड पर शराबी युवकों का हंगामा, बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश
    इसी दौरान इंदौर के गंगवाल बस स्टैंड इलाके में शनिवार देर रात पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। करीब डेढ़ बजे गुजरात नंबर की एक कार में सवार चार युवकों ने अचानक बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश की।

    हालांकि पुलिस ने पीछा कर कुछ दूरी पर ही कार को रोक लिया और सभी युवकों को पकड़ लिया। मौके पर थाना प्रभारी और पुलिस बल पहुंचा और युवकों को थाने ले जाया गया। इस दौरान युवकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा किया और आरोप लगाया कि उन्हें गलत तरीके से रोका गया है। कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया, लेकिन बाद में जब शराब पीकर वाहन चलाने की पुष्टि हुई तो वे वहां से हट गए।

    पुलिस ने सभी आरोपियों को छत्रीपुरा थाने भेजकर उनके खिलाफ शराब पीकर वाहन चलाने और प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की है।इंदौर में एक ही रात में दो अलग-अलग घटनाओं सड़क पर मारपीट और नशे में वाहन चलाने ने सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब दोनों मामलों की विस्तृत जांच में जुटी है।

  • ग्वालियर में कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमला, दुकान में घुसकर की मारपीट

    ग्वालियर में कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमला, दुकान में घुसकर की मारपीट


    मध्यप्रदेश । ग्वालियर शहर के माधौगंज थाना क्षेत्र में उस समय तनाव और दहशत फैल गई जब एक कपड़ा व्यापारी पर दुकान के अंदर घुसकर तीन बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना का पूरा वीडियो दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है, जिसमें आरोपी खुलेआम गाली-गलौज करते हुए व्यापारी पर हमला करते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों में आक्रोश का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

    यह घटना 20 मई की शाम करीब 7:15 बजे की बताई जा रही है। माधौगंज क्षेत्र में कपड़े की दुकान चलाने वाले 32 वर्षीय सलमान खान अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी अनवर पठान, आरिफ पठान और आमिर पठान नाम के तीन युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि आरोपियों और पीड़ित के बीच पहले से पुराना विवाद चल रहा था, जो उस दिन अचानक हिंसक रूप ले बैठा।

    दुकान में घुसते ही आरोपियों ने पहले गाली-गलौज शुरू की और फिर देखते ही देखते सलमान खान पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी तेज थी कि पीड़ित को गंभीर चोटें आईं। सीसीटीवी फुटेज में यह भी साफ दिखाई देता है कि जब परिजन बीच-बचाव करने की कोशिश करते हैं, तब भी आरोपी लगातार मारपीट करते रहते हैं और किसी की नहीं सुनते।

    घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में बदमाशों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे व्यापारी वर्ग में भय का वातावरण है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी धमकी देते रहे हैं, जिसके कारण सलमान खान ने पहले भी अपनी दुकान कुछ दिनों के लिए बंद रखी थी।

    परिजनों का आरोप है कि आरोपी लगातार दबाव बनाकर डराने-धमकाने का काम कर रहे थे और पुराने विवाद को लेकर रंजिश रखते थे। इसी रंजिश के चलते उन्होंने दुकान में घुसकर हमला किया। बताया जा रहा है कि इलाके के कई अन्य लोग भी आरोपियों की गतिविधियों से परेशान हैं।

    घटना की जानकारी मिलते ही माधौगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यापारी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

    पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।