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  • देवास हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज, फैक्ट्री मालिक हिरासत में

    देवास हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज, फैक्ट्री मालिक हिरासत में


    मध्यप्रदेश । देवास जिले के टोंककलां इलाके में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। इस केस के मुख्य आरोपी और फैक्ट्री के कथित असली मालिक मुकेश विज को पुलिस ने चीन से भारत लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वह ग्वांग्झू (चीन) से गुरुवार को ही भारत पहुंचा था, जहां पहले से तैनात पुलिस टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुकेश विज लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। इसी के आधार पर उसकी पहचान और गिरफ्तारी संभव हो सकी। जांच एजेंसियों को पहले से ही सूचना थी कि वह विदेश में छिपा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स में भी सबसे पहले यह जानकारी सामने आई थी कि वह चीन में मौजूद है।

    यह पूरा मामला 14 मई को हुए उस भीषण धमाके से जुड़ा है, जिसमें टोंककलां स्थित पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था। इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। शुरुआती जांच में इसे एक सामान्य हादसा माना गया था, लेकिन बाद में परत-दर-परत कई बड़े खुलासे सामने आने लगे।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री का लाइसेंस अनिल मालवीय के नाम पर था, लेकिन असली निवेश और संचालन दिल्ली निवासी मुकेश विज द्वारा किया जा रहा था। बताया गया कि फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री का उपयोग हो रहा था और मजदूरों को अलग-अलग राज्यों से बुलाया गया था।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुकेश विज का चीन और अन्य स्थानों से मशीनों और पटाखा निर्माण तकनीक से जुड़ा कारोबार था। हादसे के बाद वह भारत से फरार हो गया था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।

    देवास पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए अब तक 6 दिन के भीतर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें फैक्ट्री संचालक, ठेकेदार और अन्य जुड़े हुए लोग शामिल हैं। उत्तराखंड निवासी एक अन्य आरोपी को भी दिल्ली से पकड़ा गया है।

    इस केस की गंभीरता को देखते हुए एसपी द्वारा 13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है, जो पूरे नेटवर्क, निवेश और सुरक्षा चूक की जांच कर रही है। साथ ही फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

    फिलहाल मुकेश विज से पूछताछ की तैयारी की जा रही है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि फैक्ट्री में किस तरह से विस्फोटक सामग्री लाई जा रही थी और इतने बड़े पैमाने पर उत्पादन कैसे चल रहा था।

  • चार्जर विवाद के बाद अस्पताल में हड़कंप, महिला की सतर्कता से बचा नवजात

    चार्जर विवाद के बाद अस्पताल में हड़कंप, महिला की सतर्कता से बचा नवजात


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के Satna स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल जिला अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक ने प्रसूता वार्ड से नवजात शिशु को झोले में रखकर बाहर ले जाने की कोशिश की। यह घटना मंगलवार-बुधवार की देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है।

     चार्जर विवाद से शुरू हुआ मामला
    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी और नवजात की मां के बीच मोबाइल चार्जर को लेकर कहासुनी हुई थी। बताया जा रहा है कि इसी विवाद और नाराजगी के बाद आरोपी ने इस वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई।आरोपी को नशे की हालत में भी पाया गया है।

     दो दिन के नवजात को झोले में रखकर भागा
    नवजात शिशु का जन्म दो दिन पहले ही हुआ था। आरोपी वार्ड के आसपास संदिग्ध रूप से घूमता रहा और बाद में बच्चे को दूध पिलाने के बहाने मां से दूर किया। इसके बाद जैसे ही महिला सो गई, उसने नवजात को झोले में रखा और अस्पताल से बाहर निकलने लगा।

     महिला की सतर्कता से बची बड़ी अनहोनी
    इसी दौरान एक अन्य महिला को झोले से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। शक होने पर जब उसने युवक से पूछताछ की तो वह भागने लगा। घबराहट में आरोपी झोला फेंककर फरार हो गया, लेकिन नवजात सुरक्षित बचा लिया गया।

     पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपी की पहचान की। आरोपी की पहचान पटनहा बिल्डिंग, कोलगवां निवासी विपिन सोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अपहरण के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।

    सतना जिला अस्पताल की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, लेकिन महिला की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और नवजात सुरक्षित बचा लिया गया।

  • वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़: सीहोर में तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़: सीहोर में तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में


    मध्य प्रदेश । सीहोर कोतवाली पुलिस ने वाहन चोरी के दो मामलों का खुलासा करते हुए एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद कर ली है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    जानकारी के अनुसार, 17 मई को कराड़िया निवासी रूप कंवर सालिया की स्कूटी चोरी हो गई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। इसी दिन बद्री महल निवासी सर्वेश राठौर की मोटरसाइकिल भी चोरी हुई थी। दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा के निर्देश पर थाना प्रभारी रविंद्र यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने जांच के दौरान चोरी हुए दोनों वाहन बरामद कर लिए।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान मिथुन सिकरवार (31), सगीर (34) और शोएब (27) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी सीहोर के अलग-अलग इलाकों के निवासी बताए जा रहे हैं।

  • सीधी सड़क दुर्घटना: मिनी हाइवा ने बाइक को रौंदा, एक की जान गई, तीन अस्पताल में भर्ती

    सीधी सड़क दुर्घटना: मिनी हाइवा ने बाइक को रौंदा, एक की जान गई, तीन अस्पताल में भर्ती


    नई दिल्ली। सीधी (पथरौला चौकी क्षेत्र)  मध्यप्रदेश के सीधी जिले में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। बरवाही गांव के पास करीब 10 बजे तेज रफ्तार मिनी हाइवा ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मासूम बच्चे सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
    मृतक की पहचान बकवा निवासी आनंद बहादुर सिंह के रूप में हुई है। हादसे में रूद्र सिंह, अरुणा बसौर, संजय बसौर और 5 वर्षीय मासूम आयुष बसोर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए।
    घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एंबुलेंस चालक मनोज यादव ने बताया कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि तीनों घायलों की हालत बेहद गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल सीधी रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
    घायलों में एक महिला और मासूम बच्चा भी शामिल है, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
    सूचना मिलने पर पथरौला चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। चौकी प्रभारी देवराज सिंह ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मड़वास अस्पताल भेजा गया है, क्योंकि देर रात होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका था।
    पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मिनी हाइवा को जब्त कर लिया है और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है।

  • जबलपुर में सिविल इंजीनियर को मारी गोली, बाइक सवार बदमाशों ने की फायरिंग

    जबलपुर में सिविल इंजीनियर को मारी गोली, बाइक सवार बदमाशों ने की फायरिंग


    नई दिल्ली । जबलपुर के संजय नगर इलाके में गुरुवार सुबह सनसनीखेज वारदात सामने आई। बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने एक सिविल इंजीनियर को गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। घायल इंजीनियर की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    सिर में मारी गोली, मौके से फरार हुए हमलावर
    जानकारी के मुताबिक, सिविल इंजीनियर क्लेरिंस उर्फ राजा (32) सुबह करीब 8 बजे रांझी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चेहरा ढंके दो युवक बाइक से उनके पास पहुंचे और सिर पर गोली दाग दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी तेजी से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
    पुलिस मौके पर, सीसीटीवी खंगाल रही टीम
    सूचना मिलते ही रांझी सीएसपी सतीश कुमार साहू और थाना प्रभारी उमेश गोलहनी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
    मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
    घायल क्लेरिंस को गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां डॉक्टर उनकी सर्जरी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि गोली उनके सिर में फंसी हुई है, जिससे स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
    परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
    इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों के मुताबिक, क्लेरिंस की पत्नी का करीब दो महीने पहले ही निधन हो गया था। उनके पास एक छोटा बच्चा है, जिसकी जिम्मेदारी वही संभाल रहे थे।
    छोटे भाई रोनाल्ड ने बताया कि क्लेरिंस बच्चे को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उन पर हमला हुआ। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, जिससे यह हमला और रहस्यमय बन गया है।
    वारदात के पीछे क्या वजह?
    फिलहाल पुलिस हमले के कारणों का पता लगाने में जुटी है। यह साफ नहीं हो पाया है कि वारदात आपसी रंजिश का नतीजा है या किसी अन्य कारण से की गई है।
    लगातार बढ़ती इस तरह की घटनाओं ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • परिवार शादी में गया था, पीछे हुआ दर्दनाक हादसा: बालाघाट में महिला की मौत

    परिवार शादी में गया था, पीछे हुआ दर्दनाक हादसा: बालाघाट में महिला की मौत


    नई दिल्ली। बालाघाट जिले के परसवाड़ा थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां कीटनाशक खाने के बाद इलाज के दौरान 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान चटरीटोला निवासी श्यावती पति धीरसिंह मर्सकोले के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
    जानकारी के अनुसार, महिला ने मंगलवार रात खेत में उपयोग होने वाला कीटनाशक खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें पहले परसवाड़ा अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर स्थिति देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात करीब 12:30 बजे उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
    अस्पताल चौकी पुलिस ने डॉक्टर की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और उसके बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। अब आगे की जांच परसवाड़ा थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।
    मृतका के बेटे यशवंत मर्सकोले ने बताया कि घटना के समय परिवार के कुछ सदस्य एक शादी समारोह में गए हुए थे, जबकि घर पर उनकी मां और छोटी बहन मौजूद थीं। बहन ने ही सूचना दी कि मां ने कीटनाशक खा लिया है। इसके बाद परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे।
    परिजनों के अनुसार, श्यावती लंबे समय से शरीर दर्द और कमजोरी की समस्या से परेशान थीं और उनका इलाज भी चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि शारीरिक पीड़ा और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया हो सकता है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
    पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
  • Satna में टक्कर के बहाने चेन स्नेचिंग, डायल-112 को चकमा देकर UP की ओर फरार आरोपी

    Satna में टक्कर के बहाने चेन स्नेचिंग, डायल-112 को चकमा देकर UP की ओर फरार आरोपी


    नई दिल्ली। सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक फिल्मी अंदाज में चेन स्नैचिंग की वारदात सामने आई। बगदरा घाटी में 4-5 बदमाशों ने दो गाड़ियों से पीछा करते हुए कार को टक्कर मारकर रोकने की कोशिश की और मौका मिलते ही युवक के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए। वारदात के बाद आरोपी पुलिस को चकमा देकर उत्तर प्रदेश की ओर भाग निकले।
     घाटी में पीछा, टक्कर मारकर रुकवाने की कोशिश

    जानकारी के मुताबिक, रैपुरा निवासी प्रदीप कुमार अपने तीन दोस्तों के साथ सीधी से चित्रकूट लौट रहे थे। जब उनकी कार बगदरा घाटी से गुजर रही थी, तभी पीछे से आई दो संदिग्ध गाड़ियों ने उनकी कार को टक्कर मारकर रोकने की कोशिश की। हालांकि, खतरा भांपते हुए प्रदीप ने घाटी में वाहन नहीं रोका और सीधे गोदावरी मोड़ तक पहुंच गए।

     गाड़ी रुकते ही झपटी चेन

    जैसे ही पीड़ित गोदावरी मोड़ पर रुके, दोनों संदिग्ध गाड़ियां भी वहां पहुंच गईं। एक वाहन के पास आते ही उसमें सवार बदमाश ने झटके से प्रदीप के गले से सोने की चेन छीन ली और तुरंत फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों गाड़ियों में 4 से 5 आरोपी सवार थे, जिन्होंने पूरी वारदात को बेहद तेजी से अंजाम दिया।

     पुलिस को चकमा देकर बॉर्डर पार

    घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस ने जानकीकुंड अस्पताल के पास घेराबंदी की, लेकिन बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।

    बताया जा रहा है कि आरोपी मध्यप्रदेश की सीमा पार कर उत्तर प्रदेश में दाखिल हो गए। पीड़ित पक्ष ने भी अपनी कार से उनका पीछा किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

     CCTV और वीडियो के आधार पर जांच तेज

    इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी वाहन भागते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वाहनों के नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

     हाईवे पर बढ़ती वारदातें, सुरक्षा पर सवाल

    इस तरह की घटनाओं ने हाईवे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और सीमा पार समन्वय के जरिए कार्रवाई की जा रही है।

  • शराब के नशे में चढ़ा शख्स बोला- 20 हजार में खरीदी थी बाइक, पकड़े जाने पर खुला चोरी का राज

    शराब के नशे में चढ़ा शख्स बोला- 20 हजार में खरीदी थी बाइक, पकड़े जाने पर खुला चोरी का राज


    नई दिल्ली। जबलपुर के छोटी लाइन चौराहा पर रविवार रात एक चोरी की बाइक का पर्दाफाश हुआ, जिसने ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और थोड़ी शराबी हरकतों की वजह से उजागर हुआ। रात करीब 10 बजे, ट्रैफिक टीम रूटिन चेकिंग कर रही थी, तभी एक युवक शराब पीकर दुकान से बाहर निकला और उसकी बाइक नो पार्किंग में खड़ी मिली।

    युवक की जल्दबाजी पुलिस को लगी संदिग्ध
    पुलिस ने जब चालान काटने के लिए रोककर पूछा, तो युवक बिना बहस किए तुरंत चालान भरने को तैयार हो गया। यह अजीब व्यवहार आरक्षक वीरेंद्र की नजर में संदिग्ध लगा। युवक को पकड़कर टीआई इंदिरा ठाकुर के पास ले जाया गया। युवक ने अपना नाम विजय, निवासी गढ़ा बताया और बताया कि उसने बाइक रामपुर क्षेत्र के राजेश से 20 हजार रुपए में खरीदी थी, लेकिन उसके पास कोई दस्तावेज नहीं थे।

    नंबर प्लेट की गड़बड़ी ने खोला पूरा खेल
    जांच में पता चला कि बाइक की नंबर प्लेट (MP20 MX 737) में गड़बड़ी थी—जहां चार अंक होने चाहिए थे, वहां सिर्फ तीन अंक थे। पुलिस ने तुरंत वाहन की डिटेल निकाली और पाया कि रजिस्ट्रेशन फर्जी था।

    चेसिस नंबर से सच्चाई सामने आई
    चेसिस नंबर के आधार पर असली मालिक का पता चला। उसने बताया कि यह बाइक दो साल पहले रामपुर से चोरी हुई थी और इसकी शिकायत पहले ही दर्ज कराई जा चुकी थी। इस तरह, शराब के नशे में युवक की जल्दबाजी ने चोरी का पूरा खेल उजागर कर दिया।

    बाइक जब्त, आरोपी थाने हवालात में
    पुलिस ने मौके पर बाइक जब्त कर युवक विजय को गोरखपुर थाना भेज दिया, जहां उसके खिलाफ चोरी और फर्जी दस्तावेजों के मामले दर्ज किए गए हैं।

    टीम की सक्रियता
    यह कार्रवाई एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर डीएसपी बीएन प्रजापति, टीआई इंदिरा ठाकुर, सूबेदार मनीष प्यासी और आरक्षक वीरेंद्र की टीम ने की।

  • भीकनगांव में दर्दनाक वारदात: बेटे ने मां की गर्दन पर किए 4 वार, शव पर पानी डाला

    भीकनगांव में दर्दनाक वारदात: बेटे ने मां की गर्दन पर किए 4 वार, शव पर पानी डाला


    नई दिल्ली। भीकनगांव में शनिवार शाम 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला रामई बाई की उनके 55 वर्षीय बेटे विष्णु सावले ने कुल्हाड़ी से गर्दन पर चार वार कर हत्या कर दी। घटना के पीछे बेटे का आरोप है कि वह अपनी बीमार मां की लगातार देखभाल से तंग आ गया था। हत्या के बाद आरोपी ने शव पर पानी डालकर खून साफ करने का प्रयास भी किया।

    घर में अकेला था आरोपी, पलंग पर की वारदात
    एडीओपी राकेश आर्य ने बताया कि यह दर्दनाक घटना शनिवार शाम को हुई। उस समय घर में केवल विष्णु सावले ही मौजूद था। उसने अपनी मां की बीमारी और उनकी देखभाल से परेशान होकर घर से कुल्हाड़ी निकाली और पलंग पर लेटी रामई बाई की गर्दन पर चार बार वार किया। इस हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने कुल्हाड़ी छिपा दी और खून साफ करने के लिए शव पर पानी डालने की कोशिश की।

    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया
    सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम के माध्यम से सबूत जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद आरोपी बेटे विष्णु सावले को हिरासत में लिया गया। पुलिस पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया।

    आरोपी का बयान- “परेशानी भरे जीवन से मुक्त किया”
    पूछताछ में विष्णु ने कहा कि उसकी मां बीमारी के कारण बिस्तर पर ही रहती थीं। उसे उनकी देखभाल में खाना खिलाना, पानी पिलाना, नहलाना और साफ-सफाई करना पड़ता था। उसने आरोप लगाया कि यह जीवन उसके लिए बहुत परेशानी भरा था, और उसने अपनी मां को इस जीवन से मुक्त करने का निर्णय लिया।

    जेल भेजा गया आरोपी
    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया गया। घटना ने स्थानीय लोगों में सन्नाटा और भय फैला दिया है। पड़ोसियों ने बताया कि रामई बाई हमेशा अपने बेटे के साथ रहती थीं और किसी से कोई शिकवा-शिकायत नहीं करती थीं।

    भीकनगांव में बेटे ने अपनी बीमार मां की देखभाल से तंग होकर कुल्हाड़ी से गर्दन पर चार वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने खून साफ करने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने खुद कबूल किया कि उसने अपनी मां को “परेशानी भरे जीवन से मुक्त” किया। घटना ने इलाके में सन्नाटा और शोक की स्थिति पैदा कर दी है।

  • मुरैना बालिका सुधार गृह से दो नाबालिग सहित तीन फरार: वार्डन पर हमला कर छीनी चाबी, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    मुरैना बालिका सुधार गृह से दो नाबालिग सहित तीन फरार: वार्डन पर हमला कर छीनी चाबी, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    मुरैना । मध्य प्रदेश के Morena जिले में स्थित बालिका सुधार गृह से फरार होने की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। Badokhar स्थित बालिका सुधार गृह से एक बालिग महिला और दो नाबालिग बालिकाएं वार्डन पर हमला कर चाबी छीनकर फरार हो गईं। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पुलिस तीनों की तलाश में जुट गई है।

    मिली जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है। उस समय सुधार गृह में तैनात महिला वार्डन सो रही थी। इसी दौरान वहां रह रही एक बालिग महिला और दो नाबालिग बालिकाओं ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि एक बालिका ने वार्डन की गर्दन दबा दी जबकि दूसरी ने उसके हाथ पर चोट पहुंचाई। दोनों ने मिलकर वार्डन के साथ मारपीट की और उसके पास मौजूद मुख्य गेट की चाबी छीन ली। इसके बाद तीनों ने गेट का ताला खोला और मौके से फरार हो गईं।

    वार्डन ने खुद को छुड़ाने के बाद शोर मचाया लेकिन तब तक तीनों परिसर से निकल चुकी थीं। घटना की जानकारी मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। वार्डन की शिकायत के आधार पर स्टेशन रोड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।

    पुलिस ने फरार बालिकाओं और महिला की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि तीनों किस दिशा में भागीं और किस रास्ते से बाहर निकलीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तीनों को पकड़ लिया जाएगा।

    सूत्रों के मुताबिक फरार हुई दो नाबालिग बालिकाएं महज एक दिन पहले ही सुधार गृह में लाई गई थीं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने कम समय में उन्होंने भागने की योजना कैसे बना ली। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बाहरी मदद या पहले से बनाई गई साजिश तो नहीं थी।

    घटना के बाद सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी मुरैना के सुधार गृहों से फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिससे सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस सुधार गृह में मौजूद अन्य बालिकाओं से भी पूछताछ कर रही है ताकि फरार हुई तीनों के बारे में कोई सुराग मिल सके।

    पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार महिला और दोनों नाबालिगों को पकड़कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा में चूक कहां हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।