Tag: Madhya Pradesh crime news

  • भीकनगांव में दर्दनाक वारदात: बेटे ने मां की गर्दन पर किए 4 वार, शव पर पानी डाला

    भीकनगांव में दर्दनाक वारदात: बेटे ने मां की गर्दन पर किए 4 वार, शव पर पानी डाला


    नई दिल्ली। भीकनगांव में शनिवार शाम 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला रामई बाई की उनके 55 वर्षीय बेटे विष्णु सावले ने कुल्हाड़ी से गर्दन पर चार वार कर हत्या कर दी। घटना के पीछे बेटे का आरोप है कि वह अपनी बीमार मां की लगातार देखभाल से तंग आ गया था। हत्या के बाद आरोपी ने शव पर पानी डालकर खून साफ करने का प्रयास भी किया।

    घर में अकेला था आरोपी, पलंग पर की वारदात
    एडीओपी राकेश आर्य ने बताया कि यह दर्दनाक घटना शनिवार शाम को हुई। उस समय घर में केवल विष्णु सावले ही मौजूद था। उसने अपनी मां की बीमारी और उनकी देखभाल से परेशान होकर घर से कुल्हाड़ी निकाली और पलंग पर लेटी रामई बाई की गर्दन पर चार बार वार किया। इस हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने कुल्हाड़ी छिपा दी और खून साफ करने के लिए शव पर पानी डालने की कोशिश की।

    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया
    सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम के माध्यम से सबूत जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद आरोपी बेटे विष्णु सावले को हिरासत में लिया गया। पुलिस पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया।

    आरोपी का बयान- “परेशानी भरे जीवन से मुक्त किया”
    पूछताछ में विष्णु ने कहा कि उसकी मां बीमारी के कारण बिस्तर पर ही रहती थीं। उसे उनकी देखभाल में खाना खिलाना, पानी पिलाना, नहलाना और साफ-सफाई करना पड़ता था। उसने आरोप लगाया कि यह जीवन उसके लिए बहुत परेशानी भरा था, और उसने अपनी मां को इस जीवन से मुक्त करने का निर्णय लिया।

    जेल भेजा गया आरोपी
    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया गया। घटना ने स्थानीय लोगों में सन्नाटा और भय फैला दिया है। पड़ोसियों ने बताया कि रामई बाई हमेशा अपने बेटे के साथ रहती थीं और किसी से कोई शिकवा-शिकायत नहीं करती थीं।

    भीकनगांव में बेटे ने अपनी बीमार मां की देखभाल से तंग होकर कुल्हाड़ी से गर्दन पर चार वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने खून साफ करने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने खुद कबूल किया कि उसने अपनी मां को “परेशानी भरे जीवन से मुक्त” किया। घटना ने इलाके में सन्नाटा और शोक की स्थिति पैदा कर दी है।

  • मुरैना बालिका सुधार गृह से दो नाबालिग सहित तीन फरार: वार्डन पर हमला कर छीनी चाबी, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    मुरैना बालिका सुधार गृह से दो नाबालिग सहित तीन फरार: वार्डन पर हमला कर छीनी चाबी, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    मुरैना । मध्य प्रदेश के Morena जिले में स्थित बालिका सुधार गृह से फरार होने की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। Badokhar स्थित बालिका सुधार गृह से एक बालिग महिला और दो नाबालिग बालिकाएं वार्डन पर हमला कर चाबी छीनकर फरार हो गईं। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पुलिस तीनों की तलाश में जुट गई है।

    मिली जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है। उस समय सुधार गृह में तैनात महिला वार्डन सो रही थी। इसी दौरान वहां रह रही एक बालिग महिला और दो नाबालिग बालिकाओं ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि एक बालिका ने वार्डन की गर्दन दबा दी जबकि दूसरी ने उसके हाथ पर चोट पहुंचाई। दोनों ने मिलकर वार्डन के साथ मारपीट की और उसके पास मौजूद मुख्य गेट की चाबी छीन ली। इसके बाद तीनों ने गेट का ताला खोला और मौके से फरार हो गईं।

    वार्डन ने खुद को छुड़ाने के बाद शोर मचाया लेकिन तब तक तीनों परिसर से निकल चुकी थीं। घटना की जानकारी मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। वार्डन की शिकायत के आधार पर स्टेशन रोड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।

    पुलिस ने फरार बालिकाओं और महिला की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि तीनों किस दिशा में भागीं और किस रास्ते से बाहर निकलीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तीनों को पकड़ लिया जाएगा।

    सूत्रों के मुताबिक फरार हुई दो नाबालिग बालिकाएं महज एक दिन पहले ही सुधार गृह में लाई गई थीं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने कम समय में उन्होंने भागने की योजना कैसे बना ली। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बाहरी मदद या पहले से बनाई गई साजिश तो नहीं थी।

    घटना के बाद सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी मुरैना के सुधार गृहों से फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिससे सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस सुधार गृह में मौजूद अन्य बालिकाओं से भी पूछताछ कर रही है ताकि फरार हुई तीनों के बारे में कोई सुराग मिल सके।

    पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार महिला और दोनों नाबालिगों को पकड़कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा में चूक कहां हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

  • रिश्तों का 'कसाई': पार्टी के बहाने बेटे को हटाया, फिर दादी से दरिंदगी कर दांतों से काट डाला चेहरा

    रिश्तों का 'कसाई': पार्टी के बहाने बेटे को हटाया, फिर दादी से दरिंदगी कर दांतों से काट डाला चेहरा


    राजगढ़। मर्यादा, ममता और रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी वीभत्स कहानी राजगढ़ के भोजपुर इलाके से सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। ग्राम घाटाखेड़ी में एक कलयुगी पोते ने अपनी ही बुजुर्ग दादी को हवस का शिकार बनाया और विरोध करने पर उनके चेहरे को दांतों से नोचकर मौत के घाट उतार दिया। यह वारदात केवल एक अपराध नहीं, बल्कि हैवानियत की वो पराकाष्ठा है जिसे सुनकर पत्थर दिल भी पसीज जाए।

    घटना की पटकथा 3 मार्च 2026 की रात को लिखी गई, जब आरोपी रामनिवास भील ने एक सुनियोजित साजिश रची। उसने अपनी बुजुर्ग दादी पर लंबे समय से गंदी नजर रखी हुई थी। उस रात उसने एक मुर्गा खरीदा और ‘मुर्गा पार्टी’ का लालच देकर बुजुर्ग के बेटे (अपने चाचा) को खेत पर बुला लिया। जब बेटा पार्टी में मशगूल हो गया, तो रामनिवास चुपके से वहां से निकला और उस टापरी (झोपड़ी) पर जा पहुँचा जहाँ बुजुर्ग महिला अकेली थी।

    खौफनाक मंजर तब शुरू हुआ जब आरोपी ने आवाज देकर अपनी दादी को बाहर बुलाया और जबरन खींचकर गेहूं के खेत में ले गया। वहां उसने बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म (Rape) किया। जब बेबस दादी ने अपनी अस्मत बचाने के लिए शोर मचाया और विरोध किया, तो रामनिवास के भीतर का शैतान जाग उठा। उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपने दांतों से महिला की नाक और मुंह को बुरी तरह काट लिया। तड़पती हुई बुजुर्ग को लहूलुहान हालत में छोड़कर आरोपी नग्न अवस्था में ही वहां से भाग निकला। अगली सुबह जब बेटा खेत पर पहुँचा, तो माँ को मरणासन्न स्थिति में पाया, जिन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    पुलिस के लिए यह ‘अंधा कत्ल’ एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक केएल बंजारे और भोजपुर थाना प्रभारी संगीता शर्मा की टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए महज 24 घंटे में इस हैवान को बेनकाब कर दिया। घटनास्थल के पास झाड़ियों में छिपा आरोपी का मोबाइल फोन और खून से सनी शर्ट उसके खिलाफ सबसे बड़े गवाह बने। ग्रामीणों ने भी पुष्टि की कि घटना की रात रामनिवास को बिना कपड़ों के भागते देखा गया था, जिसके शरीर पर खून के निशान थे।

    पूछताछ में जब आरोपी ने अपना जुर्म कबूला, तो पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। आरोपी ने बताया कि उसने योजना के तहत ही बेटे को पार्टी में फंसाया था ताकि वह अपनी दरिंदगी को अंजाम दे सके। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी रामनिवास को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है और उसके खिलाफ हत्या व बलात्कार की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।

  • शिवपुरी सुसाइड मिस्ट्री: 'रेप' के आरोपी प्रेमी के संग नाबालिग ने दुनिया को कहा अलविदा, गले में मंगलसूत्र और नीम के पेड़ पर मिले दो शव

    शिवपुरी सुसाइड मिस्ट्री: 'रेप' के आरोपी प्रेमी के संग नाबालिग ने दुनिया को कहा अलविदा, गले में मंगलसूत्र और नीम के पेड़ पर मिले दो शव


    शिवपुरी /मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने कानून और मानवीय भावनाओं के बीच के द्वंद्व को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक प्रेमी युगल के शव नीम के पेड़ से लटके हुए मिले हैं, जिसकी पृष्ठभूमि में प्रेम, पुलिस केस और जेल की एक लंबी कहानी छिपी है। मृतक की पहचान 19 वर्षीय जितेंद्र धाकड़ और 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी के रूप में हुई है। यह घटना केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि उस जटिलता का उदाहरण है जहाँ एक प्रेमिका ने ही पहले अपने प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाए थे।

    घटनाक्रम की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई थी, जब जितेंद्र उक्त नाबालिग लड़की को लेकर भाग गया था। परिजनों की शिकायत पर बदरवास पुलिस ने कार्रवाई की और 8 नवंबर 2025 को जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल जांच और नाबालिग के बयानों के आधार पर पुलिस ने जितेंद्र के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। कानूनी दस्तावेजों में जो शख्स एक अपराधी और बलात्कारी के रूप में दर्ज था, उसके लिए नाबालिग के मन में शायद कुछ और ही चल रहा था।

    11 फरवरी को जितेंद्र जमानत पर जेल से बाहर आया। रिहाई के बाद दोनों ने फिर से संपर्क किया और बीते 24 फरवरी को वे एक बार फिर अपने-अपने घरों से रहस्यमयी ढंग से गायब हो गए। परिजनों की तलाश और पुलिस की सक्रियता के बीच, बुधवार सुबह गुड़ा रोड स्थित एक खेत में नीम के पेड़ पर दोनों की लाशें फांसी के फंदे से लटकती पाई गईं। हैरान करने वाली बात यह है कि मृत नाबालिग के गले में मंगलसूत्र मिला है, जो इस ओर इशारा करता है कि मरने से पहले या भागने के दौरान उन्होंने कथित तौर पर विवाह कर लिया था।

    घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या यह वाकई सामूहिक आत्महत्या है या इसके पीछे ‘ऑनर किलिंग’ जैसी कोई गहरी साजिश? पुलिस हर कोण से जांच कर रही है। कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर के अनुसार, शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं-लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस युवक को लड़की ने जेल भिजवाया था, उसी के साथ उसने मौत का रास्ता क्यों चुना। फिलहाल, पीएम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों का इंतजार है, जिसके बाद ही इस खौफनाक अंत की असली वजह साफ हो पाएगी।

  • रतलाम में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़: आधी रात पुलिस का छापा. लाखों की ड्रग्स और हथियार जब्त. 10 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार

    रतलाम में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़: आधी रात पुलिस का छापा. लाखों की ड्रग्स और हथियार जब्त. 10 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार


    रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के कालूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिकलाना में संचालित एक गुप्त एमडी ड्रग मेफेड्रोन फैक्ट्री का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई आधी रात को की गई. जिसमें भारी मात्रा में तैयार ड्रग्स. कच्चा माल. मशीनरी और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया है।जानकारी के अनुसार. कालूखेड़ा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम चिकलाना में एक मकान के भीतर अवैध रूप से एमडी ड्रग बनाने का काम चल रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए जावरा और कालूखेड़ा थाने की संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया। पूरी योजना के साथ पुलिस बल ने रात के समय मकान पर छापा मारा। जब पुलिस टीम अंदर पहुंची तो वहां ड्रग बनाने की पूरी फैक्ट्री सक्रिय हालत में मिली।

    मकान के भीतर बड़ी मात्रा में केमिकल. ड्रग तैयार करने की मशीनें. उपकरण और तैयार एमडी ड्रग्स रखी हुई थीं। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स जब्त की हैं. जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक बताई जा रही है। इसके अलावा छापेमारी के दौरान कुछ अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं. जिससे इस नेटवर्क की गंभीरता और आपराधिक पृष्ठभूमि का अंदाजा लगाया जा रहा है।प्रारंभिक जांच में पुलिस ने मौके से करीब 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह ड्रग फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी. इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क किन-किन जिलों या राज्यों तक फैला हुआ है।

    पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह फैक्ट्री सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं. बल्कि अन्य जिलों में भी एमडी ड्रग की सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। एसपी रतलाम और संबंधित थाना प्रभारी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
    फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि ड्रग बनाने का कच्चा माल कहां से आता था. तैयार ड्रग्स की सप्लाई किन-किन जगहों पर की जाती थी और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन बड़े सरगना हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है और इसे ड्रग माफिया के खिलाफ एक बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।