Tag: Madhya Pradesh Government

  • सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीएम मोदी से की भेंट, किसान कल्याण वर्ष की गतिविधियों से कराया अवगत

    सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीएम मोदी से की भेंट, किसान कल्याण वर्ष की गतिविधियों से कराया अवगत


    भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट की और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर सीएम ने पीएम मोदी को प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि विकास किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश में कई पहलें की जा रही हैं। पीएम मोदी ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए मार्गदर्शन और आशीर्वाद दिया।

    सीएम डॉ. यादव ने कहा “प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी के बताए मार्ग के अनुसार चार श्रेणियों किसान महिला गरीब और युवा के लिए काम कर रही है। करीब 16 विभागों को जोड़कर कृषि पशुपालन मछली पालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों में अच्छी पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे काम को आगे बढ़ाने का आशीर्वाद दिया है।

    नई दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने संसद भवन का भ्रमण भी किया और विभिन्न सांसदों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश के विकास केंद्र राज्य समन्वय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के हित में विकास कार्यों को और गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।  सीएम ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के समन्वय से प्रदेश में निवेश रोजगार और किसान कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल होंगी।

  • अप्रैल में पैक्स से 10 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने दिए सदस्यता अभियान के निर्देश

    अप्रैल में पैक्स से 10 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने दिए सदस्यता अभियान के निर्देश


    भोपाल । मध्यप्रदेश में सहकारिता संस्थाओं को मजबूत बनाने और किसानों को अधिक से अधिक संस्थागत सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से सरकार बड़े स्तर पर पहल करने जा रही है। इसी कड़ी में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर वर्तमान गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में उन्होंने प्रदेशभर में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों पैक्स और विपणन सहकारी समितियों को सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।

    बैठक में मंत्री ने निर्देश दिए कि पैक्स और विपणन सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष कमेटी गठित की जाए। यह कमेटी सहकारी संस्थाओं की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी और उनके संचालन, संरचना तथा कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देगी। साथ ही कमेटी को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

    सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि वर्ष को ध्यान में रखते हुए सहकारिता संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाए, ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

    उन्होंने कहा कि पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई के रूप में विकसित करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से अप्रैल माह में पूरे प्रदेश में वृहद सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत लगभग 10 लाख किसानों को सहकारिता संस्थाओं से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने से ग्रामीण स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को ऋण, खाद, बीज और अन्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

    बैठक में खाद वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मंत्री विश्वास कैलाश सारंगने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डबल लॉक की स्थिति में नगद भुगतान के माध्यम से पैक्स के जरिए खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इससे किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी तथा सुव्यवस्थित बनेगी।इस समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता डी. पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

  • उज्जैन सिंहस्थ 2028: 3,000 करोड़ का बजट, 128 प्रोजेक्ट में से कई अधूरे, प्रशासन पर समय की चुनौती

    उज्जैन सिंहस्थ 2028: 3,000 करोड़ का बजट, 128 प्रोजेक्ट में से कई अधूरे, प्रशासन पर समय की चुनौती


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए अब तक कुल 5,570 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, जिसमें हाल ही में पेश 3,060 करोड़ रुपए की राशि पिछले बजट की तुलना में 1,055 करोड़ अधिक है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के अनुसार, सिंहस्थ आयोजन के लिए पहले से ही 13,851 करोड़ के प्रोजेक्ट स्वीकृत हैं और विभिन्न विभागों में काम जारी है। हालांकि, आर्थिक सर्वेक्षण और विभागीय समीक्षा में सामने आया है कि घाटों की मरम्मत, पुल और सड़कों के अपग्रेडेशन, पेयजल और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के काम अभी भी अधूरे हैं।

    सिंहस्थ आयोजन के लिए बनी कैबिनेट सब-कमेटी ने 128 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिनकी अनुमानित लागत 13,752 करोड़ है। इनमें से 42 प्रोजेक्ट नगरीय विकास एवं आवास विभाग के जिम्मे हैं, लेकिन केवल 33 प्रोजेक्ट पर ही धरातल पर काम शुरू हो पाया है। शेष 26 महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अभी फाइलों में अटके हैं। इन लंबित योजनाओं में सड़क चौड़ीकरण, नए पुलों का निर्माण, घाटों का विस्तार, ट्रैफिक सुधार और श्रद्धालुओं के लिए आवास जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।

    जल और शिप्रा नदी का शुद्धिकरण राज्य सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जल संसाधन विभाग पांच बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिनमें कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट ₹914 करोड़ केवल 52% पूरा हुआ है। उज्जैन और देवास में बैराज निर्माण, शिप्रा को प्रवाहमान बनाने और घाट निर्माण के प्रोजेक्ट भी केवल 15% से 62% तक ही पूरे हुए हैं। इन प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन 2027-2028 तक है, इसलिए प्रशासन पर समय की बड़ी चुनौती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में प्रोजेक्ट की समीक्षा कर तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने पिछले तीन वर्षों से केंद्र से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है और उम्मीद जताई है कि 6,000-7,000 करोड़ रुपए की केंद्र सहायता किश्तों में उपलब्ध हो सकेगी।

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग पर सिंहस्थ तैयारियों का सबसे बड़ा जिम्मा है। विभाग के 42 प्रोजेक्ट में से 33 पर काम चल रहा है, लेकिन 9 प्रोजेक्ट अभी अधूरे हैं। पेयजल, सीवरेज और घाट निर्माण जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी, समय की कमी और भारी वित्तीय बोझ प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है।

    सिंहस्थ की सफलता राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक क्षमता का परीक्षण होगी। हालांकि बजट और परियोजनाओं की संख्या प्रभावशाली दिखती है, लेकिन धरातल पर तेजी से काम न होने से आयोजन में संभावित जोखिम बरकरार हैं।

  • 2026-27 के बजट प्रस्तावों में हर वर्ग के विकास पर फोकस: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, 18 फरवरी को विधानसभा में पेश होगा बजट

    2026-27 के बजट प्रस्तावों में हर वर्ग के विकास पर फोकस: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, 18 फरवरी को विधानसभा में पेश होगा बजट


    भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में राज्य के सभी क्षेत्रों और समाज के हर वर्ग के विकास तथा कल्याण का विशेष ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बजट प्रस्तावों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप और संतुलित बताते हुए उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा के दृष्टिकोण की सराहना की।

    मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बजट निर्माण में लगे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के परिश्रम की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि यह प्रदेश के विकास की दिशा और सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

    बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई अपर मुख्य सचिव (वित्त) श्री मनीष रस्तोगी सहित वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रेजेंटेशन के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं विकास कार्यों सामाजिक कल्याण अधोसंरचना शिक्षा स्वास्थ्य कृषि और रोजगार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। बजट में गरीब किसान महिला युवा और श्रमिक वर्ग के हितों को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही औद्योगिक विकास निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों को भी इसमें शामिल किया गया है।

    मुख्यमंत्री के समक्ष प्रेजेंटेशन के बाद मंत्रि-परिषद के समक्ष भी बजट प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण किया गया जिसे कैबिनेट ने अनुमोदित कर दिया है। मंत्रि-परिषद से मंजूरी मिलने के बाद अब यह बजट 18 फरवरी को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।

    सरकार का दावा है कि यह बजट विकासोन्मुख होने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी ध्यान में रखेगा। इसमें राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने आधारभूत ढांचे के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने पर जोर रहेगा।

    प्रदेश सरकार के इस बजट को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि 2026-27 का बजट मध्य प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा और राज्य को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • 1450 किमी लंबा राम वन गमन पथ तैयार कर रही मध्‍य प्रदेश सरकार

    1450 किमी लंबा राम वन गमन पथ तैयार कर रही मध्‍य प्रदेश सरकार

    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिन्होंने नि:शब्द रहकर अपनी पुण्य भावनाओं को अमर शब्द दे दिए, ऐसी शबरी मैया को पूरे मध्यप्रदेश की ओर से नमन है, वंदन है। जिनके जूठे बेर खाकर भगवान श्री राम भी भक्तिभाव से धन्य हो गये उस माता शबरी की महिमा कौन नहीं जानता। भगवान को बेर भी भेंट देने से पहले खुद बेर का मीठापन जांच लेना भक्ति का उत्कर्ष है। यह प्रसंग हमें बताता है कि भगवान भक्त की आराधना पद्धति के नहीं, बल्कि उसके मन के भावों के भूखे होते हैं। व्यक्ति का मूल्य उसके हृदय की पवित्रता से तय होता है, जन्म से नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल समाज की कुल देवी शबरी मैया हम सबके लिए सदैव आराध्य हैं, पूजनीय हैं, वंदनीय हैं। उन्होंने अपने चरित्र एवं सत्कर्मों से पूरे वनवासी और जनजातीय समाज का मान बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शहडोल जिले की ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गंधिया स्थित सीतामढ़ी धाम में माता शबरी जयंती पर आयोजित जनजातीय हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
    मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी परिसर में शबरी मैया की एक सुंदर प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम गंधिया से शहडोल जिले के लिए 747 करोड़ 91 लाख रुपए की लागत वाले 139 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इसमें 613 करोड़ रुपए से अधिक लागत से 79 कार्यों का लोकार्पण तथा 134 करोड़ रूपए से अधिक लागत के 60 कार्यों का भूमि पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण हमारी प्राथमिकताओं में है। प्रदेश में पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत 98 करोड़ 30 लाख रुपए और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 401.56 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया जा चुका है। हमारी सरकार ने जनजातीय समाज के नायकों की गौरव गाथाओं को शैक्षिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शबरी माता ने बरसों भगवान श्री राम का इंतजार किया। कई साल तक राम का रास्ता निहारती रहीं। रोज अपनी कुटिया की सफाई करती रहीं कि आज नहीं, तो कल राम आएंगे। यह एक भक्त के अपने भगवान पर अटूट विश्वास का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री राम आए, शबरी मैया की भक्ति और स्नेह से अत्यंत भावविभोर हुए और उन्हें नवधा भक्ति का ज्ञान देकर मोक्ष भी प्रदान किया।

    हमारी सरकार ने शबरी मैया और हम सबके आराध्य भगवान श्रीराम की स्तुति के लिए श्री रामचन्द्र पथ गमन न्यास की स्थापना की है। हम प्रदेश में 1450 किमी लंबे राम वन गमन पथ का निर्माण करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को श्रीराम का विशेष स्नेह मिला। चित्रकूट में उन्होंने 11 वर्ष बिताए। ग्राम गंधिया में भी वे 11 रात रहे। इसीलिए गंधिया को भी राम वन गमन पथ विकास योजना में शामिल कर लिया गया है। इससे गंधिया का विकास होगा। इस गांव के विकास के लिए सरकार ने लगभग 80 लाख रुपए मंजूर किए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्यौहारी में 30 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी धाम को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने तथा वन्य जीव पर्यटन गतिविधियों के विकास-विस्तार के लिए क्षेत्रीय संजय डूबरी टाइगर रिजर्व का एक गेट ब्यौहारी की तरफ भी खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में महुआ और कटहल बहुतायत से होता है। इसीलिए इन दोनों से बनने वाली औषधियों एवं अन्य उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र में उद्योग, रोजगार एवं निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री ने यहां एक औद्योगिक विकास केंद्र खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जयसिंह नगर के लिए आवश्यक बायपास बनवाने तथा वर्तमान में जयसिंहनगर तहसील क्षेत्र की उप तहसील आमाडीह को परीक्षण कराकर तहसील बनाने की घोषणा भी की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की जनता ने सरकार की विकास नीतियों पर भरोसा जताया है, इसलिए इस क्षेत्र के विकास के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे।

    सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि त्रेतायुग मे इस भूमि पर भगवान राम के पावन चरण पड़े थे। मुख्यमंत्री ने शबरी माता की मूर्ति का अनावरण करके तथा विकास की सौगातें देकर क्षेत्र को धन्य कर दिया है। सांसद ने कटनी से ब्यौहारी होते हुए सिंगरौली तक फोरलेन सड़क निर्माण, औद्योगिक केन्द्र की स्थापना, सहित विभिन्न मांगे रखी। विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को क्षेत्र की विकास की विभिन्न सोगातों के लिए धन्यवाद दिया।

    विधायक ब्यौहारी श्री शरद जुगलाल कोल ने कहा कि 70 साल की प्रतीक्षा के बाद यहां मुख्यमंत्री पधारे हैं। मुख्यमंत्री ने शहडोल क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं सहित कई सौगातें दी है।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्र भा मिश्रा, उपाध्यक्ष श्रीमती फूलवती सिंह, जनपद अध्यक्ष जयसिंहनगर श्रीमती मालती सिंह, जनपद अध्यक्ष ब्यौहारी श्रीमती आकांक्षी सिंह, सदस्य जिला योजना समिति श्रीमती चपरा, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक सहित कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता और कलेक्टर डॉ. केदार सिंह उपस्थित रहे।

  • मंत्रालय स्थित पटेल पार्क में 2 फरवरी को राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का आयोजन

    मंत्रालय स्थित पटेल पार्क में 2 फरवरी को राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का आयोजन


    भोपाल ।मध्य प्रदेश के मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में 2 फरवरी, 2026 को राष्ट्रगीत वन्देमातरम और राष्ट्रगान “जन-गण-मन” का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10:15 बजे शुरू होगा। यह आयोजन माह के प्रथम कार्य दिवस पर प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी किया जा रहा है।

    सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश जारी किए हैं। बताया गया है कि 1 फरवरी को शासकीय अवकाश होने के कारण यह कार्यक्रम अगले दिन आयोजित किया जा रहा है, ताकि सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी इसमें भाग ले सकें।

    प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर मंत्रालय में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का आयोजन परंपरागत रूप से किया जाता है। इसका उद्देश्य न केवल देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना है, बल्कि सरकारी कार्यस्थलों में एकजुटता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को भी बढ़ावा देना है। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे समय पर उपस्थित होकर इस कार्यक्रम में भाग लें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाएं।

    वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित होने वाले इस आयोजन में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और अन्य उपस्थित लोग राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के माध्यम से देशभक्ति का संदेश फैलाएंगे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

    सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक कर्मचारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी और कार्यक्रम का पालन पूरी गंभीरता से किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों से अपेक्षा है कि वे अनुशासन बनाए रखें और राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रगान के महत्व को ध्यान में रखते हुए श्रद्धा और सम्मान के साथ इसमें भाग लें।

    इस तरह, मंत्रालय द्वारा आयोजित यह आयोजन देशभक्ति की भावना को प्रबल करने, अधिकारियों और कर्मचारियों में राष्ट्रीय सम्मान और अनुशासन बढ़ाने और राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के महत्व को युवा अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

  • मसीहा बने डिप्टी सीएम: सड़क किनारे तड़प रहे घायल बालक के लिए रुकवाया काफिला, सरकारी वाहन से भेजा अस्पताल

    मसीहा बने डिप्टी सीएम: सड़क किनारे तड़प रहे घायल बालक के लिए रुकवाया काफिला, सरकारी वाहन से भेजा अस्पताल


    भोपाल। राजनीति के व्यस्त गलियारों के बीच मानवता की एक बेहद मार्मिक और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने एक सड़क दुर्घटना में घायल बालक की जान बचाकर संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की है। यह वाकया उस समय हुआ जब श्री शुक्ल सागर प्रवास से वापस भोपाल लौट रहे थे। विदिशा-भोपाल मार्ग पर जैसे ही उनकी नजर एक अचेत अवस्था में पड़े बालक पर पड़ी, उन्होंने बिना एक पल की देरी किए तत्काल अपना काफिला रुकवा दिया।

    घटनास्थल पर पहुँचकर उप मुख्यमंत्री ने देखा कि बालक अंकित कुमार यादव गंभीर रूप से घायल है और उसे तत्काल इलाज की आवश्यकता है। एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय श्री शुक्ल ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को किनारे रखा और अपने ही काफिले के ‘फॉलो वाहन’ से बालक को तुरंत निकटतम अस्पताल रवाना किया। इतना ही नहीं, उन्होंने स्वयं संबंधित जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ को फोन कर घायल बच्चे के उपचार के लिए विशेष निर्देश दिए।

    उप मुख्यमंत्री की इस तत्परता का सुखद परिणाम यह रहा कि बालक अंकित को ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज मिल सका। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण अब बालक का स्वास्थ्य स्थिर है और उसकी जान खतरे से बाहर है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम अब आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी कर रही है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उप मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की जा रही है, जो यह संदेश देता है कि पद और पावर से ऊपर किसी की जान बचाना सबसे बड़ा धर्म है।

  • जननायक को नमन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

    जननायक को नमन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि


    भोपाल। सामाजिक न्याय के पुरोधा और जननायक के नाम से विख्यात भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कर्पूरी ठाकुर के सादगीपूर्ण जीवन और पिछड़ों के उत्थान के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए उन्हें सामाजिक समानता का सच्चा प्रतीक बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा गरीबों, शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर जी द्वारा किया गया त्याग और अटूट समर्पण हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है। उनका सादगीपूर्ण राजनीतिक जीवन हमें सदैव निष्काम समाज सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

    सामाजिक न्याय के प्रणेता थे कर्पूरी ठाकुर

    स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का भारतीय राजनीति में स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें उनकी ईमानदारी और दलितों-पिछड़ों के अधिकारों की वकालत के लिए जाना जाता है।सामाजिक समानता: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि कर्पूरी ठाकुर ने शासन व्यवस्था में समानता लाने के जो बीज बोए थे, उन्हीं पर चलते हुए आज की सरकारें वंचितों के सशक्तिकरण का कार्य कर रही हैं।

    भारत रत्न का सम्मान मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न मरणोपरांत से सम्मानित करना, उनके संघर्षों और भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान का सच्चा सम्मान है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में कर्पूरी ठाकुर की विरासत और उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को पुन दोहराया है।

     सामाजिक न्याय के पुरोधा और जननायक के नाम से विख्यात भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कर्पूरी ठाकुर के सादगीपूर्ण जीवन और पिछड़ों के उत्थान के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए उन्हें सामाजिक समानता का सच्चा प्रतीक बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा गरीबों, शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर जी द्वारा किया गया त्याग और अटूट समर्पण हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है। उनका सादगीपूर्ण राजनीतिक जीवन हमें सदैव निष्काम समाज सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

    सामाजिक न्याय के प्रणेता थे कर्पूरी ठाकुर

    स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का भारतीय राजनीति में स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें उनकी ईमानदारी और दलितों-पिछड़ों के अधिकारों की वकालत के लिए जाना जाता है।सामाजिक समानता: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि कर्पूरी ठाकुर ने शासन व्यवस्था में समानता लाने के जो बीज बोए थे, उन्हीं पर चलते हुए आज की सरकारें वंचितों के सशक्तिकरण का कार्य कर रही हैं।

    भारत रत्न का सम्मान मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न मरणोपरांत से सम्मानित करना, उनके संघर्षों और भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान का सच्चा सम्मान है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में कर्पूरी ठाकुर की विरासत और उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को पुन दोहराया है।

  • इंदौर में प्रदूषित जल आपूर्ति मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति गठि

    इंदौर में प्रदूषित जल आपूर्ति मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति गठि


    इंदौर। इंदौर नगर में हाल ही में सामने आए प्रदूषित जल आपूर्ति के गंभीर घटनाक्रम को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की विस्तृत समीक्षा निष्कर्ष और भविष्य के लिए ठोस अनुशंसाएं तैयार करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने एक उच्चस्तरीय राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं।

    राज्य स्तरीय समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल करेंगे। समिति में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि तथा आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोडवे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। वहीं आयुक्त इंदौर संभाग श्री सुदाम खाड़े को समिति का सदस्य-सचिव नामित किया गया है।समिति का मुख्य कार्य इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित प्रदूषित जल आपूर्ति की घटना के वास्तविक कारणों का गहन परीक्षण करना होगा। इसके अंतर्गत घटना से जुड़े सभी आवश्यक तथ्यों की जांच की जाएगी साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रशासनिक तकनीकी अथवा प्रबंधन स्तर पर कहां और किस प्रकार की चूक हुई।

    समिति को यह अधिकार दिया गया है कि वह घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर सके। इसके साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव और अनुशंसाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी। जांच के दौरान समिति ऐसे अन्य विषयों को भी शामिल कर सकेगी जो जांचाधीन मामलों में आवश्यक या अनुषांगिक माने जाएं।जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए समिति को संबंधित विभागों से आवश्यक अभिलेख प्रतिवेदन और जानकारी प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर समिति द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण भी किया जा सकेगा ताकि जमीनी हकीकत का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके।

    राज्य सरकार ने समिति को यह निर्देश दिए हैं कि वह अपनी जांच यथाशीघ्र पूरी करे और अधिकतम एक माह की अवधि के भीतर अपना विस्तृत प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करे। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई जिम्मेदारी तय करने और सुधारात्मक कदम उठाए जाने की संभावना है।गौरतलब है कि इंदौर जैसे बड़े नगर में जल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन पर असर डालती है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा गठित यह समिति न केवल इस घटना की तह तक पहुंचने का प्रयास करेगी बल्कि भविष्य में सुरक्षित और स्वच्छ जल आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

  • मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक

    मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी।

    श्रम विभाग के अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे ने बताया है कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही दुकानदारों में स्व-अनुपालन की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा। इससे समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही है।

    श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।