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  • कम रेट का झांसा फिर बढ़ी कीमतें बैतूल में किसानों ने बोरिंग माफिया पर लगाए शोषण के आरोप

    कम रेट का झांसा फिर बढ़ी कीमतें बैतूल में किसानों ने बोरिंग माफिया पर लगाए शोषण के आरोप


    बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में किसानों की परेशानियां एक बार फिर सामने आई हैं जहां आमला ब्लॉक सहित आसपास के क्षेत्रों में बोरिंग मशीन संचालकों पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। रबी फसल और गन्ने की कटाई के बाद सिंचाई की जरूरत बढ़ने के साथ ही बोर खनन की मांग भी तेजी से बढ़ जाती है और इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ बाहरी एजेंटों द्वारा कथित रूप से मनमानी वसूली की जा रही है।

    स्थानीय किसानों का कहना है कि हर साल फरवरी से अप्रैल के बीच बोरिंग का काम तेजी से बढ़ता है और इस दौरान मशीन संचालकों की मांग अधिक हो जाती है। इसी दबाव का फायदा उठाते हुए बाहर से आए कुछ लोग अनियमित तरीके से काम कर रहे हैं और किसानों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं।

    आरोप है कि शुरुआत में कम रेट बताकर किसानों को काम के लिए तैयार किया जाता है लेकिन जैसे ही काम शुरू होता है बीच में ही कीमतें बढ़ा दी जाती हैं। ऐसे में किसान मजबूरी में बढ़ी हुई रकम देने को विवश हो जाते हैं क्योंकि काम अधूरा छोड़ना उनके लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता है।

    किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि यदि कोई बढ़ी हुई कीमत देने से मना करता है तो मशीन संचालक काम बीच में ही रोक देते हैं। इतना ही नहीं कुछ मामलों में किसानों को धमकाने और जान से मारने तक की धमकी देने की बातें भी सामने आई हैं जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं।

    आमला और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं बढ़ने से किसानों की चिंता और गहरा गई है। पहले से ही लागत और मौसम की मार झेल रहे किसान अब इस तरह की अवैध वसूली से और अधिक दबाव में आ गए हैं।

    किसानों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और बोरिंग मशीन संचालकों के लिए स्पष्ट दरें तय करनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की मनमानी पर रोक लग सके। साथ ही ऐसे एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई जा रही है जो किसानों का शोषण कर रहे हैं।

    यह मामला न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और किसानों को इस संकट से कितनी राहत मिल पाती है।

  • भोजशाला में गूंजा हनुमान चालीसा पाठ धार में सत्याग्रह के बीच पहुंचे प्रवीण तोगड़िया

    भोजशाला में गूंजा हनुमान चालीसा पाठ धार में सत्याग्रह के बीच पहुंचे प्रवीण तोगड़िया


    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर एक बार फिर धार्मिक गतिविधियों और सत्याग्रह के कारण चर्चा में आ गया है। यहां हिंदू समाज के लोगों ने एकत्र होकर शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ तथा पूजन किया। पूरे परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से वातावरण भक्तिमय हो गया।

    इस दौरान अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया भी भोजशाला पहुंचे और परिसर का अवलोकन किया। उनके आगमन को लेकर पहले से ही तैयारी की गई थी और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।

    अवलोकन के दौरान भोज उत्सव समिति के गोपाल शर्मा ने तोगड़िया को भोजशाला की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने परिसर के महत्व और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा जिससे तोगड़िया ने भी गंभीरता से पूरे स्थल का निरीक्षण किया।

    मीडिया से बातचीत करते हुए प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि वह लंबे समय से इस स्थल से जुड़े रहे हैं और वर्षों पहले यहां ताला खुलवाने के आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह एक बार फिर यहां दर्शन करने के उद्देश्य से आए हैं और इस स्थान के प्रति उनकी आस्था और जुड़ाव बना हुआ है।

    सत्याग्रह के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी धार्मिक आस्था का प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखा गया और किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति सामने नहीं आई।

    भोजशाला का यह आयोजन एक बार फिर इस ऐतिहासिक स्थल को चर्चा के केंद्र में ले आया है जहां धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां समय समय पर लोगों का ध्यान आकर्षित करती रहती हैं। प्रशासन भी ऐसे आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क नजर आ रहा है।

  • आंधी बारिश से बदला मौसम शिवपुरी में तापमान गिरा गर्मी से राहत

    आंधी बारिश से बदला मौसम शिवपुरी में तापमान गिरा गर्मी से राहत


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मंगलवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। सुबह से ही शहर और आसपास के इलाकों में बादल छाए हुए थे जिससे मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे थे। दोपहर होते होते तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई जिसने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट ला दी और वातावरण को सुहावना बना दिया।

    तेज हवाओं का असर इतना ज्यादा था कि कई स्थानों पर पेड़ों पर पक्षियों द्वारा बनाए गए घोंसले उड़ गए जिससे प्राकृतिक जीवन भी प्रभावित हुआ। आंधी की रफ्तार के कारण शहर के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई जिससे लोगों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश के चलते गर्मी से मिली राहत ने लोगों को काफी सुकून दिया।

    बारिश के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई और सड़कों पर भी हलचल कम हो गई। कई लोग इस अचानक बदले मौसम का आनंद लेते नजर आए तो वहीं कुछ लोग तेज हवाओं और बिजली कटौती से परेशान भी दिखे।

    मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मौसम का यह मिजाज कुछ समय तक बना रह सकता है और आने वाले घंटों में फिर से बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके। यह बदलाव न केवल तापमान में राहत लेकर आया है बल्कि आने वाले दिनों के मौसम के रुख को लेकर भी संकेत दे रहा है कि गर्मी के बीच बीच में इस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

  • जब हर तरफ आग ही आग थी सीधी में कार्यकर्ता की हिम्मत से सुरक्षित निकले मासूम बड़ा खतरा टला

    जब हर तरफ आग ही आग थी सीधी में कार्यकर्ता की हिम्मत से सुरक्षित निकले मासूम बड़ा खतरा टला


    सीधी । मध्य प्रदेश के सीधी जिले में मंगलवार का दिन उस समय दहशत में बदल गया जब रामपुर नैकिन क्षेत्र के शिकारगंज स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र के पास अचानक भीषण आग भड़क उठी और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर लपटों से घिर गया और हर तरफ धुआं और अफरा तफरी का माहौल बन गया लेकिन इसी बीच एक महिला की सूझबूझ और साहस ने सात मासूम बच्चों की जिंदगी बचा ली।

    घटना सुबह करीब 11 बजे की है जब आंगनवाड़ी केंद्र में सात छोटे बच्चे मौजूद थे और उनकी देखरेख कर रही थीं कार्यकर्ता उर्मिला द्विवेदी। अचानक पास के क्षेत्र से आग उठती नजर आई जो तेजी से फैलते हुए केंद्र के आसपास पहुंचने लगी। हालात की गंभीरता को समझते हुए उर्मिला द्विवेदी ने बिना किसी घबराहट के तुरंत निर्णय लिया और एक एक कर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया। उन्होंने न केवल बच्चों को आग से दूर पहुंचाया बल्कि उन्हें उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाकर राहत की सांस ली।

    कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आंगनवाड़ी भवन के तीनों ओर ऊंची लपटें उठने लगीं। आग की भयावहता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के लोग भी सहम गए लेकिन जैसे ही घटना की जानकारी फैली ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश करने लगे। हालांकि आग लगातार फैलती जा रही थी और उस पर काबू पाना आसान नहीं था।

    स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब आग पास के जंगल की ओर बढ़ने लगी जिससे बड़े क्षेत्र में नुकसान की आशंका पैदा हो गई। तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई लेकिन टीम को मौके तक पहुंचने में कुछ समय लगा। करीब आधे घंटे बाद दमकल दल घटनास्थल पर पहुंचा और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। इसके साथ ही डायल 112 और 108 की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं और राहत व बचाव कार्य में जुट गईं।

    ग्रामीणों और प्रशासन की टीम ने मिलकर लगातार प्रयास किए लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक लपटें शांत नहीं हुईं। कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका और स्थिति नियंत्रण में आई।

    रामपुर नैकिन थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक सेवाओं को तुरंत मौके पर भेजा गया था और प्राथमिकता के आधार पर बचाव कार्य शुरू किया गया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है जो कि सबसे बड़ी राहत की बात है।

    यह पूरी घटना एक बड़ी चेतावनी भी है कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी जरूरी है लेकिन साथ ही यह भी साबित करती है कि मुश्किल हालात में सही समय पर लिया गया निर्णय कितनी बड़ी त्रासदी को टाल सकता है। उर्मिला द्विवेदी की सतर्कता और साहस ने आज सात परिवारों को एक बड़ी विपत्ति से बचा लिया।

  • झुकते मकान को देख लोगों ने रोका रास्ता उज्जैन में महाकाल जाने वाले मार्ग पर बड़ा हादसा टला

    झुकते मकान को देख लोगों ने रोका रास्ता उज्जैन में महाकाल जाने वाले मार्ग पर बड़ा हादसा टला


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब महाकाल मंदिर जाने वाले व्यस्त मार्ग पर स्थित एक तीन मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। इस घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी लेकिन राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और सूझबूझ के चलते किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    यह घटना गेबी हनुमान क्षेत्र की है जो महाकाल मंदिर जाने वाले प्रमुख रास्तों में से एक माना जाता है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोपाल मंदिर, शिप्रा नदी और महाकाल मंदिर की ओर जाते हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह का हादसा बेहद गंभीर हो सकता था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब 6 बजे से ही मकान में दरारें और झुकाव साफ नजर आने लगा था। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत सड़क पर आवाजाही रोक दी और लोगों को उस क्षेत्र से दूर कर दिया। करीब 7 बजे मकान पूरी तरह ढह गया। अगर उस समय ट्रैफिक चालू रहता तो यह हादसा कई जिंदगियां लील सकता था।

    मकान मालिक मनोज भावसार और अली अजगर सहित अन्य रहवासियों ने आरोप लगाया है कि पास में पोकलेन मशीन से चल रही तोड़फोड़ के कारण मकान कमजोर हो गया था। उनका कहना है कि पिछले एक महीने से मकान की नींव में पानी भरने की समस्या भी बनी हुई थी जिसकी शिकायत कई बार की गई लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    वहीं नगर निगम का पक्ष इससे अलग है। निगम अधिकारियों का कहना है कि ढाबा रोड क्षेत्र में मार्ग चौड़ीकरण के तहत जर्जर भवन को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ हटाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि पूरी कार्रवाई बैरिकेडिंग और अधिकारियों की निगरानी में की जा रही थी ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

    घटना के बाद पुलिस और नगर निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया। मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है ताकि रास्ता जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। सीएसपी के अनुसार इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है जो कि सबसे बड़ी राहत की बात है।

    यह घटना एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में जर्जर इमारतों और निर्माण कार्यों की निगरानी पर सवाल खड़े करती है। हालांकि इस मामले में स्थानीय लोगों की जागरूकता ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया लेकिन प्रशासन के लिए यह एक चेतावनी भी है कि ऐसे मामलों में समय रहते ठोस कदम उठाना कितना जरूरी होता है।

  • थाना सुरखी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा जुआ खिलाड़ी, 21 आरोपी हिरासत में

    थाना सुरखी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा जुआ खिलाड़ी, 21 आरोपी हिरासत में


    सागर ।मध्यप्रदेश में पुलिस ने जंगल में संचालित जुआ फड़ पर छापामार कार्रवाई कर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लगभग 45 लाख रुपये की मशरूका बरामद की है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, थाना सुरखी प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस दीपांशु के नेतृत्व में बहेरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रुसल्ला के जंगल में संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। थाना और क्षेत्र की चौकियों से गठित पुलिस दल ने जुए के अड्डे पर दबिश दी और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।

    पुलिस ने बताया कि जुआ फड़ में उच्च स्तर पर सट्टेबाजी हो रही थी और इस अड्डे का संचालन लंबे समय से जारी था। कार्रवाई में मौके से बड़ी मात्रा में नकद राशि बरामद की गई है, जिसे आगे की जांच के लिए जब्त किया गया है।

    अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस मामले में जुआ फड़ संचालकों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की पहचान के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा।

    स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अवैध जुआ गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसे अपराध पर समय पर नियंत्रण लगाया जा सके।

    इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि पुलिस अवैध जुआ और सट्टेबाजी के मामलों में कोई छूट नहीं देगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता जारी रखेगी।

  • भिण्ड में खनिज माफिया ने घेरा, टीम की कार्रवाई पुलिस के साथ सफल

    भिण्ड में खनिज माफिया ने घेरा, टीम की कार्रवाई पुलिस के साथ सफल


    भिण्ड । भिण्ड मध्यप्रदेश में खनिज विभाग की टीम पर माफिया द्वारा दबाव डालने और पीछा करने का मामला सामने आया जिला खनिज अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा अपनी टीम के साथ गोहद अनुभाग के चितौरा-मौ मार्ग पर देर रात जांच कर रहे थे इसी दौरान टीम ने गिट्टी से भरा एक डंपर रोका

    जांच में पाया गया कि डंपर ओवरलोड था और वाहन पर नंबर प्लेट नहीं थी साथ ही चेसिस नंबर भी स्पष्ट नहीं था, जिससे यह मामला संदिग्ध लग रहा था जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, खनिज माफिया ने टीम को घेरने की कोशिश की और दबाव डालना शुरू कर दिया

    स्थिति बिगड़ने पर जिला पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस टीम के सहयोग से खनिज विभाग की टीम को सुरक्षित निकाला गया अधिकारी बताते हैं कि इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि खनिज नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

    भिण्ड खनिज विभाग ने कहा कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और सभी ओवरलोड और अवैध खनन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी ऐसे मामलों में टीम और पुलिस के समन्वय से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी

    स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध खनन या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके

    इस घटना से यह स्पष्ट हुआ कि खनिज माफिया अपनी अवैध गतिविधियों को दबाने के लिए दबाव डाल सकता है लेकिन खनिज विभाग और पुलिस के सहयोग से ऐसी परिस्थितियों में भी टीम सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई कर सकती है

  • भोपाल में NSG का दमदार प्रदर्शन: ड्रोन अटैक से VIP रेस्क्यू तक का दिया लाइव डेमो, CM ने किया बड़ा ऐलान

    भोपाल में NSG का दमदार प्रदर्शन: ड्रोन अटैक से VIP रेस्क्यू तक का दिया लाइव डेमो, CM ने किया बड़ा ऐलान


    भोपाल । राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड कमांडो ने अपने कौशल और ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में प्रवेश आतंकियों से मुठभेड़ बम खोजने और निष्क्रिय करने डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और नागरिकों को सुरक्षित निकालने जैसे ऑपरेशन का लाइव डेमो दिया। कार्यक्रम में मोहन यादव पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा और NSG के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    MP में बनेगा काउंटर टेररिज्म सेंटर

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में काउंटर टेररिज्म ग्रुप के गठन के लिए 200 करोड़ रुपये की DPR तैयार कर ली गई है। भोपाल के ग्राम तूमड़ा में इस सेंटर की स्थापना की जाएगी ताकि भविष्य में हर तरह के सुरक्षा खतरों से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

    सुरक्षा बलों की ताकत पर जताया गर्व

    सीएम ने कहा कि देश की सुरक्षा में NSG और अन्य बलों की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का उदाहरण देते हुए सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया।

    कड़ा संदेश: छेड़ोगे तो जवाब मिलेगा
    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भारत शांति में विश्वास रखता है लेकिन यदि कोई देश या ताकत उकसाएगी तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने इसे सिर्फ प्रदर्शन नहीं बल्कि सुरक्षा के प्रति संकल्प बताया और कहा कि हर तरह के खतरे से निपटने के लिए तैयार रहना जरूरी है।

    कमांडो का रोमांचक लाइव एक्शन
    प्रदर्शन के दौरान कमांडो ने Mi-17 हेलीकॉप्टर से स्लिथरिंग कर मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में एंट्री की और आतंकियों को निष्क्रिय करने की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की वहीं बम डिस्पोजल और एंटी-ड्रोन सिस्टम का भी प्रदर्शन किया गया।

    इसके अलावा VIP सुरक्षा हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट क्राव मागा तकनीक अंडरवॉटर ऑपरेशन और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की ड्रिल भी पेश की गई। पूरे प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और सुरक्षा बलों की क्षमता का प्रभावशाली संदेश दिया।

  • धार में महिला से मारपीट और दुष्कर्म प्रयास का मामला, पांच आरोपियों पर FIR दर्ज

    धार में महिला से मारपीट और दुष्कर्म प्रयास का मामला, पांच आरोपियों पर FIR दर्ज


    धार । धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है जहां एक महिला को बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट की गई और सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया गया पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में तीन महिलाएं और दो पुरुष आरोपी शामिल हैं और उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है

    पीड़ित महिला ने शिकायत में बताया कि ग्राम कुन्दा में उसके खेत के पास रहने वाले परिवार द्वारा जेसीबी से जमीन समतल की जा रही थी इस प्रक्रिया में उसकी बाउंड्री को नुकसान पहुंचा और जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और मारपीट शुरू कर दी

    पुलिस ने बताया कि घटना के समय पीड़िता को बंधक बनाया गया और आरोपियों ने मारपीट की कोशिश की इसके अलावा सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है

    स्थानीय प्रशासन ने महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का आश्वासन दिया है साथ ही जांच में सहयोग के लिए ग्रामीणों से भी अपील की गई है पुलिस आरोपी गिरफ्तार करने के प्रयास में लगी हुई है और इस मामले को प्राथमिकता से देख रही है

    यह मामला क्षेत्र में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर चिंता बढ़ा रहा है और प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपराधिक गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी हैसुरक्षा और कानून के प्रवर्तन के तहत पुलिस पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कठोरता से की जाएगी ताकि ऐसे मामलों पर स्पष्ट संदेश जा सके

  • खंडवा में विवादित पोस्टिंग घोटाला असिस्टेंट कमिश्नर की योजना नाकाम

    खंडवा में विवादित पोस्टिंग घोटाला असिस्टेंट कमिश्नर की योजना नाकाम


    खंडवा । खंडवा जनजातीय कार्य विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर संतोष शुक्ला अब विवादों के घेरे में हैं क्योंकि रिटायरमेंट के आखिरी सप्ताह में उन्होंने अपने चहेते टीचर को असिस्टेंट कमिश्नर का चार्ज दिलाने के लिए नोटशीट चलायी जो प्रशासनिक सुरक्षा तंत्र से टकरा गयी शुक्ला ने जिस तरह से थोकबंद ट्रांसफर पोस्टिंग आर्डर निकालकर अपनी पसंद की सिफारिश कलेक्टर स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया वह मामला अब बड़े स्तर पर उभर गया है जब यह खबर दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद सार्वजनिक हुई तो प्रभारी मंत्री ने शुक्ला के जारी किये गये आदेशों को निरस्त करवा दिया

    सूत्र बताते हैं कि रिटायर होने से पहले शुक्ला ने सिर्फ अपने विभागीय आदेश जारी नहीं किये बल्कि उन्होंने यह भी तय कर लिया कि रिटायरमेंट के बाद कौन अधिकारी उनके स्थान पर कार्यभार संभालेगा इस कड़ी में एक नोटशीट तैयार की गयी जिसमें उन्होंने अपने चहेते टीचर का नाम असिस्टेंट कमिश्नर के पद के लिए आगे बढ़ाया यह फाइल जिला पंचायत से होते हुए कलेक्टर कार्यालय तक आयी

    कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने नोटशीट में दर्ज नाम के स्थान पर विभाग में सेकंड पोजीशन पर पदस्थ नीरज पाराशर का नाम दर्ज कराया और उन्हीं को असिस्टेंट कमिश्नर का चार्ज देने की अनुशंसा की इस कदम ने शुक्ला की योजना पर त्वरित विराम लगा दिया क्योंकि पाराशर और शुक्ला के बीच पहले से आपसी खींचतान चल रही थी

    कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद जब मामला मंत्री स्तर तक पहुंचा तो प्रभारी मंत्री ने शुक्ला के जारी किये गये ट्रांसफर पोस्टिंग आर्डर को निरस्त करने का आदेश दिया और साथ ही शुक्ला के कार्यकाल में हुई पोस्टिंग ट्रांसफर गतिविधियों की जांच के लिए एक आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में कमेटी भी बना दी गयी

    जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार शुक्ला ने अपने रिटायरमेंट के अंतिम दिनों में बड़े पैमाने पर ट्रांसफर पोस्टिंग आदेश जारी किये जिनमें उनके चहेते कर्मचारी को लाभ देने की कोशिश स्पष्ट रूप से दर्ज है यह बात प्रशासनिक दायरे में तथा कर्मचारियों की प्रतिक्रियाओं में भी चर्चा का विषय बनी हुई है

    कलेक्टर ने जो निर्णय लिया वह विभागीय नियमों के अनुरूप बताया जा रहा है अधिकारियों का कहना है कि जब किसी अधिकारी का रिटायरमेंट निश्चित हो तो उनके अधिकार सीमित हो जाते हैं और ऐसे मामलों में उच्च प्रशासनिक स्तर के दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होता है शुक्ला द्वारा नोटशीट में नाम आगे बढ़ाये जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाये जा रहे हैं

    मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये कि विभागीय आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाये और मामले की गहन जांच करायी जाये ताकि इस प्रकार के अनुचित हस्तक्षेप और पॉलिटिकल दबाव की सच्चाई सामने आये जांच कमेटी जल्द ही अपना कार्य प्रारम्भ करेगी और इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े अधिकारियों कर्मचारियों से पूछताछ करेगी

    प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो यह मामला सिर्फ एक अधिकारी की पोस्टिंग सिफारिश का मामला नहीं रह गया है बल्कि यह जांच का विषय बन गया है कि क्या रिटायर हो रहे अधिकारी ने पद के दुरुपयोग के अलावा अन्य किस तरह से अपनी पसंद की नियुक्ति कराने का प्रयास किया

    इस विवाद ने स्थानीय प्रशासनिक माहौल को भी प्रभावित किया है कर्मचारियों के बीच इस प्रकार की सिफारिश और हस्तक्षेप को गलत माना जा रहा है और यह भी चर्चा में है कि यदि ऐसी कोशिशें छूट गयीं तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की बानगी और अधिक बढ़ सकती है

    अब देखना यह है कि जांच कमेटी क्या निष्कर्ष निकालती है और किन अधिकारियों कर्मचारियों की भूमिका प्रकाश में आती है इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन किस हद तक महत्वपूर्ण है और किस प्रकार गलत प्रयासों को रोकने वाले संस्थागत उपाय प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं

    इस प्रकार संतोष शुक्ला की अंतिम सिफारिश ने प्रशासनिक नियमों की परीक्षा ली और कलेक्टर द्वारा उचित कदम उठाये जाने से यह मामला नियंत्रण में आ गया है जबकि जांच के परिणाम से भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम और भी सशक्त होगी