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  • बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार

    बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार को भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का यही सिलसिला जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम मजबूत बना हुआ है, जिससे कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है और मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके चलते हवा में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे लगातार बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा समेत 35 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, शहडोल और आसपास के जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

    लगातार चार दिनों से हो रही बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब यह कमी घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। प्रदेश में अब तक औसतन 330.4 मिमी यानी करीब 13 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो पूरे मानसून के निर्धारित कोटे का लगभग 35 प्रतिशत है।

    बारिश के मामले में देवास जिला सबसे आगे है, जहां अब तक करीब 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड और मंदसौर सहित 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों में उफान और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। मैहर में तेज बारिश के दौरान एक पांच वर्षीय बच्चा पानी के तेज बहाव में बहने लगा, जिसे स्थानीय लोगों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

  • MP Weather Update: प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून फिर हुआ एक्टिव; 50 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल

    MP Weather Update: प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून फिर हुआ एक्टिव; 50 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के पांच जिलों-श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

    गुरुवार को भी प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा डेढ़ इंच वर्षा टीकमगढ़ में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रतलाम, छतरपुर, श्योपुर, धार, नर्मदापुरम, शिवपुरी, सीधी, इंदौर, उज्जैन, उमरिया, जबलपुर, रायसेन, राजगढ़, सागर, सतना, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, शाजापुर, सीहोर, विदिशा और देवास सहित कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई।

    प्रदेश में 24 जून को मानसून की दस्तक के बाद से अब तक औसतन 12.8 इंच (325.1 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि यह सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत कम है। इस समय तक प्रदेश में 14.1 इंच (359.6 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। राहत की बात यह है कि पिछले तीन दिनों में बारिश की कमी लगातार कम हुई है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में वर्षा सामान्य से 17 प्रतिशत कम थी, वहीं अब यह अंतर घटकर 10 प्रतिशत रह गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 13 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रदेशभर में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है, जिससे बारिश की कमी और कम हो सकती है।

    बारिश का असर कई इलाकों में दिखाई देने लगा है। रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं बड़वानी के सेंधवा स्थित बिजासन घाट में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा और धुंध छाई रही। टीकमगढ़ में भी रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है।

    प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो फिलहाल 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है, जबकि 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में होने वाली लगातार बारिश से अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर के करीब पहुंच सकता है।

  • मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा

    मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार तीसरे दिन भी देखने को मिला। प्रदेश के ऊपर एक साथ सक्रिय तीन मौसम प्रणालियों ने बारिश की रफ्तार और तेज कर दी है। बीते 24 घंटों के दौरान 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 4.9 इंच वर्षा सिवनी में रिकॉर्ड की गई, जबकि राजधानी भोपाल और राजगढ़ में 1.6 इंच बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश के चलते कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं सड़कें जलमग्न हो गईं तो कहीं पुराने भवनों को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए इंदौर और उज्जैन संभाग सहित 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्व-पश्चिम शियर जोन एक साथ सक्रिय हैं। इन तीनों सिस्टम के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है। यही वजह है कि प्रदेश के कई हिस्सों में कम समय में तेज बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    सिवनी में सबसे अधिक 4.9 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धार, पचमढ़ी, उमरिया, दमोह, सीधी और मंडला में एक इंच से ज्यादा वर्षा हुई। शाजापुर, आगर मालवा, सीहोर, विदिशा, देवास, बड़वानी, मंदसौर, श्योपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, इंदौर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, जबलपुर, छतरपुर, बैतूल, रतलाम, गुना, नरसिंहपुर, खंडवा, रीवा, उज्जैन, सागर और सतना समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    लगातार हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। राजधानी भोपाल में करीब 90 वर्ष पुराने जर्जर मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसे में एक युवक घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुछ मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

    रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया। कई सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

    बारिश का असर सामाजिक आयोजनों पर भी देखने को मिला। इंदौर में गुरुवार सुबह गंगवाल से राजमोहल्ला जा रही एक बारात तेज बारिश की वजह से बिखर गई। अधिकांश बाराती बारिश से बचने के लिए रास्ते में रुक गए, जबकि दूल्हा डीजे के साथ अकेले ही आगे बढ़ता दिखाई दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।

    मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नदियों और नालों के आसपास जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

  • मानसून हुआ सुस्त, 22 जिलों में आज हल्की बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम बदलेगा मौसम का मिजाज

    मानसून हुआ सुस्त, 22 जिलों में आज हल्की बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम बदलेगा मौसम का मिजाज


    मध्य प्रदेश। मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का दौर रुक गया है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले पांच दिनों से कहीं भी भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। फिलहाल करीब 60 प्रतिशत हिस्से से मानसूनी बादल छंट चुके हैं, जिसके कारण प्रदेश में केवल हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर बना हुआ है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 16 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने के बाद एक बार फिर प्रदेश में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

    सोमवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और अलीराजपुर समेत 22 जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार फिलहाल मानसून को सक्रिय रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ गई हैं या उनका प्रभाव मध्यप्रदेश से दूर चला गया है। इसी वजह से प्रदेश में लगातार रिमझिम बारिश तो हो रही है लेकिन कहीं भी जोरदार वर्षा देखने को नहीं मिल रही। अगले दो से तीन दिन तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग का कहना है कि 13 से 19 जुलाई के बीच उत्तर बंगाल की खाड़ी में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं। यदि यह सिस्टम निम्न दाब क्षेत्र में बदलता है तो इसका सीधा असर मध्यप्रदेश पर पड़ेगा और प्रदेश में फिर से व्यापक और तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसके अलावा प्रशांत महासागर में बन रहे नए मौसम तंत्रों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है क्योंकि इनमें से किसी एक के बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने पर मानसून को नई ताकत मिल सकती है।

    बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने का असर प्रदेश के मौसमी आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। कुछ दिन पहले तक सामान्य से करीब 30 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा रही थी, लेकिन अब यह बढ़त घटकर केवल एक प्रतिशत रह गई है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश में 241.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य औसत 239.8 मिलीमीटर है। यानी फिलहाल बारिश सामान्य से केवल एक प्रतिशत अधिक है।

    प्रदेश में इस बार जून के मुकाबले जुलाई से ज्यादा उम्मीदें हैं क्योंकि सामान्य तौर पर मानसून की लगभग 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में जुलाई सबसे अधिक वर्षा वाला महीना माना जाता है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि नया सिस्टम मजबूत हुआ तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में बारिश की कमी तेजी से पूरी हो सकती है।

    बारिश के आंकड़ों की बात करें तो देवास इस समय प्रदेश का सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, हरदा, सीहोर, उज्जैन और कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है। दूसरी ओर अलीराजपुर, झाबुआ, धार और कुछ पूर्वी जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सक्रिय होने वाला नया सिस्टम इन क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश लेकर आएगा।

  • एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, जिला अस्पताल में भरा पानी, दुल्हन को गोद में उठाकर ले गया दूल्हा

    एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, जिला अस्पताल में भरा पानी, दुल्हन को गोद में उठाकर ले गया दूल्हा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और लगातार हो रही बारिश अब जनजीवन पर भारी पड़ने लगी है। पिछले चौबीस घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में सड़कें धंस गईं, नदी-नाले उफान पर आ गए, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों में पानी भर गया, जबकि कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। बारिश के बीच इंदौर में एक शादी समारोह का अनोखा दृश्य भी सामने आया, जहां पानी से लबालब मैरिज गार्डन में दूल्हे ने अपनी दुल्हन को गोद में उठाकर विवाह स्थल तक पहुंचाया।

    इंदौर से करीब तीस किलोमीटर दूर जेतकारण गांव में तेज बारिश के कारण सड़क धंस गई। सड़क टूटने से स्कूली बच्चों का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर उफनते नाले के बीच से बच्चों को सुरक्षित पार कराया। वहीं शहर के कैट रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में पानी भर जाने से शादी समारोह प्रभावित हुआ। पानी से भरे रास्ते को पार कराने के लिए दूल्हे ने दुल्हन को गोद में उठाया। इस दौरान गार्डन में जूते और चप्पल पानी में तैरते नजर आए, जिसका वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।

    पन्ना जिले में लगातार बारिश के चलते जिला अस्पताल के सर्जिकल और डिलीवरी वार्ड की गैलरी में घुटनों तक पानी भर गया। मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं हरसा-बागोहा नाला उफान पर होने के बावजूद लोग पुल के ऊपर बहते पानी के बीच जान जोखिम में डालकर आवागमन करते रहे। खजुराहो में चौबीस घंटे के दौरान सबसे अधिक 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा से खूडर नदी का जलस्तर बढ़ने पर खजुराहो-जटकरा मार्ग एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया, जबकि बमीठा स्थित नेशनल हाईवे पर करीब तीन फीट तक पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा।

    रायसेन जिले के बापौली धाम आश्रम में एक घंटे की तेज बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए। आश्रम परिसर, संस्कृत पाठशाला, शिव मंदिर और गोशाला में पानी घुस गया। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से वहां रह रहे करीब साठ छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उधर प्रदेश के एक अन्य इलाके में निदान वॉटरफॉल पर पिकनिक मनाने गए दो युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंस गए। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    लगातार बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। सुक्ता नदी उफान पर आने से हापला और दीपला गांव का संपर्क टूट गया तथा तेज बहाव में दो भैंसें बह गईं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर पुलों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

  • एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, पन्ना जिला अस्पताल में घुसा पानी, रायसेन का आश्रम जलमग्न

    एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, पन्ना जिला अस्पताल में घुसा पानी, रायसेन का आश्रम जलमग्न


    इंदौर । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। कहीं सड़कें धंस गईं तो कहीं अस्पताल और आश्रम जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।

    इंदौर जिले के जेतकारण गांव में भारी बारिश के कारण सड़क धंस गई। सड़क टूटने से स्कूली बच्चों का रास्ता बंद हो गया। ऐसे में ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर बच्चों को उफनते नाले से सुरक्षित पार कराया। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून के दौरान बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को एक बार फिर उजागर कर दिया।

    पन्ना जिले में बारिश का असर जिला अस्पताल तक पहुंच गया। अस्पताल के सर्जिकल वार्ड और डिलीवरी वार्ड की गैलरी में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण मरीजों और अस्पताल स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में पानी भरने की तस्वीरों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    रायसेन जिले के बरेली क्षेत्र स्थित बापौली धाम आश्रम में भी भारी बारिश के बाद पानी भर गया। आश्रम परिसर में मौजूद संस्कृत पाठशाला के करीब 60 छात्रों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। शिव मंदिर, गुरुदेव की कुटी और गोशाला में भी पानी घुस गया। समय रहते छात्रों को सुरक्षित निकाल लेने से बड़ा हादसा टल गया।

    खजुराहो में बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण खूडर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। एहतियात के तौर पर खजुराहो-जटकरा मार्ग बंद कर दिया गया, हालांकि इसके बावजूद कुछ लोग नदी पार करने की कोशिश करते नजर आए, जिससे प्रशासन ने लोगों से जोखिम नहीं उठाने की अपील की।

    पन्ना जिले का हरसा-बागोहा नाला भी तेज बारिश के बाद उफान पर आ गया। पुल के ऊपर से पानी बहने के बावजूद कई लोग जान जोखिम में डालकर नाला पार करते दिखाई दिए। प्रशासन ने लोगों से ऐसे स्थानों से दूर रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

    इसी बीच प्रदेश के एक जलप्रपात क्षेत्र में पिकनिक मनाने गए दो युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंस गए। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस अभियान से बड़ा हादसा टल गया।

    मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों, जलभराव वाले इलाकों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।

  • एमपी के 35 जिलों में झमाझम बारिश, खजुराहो-मंडला में 4 इंच से ज्यादा पानी; कई जगह जनजीवन प्रभावित

    एमपी के 35 जिलों में झमाझम बारिश, खजुराहो-मंडला में 4 इंच से ज्यादा पानी; कई जगह जनजीवन प्रभावित


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में जुलाई की शुरुआत के साथ ही मानसून ने पूरी रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा खजुराहो में 4.4 इंच और मंडला में 4.2 इंच रिकॉर्ड की गई। लगातार छह दिनों से हो रही बारिश के कारण प्रदेश की औसत वर्षा करीब 7 इंच तक पहुंच गई है। जून के आखिर तक जहां प्रदेश में बारिश सामान्य से 33 प्रतिशत कम थी, वहीं अब यह कमी घटकर केवल 1 प्रतिशत रह गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार सतना, रतलाम, सीधी, उमरिया, पन्ना, पचमढ़ी, रीवा, श्योपुर, नौगांव, भोपाल, नरसिंहपुर, दमोह, टीकमगढ़, बैतूल, नर्मदापुरम, इंदौर, सिवनी, सागर, शिवपुरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, रायसेन, धार, जबलपुर, गुना, उज्जैन, खंडवा, खरगोन, दतिया, मैहर, शाजापुर, सीहोर, छतरपुर, बुरहानपुर, बड़वानी और पांढुर्णा समेत कई जिलों में अच्छी बारिश हुई।

    बारिश से जनजीवन प्रभावित, दो छात्राएं घायल

    लगातार बारिश के बीच बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित सांदीपनि (सीएम राइज) स्कूल में बड़ा हादसा हो गया। कक्षा 9 के कमरे की छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्राओं के सिर में मामूली चोट आई। दोनों को तत्काल सिविल अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। वहीं इंदौर के पास खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में सड़क धंस जाने से स्कूली बच्चों की आवाजाही प्रभावित हुई। उफनते नाले को पार कराने के लिए ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर बच्चों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।

    खजुराहो में नदी उफान पर, सड़क बंद

    खजुराहो में लगातार 24 घंटे से हो रही मूसलधार बारिश के कारण खूडर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। एहतियात के तौर पर खजुराहो-जटकरा मार्ग को बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील की है। पन्ना जिले में हरसा-बागोहा नाला उफान पर है। पुल के ऊपर से पानी बहने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

    हरदा में सामान्य से ज्यादा बारिश

    हरदा जिले में उमस के बाद बारिश का दौर शुरू हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक जिले में इस मानसून सीजन में अब तक करीब 13 इंच बारिश हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से अधिक है। किसानों का कहना है कि खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद लाभदायक साबित होगी।

    इन जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग ने गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर और छतरपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बड़वानी, धार, बुरहानपुर, रतलाम, टीकमगढ़, पन्ना सहित कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर पुल-पुलियों से दूरी बनाए रखें तथा मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।

  • मध्य प्रदेश में बारिश बनी आफत! नदियां उफान पर, पुल डूबे, सड़कें बंद, आष्टा में दो बच्चों की दर्दनाक मौत

    मध्य प्रदेश में बारिश बनी आफत! नदियां उफान पर, पुल डूबे, सड़कें बंद, आष्टा में दो बच्चों की दर्दनाक मौत


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में हालात चिंताजनक बना दिए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में तेज से अत्यधिक बारिश दर्ज की गई। लगातार बरसात के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं, कई पुल जलमग्न हो गए हैं, सड़क संपर्क टूट गया है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सबसे दर्दनाक घटना सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र से सामने आई, जहां पानी में डूबने से दो मासूम बच्चों की जान चली गई। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में सबसे अधिक ढाई इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मंडला में लगभग 2.2 इंच, खंडवा में करीब पौने दो इंच, भोपाल में डेढ़ इंच, जबकि दतिया, नौगांव और बालाघाट में सवा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। रतलाम, बैतूल और धार में लगभग एक इंच वर्षा हुई। इसके अलावा खरगोन, पचमढ़ी, दमोह, नर्मदापुरम, जबलपुर और उमरिया सहित कई जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा से प्रदेश के अधिकांश नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है।

    सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में पार्वती और तप नदी के उफान पर आने से कई गांवों में पानी घरों तक पहुंच गया। बापचा दोनिया गांव में दो मासूम बच्चों के डूबने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। परिजन बच्चों को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रशासन ने लोगों से नदी और तालाबों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।

    हरदा जिले में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। लगातार बारिश के कारण कालीमाचक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और ग्राम मांदला के पास पुल के ऊपर लगभग तीन फीट पानी बहने लगा। इसके चलते नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है और ग्रामीणों को आवश्यक सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    खंडवा जिले में भी लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी स्थित नाले में आई बाढ़ के कारण खिरकिया मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले नालों और पुलों को पार करने की कोशिश न करें तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें।

    प्रदेश के कई हिस्सों में खेतों में पानी भर गया है जिससे खरीफ फसलों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं तथा जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में नागरिकों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

  • MP में बारिश का दौर जारी: झाबुआ, धार-रतलाम में झमाझम, देवास में बही कार; 45 जिलों में अलर्ट

    MP में बारिश का दौर जारी: झाबुआ, धार-रतलाम में झमाझम, देवास में बही कार; 45 जिलों में अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां पूरे प्रदेश में असर दिखा रही हैं। झाबुआ, धार, पीथमपुर और रतलाम में शुक्रवार सुबह तेज बारिश हुई, जबकि भोपाल समेत कई शहरों में बीते 24 घंटे के दौरान आंधी और बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश के करीब 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती है आंधी
    मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर और दमोह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सतना, पन्ना, छतरपुर और निवाड़ी समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।

    भोपाल में आंधी से अस्त-व्यस्त हुई व्यवस्था
    राजधानी भोपाल में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि भी हुई। तेज हवाओं के कारण करीब 80 पेड़ या उनकी शाखाएं सड़कों पर गिर गईं, जिससे कई इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित हुआ। रानी कमलापति स्टेशन परिसर में लोहे का एक फ्रेम भी तेज हवाओं के कारण उड़ गया। कई क्षेत्रों में दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    देवास में बड़ा हादसा टला
    देवास जिले के सतवास क्षेत्र में गुरुवार शाम तेज बारिश के दौरान एक कार रपटे पर पानी के तेज बहाव में बह गई। कार में चार लोग सवार थे, जिन्होंने समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचा ली। ग्रामीणों ने बाद में ट्रैक्टर और रस्सियों की मदद से कार को बाहर निकाला। इस घटना ने एक बार फिर बरसात के दौरान रपटों और पुल-पुलियों को पार करने के जोखिम को उजागर किया है।

    झाबुआ, धार और रतलाम में झमाझम बारिश
    झाबुआ में शुक्रवार सुबह जोरदार बारिश दर्ज की गई। वहीं रतलाम में सुबह करीब साढ़े चार बजे से बादल छाने लगे और कुछ ही देर में झमाझम बारिश शुरू हो गई। धार जिले के सरदारपुर, लाबरिया, बरमंडल और बाग क्षेत्र में भी तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। हालांकि बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को फसलों को नुकसान होने की आशंका भी सताने लगी है।

    तापमान में आई बड़ी गिरावट
    आंधी और बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। इंदौर में एक ही रात में 6.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री तक पहुंच गया। भोपाल में तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। Pachmarhi प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रतलाम, श्योपुर, धार, दमोह और शिवपुरी सहित कई शहरों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा।

    20 जून के बाद आ सकता है मानसून
    मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देरी से पहुंच सकता है। प्रदेश में आमतौर पर 15 जून के आसपास मानसून प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही है। केरल में मानसून की दस्तक 4 जून को हो चुकी है। सामान्यतः केरल पहुंचने के लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है। तब तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां इसी तरह सक्रिय रहने की संभावना है।

  • MP Weather Alert: डबल सिस्टम का असर, 28 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; कहीं तूफान तो कहीं झुलसाती गर्मी

    MP Weather Alert: डबल सिस्टम का असर, 28 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; कहीं तूफान तो कहीं झुलसाती गर्मी



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और इस बार वजह बने हैं एक साथ एक्टिव हुए दो मजबूत वेदर सिस्टम। इनके असर से प्रदेश के बड़े हिस्से में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार करीब 28 जिलों में तेज हवाओं, बारिश और अचानक बदलते मौसम की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

    ग्वालियर-चंबल, महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के जिलों में हालात ज्यादा गंभीर रह सकते हैं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बारिश होने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने खासतौर पर शाम और रात के समय सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि इस दौरान सिस्टम ज्यादा सक्रिय हो सकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश में मौसम का डबल रूप देखने को मिल रहा है। एक तरफ कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, धार, खंडवा, खरगोन और आसपास के इलाकों में दिन के समय तेज गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। हालांकि शाम होते-होते यहां भी मौसम बदल रहा है और तेज हवाओं के साथ बादल छाने लगते हैं।

    बीते कुछ दिनों से प्रदेश में लगातार मौसम का उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कई जिलों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि कुछ इलाकों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। खरगोन में पारा 42 डिग्री तक दर्ज किया गया, जबकि खंडवा और नरसिंहपुर में भी तापमान 41 डिग्री से ऊपर रहा। वहीं कुछ जगहों पर तापमान में गिरावट भी देखने को मिली है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह बदलाव दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ लाइन के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। यही वजह है कि प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है। इतना ही नहीं, 10 मई के आसपास एक और नया सिस्टम एक्टिव हो सकता है, जिससे आंधी-बारिश का दौर और तेज होने के संकेत हैं।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह से अनिश्चित बना हुआ है—कहीं तेज आंधी, कहीं बारिश और कहीं भीषण गर्मी एक साथ देखने को मिल रही है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, खुले स्थानों से दूर रहने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।