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  • आधे मध्यप्रदेश में मौसम का कहर: बारिश के साथ 50 Km/घंटा तक आंधी, 27 जिलों में अलर्ट

    आधे मध्यप्रदेश में मौसम का कहर: बारिश के साथ 50 Km/घंटा तक आंधी, 27 जिलों में अलर्ट

    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के आधे हिस्से में आज तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। खासतौर पर ग्वालियर और जबलपुर समेत 27 जिलों में मौसम को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।

    रविवार को कई इलाकों में बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश और ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय सिस्टम के सक्रिय होने के कारण हो रहा है, जिसका असर पूरे मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से में देखने को मिलेगा।

    तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना है। ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, वहीं शहरी क्षेत्रों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों, कमजोर निर्माण और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

    हालांकि, इस मौसम बदलाव से भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिलेगी। पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री के पार बना हुआ था, जिससे लोग परेशान थे। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे मौसम सुहावना हो सकता है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

    कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जहां एक ओर गर्मी से राहत देगा, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।



  • MP में मौसम ने बदली करवट, प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे

    MP में मौसम ने बदली करवट, प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे


    भोपाल। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में जोरदार आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे। खासकर उज्जैन, मंदसौर और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन 23-24 फरवरी को प्रदेश में फिर से बारिश का अलर्ट रहने की संभावना है।

    पिछले दो दिन का हाल

    प्रदेश में पिछले दो दिन से तेज आंधी और बारिश का दौर जारी रहा। उज्जैन के घट्टिया, महिदपुर और उन्हेल जैसे ग्रामीण इलाकों में फसलें गिर गईं, जिससे दानों को नुकसान हुआ। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    बारिश का फैलाव
    पिछले 24 घंटे में 25 जिलों के करीब 80 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, श्योपुर, शिवपुरी, इंदौर, आगर-मालवा, उज्जैन, राजगढ़, खरगोन, मुरैना, सीहोर, दतिया, ग्वालियर, भोपाल, गुना, रतलाम, बड़वानी, मंदसौर, शाजापुर, देवास, विदिशा, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर शामिल हैं। श्योपुर के नालछा में सबसे ज्यादा 1 इंच बारिश दर्ज हुई, जबकि श्योपुर में आंधी की रफ्तार 63 किलोमीटर प्रति घंटे रही। भोपाल और सीहोर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

    मौसम क्यों बदल रहा है

    मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात और प्रदेश में सक्रिय टर्फ सिस्टम के चलते बुधवार और गुरुवार को बारिश और ओले गिरे। गुरुवार को प्रदेश में एक और टर्फ और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बनी रही। उत्तर से आने वाली सर्द हवाओं ने दिन के तापमान में गिरावट का कारण बना।

    फरवरी में लगातार बदलता मौसम
    फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले और बारिश हुई थी, जिससे फसलें प्रभावित हुईं। 18 और 19 फरवरी को तीसरी बार बारिश दर्ज की गई। अब चौथी बार भी बारिश की संभावना है।

    तापमान का हाल
    बारिश के चलते दिन का तापमान गिरा। गुरुवार को ठंडी हवाओं के चलते लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। रात का तापमान बढ़ा और भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में यह 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। खजुराहो और कल्याणपुर में 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

    अगले दो दिन का मौसम

    21 फरवरी: बारिश का कोई अलर्ट नहीं। दिन में धूप खिल सकती है।
    22 फरवरी: मौसम साफ रहेगा, फिलहाल कोई बारिश की चेतावनी नहीं।

  • MP में मौसम ने ली करवट, 20 से अधिक जिलों में बारिश, फसलें हुई प्रभावित

    MP में मौसम ने ली करवट, 20 से अधिक जिलों में बारिश, फसलें हुई प्रभावित


    भोपाल। मध्य प्रदेश का मौसम इस फरवरी फिर एक बार करवट लेने लगा है। नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने के बाद राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन समेत 20 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। फरवरी में यह तीसरी बार है जब प्रदेश के लोगों को ओले और ठंडी हवाओं के बीच मौसम की नटखट अदाओं का सामना करना पड़ा।

    गुरुवार सुबह राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। राजधानी में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ करीब डेढ़ घंटे तक कभी रिमझिम और कभी तेज बारिश हुई। बारिश के साथ ठंडी हवाओं ने दिन के तापमान में गिरावट का इशारा कर दिया है, जिससे लोगों को एक बार फिर हल्की सर्दी का एहसास हुआ।

    इंदौर में बुधवार को दिनभर तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया और मौसम गर्म बना रहा। लेकिन रात करीब 12 बजे अचानक हल्की बारिश और ठंडी हवाओं ने शहर में मौसम का मिजाज बदल दिया। रतलाम, धार और शुजालपुर जैसे शहरों में भी तेज हवाओं और बूंदाबांदी के साथ तापमान में noticeable गिरावट दर्ज की गई।

    किसानों की चिंता बढ़ी, फसलें आड़ी और दाने प्रभावित

    बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कई जिलों में खड़ी फसलें आड़ी हो गई हैं, जिससे दानों की गुणवत्ता और पैदावार पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से भी नुकसान की खबरें हैं। धार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवा और आंधी के चलते फसलों को खासा नुकसान पहुंचा।

    प्रदेश के ठंडे शहर: खजुराहो सबसे ठंडा

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार खजुराहो इस समय सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.2°C दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ में 10.0°C और पचमढ़ी में 10.2°C तापमान दर्ज हुआ, जहां कड़ाके की ठंड महसूस की गई।

    बारिश से प्रभावित जिलों की सूची

    भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, धार, विदिशा, बड़वानी, आगर-मालवा, शाजापुर, मुरैना, छतरपुर, शिवपुरी, सीहोर और मंदसौर में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई।

    अगले दो दिनों का मौसम: अलर्ट और राहत

    मौसम विभाग के अनुसार, 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के आठ जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी है। वहीं 21 फरवरी को मौसम साफ रहेगा और फिलहाल कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है।

    शहरों में मौसम का हाल

    ग्वालियर: बारिश के बाद तापमान में गिरावट, लोग फिर से गर्म कपड़ों में दिखे।

    आगर मालवा: तीन दिनों से आसमान में बादलों का डेरा, मावठे की बारिश दर्ज।

    मुरैना: बुधवार रात की रुक-रुककर बारिश से सर्दी लौटी।

    भिंड और शिवपुरी: रातभर रुक-रुककर हुई बारिश से सड़कें जलमग्न, आवागमन प्रभावित।

    सीहोर: बीती रात 10 बजे से लगातार बारिश, कभी तेज और कभी हल्की बूंदाबांदी।

    मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। आने वाले दो दिनों में बारिश और ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के कई हिस्सों में बना रह सकता है।