Tag: Madhya Pradesh weather

  • एमपी में मानसून से पहले मौसम का यू-टर्न, भोपाल-जबलपुर समेत 28 जिलों में बारिश; सीहोर में 61 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी

    एमपी में मानसून से पहले मौसम का यू-टर्न, भोपाल-जबलपुर समेत 28 जिलों में बारिश; सीहोर में 61 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून पूर्व गतिविधियां तेज हो गई हैं और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। सोमवार को राजधानी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर सहित 28 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम के इस बदले मिजाज ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं कई इलाकों में तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित भी हुआ।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे और बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। सीहोर में दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ बारिश हुई। यहां हवा की अधिकतम रफ्तार 61 किलोमीटर प्रतिघंटा रिकॉर्ड की गई, जो प्रदेश में सबसे अधिक रही। मौसम विभाग ने भोपाल और ग्वालियर संभाग के जिलों में अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। वहीं आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    बीते 24 घंटों के दौरान भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, खरगोन, देवास, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, जबलपुर, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और आगर-मालवा सहित कुल 28 जिलों में बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर बादलों की गरज और तेज हवाओं के साथ मौसम ने अचानक करवट ली।

    तेज हवाओं की बात करें तो सीहोर के अलावा सागर और गुना में 59 किमी प्रतिघंटा, भोपाल में 57 किमी प्रतिघंटा, जबलपुर में 50 किमी प्रतिघंटा तथा नर्मदापुरम में 48 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। इंदौर और अशोकनगर में 44 किमी, ग्वालियर में 43 किमी, राजगढ़ में 39 किमी तथा आगर-मालवा, रीवा, खंडवा और बड़वानी में 37 किमी प्रतिघंटा की गति से तेज आंधी दर्ज की गई।

    रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहा। भोपाल में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही, जबकि सीहोर, इंदौर, रायसेन और खरगोन में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। रायसेन में तेज हवाओं के कारण कुछ मकानों के छप्पर उड़ गए, जबकि कई जिलों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। खरगोन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को निंदाई और बुआई के कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    बारिश और बादलों के कारण तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। भोपाल में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री, इंदौर में 36.3 डिग्री, ग्वालियर में 39.2 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और जबलपुर में 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    प्रदेश में केवल खजुराहो, दतिया, नौगांव और मंडला ऐसे स्थान रहे जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा। वहीं शिवपुरी सबसे ठंडा शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में 35 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री तथा नर्मदापुरम और श्योपुर में 36.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है तथा मानसून की प्रगति को भी बल मिल सकता है।

  • इंदौर में बदला मौसम का मिजाज, प्री-मानसून ने दी दस्तक; बारिश और तेज हवाओं से तापमान 7 डिग्री गिरा

    इंदौर में बदला मौसम का मिजाज, प्री-मानसून ने दी दस्तक; बारिश और तेज हवाओं से तापमान 7 डिग्री गिरा


    मध्यप्रदेश । इंदौर में लंबे समय से बनी हुई उमस और गर्मी के बीच रविवार को प्री-मानसून गतिविधियों ने राहत पहुंचाई। अलसुबह शहर के कई हिस्सों में बारिश हुई, तेज हवाएं चलीं और बिजली कड़कने के साथ कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में शहर में 29.1 मिमी यानी एक इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद कुछ समय के लिए मौसम सुहावना रहा, हालांकि दिन चढ़ने के साथ उमस फिर महसूस होने लगी।

    बारिश और तेज हवाओं का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। शनिवार रात न्यूनतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह 19.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह सामान्य तापमान से लगभग 5 डिग्री कम रहा। पिछले चार दिनों से रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ था, लेकिन मौसम में आए अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी।

    शनिवार को दिनभर शहर में उमस का असर बना रहा और लगातार चौथे दिन अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि रात में मौसम का मिजाज बदलने के बाद वातावरण में ठंडक महसूस की गई। रविवार सुबह हुई बारिश के बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस बनी रही।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय टर्फ लाइन और प्री-मानसून सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इंदौर सहित उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज गर्मी और उमस का असर भी देखने को मिल सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय पूरे मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। कहीं तेज हवाएं चल रही हैं तो कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी घटनाएं सामने आई हैं। मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य से थोड़ी धीमी है और यह लगभग तीन से चार दिन देरी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदेश में मानसून के 18 जून तक प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर में जून माह के दौरान अब तक 55.2 मिमी यानी दो इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। महीने का आधा समय अभी बाकी है, ऐसे में बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। सामान्य तौर पर जून महीने में शहर में मानसून पूर्व अच्छी बारिश देखने को मिलती है और इस बार भी यही स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

    इंदौर के मौसम इतिहास की बात करें तो वर्ष 1980 में जून महीने में 17 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में पांच इंच बारिश हुई थी। तापमान के रिकॉर्ड में 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

  • MP में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, 5 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश की संभावना

    MP में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, 5 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश की संभावना


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन की आहट के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में अपनी रफ्तार बढ़ा दी है और मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इससे पहले पूरे प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल रही है।

    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली। श्योपुर, सागर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी सहित कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का असर दिखाई दिया। सबसे ज्यादा नुकसान श्योपुर जिले में हुआ, जहां आंधी और बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में चार लोगों की जान चली गई। जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सागर में आधा इंच पानी बरसा।

    मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत 33 जिलों में गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बड़वानी, देवास, शाजापुर और आगर-मालवा सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप खिलने के आसार हैं।

    श्योपुर जिले के रजपुरा गांव में तेज हवाओं के कारण एक कच्ची दीवार गिर गई, जिससे एक ही परिवार के चार सदस्य मलबे में दब गए। इस हादसे में भीमा आदिवासी, उनकी पत्नी सीमा और बहू राजवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए राजस्थान रेफर किया गया है। वहीं जिले में ही तेज आंधी के दौरान एक ऑटो पलटने से एक महिला की भी मौत हो गई।

    पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। जबलपुर और सीहोर में हवा की रफ्तार सबसे अधिक 74 किलोमीटर प्रतिघंटा रिकॉर्ड की गई। भोपाल में 56, ग्वालियर में 57 और अशोकनगर में 59 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। कई स्थानों पर धूलभरी आंधी ने भी जनजीवन को प्रभावित किया।

    हालांकि, जून माह में अब तक प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में सामान्य से 55 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसतन 2 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। इसके बाद मानसून की औपचारिक एंट्री होने पर बारिश का दायरा और व्यापक हो सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने के साथ किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

  • इंदौर मौसम अपडेट: प्री-मानसून कमजोर, दो–तीन दिन बारिश से राहत नहीं – उमस बढ़ाएगी परेशानी

    इंदौर मौसम अपडेट: प्री-मानसून कमजोर, दो–तीन दिन बारिश से राहत नहीं – उमस बढ़ाएगी परेशानी


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, लेकिन राहत की बारिश फिलहाल दूर नजर आ रही है। पिछले 24 घंटों में जहां दिन के तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं रात का तापमान 1 डिग्री बढ़ गया है।

    बुधवार को शहर में अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में मामूली वृद्धि के साथ दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रात में भी गर्मी का असर बना रहा।

     प्री-मानसून कमजोर, बारिश का इंतजार लंबा
    इस बार इंदौर में प्री-मानसून गतिविधियां बेहद कमजोर बनी हुई हैं। अब तक शहर में केवल करीब 1 इंच बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी कम मानी जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान साफ रहेगा, लेकिन उमस लोगों को परेशान करती रहेगी।

     प्रदेश में बारिश, लेकिन इंदौर में सूखा जैसा मौसम
    मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है। ग्वालियर, जबलपुर, बुंदेलखंड और चंबल क्षेत्र में मौसम सक्रिय है, लेकिन इंदौर और आसपास का इलाका इस सिस्टम से लगभग बाहर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसी वजह से इंदौर में बादलों की सक्रियता नहीं बन पा रही है और बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।

    आने वाले दिनों में भी राहत नही
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 जून के आसपास ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट रहेगा, लेकिन इंदौर में फिलहाल बारिश की कोई मजबूत संभावना नहीं दिख रही है।

    उमस और गर्मी से बढ़ी परेशानी
    बारिश न होने और हवा में नमी बढ़ने के कारण शहर में उमस का असर तेज हो गया है। दिन में गर्म हवाएं और रात में चिपचिपी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। लोग अब मानसून की औपचारिक एंट्री का इंतजार कर रहे हैं, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में राहत मिल सके।

  • मध्य प्रदेश में प्री-मानसून का असर तेज: 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में प्री-मानसून का असर तेज: 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले प्री-मानसून गतिविधियां लगातार मजबूत होती जा रही हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है और तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, जबलपुर सहित 34 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर सक्रिय ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के कारण वातावरण में पर्याप्त नमी पहुंच रही है, जिससे प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। यही वजह है कि कई जिलों में दिनभर गर्मी रहने के बावजूद शाम होते-होते मौसम अचानक बदल रहा है और बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं।

    बुधवार को बालाघाट, उमरिया और सौंसर सहित कई क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में मौसम का असर देखने को मिला। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह मानसून के और सक्रिय होने तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है।

    गुरुवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना भी व्यक्त की गई है।

    मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की आशंका जताई है। वहीं 13 जून के लिए ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों में तेज आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में मौसम अधिक प्रभावशाली रहने की संभावना है।

    हालांकि बारिश और आंधी के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर पूरी तरह कम नहीं हुआ है। खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल संकेत हैं। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। किसानों के लिए भी यह मौसम महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि खरीफ फसलों की तैयारी का दौर शुरू हो चुका है।

    फिलहाल नागरिकों को तेज हवाओं, बिजली गिरने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है।

  • एमपी में प्री-मानसून का असर तेज, 34 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 6 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    एमपी में प्री-मानसून का असर तेज, 34 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 6 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज आंधी का दौर जारी है। बुधवार को 20 से अधिक जिलों में मौसम ने करवट ली, जबकि गुरुवार के लिए मौसम विभाग ने ग्वालियर और जबलपुर संभाग सहित 34 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान हवाएं 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले सप्ताह मानसून के सक्रिय होने तक प्रदेश में प्री-मानसून का प्रभाव बना रहेगा। गुरुवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।

    हालांकि कई क्षेत्रों में आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, लेकिन गर्मी का असर अभी भी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। बुधवार को खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
    हालांकि कई क्षेत्रों में आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, लेकिन गर्मी का असर अभी भी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। बुधवार को खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम, ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। इसी के चलते 13 जून को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।

    इन जिलों में आंधी-बारिश की संभावना

    गुरुवार को ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में आंधी और बारिश होने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    इन इलाकों में गर्मी का असर रहेगा

    इंदौर, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भोपाल, विदिशा, सीहोर और राजगढ़ जिलों में गर्मी का असर बना रह सकता है।

    6 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में गुरुवार को ओले गिरने की संभावना जताई है। वहीं 13 जून को ग्वालियर, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह जिलों में तेज आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

  • एमपी में मौसम का डबल अटैक: कहीं ओलावृष्टि-बारिश, कहीं 46 डिग्री की भीषण गर्मी

    एमपी में मौसम का डबल अटैक: कहीं ओलावृष्टि-बारिश, कहीं 46 डिग्री की भीषण गर्मी


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में मौसम इन दिनों दोहरे रंग दिखा रहा है। एक ओर प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसून की गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है, जहां तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कई इलाके अब भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज अचानक बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। जबलपुर और दमोह में ओले गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान भिंड, दतिया, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, सागर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और मऊगंज सहित 18 जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। सिंगरौली और नरसिंहपुर में धूलभरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं भी सामने आईं।

    सबसे ज्यादा असर जबलपुर में देखने को मिला, जहां 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए और वाहनों को नुकसान पहुंचा। सीधी में 68 किलोमीटर प्रति घंटे, सागर में 59 किलोमीटर प्रति घंटे और ग्वालियर में 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके अलावा आगर-मालवा, अशोकनगर, रीवा, गुना, शिवपुरी और शहडोल में भी तेज हवाओं का असर देखा गया।

    बारिश और आंधी के बीच गर्मी का प्रकोप भी कम नहीं हुआ है। खजुराहो मंगलवार को प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई अन्य जिलों में भी तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे लोगों को उमस और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा।

    मौसम विभाग ने बुधवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में गर्मी का असर बरकरार रह सकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि मौसम विभाग ने पहले 10 और 11 जून के लिए कुछ जिलों में लू का अलर्ट जारी किया था, लेकिन ताजा पूर्वानुमान में स्थिति बदल गई है। अब 12 जून को मुरैना, भिंड, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी तथा सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में भी प्रदेशवासियों को गर्मी, आंधी और बारिश के मिले-जुले मौसम का सामना करना पड़ सकता है।

  • आज का मौसम: गर्मी के बीच राहत की उम्मीद, शाम को बदल सकता है मौसम का मिजाज

    आज का मौसम: गर्मी के बीच राहत की उम्मीद, शाम को बदल सकता है मौसम का मिजाज


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में आज मौसम मिला-जुला रहने का अनुमान है। सुबह से ही तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है, जबकि दोपहर के बाद मौसम करवट ले सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने लगी हैं, जिसके चलते कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    बीते दिनों भोपाल में हुई छिटपुट बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी थी। सोमवार को दिनभर गर्म और उमसभरा मौसम रहने के बाद शाम को हुई बारिश ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई। मौसम विभाग का मानना है कि ऐसी परिस्थितियां आज भी देखने को मिल सकती हैं।

    आज दिन का अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, लेकिन दोपहर बाद बादलों का असर बढ़ सकता है।

    प्री-मानसून गतिविधियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है, जिससे उमस महसूस होगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की प्रगति के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। फिलहाल लोगों को गर्मी और उमस के बीच राहत के लिए शाम के मौसम का इंतजार करना पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय तेज धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति में सतर्क रहें। गरज-चमक की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए।

    कुल मिलाकर आज का दिन गर्मी और उमस के साथ शुरू होगा, लेकिन शाम होते-होते बादल और हल्की बारिश मौसम को सुहावना बना सकते हैं। ऐसे में किसानों से लेकर आम नागरिकों तक सभी की नजरें आसमान पर टिकी रहेंगी, क्योंकि मानसून की दस्तक अब ज्यादा दूर नहीं दिख रही है।

  • एमपी में 15 से 18 जून के बीच मानसून आने की संभावना, आज 18 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

    एमपी में 15 से 18 जून के बीच मानसून आने की संभावना, आज 18 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अगले सप्ताह 15 से 18 जून के बीच होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून प्रदेश में इंदौर संभाग के बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल या जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों के रास्ते प्रवेश कर सकता है। फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं।

    मानसून के आगमन से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। मंगलवार को बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित 18 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    10 और 11 जून को लू का भी असर

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 9 से 11 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गर्मी तीनों का असर देखने को मिलेगा। वहीं 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में हीटवेव यानी लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।

    कई जिलों में 42 डिग्री के पार पहुंचा पारा

    प्रदेश में बारिश की गतिविधियों के बावजूद गर्मी का असर बरकरार है। सोमवार को कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मंडला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। छिंदवाड़ा में 42.1, खजुराहो में 42, दमोह में 41.8, मलाजखंड में 41.7 और राजगढ़ में 41.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 41.6 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री, भोपाल में 38.7 डिग्री और इंदौर में 38.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश में एक साथ दिख रहा तीन मौसमों का असर

    मौसम विभाग का कहना है कि मध्य प्रदेश इस समय मौसम के संक्रमण काल से गुजर रहा है। प्रदेश में एक ओर भीषण गर्मी है, वहीं दूसरी ओर प्री-मानसून की बारिश और बढ़ती नमी का प्रभाव भी दिखाई दे रहा है।

    रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जिलों में अगले तीन से चार दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। महाकौशल क्षेत्र में मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी बनी हुई है।

    भोपाल और आसपास के इलाकों में राहत के आसार

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा समेत प्रदेश के मध्य भागों में दोपहर बाद बादल छाने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। वहीं सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना में भी वर्षा गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।

    मालवा-निमाड़ में बढ़ेगी नमी और उमस

    इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में अरब सागर से आने वाली नमी का असर देखने को मिलेगा। यहां बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश की तुलना में वर्षा का दायरा सीमित रहने की संभावना है।

    तापमान में 2 से 5 डिग्री तक गिरावट संभव

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी दर्ज की जा सकती है। जिन क्षेत्रों में बारिश होगी वहां मौसम सुहावना रहेगा, जबकि केवल बादल छाए रहने वाले इलाकों में उमस बढ़ सकती है।

    मानसून के स्वागत की तैयारी

    मौजूदा मौसमीय परिस्थितियों और मानसून की प्रगति को देखते हुए प्रदेश में मानसून प्रवेश की अनुकूल स्थिति बन रही है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही हालात बने रहे तो दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी करने की सलाह दी है, लेकिन बुवाई से पहले व्यापक और स्थायी बारिश का इंतजार करना बेहतर रहेगा।

    मौसम में बदलाव की वजह

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के साथ उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसके कारण प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं 11 जून को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर भी मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है।

  • मौसम का बदलेगा मिजाज! आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, कई राज्यों में राहत तो कहीं बढ़ेगी उमस

    मौसम का बदलेगा मिजाज! आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, कई राज्यों में राहत तो कहीं बढ़ेगी उमस



    मध्य प्रदेशदेशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 9 जून को कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में राहत की बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी और उमस का असर बरकरार रहेगा।

    मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और अन्य राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। कई स्थानों पर 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश में भी मौसम के तेवर बदले हुए नजर आ सकते हैं। भोपाल, सीहोर, विदिशा, सागर, सतना, उज्जैन और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं दर्ज की गई थीं, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव देखने को मिला था।

    दक्षिण भारत में मानसून की गतिविधियां तेज हो रही हैं। केरल और कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बाढ़ और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

    पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों में व्यापक वर्षा के संकेत हैं। वहीं उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस और गर्मी का असर महसूस किया जा सकता है।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की प्रगति के साथ आने वाले दिनों में देश के अधिक हिस्सों में वर्षा गतिविधियां बढ़ेंगी। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।

    कुल मिलाकर 9 जून का दिन मौसम के लिहाज से काफी सक्रिय रहने वाला है। कहीं बारिश राहत देगी तो कहीं तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा चुनौती बन सकता है। इसलिए घर से निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और आवश्यक सावधानी बरतें।