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  • मानसून आया नहीं, फिर भी कोटे से 65% ज्यादा बारिश; MP में मौसम का बदला मिजाज

    मानसून आया नहीं, फिर भी कोटे से 65% ज्यादा बारिश; MP में मौसम का बदला मिजाज


    मध्‍य प्रदेश। मध्यप्रदेश में मानसून ने अभी आधिकारिक तौर पर दस्तक नहीं दी है, लेकिन मौसम ने अपने तेवर पहले ही दिखाने शुरू कर दिए हैं। जून महीने की शुरुआत से ही राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश और तेज आंधी का दौर जारी है। हालात यह हैं कि अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे मौसम विभाग भी हैरान है।

    राज्य के कई जिलों में रविवार को भी तेज बारिश देखने को मिली। खंडवा, जबलपुर और सीहोर जैसे जिलों में झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन साथ ही जनजीवन को भी प्रभावित किया। कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण यातायात बाधित हुआ और हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बन गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, इस समय प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है, लेकिन वातावरण में नमी और बदलते दबाव के कारण लगातार बारिश हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून 15 से 18 जून के बीच मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

    भोपाल, आगर-मालवा, शाजापुर और नीमच जैसे जिलों में इस महीने अब तक 2 से ढाई इंच तक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य औसत से काफी अधिक है। वहीं सतना, सीधी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, हरदा और बुरहानपुर जैसे जिलों में भी एक इंच से अधिक बारिश हो चुकी है।

    मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी सहित कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    लगातार बदलते मौसम ने किसानों और आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। जहां एक तरफ बारिश से तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर खेतों में खड़ी फसलों और शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की खबरें सामने आई हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की प्री-मानसूनी गतिविधियां मानसून के मजबूत संकेत हो सकती हैं, लेकिन इसके साथ ही सावधानी बरतना भी जरूरी है। तेज आंधी और बारिश के दौरान खुले स्थानों से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन सावधानी भी जरूरी होगी।

  • आधा इंच बारिश के बाद सुहाना हुआ मौसम, कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी

    आधा इंच बारिश के बाद सुहाना हुआ मौसम, कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Indore में प्री-मानसून गतिविधियों ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। गुरुवार देर रात से शुरू हुई बारिश और ठंडी हवाओं ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई। शुक्रवार तड़के शहर के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि सुबह से कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में 15.6 मिमी यानी लगभग आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे बड़ा बदलाव रात के तापमान में देखने को मिला, जो एक ही दिन में करीब 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इससे शहरवासियों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली है।

    चार दिन बाद बदला मौसम का मिजाज
    पिछले चार दिनों से इंदौर का अधिकतम तापमान लगातार 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। बुधवार को दिन का तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि गुरुवार को यह 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। बादल छाने लगे और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। इसके असर से न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। बुधवार रात जहां तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस था, वहीं गुरुवार रात यह घटकर 19 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून की सक्रियता के चलते फिलहाल वातावरण में ठंडक बनी रहेगी और अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है।

    आज भी बारिश और बूंदाबांदी के आसार
    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में मिश्रित मौसम बना रहेगा। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश, कहीं रिमझिम फुहारें और कहीं केवल बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। बादलों और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में भी कमी महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक प्री-मानसून गतिविधियां प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में सक्रिय रह सकती हैं।

    मध्य प्रदेश में 20 से 22 जून के बीच मानसून की संभावना
    इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने Kerala में दस्तक दे दी है, जिससे मध्य प्रदेश में मानसून आगमन की उम्मीदें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य तिथि की तुलना में लगभग 5 से 7 दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। सामान्यतः मानसून 15 जून के आसपास मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि केरल में प्रवेश के लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में सक्रिय होता है। चूंकि इस वर्ष मानसून 4 जून को केरल पहुंचा है, इसलिए 20 जून के बाद इसके प्रदेश में प्रवेश की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

    अरब सागर और बंगाल की खाड़ी पर नजर
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की वास्तविक गति अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसमी सिस्टम पर निर्भर करेगी। यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहती हैं तो मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है, जबकि किसी बड़े मौसमीय व्यवधान की स्थिति में इसकी तिथि में बदलाव भी संभव है। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश का सिलसिला जारी है, जिसे मानसून पूर्व गतिविधियों का हिस्सा माना जा रहा है।

    पिछले वर्षों में जून रहा अपेक्षाकृत ठंडा
    मौसम के आंकड़ों के अनुसार इंदौर में पिछले छह वर्षों के दौरान जून माह में अत्यधिक गर्मी नहीं पड़ी। वर्ष 2020 से 2025 के बीच जून में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पिछले वर्ष 2025 में भी जून के दौरान अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन समय-समय पर हुई बारिश ने गर्मी का असर कम रखा था। इस बार भी प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में राहत बनी हुई है।

  • गर्मी पर भारी पड़ी बारिश, एमपी में ठंडी हुई रातें; मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी

    गर्मी पर भारी पड़ी बारिश, एमपी में ठंडी हुई रातें; मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में आंधी, बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा रही है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों को अब राहत महसूस होने लगी है। हालांकि मौसम के इस बदले स्वरूप के साथ बिजली गिरने और तेज आंधी जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

    रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। खंडवा में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो इस मौसम के लिए काफी कम माना जा रहा है। वहीं पचमढ़ी में रात का तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री, इंदौर में 26.4 डिग्री, ग्वालियर और जबलपुर में 24.7 डिग्री तथा उज्जैन में 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दमोह, रीवा, खरगोन और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में भी रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहीं।

    मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। सतना में सवा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया में करीब आधा इंच बारिश हुई। शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, श्योपुर, रीवा, सिवनी, बैतूल, सिंगरौली, मैहर और उमरिया सहित अनेक जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह से तेज हवाएं चलती रहीं, जबकि शिवपुरी, टीकमगढ़ और गुना में रुक-रुककर बारिश होती रही।

    इस बीच मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। आगर-मालवा, शाजापुर, अशोकनगर, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और छिंदवाड़ा में बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, नीमच और मंदसौर सहित कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं।

    मौसम के इस बदले स्वरूप के बीच श्योपुर जिले से दुखद खबर भी सामने आई है। जिले के ओछापुरा गांव में रविवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से 32 वर्षीय राजेश श्रीवास की मौत हो गई। बताया गया कि वह अपने घर के आंगन में सो रहा था, तभी तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और वह उसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    मानसून को लेकर भी मौसम विशेषज्ञों ने अहम संकेत दिए हैं। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके आगमन में लगभग एक सप्ताह की देरी हो सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक दे सकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि मई महीने में प्रदेश ने भीषण गर्मी और असामान्य बारिश दोनों का अनुभव किया। एक ओर खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, वहीं दूसरी ओर लगातार हुई बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई में प्रदेश में सामान्य से करीब 56 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और बादलों का प्रभाव बना रहेगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी। हालांकि बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।

  • मई में 56% ज्यादा बारिश, मध्य प्रदेश में गर्मी पर ब्रेक; कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं

    मई में 56% ज्यादा बारिश, मध्य प्रदेश में गर्मी पर ब्रेक; कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण गर्मी का असर काफी हद तक कम हो गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि श्योपुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

    रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सुहावना बना रहा। खंडवा प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 24.5 डिग्री, इंदौर में 26.4 डिग्री, ग्वालियर में 24.7 डिग्री, उज्जैन में 26 डिग्री और जबलपुर में 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    प्रदेश के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से नीचे रहा। दमोह में 21.8 डिग्री, रीवा में 22 डिग्री, खरगोन और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री, उमरिया में 23.5 डिग्री तथा दतिया में 23.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बादल, नमी और वर्षा गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।

    बारिश की बात करें तो सतना जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जहां 24 घंटे के दौरान सवा इंच से ज्यादा पानी बरसा। दतिया में आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, श्योपुर, रीवा, सिवनी, बैतूल, सिंगरौली, मैहर और उमरिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। राजधानी भोपाल में भी सोमवार सुबह से तेज हवाओं के साथ मौसम खुशनुमा बना रहा।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई महीने में प्रदेश में सामान्य से लगभग 56 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि इस बार प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य से कहीं अधिक सक्रिय रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और अरब सागर-बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के संयुक्त प्रभाव के कारण प्रदेश में बार-बार मौसम बदल रहा है।

    हालांकि बारिश और ठंडक के बीच आकाशीय बिजली का खतरा भी बढ़ गया है। श्योपुर में बिजली गिरने की घटना ने मौसम विभाग की चेतावनियों की गंभीरता को एक बार फिर उजागर किया है। विशेषज्ञों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। किसानों के लिए यह मौसम फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

    गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह बदलाव राहत लेकर आया है, लेकिन मौसम के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सावधानी बरतनी होगी।

  • MP में 20-22 जून के बीच दस्‍तक दे सकता है मानसून, अगले 4 दिन रहेगा आंधी-बारिश का दौर

    MP में 20-22 जून के बीच दस्‍तक दे सकता है मानसून, अगले 4 दिन रहेगा आंधी-बारिश का दौर

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन को लेकर मौसम विभाग ने नया अनुमान जारी किया है। इस बार प्रदेश में मानसून सामान्य समय से 5 से 7 दिन की देरी से पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना है। वहीं, मानसून आने से पहले प्रदेशभर में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहेगा।

    धार-खरगोन में रेड अलर्ट

    मौसम विभाग ने सोमवार को धार और खरगोन जिलों के लिए ओलावृष्टि और तेज बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी, गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का यही मिजाज बना रहेगा।

    नौतपा की तपिश पर बारिश भारी
    नौतपा के सातवें दिन भी प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को प्रदेश का सर्वाधिक तापमान शाजापुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में तापमान में गिरावट
    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी गर्मी का असर कम हुआ है-
    इंदौर – 36.3 डिग्री सेल्सियस
    जबलपुर – 36.4 डिग्री सेल्सियस
    ग्वालियर – 37.5 डिग्री सेल्सियस
    उज्जैन – 37.5 डिग्री सेल्सियस
    भोपाल – 38 डिग्री सेल्सियस

    शाजापुर, राजगढ़ और नरसिंहपुर को छोड़ अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    मई में गर्मी भी रिकॉर्ड, बारिश भी ज्यादा
    मई माह में प्रदेश ने दो तरह के मौसम का अनुभव किया। महीने की शुरुआत आंधी और बारिश से हुई, जबकि 18 मई के बाद भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया। इस दौरान खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। 25 मई से शुरू हुए नौतपा के दौरान भी प्रदेश का कोई न कोई जिला आंधी और बारिश से प्रभावित रहा। महीने के अंतिम दिनों में कई जिलों में ओलावृष्टि भी हुई।

    औसत से अधिक हुई मई की बारिश
    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार मई महीने में प्रदेश में करीब सवा इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में लगभग पौन इंच वर्षा होती है। यानी इस बार औसत से करीब 56 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। हालांकि जून में वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि इस बार प्रदेश में मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत का करीब 90 प्रतिशत रह सकती है।

    अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 से 4 जून तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। लगातार बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

  • मप्र में बदला मौसम का मिजाज, आज 47 जिलों में बारिश और 8 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    मप्र में बदला मौसम का मिजाज, आज 47 जिलों में बारिश और 8 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट


    भोपाल।
    इस बार नौतपा में मध्य प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां आमतौर पर इस दौरान भीषण गर्मी और लू का असर रहता है, वहीं प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। शनिवार को 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई, जबकि रविवार सुबह राजधानी भोपाल के कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    शनिवार देर रात करीब 12:30 बजे से तड़के 3 बजे तक भोपाल में तेज हवाएं चलीं। आंधी के कारण शहर के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

    47 जिलों में बारिश, 8 जिलों में ओलों की चेतावनी
    मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

    इसके अलावा प्रदेश के 47 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। राहत की बात यह है कि कहीं भी लू चलने की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मई माह में यह पहली बार होगा जब पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगभग समाप्त रहेगा।

    दो दिनों से जारी है बारिश का सिलसिला
    पिछले दो दिनों से प्रदेश में मौसम प्रणाली सक्रिय बनी हुई है। शुक्रवार शाम से शनिवार रात तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई। टीकमगढ़ में सवा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया में आधा इंच और नौगांव में करीब पौन इंच बारिश हुई।

    ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, धार, गुना, दमोह, रीवा, सतना, उमरिया, खरगोन, शिवपुरी, डिंडौरी, मंदसौर, खंडवा, शाजापुर, देवास, झाबुआ, मुरैना, बैतूल, बालाघाट और श्योपुर सहित कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। श्योपुर में ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है।

    तीन दिन में 12 डिग्री तक गिरा तापमान
    लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले तक प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल नौगांव में तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो अब घटकर 35.5 डिग्री सेल्सियस रह गया है। यानी तीन दिनों में करीब 12 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है।

    शनिवार को प्रदेश के 20 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। प्रमुख शहरों में ग्वालियर का तापमान 35.6 डिग्री, जबलपुर 38.2 डिग्री, इंदौर 38.8 डिग्री, उज्जैन 39 डिग्री और भोपाल 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नरसिंहपुर में 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कई शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा।

    आज का मौसम अलर्ट
    देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    आंधी और बारिश की संभावना

    अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 31 मई के बाद से हीटवेव का कोई अलर्ट नहीं है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

  • नौतपा से पहले झुलसता मध्यप्रदेश, तापमान और बढ़ने की चेतावनी

    नौतपा से पहले झुलसता मध्यप्रदेश, तापमान और बढ़ने की चेतावनी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में गर्मी ने एक बार फिर अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और हालात बेहद चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए राज्य के 4 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया है, जहां अगले कुछ दिनों तक भीषण लू और अत्यधिक गर्मी का खतरा बना रहेगा।

     नौतपा में और बढ़ेगी तपिश
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय चल रहे नौतपा के दौरान प्रदेश में तापमान और ऊपर जा सकता है। नौतपा को गर्मी का सबसे कठिन दौर माना जाता है, जिसमें सूर्य की सीधी किरणें धरती को सबसे ज्यादा गर्म करती हैं। इस दौरान दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहने की संभावना है, जिससे राहत मिलने के आसार कम हैं।

    किन जिलों में रेड अलर्ट
    रेड अलर्ट वाले जिलों में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इन इलाकों में दिन के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि इन जिलों में तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज किया जा सकता है और लू का असर तेज रहेगा।

     स्वास्थ्य पर बढ़ रहा असर
    भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ा खतरा बन जाती है।

     विशेषज्ञों की सलाह
    मौसम और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है-
    दिन में 11 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
    पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें
    हल्के और ढीले कपड़े पहनें
    धूप में निकलते समय सिर ढककर रखें
    बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

    प्रशासन अलर्ट मोड प
    प्रशासन ने भी गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। कई जगहों पर पेयजल व्यवस्था और हीटवेव से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

    मध्य प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम है। नौतपा के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है, ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • मध्य प्रदेश में भीषण लू का कहर: पारा 45°C के पार, कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

    मध्य प्रदेश में भीषण लू का कहर: पारा 45°C के पार, कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और तपती लू की चपेट में है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात ऐसे बन गए हैं कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    राज्य के ग्वालियर, भिंड, मुरैना, रतलाम, खंडवा, खरगोन और आसपास के इलाकों में गर्म हवाओं का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। दोपहर के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब लू के थपेड़े शरीर को झुलसा देने वाले हो जाते हैं।

    मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह भीषण लू 20 मई तक जारी रह सकती है। इसके बाद ही मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

    गर्मी का असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग दिन के सबसे गर्म समय यानी 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।

    स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे धूप में अनावश्यक यात्रा से बचें और हल्के, ढीले व सूती कपड़े पहनें। साथ ही, सिर को ढककर बाहर निकलने और छायादार स्थानों में रहने की सलाह दी गई है।

    गांवों और कस्बों में स्थिति और अधिक कठिन हो गई है, जहां बिजली कटौती और पानी की कमी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। किसान वर्ग भी इस गर्मी से प्रभावित हो रहा है, क्योंकि खेतों में काम करना दिन के समय लगभग असंभव हो गया है।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में गर्मी का यह दौर लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में सतर्क रहने की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। फिलहाल लोगों को राहत का इंतजार है, लेकिन आसमान से बरसती आग अभी थमती नजर नहीं आ रही है।

  • MP में गर्मी ने दिखाए तेवर, 15 शहरों में तापमान 43 डिग्री के पार, खंडवा सबसे गर्म

    MP में गर्मी ने दिखाए तेवर, 15 शहरों में तापमान 43 डिग्री के पार, खंडवा सबसे गर्म


    भोपाल । मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेश के इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे ज्यादा गर्मी की चपेट में हैं। शनिवार को खंडवा और नौगांव में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जबकि प्रदेश के 15 शहरों में पारा 43 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच गया। रतलाम में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर रहा। वहीं, राजधानी भोपाल में दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा नजर आया और लोग घरों में रहने को मजबूर दिखे।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, रविवार को रतलाम, खरगोन और खंडवा में तीव्र लू चलने की संभावना है। इन इलाकों में तापमान 44 डिग्री के पार जा सकता है। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, बुरहानपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज और सीधी समेत कई जिलों में लू का असर बना रहेगा।

    भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, मंदसौर, देवास, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, शहडोल और कटनी सहित कई जिलों में भी तेज गर्मी पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। विभाग के मुताबिक 17, 18 और 19 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी रह सकता है।

    गौरतलब है कि अप्रैल के आखिरी दिनों से मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला शुरू हुआ था। 10 मई तक लगातार बारिश का असर देखने को मिला। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात और टर्फ सिस्टम सक्रिय रहे। 11 मई को मौसम साफ हुआ, लेकिन 12 से 15 मई के बीच फिर कई इलाकों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। मई के शुरुआती 16 दिनों में से 13 दिन प्रदेश में मौसम का असर बना रहा। हालांकि, रविवार के लिए मौसम विभाग ने कहीं भी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है।

  • एमपी में पड़ रही भीषण गर्मी, 40 जिलों में हीट वेव, 5 जिलों में तेज लू की चेतावनी, शाजापुर-नौगांव सबसे गर्म

    एमपी में पड़ रही भीषण गर्मी, 40 जिलों में हीट वेव, 5 जिलों में तेज लू की चेतावनी, शाजापुर-नौगांव सबसे गर्म

    भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से के कुछ इलाकों को छोड़ दें तो अधिकांश जिले इस समय हीट वेव की चपेट में हैं। अगले चार दिनों तक भीषण गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को करीब 40 जिलों में गर्म हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार और देवास में 15 से 17 मई के बीच तेज लू चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक गर्मी का असर सबसे अधिक रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। गुरुवार को भी प्रदेश में भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। शाजापुर और छतरपुर के नौगांव में अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। इसके अलावा खरगोन में 44.6 डिग्री, खंडवा और रतलाम में 44.5 डिग्री, खजुराहो में 44.3 डिग्री तथा रायसेन और दमोह में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। भोपाल में 43.4 डिग्री, जबलपुर में 43.3 डिग्री, इंदौर में 43 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इंदौर, उज्जैन, रतलाम, देवास और धार में दिन के साथ रातें भी गर्म रहने वाली हैं। मौसम विभाग ने इन जिलों में “वॉर्म नाइट” की चेतावनी भी जारी की है, जिससे रात के तापमान में भी राहत मिलने की संभावना कम है।

    भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, गुना, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, शाजापुर, सीहोर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, छतरपुर, टीकमगढ़, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और बैतूल जैसे जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि यहां फिलहाल लू का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
    भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, गुना, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, शाजापुर, सीहोर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, छतरपुर, टीकमगढ़, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और बैतूल जैसे जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि यहां फिलहाल लू का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    प्रदेश में मई की शुरुआत से मौसम लगातार बदलता रहा है। 30 अप्रैल से शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर 10 मई तक जारी रहा। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात और ट्रफ सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। 11 मई को मौसम साफ हुआ, लेकिन 12 से 14 मई के बीच फिर कई इलाकों में आंधी और बारिश देखने को मिली। इस तरह मई के 14 दिनों में से 12 दिन प्रदेश में कहीं न कहीं बारिश, आंधी या ओलावृष्टि का असर रहा। हालांकि शुक्रवार के लिए बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।