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  • महाकाल मंदिर में मुस्लिम युवक से मारपीट: आधार कार्ड देखने के बाद हुआ विवाद, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    महाकाल मंदिर में मुस्लिम युवक से मारपीट: आधार कार्ड देखने के बाद हुआ विवाद, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे एक युवक के साथ हुई मारपीट की घटना ने उज्जैन में चर्चा का विषय बना दिया है। घटना उस समय हुई जब युवक मंदिर की चलित भस्मारती में शामिल होने के लिए कतार में खड़ा था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कुछ लोग युवक से बहस करते और उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर युवक को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू की।

    पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी क्षेत्र का रहने वाला 26 वर्षीय सरफराज शेख एक हिंदू युवती के साथ महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने आया था। दोनों देर रात मंदिर पहुंचे और चलित भस्मारती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की कतार में लग गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक ने माथे पर चंदन का त्रिपुंड लगाया हुआ था और ‘महाकाल’ भी लिखा हुआ था, जिससे वह सामान्य श्रद्धालुओं की तरह दिखाई दे रहा था।

    बताया जा रहा है कि कतार में खड़े कुछ लोगों को युवक पर संदेह हुआ। इसके बाद उसकी पहचान जानने के लिए आधार कार्ड देखा गया। आधार कार्ड में उसका नाम और पहचान सामने आने के बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते कुछ लोगों ने युवक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी।

    घटना के दौरान युवक अपनी बात रखने और खुद को छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन माहौल लगातार गर्माता गया। आसपास मौजूद लोगों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरे घटनाक्रम को वहां मौजूद कुछ लोगों ने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मामला सार्वजनिक चर्चा में आ गया।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस अधिकारियों ने युवक और उसके साथ आई युवती से पूछताछ की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों दर्शन करने के उद्देश्य से उज्जैन आए थे। पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए दोनों के परिजनों को भी उज्जैन बुलाया है।

    महाकाल थाना पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, पहचान को लेकर उत्पन्न होने वाले विवादों और सोशल मीडिया के प्रभाव पर चर्चा का कारण बनी है। प्रशासन का प्रयास है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।

  • भस्म आरती में महाकाल का दिव्य श्रृंगार, पंचामृत से लेकर भस्म अर्पण तक पूरी हुई महापूजा

    भस्म आरती में महाकाल का दिव्य श्रृंगार, पंचामृत से लेकर भस्म अर्पण तक पूरी हुई महापूजा


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान एक बार फिर आस्था, परंपरा और वैदिक विधियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खुलते ही पूरे परिसर में मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन की ध्वनि गूंज उठी।

    सभा मंडप में सबसे पहले वीरभद्रजी के कान में स्वस्तिवाचन किया गया और उसके बाद घंटी बजाकर भगवान से आज्ञा ली गई। इसके बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए और गर्भगृह में पुजारियों ने विधिवत पूजा आरंभ की।

    गर्भगृह में भगवान महाकाल का श्रृंगार उतारकर सबसे पहले पंचामृत पूजन किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया, जिसके बाद कर्पूर आरती संपन्न हुई। इसके साथ ही नंदी हॉल में नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और पूजन भी किया गया।

    इसके बाद जलाभिषेक कर भगवान महाकाल का पुनः शुद्धिकरण किया गया। फिर उन्हें रजत चंद्र-त्रिशूल मुकुट, रुद्राक्ष की माला, शेषनाग का रजत मुकुट, सुगंधित पुष्पमालाएं और आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया। भांग, चंदन, सूखे मेवे और भस्म अर्पित कर भगवान को अलौकिक स्वरूप प्रदान किया गया।

    पूजा के अगले चरण में फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। इस संपूर्ण भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से परंपरागत रूप से भगवान को भस्म अर्पित की गई।

    मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, जिसे अत्यंत दिव्य और दुर्लभ माना जाता है।

  • महाकाल दर्शन व्यवस्था पर सवाल, अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

    महाकाल दर्शन व्यवस्था पर सवाल, अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित Shri Mahakaleshwar Temple में भस्म आरती की अनुमति दिलाने के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। मंदिर प्रशासन के औचक निरीक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ कि कुछ लोगों ने श्रद्धालुओं से प्रति व्यक्ति 2500 रुपए लेकर आरती में प्रवेश की व्यवस्था कराने का दावा किया था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने तत्काल पुलिस को शिकायत सौंपी, जिसके आधार पर तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटना के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रवेश व्यवस्था में भी बदलाव करने का निर्णय लिया है।

    औचक निरीक्षण में सामने आई गड़बड़ी
    शुक्रवार तड़के मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक भस्म आरती की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रवेश द्वारों से आने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत की और उनकी अनुमति प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। नीलकंठ द्वार, मानसरोवर मार्ग और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर अनुमति जांच के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने चौंकाने वाली जानकारी दी। तीन श्रद्धालुओं ने बताया कि उनसे भस्म आरती में शामिल होने की अनुमति दिलाने के नाम पर 2500-2500 रुपए लिए गए थे।

    श्रद्धालुओं की शिकायत से खुला मामला
    प्रशासक द्वारा पूछताछ किए जाने पर श्रद्धालुओं ने स्पष्ट रूप से बताया कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के अलावा अतिरिक्त राशि का भुगतान किया था। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित दस्तावेजों और अनुमति प्रक्रिया की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भस्म आरती की प्रोटोकॉल अनुमति किसी कथित ‘हिन्दू संगठन’ के नाम से कराई गई थी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि श्रद्धालुओं से वसूली गई राशि किस व्यक्ति या समूह तक पहुंची।

    तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
    मंदिर प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए Mahakal Police Station में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि श्रद्धालुओं से पैसे लेने में कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या यह कोई संगठित नेटवर्क था या कुछ व्यक्तियों द्वारा की जा रही अवैध गतिविधि।

    प्रवेश व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
    घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब भस्म आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए नीलकंठ द्वार को मुख्य और एकमात्र प्रवेश द्वार बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि एकल प्रवेश व्यवस्था से अनुमति प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी और किसी भी प्रकार की दलाली या अवैध वसूली पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

    भस्म आरती को लेकर रहती है भारी मांग
    महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। प्रतिदिन तड़के होने वाली इस आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आवेदन करते हैं। सीमित संख्या में अनुमति मिलने के कारण कई बार दलालों और बिचौलियों के सक्रिय होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

    ताजा मामले ने एक बार फिर आरती अनुमति प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही अनुमति प्राप्त करें।

  • उज्जैन में महाकाल की दिव्य भस्म आरती: रजत चंद्र, भांग-चंदन से सजा बाबा का अद्भुत श्रृंगार

    उज्जैन में महाकाल की दिव्य भस्म आरती: रजत चंद्र, भांग-चंदन से सजा बाबा का अद्भुत श्रृंगार


    नई दिल्ली। उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में गुरुवार तड़के बाबा महाकाल की भव्य भस्म आरती संपन्न हुई, जहां श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। अलसुबह ठीक 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित देव प्रतिमाओं का विधिवत पूजन शुरू किया।
    पूजा की शुरुआत जलाभिषेक से हुई, जिसके बाद भगवान महाकाल का पंचामृत से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से स्नान कराने के दौरान ‘हरि ओम’ के मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। प्रथम घंटाल बजते ही श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।
    अभिषेक के बाद भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर विधिवत भस्म अर्पित की गई। इसके पश्चात शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित फूलों से बाबा को सजाया गया। कपूर आरती के बाद जटाधारी स्वरूप में भगवान महाकाल का दिव्य रूप सामने आया।
    श्रृंगार के दौरान बाबा के मस्तक पर रजत चंद्र, भांग, चंदन और गुलाब की मालाएं अर्पित की गईं। त्रिपुण्ड धारण कर भगवान को राजसी स्वरूप दिया गया। इसके साथ ही भांग, ड्रायफ्रूट, आभूषण और पुष्पों से सुसज्जित कर उन्हें राजा के रूप में प्रतिष्ठित किया गया।
    गुलाब के फूलों की सुगंध से महकते मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जैसे ही भस्म आरती पूर्ण हुई, भक्तों ने बाबा के दिव्य दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के अंत में भगवान को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
    धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यही कारण है कि महाकाल की भस्म आरती का विशेष महत्व माना जाता है और देशभर से श्रद्धालु इस अद्वितीय अनुष्ठान के साक्षी बनने उज्जैन पहुंचते हैं
  • महाकाल की नगरी में विजय सिन्हा भक्ति में लीन भस्म आरती के साक्षी बन मांगी देश और बिहार की खुशहाली

    महाकाल की नगरी में विजय सिन्हा भक्ति में लीन भस्म आरती के साक्षी बन मांगी देश और बिहार की खुशहाली


    उज्जैन । मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन एक बार फिर आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बनी जब बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने प्रवास के दौरान विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। कालों के काल कहे जाने वाले भगवान महाकाल की शरण में पहुंचे उपमुख्यमंत्री पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे नजर आए और उन्होंने मंदिर परिसर में कुछ समय बिताकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

    मंदिर पहुंचने के बाद विजय कुमार सिन्हा ने सबसे पहले नंदी हॉल में बैठकर ध्यान लगाया जहां वे कुछ समय तक गहन भक्ति में लीन रहे। इस दौरान उन्होंने मन की शांति और आध्यात्मिक संतुलन का अनुभव किया। इसके बाद उन्होंने विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के दिव्य और अलौकिक दृश्य के दर्शन किए जो उज्जैन की पहचान मानी जाती है। भस्म आरती के साक्षी बनने के बाद उन्होंने गर्भगृह की चौखट से भगवान महाकाल के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य माना।

    परंपराओं का पालन करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल को जल अर्पित किया और पूरे विधि विधान के साथ पूजन अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने बिहार राज्य की प्रगति और समृद्धि के साथ साथ पूरे देशवासियों के सुख समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने मां भारती के गौरव को बढ़ाने और राष्ट्र के उज्जवल भविष्य के लिए भी प्रार्थना की।

    विजय कुमार सिन्हा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और महाकाल की ऊर्जा समाज में सकारात्मकता और संतुलन स्थापित करने का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आध्यात्मिक स्थलों से व्यक्ति को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है जो उसे समाज और राष्ट्र के लिए बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।

    उन्होंने विशेष रूप से महिला शक्ति के सशक्तिकरण और समाज के समग्र विकास के लिए भी प्रार्थना की और कहा कि एक सशक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अनुशासन हर श्रद्धालु को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।

    उज्जैन में उपमुख्यमंत्री का यह दौरा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि आस्था और संस्कृति के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा को दर्शाता है। यह यात्रा इस बात का प्रतीक है कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले जनप्रतिनिधि भी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं और समय समय पर इन पवित्र स्थलों पर पहुंचकर राष्ट्र और समाज के कल्याण की कामना करते हैं।