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  • भारत बना वैश्विक पूंजी का सबसे भरोसेमंद ठिकाना, दीर्घकालिक निवेशकों की पहली पसंद के रूप में उभरी भारतीय अर्थव्यवस्था: पीयूष गोयल

    भारत बना वैश्विक पूंजी का सबसे भरोसेमंद ठिकाना, दीर्घकालिक निवेशकों की पहली पसंद के रूप में उभरी भारतीय अर्थव्यवस्था: पीयूष गोयल

    नई दिल्ली । वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच भारत ने खुद को दुनिया के सबसे विश्वसनीय निवेश गंतव्यों में स्थापित किया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा लगातार भारत की ओर बढ़ रहा है और दुनिया भर की दीर्घकालिक पूंजी अब भारतीय अर्थव्यवस्था में नए अवसर तलाश रही है।

    मुंबई में आयोजित ‘सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026’ को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि हाल के दिनों में न्यूयॉर्क और टोरंटो के प्रमुख निवेशकों तथा उद्योग प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों से यह स्पष्ट हुआ है कि भारत को लेकर वैश्विक निवेशकों का दृष्टिकोण पहले से अधिक सकारात्मक हुआ है। उन्होंने कहा कि अब चर्चा इस बात पर नहीं होती कि भारत में निवेश किया जाए या नहीं, बल्कि इस बात पर केंद्रित होती है कि निवेशक भारत की विकास यात्रा में कितनी जल्दी और कितनी व्यापक भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और आने वाले वर्षों में भी यह स्थिति बरकरार रहने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन, कारोबार करने में आसानी, आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल तकनीकों के विस्तार और वैश्विक व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अंतरराष्ट्रीय निवेश समुदाय के बीच स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

    गोयल ने कहा कि भारत ने हर चुनौती को अवसर में बदलने की क्षमता दिखाई है। वैश्विक स्तर पर उत्पन्न संकटों के दौरान भी देश ने अपनी आर्थिक नीतियों और व्यावसायिक रणनीतियों को समय के अनुरूप ढालते हुए विकास की गति बनाए रखी। यही कारण है कि आज भारत व्यापार, निवेश और औद्योगिक विस्तार के लिए एक आकर्षक केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।

    उन्होंने अपनी हालिया कनाडा यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत का अब तक का सबसे बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल उनके साथ गया था। वहां विभिन्न पेंशन फंड, बीमा कंपनियों और संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार में गहरी रुचि दिखाई। साथ ही भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते को लेकर भी सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

    न्यूयॉर्क में प्रमुख निवेश कंपनियों और लगभग 50 वैश्विक व्यवसायिक संस्थाओं के साथ हुई चर्चाओं का हवाला देते हुए गोयल ने कहा कि भारत को अब एक भरोसेमंद वैकल्पिक विनिर्माण केंद्र, स्थिर कारोबारी साझेदार और सुरक्षित निवेश गंतव्य के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानून का शासन, निर्णायक नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और 140 करोड़ से अधिक लोगों का विशाल उपभोक्ता आधार भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।

    भारत में सफल विदेशी निवेश के उदाहरण देते हुए मंत्री ने हुंडई और जेसीबी जैसी कंपनियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने उस समय भारत में निवेश किया था जब बुनियादी ढांचा और औद्योगिक क्षमताएं आज की तुलना में काफी सीमित थीं। इसके बावजूद उन्होंने यहां दीर्घकालिक निवेश से उल्लेखनीय लाभ अर्जित किया और अपने वैश्विक कारोबार का विस्तार किया।

    गोयल ने कहा कि भारत केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि नवाचार, डिजाइन, अनुसंधान और उन्नत विनिर्माण का उभरता हुआ वैश्विक केंद्र भी बन रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से देश की दीर्घकालिक विकास यात्रा का भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि भविष्य की तकनीकों और नए औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश के लिए भारत व्यापक अवसर प्रदान कर रहा है।

  • भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्थिर सुधार, अप्रैल में PMI ने दिखाया मजबूत प्रदर्शन

    भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्थिर सुधार, अप्रैल में PMI ने दिखाया मजबूत प्रदर्शन

    नई दिल्ली।भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर लगातार मजबूती की ओर बढ़ रहा है और ताजा आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि औद्योगिक गतिविधियों में स्थिर सुधार देखा जा रहा है। अप्रैल महीने में मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई बढ़कर 54.7 पर पहुंच गया, जो पिछले महीने के 53.9 की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से नए ऑर्डर में बढ़ोतरी, उत्पादन में तेजी और रोजगार के अवसरों में सुधार के कारण सामने आई है।
    अप्रैल के आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। खासकर निर्यात के क्षेत्र में सुधार देखने को मिला है, जहां पिछले कई महीनों की तुलना में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है। इसका संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ रही है, जिससे उद्योग जगत को नई ऊर्जा मिल रही है।
    हालांकि, इस सकारात्मक रुझान के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और अनिश्चितताओं, विशेषकर मध्य पूर्व में चल रहे हालात, का असर लागत पर दिखाई दे रहा है। इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी हुई है, जिससे उत्पादन खर्च में भी इजाफा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही आउटपुट कीमतों में भी तेजी देखी गई है, जो पिछले कई महीनों में सबसे अधिक मानी जा रही है।
    इसके बावजूद उत्पादन गतिविधियां स्थिर बनी हुई हैं। कंपनियों ने बताया है कि घरेलू मांग और विज्ञापन गतिविधियों ने बिक्री और उत्पादन को समर्थन दिया है। हालांकि, प्रतिस्पर्धा का दबाव और कुछ ग्राहकों द्वारा ऑर्डर को अंतिम रूप देने में देरी के कारण विकास की गति थोड़ी प्रभावित हुई है।
    उद्योग जगत के प्रतिभागियों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों के बावजूद भविष्य को लेकर भरोसा बना हुआ है। कंपनियां आने वाले महीनों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही हैं और नए निवेश तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं। हालांकि, इस विश्वास में पिछले महीने की तुलना में हल्की कमी जरूर देखी गई है, लेकिन यह अभी भी एक सकारात्मक स्तर पर बना हुआ है।
    कुल मिलाकर भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर एक स्थिर और मजबूत विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। घरेलू मांग, निर्यात में सुधार और उत्पादन गतिविधियों की निरंतरता इस वृद्धि के प्रमुख आधार हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो आने वाले समय में इस क्षेत्र में और भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
  • खंडवा में प्रशासन का बड़ा खुलासा: चर्बी से नकली घी-आइसक्रीम बनाने वाला अवैध कारखाना पकड़ा

    खंडवा में प्रशासन का बड़ा खुलासा: चर्बी से नकली घी-आइसक्रीम बनाने वाला अवैध कारखाना पकड़ा

    खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में जिला प्रशासन ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए अवैध तरीके से संचालित हो रहे कारखाने का पर्दाफाश किया है। यहां पशुओं की चर्बी से नकली घी और आइसक्रीम बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। संयुक्त टीम ने मौके से भारी मात्रा में सामग्री जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

    शुक्रवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट, नगर निगम, खाद्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर मोघट थाना क्षेत्र के इमलीपुरा वार्ड स्थित बेगम पार्क के पास दबिश दी। संकरी गलियों में बने कमरों की तलाशी के दौरान टीम को एक के बाद एक चौंकाने वाले तथ्य मिले।

    कार्रवाई के दौरान 79 टीन कनस्तरों और 9 नीले ड्रमों में भरा चर्बी से बना नकली घी बरामद किया गया। इसके अलावा बड़ी संख्या में बोरे भरकर पशुओं के अवशेष भी मिले। प्राथमिक जांच में सामने आया कि मृत पशुओं की चर्बी, खाल और हड्डियों का इस्तेमाल कर घी तैयार किया जा रहा था, जिसे बाजार में सप्लाई किया जाता था।

    मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पूरे परिसर को सील कर दिया और जब्त सामग्री के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। पशु चिकित्सा विभाग ने भी चर्बी और अन्य अवशेषों के नमूने लेकर यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है कि किन पशुओं का उपयोग किया गया।

    इस मामले में आरोपी अनवर कुरैशी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं स्थानीय विधायक ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अवैध कारोबार से लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) जैसी कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।

    प्रशासन का कहना है कि पूरे जिले में इस तरह के अन्य अवैध ठिकानों की भी जांच की जाएगी, ताकि खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस तरह के खतरनाक नेटवर्क पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।