Tag: Marriage

  • बिलावल भुट्टो की शादी यूरोप की राजकुमारी से होने वाली है…इस दावे की PPP ने निकाली हवा, जानें क्या है सच?

    बिलावल भुट्टो की शादी यूरोप की राजकुमारी से होने वाली है…इस दावे की PPP ने निकाली हवा, जानें क्या है सच?


    इस्लामाबाद।
    क्या बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) यूरोपियन राजकुमारी (European Princess) से शादी करने वाले हैं? पाकिस्तान (Pakistan) में सोशल मीडिया पर इसको लेकर खूब दावे किए जा रहे हैं। हालांकि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (Pakistan People’s Party) ने इन दावों की हवा निकाल दी है। कराची के मेयर और पीपीपी के नेता मुर्तजा वहाब ने बिलावल की शादी से जुड़ी सभी अफवाहों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहाकि पीपीपी के चेयरमैन की सगाई और शादी को लेकर जितने भी दावे किए जा रहे हैं, वह पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं।

    वहाब ने क्या लिखा

    वहाब ने अपना स्पष्टीकरण शनिवार देर रात एक्स पर पोस्ट किया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों के बाद आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे, बिलावल भुट्टो की शादी की तैयारियां चल रही हैं। यहां तक कहा जा रहा है कि 38 साल के बिलावल की शादी यूरोपियन परिवार में होने वाली है। दावों के मुताबिक पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी अपने बेटे की शादी के बारे में चर्चा करने और तारीख तय करने के लिए लिक्टेंस्टीन गए थे। यह स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच स्थित एक छोटा संप्रभु देश है।


    ऑस्ट्रिया की राजकुमारी का दावा

    कुछ अन्य रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था, बिलावल भुट्टो की शादी 26 साल की पूर्व ऑस्ट्रियन आर्कडचेस ग्लोरिया वॉन हाब्सबर्ग (Archduchess Gloria von Habsburg) से होने वाली है। वह ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक कार्ल और फ्रांसेसका वॉन थिसेन-बोर्नेमिस्ज़ा की बेटी हैं। साथ ही और हाब्सबर्ग-लॉरेन हाउस की सदस्य हैं। वह ऑस्ट्रिया के अंतिम शासक सम्राट और हंगरी के राजा कार्ल I की परनाती हैं। इतना ही नहीं, पाकिस्तान के उर्दू दैनिक अखबार डेली आउसाफ ने भी रिपोर्ट दी थी कि शादी की तैयारियां चल रही हैं। हालांकि इस रिपोर्ट में किसी सोर्स का हवाला नहीं दिया गया था। अखबार की रिपोर्ट में भी जरदारी के इस मामले को लेकर यूरोप जाने की बात कही गई थी। हालांकि बाद में यह रिपोर्ट बाद में हटा दी गई।


    प्रेसीडेंसी ने क्या लिखा

    27 अगस्त को, प्रेसीडेंसी ने एक्स पर पोस्ट करके पुष्टि की कि जरदारी निजी यात्रा पर विदेश गए हैं। लेकिन यात्रा के उद्देश्य के बारे में कोई और विवरण नहीं दिया गया। बता दें कि अब तक, बिलावल या उनके परिवार की तरफ से इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं आई है। बता दें कि बिलावल भुट्टो जरदारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष हैं। वह पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे हैं। बिलावल पाकिस्तान की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा बनकर उभरे हैं और विदेश मंत्री के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

  • गोविंदा और सुनीता आहूजा ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को किया अनफॉलो, तलाक की पुरानी चर्चाओं ने फिर पकड़ा जोर

    गोविंदा और सुनीता आहूजा ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को किया अनफॉलो, तलाक की पुरानी चर्चाओं ने फिर पकड़ा जोर

    नई दिल्ली ।बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा एक बार फिर अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। दोनों के इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फॉलो न करने की बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों ने हाल में एक-दूसरे को अनफॉलो किया है या वे पहले से ही सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को फॉलो नहीं करते थे।

    सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, सुनीता आहूजा की फॉलोइंग लिस्ट में गोविंदा का नाम दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं गोविंदा की फॉलोइंग लिस्ट में भी सुनीता का नाम नजर नहीं आने की बात कही जा रही है। हालांकि, सुनीता गोविंदा से जुड़े एक फैन पेज को फॉलो करती हैं। इसी सोशल मीडिया गतिविधि को लेकर दोनों के रिश्ते में कथित दूरी की चर्चाएं फिर शुरू हो गई हैं।

    गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर पहले भी कई बार खबरें सामने आती रही हैं। पिछले कुछ समय में दोनों के बीच कथित अनबन और तलाक की चर्चाओं ने खासा ध्यान खींचा था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सुनीता ने दिसंबर 2024 में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। इसमें बेवफाई, मानसिक प्रताड़ना और साथ छोड़ने जैसे आरोपों का उल्लेख होने की बात कही गई थी।

    बाद में गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा की ओर से कहा गया था कि सुनीता ने तलाक का मामला वापस ले लिया है। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं में कुछ समय के लिए कमी आई थी। हालांकि, अब इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फॉलो नहीं करने की बात सामने आने के बाद पुरानी अटकलें फिर चर्चा में आ गई हैं।

    सुनीता ने एक बातचीत के दौरान तलाक का मामला वापस लेने की वजह को लेकर भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने गोविंदा के दोबारा शादी करने की योजना से जुड़ी बात कही थी और इस मामले में राखी सावंत से समर्थन मांगा था। हालांकि, गोविंदा के मैनेजर की ओर से दूसरी शादी से जुड़ी खबरों को लेकर अलग रुख सामने आया था। ऐसे में इस मामले में दोनों पक्षों की बातें अलग-अलग रही हैं।

    हाल ही में गोविंदा अपनी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ नजर आए थे। दोनों की तस्वीरें सामने आने के बाद सुनीता ने नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने गोविंदा और कोमल की साथ में मौजूदगी पर टिप्पणी करते हुए अपने पति से जुड़े इस मामले पर सवाल उठाए थे। सुनीता की प्रतिक्रिया के बाद भी दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हुआ था।

    गोविंदा और सुनीता ने वर्ष 1987 में गुपचुप शादी की थी। बताया जाता है कि अभिनेता ने अपने फिल्मी करियर को देखते हुए लंबे समय तक अपनी शादी को सार्वजनिक नहीं किया था। बाद में दोनों की शादी और पारिवारिक जीवन बॉलीवुड में चर्चा का विषय बना रहा।

    फिलहाल इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फॉलो नहीं करने की खबर को लेकर दोनों की ओर से रिश्ते में किसी नई परेशानी या तलाक की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए सोशल मीडिया पर सामने आई इस जानकारी के आधार पर उनके रिश्ते को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल इतना जरूर है कि इस घटना ने गोविंदा और सुनीता की शादी से जुड़ी पुरानी चर्चाओं को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

  • गोविंदा-सुनीता विवाद के बीच कश्मीरा शाह का प्यार पर भावुक पोस्ट, शादी और बेवफाई को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    गोविंदा-सुनीता विवाद के बीच कश्मीरा शाह का प्यार पर भावुक पोस्ट, शादी और बेवफाई को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    नई दिल्ली ।बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब अभिनेत्री कश्मीरा शाह की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने ध्यान खींचा है। कश्मीरा ने अपने पोस्ट में प्यार, शादी और रिश्तों में भरोसे को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लंबे समय तक कायम रहने वाले सच्चे प्यार के अस्तित्व पर भी अपनी निराशा जाहिर की।

    कश्मीरा शाह ने आसमान की एक तस्वीर साझा करते हुए भावुक अंदाज में लिखा कि क्या सच्चा प्यार वास्तव में वैसा ही होता है, जैसा लोग उसके बारे में सोचते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई व्यक्ति किसी दूसरे इंसान से इतना प्यार कर सकता है कि उसके लिए बहुत कुछ करे और उसे हमेशा खास महसूस कराए।

    अपने संदेश में कश्मीरा ने रिश्तों में बढ़ती दूरी और शादी टूटने की घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोगों को एक-दूसरे को धोखा देते और शादियों को टूटते देखकर वह निराश हैं। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शायद उन्हें रिश्तों को लेकर अपनी सोच का दोबारा मूल्यांकन करने की जरूरत है।

    कश्मीरा की यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है, जब गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादीशुदा जिंदगी को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। दोनों के बीच लंबे समय से अनबन की खबरें सामने आती रही हैं और हाल के दिनों में दोनों की ओर से दिए गए अलग-अलग बयानों ने इस चर्चा को और बढ़ा दिया है।

    सुनीता आहूजा ने अपने वैवाहिक जीवन को लेकर कई खुलासे किए हैं। उन्होंने गोविंदा पर दूसरी महिलाओं के साथ संबंध होने का आरोप लगाया है। इसी बीच अभिनेता का नाम अभिनेत्री रानी स्वर्णकार के साथ भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि इन चर्चाओं को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों के बयानों को ध्यान में रखना जरूरी है।

    हाल ही में सुनीता आहूजा का एक बयान भी चर्चा में आया था, जिसमें उन्होंने गोविंदा को शुगर डैडी कहकर संबोधित किया था। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में काफी ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद गोविंदा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कम उम्र की अभिनेत्री के साथ उनकी जोड़ी बनने को अफेयर से जोड़ने पर आपत्ति जताई।

    गोविंदा ने कहा कि किसी कम उम्र की अभिनेत्री के साथ काम करने या उनकी जोड़ी बनने का यह अर्थ नहीं है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध हैं। उन्होंने बॉलीवुड में ऐसे कई उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि उम्र के बड़े अंतर के बावजूद कलाकार एक साथ फिल्मों में काम करते रहे हैं।

    अभिनेता ने यह भी कहा कि सुनीता उन्हें उनके प्रशंसकों की नजर में नीचे दिखाने का कोई अवसर नहीं छोड़ती हैं। उनके इस बयान के बाद दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं।

    इस पूरे विवाद के बीच कश्मीरा शाह का पोस्ट सीधे तौर पर गोविंदा और सुनीता के बारे में है या सामान्य तौर पर रिश्तों को लेकर उनकी व्यक्तिगत भावना है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने अपने संदेश में किसी का नाम लेकर आरोप नहीं लगाया है। हालांकि पोस्ट के सामने आने का समय ऐसा है कि इसे मौजूदा विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

    कश्मीरा शाह, गोविंदा के भांजे कृष्णा अभिषेक की पत्नी हैं। कृष्णा और गोविंदा के परिवार के बीच भी अतीत में मतभेद सार्वजनिक रूप से चर्चा में रहे हैं। ऐसे में कश्मीरा की रिश्तों को लेकर की गई टिप्पणी ने मनोरंजन जगत में लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

    फिलहाल गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते को लेकर सामने आ रही चर्चाओं के बीच कश्मीरा का संदेश एक अलग नजरिया पेश करता है। उनके पोस्ट ने प्यार, विश्वास, शादी और रिश्तों में वफादारी जैसे मुद्दों पर सोशल मीडिया पर बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

  • उर्मिला मातोंडकर और राम गोपाल वर्मा की सीक्रेट शादी को लेकर वरिष्ठ पत्रकार का दावा, बॉलीवुड में मची हलचल

    उर्मिला मातोंडकर और राम गोपाल वर्मा की सीक्रेट शादी को लेकर वरिष्ठ पत्रकार का दावा, बॉलीवुड में मची हलचल

    नई दिल्ली । हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले चर्चित फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा और लोकप्रिय अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। 90 के दशक में दोनों के रिश्तों और डेटिंग को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ती रही हैं, लेकिन हाल ही में एक वरिष्ठ फिल्म पत्रकार के दावे ने इस पुराने मामले को फिर से तरोताजा कर दिया है।

    एक टॉक शो के दौरान वरिष्ठ पत्रकार ने दावा किया कि राम गोपाल वर्मा और उर्मिला मातोंडकर ने एक समय गुप्त रूप से विवाह रचा लिया था। उनके अनुसार, उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी दक्षिण भारतीय फिल्मों के दिग्गज अभिनेता चिरंजीवी के माध्यम से मिली थी। पत्रकार ने बताया कि चिरंजीवी ने उनसे बातचीत के दौरान आंध्र प्रदेश के एक मंदिर में हुई इस गुप्त शादी का जिक्र किया था और इस बात की पुष्टि के लिए प्रमाण भी साझा किए थे।

    पत्रकार के मुताबिक, इस खबर की सच्चाई जानने के लिए उन्होंने उस दौरान अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर और निर्देशक राम गोपाल वर्मा दोनों से संपर्क किया था। हालांकि, उर्मिला ने इन बातों पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई थी, जबकि निर्देशक ने इस पूरे विषय पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। दोनों कलाकारों ने कभी भी सार्वजनिक रूप से इस प्रकार के दावों को स्वीकार नहीं किया।

    इसके अलावा, रिपोर्ट में दोनों के बीच दूरियां आने का कारण भी बताया गया है। कहा गया कि अभिनेत्री इस रिश्ते को कानूनी तौर पर आधिकारिक दर्जा देना चाहती थीं, जबकि निर्देशक इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी वैचारिक मतभेद के कारण दोनों ने आखिरकार अपने रास्ते अलग कर लिए और अपने-अपने पेशेवर करियर पर ध्यान केंद्रित किया।

    उर्मिला मातोंडकर और राम गोपाल वर्मा ने 90 के दशक में ‘रंगीला’, ‘सत्या’ और ‘कौन’ जैसी कई सुपरहिट और यादगार फिल्मों में एक साथ काम किया है। इन फिल्मों ने भारतीय सिनेमा में नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। सालों बाद सामने आए इस नए दावे ने एक बार फिर बी-टाउन के गलियारों में पुरानी यादों और चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

  • दिवंगत अभिनेता ओम पुरी संग अपने असफल रिश्ते पर छलका सीमा कपूर का दर्द, साझा कीं जिंदगी से जुड़ी कड़वी यादें

    दिवंगत अभिनेता ओम पुरी संग अपने असफल रिश्ते पर छलका सीमा कपूर का दर्द, साझा कीं जिंदगी से जुड़ी कड़वी यादें

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा जगत के जाने-माने दिवंगत अभिनेता ओम पुरी का निजी जीवन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। उनकी पहली पत्नी और अभिनेत्री सीमा कपूर ने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में अपने वैवाहिक जीवन और अलगाव से जुड़े कई कड़वे अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि किस तरह शादी की शुरुआत से ही उन्हें कई मानसिक और भावनात्मक उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ा था।

    साक्षात्कार के दौरान सीमा कपूर ने बताया कि विवाह से ठीक एक दिन पहले उन्हें अपने होने वाले पति के निजी जीवन से जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों की जानकारी मिली थी, जिससे वे काफी स्तब्ध रह गई थीं। हालांकि, उस समय पारिवारिक प्रतिष्ठा, सामाजिक दबाव और विवाह की तमाम तैयारियों के पूरा हो जाने के कारण अंतिम समय में शादी का फैसला वापस लेना उनके लिए संभव नहीं हो सका।

    विवाह के पश्चात भी दोनों के रिश्तों में दूरियां बनी रहीं और समय के साथ परिस्थितियां अधिक जटिल होती चली गईं। सीमा कपूर के अनुसार, पारिवारिक जीवन में आए गंभीर तनाव और मानसिक आघात का असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ा। उन्होंने खुलासा किया कि अलगाव के बेहद कठिन दौर से गुजरते समय और अत्यधिक मानसिक दबाव के कारण उन्होंने अपनी गर्भावस्था के दौरान संतान को भी खो दिया था।

    दोनों के बीच बढ़ते मतभेदों के चलते अंततः कानूनी रूप से अलग होने का निर्णय लिया गया। तलाक की प्रक्रिया के दौरान सहायता राशि और व्यावहारिक बातचीत से जुड़े घटनाक्रमों ने दोनों के बीच के कड़वाहट को और बढ़ा दिया। मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में ओम पुरी की बहुमुखी अदाकारी के प्रशंसक आज भी मौजूद हैं, लेकिन यह साक्षात्कार उनके निजी जीवन के जटिल पहलुओं को सामने लाता है।

    गौरतलब है कि सीमा कपूर से अलग होने के बाद अभिनेता ने दूसरा विवाह किया था, हालांकि उनका वह रिश्ता भी बाद के वर्षों में अलगाव पर समाप्त हुआ। जनवरी 2017 में 66 वर्ष की आयु में ओम पुरी का निधन हो गया था। उनके निधन के वर्षों बाद भी उनके निजी रिश्तों से जुड़ी यह आपबीती मनोरंजन जगत और प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • वैवाहिक जीवन की शुरुआत से पहले पार्टनर की इन आदतों पर जरूर करें गौर, विशेषज्ञ ने बताए अहम संकेत

    वैवाहिक जीवन की शुरुआत से पहले पार्टनर की इन आदतों पर जरूर करें गौर, विशेषज्ञ ने बताए अहम संकेत

    नई दिल्ली । शादी केवल दो लोगों का साथ नहीं, बल्कि विश्वास, जिम्मेदारी और आपसी समझ पर आधारित एक दीर्घकालिक रिश्ता होता है। ऐसे में विवाह से पहले केवल व्यक्तित्व, करियर या पारिवारिक पृष्ठभूमि पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं माना जाता। रिश्ते की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि दोनों साथी कठिन परिस्थितियों में किस तरह व्यवहार करते हैं और मतभेदों को किस तरह संभालते हैं। इसी संदर्भ में एक अनुभवी तलाक वकील ने शादी से पहले कुछ महत्वपूर्ण व्यवहारिक संकेतों पर ध्यान देने की सलाह दी है।

    न्यूयॉर्क के तलाक मामलों के विशेषज्ञ जेम्स जे. सेक्सटन का कहना है कि लंबे समय तक वैवाहिक विवादों को देखने के उनके अनुभव में कुछ ऐसे संकेत हैं, जिन्हें शुरुआती दौर में नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उनका मानना है कि रिश्ते की शुरुआत में भावनात्मक लगाव के कारण कई लोग अपने साथी की कुछ गंभीर आदतों को सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यही बातें आगे चलकर रिश्ते में तनाव का कारण बन सकती हैं।

    उन्होंने पहला महत्वपूर्ण संकेत किसी भी प्रकार की नशे की लत को बताया है। उनके अनुसार यदि कोई व्यक्ति शराब, मादक पदार्थों या अन्य किसी नशे का नियमित आदी है, तो इसे केवल एक सामान्य आदत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई मामलों में ऐसी आदतें मानसिक तनाव, भावनात्मक चुनौतियों या अन्य व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़ी हो सकती हैं। यदि समय रहते इन पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो वैवाहिक जीवन में जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ यह स्थिति और जटिल हो सकती है।

    विशेषज्ञ का मानना है कि नशे की गंभीर आदत का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर परिवार, आर्थिक स्थिरता, आपसी विश्वास और मानसिक शांति पर भी पड़ सकता है। इसलिए विवाह से पहले इस विषय पर खुलकर बातचीत करना और स्थिति को समझना आवश्यक माना जाता है।

    उन्होंने दूसरा महत्वपूर्ण संकेत गलती स्वीकार करने और माफी मांगने के तरीके को बताया है। उनके अनुसार किसी भी रिश्ते में मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन यह अधिक महत्वपूर्ण है कि व्यक्ति अपनी गलती होने पर कैसी प्रतिक्रिया देता है। यदि कोई व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय हर बार सामने वाले को ही दोषी ठहराता है या केवल औपचारिक रूप से माफी मांगता है, तो यह भविष्य में रिश्ते के लिए चुनौती बन सकता है।

    जेम्स जे. सेक्सटन के अनुसार वास्तविक माफी वही होती है, जिसमें व्यक्ति अपनी गलती को स्पष्ट रूप से स्वीकार करे, उससे हुए नुकसान को समझे और भविष्य में उस व्यवहार को दोहराने से बचने की प्रतिबद्धता भी दिखाए। इसके विपरीत यदि कोई केवल यह कहे कि “तुम्हें बुरा लगा, इसका दुख है” या पूरी जिम्मेदारी दूसरे व्यक्ति पर डाल दे, तो इससे रिश्ते में भरोसा धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सफल वैवाहिक जीवन केवल प्रेम या आकर्षण पर नहीं, बल्कि ईमानदार संवाद, जिम्मेदारी और आपसी सम्मान पर आधारित होता है। यही कारण है कि शादी से पहले पार्टनर के व्यवहार, निर्णय लेने के तरीके और कठिन परिस्थितियों में उसके रवैये को समझना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए यह आवश्यक है कि दोनों साथी खुलकर बातचीत करें, एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें और किसी भी समस्या का समाधान मिलकर खोजने का प्रयास करें। विशेषज्ञों के अनुसार यदि रिश्ते की शुरुआत में ही इन व्यवहारिक पहलुओं पर ध्यान दिया जाए, तो वैवाहिक जीवन अधिक संतुलित, भरोसेमंद और दीर्घकालिक बन सकता है।

  • आमिर खान की तीसरी शादी पर धार्मिक विवाद गहराया, गैर-मुस्लिम जीवनसाथी से विवाह को लेकर शाही चीफ मुफ्ती की आपत्ति

    आमिर खान की तीसरी शादी पर धार्मिक विवाद गहराया, गैर-मुस्लिम जीवनसाथी से विवाह को लेकर शाही चीफ मुफ्ती की आपत्ति

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान अपनी तीसरी शादी के बाद एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। गैर-मुस्लिम गौरी स्प्रैट से उनके विवाह को लेकर मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना इब्राहिम हुसैन ने सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई है। उन्होंने इस्लामी शरीयत की अपनी व्याख्या के आधार पर कहा है कि किसी मुस्लिम पुरुष का गैर-मुस्लिम महिला से विवाह करना तब तक स्वीकार्य नहीं माना जाता, जब तक संबंधित महिला इस्लाम धर्म स्वीकार न कर ले। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और सार्वजनिक विमर्श में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है।

    मौलाना इब्राहिम हुसैन का कहना है कि इस्लामी धार्मिक नियमों के अनुसार मुस्लिम पुरुष के लिए गैर-मुस्लिम महिला से विवाह करना उचित नहीं है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में उन्होंने इसे शरीयत के विरुद्ध बताते हुए कहा कि ऐसा विवाह धार्मिक दृष्टि से मान्य नहीं माना जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे विवाह करते हैं, उन्हें अपने धार्मिक कर्तव्यों और मान्यताओं के प्रति उत्तरदायी होना चाहिए। उनके बयान को कई माध्यमों में फतवा जारी किए जाने के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    मौलाना ने अपने वक्तव्य में केवल अंतरधार्मिक विवाह ही नहीं, बल्कि बार-बार विवाह और तलाक के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति वैवाहिक जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से नहीं कर सकता, तो उसे बार-बार विवाह करने से बचना चाहिए। हालांकि उन्होंने अपने बयान में सीधे तौर पर आमिर खान का नाम नहीं लिया, लेकिन हाल ही में एक फिल्म अभिनेता द्वारा गैर-मुस्लिम महिला से तीसरी शादी किए जाने का उल्लेख किया, जिसे आमिर खान से जोड़कर देखा जा रहा है।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच आमिर खान या उनकी टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। इसलिए इस विवाद पर अभिनेता का पक्ष सामने आना बाकी है। वहीं सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानूनी अधिकार का विषय बता रहे हैं, जबकि कुछ धार्मिक दृष्टिकोण से इस पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार आमिर खान ने 5 जुलाई 2026 को गौरी स्प्रैट से स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत निजी समारोह में रजिस्टर्ड विवाह किया था। गौरी स्प्रैट बेंगलुरु की रहने वाली हैं और ब्यूटी एवं वेलनेस क्षेत्र से जुड़ा व्यवसाय संचालित करती हैं। उनकी पिछली शादी से एक पुत्र भी है। स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत भारत में अलग-अलग धर्मों के वयस्क नागरिक कानूनी रूप से विवाह कर सकते हैं।

    आमिर खान के निजी जीवन की बात करें तो यह उनका तीसरा विवाह है। उन्होंने पहला विवाह वर्ष 1986 में रीना दत्ता से किया था, जिनसे उनके दो बच्चे हैं। दोनों का वर्ष 2002 में तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2005 में फिल्म निर्माता किरण राव से विवाह किया। दोनों का एक पुत्र है और वर्ष 2021 में उन्होंने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया था। अब गौरी स्प्रैट के साथ उनका नया वैवाहिक जीवन चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल धार्मिक टिप्पणी और सार्वजनिक बहस के बीच सभी की नजर आमिर खान की संभावित प्रतिक्रिया और आगे के घटनाक्रम पर बनी हुई है।

  • प्यार से हत्या तक क्यों पहुंच रहे रिश्ते एक्सपर्ट ने बताए बदलते समाज और मानसिक तनाव के चौंकाने वाले कारण

    प्यार से हत्या तक क्यों पहुंच रहे रिश्ते एक्सपर्ट ने बताए बदलते समाज और मानसिक तनाव के चौंकाने वाले कारण


    भोपाल । बीते कुछ समय में सामने आए कई चर्चित मामलों ने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या पति पत्नी और प्रेम संबंधों में हिंसा का स्वरूप पहले से अधिक खतरनाक होता जा रहा है। मध्य प्रदेश सहित देश के अलग अलग हिस्सों में सामने आए हत्या और गंभीर अपराधों के मामलों ने रिश्तों में बढ़ते तनाव और मानसिक असंतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती सामाजिक परिस्थितियां संवाद की कमी सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव और विवाहेतर संबंधों से उपजा तनाव कई बार लोगों को हिंसक सोच की ओर धकेल देता है। हालांकि वे यह भी स्पष्ट करते हैं कि किसी अपराध को केवल महिला या पुरुष अथवा मानसिक बीमारी से जोड़कर देखना पूरी तरह गलत और वैज्ञानिक दृष्टि से अनुचित होगा।

    भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी के अनुसार पिछले सात से आठ वर्षों में पुरुषों के साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से जुड़े मामलों में लगभग साठ से सत्तर प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां गंभीर आक्रामकता या हत्या जैसे विचारों के साथ महीने में एक या दो मरीज इलाज के लिए आते थे वहीं अब हर महीने पांच से दस ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इनमें केवल शारीरिक हिंसा ही नहीं बल्कि मानसिक प्रताड़ना और रिश्तों में लगातार बढ़ता तनाव भी प्रमुख कारण बनकर उभर रहा है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि उनके पास आने वाले कई मामलों में मरीज स्वयं स्वीकार करते हैं कि उनके मन में अपने जीवनसाथी को नुकसान पहुंचाने या हत्या करने जैसे विचार आते हैं। एक मामले में युवा महिला ने चिकित्सकों को बताया कि उसे डर है कहीं वह अपने पति की हत्या न कर दे। जांच में सामने आया कि लंबे समय से वह अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पा रही थी और व्यक्तित्व संबंधी समस्याओं से भी जूझ रही थी। उपचार और कपल काउंसलिंग के बाद उसकी स्थिति में सुधार आया और हिंसक विचार समाप्त हो गए।

    एक अन्य मामले में एक व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसके मन में कई बार पत्नी की हत्या कर जेल जाने तक के विचार आते थे। जांच में उसमें डिप्रेशन और पर्सनैलिटी डिसऑर्डर जैसी मानसिक समस्याएं सामने आईं। विशेषज्ञों ने उसके मानसिक उपचार और व्यवहार नियंत्रण पर काम किया जिसके बाद उसकी स्थिति में सुधार देखा गया।

    डॉ. त्रिवेदी का कहना है कि सोशल मीडिया ने लोगों की अपेक्षाएं और तुलना की प्रवृत्ति बढ़ा दी है। संयुक्त परिवारों की जगह न्यूक्लियर फैमिली का चलन बढ़ने से भावनात्मक सहारा कम हुआ है। इसके साथ ही रिश्तों में संवाद की कमी और विवाहेतर संबंधों से पैदा होने वाला अविश्वास कई बार मानसिक दबाव को बढ़ा देता है। मनोरंजन के बदलते स्वरूप का भी असर देखने को मिल रहा है जहां अपराध करने वाले किरदारों को भी नायक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है जिससे कुछ लोगों की सोच प्रभावित होती है।

    हालांकि विशेषज्ञ इस बात पर विशेष जोर देते हैं कि मानसिक बीमारी से जूझ रहे अधिकांश लोग कभी हिंसक नहीं होते। किसी भी अपराध को केवल मानसिक रोग या किसी एक लिंग से जोड़कर देखना उचित नहीं है। यदि रिश्तों में लगातार तनाव गुस्सा अवसाद या हिंसक विचार महसूस हों तो समय रहते मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक की मदद लेना बेहद जरूरी है। सही समय पर काउंसलिंग और उपचार न केवल रिश्तों को बचा सकता है बल्कि किसी बड़ी और दुखद घटना को भी टाल सकता है।

  • निजी रिश्तों के तनाव से जब थम गई थी सुरीली जुगलबंदी, किशोर कुमार ने मिथुन के लिए गाना बंद करने के बाद उन्हीं के लिए रिकॉर्ड किया था अपना आखिरी गीत

    निजी रिश्तों के तनाव से जब थम गई थी सुरीली जुगलबंदी, किशोर कुमार ने मिथुन के लिए गाना बंद करने के बाद उन्हीं के लिए रिकॉर्ड किया था अपना आखिरी गीत

    नई दिल्ली ।  भारतीय सिनेमा जगत के इतिहास में अपनी जादुई आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले महान गायक किशोर कुमार और डिस्को डांसर के नाम से मशहूर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और अनसुना किस्सा सामने आया है। अपने दौर में हर बड़े अभिनेता की आवाज बनने वाले किशोर कुमार ने एक समय पर मिथुन चक्रवर्ती के लिए फिल्मों में पाश्र्वगायन (प्लेबैक सिंगिंग) करने से पूरी तरह इनकार कर दिया था। इस फैसले के पीछे कोई व्यावसायिक या पेशेवर विवाद नहीं था, बल्कि इसके पीछे पूरी तरह से उनके निजी जीवन से जुड़ी एक भावुक वजह थी, जिसने दोनों दिग्गजों के बीच सालों तक दूरियां बनाए रखीं।

    इस कड़वाहट की मुख्य वजह अभिनेत्री योगिता बाली थीं। महान अभिनेत्री मधुबाला के दुखद निधन के बाद किशोर कुमार ने योगिता बाली से तीसरी शादी की थी, लेकिन उनका यह वैवाहिक रिश्ता ज्यादा समय तक टिक नहीं सका और जल्द ही दोनों अलग हो गए। इसी दौरान फिल्म ‘ख्वाब’ की शूटिंग के समय योगिता बाली और मिथुन चक्रवर्ती एक-दूसरे के करीब आए और दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद योगिता बाली और मिथुन चक्रवर्ती ने शादी कर ली। इस शादी से किशोर कुमार काफी आहत हुए थे और उनका दिल टूट गया था, जिसके बाद उन्होंने गुस्से और दुख में मिथुन चक्रवर्ती के लिए कभी भी अपनी आवाज न देने का सख्त फैसला कर लिया।

    सालों तक मिथुन चक्रवर्ती की फिल्मों के लिए गाना न गाने के बाद, समय के साथ दोनों के बीच के व्यक्तिगत घाव धीरे-धीरे भरने लगे। वक्त बीतने के साथ किशोर कुमार की नाराजगी कम हुई और उन्होंने अपने काम को निजी जिंदगी से अलग रखते हुए मिथुन चक्रवर्ती के लिए दोबारा स्टूडियो में कदम रखा। दोनों के बीच की आपसी खटास खत्म होने के बाद किशोर कुमार ने ‘सुरक्षा’ और ‘वक्त की आवाज’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में मिथुन चक्रवर्ती के लिए एक से बढ़कर एक बेहतरीन और यादगार गानों को अपनी सुरीली आवाज से सजाया, जिन्हें दर्शकों ने बेहद पसंद किया।

    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अनोखा और भावुक मोड़ तब आया जब किशोर कुमार ने अपने जीवन का सबसे अंतिम गाना भी मिथुन चक्रवर्ती के लिए ही रिकॉर्ड किया। किशोर कुमार को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वे जिस अभिनेता से कभी नाराज थे, उसी के लिए उनका आखिरी गाना इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। उन्होंने फिल्म ‘वक्त की आवाज’ के लिए ‘गुरु-गुरु’ गाना रिकॉर्ड किया था, जो बाद में पर्दे पर मिथुन चक्रवर्ती पर ही फिल्माया गया। इस गाने की रिकॉर्डिंग के कुछ समय बाद ही संगीत की दुनिया का यह चमकता सितारा हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गया।

    हालांकि इस पूरे विवाद और व्यक्तिगत मतभेदों को लेकर न तो कभी किशोर कुमार ने अपने जीवन में खुलकर कोई बयान दिया और न ही मिथुन चक्रवर्ती ने कभी मीडिया के सामने इस पर चर्चा की। दोनों ही कलाकारों ने हमेशा एक-दूसरे के प्रति गहरा पेशेवर सम्मान बनाए रखा। किशोर कुमार सिर्फ एक महान गायक ही नहीं, बल्कि एक बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता और कुशल निर्देशक भी थे, जिन्हें उनके शानदार करियर के दौरान रिकॉर्ड 8 फिल्मफेयर पुरस्कारों से नवाजा गया था और साथ ही मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिष्ठित लता मंगेशकर पुरस्कार भी प्रदान किया गया था।

  • मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत नाबालिग की शादी की दलील इलाहाबाद HC ने की रद्द, कहा- कानून सबसे ऊपर

    मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत नाबालिग की शादी की दलील इलाहाबाद HC ने की रद्द, कहा- कानून सबसे ऊपर


    नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिगों के विवाह से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ की व्यवस्थाएं बाल विवाह निषेध अधिनियम (PCMA) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम जैसे केंद्रीय कानूनों से ऊपर नहीं हो सकतीं। अदालत ने कहा कि देश में विवाह की न्यूनतम आयु से संबंधित कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।

    जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में भले ही यौवन (प्यूबर्टी) को विवाह योग्य आयु माना गया हो, लेकिन यह प्रावधान बाल विवाह निषेध अधिनियम और पॉक्सो कानून के प्रभाव को समाप्त नहीं कर सकता। अदालत ने यह भी कहा कि पॉक्सो अधिनियम बच्चों के साथ यौन संबंधों को अपराध की श्रेणी में रखता है और किसी भी व्यक्तिगत कानून के आधार पर इससे छूट नहीं दी जा सकती।

    बुलंदशहर की घटना से जुड़ा मामला
    यह टिप्पणी अदालत ने रूबी और अन्य 18 लोगों की उस याचिका को खारिज करते हुए की, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का है, जहां 16 वर्षीय मुस्लिम किशोरी का बाल विवाह रुकवाने पहुंची पुलिस और चाइल्डलाइन की रेस्क्यू टीम पर हमला करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप याचिकाकर्ताओं पर है।

    याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी थी कि शरिया कानून के अनुसार लड़की के यौवन प्राप्त करने के बाद, जिसे सामान्यतः 15 वर्ष माना जाता है, उसका विवाह कराया जा सकता है। उनका कहना था कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 उनके व्यक्तिगत कानून पर लागू नहीं होता।

    हाईकोर्ट ने दलील को किया खारिज
    अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि यदि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति के विवाह को वैध माना जाए, तो वैवाहिक संबंधों के चलते पॉक्सो अधिनियम का सीधा उल्लंघन होगा। इसलिए किसी भी व्यक्तिगत कानून के आधार पर बाल विवाह को वैध नहीं ठहराया जा सकता।

    खंडपीठ ने माना कि इस विषय पर विभिन्न उच्च न्यायालयों के अलग-अलग दृष्टिकोण रहे हैं, लेकिन उसने केरल हाईकोर्ट के उस मत से सहमति जताई, जिसमें कहा गया है कि कोई भी पर्सनल लॉ बाल विवाह पर लगे कानूनी प्रतिबंध को समाप्त नहीं कर सकता।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी किया उल्लेख
    हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2025 के एक आदेश का भी उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक, 2021 संसद में लंबित रहने के दौरान इस विषय पर कुछ कानूनी प्रश्न उठे थे। हालांकि, 17वीं लोकसभा के भंग होने के साथ ही यह विधेयक स्वतः समाप्त हो गया और इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।

    एफआईआर रद्द करने से किया इनकार
    अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि मामले में नाबालिग के परिजनों और अन्य लोगों द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया है। साथ ही पुलिस और चाइल्डलाइन की टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों के कार्य में बाधा डालने, उनके साथ अभद्रता और हमला करने के आरोपों की विस्तृत जांच आवश्यक है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने 1 जुलाई को दिए अपने आदेश में एफआईआर रद्द करने से इनकार करते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।