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  • आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों और माताओं को पोषण आहार उपलब्ध कराने बदली व्यवस्था, स्व-सहायता समूहों से तैयार हो रहा टेक होम राशन

    आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों और माताओं को पोषण आहार उपलब्ध कराने बदली व्यवस्था, स्व-सहायता समूहों से तैयार हो रहा टेक होम राशन

    मध्यप्रदेश: में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक पूरक पोषण आहार की पहुंच को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने टेक होम राशन व्यवस्था में बदलाव किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग ने अगस्त के पहले सप्ताह से नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तैयार किया गया टेक होम राशन पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार का जोर पोषण व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने के साथ महिलाओं और बच्चों को नियमित पोषण सहायता उपलब्ध कराने पर है।

    पूरक पोषण कार्यक्रम के तहत पात्र हितग्राहियों को वर्ष में कम से कम 300 दिन पूरक पोषण सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन नाश्ता और गर्म पका भोजन दिया जा रहा है। वहीं छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती तथा धात्री माताओं के लिए मंगलवार को गर्म पका भोजन और शेष दिनों में टेक होम राशन उपलब्ध कराया जाता है। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों पर स्थानीय स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार टेक होम राशन का वितरण शुरू किया गया है।

    इस बदलाव से पोषण आहार की उपलब्धता को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने के साथ स्व-सहायता समूहों की भागीदारी भी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय समूहों के माध्यम से तैयार होने वाले राशन से आंगनवाड़ी सेवाओं से जुड़े हितग्राहियों को निर्धारित पोषण सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाया जा रहा है। छह से 60 माह के अति गंभीर कुपोषित बच्चों और छह से 72 माह के अति कम वजन वाले बच्चों के लिए अतिरिक्त पोषण आहार के रूप में भी स्थानीय स्तर पर तैयार टेक होम राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

    बच्चों की पोषण स्थिति की नियमित निगरानी के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर उनका वजन और लंबाई या ऊंचाई मापी जाती है। इन आंकड़ों को पोषण ट्रैकर पर दर्ज किया जाता है, जिससे बच्चों की पोषण स्थिति पर नजर रखी जा सके। चिन्हित बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण परामर्श और आवश्यक देखभाल के साथ जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग तथा पोषण पुनर्वास केंद्रों से समन्वय कर रेफरल की कार्रवाई की जाती है।

    हर महीने आयोजित दस दिवसीय शारीरिक माप दिवसों में जन्म से छह वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच की जाती है। कुपोषण की स्थिति वाले चिन्हित बच्चों का आवश्यक कार्यक्रमों के तहत पंजीयन कर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाता है। मैदानी अमले द्वारा गृहभेंट के माध्यम से बच्चों की स्थिति का फॉलोअप करने के साथ परिवारों को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया जाता है।

    विशेष जनजातीय क्षेत्रों में भी बच्चों और माताओं तक पोषण सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान के अंतर्गत जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से 681 नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन शुरू किया गया है। सहरिया, बैगा और भारिया जैसे विशेष जनजातीय समूहों के क्षेत्रों में आंगनवाड़ी सेवाओं, पूरक पोषण आहार और बच्चों की वृद्धि तथा पोषण स्थिति की निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है।

    स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय से नियमित स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य जांच, रेफरल और फॉलोअप की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। नई टेक होम राशन व्यवस्था के जरिए पोषण सेवाओं को अधिक स्थानीय और सतत बनाने की कोशिश की गई है। अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू हुई यह व्यवस्था बच्चों और माताओं तक पूरक पोषण आहार की पहुंच मजबूत करने के साथ स्व-सहायता समूहों की भूमिका बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीथमपुर में दो बड़े उद्योगों का किया उद्घाटन, धार में निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीथमपुर में दो बड़े उद्योगों का किया उद्घाटन, धार में निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति

    मध्य प्रदेश: के धार जिले के पीथमपुर में औद्योगिक विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में एडवांस ऑप्टिकल फाइबर और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स का उद्घाटन किया गया। इन दोनों औद्योगिक इकाइयों के शुरू होने से प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, इन उद्योगों से 30 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।

    पीथमपुर लंबे समय से मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल रहा है और अब यहां नई तकनीक से जुड़े उद्योगों के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। ऑप्टिकल फाइबर निर्माण से दूरसंचार और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जबकि बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट ऊर्जा भंडारण और आधुनिक औद्योगिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों क्षेत्रों में भविष्य में मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए इन संयंत्रों की शुरुआत को औद्योगिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

    उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए उद्योगों की स्थापना से मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। उन्होंने औद्योगिक निवेश को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे राज्य के विकास के साथ देश की आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए किए गए समझौतों को अब जमीन पर उतारने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने धार जिले के औद्योगिक बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते एक महीने के दौरान वह दूसरी बार इस क्षेत्र में आए हैं और इससे पहले भी कई उद्योगों का लोकार्पण किया गया था। उनके मुताबिक, पिछले समय में किए गए कई समझौते अब वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं में बदल रहे हैं। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां भी तेज हो रही हैं।

    धार जिले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र कभी पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, लेकिन अब औद्योगिक विकास की वजह से इसकी तस्वीर बदल रही है। जनजातीय बहुल धार और पीथमपुर क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ने वाले इलाकों में शामिल हो रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से स्थानीय कारोबार, परिवहन, निर्माण, सेवा और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

    ऑप्टिकल फाइबर और बैटरी निर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश को राज्य के औद्योगिक विस्तार के साथ तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को नए प्रकार के कौशल और रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही उद्योगों के आसपास सहायक इकाइयों और सेवा क्षेत्र के विस्तार की संभावना भी बनेगी।

    सरकार का जोर प्रदेश में बड़े निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ रोजगार आधारित औद्योगिक विकास पर है। पीथमपुर में शुरू हुए दोनों प्लांट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन परियोजनाओं से उत्पादन बढ़ने और रोजगार के अवसरों में विस्तार होने की उम्मीद है। इससे धार जिले की औद्योगिक पहचान और मजबूत होने के साथ मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास को भी नई गति मिल सकती है।

  • निवेश और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार, मध्य प्रदेश में 11 नए इंडस्ट्रियल पार्क का प्रस्ताव; ₹8,144 करोड़ होंगे खर्च

    निवेश और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार, मध्य प्रदेश में 11 नए इंडस्ट्रियल पार्क का प्रस्ताव; ₹8,144 करोड़ होंगे खर्च


    भोपाल । मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मोहन सरकार ने एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट NICDIT की तीसरी एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में औद्योगिक विस्तार का रोडमैप सामने रखा। केंद्र सरकार की भव्य यानी BHAVYA योजना के तहत मध्य प्रदेश में 11 नए आधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इन परियोजनाओं पर करीब 8144.35 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इसके जरिए 9 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा।

    सरकार का जोर केवल नए उद्योग लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि मध्य प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर भी है। प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों को रणनीतिक रूप से अलग अलग शहरों और क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा ताकि रोजगार और निवेश के अवसर कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित न रहें। इन पार्कों में प्लग एंड प्ले मॉडल के तहत कंपनियों को पहले से तैयार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका फायदा यह होगा कि निवेश करने वाली कंपनियों को जमीन और आधारभूत ढांचे से जुड़ी शुरुआती अड़चनों को कम करने में मदद मिलेगी और वे अपेक्षाकृत तेजी से उत्पादन या अपनी व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर सकेंगी।

    प्रस्तावित 11 औद्योगिक पार्क उज्जैन के अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर धार के भेंसोला देवास और शाजापुर के पिपलरावांन पालीकालन रतलाम के पलसोड़ी सीहोर के आष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर सागर के मसवासी ग्रांट गुना के चैनपुरा ग्वालियर के मोहना जबलपुर के धरमपुरा कटनी के सिमरा और रीवा के शिवसागर में विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इन औद्योगिक क्षेत्रों के जरिए अलग अलग सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी है।

    धार के भेंसोला में प्रस्तावित पार्क को खास तौर पर टेक्सटाइल सेक्टर से जोड़कर विकसित किया जाएगा। यह क्षेत्र पहले से मौजूद पीएम मित्रा पार्क के विस्तार के रूप में काम करेगा। इसके अलावा दूसरे औद्योगिक पार्कों में फार्मा ऑटोमोबाइल रिन्यूएबल एनर्जी सेमीकंडक्टर और आईटी एवं आईटीईएस जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने की योजना है। इससे प्रदेश में पारंपरिक उद्योगों के साथ नए दौर की तकनीक आधारित इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    औद्योगिक विकास के साथ सरकार ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधाओं को भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी डे केयर सेंटर स्वास्थ्य सुविधाएं आधुनिक कैंटीन और विशेष हॉस्टल जैसी व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल तैयार करना है ताकि उद्योगों में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके।

    नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मध्य प्रदेश के औद्योगिक विस्तार और निवेश को लेकर प्रस्तुत किए गए विजन पर चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय से इन परियोजनाओं को गति मिलेगी और आने वाले समय में मध्य प्रदेश में नए उद्योग निवेश और रोजगार के बड़े अवसर तैयार हो सकते हैं।

  • सावन में आगर-मालवा बना शिवमय, विशाल कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री मोहन यादव

    सावन में आगर-मालवा बना शिवमय, विशाल कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री मोहन यादव

    मध्य प्रदेश :  के आगर-मालवा में सावन माह के अवसर पर आयोजित विशाल कलश यात्रा में आस्था और श्रद्धा का बड़ा जनसमागम देखने को मिला। विधायक मधु गेहलोत के आह्वान पर आयोजित इस यात्रा में हजारों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयघोष से शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया।

    विशाल कलश यात्रा की शुरुआत पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर से हुई। यात्रा रवाना होने से पहले यहां धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद महिलाओं और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के साथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों की ओर रवाना हुई। सावन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी भागीदारी मुख्य आकर्षण रही।

    यात्रा के दौरान आगर-मालवा के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दीं। कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया। पूरे मार्ग में भक्ति गीतों और धार्मिक जयघोषों से वातावरण शिवमय बना रहा। बड़ी संख्या में महिलाओं के सिर पर सजे कलशों ने यात्रा की भव्यता को और बढ़ाया।

    इस धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी भोपाल से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने कार्यक्रम में शामिल महिलाओं और श्रद्धालुओं को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने सावन के दौरान आयोजित इस धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने धार्मिक आयोजनों को सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का माध्यम बताते हुए कार्यक्रम से जुड़े श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। वर्चुअल संबोधन के दौरान उन्होंने महिलाओं की बड़ी भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की ऑनलाइन मौजूदगी से आयोजन को अतिरिक्त महत्व मिला।

    कलश यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर पहुंची। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।

    बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सावन के धार्मिक माहौल में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लोगों में उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के दौरान धार्मिक अनुशासन और सामूहिक भागीदारी के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

    आयोजन में जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े लोगों की भी सहभागिता रही। महिलाओं और युवतियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने कलश यात्रा को व्यापक स्वरूप दिया। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर सामूहिक आस्था का प्रदर्शन किया।

    सावन के दौरान निकाली गई इस विशाल कलश यात्रा ने आगर-मालवा में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को एक साथ जोड़ा। यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया।

    कार्यक्रम के दौरान शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। पुरानी कृषि उपज मंडी से बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर तक निकली यात्रा में श्रद्धालुओं की सहभागिता और जयघोष लगातार सुनाई देते रहे। आयोजन ने सावन की धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक सहभागिता और सामूहिक एकता का संदेश भी प्रस्तुत किया।

  • अहिल्याबाई होल्कर स्मृति समारोह में बोले मोहन यादव, पाल-गड़रिया समाज के लिए जल्द गठित होगा नया बोर्ड

    अहिल्याबाई होल्कर स्मृति समारोह में बोले मोहन यादव, पाल-गड़रिया समाज के लिए जल्द गठित होगा नया बोर्ड

    मध्य प्रदेश। के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर स्मृति समारोह में पाल-गड़रिया समाज को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही पाल-गड़रिया समाज के लिए बोर्ड का गठन करेगी। उन्होंने कहा कि इस बोर्ड के माध्यम से समाज से जुड़े लोगों को बेहतर प्रतिनिधित्व देने और उनके कल्याण से संबंधित कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा।

    समारोह का आयोजन पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और लोकमाता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके प्रशासनिक योगदान और समाज के प्रति उनकी सेवा भावना को याद किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवी अहिल्याबाई होल्कर को सुशासन की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि उनका शासनकाल न्याय, सेवा और जनकल्याण के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि मालवा की इस महान शासिका के योगदान से मध्य प्रदेश के साथ पूरा देश गौरवान्वित होता है। उनके प्रशासन में जनहित को प्राथमिकता मिली और उन्होंने शासन व्यवस्था में कई ऐसे उदाहरण स्थापित किए, जो आज भी प्रेरणा देते हैं।

    डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई का जीवन सेवा, सुशासन, न्याय, त्याग, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी लोकमाता के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विकास और जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

    पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के लोगों के कल्याण और उनकी आवश्यकताओं को लेकर गंभीर है। उन्होंने पाल-गड़रिया समाज को गोपाल कृष्ण के वंशजों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार उनके हितों के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। बोर्ड के गठन से समाज से जुड़े विषयों को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ाने और कल्याणकारी गतिविधियों को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा है। पाल-गड़रिया समाज के लिए प्रस्तावित बोर्ड को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि पशुपालन से जुड़े परिवारों की आय में वृद्धि हो और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिले।

    उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन को प्रोत्साहित करने से ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर विकसित किए जा सकते हैं। इसके लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर आवश्यक प्रोत्साहन और सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।

    समारोह के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया गया। मुख्यमंत्री की पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड के गठन की घोषणा के बाद अब इसके गठन की प्रक्रिया और स्वरूप को लेकर आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य समाज से जुड़े कल्याणकारी कार्यों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाना और प्रतिनिधित्व को मजबूत करना है।

  • भोपाल में नौका तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने युवाओं को संकल्प शक्ति और देश सेवा का संदेश दिया

    भोपाल में नौका तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने युवाओं को संकल्प शक्ति और देश सेवा का संदेश दिया


    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल में स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर आयोजित नौका तिरंगा यात्रा ने देशभक्ति के रंग को जल, धरती और आसमान तक पहुंचाया। प्रसिद्ध बोट क्लब पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यात्रा का शुभारंभ किया और खुद नौका में सवार होकर तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद रहे।

    कार्यक्रम के दौरान बोट क्लब का पूरा परिसर तिरंगे के रंगों से सजा दिखाई दिया। देशभक्ति गीतों के बीच युवाओं और खिलाड़ियों ने कयाकिंग तथा कैनोइंग के जरिए आकर्षक प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने केनो सलालम शो के माध्यम से तिरंगे को सलामी दी। आयोजन के दौरान तालाब के बीच फ्लोटिंग तिरंगा भी तैयार किया गया, जिसे कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण माना गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बोट क्लब पर आयोजित यह आयोजन देशभक्ति और उत्साह से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी क्षमता और सामर्थ्य के साथ विकास तथा समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने देश की उपलब्धियों और युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की युवा आबादी उसकी बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमताओं का उपयोग देश की प्रगति के लिए करने का आह्वान किया। उनके मुताबिक खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प और कौशल के सहारे लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

    उन्होंने नौका तिरंगा यात्रा को इसी संकल्प शक्ति का उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं और समय के साथ व्यक्ति को अपनी क्षमता तथा संकल्प के आधार पर आगे बढ़ना होता है। जल में खिलाड़ियों द्वारा किए गए प्रदर्शन को उन्होंने इसी भावना से जोड़ते हुए युवाओं की मेहनत और साहस की सराहना की।

    डॉ. यादव ने देश की सुरक्षा और सामर्थ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सेनाएं अपने पराक्रम और क्षमता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि देश ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता को मजबूत किया है और भारत दुनिया के सामने अपनी अलग पहचान बना रहा है।

    मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू होने से समानता की भावना मजबूत होगी। उनके अनुसार कानून के स्तर पर सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था का उद्देश्य सामाजिक समानता को बढ़ावा देना है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की एकता, विकास और सामर्थ्य को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने की बात कही और नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

    नौका तिरंगा यात्रा के दौरान खिलाड़ियों का प्रदर्शन, तिरंगे से सजा बोट क्लब और जल के बीच स्थापित फ्लोटिंग तिरंगा लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। आयोजन ने स्वतंत्रता दिवस से पहले भोपाल में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

  • एनएचएम और आयुष्मान भारत को बड़ी राशि, भोपाल-विदिशा मार्ग निर्माण सहित वन समितियों के लिए कैबिनेट ने लिए अहम फैसले

    एनएचएम और आयुष्मान भारत को बड़ी राशि, भोपाल-विदिशा मार्ग निर्माण सहित वन समितियों के लिए कैबिनेट ने लिए अहम फैसले

    मध्य प्रदेश: में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जन-स्वास्थ्य, सड़क अधोसंरचना, वन प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 47 हजार 990 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

    कैबिनेट के फैसलों में स्वास्थ्य क्षेत्र को सबसे बड़ी प्राथमिकता मिली। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के निरंतर संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक कुल 44 हजार 515.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28 हजार 83.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में संचालित केंद्र प्रवर्तित योजना है। इसके तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, टीकाकरण, टीबी उन्मूलन, सिकल सेल, किशोर स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।

    इसके अलावा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और गैर-एसईसीसी हितग्राहियों से संबंधित योजना के संचालन के लिए 12 हजार 123 करोड़ 81 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। इसका उद्देश्य पात्र लोगों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार उपलब्ध कराना तथा बीमारी के कारण होने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।

    स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 1,159 करोड़ 58 लाख रुपये तथा जिला स्तरीय अमले से संबंधित योजना के लिए 654 करोड़ 84 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जिला स्तरीय अमला योजना लंबे समय से स्वास्थ्य प्रशासन की व्यवस्था का हिस्सा रही है।

    सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में कैबिनेट ने भोपाल-विदिशा मार्ग के चार लेन निर्माण को मंजूरी दी है। 44.830 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना को हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा।

    यह मार्ग भोपाल के भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाएगा। इसके निर्माण से भोपाल और विदिशा के बीच संपर्क बेहतर होने के साथ औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय अधोसंरचना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मार्ग सांची जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन और सांस्कृतिक क्षेत्र से भी जुड़ा है।

    कैबिनेट ने भोपाल बायपास चार लेन मार्ग पर उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह की अनुमति भी दी है। 51.963 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक शुल्क संग्रह की स्वीकृति दी गई है। आवश्यकता होने पर इसकी अवधि पांच वर्ष तक बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है।

    भोपाल बायपास भोपाल को इंदौर, रायसेन, विदिशा और नर्मदापुरम जिलों से जोड़ता है। इसके संचालन और रखरखाव से शहर के भीतर यातायात दबाव कम करने में मदद मिलती है। टोल से प्राप्त राशि राज्य राजमार्ग निधि में जमा की जाएगी और सड़क विकास व रखरखाव पर खर्च होगी।

    वन क्षेत्र में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों से जुड़ी योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 918 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसका उद्देश्य वन संरक्षण और संवर्धन में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना है। प्रावधानों के तहत काष्ठ बिक्री से प्राप्त राजस्व की 20 प्रतिशत राशि समितियों को दी जाती है, जबकि बांस विदोहन से प्राप्त शुद्ध लाभ का प्रावधानित हिस्सा श्रमिकों को दिया जाता है।

  • उज्जैन पहुंचे CM मोहन यादव, पूर्व मंत्री पारस जैन को दी श्रद्धांजलि; परिवार से मिलकर जताया दुख

    उज्जैन पहुंचे CM मोहन यादव, पूर्व मंत्री पारस जैन को दी श्रद्धांजलि; परिवार से मिलकर जताया दुख

    मध्य प्रदेश: के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सोमवार को उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री पारस जैन के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री हेलीपैड से सीधे पारस जैन के निवास पहुंचे और उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए दिवंगत नेता के योगदान को याद किया।

    मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में पूर्व मंत्री पारस जैन के निधन के बाद शोक का माहौल है। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे पारस जैन का निधन होने की खबर सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में दुख की लहर फैल गई। उनके निधन को पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के उज्जैन पहुंचने पर हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री बिना किसी अन्य कार्यक्रम के सीधे पारस जैन के निवास पहुंचे। वहां उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी और परिवार के लोगों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मंत्री और उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक पारस जैन का निधन अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि पारस जैन ने अपने राजनीतिक जीवन में जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाई और लंबे समय तक समाज एवं संगठन के लिए कार्य किया।

    मुख्यमंत्री ने दिवंगत नेता को याद करते हुए कहा कि पारस जैन का योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से भी पारस जैन को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री और कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल सहित अन्य नेताओं ने भी पारस जैन को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

    पारस जैन उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके थे और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। भाजपा संगठन में उनकी पहचान एक अनुभवी और जमीन से जुड़े नेता के रूप में रही। लंबे राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई थी।

    उनके निधन के बाद उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दुख व्यक्त किया है। अंतिम यात्रा से पहले मुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके निवास पहुंचकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। पारस जैन के राजनीतिक योगदान और सामाजिक जुड़ाव को याद करते हुए लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं

  • भोपाल में किसानों का शक्ति प्रदर्शन, राजधानी दो दिन रही थमी, सरकार ने मानी बड़ी मांगें, आंदोलन हुआ खत्म

    भोपाल में किसानों का शक्ति प्रदर्शन, राजधानी दो दिन रही थमी, सरकार ने मानी बड़ी मांगें, आंदोलन हुआ खत्म


    भोपाल । भोपाल में किसानों के आंदोलन ने दो दिनों तक राजधानी की रफ्तार लगभग थाम दी। मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर नर्मदापुरम हरदा सीहोर समेत कई जिलों से आए हजारों किसानों ने ऐसा दबाव बनाया कि आखिरकार सरकार को बातचीत की मेज पर आना पड़ा। किसान एक के बाद एक 22 बैरिकेड पार करते हुए मुख्यमंत्री निवास से महज एक किलोमीटर पहले तक पहुंच गए। उनके सामने केवल तीन बैरिकेड शेष थे। इसी दौरान सरकार ने वार्ता का रास्ता अपनाया और देर रात आंदोलन समाप्त हो गया।

    आंदोलन के चलते रोशनपुरा न्यू मार्केट और मुख्यमंत्री निवास के आसपास का पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। कई स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी जबकि प्रमुख मार्गों पर स्कूल बसों और गिट्टी से भरे डंपरों को बैरिकेड के रूप में खड़ा कर यातायात रोकने की कोशिश की गई। इसके बावजूद किसानों का काफिला लगातार आगे बढ़ता रहा और पुलिस की अधिकांश रणनीतियां नाकाम साबित हुईं।

    सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष के तहत किसानों से संवाद कर समस्याओं का समाधान निकालने की बात कही थी। लेकिन जब प्रदर्शनकारी रोशनपुरा तक पहुंच गए तब सरकार ने कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना विश्वास सारंग और कृष्णा गौर सहित चार मंत्रियों की समिति गठित कर किसान नेताओं से बातचीत शुरू कराई। मंत्रालय में करीब दो घंटे चली चर्चा के बाद सरकार ने कई अहम घोषणाएं कीं।

    सरकार ने मूंग खरीदी की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का फैसला लिया। इसके साथ ही खाद वितरण की ई टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया। स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त तक और खरीदी की अंतिम तिथि 20 अगस्त तक बढ़ा दी गई। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में खाद वितरण हाईब्रिड व्यवस्था के तहत किया जाएगा जिसमें आधार नंबर मोबाइल नंबर और वितरण का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज रहेगा।

    हालांकि किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है लेकिन उनकी मूल मांग अब भी पूरी नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि उनकी पूरी मूंग की फसल समर्थन मूल्य पर खरीदी जानी चाहिए और वे इस मांग से पीछे नहीं हटेंगे। संगठन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि आगे भी जरूरत पड़ी तो आंदोलन दोबारा किया जाएगा।

    इस आंदोलन के दौरान पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए। नर्मदापुरम हरदा इटारसी और भैरूंदा सहित कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश हुई। करीब 60 किसान नेताओं को हिरासत में भी लिया गया लेकिन बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद किसान बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचने में सफल रहे और सरकार को अंततः वार्ता के लिए मजबूर होना पड़ा।

    इधर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि केंद्र ने मध्य प्रदेश को देश में सबसे अधिक 4.54 लाख टन मूंग खरीदी की स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि पहले स्वीकृत कोटे की पूरी खरीदी की जाए उसके बाद अतिरिक्त कोटे पर विचार किया जाएगा।

    करीब दो दिन तक चले इस आंदोलन के बाद देर रात किसानों ने धरना समाप्त कर दिया और वापस लौटना शुरू किया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन खत्म होने के बाद गुरुवार से स्कूल और सामान्य यातायात पूर्ववत संचालित होंगे।

  • शिवराज के सामने गूंजे अगले मुख्यमंत्री के नारे विजयवर्गीय का दर्द छलका प्रहलाद ने मांगी मुक्ति राजनीति में बढ़ी हलचल

    शिवराज के सामने गूंजे अगले मुख्यमंत्री के नारे विजयवर्गीय का दर्द छलका प्रहलाद ने मांगी मुक्ति राजनीति में बढ़ी हलचल


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं जिन्होंने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। दतिया उपचुनाव के प्रचार के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने अचानक समर्थकों ने अगले मुख्यमंत्री मामा हैं के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालांकि शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत समर्थकों को रोकते हुए साफ संकेत दिया कि वह ऐसे नारों के पक्ष में नहीं हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई अटकलों को हवा जरूर दे दी है।

    सभा के दौरान शिवराज सिंह चौहान अपने पुराने अंदाज में जनता से संवाद कर रहे थे। जब एक समर्थक ने आई लव यू मामा कहा तो उन्होंने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया और लोगों का अभिवादन किया। इसी दौरान कुछ युवकों ने अगले मुख्यमंत्री मामा हैं के नारे लगाए। शिवराज ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए समर्थकों को ऐसा करने से रोक दिया। इसके बाद यह घटना राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गई और विभिन्न स्तरों पर इसके अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे।

    इधर प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान भी सुर्खियों में आ गया। इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि दोनों जिला अध्यक्षों का अच्छा समय चल रहा है और शायद उनके बीच बैठने से उनका भी अच्छा समय आ जाए। हालांकि यह बात उन्होंने हल्के अंदाज में कही लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे उनके हालिया बयानों और राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा। पिछले दिनों भी विजयवर्गीय ने अपनी उपेक्षा को लेकर पत्र लिखा था जिसकी काफी चर्चा हुई थी।

    उधर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल का बयान भी लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना। दतिया उपचुनाव में टिकट वितरण को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पद का मोह नहीं है और यदि कभी जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया जाए तो इसमें भी कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में व्यक्ति पद के लिए नहीं बल्कि संगठन और विचारधारा के लिए काम करता है। उनके इस बयान को भी राजनीतिक हलकों में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।

    निवाड़ी में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मौजूदगी में भाजपा विधायक अनिल जैन ने शायराना अंदाज में मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए उन्हें जादूगर तक कह दिया। उन्होंने मंच से अपनी मांगों को पूरा करने की अपील भी की। इसके बाद मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री की तुलना भगवान महाकाल से कर दी। उन्होंने कहा कि जैसे महाकाल भोले हैं वैसे ही मुख्यमंत्री भी सहज और सरल स्वभाव के हैं। इस बयान ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हुई।

    इसी बीच राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि दतिया उपचुनाव के बाद पार्टी अपने कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर रख सकती है ताकि संगठन के भीतर अनुशासन और एकजुटता बनाए रखी जा सके। हालांकि इस संबंध में किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन राजनीतिक चर्चाओं का दौर लगातार जारी है। कुल मिलाकर मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मंचों से दिए जा रहे बयान समर्थकों के नारे और नेताओं की प्रतिक्रियाएं आने वाले समय की राजनीतिक दिशा को लेकर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रही हैं।