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  • मध्य प्रदेश में आज रहेगा सियासी और प्रशासनिक हलचल का दिन, सीएम के कार्यक्रम, बीजेपी की ऑनलाइन परीक्षा और राज्यपाल के कार्यकाल पर रहेगी नजर

    मध्य प्रदेश में आज रहेगा सियासी और प्रशासनिक हलचल का दिन, सीएम के कार्यक्रम, बीजेपी की ऑनलाइन परीक्षा और राज्यपाल के कार्यकाल पर रहेगी नजर


    मध्य प्रदेश:  में शुक्रवार का दिन राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिनभर राजधानी भोपाल में आयोजित विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वहीं लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह, भारतीय जनता पार्टी के डिजिटल प्रशिक्षण अभियान, राज्यपाल के कार्यकाल को लेकर संभावित चर्चाओं और प्रशासनिक समीक्षा बैठकों से जुड़े मुद्दों पर भी पूरे प्रदेश की नजर बनी रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिन दोपहर से शुरू होने वाले कई सार्वजनिक कार्यक्रमों से व्यस्त रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह दोपहर 12 बजे रविंद्र भवन पहुंचकर लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद शाम साढ़े चार बजे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में भाग लेंगे। शाम पांच बजे आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी रहेगी, जबकि शाम छह बजे मानस भवन में आयोजित एक स्थानीय कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री सहभागिता करेंगे।

    आपातकाल दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में लोकतंत्र सेनानियों और मीसाबंदी परिवारों के सम्मान के लिए विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में करीब दो हजार मीसाबंदी परिवारों के सदस्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और उनके परिजनों का सम्मान करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है।

    भारतीय जनता पार्टी भी शुक्रवार को अपने संगठनात्मक अभियान के तहत बड़े स्तर पर डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेगी। बूथ और मंडल स्तर के लगभग सात लाख कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन परीक्षा संगठन के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इस प्रशिक्षण में पार्टी की विचारधारा, संगठन का विकास, केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं और नेतृत्व से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं। पार्टी का लक्ष्य छह जुलाई तक पूरे प्रदेश में डिजिटल प्रशिक्षण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करना है।

    प्रदेश की राजनीति में राज्यपाल के पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। वर्तमान राज्यपाल मंगूभाई पटेल का कार्यकाल छह जुलाई को पूरा होने जा रहा है। करीब डेढ़ दशक बाद ऐसा अवसर आया है जब मध्य प्रदेश का कोई राज्यपाल अपना निर्धारित पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा करेगा। अब यह निर्णय राष्ट्रपति स्तर पर लिया जाएगा कि मंगूभाई पटेल को दूसरा कार्यकाल दिया जाएगा या राज्य को नया राज्यपाल मिलेगा। इस विषय पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।

    इधर प्रशासनिक स्तर पर भी हाल ही में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर सम्मेलन की चर्चा जारी है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान कई जिलों के प्रदर्शन पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्वास्थ्य संकेतकों में अपेक्षित सुधार नहीं होने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में कमी पर अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को लेकर अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

    कुल मिलाकर शुक्रवार को मध्य प्रदेश में शासन, प्रशासन और राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आने वाले हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से लेकर संगठनात्मक गतिविधियों, प्रशासनिक समीक्षा और संवैधानिक पदों से जुड़े संभावित निर्णयों तक, पूरे दिन प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियां सुर्खियों में बनी रहने की संभावना है।

  • मुख्यमंत्री पर आरोपों को बीजेपी ने बताया बेबुनियाद, हेमंत खंडेलवाल बोले- विकास से घबराकर कांग्रेस कर रही दुष्प्रचार की राजनीति

    मुख्यमंत्री पर आरोपों को बीजेपी ने बताया बेबुनियाद, हेमंत खंडेलवाल बोले- विकास से घबराकर कांग्रेस कर रही दुष्प्रचार की राजनीति

    मध्य प्रदेश:  की राजनीति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेकर लगाए गए आरोपों पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रही है, लेकिन प्रदेश की जनता ऐसे प्रयासों को स्वीकार नहीं करेगी।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ लगाए गए आरोप वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां बनाई जा रही हैं जिससे जनता के बीच गलत संदेश पहुंचे। उनके अनुसार आरोपों में प्रस्तुत की गई जानकारी वास्तविक दस्तावेजों और रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती।

    खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार की भूमि संबंधी जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2023 में चुनावी नामांकन के दौरान जो संपत्ति विवरण प्रस्तुत किया गया था, उसमें और वर्तमान स्थिति में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम दर्ज भूमि का क्षेत्रफल पहले जैसा ही है और उनकी पत्नी के नाम दर्ज कृषि भूमि में भी कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। पार्टी का दावा है कि आरोपों के माध्यम से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उन व्यावसायिक संस्थाओं और भूमि स्वामित्व से जुड़े आरोपों का भी खंडन किया जिनका उल्लेख राजनीतिक विवाद में किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों और संपत्तियों का नाम लेकर आरोप लगाए गए हैं, उनके संबंध में उपलब्ध रिकॉर्ड सार्वजनिक हैं और उनमें किसी प्रकार की अनियमितता का प्रमाण नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री संबंधित एक कंपनी के निदेशक पद से वर्षों पहले अलग हो चुके थे और उसके बाद की गतिविधियों से उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

    मुख्यमंत्री के परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी भाजपा ने आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज भूमि और संपत्तियों के संबंध में जो दावे किए गए हैं, वे वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते। साथ ही जिन रिश्तेदारों का उल्लेख आरोपों में किया गया है, उनका स्वतंत्र अस्तित्व है और उनके कार्यों को मुख्यमंत्री या उनके परिवार से जोड़ना उचित नहीं है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित पक्ष स्वयं भी कानूनी और सार्वजनिक स्तर पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।

    भाजपा ने इस पूरे विवाद को राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि प्रदेश सरकार विकास, निवेश, उद्योग, कृषि और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है, जिससे विपक्ष असहज महसूस कर रहा है। इसी कारण ध्यान भटकाने के लिए आरोपों की राजनीति की जा रही है।

    खंडेलवाल ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को लेकर कांग्रेस का रवैया हमेशा नकारात्मक रहा है। उन्होंने दावा किया कि जब-जब प्रदेश में पिछड़े वर्ग से आने वाले नेताओं ने नेतृत्व संभाला, तब-तब उन्हें राजनीतिक रूप से घेरने और कमजोर करने की कोशिश की गई। भाजपा का आरोप है कि वर्तमान मुख्यमंत्री के खिलाफ भी इसी मानसिकता के तहत अभियान चलाया जा रहा है।

    प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भाजपा जहां आरोपों को निराधार बता रही है, वहीं विपक्ष अपने दावों पर कायम है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

  • डिजिटल जनगणना 2027 पर पीएम मोदी का जोर भोपाल में सीएम मोहन यादव ने मन की बात के जरिए जोड़ा संवाद

    डिजिटल जनगणना 2027 पर पीएम मोदी का जोर भोपाल में सीएम मोहन यादव ने मन की बात के जरिए जोड़ा संवाद


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को एक अलग ही माहौल देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 133वें संस्करण का जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ सामूहिक श्रवण किया। वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित इस कार्यक्रम में आमजन की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली जिससे यह एक जनसंवाद का मंच बन गया।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मन की बात आज देशवासियों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुका है और यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि करोड़ों लोगों को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के प्रेरक कार्यों नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाया जाता है जिससे लोगों को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए 2027 में होने वाली डिजिटल जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना बताते हुए कहा कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी। घर घर जाकर जानकारी एकत्र करने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप होगा जिसमें नागरिकों की जानकारी सीधे दर्ज की जाएगी।

    प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इस बार नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी जा रही है। कर्मचारी के आने से लगभग 15 दिन पहले यह सुविधा शुरू होगी जिससे लोग अपने समय अनुसार जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद उन्हें एक विशेष आईडी मिलेगी जिसे वे कर्मचारी के आने पर दिखाकर अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया सरल होगी और समय की बचत भी होगी।

    उन्होंने जानकारी दी कि जिन राज्यों में स्व गणना का कार्य पूरा हो चुका है वहां घरों के सूचीकरण का काम भी शुरू हो गया है और अब तक करीब 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में बढ़ चढ़कर भाग लें क्योंकि यह केवल सरकारी कार्य नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित युवाओं और आमजनों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान और स्वरोजगार जैसे विषयों पर चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उनसे संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व और बड़ों के सम्मान की सीख दी तथा उनके साथ समय बिताया।

    कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात देश को सकारात्मक दिशा देने का एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है।

    कुल मिलाकर भोपाल में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक रेडियो प्रसारण नहीं बल्कि जनसंवाद और जनभागीदारी का उदाहरण बनकर सामने आया जिसमें सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने की झलक देखने को मिली।

  • भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना

    भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को एक अलग ही राजनीतिक और जनसंवाद का नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अचानक वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट पहुंच गए। उनके इस अचानक दौरे ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया और माहौल उत्साह से भर गया। मुख्यमंत्री ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात को सुना और आम लोगों के साथ बैठकर संवाद भी किया।

    सीएम का यह अंदाज काफी अलग और सहज था जहां उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के युवाओं और आम नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने लोगों के साथ बैठकर स्वल्पाहार किया और विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार तीसरे साल यह अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के जरिए पुराने जल स्रोतों जैसे कुएं और बावड़ियों को नया जीवन मिल रहा है और मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह किसान हितैषी है। उन्होंने बताया कि सरकार गेहूं के साथ साथ चना और मसूर की भी खरीद कर रही है जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।

    इस दौरान सीएम मोहन यादव ने विपक्ष विशेषकर कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बहनों के साथ जो अन्याय हुआ है उसे देश कभी नहीं भूलेगा और कांग्रेस को इसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों के प्रति सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया।

    सीएम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक है लेकिन विपक्षी दलों के रवैये के कारण यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और रोजगार के लिए लगातार प्रयास कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का सहज और जनसरोकारों से जुड़ा रूप देखने को मिला जहां उन्होंने सीधे जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित किया। लोगों ने भी उनके इस अंदाज की सराहना की और खुलकर अपने विचार साझा किए।

    कुल मिलाकर यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आम लोगों से जुड़ने और उनके बीच भरोसा मजबूत करने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं के साथ साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी।

  • एमपी में नारी शक्ति वंदन पर सियासी घमासान कल से पदयात्रा विधानसभा में निंदा प्रस्ताव की तैयारी

    एमपी में नारी शक्ति वंदन पर सियासी घमासान कल से पदयात्रा विधानसभा में निंदा प्रस्ताव की तैयारी


    भोपाल । भोपाल में नारी शक्ति वंदन को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है जहां सत्ताधारी दल ने इस मुद्दे पर बड़ा जनआंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। प्रदेश बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इसे लेकर प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में कल से नारी शक्ति वंदन पदयात्रा शुरू की जाएगी जो गांव गांव और शहर शहर तक पहुंचेगी। इसके साथ ही विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की भी तैयारी है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि समाज की आधी आबादी के सम्मान से जुड़ा विषय है और इसे लेकर जनता के बीच जाकर सच्चाई रखी जाएगी।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सदन में जो व्यवहार देखने को मिला वह निंदनीय है और इससे महिलाओं के प्रति उनकी सोच उजागर होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के हर प्रयास का विरोध करना एक तरह की अलगाववादी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने अवसरवादिता दिखाते हुए अपने रुख बदल लिए और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर भी राजनीति की।

    इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई है। नेताओं ने बताया कि केवल पदयात्रा ही नहीं बल्कि नगर निगम से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक विरोध और निंदा प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इसके जरिए जनता को यह बताया जाएगा कि कौन महिला सशक्तिकरण के पक्ष में है और कौन इसके खिलाफ खड़ा है।

    प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण विषय है लेकिन विपक्ष ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय राजनीतिक अवसर के रूप में देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने इस मुद्दे पर जिस तरह का रुख अपनाया वह महिलाओं के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है।

    उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े ऐसे विषय पर जश्न मनाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर है और हर स्तर पर इसका विरोध दर्ज कराएगी।

    नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेशभर में आक्रोश रैलियां आयोजित की जाएंगी और व्यापक स्तर पर लोगों को इस मुद्दे से जोड़ा जाएगा। पंचायत स्तर तक आंदोलन को ले जाने की योजना बनाई गई है ताकि हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचे कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए सरकार और संगठन पूरी मजबूती से खड़े हैं।

    कुल मिलाकर नारी शक्ति वंदन का मुद्दा अब मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बड़ा जनआंदोलन बनने की ओर बढ़ रहा है जिसमें सियासी बयानबाजी के साथ साथ जमीनी स्तर पर भी सक्रियता देखने को मिलेगी।

  • राष्ट्रीय गीत के अपमान पर सियासी संग्राम तेज सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस से मांगा जवाब

    राष्ट्रीय गीत के अपमान पर सियासी संग्राम तेज सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस से मांगा जवाब


    इंदौर । इंदौर नगर निगम में वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रदेश की सियासत में बड़ा मुद्दा बन गया है इस मामले में डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल एक व्यक्ति की सोच नहीं बल्कि पार्टी के चरित्र को उजागर करती हैं

    घटना उस समय की है जब इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेस की पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देते हुए वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया उनके इस रुख का सदन में मौजूद अन्य सदस्यों ने विरोध किया लेकिन कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है इसी चुप्पी को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा और कहा कि इस मुद्दे पर पूरी प्रदेश कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद पार्षद ने राष्ट्रीय गीत गाने से मना किया और यह कहते हुए पीछे हट गई कि वह इसे नहीं गाएंगी उन्होंने इसे बेशर्मी की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि यह कांग्रेस की विचारधारा और मानसिकता को दर्शाता है उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेता भारत माता की जय बोलने से भी बचते हैं जो देशभक्ति की भावना के विपरीत है

    मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जवाब मांगा उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह ऐसे बयानों और आचरण का समर्थन करता है या नहीं यदि पार्टी इस मामले में कार्रवाई करने में असमर्थ है तो उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए

    उन्होंने आगे कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपने प्राण न्योछावर किए ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं न केवल उन बलिदानों का अपमान हैं बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती हैं मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी समय समय पर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों पर विवाद खड़ा करती रही है

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर वंदे मातरम जैसे राष्ट्रीय प्रतीक को लेकर बहस छेड़ दी है जहां एक ओर इसे देशभक्ति और एकता का प्रतीक माना जाता है वहीं दूसरी ओर कुछ वर्गों द्वारा इसे लेकर अलग विचार भी सामने आते रहे हैं फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं

  • कृषि महोत्सव के लिए रायसेन रवाना हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया आत्मीय स्वागत

    कृषि महोत्सव के लिए रायसेन रवाना हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया आत्मीय स्वागत


    भोपाल । भोपाल के स्टेट हैंगर पर शनिवार का दिन खास गरिमा और राजनीतिक ऊर्जा से भरपूर नजर आया जब डॉ. मोहन यादव ने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आत्मीय अगवानी कर प्रदेश की मेहमाननवाजी की परंपरा को सजीव कर दिया यह अवसर केवल औपचारिक स्वागत तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसमें प्रदेश और केंद्र के बीच समन्वय और विकास की झलक भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भोपाल ट्रांजिट विजिट पर पहुंचे थे जहां से उन्हें रायसेन में आयोजित कृषि महोत्सव प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए रवाना होना था स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुष्प गुच्छ भेंट कर और शॉल ओढ़ाकर उनका आत्मीय स्वागत किया साथ ही उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित भी किया इस दौरान वातावरण में आत्मीयता और गरिमा का संतुलित संगम देखने को मिला

    अल्प विश्राम के पश्चात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर से रायसेन के लिए रवाना हुए जहां कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को नई तकनीक और नवाचार से जोड़ने की पहल की जा रही है यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है

    इस अवसर पर प्रदेश के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग राज्य मंत्री कृष्णा गौर भोपाल सांसद आलोक शर्मा विधायक विष्णु खत्री महापौर मालती राय और जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति शामिल रहे सभी ने रक्षा मंत्री का पुष्प भेंट कर स्वागत किया जिससे आयोजन की भव्यता और भी बढ़ गई

    भोपाल का यह दृश्य केवल एक स्वागत समारोह नहीं बल्कि राजनीतिक समन्वय और विकासात्मक दृष्टिकोण का प्रतीक बन गया जहां केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल की मजबूत तस्वीर उभर कर सामने आई रायसेन में होने वाला कृषि महोत्सव इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है जो किसानों को सशक्त बनाने और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

  • उज्जैन में आस्था का संगम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अंगारेश्वर महादेव के चरणों में टेका माथा प्रदेश की खुशहाली की कामना

    उज्जैन में आस्था का संगम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अंगारेश्वर महादेव के चरणों में टेका माथा प्रदेश की खुशहाली की कामना


    उज्जैन । धार्मिक नगरी उज्जैन एक बार फिर आस्था और भक्ति के विशेष माहौल में डूबी नजर आई जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरुवार सुबह श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने पूरे विधि विधान के साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना की मुख्यमंत्री अपने परिवार के साथ प्रातःकाल मंदिर पहुंचे और वहां पहुंचते ही उन्होंने भगवान महादेव के चरणों में माथा टेककर प्रदेश की सुख शांति और समृद्धि की कामना की

    मंदिर परिसर में उस समय का दृश्य अत्यंत आध्यात्मिक और भावनात्मक था जब मुख्यमंत्री ने पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक किया और श्रद्धा भाव से पूजन संपन्न किया जैसे ही पूजन प्रारंभ हुआ मंदिर परिसर हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा और वहां उपस्थित श्रद्धालु भी इस भक्ति के वातावरण में पूरी तरह लीन नजर आए मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक विश्वास से जुड़ा हुआ था जिसमें उन्होंने अपने परिवार के साथ भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया

    पूजन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना करते हुए भगवान से प्रार्थना की कि मध्यप्रदेश निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो और यहां के नागरिकों के जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहे उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश की शांति और खुशहाली के लिए भी आशीर्वाद मांगा इस अवसर पर मंदिर में उपस्थित लोगों ने भी मुख्यमंत्री के साथ मिलकर भगवान शिव की आराधना की जिससे पूरे परिसर में एक सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण बन गया

    श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर उज्जैन का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है जहां दूर दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं इस मंदिर का महत्व विशेष रूप से शिवभक्तों के बीच अत्यधिक माना जाता है और यहां नियमित रूप से पूजा अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होते रहते हैं मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में पहले से ही तैयारियां की गई थीं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए थे ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके

    मुख्यमंत्री के इस धार्मिक दौरे ने न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि आम जनमानस के बीच भी एक सकारात्मक संदेश दिया है कि आस्था और विश्वास भारतीय संस्कृति की मजबूत नींव हैं और जब जनप्रतिनिधि स्वयं इन परंपराओं से जुड़े रहते हैं तो समाज में भी आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है उज्जैन की पावन भूमि पर हुआ यह पूजन कार्यक्रम एक बार फिर यह दर्शाता है कि धर्म और आस्था का संबंध केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का यह दौरा भले ही अल्पकालिक रहा हो लेकिन इसने श्रद्धालुओं के बीच एक गहरी छाप छोड़ी है और लोगों ने इसे प्रदेश की उन्नति और कल्याण के लिए एक शुभ संकेत के रूप में देखा है

  • ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन, 122 करोड़ के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण

    ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन, 122 करोड़ के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण

    ग्वालियर जिले के घाटीगांव में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होंगे और प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1836 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। यह राशि योजना की 34वीं किस्त के रूप में दी जा रही है। वहीं ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 महिलाओं के खातों में 44 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। इसमें 62 करोड़ रुपए के 19 कार्यों का लोकार्पण और 60 करोड़ रुपए के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इसके अलावा सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता भी वितरित की जाएगी।

    लाड़ली बहना सम्मेलन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के दौरान राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल, महाराजपुरा पहुंचेगे और वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा घाटीगांव के पास देवनारायण मंदिर परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री देवनारायण मंदिर और शबरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे और उसके बाद हेलीकॉप्टर से पुनः विमानतल पहुंचकर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

    प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के तहत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और इस दौरान 54,140 करोड़ रुपए सीधे महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। अब योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महिलाओं को कौशल उन्नयन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

    लोकार्पित होने वाले प्रमुख कार्यों में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ रुपए की लागत से डाडा खिरक–तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर बने उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह और 12.16 करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय शामिल हैं। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की नई सड़कों, आयुर्वेदिक महाविद्यालय के एनाटॉमी विभाग के हॉल और छात्रावास तथा भितरवार में नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।

  • किसानों के आगे झुकी सरकार उज्जैन सिंहस्थ लैंड पूलिंग योजना पूरी तरह निरस्त 2028 कुंभ से पहले बड़ा फैसला

    किसानों के आगे झुकी सरकार उज्जैन सिंहस्थ लैंड पूलिंग योजना पूरी तरह निरस्त 2028 कुंभ से पहले बड़ा फैसला


    उज्जैन/भोपाल । मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए उज्जैन में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए लाई गई विवादास्पद लैंड पूलिंग योजना’ को आधिकारिक रूप से निरस्त कर दिया है। मंगलवार को सरकार द्वारा जारी आदेश के बाद उन हजारों किसानों ने राहत की सांस ली है जो पिछले कई महीनों से अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

    विरोध की ज्वाला और आंदोलन की चेतावनी

    इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण भारतीय किसान संघ का कड़ा रुख रहा। किसान संघ ने स्पष्ट कर दिया था कि वे किसी भी कीमत पर अपनी पुश्तैनी जमीन सरकार को स्थायी निर्माण के लिए नहीं देंगे। 18 नवंबर को हुए ‘डेरा डालो घेरा डालो’ आंदोलन के बाद सरकार ने मौखिक रूप से योजना निरस्त करने की बात कही थी लेकिन बाद में केवल संशोधन का पत्र जारी किया गया। इस वादाखिलाफी से नाराज किसानों ने 26 दिसंबर से पुनः उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी थी जिसके दबाव में अंततः सरकार को पूर्ण निरस्तीकरण का आदेश जारी करना पड़ा।

    अपनों ने भी उठाए थे सवाल

    सरकार के लिए स्थिति तब और असहज हो गई जब सत्तापक्ष के भीतर से ही विरोध के स्वर उठने लगे। उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर साफ कहा था कि यह योजना किसान हित में नहीं है। उन्होंने यहाँ तक चेतावनी दे दी थी कि यदि योजना रद्द नहीं हुई तो वे स्वयं किसानों के साथ आंदोलन में बैठने को मजबूर होंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के इस दबाव ने सरकार को पुनर्विचार के लिए विवश किया।

    क्या थी लैंड पूलिंग योजना और क्यों था विरोध

    अगला सिंहस्थ मेला वर्ष 2028 में आयोजित होना है। इसके लिए सरकार चाहती थी कि सिंहस्थ क्षेत्र में आने वाली किसानों की निजी भूमि पर स्थायी निर्माण और बुनियादी ढांचा विकसित किया जाए। इसके लिए लैंड पूलिंग नीति लाई गई थी।

    किसानों के विरोध के मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे

    स्थायी कब्जा बनाम अस्थायी उपयोग दशकों से परंपरा रही है कि सिंहस्थ के लिए किसान केवल 5-6 महीनों के लिए अपनी जमीन सरकार को उपयोग हेतु देते थे और मेला समाप्त होने पर जमीन वापस मिल जाती थी। लैंड पूलिंग के तहत जमीन का स्वरूप स्थायी रूप से बदल जाता। रोजी-रोटी का संकट किसानों को डर था कि स्थायी निर्माण के बाद वे खेती नहीं कर पाएंगे जिससे उनकी आजीविका छिन जाएगी।
    अधिकारों का हनन किसान अपनी जमीन पर मालिकाना हक खोने को तैयार नहीं थे।

    निष्कर्ष पुरानी परंपरा ही रहेगी बरकरार

    अब योजना निरस्त होने के बाद 2028 के सिंहस्थ मेले के लिए पुरानी व्यवस्था ही लागू रहने की संभावना है। सरकार अब किसानों से आपसी सहमति और किराए के आधार पर ही मेले के समय जमीन का उपयोग कर सकेगी। यह निर्णय न केवल किसानों की बड़ी जीत माना जा रहा है बल्कि इसे आगामी चुनावों और क्षेत्रीय संतुलन को साधने के सरकारी प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।