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  • मध्य प्रदेश के सात शहरों में 351 बसों के साथ आज से शुरू होगी सुगम परिवहन सेवा, यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा

    मध्य प्रदेश के सात शहरों में 351 बसों के साथ आज से शुरू होगी सुगम परिवहन सेवा, यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा

    मध्य प्रदेश: में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत शुक्रवार, 25 सितंबर को 351 बसों के साथ की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के गोविंदपुरा स्थित बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल होंगे। इस सेवा का उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को दोबारा व्यवस्थित करना और यात्रियों को शहरों के भीतर तथा एक शहर से दूसरे शहर तक आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

    योजना के पहले चरण में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है। इन सात शहरों में कुल 351 बसों का संचालन शुरू होगा। इनमें 120 बसें इंटरसिटी सेवा के लिए और 231 बसें इंट्रासिटी सेवा के लिए निर्धारित की गई हैं। इंटरसिटी बसें अलग-अलग शहरों के बीच यात्रियों को आवागमन की सुविधा देंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के अंदर संचालित होंगी।

    बसों का शहरवार वितरण भी निर्धारित किया गया है। इंदौर में सबसे अधिक 145 बसें चलाई जाएंगी। इनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। भोपाल में कुल 106 बसें संचालित होंगी, जिनमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें रहेंगी। जबलपुर में 67 बसों का संचालन होगा। इनमें 14 बसें शहरों के बीच और 53 बसें शहर के भीतर चलेंगी।

    इसके अलावा रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में तीन और भिंड में दो इंटरसिटी बसें शुरू की जाएंगी। इस तरह पहले चरण में बड़े शहरों के साथ अन्य क्षेत्रों को भी सार्वजनिक बस सेवा से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।

    परिवहन विभाग ने इंटरसिटी बसों के लिए किराया दो रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया है। भोपाल में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के साथ पीएम बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। वहीं इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित अन्य शहरों में बस सेवाओं को एक विभागीय व्यवस्था के तहत संचालित करने की योजना है।

    सेवा के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार देर रात बीएचईएल दशहरा मैदान पहुंचे और कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच, सभा स्थल और यात्रियों तथा कार्यक्रम से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बसों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद चालकों से बातचीत भी की। इस दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह भी मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 21 साल बाद प्रदेश में लोक परिवहन बस सेवा की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने आधुनिक ई-बसों और सुविधायुक्त बसों का नेटवर्क चरणबद्ध तरीके से नगरों और जिलों तक विस्तारित करने की बात कही। योजना के तहत बस स्टॉप, बस स्टैंड, इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओं और बेहतर नियंत्रण व्यवस्था को विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

    सरकार की योजना सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करते हुए यात्रियों को सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने की है। पहले चरण में सात शहरों से शुरू हो रही यह सेवा आगे प्रदेश के अन्य नगरों और जिलों तक पहुंचाई जाएगी। इसके तहत बसों के संचालन और परिवहन सुविधाओं को व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

  • उज्जैन में विकास कार्यों का सीएम मोहन यादव ने लिया जायजा, अधिकारियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के निर्देश

    उज्जैन में विकास कार्यों का सीएम मोहन यादव ने लिया जायजा, अधिकारियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के निर्देश

    मध्य प्रदेश: के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन में चल रहे विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने नीलगंगा रोड क्षेत्र में पहुंचकर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के साथ निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    उज्जैन में आगामी सिंहस्थ को देखते हुए शहर के बुनियादी ढांचे और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर आवागमन को सुगम बनाना और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान इन कार्यों की प्रगति और उनकी गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं को देखा।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन शहर के मध्य स्थित बाबा महाकाल के मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण शहर के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस मार्ग के चौड़ीकरण से स्थानीय यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ आने वाले समय में श्रद्धालुओं के आवागमन को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में प्रमुख मार्गों का विकास और उनका बेहतर प्रबंधन आवश्यक है। चौड़े और व्यवस्थित मार्ग श्रद्धालुओं के आवागमन को आसान बनाने में मदद करेंगे और उज्जैन आने वाले लोगों के अनुभव को बेहतर बनाने में भी भूमिका निभाएंगे।

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों से संबंधित अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि काम केवल समय पर पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता भी निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए लगातार निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया।

    उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण और अन्य अधोसंरचना से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों को बेहतर बनाने की दिशा में कई परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। इनका उद्देश्य आयोजन के दौरान बढ़ने वाले यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करना है।

    मुख्यमंत्री ने मार्ग चौड़ीकरण के लिए प्रशासन के साथ स्वेच्छा से सहयोग करने वाले स्थानीय नागरिकों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने सहयोग करने वाले लोगों का हृदय से अभिनंदन करते हुए कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। शहर के विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में नागरिक सहयोग की भूमिका को उन्होंने सराहा।

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति पर नियमित नजर रखने और निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार काम पूरा कराने पर जोर दिया। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण कार्यों के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।

    सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में अधोसंरचना विकास पर लगातार जोर दिया जा रहा है। सड़क, मार्ग चौड़ीकरण और अन्य सुविधाओं से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण का उद्देश्य भी चल रहे कार्यों की स्थिति जानना और उन्हें तय मानकों के अनुसार आगे बढ़ाना रहा।

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद संबंधित अधिकारियों के सामने निर्माण कार्यों को समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूरा करने की जिम्मेदारी और महत्वपूर्ण हो गई है। उज्जैन में जारी विकास कार्यों से आने वाले समय में शहर की यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं के आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।

  • जीतू पटवारी का मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तंज, बोले- 800 दिन बचे हैं, अब सस्ती शिक्षा और छात्रों के मुद्दों पर काम करें

    जीतू पटवारी का मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तंज, बोले- 800 दिन बचे हैं, अब सस्ती शिक्षा और छात्रों के मुद्दों पर काम करें

    मध्य प्रदेश: कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधा। पटवारी ने मुख्यमंत्री से सस्ती और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के अब करीब 800 दिन बचे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय का इस्तेमाल जनता और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए किया जाना चाहिए।

    पटवारी ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बिना समय गंवाए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में काम करना चाहिए। उनके मुताबिक सत्ता और पद पर रहने का समय तेजी से गुजरता है, इसलिए सरकार को शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपने बयान में मुख्यमंत्री के राजनीतिक हालात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अब सीमित समय बचा है और उन्हें इस अवधि में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। पटवारी ने शिक्षा को छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़ा विषय बताते हुए सरकार से इस दिशा में ठोस काम करने की अपील की।

    इसी दौरान जीतू पटवारी ने प्रदेशभर में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चलाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश के हर जिले में इस नाम से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों को सीधे तौर पर जोड़े जाने की बात कही गई है।

    पटवारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ किसी राजनीतिक दल या कांग्रेस के बैनर तले आयोजित नहीं किया जाएगा। इसमें छात्रों और उनके अभिभावकों की भागीदारी होगी। अभियान का उद्देश्य शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाना तथा उनके भविष्य से संबंधित विषयों पर चर्चा करना बताया गया है।

    उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अब काम शुरू किया जाना चाहिए। पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के हित और उनके भविष्य से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

    ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को प्रदेश के सभी जिलों तक ले जाने की घोषणा के साथ पटवारी ने छात्रों और अभिभावकों की सीधी भागीदारी पर जोर दिया। उनके अनुसार यह कार्यक्रम शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का माध्यम बनेगा और विद्यार्थियों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।

    इंदौर में हुई पत्रकार वार्ता के दौरान पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने सस्ती शिक्षा का मुद्दा प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने बचे हुए कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए और छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

    इस पूरे अभियान के जरिए छात्रों और अभिभावकों को शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जोड़ने की योजना बताई गई है। पटवारी ने कहा कि सरकार को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और छात्रों के भविष्य से संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से की मुलाकात, सेवा संकल्प अभियान और नि:शुल्क रजिस्ट्री की दी जानकारी

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से की मुलाकात, सेवा संकल्प अभियान और नि:शुल्क रजिस्ट्री की दी जानकारी

    मध्य प्रदेश। के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से शुरू होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रदेश में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी राज्यपाल को दी।

    मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ के तहत होने वाले विशेष अभियान के बारे में भी बताया। इसके तहत प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र के 50 लाख से अधिक लोगों के पट्टों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने की योजना है। इस रजिस्ट्री का पूरा खर्च सरकारी स्तर पर वहन किया जाएगा।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के साथ ही सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए गए कार्यों को स्मरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर दीपोत्सव का आयोजन भी किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर को ग्रामीण क्षेत्रों के 50 लाख से अधिक पट्टों की रजिस्ट्री निशुल्क कराई जाएगी। इसके लिए होने वाला पूरा सरकारी खर्च शासन की ओर से वहन किया जाएगा। इस अभियान को प्रधानमंत्री के जनसेवा के संकल्प से जुड़ी विकास यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किए जा रहे सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा बताया गया है।

    ‘सेवा-संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे मध्य प्रदेश में संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की अविरल सेवा-संकल्प की यात्रा को प्रदेश के लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से इस अभियान में शामिल होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सभी लोग इस महाअभियान का हिस्सा बनें और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की यात्रा में सहभागी बनें।

    राज्यपाल से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अभियान से संबंधित कार्यक्रमों और नि:शुल्क रजिस्ट्री की योजना की जानकारी साझा की। ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ के तहत होने वाली रजिस्ट्री ग्रामीण क्षेत्र के पट्टाधारकों से जुड़ी है और इसमें सरकारी स्तर पर खर्च वहन किए जाने की बात कही गई है।

    सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर होगी और इसका संचालन एक महीने तक किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री की जनसेवा से जुड़ी 25 वर्षों की यात्रा को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बताया है।

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल को मुख्यमंत्री द्वारा दी गई जानकारी में अभियान के कार्यक्रमों के साथ-साथ 50 लाख से अधिक ग्रामीण पट्टों की नि:शुल्क रजिस्ट्री से संबंधित योजना भी शामिल रही। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अभियान में सहभागिता की अपील करते हुए इसे विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ी यात्रा में भागीदारी का अवसर बताया।

  • MP News: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से की मुलाकात, निवेश और विकास परियोजनाओं पर हुई चर्चा

    MP News: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से की मुलाकात, निवेश और विकास परियोजनाओं पर हुई चर्चा

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया और केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात की। इन बैठकों में मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों के साथ राज्य में निवेश और विकास परियोजनाओं को गति देने पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के बीच हुई मुलाकात में मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बातचीत के दौरान युवाओं के कौशल विकास और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने से जुड़े विषय प्रमुख रहे।

    मुख्यमंत्री ने युवाओं के कौशल विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर केंद्रीय मंत्री के साथ चर्चा की। इसके साथ ही रोजगार के नए अवसरों के सृजन को लेकर भी विचार साझा किए गए। मुलाकात में मध्यप्रदेश के विकास को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर सार्थक बातचीत हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से उनके नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित आवास पर मुलाकात की। इस दौरान मध्यप्रदेश में वस्त्र एवं टेक्सटाइल उद्योग में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

    बैठक में मध्यप्रदेश की वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ। राज्य में इस क्षेत्र से जुड़ी निवेश संभावनाओं और रोजगार सृजन के अवसरों पर भी चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री और केंद्रीय वस्त्र मंत्री के बीच बातचीत में मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में और अधिक सशक्त बनाने से जुड़े विषयों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इस दौरान राज्य की मौजूदा वस्त्र एवं परिधान क्षमता को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने और निवेश की संभावनाओं को गति देने पर विचार हुआ।

    चर्चा का एक प्रमुख पक्ष वस्त्र क्षेत्र के माध्यम से रोजगार के अवसरों से भी जुड़ा रहा। मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और परिधान उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए निवेश और रोजगार सृजन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई इन मुलाकातों में राज्य के विकास से जुड़े अलग-अलग विषय सामने रहे। एक ओर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री के साथ युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, वहीं केंद्रीय वस्त्र मंत्री के साथ टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर बातचीत हुई।

    वस्त्र क्षेत्र को लेकर हुई चर्चा में मध्यप्रदेश की क्षमता को और मजबूत करने तथा राज्य को देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने से जुड़े विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। निवेश की संभावनाओं और रोजगार सृजन के पहलुओं को भी बातचीत में शामिल किया गया।

    मुख्यमंत्री की इन बैठकों का उद्देश्य मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विषयों को आगे बढ़ाने और राज्य में निवेश तथा विकास परियोजनाओं को गति देने से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करना रहा। केंद्रीय मंत्रियों के साथ मुलाकात में युवाओं, रोजगार, कौशल विकास और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई।

    इस दौरान देश के समावेशी विकास को गति देने और मध्यप्रदेश के वस्त्र क्षेत्र की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के दिल्ली प्रवास में हुई इन बैठकों में राज्य में निवेश और रोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने रहे।

  • मध्य प्रदेश में फिर बढ़ी सियासी हलचल, CM मोहन यादव समेत कई बड़े भाजपा नेता दिल्ली में, समन्वय बैठक की चर्चाएं तेज

    मध्य प्रदेश में फिर बढ़ी सियासी हलचल, CM मोहन यादव समेत कई बड़े भाजपा नेता दिल्ली में, समन्वय बैठक की चर्चाएं तेज


    मध्य प्रदेश: में राजनीतिक हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली पहुंचने से चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के भी नई दिल्ली पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया के दिल्ली बुलाए जाने की बात कही जा रही है।

    कई वरिष्ठ नेताओं के एक ही समय पर दिल्ली में मौजूद होने से मध्य प्रदेश भाजपा के राजनीतिक और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और कैलाश विजयवर्गीय पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस तरह प्रदेश से जुड़े कई प्रमुख नेताओं की राजधानी में मौजूदगी को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

    दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय को लेकर बैठक होने की चर्चा भी है। हालांकि, इस संभावित बैठक को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी या इसका निश्चित एजेंडा क्या होगा, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    इसी बीच भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश भाजपा के भीतर राजनीतिक चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी और अलग-अलग स्तर पर हो रही मुलाकातों को देखते हुए संगठन तथा आपसी समन्वय से जुड़े मुद्दों पर संभावनाएं जताई जा रही हैं।

    हालांकि, सभी नेताओं के दिल्ली पहुंचने की वजह एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है। बताया जा रहा है कि कुछ नेता ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के सिलसिले में भी राजधानी पहुंचे हैं। ऐसे में दिल्ली में मौजूद सभी नेताओं के दौरे को सीधे तौर पर मध्य प्रदेश की राजनीति से जोड़ना फिलहाल जल्दबाजी होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे प्रमुख नेताओं की एक साथ दिल्ली में मौजूदगी ने फिर भी राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के राजधानी पहुंचने से संगठन और सरकार के बीच समन्वय से जुड़े संभावित विमर्श को लेकर चर्चा बढ़ी है।

    मध्य प्रदेश में भाजपा की राजनीति से जुड़े मामलों में वरिष्ठ नेताओं की बैठकों और मुलाकातों को लेकर अक्सर राजनीतिक कयास लगाए जाते रहे हैं। मौजूदा स्थिति में भी संभावित समन्वय बैठक की चर्चा के कारण कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। हालांकि, बैठक के एजेंडे या उसमें होने वाली संभावित चर्चा को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    फिलहाल इतना स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश भाजपा के कई बड़े नेता एक साथ दिल्ली में हैं और इस वजह से प्रदेश की राजनीति में हलचल महसूस की जा रही है। ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के कारण कुछ नेताओं की दिल्ली यात्रा होने की बात भी सामने आई है। इसलिए मौजूदा घटनाक्रम को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी होगा।

  • इंदौर में 11 सितंबर से यात्री परिवहन विजन समिट, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सार्वजनिक परिवहन के भविष्य पर करेंगे मंथन

    इंदौर में 11 सितंबर से यात्री परिवहन विजन समिट, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सार्वजनिक परिवहन के भविष्य पर करेंगे मंथन

    मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इस समिट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम 11 और 12 सितंबर को आयोजित होगा। इसमें परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी शामिल होंगे।

    समिट का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर रहेगा। इसके जरिए प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को नई तकनीक, जन-निजी भागीदारी और हरित ऊर्जा से जोड़ने पर चर्चा होगी। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से PPP मॉडल, आधुनिक आईटी प्रणालियों और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को आगे बढ़ाने की योजना पर विचार किया जाएगा।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंडस्ट्री-एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। इसमें बस निर्माताओं, आईटी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और अन्य उद्योगों के साथ प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगम अपनी गतिविधियों तथा नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे। समिट की स्मारिका का विमोचन भी किया जाएगा।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की संरचना और भविष्य में प्रस्तावित कार्यों पर आधारित विशेष पुस्तिका जारी की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के जरिए चुने गए MPYPIL के नए लोगो का अनावरण भी मुख्यमंत्री करेंगे। मोबिलिटी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित हैकाथॉन का शुभारंभ भी कार्यक्रम में होगा।

    समिट में देश के विभिन्न हिस्सों से परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, राज्य परिवहन उपक्रमों के प्रतिनिधि, आईटी कंपनियां और उद्योग जगत से जुड़े लोग शामिल होंगे। इन सभी के बीच प्रदेश की सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को सरल, सुगम, सुरक्षित, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर चर्चा होगी और सुझाव लिए जाएंगे।

    दो दिनों के कार्यक्रम में कुल आठ सत्र रखे गए हैं। इनमें मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन-2030 के तहत बस संचालन और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम में PPP मॉडल को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। बस टर्मिनल, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाओं में निवेश आकर्षित करने के तरीकों पर भी विचार किया जाएगा।

    एक सत्र सार्वजनिक बस संचालन को वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित रहेगा। इसमें किराए पर निर्भरता कम करने, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण और विज्ञापन, खुदरा, लॉजिस्टिक्स तथा नामकरण अधिकार जैसे गैर-किराया राजस्व के विकल्पों पर मंथन होगा।

    रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के उपयोग पर भी चर्चा होगी। इसमें पीएम मुद्रा योजना, पीएमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान शामिल हैं।

    यात्री सुरक्षा, विश्वसनीयता और सुविधा से जुड़े विषयों में CCTV निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, वाहन रखरखाव, वास्तविक समय यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण पर विचार होगा। वहीं AI और रीयल-टाइम डेटा के जरिए बस मार्गों और शेड्यूलिंग को बेहतर बनाने पर भी विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

    हरित मोबिलिटी के तहत इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग एवं रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली पर विचार होगा। अंतिम सत्र में एकीकृत टिकटिंग, स्वचालित किराया संग्रह, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, ओपन-लूप भुगतान और MaaS प्लेटफॉर्म के जरिए निर्बाध यात्रा अनुभव पर मंथन किया जाएगा।

  • दुबई में सीएम मोहन यादव ने वैश्विक उद्योगपतियों से की मुलाकात, मध्य प्रदेश में निवेश के लिए रखे कई प्रस्ताव

    दुबई में सीएम मोहन यादव ने वैश्विक उद्योगपतियों से की मुलाकात, मध्य प्रदेश में निवेश के लिए रखे कई प्रस्ताव

    मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में आयोजित एन्युअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग के तीसरे दिन 8 सितंबर को संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख निवेशकों और उद्यमियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन बैठकों में मध्य प्रदेश में ऊर्जा, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा, तकनीक, ग्रीन एनर्जी और नगरीय विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों को वर्ष 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित भी किया।

    मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सामने मध्य प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को रखते हुए कहा कि राज्य देश के मध्य में स्थित होने के कारण सड़क, रेल और हवाई संपर्क के लिहाज से सुविधाजनक स्थिति में है। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक अधोसंरचना, पर्याप्त ऊर्जा और कुशल मानव संसाधन को निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार मध्य प्रदेश से देश के विभिन्न हिस्सों तक उत्पादों की पहुंच सुगम और त्वरित है।

    क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बद्र जाफर के साथ बैठक में वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और प्रमुख उत्पादन क्लस्टर्स से जुड़े अवसरों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने तकनीक आधारित उद्यमशीलता और स्टार्टअप क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने की बात कही। जाफर ने शहरी अधोसंरचना, सूचना प्रौद्योगिकी, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और तकनीक हस्तांतरण में दीर्घकालिक निवेश में रुचि दिखाई। ऊर्जा और तकनीक में नवाचार पर भी चर्चा हुई।

    डीपी वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिजवान सूमार के साथ बैठक में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने पोवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कंपोजिट हब को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की संभावना बताई। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड चेन सुविधाओं के माध्यम से किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों को बेहतर व्यापार तथा निर्यात सहायता देने पर चर्चा हुई।

    राणा होल्डिंग्स के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ बैठक में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी में निवेश संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन-फाउंडर सनी वर्की के साथ बैठक में शिक्षा क्षेत्र में निवेश पर विचार हुआ। कंपनी ने मध्य प्रदेश के प्रमुख और विकासशील शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस स्थापित करने में रुचि दिखाई। इन संस्थानों में विद्यार्थियों के कौशल विकास के साथ स्थानीय जरूरतों और भविष्य की शिक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम लागू करने की योजना पर चर्चा हुई।

    ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन ने इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, तकनीक और ग्रीन एनर्जी सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई।

    शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर के साथ शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर चर्चा हुई। इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में रेल-साइडिंग वाले लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना के प्रस्ताव पर विचार हुआ। इसमें 30 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश और करीब 300 से 600 रोजगार अवसरों की संभावना बताई गई।

    वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर के साथ वीजा सेवाओं, पर्यटन, रोजगार और युवाओं के कौशल विकास पर चर्चा हुई। भोपाल और इंदौर में वीजा आवेदन सेवाओं का विस्तार करने तथा युवाओं के लिए यात्रा, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विचार किया गया।

    चोइथराम समूह के अध्यक्ष एल.टी. पगरानी के साथ आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना और रिटेल क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई। समूह मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में सुपरमार्केट और आधुनिक किराना रिटेल केंद्र स्थापित करने का इच्छुक है। साथ ही स्थानीय किसानों और उत्पादकों से कृषि तथा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की खरीद, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निजी लेबल विनिर्माण को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

  • मोहन यादव ने शारजाह के उद्योग जगत को दिया जीआईएस 2027 का न्योता, फूड प्रोसेसिंग समेत कई क्षेत्रों में निवेश अवसर बताए

    मोहन यादव ने शारजाह के उद्योग जगत को दिया जीआईएस 2027 का न्योता, फूड प्रोसेसिंग समेत कई क्षेत्रों में निवेश अवसर बताए

    मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात के दौरे के दौरान शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं एक्सपो सेंटर के चेयरमैन अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस से मुलाकात की। यह बैठक एनुअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग के दौरान हुई, जिसमें मध्य प्रदेश और शारजाह के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने तथा प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस को वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मध्य प्रदेश आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने शारजाह के व्यापारिक समुदाय और कंपनियों से प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह भी किया।

    मुख्यमंत्री ने शारजाह चैंबर के साथ दीर्घकालिक और रणनीतिक आर्थिक साझेदारी विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने चेयरमैन ओवैस से मध्य प्रदेश में एक उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का आग्रह किया। इसके साथ ही दोनों क्षेत्रों के कारोबारियों और उद्यमियों के बीच सेक्टर आधारित बिजनेस टू बिजनेस बैठकों के आयोजन के लिए मध्य प्रदेश-शारजाह बिजनेस फोरम बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया।

    चर्चा के दौरान मध्य प्रदेश के छोटे और मध्यम उद्यमों तथा निर्यातकों को खाड़ी देशों के प्रमुख खरीदारों और वितरकों से जोड़ने में शारजाह चैंबर के सहयोग की जरूरत पर भी बात हुई। मुख्यमंत्री ने शारजाह की कंपनियों को मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

    इन क्षेत्रों में फूड पार्क, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन परियोजनाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। बैठक में इन क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं और दोनों पक्षों के बीच कारोबारी सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की निवेश क्षमता को रेखांकित करते हुए राज्य की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, औद्योगिक लैंड बैंक और इंफ्रास्ट्रक्चर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के बड़े बाजारों से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण मध्य प्रदेश निवेश के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है।

    उन्होंने राज्य सरकार की निवेशक-अनुकूल व्यवस्था का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार पारदर्शी नीतियों, त्वरित सिंगल विंडो व्यवस्था और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण के माध्यम से निवेशकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

    बैठक में शारजाह के व्यापारिक नेटवर्क और कनेक्टिविटी को मध्य प्रदेश के स्थानीय उत्पादों के निर्यात, कौशल संवर्धन, रोजगार सृजन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया। दोनों पक्षों के बीच कारोबारी संपर्क बढ़ाने और उद्यमियों के लिए संभावित सहयोग के क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर जोर रहा।

    भारत और शारजाह के आर्थिक संबंधों को व्यापक भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी तथा सीईपीए का समर्थन प्राप्त है। शारजाह चैंबर की ओर से भारत में मुंबई सहित विभिन्न स्थानों पर ट्रेड मिशन और बिजनेस फोरम आयोजित किए गए हैं। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, ज्वेलरी, एसएमई, टेक्नोलॉजी, एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, फूड इंडस्ट्री, टूरिज्म और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्र शामिल रहे हैं।

    अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस मई 2014 से शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और एक्सपो सेंटर शारजाह के चेयरमैन हैं। वे यूएई फेडरेशन ऑफ चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वाइस चेयरमैन भी हैं। उन्हें सरकार, उद्योग, बैंकिंग, खाद्य उत्पादन, शिक्षा, कृषि और द्विपक्षीय व्यापारिक संस्थाओं में नेतृत्व का अनुभव है।

  • दुबई में AIM-2026 के मंच से सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश आने और रोजगार बढ़ाने का दिया निमंत्रण

    दुबई में AIM-2026 के मंच से सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश आने और रोजगार बढ़ाने का दिया निमंत्रण

    मध्यप्रदेश: के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 सितंबर को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में भाग लिया। Annual Investment Meeting के इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और रोजगार के अवसरों को लेकर निवेशकों से संवाद किया। उन्होंने भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में शामिल होने के लिए निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया।

    एआईएम कांग्रेस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश और कारोबारी अवसरों के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। कार्यक्रम में 180 से अधिक देशों के करीब 20 हजार प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न देशों की सरकारों के साथ बड़े निवेशक, कंपनियां और सोवरिन वेल्थ फंड्स निवेश से जुड़े अवसरों पर चर्चा कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने दुबई प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के सामने रखा। बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में आयोजित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी का उन्होंने उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी के जरिए राज्य की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की संभावनाएं सामने आईं।

    प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया। इन उत्पादों के जरिए मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ स्थानीय कारीगरों की उत्पादन क्षमता और निर्यात की संभावनाओं को भी सामने रखा गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अरब देशों के निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े अवसरों की जानकारी दी।

    बैठक के दौरान अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश आने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया गया। राज्य सरकार की कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय निवेश को मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, स्थानीय कारोबार और रोजगार सृजन से जोड़ा जाए।

    दुबई यात्रा के दौरान कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश की संभावनाओं को महत्वपूर्ण बताया गया। संयुक्त अरब अमीरात खाद्य जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे बाजार में मध्यप्रदेश अपने कृषि उत्पादों और प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री के लिए संभावित अवसर तलाश सकता है।

    आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार मध्यप्रदेश दाल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। राज्य अनाज उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और देश के कुल अनाज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 13.04 प्रतिशत बताई गई है। मक्का उत्पादन में मध्यप्रदेश पहले और गेहूं उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। गेहूं में राज्य की हिस्सेदारी 20.78 प्रतिशत बताई गई है।

    मध्यप्रदेश सोयाबीन उत्पादन के लिए भी देश में प्रमुख राज्य है और राज्य को ‘सोया प्रदेश’ के रूप में पहचान मिली है। दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कृषि उत्पादों की मांग को देखते हुए खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, भंडारण, ग्रेडिंग और लॉजिस्टिक्स में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

    मुख्यमंत्री की इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य निवेश आकर्षित करने के साथ मध्यप्रदेश के उत्पादों और कारोबारी क्षमताओं को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। सरकार को उम्मीद है कि नए निवेश से उद्योगों का विस्तार होगा, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। इसके साथ ही किसानों और कारीगरों को भी बड़े बाजारों से जुड़ने का लाभ मिल सकता है।