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  • भोपाल वालों के लिए मौसम का अपडेट: 18 अगस्त को बारिश की संभावना और सुहाने तापमान के संकेत

    भोपाल वालों के लिए मौसम का अपडेट: 18 अगस्त को बारिश की संभावना और सुहाने तापमान के संकेत


    नई दिल्ली । भोपाल में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ नजर आ रहा है। 18 अगस्त को राजधानी में बारिश के आसार बने हुए हैं और आसमान में बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को भोपाल में हल्की बारिश की संभावना है जबकि तापमान अपेक्षाकृत सामान्य रहने की उम्मीद है। सोमवार शाम तक भोपाल में बादल छाए हुए थे और मौसम में नमी बनी हुई थी।

    मौसम विभाग और उपलब्ध पूर्वानुमानों के संकेतों को देखें तो मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ी हैं। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और अगले कुछ दिनों में इसका प्रभाव अलग अलग क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। भोपाल भी उन इलाकों में शामिल है जहां हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में शहरवासियों को आने वाले दिनों में मौसम के बदलते मिजाज के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

    18 अगस्त को भोपाल में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। बीच बीच में बारिश होने से मौसम सुहावना रह सकता है। बारिश के कारण तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। उपलब्ध पूर्वानुमान में मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    भोपाल में लगातार बारिश के दौरान शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है। सड़क पर निकलने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर यात्रा की योजना बनानी चाहिए। दोपहिया वाहन चालकों के लिए बारिश के दौरान विशेष सावधानी जरूरी होगी क्योंकि गीली सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है। तेज बारिश होने की स्थिति में खुले इलाकों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना भी बेहतर रहेगा।

    मानसून के दौरान भोपाल की झीलों और आसपास के इलाकों में भी मौसम का असर देखने को मिलता है। बारिश के बाद शहर का तापमान कम होने से लोगों को गर्मी से राहत मिलती है। हालांकि लगातार बारिश के कारण यातायात प्रभावित होने और कुछ इलाकों में पानी जमा होने की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

    18 अगस्त के बाद भी भोपाल में बारिश की संभावना बनी रहने के संकेत हैं। उपलब्ध साप्ताहिक पूर्वानुमान में 19 अगस्त को भी छिटपुट बारिश और 20 अगस्त को जोरदार बौछारों की संभावना दिखाई गई है। इसके बाद भी सप्ताह के बाकी दिनों में बारिश का दौर बने रहने का अनुमान है।

    कुल मिलाकर भोपाल में 18 अगस्त का मौसम राहत देने वाला रह सकता है। बादलों की मौजूदगी और हल्की बारिश से तापमान नियंत्रित रहने की संभावना है। हालांकि मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है इसलिए किसी भी यात्रा या जरूरी काम से पहले ताजा मौसम अपडेट देखना सबसे बेहतर रहेगा।

  • ₹11200 करोड़ का जेवर एयरपोर्ट और भारी बारिश का दावा! वायरल तस्वीर के बाद सुरक्षा और जलनिकासी पर चर्चा

    ₹11200 करोड़ का जेवर एयरपोर्ट और भारी बारिश का दावा! वायरल तस्वीर के बाद सुरक्षा और जलनिकासी पर चर्चा


    नई दिल्ली । नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर ने बारिश के दौरान एयरपोर्ट परिसर की तैयारियों और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। तस्वीर में एयरपोर्ट के आसपास बड़े स्तर पर पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है और पार्किंग तथा सड़क जैसे हिस्से भी जलमग्न नजर आ रहे हैं। तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि भारी बारिश के बाद जेवर एयरपोर्ट का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया। हालांकि तस्वीर और उसके साथ किए जा रहे दावे की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे वास्तविक स्थिति का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

    तस्वीर में एयरपोर्ट जैसी इमारत और उसके सामने बड़ी मात्रा में जमा पानी दिखाई देता है। कई वाहन पानी के बीच खड़े नजर आ रहे हैं जबकि आसपास के रास्ते भी जलभराव की चपेट में दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर सोशल मीडिया पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे भारी बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था की परीक्षा के तौर पर देख रहे हैं तो कुछ लोग तस्वीर की वास्तविकता पर सवाल उठा रहे हैं।

    जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में शामिल है। इसे दिल्ली एनसीआर के लिए एक महत्वपूर्ण एयर कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है। एयरपोर्ट के निर्माण से क्षेत्र में कारोबार पर्यटन रोजगार और रियल एस्टेट गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जाती रही है। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव से जुड़ी कोई भी तस्वीर स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान खींचती है।

    किसी भी बड़े एयरपोर्ट के लिए बारिश के पानी की निकासी बेहद महत्वपूर्ण होती है। रनवे टैक्सीवे पार्किंग एप्रन और यात्रियों के आवागमन वाले हिस्सों में जलभराव रोकना एयरपोर्ट संचालन की अहम जरूरत होती है। खासतौर पर मानसून के दौरान कम समय में होने वाली तेज बारिश के पानी को तेजी से बाहर निकालने के लिए प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम जरूरी होता है। अगर किसी एयरपोर्ट परिसर में लंबे समय तक पानी जमा रहता है तो इससे यातायात और संचालन के साथ बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ सकता है।

    हालांकि वायरल तस्वीर को देखकर सीधे यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि पूरा एयरपोर्ट जलमग्न हो गया या परियोजना की पूरी व्यवस्था विफल हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरों के साथ कई बार गलत संदर्भ भी जोड़ दिए जाते हैं। तस्वीर पुरानी हो सकती है किसी दूसरे स्थान की हो सकती है या डिजिटल रूप से बदली गई हो सकती है। इसलिए आधिकारिक पुष्टि के बिना बड़े दावे को तथ्य मानने से बचना जरूरी है।

    इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि एयरपोर्ट प्रबंधन या संबंधित प्रशासन की ओर से बारिश और जलभराव को लेकर क्या आधिकारिक जानकारी सामने आती है। अगर वास्तव में परिसर के किसी हिस्से में पानी जमा हुआ है तो इसकी वजह और जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति की जानकारी भी सामने आनी चाहिए।

    फिलहाल वायरल तस्वीर ने जेवर एयरपोर्ट की बारिश से निपटने की तैयारियों को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। लेकिन तस्वीर के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय रिपोर्ट का इंतजार करना ज्यादा उचित होगा।

  • मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा

    मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले तीन दिन प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश लेकर आ सकते हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को आठ जिलों में हैवी रेन का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले चौबीस घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया जिससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के अनुसार सतना कटनी उमरिया मंडला डिंडौरी सिवनी रायसेन और बैतूल में भारी बारिश की आशंका है। इन इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को नदी नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा भोपाल सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर झाबुआ अलीराजपुर धार बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन नीमच मंदसौर रतलाम आगर मालवा शाजापुर देवास नर्मदापुरम हरदा ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर जबलपुर नरसिंहपुर छिंदवाड़ा पांढुर्णा बालाघाट रीवा सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर शहडोल अनूपपुर सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है।

    प्रदेश में अब तक मानसून की स्थिति सामान्य से कमजोर बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 336 दशमलव 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक लगभग 407 मिलीमीटर वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी लगभग 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 15 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    बारिश की कमी का असर प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिखाई दे रहा है। अनूपपुर बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला मऊगंज नरसिंहपुर निवाड़ी पांढुर्णा पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी शहडोल सीधी सिंगरौली टीकमगढ़ उमरिया आगर मालवा अलीराजपुर अशोकनगर बड़वानी बैतूल दतिया धार गुना ग्वालियर हरदा झाबुआ खंडवा खरगोन मुरैना नर्मदापुरम नीमच रायसेन रतलाम शाजापुर श्योपुर शिवपुरी उज्जैन और विदिशा सहित कुल 48 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। दूसरी ओर भोपाल भिंड बुरहानपुर देवास इंदौर मंदसौर राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें देवास सबसे आगे है जहां सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अब पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके साथ मानसून ट्रफ भी सक्रिय बनी हुई है जिससे 28 जुलाई से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने नदी नालों के पास न जाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के जलाशयों का जलस्तर बढ़ने और खेती के लिए भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार

    बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार को भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का यही सिलसिला जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम मजबूत बना हुआ है, जिससे कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है और मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके चलते हवा में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे लगातार बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा समेत 35 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, शहडोल और आसपास के जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

    लगातार चार दिनों से हो रही बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब यह कमी घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। प्रदेश में अब तक औसतन 330.4 मिमी यानी करीब 13 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो पूरे मानसून के निर्धारित कोटे का लगभग 35 प्रतिशत है।

    बारिश के मामले में देवास जिला सबसे आगे है, जहां अब तक करीब 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड और मंदसौर सहित 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों में उफान और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। मैहर में तेज बारिश के दौरान एक पांच वर्षीय बच्चा पानी के तेज बहाव में बहने लगा, जिसे स्थानीय लोगों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

  • MP Weather Update: प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून फिर हुआ एक्टिव; 50 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल

    MP Weather Update: प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून फिर हुआ एक्टिव; 50 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के पांच जिलों-श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

    गुरुवार को भी प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा डेढ़ इंच वर्षा टीकमगढ़ में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रतलाम, छतरपुर, श्योपुर, धार, नर्मदापुरम, शिवपुरी, सीधी, इंदौर, उज्जैन, उमरिया, जबलपुर, रायसेन, राजगढ़, सागर, सतना, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, शाजापुर, सीहोर, विदिशा और देवास सहित कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई।

    प्रदेश में 24 जून को मानसून की दस्तक के बाद से अब तक औसतन 12.8 इंच (325.1 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि यह सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत कम है। इस समय तक प्रदेश में 14.1 इंच (359.6 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। राहत की बात यह है कि पिछले तीन दिनों में बारिश की कमी लगातार कम हुई है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में वर्षा सामान्य से 17 प्रतिशत कम थी, वहीं अब यह अंतर घटकर 10 प्रतिशत रह गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 13 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रदेशभर में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है, जिससे बारिश की कमी और कम हो सकती है।

    बारिश का असर कई इलाकों में दिखाई देने लगा है। रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं बड़वानी के सेंधवा स्थित बिजासन घाट में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा और धुंध छाई रही। टीकमगढ़ में भी रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है।

    प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो फिलहाल 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है, जबकि 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में होने वाली लगातार बारिश से अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर के करीब पहुंच सकता है।

  • मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा

    मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार तीसरे दिन भी देखने को मिला। प्रदेश के ऊपर एक साथ सक्रिय तीन मौसम प्रणालियों ने बारिश की रफ्तार और तेज कर दी है। बीते 24 घंटों के दौरान 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 4.9 इंच वर्षा सिवनी में रिकॉर्ड की गई, जबकि राजधानी भोपाल और राजगढ़ में 1.6 इंच बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश के चलते कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं सड़कें जलमग्न हो गईं तो कहीं पुराने भवनों को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए इंदौर और उज्जैन संभाग सहित 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्व-पश्चिम शियर जोन एक साथ सक्रिय हैं। इन तीनों सिस्टम के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है। यही वजह है कि प्रदेश के कई हिस्सों में कम समय में तेज बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    सिवनी में सबसे अधिक 4.9 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धार, पचमढ़ी, उमरिया, दमोह, सीधी और मंडला में एक इंच से ज्यादा वर्षा हुई। शाजापुर, आगर मालवा, सीहोर, विदिशा, देवास, बड़वानी, मंदसौर, श्योपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, इंदौर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, जबलपुर, छतरपुर, बैतूल, रतलाम, गुना, नरसिंहपुर, खंडवा, रीवा, उज्जैन, सागर और सतना समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    लगातार हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। राजधानी भोपाल में करीब 90 वर्ष पुराने जर्जर मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसे में एक युवक घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुछ मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

    रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया। कई सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

    बारिश का असर सामाजिक आयोजनों पर भी देखने को मिला। इंदौर में गुरुवार सुबह गंगवाल से राजमोहल्ला जा रही एक बारात तेज बारिश की वजह से बिखर गई। अधिकांश बाराती बारिश से बचने के लिए रास्ते में रुक गए, जबकि दूल्हा डीजे के साथ अकेले ही आगे बढ़ता दिखाई दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।

    मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नदियों और नालों के आसपास जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

  • आज का मौसम अपडेट बारिश और बादलों का रहेगा असर जानिए किन इलाकों में भारी वर्षा की संभावना

    आज का मौसम अपडेट बारिश और बादलों का रहेगा असर जानिए किन इलाकों में भारी वर्षा की संभावना


    नई दिल्ली । आज देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मानसून की सक्रियता के कारण कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं जबकि कुछ स्थानों पर तेज वर्षा भी देखने को मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बादलों की आवाजाही पूरे दिन बनी रह सकती है जिससे कई इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बारिश के बाद उमस बढ़ सकती है जिससे लोगों को असहजता का सामना भी करना पड़ सकता है।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में बादल छाए रहने और रुक रुककर बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे मौसम सुहावना बनेगा। वहीं निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    मध्य भारत के राज्यों में भी मानसून का असर जारी रहने के संकेत हैं। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदी नाले और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इन इलाकों में कई स्थानों पर गरज चमक के साथ वर्षा हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

    दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहने का अनुमान है जबकि तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। मौसम में लगातार बदलाव के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को पर्याप्त पानी पीने और बदलते मौसम के अनुसार खानपान का ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए। जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना हो वहां अनावश्यक यात्रा से बचना और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना ही सुरक्षित रहेगा।

    कुल मिलाकर आज का दिन देश के कई हिस्सों में बारिश और बादलों के बीच बीतने की संभावना है। कहीं मौसम सुहावना रहेगा तो कहीं तेज बारिश और उमस लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सतर्कता और सावधानी के साथ मौसम का आनंद लेना ही सबसे बेहतर विकल्प होगा।

  • सीहोर में बारिश का नया दौर शुरू जावर और रेहटी सबसे ज्यादा भीगे बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बरसात

    सीहोर में बारिश का नया दौर शुरू जावर और रेहटी सबसे ज्यादा भीगे बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बरसात


    सीहोर । सीहोर जिले में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। रविवार और सोमवार के दौरान जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी तथा 22 जुलाई से जिले में भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

    भू अभिलेख कार्यालय के अनुसार 20 जुलाई को जिले में औसतन 0.28 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक बारिश जावर और रेहटी क्षेत्र में हुई जहां क्रमशः 0.98 इंच और 0.93 इंच पानी गिरा। इसके अलावा इछावर में 0.20 इंच आष्टा में 0.12 इंच और बुधनी में 0.04 इंच वर्षा दर्ज की गई। वहीं सीहोर शहर श्यामपुर और भैरूंदा क्षेत्र में बारिश नहीं हुई हालांकि दिनभर बादल छाए रहने से मौसम ठंडा बना रहा।

    मानसून सीजन की शुरुआत एक जून से अब तक जिले में कुल औसतन 14.30 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि के 17.71 इंच की तुलना में कम है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 45.21 इंच मानी जाती है। ऐसे में अभी भी सामान्य बारिश के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अच्छी वर्षा की जरूरत बनी हुई है।

    क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार सबसे अधिक बारिश आष्टा क्षेत्र में दर्ज की गई है जहां अब तक 19.76 इंच पानी गिर चुका है। इसके बाद जावर में 17.87 इंच भैरूंदा में 15.31 इंच इछावर में 14.88 इंच और रेहटी में 14.60 इंच वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर सीहोर शहर में अब तक 12.94 इंच और बुधनी में 11.48 इंच बारिश हुई है जबकि श्यामपुर सबसे पीछे है जहां केवल 7.73 इंच वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है। इसके साथ मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश के मध्य हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से पर्याप्त नमी प्रदेश में पहुंच रही है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से मालवा और मध्य क्षेत्र में वर्षा की गतिविधियां लगातार बढ़ने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 से 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। वहीं 22 और 23 जुलाई से जिले में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। यदि मौसम प्रणाली पूरी तरह सक्रिय रहती है तो आने वाले दिनों में जिले में झमाझम बारिश से जलस्तर बढ़ने और खरीफ फसलों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

  • मानसून हुआ सुस्त, 22 जिलों में आज हल्की बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम बदलेगा मौसम का मिजाज

    मानसून हुआ सुस्त, 22 जिलों में आज हल्की बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम बदलेगा मौसम का मिजाज


    मध्य प्रदेश। मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का दौर रुक गया है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले पांच दिनों से कहीं भी भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। फिलहाल करीब 60 प्रतिशत हिस्से से मानसूनी बादल छंट चुके हैं, जिसके कारण प्रदेश में केवल हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर बना हुआ है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 16 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने के बाद एक बार फिर प्रदेश में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

    सोमवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और अलीराजपुर समेत 22 जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार फिलहाल मानसून को सक्रिय रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ गई हैं या उनका प्रभाव मध्यप्रदेश से दूर चला गया है। इसी वजह से प्रदेश में लगातार रिमझिम बारिश तो हो रही है लेकिन कहीं भी जोरदार वर्षा देखने को नहीं मिल रही। अगले दो से तीन दिन तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग का कहना है कि 13 से 19 जुलाई के बीच उत्तर बंगाल की खाड़ी में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं। यदि यह सिस्टम निम्न दाब क्षेत्र में बदलता है तो इसका सीधा असर मध्यप्रदेश पर पड़ेगा और प्रदेश में फिर से व्यापक और तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसके अलावा प्रशांत महासागर में बन रहे नए मौसम तंत्रों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है क्योंकि इनमें से किसी एक के बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने पर मानसून को नई ताकत मिल सकती है।

    बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने का असर प्रदेश के मौसमी आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। कुछ दिन पहले तक सामान्य से करीब 30 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा रही थी, लेकिन अब यह बढ़त घटकर केवल एक प्रतिशत रह गई है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश में 241.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य औसत 239.8 मिलीमीटर है। यानी फिलहाल बारिश सामान्य से केवल एक प्रतिशत अधिक है।

    प्रदेश में इस बार जून के मुकाबले जुलाई से ज्यादा उम्मीदें हैं क्योंकि सामान्य तौर पर मानसून की लगभग 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में जुलाई सबसे अधिक वर्षा वाला महीना माना जाता है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि नया सिस्टम मजबूत हुआ तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में बारिश की कमी तेजी से पूरी हो सकती है।

    बारिश के आंकड़ों की बात करें तो देवास इस समय प्रदेश का सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, हरदा, सीहोर, उज्जैन और कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है। दूसरी ओर अलीराजपुर, झाबुआ, धार और कुछ पूर्वी जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सक्रिय होने वाला नया सिस्टम इन क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश लेकर आएगा।

  • मानसून का बड़ा हमला देशभर में बारिश का कहर कई राज्यों के लिए भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी

    मानसून का बड़ा हमला देशभर में बारिश का कहर कई राज्यों के लिए भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी


    मध्यप्रदेश । 10 जुलाई का दिन देश के कई राज्यों के लिए मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून पूरे जोर के साथ सक्रिय है और इसका असर उत्तर भारत मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार बना रहेगा। भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन ग्वालियर सागर रीवा शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है जबकि नदी नाले उफान पर आ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी गरज चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों और दिल्ली एनसीआर में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर तेज बारिश लोगों को गर्मी और उमस से राहत देगी। हालांकि बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।

    मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही घर से निकलें।

    पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। पर्यटकों को सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई का समय चल रहा है। पर्याप्त वर्षा से खेतों में नमी बढ़ेगी और धान सोयाबीन मक्का तथा अन्य फसलों को फायदा मिलेगा। वहीं शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा और कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन की ओर से जारी हर अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। सतर्कता और सावधानी ही खराब मौसम के दौरान सबसे बड़ा बचाव साबित होगी।