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  • मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा

    मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार तीसरे दिन भी देखने को मिला। प्रदेश के ऊपर एक साथ सक्रिय तीन मौसम प्रणालियों ने बारिश की रफ्तार और तेज कर दी है। बीते 24 घंटों के दौरान 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 4.9 इंच वर्षा सिवनी में रिकॉर्ड की गई, जबकि राजधानी भोपाल और राजगढ़ में 1.6 इंच बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश के चलते कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं सड़कें जलमग्न हो गईं तो कहीं पुराने भवनों को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए इंदौर और उज्जैन संभाग सहित 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्व-पश्चिम शियर जोन एक साथ सक्रिय हैं। इन तीनों सिस्टम के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है। यही वजह है कि प्रदेश के कई हिस्सों में कम समय में तेज बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    सिवनी में सबसे अधिक 4.9 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धार, पचमढ़ी, उमरिया, दमोह, सीधी और मंडला में एक इंच से ज्यादा वर्षा हुई। शाजापुर, आगर मालवा, सीहोर, विदिशा, देवास, बड़वानी, मंदसौर, श्योपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, इंदौर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, जबलपुर, छतरपुर, बैतूल, रतलाम, गुना, नरसिंहपुर, खंडवा, रीवा, उज्जैन, सागर और सतना समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    लगातार हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। राजधानी भोपाल में करीब 90 वर्ष पुराने जर्जर मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसे में एक युवक घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुछ मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

    रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया। कई सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

    बारिश का असर सामाजिक आयोजनों पर भी देखने को मिला। इंदौर में गुरुवार सुबह गंगवाल से राजमोहल्ला जा रही एक बारात तेज बारिश की वजह से बिखर गई। अधिकांश बाराती बारिश से बचने के लिए रास्ते में रुक गए, जबकि दूल्हा डीजे के साथ अकेले ही आगे बढ़ता दिखाई दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।

    मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नदियों और नालों के आसपास जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

  • आज का मौसम अपडेट बारिश और बादलों का रहेगा असर जानिए किन इलाकों में भारी वर्षा की संभावना

    आज का मौसम अपडेट बारिश और बादलों का रहेगा असर जानिए किन इलाकों में भारी वर्षा की संभावना


    नई दिल्ली । आज देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मानसून की सक्रियता के कारण कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं जबकि कुछ स्थानों पर तेज वर्षा भी देखने को मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बादलों की आवाजाही पूरे दिन बनी रह सकती है जिससे कई इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बारिश के बाद उमस बढ़ सकती है जिससे लोगों को असहजता का सामना भी करना पड़ सकता है।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में बादल छाए रहने और रुक रुककर बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे मौसम सुहावना बनेगा। वहीं निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    मध्य भारत के राज्यों में भी मानसून का असर जारी रहने के संकेत हैं। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदी नाले और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इन इलाकों में कई स्थानों पर गरज चमक के साथ वर्षा हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

    दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहने का अनुमान है जबकि तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। मौसम में लगातार बदलाव के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को पर्याप्त पानी पीने और बदलते मौसम के अनुसार खानपान का ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए। जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना हो वहां अनावश्यक यात्रा से बचना और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना ही सुरक्षित रहेगा।

    कुल मिलाकर आज का दिन देश के कई हिस्सों में बारिश और बादलों के बीच बीतने की संभावना है। कहीं मौसम सुहावना रहेगा तो कहीं तेज बारिश और उमस लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सतर्कता और सावधानी के साथ मौसम का आनंद लेना ही सबसे बेहतर विकल्प होगा।

  • सीहोर में बारिश का नया दौर शुरू जावर और रेहटी सबसे ज्यादा भीगे बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बरसात

    सीहोर में बारिश का नया दौर शुरू जावर और रेहटी सबसे ज्यादा भीगे बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बरसात


    सीहोर । सीहोर जिले में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। रविवार और सोमवार के दौरान जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी तथा 22 जुलाई से जिले में भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

    भू अभिलेख कार्यालय के अनुसार 20 जुलाई को जिले में औसतन 0.28 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक बारिश जावर और रेहटी क्षेत्र में हुई जहां क्रमशः 0.98 इंच और 0.93 इंच पानी गिरा। इसके अलावा इछावर में 0.20 इंच आष्टा में 0.12 इंच और बुधनी में 0.04 इंच वर्षा दर्ज की गई। वहीं सीहोर शहर श्यामपुर और भैरूंदा क्षेत्र में बारिश नहीं हुई हालांकि दिनभर बादल छाए रहने से मौसम ठंडा बना रहा।

    मानसून सीजन की शुरुआत एक जून से अब तक जिले में कुल औसतन 14.30 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि के 17.71 इंच की तुलना में कम है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 45.21 इंच मानी जाती है। ऐसे में अभी भी सामान्य बारिश के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अच्छी वर्षा की जरूरत बनी हुई है।

    क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार सबसे अधिक बारिश आष्टा क्षेत्र में दर्ज की गई है जहां अब तक 19.76 इंच पानी गिर चुका है। इसके बाद जावर में 17.87 इंच भैरूंदा में 15.31 इंच इछावर में 14.88 इंच और रेहटी में 14.60 इंच वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर सीहोर शहर में अब तक 12.94 इंच और बुधनी में 11.48 इंच बारिश हुई है जबकि श्यामपुर सबसे पीछे है जहां केवल 7.73 इंच वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है। इसके साथ मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश के मध्य हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से पर्याप्त नमी प्रदेश में पहुंच रही है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से मालवा और मध्य क्षेत्र में वर्षा की गतिविधियां लगातार बढ़ने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 से 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। वहीं 22 और 23 जुलाई से जिले में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। यदि मौसम प्रणाली पूरी तरह सक्रिय रहती है तो आने वाले दिनों में जिले में झमाझम बारिश से जलस्तर बढ़ने और खरीफ फसलों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

  • मानसून हुआ सुस्त, 22 जिलों में आज हल्की बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम बदलेगा मौसम का मिजाज

    मानसून हुआ सुस्त, 22 जिलों में आज हल्की बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम बदलेगा मौसम का मिजाज


    मध्य प्रदेश। मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का दौर रुक गया है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले पांच दिनों से कहीं भी भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। फिलहाल करीब 60 प्रतिशत हिस्से से मानसूनी बादल छंट चुके हैं, जिसके कारण प्रदेश में केवल हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर बना हुआ है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 16 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने के बाद एक बार फिर प्रदेश में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

    सोमवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और अलीराजपुर समेत 22 जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार फिलहाल मानसून को सक्रिय रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ गई हैं या उनका प्रभाव मध्यप्रदेश से दूर चला गया है। इसी वजह से प्रदेश में लगातार रिमझिम बारिश तो हो रही है लेकिन कहीं भी जोरदार वर्षा देखने को नहीं मिल रही। अगले दो से तीन दिन तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग का कहना है कि 13 से 19 जुलाई के बीच उत्तर बंगाल की खाड़ी में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं। यदि यह सिस्टम निम्न दाब क्षेत्र में बदलता है तो इसका सीधा असर मध्यप्रदेश पर पड़ेगा और प्रदेश में फिर से व्यापक और तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसके अलावा प्रशांत महासागर में बन रहे नए मौसम तंत्रों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है क्योंकि इनमें से किसी एक के बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने पर मानसून को नई ताकत मिल सकती है।

    बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने का असर प्रदेश के मौसमी आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। कुछ दिन पहले तक सामान्य से करीब 30 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा रही थी, लेकिन अब यह बढ़त घटकर केवल एक प्रतिशत रह गई है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश में 241.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य औसत 239.8 मिलीमीटर है। यानी फिलहाल बारिश सामान्य से केवल एक प्रतिशत अधिक है।

    प्रदेश में इस बार जून के मुकाबले जुलाई से ज्यादा उम्मीदें हैं क्योंकि सामान्य तौर पर मानसून की लगभग 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में जुलाई सबसे अधिक वर्षा वाला महीना माना जाता है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि नया सिस्टम मजबूत हुआ तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में बारिश की कमी तेजी से पूरी हो सकती है।

    बारिश के आंकड़ों की बात करें तो देवास इस समय प्रदेश का सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, हरदा, सीहोर, उज्जैन और कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है। दूसरी ओर अलीराजपुर, झाबुआ, धार और कुछ पूर्वी जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सक्रिय होने वाला नया सिस्टम इन क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश लेकर आएगा।

  • मानसून का बड़ा हमला देशभर में बारिश का कहर कई राज्यों के लिए भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी

    मानसून का बड़ा हमला देशभर में बारिश का कहर कई राज्यों के लिए भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी


    मध्यप्रदेश । 10 जुलाई का दिन देश के कई राज्यों के लिए मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून पूरे जोर के साथ सक्रिय है और इसका असर उत्तर भारत मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार बना रहेगा। भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन ग्वालियर सागर रीवा शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है जबकि नदी नाले उफान पर आ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी गरज चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों और दिल्ली एनसीआर में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर तेज बारिश लोगों को गर्मी और उमस से राहत देगी। हालांकि बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।

    मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही घर से निकलें।

    पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। पर्यटकों को सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई का समय चल रहा है। पर्याप्त वर्षा से खेतों में नमी बढ़ेगी और धान सोयाबीन मक्का तथा अन्य फसलों को फायदा मिलेगा। वहीं शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा और कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन की ओर से जारी हर अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। सतर्कता और सावधानी ही खराब मौसम के दौरान सबसे बड़ा बचाव साबित होगी।

  • Weather Today 8 July 2026: मानसून पूरी तरह सक्रिय, कई राज्यों में झमाझम बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

    Weather Today 8 July 2026: मानसून पूरी तरह सक्रिय, कई राज्यों में झमाझम बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट


    मध्य प्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और 8 जुलाई को भी कई राज्यों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम के बदले मिजाज से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है वहीं कई इलाकों में तेज बारिश के कारण जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य भारत उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

    मध्य प्रदेश में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन ग्वालियर सागर रीवा छिंदवाड़ा मंडला पन्ना खजुराहो और आसपास के जिलों में रुक रुक कर बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। निचले इलाकों में जलभराव और नदी नालों का जलस्तर बढ़ सकता है इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    उत्तर प्रदेश राजस्थान छत्तीसगढ़ बिहार झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और शाम या रात के समय हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।

    पश्चिमी भारत में महाराष्ट्र और गुजरात के कई क्षेत्रों में भी मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जहां बारिश राहत लेकर आएगी वहीं अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले रास्तों से बचें नदी नालों के पास अनावश्यक रूप से न जाएं और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर ही रहें। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन लगातार भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों की निगरानी भी जरूरी होगी।

    कुल मिलाकर 8 जुलाई का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बादलों और बारिश के नाम रहने वाला है। कई राज्यों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है जिससे मौसम सुहावना रहेगा लेकिन भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को सतर्क रहना चाहिए।

  • मध्य प्रदेश में मानसून का असर तेज: 50 जिलों में बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने से दो की मौत, बैतूल में नदी बनी काल

    मध्य प्रदेश में मानसून का असर तेज: 50 जिलों में बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने से दो की मौत, बैतूल में नदी बनी काल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। राजधानी भोपाल, सीहोर और पांढुर्णा समेत कई जिलों में सुबह से बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    बारिश के बीच कई जिलों से हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। खरगोन जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मजदूर राधेश्याम और गृहिणी केनू शामिल हैं। केनू अपने पीछे तीन साल के बेटे को छोड़ गई हैं। उधर बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र में चंपा नदी उफान पर होने के कारण सोमवार रात बड़ा हादसा हो गया। सिप्लाई गांव के राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक सहित नदी के रपटे से बह गए थे। रातभर चले तलाश अभियान के बाद मंगलवार सुबह दोनों के शव रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में मिले।

    पांढुर्णा जिले में सोमवार रात से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। मंगलवार सुबह मुंगणापार-मोहगांव मार्ग पर एक बड़ा पेड़ बिजली के तारों पर गिर गया जिससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और आसपास के आठ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। प्रशासन ने पेड़ हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने का काम शुरू कर दिया है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कुल 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में हल्की बारिश की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून की एंट्री 24 जून को हुई थी और शुरुआती दौर में 15 जिलों तक इसकी आधिकारिक पहुंच दर्ज की गई थी। हालांकि इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई और वह एक ही क्षेत्र में ठहर गया। इसी कारण प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का असर भी बना रहा। फिलहाल मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के संकेत नहीं मिले हैं लेकिन अगले कुछ दिनों तक अधिकांश जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    एक जून से अब तक प्रदेश में औसतन 124.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी जबकि अभी तक केवल 75.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इस तरह प्रदेश में औसत से करीब 39 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 68 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी 11 प्रतिशत है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूर रहने, आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों में नहीं जाने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

  • मध्य प्रदेश में मानसून पर लगा ब्रेक 43 जिलों में बारिश की चेतावनी ग्वालियर चंबल को करना होगा सबसे ज्यादा इंतजार

    मध्य प्रदेश में मानसून पर लगा ब्रेक 43 जिलों में बारिश की चेतावनी ग्वालियर चंबल को करना होगा सबसे ज्यादा इंतजार


    मध्यप्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद उसकी रफ्तार फिलहाल थम गई है। दक्षिण पूर्वी हिस्से के 15 जिलों तक पहुंचने के बाद पिछले तीन दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ पाया है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में परिस्थितियां अनुकूल बनने की संभावना जताई है। इसके साथ ही शनिवार को प्रदेश के 43 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने 24 जून को मध्य प्रदेश में प्रवेश किया था। इसके बाद आलीराजपुर इंदौर धार हरदा बैतूल खंडवा बुरहानपुर खरगोन छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला डिंडोरी और बड़वानी सहित 15 जिलों में इसकी आधिकारिक एंट्री दर्ज की गई। इसके बाद मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग की ओर आगे बढ़ सकता है जबकि ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में इसकी दस्तक सबसे आखिर में होने की संभावना है।

    शनिवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर झाबुआ आलीराजपुर धार बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन रतलाम आगर मालवा शाजापुर देवास नर्मदापुरम बैतूल हरदा जबलपुर कटनी नरसिंहपुर छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला डिंडोरी रीवा सतना सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर शहडोल उमरिया अनूपपुर सागर पन्ना दमोह और छतरपुर में बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर नीमच मंदसौर निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में भी कहीं कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच बारिश दर्ज की गई जबकि उज्जैन में डेढ़ इंच से अधिक पानी गिरा। शाजापुर के शुजालपुर और अकोदिया सहित कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हुई। दतिया इंदौर राजगढ़ शिवपुरी मंडला रीवा सागर बालाघाट खंडवा आगर मालवा और मंदसौर सहित अनेक जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।

    बारिश के बीच कुछ स्थानों पर हादसे भी हुए। बालाघाट जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि छह लोग झुलस गए। वहीं देवास जिले के खटांबा गांव में आंधी और बारिश के दौरान एक गैलरी गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई और तीन लोग घायल हो गए।

    लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। खरगोन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा जबकि खंडवा सागर छिंदवाड़ा बैतूल सिवनी उमरिया धार और नर्मदापुरम में भी तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल और इंदौर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस उज्जैन का 33.5 डिग्री जबलपुर का 36.7 डिग्री जबकि ग्वालियर सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग का कहना है कि यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो अगले दो से तीन दिनों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा और प्रदेश के शेष हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ेगा।

  • जल संकट से हाहाकार: सूखे तालाबों में गड्ढे खोद रहे लोग, प्रशासन ने जारी किया सख्त फरमान

    जल संकट से हाहाकार: सूखे तालाबों में गड्ढे खोद रहे लोग, प्रशासन ने जारी किया सख्त फरमान


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के बीड जिले में भीषण जल संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जून का आधा महीना गुजर जाने के बावजूद क्षेत्र में मानसून की पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। लगातार सूखे हालातों के कारण जिले के जल स्रोत तेजी से खत्म हो रहे हैं और कई गांवों में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि प्रशासन को पानी की चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े हैं। अब यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से पानी निकालता या चोरी करता पाया गया तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।

    जिले की जल स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार बीड जिले के 173 छोटे-बड़े जलाशयों और बांधों में अब केवल 16.11 प्रतिशत पानी शेष बचा है। इनमें से 81 जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं जबकि 79 जलाशय डेड स्टोरेज की स्थिति में पहुंच गए हैं। डेड स्टोरेज का अर्थ है कि वहां मौजूद पानी उपयोग योग्य नहीं रह गया है। केवल 13 जलाशयों में ही सीमित मात्रा में पानी बचा है जो आने वाले दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नाकाफी माना जा रहा है।

    जल संकट का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। कई गांवों में लोग पीने के पानी के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इस संकट की भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं। इन वीडियो में ग्रामीण सूखे तालाबों के बीच गड्ढे खोदकर पानी निकालने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष की स्थिति बन गई है।

    बढ़ते संकट को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी विवेक जॉनसन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पानी की चोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल संरक्षण विभाग के साथ हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि अवैध रूप से पानी निकालने की शिकायत मिलने पर संबंधित स्थान का बिजली कनेक्शन तुरंत काट दिया जाएगा। साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी।

    लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी शुरू कर दी हैं। वर्तमान में 12 गांवों और 14 बस्तियों में 19 टैंकरों के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा 109 गांवों में स्थित 221 निजी कुओं को अधिग्रहित कर जल आपूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन लगातार जल स्रोतों की निगरानी कर रहा है और संकटग्रस्त क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर पानी उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में जल संरक्षण और पानी के जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। बीड जिले का यह संकट देश के अन्य सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी एक चेतावनी है कि जल संसाधनों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।

  • MP में जल्‍द दस्‍तक देगा मानसून, आज 5 जिलों में तेज आंधी और 33 में बारिश का अलर्ट

    MP में जल्‍द दस्‍तक देगा मानसून, आज 5 जिलों में तेज आंधी और 33 में बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन से पहले राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है।

    शुक्रवार को श्योपुर जिले में तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं सागर में आधा इंच पानी गिरा। जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी सहित कई जिलों में भी आंधी और बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    हालांकि जून माह में अब तक प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में औसत से 55 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में औसत से 2 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग ने शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर बना रह सकता है।

    वहीं इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप निकलने की संभावना है।

    बारिश और बादलों के असर से कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में 5.8 डिग्री की कमी के बाद अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में तापमान 4 डिग्री गिरकर 38.2 डिग्री पर पहुंच गया। रीवा में 7.3 डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 35.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि सतना में 6.6 डिग्री की कमी आई। सिवनी में तापमान 3 डिग्री और खजुराहो में 4 डिग्री तक नीचे आया।