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  • Bhopal Weather Today: भोपाल में बारिश के आसार बरकरार तापमान रहेगा नीचे जानिए आज कैसा रहेगा मौसम

    Bhopal Weather Today: भोपाल में बारिश के आसार बरकरार तापमान रहेगा नीचे जानिए आज कैसा रहेगा मौसम


    भोपाल भोपाल में 25 अगस्त को मानसून का असर लगातार देखने को मिल सकता है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है और दिनभर बादल छाए रहने के साथ कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। तापमान भी सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है जिससे लोगों को उमस और तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमान में भोपाल के लिए दिन का अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    बारिश की संभावना को देखते हुए मंगलवार को भोपाल में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। पूर्वानुमानों में सुबह से ही बारिश और गरज चमक की संभावना जताई गई है जबकि दोपहर के समय बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। एक अन्य मौसम पूर्वानुमान में मंगलवार को बारिश की संभावना काफी अधिक बताई गई है और दोपहर के दौरान गरज के साथ बारिश होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

    भोपाल में लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या सामने आ सकती है। सड़कों पर जलभराव होने से ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है और वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना पड़ सकता है। बारिश के दौरान दृश्यता कम होने की स्थिति में तेज गति से वाहन चलाने से बचना जरूरी होगा। दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष सावधानी जरूरी है क्योंकि फिसलन भरी सड़कें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।

    राजधानी में बारिश के साथ हवा और गरज चमक का असर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर खड़े रहने से बचना बेहतर है। बिजली चमकने या तेज गरज के दौरान पेड़ के नीचे रुकने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। मौसम खराब होने की स्थिति में जरूरी न हो तो यात्रा टालना भी समझदारी होगी।

    भोपाल के आसपास के इलाकों में भी बारिश का असर दिखाई दे सकता है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में 24 और 25 अगस्त को बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान सामने आया है। भोपाल में मध्यम बारिश की संभावना के साथ राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान भी जताया गया है।

    बारिश का यह दौर तापमान को नियंत्रित रखने में भी मदद करेगा। दिन में गर्मी अपेक्षाकृत कम महसूस हो सकती है लेकिन अधिक नमी के कारण कुछ समय उमस परेशान कर सकती है। मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए लोगों को स्वास्थ्य और यात्रा दोनों के स्तर पर सावधानी बरतनी चाहिए।

    कुल मिलाकर 25 अगस्त को भोपाल में बारिश वाला मौसम रहने के आसार हैं। बादल बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मौसम सुहाना रह सकता है लेकिन तेज बारिश के दौरान जलभराव ट्रैफिक और फिसलन जैसी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग मौसम अपडेट पर नजर रखें और बारिश के दौरान सुरक्षित तरीके से यात्रा करें। मौसम विभाग के ताजा स्थानीय अलर्ट को प्राथमिकता देना सबसे बेहतर रहेगा।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का बड़ा अलर्ट, 5 जिलों में अति भारी बारिश का खतरा; 25 जिलों में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरने के आसार MP में आज बारिश का बड़ा अलर्ट

    मध्य प्रदेश में मौसम का बड़ा अलर्ट, 5 जिलों में अति भारी बारिश का खतरा; 25 जिलों में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरने के आसार MP में आज बारिश का बड़ा अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। मंगलवार को प्रदेश के बड़े हिस्से में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार टीकमगढ़ दमोह नरसिंहपुर बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा गुना आगर मालवा शाजापुर सीहोर हरदा सागर रायसेन नर्मदापुरम छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला जबलपुर कटनी शहडोल छतरपुर पन्ना सीधी और सिंगरौली में भी भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इन 25 जिलों में ढाई इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है।

    प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी बारिश का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। भोपाल विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच मंदसौर देवास रतलाम ग्वालियर शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर डिंडौरी रीवा सतना मऊगंज मैहर उमरिया अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। यानी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल सक्रिय रहेंगे और लोगों को बारिश से राहत मिलने के बजाय अगले कुछ दिनों तक मौसम का असर देखने को मिल सकता है।

    इससे पहले सोमवार को भी भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे और दोपहर बाद बारिश का सिलसिला शुरू हो गया जो रात तक चलता रहा। शहर के कई इलाकों में बारिश के कारण यातायात प्रभावित हुआ। भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी भारी बारिश का असर दिखाई दिया और प्लेटफॉर्म के शेड से पानी तेज धार के रूप में गिरता नजर आया। वहीं विदिशा में तेज बारिश के बाद बाजार की सड़कों पर पानी भर गया जिससे दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रायसेन और शाजापुर समेत अन्य जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला।

    बीते 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो नर्मदापुरम में औसतन 3.7 इंच बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी के करेरा में 5.4 इंच बारिश हुई जबकि निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच और सागर के रहली में करीब 3 इंच पानी गिरा। भोपाल के कोलार इलाके में 3.2 इंच नवीबाग में 3.1 इंच और भोपाल शहर में करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई।

    शहडोल में भी बारिश के बाद बाणसागर डैम के तीन गेट आधा आधा मीटर खोले गए हैं। लगातार बारिश और बांधों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। नदी नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी होगा।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दाब क्षेत्र और ट्रफ की सक्रियता बनी हुई है। यही सिस्टम बारिश को लगातार मजबूती दे रहा है। इसके चलते अगले तीन दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

    हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण समान नहीं है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। करीब 40 जिलों में बारिश सामान्य से 6 से 51 प्रतिशत तक कम बताई गई है। दूसरी ओर अनूपपुर डिंडौरी निवाड़ी सतना शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया भिंड भोपाल बुरहानपुर गुना ग्वालियर खरगोन और राजगढ़ में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    ऐसे में मंगलवार की बारिश कई जिलों के लिए राहत लेकर आ सकती है लेकिन जिन इलाकों में पहले से जलभराव है वहां परेशानी बढ़ने की आशंका भी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखते हुए जरूरी सावधानी बरतनी होगी।

  • देश के कई हिस्सों में आफत बन सकती है बारिश, 22 अगस्त को भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें आपके शहर का मौसम

    देश के कई हिस्सों में आफत बन सकती है बारिश, 22 अगस्त को भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें आपके शहर का मौसम


    भोपाल 22 अगस्त 2026 को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के मुताबिक मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है और कुछ इलाकों में भारी वर्षा के साथ गरज चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम में बदलाव का असर सामान्य जनजीवन के साथ यातायात और स्थानीय गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

    मध्य प्रदेश की बात करें तो 22 अगस्त की सुबह से 23 अगस्त की सुबह तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रायसेन नर्मदापुरम दतिया भिंड सिंगरौली सीधी छिंदवाड़ा सिवनी बालाघाट पन्ना दमोह सागर छतरपुर टीकमगढ़ निवाड़ी और पांढुर्णा में भारी बारिश के साथ गरज चमक और करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

    भोपाल में भी 22 अगस्त को मौसम सुहावना रहने के साथ बादल छाए रहने की संभावना है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल में शनिवार को न्यूनतम तापमान करीब 20.3 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 26.4 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। अगले कुछ दिनों में भी शहर में बादल और कहीं कहीं बारिश की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। ऐसे में सुबह और शाम के समय मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    देश के दूसरे हिस्सों में भी 22 अगस्त को मौसम पूरी तरह सामान्य रहने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार दिल्ली उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू कश्मीर पश्चिम बंगाल पंजाब राजस्थान मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है जबकि निचले इलाकों में जलभराव की परेशानी सामने आ सकती है।

    लगातार बारिश वाले इलाकों में नदी नालों और छोटे जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले मैदान पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना जरूरी है। वाहन चालकों को भी तेज बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाली सड़कों से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    मौसम के इस बदले मिजाज का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। जहां बारिश फसलों के लिए राहत लेकर आ सकती है वहीं अत्यधिक वर्षा से खेतों में जलभराव और फसल को नुकसान की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने की जरूरत है।

    कुल मिलाकर 22 अगस्त को मानसून कई क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाला है। मध्य प्रदेश में कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है जबकि भोपाल समेत कई इलाकों में बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम को देखते हुए लोगों के लिए जरूरी है कि घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखें और भारी बारिश या आंधी की स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करें।

  • 19 अगस्त को भोपाल में बरसेंगे बादल या मिलेगी राहत? मौसम विभाग के अलर्ट के बीच जानें दिनभर का हाल

    19 अगस्त को भोपाल में बरसेंगे बादल या मिलेगी राहत? मौसम विभाग के अलर्ट के बीच जानें दिनभर का हाल


    भोपाल  भोपाल में 19 अगस्त बुधवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ सकता है। राजधानी में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब भी मानसून सक्रिय बना हुआ है और मध्य प्रदेश समेत मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। मौसम से जुड़े ताजा पूर्वानुमानों में 19 अगस्त को मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बने रहने के संकेत हैं। ऐसे में भोपाल के लोगों को बुधवार को बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज चमक का सामना करना पड़ सकता है।

    भोपाल में पिछले दिनों लगातार हुई बारिश ने शहर की रफ्तार पर भी असर डाला था। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम में कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली लेकिन बारिश का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। स्थानीय मौसम रिपोर्टों में भी भोपाल में आगे बारिश की संभावना बनी रहने की बात सामने आई है। ऐसे में 19 अगस्त को भी शहर में मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद कम है।

    बुधवार की शुरुआत बादलों के बीच हो सकती है। दिन चढ़ने के साथ कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मानसूनी परिस्थितियों के कारण एक ही समय में पूरे शहर में समान बारिश होना जरूरी नहीं है। राजधानी के किसी हिस्से में तेज बौछारें पड़ सकती हैं तो दूसरे इलाके में केवल बादल छाए रहने या हल्की बारिश होने की स्थिति बन सकती है। इसी वजह से घर से बाहर निकलने वाले लोगों को अचानक बदलने वाले मौसम के लिए तैयार रहना बेहतर होगा।

    बारिश के दौरान तापमान में भी राहत मिलने की उम्मीद रहती है। बादल और बारिश की वजह से दिन में गर्मी का असर कम हो सकता है और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस हो सकता है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ सकती है। अगर बुधवार को तेज बारिश होती है तो शहर की सड़कों पर पानी जमा होने से ट्रैफिक की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है। खासतौर पर निचले इलाकों और उन रास्तों पर लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए जहां बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है।

    गरज चमक के दौरान सावधानी रखना भी जरूरी होगा। खुले मैदानों में रहने या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। दोपहिया वाहन से सफर करने वाले लोगों के लिए बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन और कम दृश्यता परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में जरूरी होने पर ही तेज बारिश के दौरान यात्रा करना बेहतर रहेगा।

    मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमानों के मुताबिक 19 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां बनी रह सकती हैं और मध्य प्रदेश भी प्रभावित राज्यों में शामिल है। इसलिए भोपाल में रहने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

    कुल मिलाकर 19 अगस्त को भोपाल में मौसम का मिजाज मिलाजुला रहने की संभावना है। आसमान में बादलों का डेरा रहने के साथ बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। हालांकि बारिश कितनी तेज होगी और शहर के किन हिस्सों में ज्यादा असर रहेगा यह स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। इसलिए बुधवार को बाहर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी देखना और बारिश की स्थिति में जरूरी सावधानी बरतना समझदारी होगी।

  • MP में फिर बदला मौसम का मिजाज! 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, इन 3 जिलों में आफत बन सकती है बारिश

    MP में फिर बदला मौसम का मिजाज! 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, इन 3 जिलों में आफत बन सकती है बारिश


    भोपाल । मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है और प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर तेज होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार टीकमगढ़ पन्ना और नरसिंहपुर में अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में 4 से 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में ढाई से 4 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। बारिश का सबसे ज्यादा असर विंध्य बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में देखने को मिल सकता है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर सक्रिय अवदाब ने पूर्वी मध्य प्रदेश को बारिश का मुख्य केंद्र बना दिया है। इसके प्रभाव से 19 अगस्त को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम की गतिविधियां आने वाले दिनों में धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ सकती हैं। 20 से 24 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने के संकेत हैं।

    आज टीकमगढ़ पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं रायसेन सागर दमोह जबलपुर कटनी मंडला शहडोल सीधी मऊगंज रीवा सतना और छतरपुर में भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में ढाई से 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार अलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर-मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर छिंदवाड़ा सिवनी बालाघाट डिंडौरी पांढुर्णा सिंगरौली मैहर उमरिया अनूपपुर और निवाड़ी में भी मौसम बदला रह सकता है। यहां कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    लगातार बारिश के बीच जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ी है। जबलपुर के बरगी डैम के 9 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। नदी नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और स्थानीय जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

    प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक 573.1 मिलीमीटर यानी करीब 22.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि सामान्य बारिश के मुकाबले अभी करीब 3 इंच पानी कम है। मध्य प्रदेश में इस समय तक सामान्य बारिश करीब 25.6 इंच होनी चाहिए थी। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल मिलाकर करीब 12 प्रतिशत बारिश कम हुई है। पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी करीब 16 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 9 प्रतिशत बताई गई है।

    प्रदेश के करीब 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा है। बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला मऊगंज नरसिंहपुर निवाड़ी पांढुर्णा पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी और टीकमगढ़ जैसे जिलों में सामान्य से 4 प्रतिशत से लेकर 58 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी हिस्से में भी कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।

    इसके बावजूद कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। अनूपपुर शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया बड़वानी भिंड भोपाल बुरहानपुर देवास ग्वालियर खंडवा खरगोन राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश हुई है।

    मौसम विभाग के मुताबिक जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश की स्थिति बेहतर हुई और महीने का कोटा पूरा हो गया लेकिन जून की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। मानसून के बीच दो बार ब्रेक की स्थिति भी बनी जिसके कारण कई दिनों तक बारिश कमजोर रही। अब अगस्त के दूसरे हिस्से में सक्रिय सिस्टम के कारण बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ रही हैं।

    मध्य प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच तक रहती है। अगस्त के महीने में इन शहरों में बारिश का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है।

    भोपाल में अगस्त महीने में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 2006 में दर्ज हुआ था जब करीब 35 इंच पानी गिरा था। 14 अगस्त 2006 को 24 घंटे में करीब 12 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। इंदौर में अगस्त की सर्वाधिक मासिक बारिश करीब 28 इंच रही है जो 1944 में दर्ज हुई थी। 22 अगस्त 2020 को यहां 24 घंटे में करीब साढ़े 10 इंच बारिश हुई थी।

    ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त 1927 का है जबकि मासिक सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 1916 में करीब 28 इंच रहा था। जबलपुर में अगस्त की बारिश का रिकॉर्ड और भी बड़ा है। वर्ष 1923 में यहां एक महीने में करीब 44 इंच बारिश हुई थी और 20 अगस्त को 24 घंटे में करीब 13 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी अगस्त के दौरान तेज बारिश का इतिहास रहा है। वर्ष 2006 में यहां करीब 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी।

    फिलहाल मौसम का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रहा है। अगले कुछ दिनों में सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में नदी नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

  • भोपाल वालों के लिए मौसम का अपडेट: 18 अगस्त को बारिश की संभावना और सुहाने तापमान के संकेत

    भोपाल वालों के लिए मौसम का अपडेट: 18 अगस्त को बारिश की संभावना और सुहाने तापमान के संकेत


    नई दिल्ली । भोपाल में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ नजर आ रहा है। 18 अगस्त को राजधानी में बारिश के आसार बने हुए हैं और आसमान में बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को भोपाल में हल्की बारिश की संभावना है जबकि तापमान अपेक्षाकृत सामान्य रहने की उम्मीद है। सोमवार शाम तक भोपाल में बादल छाए हुए थे और मौसम में नमी बनी हुई थी।

    मौसम विभाग और उपलब्ध पूर्वानुमानों के संकेतों को देखें तो मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ी हैं। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और अगले कुछ दिनों में इसका प्रभाव अलग अलग क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। भोपाल भी उन इलाकों में शामिल है जहां हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में शहरवासियों को आने वाले दिनों में मौसम के बदलते मिजाज के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

    18 अगस्त को भोपाल में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। बीच बीच में बारिश होने से मौसम सुहावना रह सकता है। बारिश के कारण तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। उपलब्ध पूर्वानुमान में मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    भोपाल में लगातार बारिश के दौरान शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है। सड़क पर निकलने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर यात्रा की योजना बनानी चाहिए। दोपहिया वाहन चालकों के लिए बारिश के दौरान विशेष सावधानी जरूरी होगी क्योंकि गीली सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है। तेज बारिश होने की स्थिति में खुले इलाकों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना भी बेहतर रहेगा।

    मानसून के दौरान भोपाल की झीलों और आसपास के इलाकों में भी मौसम का असर देखने को मिलता है। बारिश के बाद शहर का तापमान कम होने से लोगों को गर्मी से राहत मिलती है। हालांकि लगातार बारिश के कारण यातायात प्रभावित होने और कुछ इलाकों में पानी जमा होने की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

    18 अगस्त के बाद भी भोपाल में बारिश की संभावना बनी रहने के संकेत हैं। उपलब्ध साप्ताहिक पूर्वानुमान में 19 अगस्त को भी छिटपुट बारिश और 20 अगस्त को जोरदार बौछारों की संभावना दिखाई गई है। इसके बाद भी सप्ताह के बाकी दिनों में बारिश का दौर बने रहने का अनुमान है।

    कुल मिलाकर भोपाल में 18 अगस्त का मौसम राहत देने वाला रह सकता है। बादलों की मौजूदगी और हल्की बारिश से तापमान नियंत्रित रहने की संभावना है। हालांकि मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है इसलिए किसी भी यात्रा या जरूरी काम से पहले ताजा मौसम अपडेट देखना सबसे बेहतर रहेगा।

  • ₹11200 करोड़ का जेवर एयरपोर्ट और भारी बारिश का दावा! वायरल तस्वीर के बाद सुरक्षा और जलनिकासी पर चर्चा

    ₹11200 करोड़ का जेवर एयरपोर्ट और भारी बारिश का दावा! वायरल तस्वीर के बाद सुरक्षा और जलनिकासी पर चर्चा


    नई दिल्ली । नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर ने बारिश के दौरान एयरपोर्ट परिसर की तैयारियों और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। तस्वीर में एयरपोर्ट के आसपास बड़े स्तर पर पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है और पार्किंग तथा सड़क जैसे हिस्से भी जलमग्न नजर आ रहे हैं। तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि भारी बारिश के बाद जेवर एयरपोर्ट का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया। हालांकि तस्वीर और उसके साथ किए जा रहे दावे की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे वास्तविक स्थिति का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

    तस्वीर में एयरपोर्ट जैसी इमारत और उसके सामने बड़ी मात्रा में जमा पानी दिखाई देता है। कई वाहन पानी के बीच खड़े नजर आ रहे हैं जबकि आसपास के रास्ते भी जलभराव की चपेट में दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर सोशल मीडिया पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे भारी बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था की परीक्षा के तौर पर देख रहे हैं तो कुछ लोग तस्वीर की वास्तविकता पर सवाल उठा रहे हैं।

    जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में शामिल है। इसे दिल्ली एनसीआर के लिए एक महत्वपूर्ण एयर कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है। एयरपोर्ट के निर्माण से क्षेत्र में कारोबार पर्यटन रोजगार और रियल एस्टेट गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जाती रही है। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव से जुड़ी कोई भी तस्वीर स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान खींचती है।

    किसी भी बड़े एयरपोर्ट के लिए बारिश के पानी की निकासी बेहद महत्वपूर्ण होती है। रनवे टैक्सीवे पार्किंग एप्रन और यात्रियों के आवागमन वाले हिस्सों में जलभराव रोकना एयरपोर्ट संचालन की अहम जरूरत होती है। खासतौर पर मानसून के दौरान कम समय में होने वाली तेज बारिश के पानी को तेजी से बाहर निकालने के लिए प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम जरूरी होता है। अगर किसी एयरपोर्ट परिसर में लंबे समय तक पानी जमा रहता है तो इससे यातायात और संचालन के साथ बुनियादी ढांचे पर भी असर पड़ सकता है।

    हालांकि वायरल तस्वीर को देखकर सीधे यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि पूरा एयरपोर्ट जलमग्न हो गया या परियोजना की पूरी व्यवस्था विफल हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरों के साथ कई बार गलत संदर्भ भी जोड़ दिए जाते हैं। तस्वीर पुरानी हो सकती है किसी दूसरे स्थान की हो सकती है या डिजिटल रूप से बदली गई हो सकती है। इसलिए आधिकारिक पुष्टि के बिना बड़े दावे को तथ्य मानने से बचना जरूरी है।

    इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि एयरपोर्ट प्रबंधन या संबंधित प्रशासन की ओर से बारिश और जलभराव को लेकर क्या आधिकारिक जानकारी सामने आती है। अगर वास्तव में परिसर के किसी हिस्से में पानी जमा हुआ है तो इसकी वजह और जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति की जानकारी भी सामने आनी चाहिए।

    फिलहाल वायरल तस्वीर ने जेवर एयरपोर्ट की बारिश से निपटने की तैयारियों को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। लेकिन तस्वीर के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय रिपोर्ट का इंतजार करना ज्यादा उचित होगा।

  • मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा

    मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले तीन दिन प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश लेकर आ सकते हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को आठ जिलों में हैवी रेन का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले चौबीस घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया जिससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के अनुसार सतना कटनी उमरिया मंडला डिंडौरी सिवनी रायसेन और बैतूल में भारी बारिश की आशंका है। इन इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को नदी नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा भोपाल सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर झाबुआ अलीराजपुर धार बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन नीमच मंदसौर रतलाम आगर मालवा शाजापुर देवास नर्मदापुरम हरदा ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर जबलपुर नरसिंहपुर छिंदवाड़ा पांढुर्णा बालाघाट रीवा सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर शहडोल अनूपपुर सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है।

    प्रदेश में अब तक मानसून की स्थिति सामान्य से कमजोर बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 336 दशमलव 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक लगभग 407 मिलीमीटर वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी लगभग 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 15 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    बारिश की कमी का असर प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिखाई दे रहा है। अनूपपुर बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला मऊगंज नरसिंहपुर निवाड़ी पांढुर्णा पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी शहडोल सीधी सिंगरौली टीकमगढ़ उमरिया आगर मालवा अलीराजपुर अशोकनगर बड़वानी बैतूल दतिया धार गुना ग्वालियर हरदा झाबुआ खंडवा खरगोन मुरैना नर्मदापुरम नीमच रायसेन रतलाम शाजापुर श्योपुर शिवपुरी उज्जैन और विदिशा सहित कुल 48 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। दूसरी ओर भोपाल भिंड बुरहानपुर देवास इंदौर मंदसौर राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें देवास सबसे आगे है जहां सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अब पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके साथ मानसून ट्रफ भी सक्रिय बनी हुई है जिससे 28 जुलाई से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने नदी नालों के पास न जाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के जलाशयों का जलस्तर बढ़ने और खेती के लिए भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार

    बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार को भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का यही सिलसिला जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम मजबूत बना हुआ है, जिससे कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है और मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके चलते हवा में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे लगातार बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा समेत 35 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, शहडोल और आसपास के जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

    लगातार चार दिनों से हो रही बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब यह कमी घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। प्रदेश में अब तक औसतन 330.4 मिमी यानी करीब 13 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो पूरे मानसून के निर्धारित कोटे का लगभग 35 प्रतिशत है।

    बारिश के मामले में देवास जिला सबसे आगे है, जहां अब तक करीब 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड और मंदसौर सहित 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों में उफान और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। मैहर में तेज बारिश के दौरान एक पांच वर्षीय बच्चा पानी के तेज बहाव में बहने लगा, जिसे स्थानीय लोगों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

  • MP Weather Update: प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून फिर हुआ एक्टिव; 50 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल

    MP Weather Update: प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून फिर हुआ एक्टिव; 50 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के पांच जिलों-श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

    गुरुवार को भी प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा डेढ़ इंच वर्षा टीकमगढ़ में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रतलाम, छतरपुर, श्योपुर, धार, नर्मदापुरम, शिवपुरी, सीधी, इंदौर, उज्जैन, उमरिया, जबलपुर, रायसेन, राजगढ़, सागर, सतना, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, शाजापुर, सीहोर, विदिशा और देवास सहित कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई।

    प्रदेश में 24 जून को मानसून की दस्तक के बाद से अब तक औसतन 12.8 इंच (325.1 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि यह सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत कम है। इस समय तक प्रदेश में 14.1 इंच (359.6 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। राहत की बात यह है कि पिछले तीन दिनों में बारिश की कमी लगातार कम हुई है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में वर्षा सामान्य से 17 प्रतिशत कम थी, वहीं अब यह अंतर घटकर 10 प्रतिशत रह गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 13 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रदेशभर में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है, जिससे बारिश की कमी और कम हो सकती है।

    बारिश का असर कई इलाकों में दिखाई देने लगा है। रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं बड़वानी के सेंधवा स्थित बिजासन घाट में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा और धुंध छाई रही। टीकमगढ़ में भी रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है।

    प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो फिलहाल 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है, जबकि 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में होने वाली लगातार बारिश से अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर के करीब पहुंच सकता है।