Tag: Monsoon Update

  • यूपी में 36 घंटे बाद मौसम सामान्य होने के आसार, 63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश, 117 मकान क्षतिग्रस्त

    यूपी में 36 घंटे बाद मौसम सामान्य होने के आसार, 63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश, 117 मकान क्षतिग्रस्त


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार 48 घंटे से हो रही भारी बारिश और खराब मौसम के बीच प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। नेपाल में भारी बारिश के चलते सीमावर्ती जिलों में नदियों के जलस्तर पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 36 घंटे बाद प्रदेश में मौसम के सामान्य होने की संभावना है।

    प्रभावित परिवारों से मिलेंगे अधिकारी
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत और बचाव व्यवस्था सक्रिय रखी गई है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति में आमजन की जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर हालात का आकलन करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तुरंत निर्णय लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    नेपाल सीमा पर विशेष सतर्कता
    नेपाल में हो रही भारी बारिश को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने के लिए कहा गया है।

    राहत आयुक्त ने अधिकारियों से कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित इलाकों में टीमें लगातार भ्रमण कर स्थिति की निगरानी करेंगी।

    36 घंटे बाद राहत मिलने की उम्मीद
    भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 36 घंटे बाद प्रदेश में मौसम सामान्य होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और मौसम खराब होने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें।

    किसी भी आपदा या आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी 1070 हेल्पलाइन दर्ज है।

    63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    राहत आयुक्त के मुताबिक, प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा हुई। सबसे ज्यादा अंतर फर्रुखाबाद में रहा, जहां सामान्य से 200 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। कानपुर नगर में यह आंकड़ा 160 गुना, जबकि कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक रहा।

    भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य बारिश दर्ज हुई, जबकि गाजीपुर में सबसे कम बारिश हुई। वहीं बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में बारिश दर्ज नहीं हुई।

    117 मकान क्षतिग्रस्त
    पिछले 48 घंटे में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    अधिकारियों को बारिश से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे और आकलन कराने को भी कहा गया है, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द राहत दी जा सके। फील्ड अधिकारियों को फसलों को हुए नुकसान का भी त्वरित आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

    फायर सर्विस और आपदा मित्रों की मदद लेने के निर्देश
    प्रशासन को जरूरत के अनुसार फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाएं लेने के निर्देश दिए गए हैं। सभी राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    जिलाधिकारियों को खुद फील्ड में रहकर स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने भी बारिश प्रभावित जिलों में अधिकारियों को सतर्क रहने और जरूरत के मुताबिक स्थानीय स्तर पर स्कूलों समेत गैर-जरूरी सेवाओं के संबंध में निर्णय लेने को कहा है।

    कच्चे मकानों और जलभराव वाले इलाकों पर नजर
    प्रशासन ने लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों को कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति पर तत्काल नजर रखने को कहा है। जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

    जरूरत पड़ने पर ऐसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम के दौरान आमजन की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

  • MP में 83.5% बारिश का कोटा पूरा, फिर भी 31 जिलों में कमी: मऊगंज में 53 इंच पानी, आलीराजपुर सबसे सूखा

    MP में 83.5% बारिश का कोटा पूरा, फिर भी 31 जिलों में कमी: मऊगंज में 53 इंच पानी, आलीराजपुर सबसे सूखा


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून अब धीरे धीरे अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और प्रदेश में अब तक बारिश का बड़ा आंकड़ा दर्ज हो चुका है। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसतन 31.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है जो अब तक की सामान्य बारिश के कोटे का 83.5 प्रतिशत है। हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण एक समान नहीं रहा है। जहां भोपाल समेत 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है वहीं 31 जिलों में अब भी औसत से काफी कम पानी गिरा है। ऐसे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश के बावजूद मानसून का आंकड़ा अभी पूरी तरह संतुलित नहीं हो पाया है।

    मौसम के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 790.8 मिलीमीटर यानी करीब 31.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह अब तक की सामान्य बारिश 840.6 मिलीमीटर यानी 33.1 इंच से लगभग 2 इंच कम है। पूरे प्रदेश के स्तर पर अभी तक औसत से करीब 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है जहां औसत के आसपास और कुछ क्षेत्रों में उससे ज्यादा बारिश हुई है जबकि पश्चिमी हिस्से में बारिश की कमी अधिक दिखाई दे रही है।

    भोपाल राजगढ़ शिवपुरी निवाड़ी मैहर भिंड श्योपुर सिंगरौली सीधी सतना मऊगंज और उमरिया उन जिलों में शामिल हैं जहां सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में मानसून का आंकड़ा 90 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच चुका है। उमरिया अनूपपुर आगर मालवा टीकमगढ़ छतरपुर पन्ना ग्वालियर गुना दतिया खरगोन और बुरहानपुर में भी अब तक बारिश की स्थिति काफी बेहतर मानी जा रही है।

    इस सीजन में सबसे ज्यादा बारिश पूर्वी मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में दर्ज की गई है जहां अब तक करीब 53 इंच पानी गिर चुका है। इसके विपरीत आलीराजपुर में सबसे कम करीब 13.6 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह अंतर साफ दिखाता है कि प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में मानसून की सक्रियता कितनी अलग रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिन भी प्रदेश के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बादल अधिक सक्रिय रहेंगे जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। 12 सितंबर के बाद नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने पर पूरे मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

    पूर्वी मध्यप्रदेश में पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई तेज बारिश से वहां के मौसमी आंकड़ों में बड़ा सुधार हुआ है। कई जिलों में लगातार बारिश के कारण नदी नालों का जलस्तर बढ़ा और कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात भी बने। इसके चलते सीजन की शुरुआत में बारिश में पीछे रहने वाला पूर्वी हिस्सा अब आंकड़ों में बेहतर स्थिति में पहुंच गया है।

    वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिले अब भी सामान्य बारिश से पीछे चल रहे हैं। आलीराजपुर अशोकनगर बैतूल देवास धार हरदा इंदौर झाबुआ खंडवा मंदसौर मुरैना नर्मदापुरम नीमच बड़वानी रायसेन रतलाम सीहोर शाजापुर उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। कुछ क्षेत्रों में यह कमी 7 प्रतिशत से लेकर 54 प्रतिशत तक बताई गई है।

    मध्यप्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का औसत करीब 37.3 इंच है। राजधानी भोपाल सहित इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच तक रहता है। जून में सामान्य से कम बारिश होने के बाद जुलाई और अगस्त में हुई अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार जरूर आया लेकिन शुरुआती कमी की पूरी भरपाई अभी नहीं हो सकी है।

    फिलहाल प्रदेश में अब तक 83.5 प्रतिशत बारिश का कोटा पूरा हो चुका है और आने वाले दिनों में नया सिस्टम सक्रिय होने पर बाकी इलाकों में भी बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा नजर अब रीवा और शहडोल संभाग पर रहेगी जहां अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

  • शिवपुरी में मानसून फिर मेहरबान दोपहर से रुक-रुककर बारिश जारी औसत बारिश का आंकड़ा पहुंचा इतने करीब

    शिवपुरी में मानसून फिर मेहरबान दोपहर से रुक-रुककर बारिश जारी औसत बारिश का आंकड़ा पहुंचा इतने करीब


    शिवपुरी । शिवपुरी में शुक्रवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली और दोपहर बाद बारिश का दौर शुरू हो गया। आसमान में बादल छाने के बाद दोपहर से रुक-रुककर बारिश होती रही। देर शाम तक कई इलाकों में बूंदाबांदी और बारिश का सिलसिला जारी रहा। लगातार बदलते मौसम के बीच शहरवासियों को उमस और गर्मी से राहत मिली। शिवपुरी में फिलहाल मानसून सक्रिय बना हुआ है और मौसम विभाग के पूर्वानुमान में भी आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है।

    बारिश शुरू होने के साथ ही शहर का मौसम सुहाना हो गया। दोपहर में अचानक बादल घिरने के बाद बारिश हुई और इसके बाद कुछ समय के अंतराल पर फिर पानी बरसता रहा। बारिश की वजह से सड़कों पर भी नमी बढ़ गई और मौसम में ठंडक महसूस की गई। शिवपुरी में शुक्रवार को तापमान भी अपेक्षाकृत कम रहा। मौसम संबंधी ताजा जानकारी के मुताबिक दिन का अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के करीब रहने का अनुमान है।

    इस बारिश को सितंबर में सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम से जोड़कर देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में इस समय बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग से जुड़े पूर्वानुमानों के अनुसार 4 और 5 सितंबर को प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश का असर बढ़ सकता है। भोपाल उज्जैन नर्मदापुरम और ग्वालियर चंबल समेत कई संभागों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

    शिवपुरी में इस सीजन अब तक औसत बारिश का आंकड़ा भी लगातार बढ़ा है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार जिले में जून से अब तक 600 मिलीमीटर से ज्यादा औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। एक स्थानीय अपडेट में यह आंकड़ा 606.52 मिलीमीटर बताया गया है। वहीं बाद के अपडेट में कुल वर्षा 626.90 मिलीमीटर तक पहुंचने का उल्लेख है। इससे साफ है कि सितंबर की बारिश ने जिले के कुल वर्षा आंकड़े में भी इजाफा किया है।

    बारिश के बीच किसानों की नजर भी मौसम पर बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बारिश खेती के लिए अहम मानी जा रही है हालांकि ज्यादा बारिश होने पर खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है। शहर में भी निचले इलाकों और खराब जल निकासी वाले रास्तों पर बारिश का पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।

    फिलहाल शिवपुरी में बारिश का दौर पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी बारिश की संभावना है जबकि रविवार को भी शिवपुरी में बारिश का पूर्वानुमान है। ऐसे में अगले दो दिनों तक जिले में बादल और बारिश का असर बना रह सकता है।

  • भोपाल वालों के लिए मौसम का बड़ा अपडेट! 3 सितंबर को मध्यम बारिश के साथ गरज चमक के आसार

    भोपाल वालों के लिए मौसम का बड़ा अपडेट! 3 सितंबर को मध्यम बारिश के साथ गरज चमक के आसार


    भोपाल । भोपाल में सितंबर की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ नजर आ रहा है। बारिश और बादलों का दौर शहर में अभी पूरी तरह थमता दिखाई नहीं दे रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 3 सितंबर को राजधानी भोपाल में आसमान सामान्य तौर पर बादलों से घिरा रहेगा और मध्यम बारिश होने की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ऐसे में शहरवासियों को गर्मी से राहत मिलने के साथ दिनभर मौसम ठंडा और नम बना रह सकता है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 सितंबर को भोपाल में बारिश के साथ गरज चमक भी देखने को मिल सकती है। इसका असर शहर के अलग अलग इलाकों में अलग तरीके से दिखाई दे सकता है। कहीं हल्की बारिश हो सकती है तो कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और दिन बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। ऐसे में खुले आसमान के नीचे काम करने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    3 सितंबर को तापमान में भी बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने से सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो सकता है। वहीं अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने से दोपहर में भी तेज गर्मी का असर कम रहने की उम्मीद है। लगातार बादल और बारिश के कारण वातावरण में नमी बनी रह सकती है जिससे उमस का अनुभव कुछ समय के लिए बढ़ सकता है।

    बारिश के दौरान शहर की सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी कुछ इलाकों में परेशानी बढ़ा सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। बारिश के समय विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए।

    मौसम का यह बदलाव शहर के लिए कई मायनों में राहत देने वाला भी है। बारिश से तापमान नियंत्रित रहने के साथ वातावरण में गर्मी का असर कम हो सकता है। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सड़क यातायात प्रभावित होने और जलभराव जैसी स्थानीय समस्याएं सामने आ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर को भी भोपाल में बादल और मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है।

    कुल मिलाकर 3 सितंबर को भोपाल में मौसम बारिश वाला रहने के आसार हैं। आसमान में बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश के साथ गरज चमक देखने को मिल सकती है। तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण राजधानी में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना रह सकता है। ऐसे में बाहर निकलने वाले लोग छाता या रेनकोट साथ रखें और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें।

  • अगले चार दिन MP में भारी बारिश का खतरा! रेड-ऑरेंज अलर्ट के बीच नदियां उफान पर, डैमों में बढ़ा पानी

    अगले चार दिन MP में भारी बारिश का खतरा! रेड-ऑरेंज अलर्ट के बीच नदियां उफान पर, डैमों में बढ़ा पानी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून का असर एक बार फिर तेज हो गया है और लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि छतरपुर सागर रायसेन नरसिंहपुर सिवनी और बैतूल समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन इलाकों में 24 घंटे के दौरान भारी मात्रा में बारिश होने की आशंका जताई गई है।

    लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में नदी नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है। छतरपुर जिले में संभावित बाढ़ और लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि शिक्षकों को विभागीय और शैक्षणिक कार्यों के लिए स्कूल पहुंचना होगा। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील भी की जा रही है।

    बारिश के बीच डबरा में एक दर्दनाक हादसा भी सामने आया है। जंगीपुरा इलाके में तेज बारिश के दौरान दो मंजिला कच्चे मकान की छत ढह गई। हादसे के समय परिवार के कई सदस्य घर के अंदर मौजूद थे और मलबे में दब गए। इस दुर्घटना में एक महिला और उसके दो वर्षीय बेटे की मौत हो गई जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने बारिश के दौरान जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश का यह सिस्टम प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में आगे बढ़ेगा। 4 सितंबर से भोपाल उज्जैन ग्वालियर सागर नर्मदापुरम और चंबल संभाग में इसका असर अधिक दिखाई दे सकता है। कई स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 5 और 6 सितंबर को प्रदेश के उत्तरी हिस्सों तथा ग्वालियर चंबल संभाग में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।

    लगातार बारिश का असर प्रदेश के बांधों और जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। अधिकांश बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कुछ बांधों के गेट खोलने की तैयारी की जा रही है। भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है और इसके लगभग भरने की स्थिति बन रही है। ऐसे में प्रशासन निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।

    प्रदेश में अब तक मानसून के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई है लेकिन कई जिलों में अब भी औसत से कम पानी गिरा है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है जबकि कुछ जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम के अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि सक्रिय मानसूनी सिस्टम प्रदेश के बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकता है।

    लगातार बारिश के कारण प्रशासन की चुनौती भी बढ़ गई है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों और जलभराव वाले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी नालों या पुल पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं। अगले चार दिन मध्य प्रदेश के लिए बारिश और सतर्कता दोनों के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं।

  • Bhopal Weather Today: भोपाल में बारिश के आसार बरकरार तापमान रहेगा नीचे जानिए आज कैसा रहेगा मौसम

    Bhopal Weather Today: भोपाल में बारिश के आसार बरकरार तापमान रहेगा नीचे जानिए आज कैसा रहेगा मौसम


    भोपाल । भोपाल में 25 अगस्त को मानसून का असर लगातार देखने को मिल सकता है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है और दिनभर बादल छाए रहने के साथ कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। तापमान भी सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है जिससे लोगों को उमस और तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमान में भोपाल के लिए दिन का अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    बारिश की संभावना को देखते हुए मंगलवार को भोपाल में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। पूर्वानुमानों में सुबह से ही बारिश और गरज चमक की संभावना जताई गई है जबकि दोपहर के समय बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। एक अन्य मौसम पूर्वानुमान में मंगलवार को बारिश की संभावना काफी अधिक बताई गई है और दोपहर के दौरान गरज के साथ बारिश होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

    भोपाल में लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या सामने आ सकती है। सड़कों पर जलभराव होने से ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है और वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना पड़ सकता है। बारिश के दौरान दृश्यता कम होने की स्थिति में तेज गति से वाहन चलाने से बचना जरूरी होगा। दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष सावधानी जरूरी है क्योंकि फिसलन भरी सड़कें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।

    राजधानी में बारिश के साथ हवा और गरज चमक का असर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर खड़े रहने से बचना बेहतर है। बिजली चमकने या तेज गरज के दौरान पेड़ के नीचे रुकने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। मौसम खराब होने की स्थिति में जरूरी न हो तो यात्रा टालना भी समझदारी होगी।

    भोपाल के आसपास के इलाकों में भी बारिश का असर दिखाई दे सकता है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में 24 और 25 अगस्त को बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान सामने आया है। भोपाल में मध्यम बारिश की संभावना के साथ राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान भी जताया गया है।

    बारिश का यह दौर तापमान को नियंत्रित रखने में भी मदद करेगा। दिन में गर्मी अपेक्षाकृत कम महसूस हो सकती है लेकिन अधिक नमी के कारण कुछ समय उमस परेशान कर सकती है। मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए लोगों को स्वास्थ्य और यात्रा दोनों के स्तर पर सावधानी बरतनी चाहिए।

    कुल मिलाकर 25 अगस्त को भोपाल में बारिश वाला मौसम रहने के आसार हैं। बादल बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मौसम सुहाना रह सकता है लेकिन तेज बारिश के दौरान जलभराव ट्रैफिक और फिसलन जैसी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग मौसम अपडेट पर नजर रखें और बारिश के दौरान सुरक्षित तरीके से यात्रा करें। मौसम विभाग के ताजा स्थानीय अलर्ट को प्राथमिकता देना सबसे बेहतर रहेगा।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का बड़ा अलर्ट, 5 जिलों में अति भारी बारिश का खतरा; 25 जिलों में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरने के आसार MP में आज बारिश का बड़ा अलर्ट

    मध्य प्रदेश में मौसम का बड़ा अलर्ट, 5 जिलों में अति भारी बारिश का खतरा; 25 जिलों में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिरने के आसार MP में आज बारिश का बड़ा अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। मंगलवार को प्रदेश के बड़े हिस्से में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार टीकमगढ़ दमोह नरसिंहपुर बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा गुना आगर मालवा शाजापुर सीहोर हरदा सागर रायसेन नर्मदापुरम छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला जबलपुर कटनी शहडोल छतरपुर पन्ना सीधी और सिंगरौली में भी भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इन 25 जिलों में ढाई इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है।

    प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी बारिश का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। भोपाल विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच मंदसौर देवास रतलाम ग्वालियर शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर डिंडौरी रीवा सतना मऊगंज मैहर उमरिया अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। यानी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल सक्रिय रहेंगे और लोगों को बारिश से राहत मिलने के बजाय अगले कुछ दिनों तक मौसम का असर देखने को मिल सकता है।

    इससे पहले सोमवार को भी भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे और दोपहर बाद बारिश का सिलसिला शुरू हो गया जो रात तक चलता रहा। शहर के कई इलाकों में बारिश के कारण यातायात प्रभावित हुआ। भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी भारी बारिश का असर दिखाई दिया और प्लेटफॉर्म के शेड से पानी तेज धार के रूप में गिरता नजर आया। वहीं विदिशा में तेज बारिश के बाद बाजार की सड़कों पर पानी भर गया जिससे दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रायसेन और शाजापुर समेत अन्य जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला।

    बीते 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो नर्मदापुरम में औसतन 3.7 इंच बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी के करेरा में 5.4 इंच बारिश हुई जबकि निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच और सागर के रहली में करीब 3 इंच पानी गिरा। भोपाल के कोलार इलाके में 3.2 इंच नवीबाग में 3.1 इंच और भोपाल शहर में करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई।

    शहडोल में भी बारिश के बाद बाणसागर डैम के तीन गेट आधा आधा मीटर खोले गए हैं। लगातार बारिश और बांधों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। नदी नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी होगा।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दाब क्षेत्र और ट्रफ की सक्रियता बनी हुई है। यही सिस्टम बारिश को लगातार मजबूती दे रहा है। इसके चलते अगले तीन दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

    हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण समान नहीं है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। करीब 40 जिलों में बारिश सामान्य से 6 से 51 प्रतिशत तक कम बताई गई है। दूसरी ओर अनूपपुर डिंडौरी निवाड़ी सतना शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया भिंड भोपाल बुरहानपुर गुना ग्वालियर खरगोन और राजगढ़ में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    ऐसे में मंगलवार की बारिश कई जिलों के लिए राहत लेकर आ सकती है लेकिन जिन इलाकों में पहले से जलभराव है वहां परेशानी बढ़ने की आशंका भी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखते हुए जरूरी सावधानी बरतनी होगी।

  • देश के कई हिस्सों में आफत बन सकती है बारिश, 22 अगस्त को भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें आपके शहर का मौसम

    देश के कई हिस्सों में आफत बन सकती है बारिश, 22 अगस्त को भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें आपके शहर का मौसम


    भोपाल । 22 अगस्त 2026 को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के मुताबिक मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है और कुछ इलाकों में भारी वर्षा के साथ गरज चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम में बदलाव का असर सामान्य जनजीवन के साथ यातायात और स्थानीय गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

    मध्य प्रदेश की बात करें तो 22 अगस्त की सुबह से 23 अगस्त की सुबह तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रायसेन नर्मदापुरम दतिया भिंड सिंगरौली सीधी छिंदवाड़ा सिवनी बालाघाट पन्ना दमोह सागर छतरपुर टीकमगढ़ निवाड़ी और पांढुर्णा में भारी बारिश के साथ गरज चमक और करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

    भोपाल में भी 22 अगस्त को मौसम सुहावना रहने के साथ बादल छाए रहने की संभावना है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल में शनिवार को न्यूनतम तापमान करीब 20.3 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 26.4 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। अगले कुछ दिनों में भी शहर में बादल और कहीं कहीं बारिश की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। ऐसे में सुबह और शाम के समय मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    देश के दूसरे हिस्सों में भी 22 अगस्त को मौसम पूरी तरह सामान्य रहने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार दिल्ली उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू कश्मीर पश्चिम बंगाल पंजाब राजस्थान मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है जबकि निचले इलाकों में जलभराव की परेशानी सामने आ सकती है।

    लगातार बारिश वाले इलाकों में नदी नालों और छोटे जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले मैदान पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना जरूरी है। वाहन चालकों को भी तेज बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाली सड़कों से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    मौसम के इस बदले मिजाज का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। जहां बारिश फसलों के लिए राहत लेकर आ सकती है वहीं अत्यधिक वर्षा से खेतों में जलभराव और फसल को नुकसान की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने की जरूरत है।

    कुल मिलाकर 22 अगस्त को मानसून कई क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाला है। मध्य प्रदेश में कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है जबकि भोपाल समेत कई इलाकों में बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम को देखते हुए लोगों के लिए जरूरी है कि घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखें और भारी बारिश या आंधी की स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करें।

  • 19 अगस्त को भोपाल में बरसेंगे बादल या मिलेगी राहत? मौसम विभाग के अलर्ट के बीच जानें दिनभर का हाल

    19 अगस्त को भोपाल में बरसेंगे बादल या मिलेगी राहत? मौसम विभाग के अलर्ट के बीच जानें दिनभर का हाल


    भोपाल । भोपाल में 19 अगस्त बुधवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ सकता है। राजधानी में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब भी मानसून सक्रिय बना हुआ है और मध्य प्रदेश समेत मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। मौसम से जुड़े ताजा पूर्वानुमानों में 19 अगस्त को मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बने रहने के संकेत हैं। ऐसे में भोपाल के लोगों को बुधवार को बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज चमक का सामना करना पड़ सकता है।

    भोपाल में पिछले दिनों लगातार हुई बारिश ने शहर की रफ्तार पर भी असर डाला था। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम में कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली लेकिन बारिश का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। स्थानीय मौसम रिपोर्टों में भी भोपाल में आगे बारिश की संभावना बनी रहने की बात सामने आई है। ऐसे में 19 अगस्त को भी शहर में मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद कम है।

    बुधवार की शुरुआत बादलों के बीच हो सकती है। दिन चढ़ने के साथ कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मानसूनी परिस्थितियों के कारण एक ही समय में पूरे शहर में समान बारिश होना जरूरी नहीं है। राजधानी के किसी हिस्से में तेज बौछारें पड़ सकती हैं तो दूसरे इलाके में केवल बादल छाए रहने या हल्की बारिश होने की स्थिति बन सकती है। इसी वजह से घर से बाहर निकलने वाले लोगों को अचानक बदलने वाले मौसम के लिए तैयार रहना बेहतर होगा।

    बारिश के दौरान तापमान में भी राहत मिलने की उम्मीद रहती है। बादल और बारिश की वजह से दिन में गर्मी का असर कम हो सकता है और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस हो सकता है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ सकती है। अगर बुधवार को तेज बारिश होती है तो शहर की सड़कों पर पानी जमा होने से ट्रैफिक की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है। खासतौर पर निचले इलाकों और उन रास्तों पर लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए जहां बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है।

    गरज चमक के दौरान सावधानी रखना भी जरूरी होगा। खुले मैदानों में रहने या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। दोपहिया वाहन से सफर करने वाले लोगों के लिए बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन और कम दृश्यता परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में जरूरी होने पर ही तेज बारिश के दौरान यात्रा करना बेहतर रहेगा।

    मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमानों के मुताबिक 19 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां बनी रह सकती हैं और मध्य प्रदेश भी प्रभावित राज्यों में शामिल है। इसलिए भोपाल में रहने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

    कुल मिलाकर 19 अगस्त को भोपाल में मौसम का मिजाज मिलाजुला रहने की संभावना है। आसमान में बादलों का डेरा रहने के साथ बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। हालांकि बारिश कितनी तेज होगी और शहर के किन हिस्सों में ज्यादा असर रहेगा यह स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। इसलिए बुधवार को बाहर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी देखना और बारिश की स्थिति में जरूरी सावधानी बरतना समझदारी होगी।

  • MP में फिर बदला मौसम का मिजाज! 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, इन 3 जिलों में आफत बन सकती है बारिश

    MP में फिर बदला मौसम का मिजाज! 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, इन 3 जिलों में आफत बन सकती है बारिश


    भोपाल । मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है और प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर तेज होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार टीकमगढ़ पन्ना और नरसिंहपुर में अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में 4 से 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में ढाई से 4 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। बारिश का सबसे ज्यादा असर विंध्य बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में देखने को मिल सकता है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर सक्रिय अवदाब ने पूर्वी मध्य प्रदेश को बारिश का मुख्य केंद्र बना दिया है। इसके प्रभाव से 19 अगस्त को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम की गतिविधियां आने वाले दिनों में धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ सकती हैं। 20 से 24 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने के संकेत हैं।

    आज टीकमगढ़ पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं रायसेन सागर दमोह जबलपुर कटनी मंडला शहडोल सीधी मऊगंज रीवा सतना और छतरपुर में भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में ढाई से 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार अलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर-मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर छिंदवाड़ा सिवनी बालाघाट डिंडौरी पांढुर्णा सिंगरौली मैहर उमरिया अनूपपुर और निवाड़ी में भी मौसम बदला रह सकता है। यहां कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    लगातार बारिश के बीच जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ी है। जबलपुर के बरगी डैम के 9 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। नदी नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और स्थानीय जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

    प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक 573.1 मिलीमीटर यानी करीब 22.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि सामान्य बारिश के मुकाबले अभी करीब 3 इंच पानी कम है। मध्य प्रदेश में इस समय तक सामान्य बारिश करीब 25.6 इंच होनी चाहिए थी। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल मिलाकर करीब 12 प्रतिशत बारिश कम हुई है। पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी करीब 16 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 9 प्रतिशत बताई गई है।

    प्रदेश के करीब 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा है। बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला मऊगंज नरसिंहपुर निवाड़ी पांढुर्णा पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी और टीकमगढ़ जैसे जिलों में सामान्य से 4 प्रतिशत से लेकर 58 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी हिस्से में भी कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।

    इसके बावजूद कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। अनूपपुर शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया बड़वानी भिंड भोपाल बुरहानपुर देवास ग्वालियर खंडवा खरगोन राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश हुई है।

    मौसम विभाग के मुताबिक जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश की स्थिति बेहतर हुई और महीने का कोटा पूरा हो गया लेकिन जून की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। मानसून के बीच दो बार ब्रेक की स्थिति भी बनी जिसके कारण कई दिनों तक बारिश कमजोर रही। अब अगस्त के दूसरे हिस्से में सक्रिय सिस्टम के कारण बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ रही हैं।

    मध्य प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच तक रहती है। अगस्त के महीने में इन शहरों में बारिश का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है।

    भोपाल में अगस्त महीने में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 2006 में दर्ज हुआ था जब करीब 35 इंच पानी गिरा था। 14 अगस्त 2006 को 24 घंटे में करीब 12 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। इंदौर में अगस्त की सर्वाधिक मासिक बारिश करीब 28 इंच रही है जो 1944 में दर्ज हुई थी। 22 अगस्त 2020 को यहां 24 घंटे में करीब साढ़े 10 इंच बारिश हुई थी।

    ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त 1927 का है जबकि मासिक सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 1916 में करीब 28 इंच रहा था। जबलपुर में अगस्त की बारिश का रिकॉर्ड और भी बड़ा है। वर्ष 1923 में यहां एक महीने में करीब 44 इंच बारिश हुई थी और 20 अगस्त को 24 घंटे में करीब 13 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी अगस्त के दौरान तेज बारिश का इतिहास रहा है। वर्ष 2006 में यहां करीब 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी।

    फिलहाल मौसम का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रहा है। अगले कुछ दिनों में सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में नदी नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।