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  • कूनो से निकलकर मुरैना के गांव तक पहुंचा चीता, बकरियों के शिकार की आशंका से ग्रामीणों में बढ़ी चिं

    कूनो से निकलकर मुरैना के गांव तक पहुंचा चीता, बकरियों के शिकार की आशंका से ग्रामीणों में बढ़ी चिं

     मध्य प्रदेश  कूनो के कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकलकर एक चीते के मुरैना जिले के पहाड़गढ़ क्षेत्र स्थित जादेरू गांव के आसपास पहुंचने की सूचना ने स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। गांव और आसपास के इलाकों में चीते की मौजूदगी की खबर फैलते ही लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। वन विभाग ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया है और ग्रामीणों को आवश्यक सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं।

    स्थानीय लोगों के अनुसार चीते को खेतों, झाड़ियों और जंगल से लगे क्षेत्रों में घूमते हुए देखा गया है। ग्रामीणों का दावा है कि इस दौरान उसने गांव की दो बकरियों का शिकार भी किया है। हालांकि वन विभाग ने कहा है कि इन दावों की जांच की जा रही है और तथ्यात्मक पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से संबंधित सभी साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।

    चीते की मौजूदगी की सूचना मिलते ही कूनो नेशनल पार्क की विशेष ट्रैकिंग टीम को क्षेत्र में तैनात कर दिया गया। विशेषज्ञों और वनकर्मियों की यह टीम आधुनिक ट्रैकिंग तकनीकों की सहायता से चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार उसका मूवमेंट रिकॉर्ड किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह सुरक्षित रहे और किसी प्रकार का मानव-वन्यजीव संघर्ष पैदा न हो।

    वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि किसी चीते का पार्क की निर्धारित सीमा से बाहर निकलना असामान्य नहीं माना जाता। जब किसी क्षेत्र में वन्यजीवों की संख्या बढ़ती है तो वे नए इलाकों की तलाश में लंबी दूरी तय कर सकते हैं। ऐसे कई मामलों में जानवर कुछ समय तक बाहरी क्षेत्रों में घूमने के बाद पुनः अपने मूल आवास की ओर लौट जाते हैं। इसी कारण वन विभाग स्थिति को प्राकृतिक व्यवहार के रूप में देख रहा है, हालांकि सुरक्षा के लिहाज से पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

    घटना के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों के लिए विशेष सलाह जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी स्थिति में चीते के नजदीक जाने या उसकी तस्वीर लेने के लिए पीछा करने का प्रयास न करें। बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचने और सुबह-शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को अपने मवेशियों और पालतू जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच में पालतू पशुओं के शिकार की पुष्टि होती है तो प्रभावित पशुपालकों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को देने की अपील की है।

    क्षेत्र में वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और गांवों के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन का प्रयास है कि चीते की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की सुरक्षा भी पूरी तरह सुनिश्चित की जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए जागरूकता, सतर्कता और वैज्ञानिक प्रबंधन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    फिलहाल चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और वन विभाग स्थिति को नियंत्रित एवं सामान्य बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। ग्रामीणों से सहयोग की अपील की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को प्रभावी बनाया जा सके।

  • खाकी का खौफ खत्म! मुरैना में चेकिंग टीम पर हमला कर ट्रैक्टर सहित फरार हुए आरोपी, पुलिस ने शुरू की नाकाबंदी

    खाकी का खौफ खत्म! मुरैना में चेकिंग टीम पर हमला कर ट्रैक्टर सहित फरार हुए आरोपी, पुलिस ने शुरू की नाकाबंदी

    मध्य प्रदेश । मुरैना जिले में चंबल की प्रतिबंधित रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन में लिप्त माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें अब कानून और प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे-44 पर नहर के समीप अवैध रेत के परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने उतरी परिवहन विभाग (RTO) की संयुक्त चेकिंग टीम पर हमला करने और उन्हें वाहन से कुचलने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस जानलेवा हमले के दौरान मौके पर मौजूद परिवहन अधिकारी और सुरक्षाकर्मी बेहद बाल-बाल बचे।

    प्राप्त विवरण के अनुसार, परिवहन विभाग की टीम वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले संदिग्ध और ओवरलोड वाहनों की नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम को अवैध उत्खनन कर लाई जा रही रेत से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली आती हुई दिखाई दी। आरटीओ के कर्मचारियों ने जब नियमानुसार उस वाहन को रुकने का इशारा किया, तो ट्रैक्टर चालक ने वाहन की रफ्तार धीमी करने के बजाय उसे सीधे चेकिंग कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की तरफ मोड़ दिया और उन्हें कुचलने का प्रयास किया।

    वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और आरटीओ अमले ने समय रहते मुस्तैदी दिखाई और सड़क किनारे कूदकर अपनी जान बचाई। शासकीय टीम को निशाना बनाने के तुरंत बाद आरोपी चालक बेहद लापरवाही और तेज गति से ट्रैक्टर-ट्रॉली को दौड़ाते हुए मौके से फरार हो गया। इस अप्रत्याशित हमले से हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में सघन नाकाबंदी लागू की गई।

    परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा घटना के संबंध में सिविल लाइन थाने में एक औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और अवैध खनिज परिवहन की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अज्ञात माफियाओं के खिलाफ आपराधिक मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा हाईवे और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावर ट्रैक्टर और उसके चालक की सटीक पहचान की जा सके।

    मुरैना और चंबल संभाग में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और प्रशासनिक टीमों पर खनन माफियाओं द्वारा हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में पुलिस, वन विभाग और राजस्व टीम को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और दावा किया है कि सरकारी अमले पर हमला करने वाले तत्वों को जल्द ही गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • मुरैना में हैरान करने वाला कांड, स्कूटर पर पिस्टल लोड करते समय चली गोली, दोनों घायल

    मुरैना में हैरान करने वाला कांड, स्कूटर पर पिस्टल लोड करते समय चली गोली, दोनों घायल


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो युवकों ने खुद पर चली गोलियों को गैंगवार और हमले का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच और CCTV फुटेज ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी।

    घटना मंगलवार को गर्ल्स स्कूल रोड इलाके में हुई, जब अचानक गोलियों की आवाज सुनकर इलाके में हड़कंप मच गया। स्कूटर पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और दोनों को तीन-तीन गोलियां लगीं। शुरुआत में मामला किसी आपसी रंजिश या गैंगवार जैसा दिखाई दिया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कहानी पूरी तरह बदल गई।

    पुलिस के अनुसार घायल युवकों की पहचान गोपालपुरा निवासी राहुल सिकरवार और पुराना चुंगी नाका निवासी निखिल तिवारी के रूप में हुई है। दोनों एक स्कूटर पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे बैठे युवक ने अपनी अवैध पिस्टल निकाली और चलते वाहन पर ही उसे लोड करने लगा।

    जांच में सामने आया कि जैसे ही स्कूटर एक स्पीड ब्रेकर से गुजरा, जोरदार झटका लगने से युवक का संतुलन बिगड़ गया और पिस्टल से लगातार कई राउंड फायर हो गए। अचानक हुई फायरिंग में दोनों युवक खुद ही गोलियों की चपेट में आ गए।

    पुलिस ने जब सड़क किनारे लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी तो पूरी घटना साफ हो गई। फुटेज में स्कूटर के झटके के बाद गोली चलने और दोनों युवकों के घायल होने की घटना कैद हो गई। इसके बाद पुलिस को समझ आ गया कि यह किसी गैंगवार का मामला नहीं बल्कि लापरवाही और अवैध हथियार के इस्तेमाल का मामला है।

    इस घटना ने एक बार फिर चंबल क्षेत्र में अवैध हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल और युवाओं में हथियारों के क्रेज को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस्तेमाल की गई पिस्टल प्रतिबंधित श्रेणी की और बेहद खतरनाक मानी जा रही है। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जारी है। उनकी हालत स्थिर होने के बाद पुलिस आधिकारिक बयान दर्ज करेगी। इसके बाद आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: मुरैना में भक्ति की अनोखी मिसाल… खड़ियाहार गांव की रेखा ने भगवान ठाकुर जी से रचाया विवाह

    MP: मुरैना में भक्ति की अनोखी मिसाल… खड़ियाहार गांव की रेखा ने भगवान ठाकुर जी से रचाया विवाह


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना (Morena) जिले के खड़ियाहार गांव (Khadiyahar village) में भक्ति की अनोखी मिसाल देखने को मिली. 42 साल की रेखा तोमर (Rekha Tomar) ने भगवान ठाकुर जी (Bhagwan Thakur ji) को अपना दूल्हा मानकर वैदिक रीति से विवाह रचा लिया. पूरे गांव में भजन-कीर्तन और राधे-राधे के जयकारे गूंजे. इस आयोजन को ग्रामीणों ने आस्था और समर्पण का दुर्लभ उदाहरण बताया।

    मुरैना जिले के एक छोटे से गांव खड़ियाहार में 42 वर्षीय रेखा तोमर ने भगवान श्री ठाकुर जी को अपना जीवनसाथी मानते हुए पूरे विधि-विधान और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह रचा लिया. यह घटना सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उस आस्था की अभिव्यक्ति है, जिसमें व्यक्ति अपने जीवन को पूरी तरह ईश्वर के चरणों में समर्पित कर देता है. गांव में हुए इस आयोजन ने हर किसी को चौंकाया भी और भावुक भी किया.

    इस अनोखे विवाह की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है. ग्रामीणों के मुताबिक, यह आयोजन पूरी तरह पारंपरिक हिंदू रीति से किया गया, जिसमें विवाह की हर रस्म को विधिवत निभाया गया. रेखा तोमर लंबे समय से ठाकुर जी की भक्ति में लीन थीं और उन्होंने पहले ही यह संकल्प लिया था कि वह अपना जीवन प्रभु को समर्पित करेंगी. यही संकल्प इस विवाह का आधार बना. भक्ति के इस रूप ने एक बार फिर यह साबित किया कि आस्था की कोई सीमा नहीं होती और यह व्यक्ति को अलग पहचान देती है.

    वैदिक रीति से संपन्न हुआ विवाह

    ग्राम खड़ियाहार के प्राचीन देवालय में यह विवाह संपन्न हुआ. मंदिर के पुजारी रामदुलारे बाबा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी धार्मिक रस्में पूरी कराईं. लग्न पत्रिका का वाचन हुआ. पूजन और पैर पूजाई जैसी परंपराएं निभाई गईं. पूरा आयोजन एक पारंपरिक शादी की तरह ही आयोजित किया गया, जिसमें हर विधि का पालन किया गया.


    भाई ने किया कन्यादान, भावुक हुआ माहौल

    इस विवाह का सबसे भावुक पल तब आया, जब रेखा तोमर के भाई सुरेंद्र ने उनका कन्यादान किया. परिवार के लिए यह क्षण आस्था और भावना का संगम था. ग्रामीणों ने भी इस दृश्य को श्रद्धा के साथ देखा. यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी एक अलग अनुभव लेकर आया.


    भजन-कीर्तन से गूंजा पूरा गांव

    विवाह के दौरान पूरे गांव में भक्ति का माहौल रहा. भजन-कीर्तन और राधे-राधे के जयकारों से वातावरण गूंज उठा. बड़ी संख्या में ग्रामीण इस आयोजन में शामिल हुए. लोगों ने इसे आस्था और समर्पण की अनोखी मिसाल बताया. गांव के कई प्रमुख लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने इसे दुर्लभ आयोजन माना.


    कौन हैं रेखा तोमर

    रेखा तोमर, पिता लाखन सिंह, लंबे समय से धार्मिक प्रवृत्ति की रही हैं. ग्रामीणों के अनुसार, वह अधिकतर समय पूजा-पाठ और भजन में व्यतीत करती थीं. उनका यह निर्णय अचानक नहीं था, बल्कि वर्षों की भक्ति और साधना का परिणाम था. उन्होंने सामाजिक जीवन से अलग हटकर आध्यात्मिक जीवन को प्राथमिकता दी.


    ईश्वर को जीवनसाथी मानने की परंपरा नई नहीं

    धार्मिक मान्यताओं में ईश्वर को जीवनसाथी मानने की परंपरा नई नहीं है. इतिहास और भक्ति परंपरा में कई उदाहरण मिलते हैं, जहां भक्त ने ईश्वर को अपना सर्वस्व मान लिया. ऐसे आयोजन समाज में आस्था और विश्वास को मजबूत करते हैं. हालांकि, यह व्यक्तिगत आस्था का विषय होता है और हर व्यक्ति इसे अपने तरीके से समझता है।

  • MP: मुरैना में भीषण हादसा… अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार 3 दोस्तों को मौत

    MP: मुरैना में भीषण हादसा… अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार 3 दोस्तों को मौत


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) में एक दर्दनाक सड़क हादसे (Road Accidents) ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर छौंदा पुल के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार 3 युवकों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान शिवम वर्मा ,विशाल वर्मा और अरुण प्रजापति निवासी रानीपुर के रूप में हुई है।


    माता के दर्शन को निकले थे 5 दोस्त, 3 एक्सीडेंट का शिकार

    जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर में रहकर मजदूरी का काम करने वाले 5 दोस्त दो अलग-अलग बाइक पर सवार होकर राजस्थान के करौली माता मंदिर दर्शन के लिए बुधवार को ग्वालियर से निकले थे। इसी दौरान मुरैना जिले के छौंदा नदी पुल के पास एक अज्ञात ट्रक ने लापरवाही पूर्वक चलाते हुए आगे चल रही एक बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इस बाइक पर तीन युवक सवार थे।

    हादसे के दौरान दूसरी बाइक से पीछे आ रहे अन्य 2 साथियों ने दुर्घटना का शिकार हुए अपने दोस्तों की पहचान की और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है। सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव के अनुसार दो बाइक पर दोस्त करोली का रहे थे दर्शन के लिए लेकिन रास्ते में ही हादसा हो गया ट्रक को तलाश पुलिस टीम लगी है मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया गया है


    करौली माता के दर्शन करने जा रहे थे दोस्त

    बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त ग्वालियर से बाइक पर सवार होकर करौली माता मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी और उनकी जिंदगी का सफर वहीं खत्म हो गया।


    तीन परिवारों के बुझ गए चिराग

    जानकारी के अनुसार शिवम वर्मा और विशाल वर्मा ग्वालियर में रहकर क्रमशः 10वीं और 11वीं की पढ़ाई कर रहे थे, जबकि अरुण प्रजापति मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। तीनों की मौत से उनके गांव रानीपुर में मातम पसरा हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर मुरैना जिला अस्पताल के मोर्चुरी हाउस भिजवाया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है।


    परिजनों का रो रोकर बुरा हाल

    घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। वहीं, इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की समस्या को उजागर कर दिया है।

  • मुरैना में वन विभाग का बड़ा कारनामा: फ्रिज से 2 क्विंटल नीलगाय का मांस, सिर और चमड़ी बरामद, तस्करी का गहरा नेटवर्क खुला

    मुरैना में वन विभाग का बड़ा कारनामा: फ्रिज से 2 क्विंटल नीलगाय का मांस, सिर और चमड़ी बरामद, तस्करी का गहरा नेटवर्क खुला



    मुरैना मुरैना के जातवर गांव में शनिवार देर शाम वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक घर पर छापा मारा और फ्रिज में रखे लगभग 2 क्विंटल यानी चार बोरे नीलगाय का मांस बरामद किया। इस कार्रवाई में आरोपी रिंकू खान को गिरफ्तार किया गया, जबकि मकान मालिक सोनू नागर पर भी विभाग ने कार्रवाई की। वन विभाग का दावा है कि आरोपी चंबल के बीहड़ में नीलगाय का शिकार करते थे और मेवाती होटलों तथा आसपास के जिलों में मांस सप्लाई करते थे।

    हिंदू संगठन की सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ग्राम जातवर पहुंची। मौके पर रिंकू खान पुत्र अकबर खान मिला। टीम ने घर में रखे बड़े फ्रिज की तलाशी ली, तो चार प्लास्टिक के बोरों में भरा हुआ 2 क्विंटल नीलगाय का मांस बरामद हुआ। वन विभाग ने मांस जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया और पूछताछ शुरू कर दी।

    जांच में आरोपी की निशानदेही पर टीम ने सिहोरी गांव के बीहड़ में भी दबिश दी। वहां से नीलगाय का सिर और चमड़ी बरामद हुई। वन विभाग ने बताया कि तस्कर नीलगायों को पकड़कर वहीं बीहड़ में काटते और मांस को होटलों और दूसरे जिलों में सप्लाई करते थे। इस कार्रवाई से इलाके में नीलगाय की तस्करी का बड़ा नेटवर्क सामने आया है।

    वन विभाग के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि पकड़े गए आरोपी से लगातार पूछताछ जारी है। उन्होंने कहा, “रिंकू खान की निशानदेही पर बीहड़ से मांस, सिर और चमड़ी बरामद की गई। सहयोगी मदीना उर्फ लाली नट नागर को भी गिरफ्तार किया गया है। अभी यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मकान मालिक सोनू नागर पर भी कार्रवाई की गई है।”

    वन विभाग के इस बड़े अभियान ने इलाके में नीलगाय संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाईयों से तस्करों को खुला चुनौती मिलती है और वन्य जीवों की अवैध शिकार तथा मांस तस्करी पर कड़ी रोक लगेगी।

  • मुरैना: कैलारस पुलिस ने लकड़ी की गुमठी से 1 लाख 2 हजार की अवैध शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

    मुरैना: कैलारस पुलिस ने लकड़ी की गुमठी से 1 लाख 2 हजार की अवैध शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार


    मुरैना। कैलारस थाना पुलिस ने बुधवार रात क्वारी बिलगांव के पास सड़क किनारे स्थित लकड़ी की गुमठी पर छापा मारकर 1 लाख 2 हजार रुपए की अवैध शराब जब्त की है। यह शराब देशी और अंग्रेजी दोनों प्रकार की थी। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो इस गुमठी से ग्रामीण इलाकों में शराब बेच रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

    पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्वारी बिलगांव में सड़क किनारे रखी एक लकड़ी की गुमठी में भारी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण किया गया है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने बुधवार रात मौके पर जाकर चेकिंग और तलाशी शुरू की।

    पुलिस की टीम के मौके पर पहुंचते ही आरोपी उसी गुमठी पर मौजूद पाया गया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। मौके से पकड़ा गया आरोपी अरविंद कुशवाह, पुत्र दीवान सिंह कुशवाह, निवासी क्वारी बिलगांव है।

    कैलारस थाना प्रभारी सतेंद्र कुशवाह ने बताया कि आरोपी पहले भी कई बार अवैध शराब तस्करी और बिक्री के आरोप में पकड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा, “पुलिस को सूचना मिली कि गुमठी में शराब भंडारित की जा रही है और वही से बिक्री भी हो रही थी। इस पर तत्काल कार्यवाही की गई और अवैध शराब जब्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया।”

    पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ग्रामीण इलाकों में शराब की अवैध बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है। आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि उसके नेटवर्क और अवैध शराब के अन्य स्रोतों का पता लगाया जा सके।

    इस कार्रवाई से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और संबंधित अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    अवैध शराब के बढ़ते प्रचलन और ग्रामीण इलाकों में इसके नुकसान को देखते हुए पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।

  • मुरैना में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित, छात्राओं और महिलाओं ने दिखाई शानदार भागीदारी

    मुरैना में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित, छात्राओं और महिलाओं ने दिखाई शानदार भागीदारी

    मुरैना मुरैना में हाल ही में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में छात्राओं और महिलाओं ने अपनी दौड़ क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी फिटनेस को बढ़ावा देना था।
    प्रतिभागियों ने विभिन्न रेसों में अपनी मेहनत और प्रशिक्षण का परिणाम दिखाया। 100 मीटर और 200 मीटर रेस में छात्राओं ने तेजी और चुस्ती का प्रदर्शन किया, वहीं 400 मीटर दौड़ में धैर्य और स्थिरता की परीक्षा ली गई। आयोजकों ने कहा कि प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली छात्राओं और महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि नियमित प्रशिक्षण और खेलों में भागीदारी से न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि मानसिक ताकत और आत्मविश्वास भी मजबूत होता है।

    इस अवसर पर एसडीओपी रविंद्र वास्कले, महिला एवं बाल विकास अधिकारी अंजू तोमर, रामबाबू कुशवाहा सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया और कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं और महिलाओं को बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं। अधिकारीयों ने विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाणपत्र भी प्रदान किए।

    प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों और महिलाओं ने आयोजकों की सराहना की और भविष्य में और भी प्रतियोगिताओं की उम्मीद जताई। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में ऐसे खेल कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्राओं और महिलाओं में खेलों के प्रति लगाव बढ़े और वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें।

    कार्यक्रम का सकारात्मक प्रभाव स्थानीय समुदाय पर भी देखने को मिला। छात्राओं और महिलाओं की भागीदारी ने युवा पीढ़ी को खेलों की ओर आकर्षित किया। इस आयोजन ने साबित किया कि छोटे स्तर पर भी ऐसे प्रतियोगिताओं से खेल प्रतिभाओं का विकास और समाज में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ सकती है।

    इस तरह के आयोजन न केवल खेलों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवा और महिला प्रतिभाओं को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने में मदद करते हैं। मुरैना में आयोजित यह प्रतियोगिता युवा और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।

  • MP: मुरैना में 10वीं का पेपर देने पहुंची छात्रा परीक्षा केन्द्र में अचानक बेहोश होकर गिरी और हो गई मौत..

    MP: मुरैना में 10वीं का पेपर देने पहुंची छात्रा परीक्षा केन्द्र में अचानक बेहोश होकर गिरी और हो गई मौत..


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) के बानमोर कस्बे में सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 10वीं बोर्ड परीक्षा (10th Board Exam) देने पहुंची एक छात्रा अचानक परीक्षा केंद्र पर बेहोश होकर गिर पड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बमौर स्थित पंडित नेहरू कॉलेज परीक्षा केंद्र पर गणित का पेपर चल रहा था। इसी दौरान ग्वालियर जिले के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चकुनारा गांव निवासी देवेंद्र कुशवाह की बेटी वर्षा कुशवाह अचानक अपनी सीट से गिरकर बेहोश हो गई। परीक्षा ड्यूटी में तैनात स्टाफ ने तुरंत छात्रा को संभाला और अधिकारियों को सूचना दी।

    वर्षा अपने भाई अंकेश कुशवाह के साथ परीक्षा देने आई थी।दोनों भाई-बहन 10वीं कक्षा में थे और बानमोर के ही स्कूल से बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भरा था। सूचना मिलते ही परिजन भी परीक्षा केंद्र पहुंच गए।आनन-फानन में छात्रा को इलाज के लिए ग्वालियर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर शोक का माहौल छा गया।

    हार्ट अटैक की आशंका
    प्रारंभिक तौर पर अचानक हार्ट अटैक आने का कारण माना जा रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

    कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा छात्रा की मौत काफी दुःखद है।मैंने खुद ग्वालियर के डॉक्टरों से इस मामले में संपर्क किया है। प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर अभी सिर्फ यह सामने आया है कि छात्रा अतिकुपोषित थी। गंभीर एनीमिया से भी पीड़ित थी।इस कारण संभवतः हार्ट अटैक आया होगा। स्पष्ट कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आएगा।

  • MP: मुरैना में निर्माणाधीन मंदिर की गुमंद टूटकर गिरने से तीन बच्चियों की मौत, पति-पत्नी और 5 बच्चियां घायल

    MP: मुरैना में निर्माणाधीन मंदिर की गुमंद टूटकर गिरने से तीन बच्चियों की मौत, पति-पत्नी और 5 बच्चियां घायल


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) के ग्राम अहरौली में सोमवार को दोपहर में निर्माणाधीन चामड़ माता के मंदिर (Chamad Mata Temple) की गुमंद गिर गई। इस हादसे में मलबे में दबकर तीन बच्चियों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य बच्चियां और एक दंपत्ति घायल हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार, कैलारस थाना क्षेत्र अंतर्गत अहरौली गांव के चामड़ माता मंदिर पर सोमवार को दोपहर करीब दो बजे मुंगावली निवासी सतीश गौड़ अपनी पत्नी गुड्डी व बच्ची मानसी के साथ पूजा करने गया था। पूजा के पश्चात गांव की बच्चियों को बुलाकर प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन गुमंद की पटिया टूटकर नीचे गिर गईं, जिसमें आठ बच्चियों सहित सतीश व उसकी पत्नी गुड्डी भी दब गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और हादसे की सूचना पुलिस प्रशासन को दी। मलबा हटाकर घायलों और शवों को बाहर निकाला। सूचना पर एसडीएम जौरा शुभम शर्मा, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को कैलारस अस्पताल में भर्ती कराया। यहां सामान्य घायल दो बच्चियों का इलाज किया जा रहा है। वहीं, गंभीर घायल पति-पत्नी व पांच बच्चियों सहित 7 घायलों को मुरैना जिला चिकित्सालय लाया गया। इनमें से एक बालिका को इलाज के लिए ग्वालियर भेज दिया गया है। हादसे में तीन बच्चियों की मौके मौत हो गई।

    मृतक बच्चों की पहचान वैष्णवी सिकरवार (11) पुत्री जीतू सिकरवार, करिश्मा गोस्वामी (9) पुत्री अशोक गोस्वामी और छाया गोस्वामी (7) पुत्री अशोक गोस्वामी के रूप में हुई है। देर शाम तीनों मृतक बच्चियों का कैलारस के अस्पताल में पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये। हादसे में गुंजन (12) पुत्री योगेंद्र सिंह, परी (8) पुत्री योगेंद्र सिंह, विद्या (6) पुत्री योगेंद्र सिंह, सतीश गौड (45), पृथ्वी गौड (40) पत्नी सतीश गौड, मानसी गौड (14) पुत्री सतीश गौड और पल्लवी गोस्वामी घायल हुई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक पंकज उपाध्याय मौके पर पहुंच गये। इसके साथ ही उन्होंने कैलारस चिकित्सालय में घायलों का बेहतर इलाज करने हेतु प्रबंधन को अवगत कराया। विधायक पंकज उपाध्याय ने मौके के बाद अस्पताल पहुंचकर मृतक बच्चियों के परिजनों को ढांढ़स बंधाया, वहीं हरसंभव मदद का भरोसा भी जताया। इसके साथ ही जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश भार्गव ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। इसमें दोषी पाये जाने पर कार्यवाही की जायेगी। सीईओ ने मृतक व घायल परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिये जाने का भरोसा दिलाया।