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  • मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी

    मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी



    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अपना रंग बदला है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के आठ जिलों – ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादलों के छाए रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव दिखाई दे रहा है और शुक्रवार को उत्तरी जिलों में हल्की-से-मध्यम बारिश हो सकती है।

    26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी बारिश के रूप में दिख सकता है। फिलहाल अगले दो दिनों तक तेज ठंड के आसार नहीं हैं, लेकिन सुबह के समय कोहरा रहने की संभावना बनी हुई है।

    गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव और सिवनी में कोहरा देखा गया। वहीं, भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और विदिशा में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया।

    मौसम विभाग ने बताया कि अगर बारिश हुई, तो यह इस सीजन का पहला मावठा होगा, क्योंकि नवंबर और दिसंबर में प्रदेश में बारिश नहीं हुई थी।

    गुरुवार रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा छतरपुर के नौगांव में 6.5, उमरिया में 6.9, रीवा में 7, खजुराहो में 7.4, दतिया में 7.6, दमोह और सतना में 8.8, मंडला में 9 और राजगढ़ व सीधी में 9.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर 9, जबलपुर 10.9, भोपाल 11.2, इंदौर 13.6 और उज्जैन 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ ठंडक महसूस हुई। 

    दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के बीच मौसम अलर्ट, श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर रोक
    नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक बदलाव दिखाया। राजधानी में सुबह हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं का असर महसूस किया गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों के लिए नाउकास्ट चेतावनी जारी की है।
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 घंटों के दौरान इन राज्यों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है, और हवाओं की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर कुछ जगहों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
    पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के कई शहरों में भी मौसम का मिज़ाज बिगड़ सकता है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वाहन चालक कम दृश्यता और जलभराव की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

    श्रीनगर में मौसम की अचानक खराब स्थिति के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। बर्फबारी के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर टेक-ऑफ और लैंडिंग पर अस्थायी रोक लगी है। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल अनुमति देगा, उड़ानें जल्द रवाना की जाएंगी।

  • मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”

    मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”



    नई दिल्ली। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई है और स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को यह नहीं समझना चाहिए कि उनकी गतिविधियां छुपी रहती हैं। उन्होंने कहा कि “किसके यहां क्या पक रहा है, सब मालूम है”, इसलिए सभी अधिकारियों को करप्शन से दूर रहकर सरकार की प्राथमिकताओं और जनता के हितों के अनुरूप काम करना चाहिए।
    सीएस जैन ने यह भी कहा कि कुछ जिलों की शिकायतें उनके और मुख्यमंत्री के पास भी पहुंची हैं, इसलिए बेहतर यही होगा कि अधिकारी जल्द ही अपनी कार्यशैली सुधारें।

    यह चेतावनी उन्होंने सात और आठ अक्टूबर को हुई दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की दूसरी समीक्षा बैठक में दी। इस बैठक में सीएस जैन ने कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की और टॉप थ्री तथा बॉटम थ्री जिलों की जानकारी साझा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधारने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई।

    साथ ही नाबालिग बालिकाओं के गुम होने पर उनकी तलाश के लिए चलाए जा रहे मुस्कान अभियान की प्रगति भी ली गई, जिसमें बताया गया कि अब तक 1900 से अधिक बालिकाओं को बरामद किया गया है। जन जागरूकता अभियान में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप थ्री जिलों में शामिल रहे, जबकि पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम थ्री जिलों में रहे।

    कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की तारीखों को लेकर भी चर्चा हुई, क्योंकि इसे आयोजित करने के लिए कई बार तारीख बदलती रही। सीएस अनुराग जैन ने पिछले माह 31 दिसंबर को बैठक की तारीख तय की थी, फिर इसे 5 जनवरी कर दिया गया। फिर भी कॉन्फ्रेंस समय पर नहीं हो सकी और 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करने का निर्णय लिया गया, लेकिन प्रशासनिक कारणों से यह भी संभव नहीं हो पाया। अंततः यह बैठक चौथी बार तय तारीख पर ही हो सकी।

  • मुरैना में किन्नर के घर 30 लाख की डकैती, बदमाश फरसी में बात कर रहा था

    मुरैना में किन्नर के घर 30 लाख की डकैती, बदमाश फरसी में बात कर रहा था


    मुरैना।मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह में शनिवार रात एक बड़ी डकैती की घटना सामने आई। किन्नर राबिया के घर 8 से 10 नकाबपोश और हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर 22 तोला सोना 4 किलो चांदी और करीब 4 लाख रुपये नकद समेत कुल लगभग 30 लाख रुपये का माल लूट लिया।

    हथियारबंद बदमाशों की वारदात
    सूत्रों के अनुसार रात करीब 2 बजे बदमाशों ने छत के रास्ते घर में प्रवेश किया। गैस कटर से छत का दरवाजा काटकर अंदर घुसे और दूसरी मंजिल से सीधे नीचे आए। उन्होंने घर में मौजूद राबिया और तीन अन्य किन्नर चेलों को कट्टे की नोक पर बंधक बना लिया।

    सीसीटीवी और फरसी में बातचीत
    लूटपाट के दौरान बदमाशों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले लिया ताकि उनकी पहचान नहीं हो सके। जानकारी मिली है कि बदमाश फरसी में बात कर रहे थे जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि उनका कोई बाहरी गिरोह से संबंध हो सकता है।

    पुलिस जांच में जुटी
    मुरैना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम और स्थानीय थाने के अधिकारी घर का मुआयना कर रहे हैं। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और जल्द ही बदमाशों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का आश्वासन दिया है।

  • युवा कांग्रेस के अध्यक्ष को पुलिस ने घर से उठाया, बढ़ती अपराधों को लेकर था विरोध

    युवा कांग्रेस के अध्यक्ष को पुलिस ने घर से उठाया, बढ़ती अपराधों को लेकर था विरोध


    मुरैना । मुरैना जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष अभिषेक पचौरी को उनके घर से उठा लिया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब पचौरी ने 10 तारीख को थाने के घेराव का ऐलान किया था। पचौरी और उनके समर्थक शहर में बढ़ते अपराधों, खासकर लूट, डकैती और हत्याओं के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका कहना था कि पुलिस अपराधों पर काबू पाने में नाकाम रही है और इसका असर आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

    इस घेराव से पहले, पुलिस ने अपनी ओर से सख्ती दिखाते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक पचौरी और उनके 3-4 समर्थकों को हिरासत में ले लिया। यह कदम तब उठाया गया जब पचौरी और उनके समर्थकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे, खासकर हाल ही में हुए अंकित माहौर हत्याकांड के बाद। पचौरी का आरोप था कि पुलिस ने सही तरीके से इस मामले की जांच नहीं की, जिससे अपराधियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।

    युवा कांग्रेस नेता का यह भी कहना था कि बढ़ते अपराधों ने इलाके में भय का माहौल बना दिया है और पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहा। इससे पहले, पचौरी ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने लूटपाट और डकैती के मामलों में लापरवाही बरती है, जिससे अपराधियों को खुला माहौल मिल रहा है। पचौरी का आंदोलन पुलिस की नीतियों के खिलाफ था और इसे लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला था। साथ ही, पार्टी ने आरोप लगाया था कि सरकार अपने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की सुरक्षा में असफल रही है।

    हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से नकारा और कहा कि वे सभी मामलों की जांच कर रहे हैं और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस घटनाक्रम ने मुरैना में राजनीतिक माहौल को और भी गरम कर दिया है। पुलिस ने अभिषेक पचौरी और उनके समर्थकों को रातोंरात हिरासत में लेकर यह संदेश दिया है कि अब कानून व्यवस्था के खिलाफ कोई भी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर अब राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है।

  • मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग

    मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग




    मुरैना।
    वकील मृत्युंजय चौहान के सुसाइड केस में नया मोड़ आया है। बुधवार को मृतक वकील की मां, शिवकुमारी जादौन, मुरैना एसपी समीर सौरभ से मिलने पहुंचीं और भावुक होकर बोलीं कि उनके बेटे के साथ जो अत्याचार हुआ, उसकी न्यायिक कार्रवाई सिर्फ ग्वालियर में नहीं, बल्कि मुरैना में भी हो। उन्होंने कहा, “मुझे भी यहीं मार डालो, मेरा बेटा तो चला ही गया।

    मृत्युंजय की मां ने आरोप लगाया कि मुरैना पुलिस अब तक किसी ठोस कार्रवाई में नहीं जुटी है।

    12 दिसंबर को मुरैना सिविल लाइन की महिला एसआई प्रीति जादौन और कॉन्स्टेबल अराफात खान ने मृत्युंजय के साथ मारपीट की थी। इसी के चलते मृत्युंजय ने 15 दिसंबर को ग्वालियर में अपने किराए के मकान में फांसी लगाई। उन्होंने मांग की कि आरोपी महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी एफआईआर दर्ज की जाए, अवैध पिस्टल जब्त की जाए और दोनों को जिले से बाहर अटैच किया जाए क्योंकि वे परिवार को धमका रहे हैं।

    ग्वालियर पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन से पुष्टि हुई कि घटना वाले दिन आरोपी और वकील साथ थे।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महिला एसआई ने शादी का दबाव बनाया, पूर्व पत्नी से तलाक, जमीन-जायदाद और जेवरात हड़पने की कोशिश की। इस मामले में ग्वालियर पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 और 3(5) के तहत महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    एसपी ने कहा कि जांच जारी है और जैसे ही ग्वालियर पुलिस का एफआईआर प्रतिवेदन मिलेगा, दोनों आरोपियों को पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया जाएगा। शिवकुमारी जादौन की यह मांग न्यायपालिका और पुलिस पर दबाव डालती है कि किसी भी तरह की अवहेलना या विलंब न्याय में बाधक न बने।

    इस पूरे मामले ने मुरैना और ग्वालियर में पुलिस और न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक वकील के परिवार ने स्पष्ट किया कि केवल ग्वालियर में कार्रवाई से संतोष नहीं होगा, बल्कि मुरैना में भी एफआईआर दर्ज होना जरूरी है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।

  • भिंड में पासपोर्ट सेवा कार्यालय की सफलता: ग्वालियर और मुरैना के नागरिकों का बढ़ता रुझान

    भिंड में पासपोर्ट सेवा कार्यालय की सफलता: ग्वालियर और मुरैना के नागरिकों का बढ़ता रुझान

    भिंड । मध्य प्रदेश भिंड शहर के हनुमान बजरिया स्थित बड़े डाकघर परिसर में 19 अप्रैल 2025 को पासपोर्ट सेवा कार्यालय की शुरुआत हुई थी और पिछले सात महीनों में इस कार्यालय ने अपनी पहचान मजबूत की है। हालांकि भिंड जिले के लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए अपेक्षाकृत कम पहुंच रहे हैं वहीं ग्वालियर और मुरैना जिलों से लोग अधिक संख्या में आवेदन कर रहे हैं।

    भिंड में पासपोर्ट आवेदन की स्थिति

    पासपोर्ट सेवा कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 15,000 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं जिनमें से 10,000 पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। इसका मतलब है कि रोजाना औसतन 30 से 40 लोग इस कार्यालय में पासपोर्ट के लिए आवेदन करने पहुंचते हैं। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि इस सेवा का रुझान धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

    ग्वालियर और मुरैना से अधिक आवेदन

    पासपोर्ट कार्यालय के इंचार्ज अभिषेक छत्रसाल के अनुसार, ग्वालियर में पहले से ही एक पासपोर्ट सेवा केंद्र था, लेकिन भिंड के कार्यालय के शुरू होने के बाद वहां दस्तावेज़ी जांच और अन्य प्रक्रियाओं को सरल और तेज किया गया है। इसके कारण, ग्वालियर और मुरैना के लोग अब भिंड कार्यालय को प्राथमिकता दे रहे हैं। खासकर ग्वालियर के लोग, जो लंबी वेटिंग टाइम से बचने के लिए यहां आवेदन कर रहे हैं। मुरैना के लोग भी भिंड से कम दूरी पर होने के कारण यहां आते हैं, जिससे इस कार्यालय में आवेदन की संख्या में इज़ाफा हुआ है।

    भिंड जिले में आवेदन की कमी का कारण

    शुरुआत में यह उम्मीद की जा रही थी कि भिंड के लोग भारी संख्या में पासपोर्ट के लिए आवेदन करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसका प्रमुख कारण ग्रामीण इलाकों में पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया को लेकर जागरूकता की कमी बताई जा रही है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में भिंड जिले में भी लोग पासपोर्ट के लिए जागरूक होने लगे हैं, खासकर विदेशों में रोजगार और स्कॉलरशिप के अवसरों की जानकारी मिलने के बाद। अब ज्यादा से ज्यादा लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं।

    आवेदन प्रक्रिया में सुधार और गति

    पिछले कुछ महीनों में पासपोर्ट सेवा कार्यालय में सुधार किए गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप आवेदन प्रक्रिया और तेज हो गई है। इंचार्ज छत्रसाल के अनुसार, स्टाफ की संख्या और काउंटर बढ़ाए गए हैं, जिससे अब आवेदकों को वेरिफिकेशन के लिए ज्यादा समय नहीं लग रहा है। पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को भी डिजिटल किया गया है, जिससे आवेदन की स्वीकृति और पासपोर्ट की डिलीवरी तेज हो गई है।

    मुख्य कारण विदेश जाने के लिए आवेदन

    ग्वालियर और मुरैना जिलों से आने वाले अधिकांश आवेदन विदेश रोजगार, स्टडी वीजा और परिवार पुनर्मिलन एफआर श्रेणी के हैं। इन जिलों के लोग विदेश में काम करने पढ़ाई करने या परिवार के साथ पुनर्मिलन के लिए पासपोर्ट बनवाने की इच्छाएं रखते हैं। वहीं भिंड जिले से आने वाले लोग टूरिस्ट वीजा स्टूडेंट वीजा और जॉब वीजा श्रेणी में अधिक आवेदन कर रहे हैं।

    भिंड में पासपोर्ट सेवा कार्यालय ने न केवल अपनी पहचान बनाई है, बल्कि यह ग्वालियर और मुरैना के लोगों के लिए एक सुविधाजनक विकल्प बन चुका है। पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया में सुधार जागरूकता बढ़ने और दस्तावेज़ी जांच के सरल होने के कारण आवेदन की संख्या में इज़ाफा हुआ है। हालांकि, भिंड जिले के लोग अभी भी अपेक्षाकृत कम आवेदन कर रहे हैं लेकिन आने वाले समय में इस ट्रेंड में बदलाव देखने को मिल सकता है।