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  • होटल के कमरे में मौत का रहस्य संघर्ष के निशान यूज्ड कंडोम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली पूरी जांच की दिशा

    होटल के कमरे में मौत का रहस्य संघर्ष के निशान यूज्ड कंडोम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली पूरी जांच की दिशा


    इंदौर । इंदौर के एक प्रतिष्ठित होटल में हुई एक युवती की संदिग्ध मौत ने वर्ष 2016 में पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर दिया था। पहली नजर में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ क्योंकि युवती का शव होटल की चौथी मंजिल के नीचे खून से लथपथ हालत में मिला था। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी और पोस्टमार्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आईं वैसे-वैसे घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया जिसने इस मामले को प्रदेश के चर्चित रहस्यमयी मामलों में शामिल कर दिया।

    घटना 7 अगस्त 2016 की रात की है जब इंदौर के विजय नगर क्षेत्र स्थित एक होटल के बाहर एक युवती गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। होटल कर्मचारियों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान 23 वर्षीय शिल्पू भदौरिया के रूप में हुई जो मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली थीं। बीबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नौकरी के सिलसिले में इंदौर आई थीं और एक निजी कंपनी में कार्यरत थीं।

    शुरुआती जांच में पुलिस ने संभावना जताई कि युवती ने होटल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की होगी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। रिपोर्ट में सामने आया कि युवती की मौत ऊंचाई से गिरने के कारण नहीं बल्कि दम घुटने से हुई थी। यानी जिस समय उसे चौथी मंजिल से नीचे गिराया गया उस समय उसकी मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। इस खुलासे के बाद मामला संदिग्ध मौत से संभावित हत्या में बदल गया।

    इसके बाद फोरेंसिक विशेषज्ञों ने होटल के कमरे की गहन जांच की। जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने आत्महत्या की संभावना को और कमजोर कर दिया। कमरे में संघर्ष के स्पष्ट संकेत मिले। युवती की शर्ट के तीन बटन गायब थे जिनमें से एक बटन कमरे के भीतर मिला। शरीर पर संघर्ष के निशान मौजूद थे और नाखूनों के निशान यह संकेत दे रहे थे कि उसने अंतिम समय तक खुद को बचाने का प्रयास किया था। जांच के दौरान उसके शरीर पर भोजन से संबंधित अवशेष भी मिले जिससे यह संकेत मिला कि घटना से पहले कमरे में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं।

    जिस कमरे में युवती ठहरी थी वहां से कुछ अन्य वस्तुएं भी बरामद हुईं जिन्होंने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा। कमरे में शराब से जुड़ी सामग्री और अन्य ऐसे साक्ष्य मिले जिनके आधार पर पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका और घटनाक्रम को समझने की कोशिश शुरू की। इन सभी तथ्यों को फोरेंसिक जांच का हिस्सा बनाया गया ताकि मौत से पहले और बाद की परिस्थितियों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके।

    इस मामले ने यह भी दिखाया कि किसी भी संदिग्ध मौत में केवल घटनास्थल का पहला दृश्य अंतिम सच नहीं होता। वैज्ञानिक जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्य कई बार पूरी कहानी बदल देते हैं। यही वजह रही कि इस मामले में शुरुआती आत्महत्या की आशंका बाद में हत्या की जांच में बदल गई।

    यह मामला आज भी उन चर्चित घटनाओं में गिना जाता है जिसने पुलिस जांच में फोरेंसिक विज्ञान की अहम भूमिका को उजागर किया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय वैज्ञानिक साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाना ही न्याय की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है।

  • इंदौर में संपत्ति विवाद पर रिश्तेदारों का तांडव शिकायत के बाद फिर घर पहुंचकर किया हमला सीसीटीवी में कैद वारदात

    इंदौर में संपत्ति विवाद पर रिश्तेदारों का तांडव शिकायत के बाद फिर घर पहुंचकर किया हमला सीसीटीवी में कैद वारदात


    इंदौर । इंदौर में पुश्तैनी मकान के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शहर के एमआईजी थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के बीच संपत्ति विवाद इतना बढ़ गया कि महिला और उसके परिजनों पर दो अलग अलग स्थानों पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के कुछ ही समय बाद आरोपी दोबारा उसके पुश्तैनी घर पहुंचे और लाठी डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान महिला के साथ मारपीट की गई और उसके कपड़े तक फट गए। बीच बचाव करने आए उसके भाई को भी गंभीर चोटें आई हैं।

    पुलिस के अनुसार 32 वर्षीय महिला ने शिकायत में बताया कि उसके चाचा के निधन के बाद नेहरू नगर स्थित पुश्तैनी मकान को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों के बीच विवाद शुरू हो गया था। शनिवार दोपहर इसी विवाद के चलते हीरा नगर क्षेत्र में महिला और उसकी मां के साथ कथित रूप से मारपीट की गई जिसमें दोनों घायल हो गईं। घटना के बाद महिला ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई जबकि उसकी मां उपचार और चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल चली गई।

    पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के कुछ ही समय बाद आरोपी अपने कई साथियों के साथ नेहरू नगर स्थित पुश्तैनी मकान पहुंच गए। वहां उन्होंने दोबारा विवाद शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर महिला अपने भाई के साथ घर पहुंची तो आरोपियों ने कथित रूप से लाठी डंडों से हमला कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके कपड़े तक फट गए जबकि उसके भाई के हाथ में गंभीर चोट आई।

    घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। बताया जा रहा है कि पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस अब इन फुटेज की जांच कर रही है ताकि घटना के क्रम और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जा सके।

    एमआईजी थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पारिवारिक संपत्ति से जुड़े विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना आवश्यक है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

  • इंदौर में फैली सनसनी घर की पहली मंजिल पर मिला कारोबारी का शव पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

    इंदौर में फैली सनसनी घर की पहली मंजिल पर मिला कारोबारी का शव पुलिस हर एंगल से कर रही जांच


    इंदौर । इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक कारोबारी का खून से सना शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय कमल कुमावत के रूप में हुई है जो अलमारी बनाने का कारखाना संचालित करते थे। प्रारंभिक जांच में उनके शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। कमरे में बिखरा सामान और शव के पास खून से सना चाकू मिलने के बाद पुलिस हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार घटना का पता उस समय चला जब रविवार सुबह कमल कुमावत काफी देर तक अपने कमरे से नीचे नहीं आए। इस पर उनके भाई शेखर उन्हें देखने पहली मंजिल पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा खोलते ही उन्होंने अंदर खून फैला हुआ देखा और कमल कुमावत का शव जमीन पर पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख पुकार मच गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही चंदन नगर थाना पुलिस और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में कमरे का सामान अस्त व्यस्त मिला जिससे संघर्ष होने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि वारदात से पहले मृतक और किसी व्यक्ति के बीच झड़प हुई हो सकती है।

    जांच के दौरान शव के पास खून से सना एक चाकू भी बरामद हुआ है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यही हथियार वारदात में इस्तेमाल किया गया या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण और चोटों की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी।

    परिजनों ने बताया कि कमल कुमावत लंबे समय से अलमारी बनाने का कारखाना चला रहे थे। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। उनके दो बच्चे घटना के समय गांव गए हुए थे। परिवार में उनके तीन भाई भी हैं। पुलिस परिवार के सदस्यों रिश्तेदारों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि किसी संभावित रंजिश या अन्य कारणों का पता लगाया जा सके।

    इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट पोस्टमार्टम और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह सुनियोजित हत्या थी या घटना के पीछे कोई अन्य वजह है।

  • हॉस्टल कारोबार की रंजिश ने लिया हिंसक रूप, आठ युवकों ने बरसाए पत्थर, पुलिस जांच में जुटी

    हॉस्टल कारोबार की रंजिश ने लिया हिंसक रूप, आठ युवकों ने बरसाए पत्थर, पुलिस जांच में जुटी


    भोपाल  राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र स्थित पटेल नगर में शुक्रवार देर रात एक हॉस्टल पर हुए पथराव से इलाके में हड़कंप मच गया। करीब आठ युवकों ने अचानक हॉस्टल पर पत्थर बरसाकर दहशत फैला दी। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस ने शांति भंग की आशंका के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की हैभोपाल 

    हॉस्टल संचालक दुर्गेश तिवारी और शिवम सिंह ने आरोप लगाया है कि यह हमला कारोबारी रंजिश के चलते कराया गया। उनका कहना है कि क्षेत्र में हॉस्टल संचालन को लेकर प्रतिस्पर्धा है और दूसरे हॉस्टल संचालक पुष्पराज यादव उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने अपने साथियों के जरिए हॉस्टल पर हमला करवाया। हालांकि पुलिस ने फिलहाल इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार रात कुछ युवक अचानक हॉस्टल के बाहर पहुंचे और बिना किसी विवाद के पथराव शुरू कर दिया। कुछ मिनट तक लगातार पत्थर फेंके गए जिससे हॉस्टल परिसर में अफरा तफरी मच गई। घटना में भवन की खिड़कियों और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचा लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    घटना की सबसे अहम कड़ी सीसीटीवी फुटेज बनी है जिसमें कथित आरोपी पत्थर फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब इन फुटेज के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान करने और उनकी भूमिका तय करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

    पिपलानी थाना पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फरियादियों के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने घटना के बाद कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इनमें से कुछ लोगों के खिलाफ शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के माध्यम से जेल भेजा गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि यदि जांच में पथराव और साजिश के आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

  • युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल

    युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल


    मध्य प्रदेश । रीवा के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पूर्वा फॉल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह कुछ युवक मौके पर पहुंचे और पहले से मौजूद दूसरे पक्ष के युवकों से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और हिंसा में बदल गया।

     पांच युवकों ने मिलकर किया हमला
    घटना में आरोप है कि पांच युवकों ने मिलकर एक युवक को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। पीड़ित को जमीन पर गिराकर घसीटते हुए भी पीटा गया, जिससे वह घायल हो गया। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, इस हमले में अभिषेक नामक युवक को निशाना बनाया गया, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य लोग भी विवाद में शामिल थे।

     वीडियो में कैद हुई पूरी वारदात
    घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भीड़ में घिरे युवक को बेरहमी से पीटा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश भी की, लेकिन हिंसा तब तक जारी रही।

    पुरानी रंजिश बनी विवाद की वजह
    सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच पहले से विवाद चल रहा था। माना जा रहा है कि उसी पुरानी रंजिश ने इस घटना को जन्म दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव जैसी स्थिति बन गई।

     पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की पहचान जारी
    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एडिशनल एसपी के अनुसार, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    आगे की कार्रवाई
    फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज को अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास जारी है, ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।
  • सराय छोला थाना क्षेत्र में बदमाशों का खूनी हमला, घायल ससुर-दामाद ग्वालियर रेफर

    सराय छोला थाना क्षेत्र में बदमाशों का खूनी हमला, घायल ससुर-दामाद ग्वालियर रेफर


    मुरैना / मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के केन्थरी गांव में गुरुवार शाम को एक खौफनाक वारदात सामने आई, जिसने स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया। सराय छोला थाना क्षेत्र में बदमाशों ने ससुर-दामाद को घेरकर 12 राउंड फायरिंग की। दामाद देवेंद्र गुर्जर (24) की जांघ में गोली आर-पार हुई और सुसर औतार गुर्जर (50) के पैर को भी गोली चीरती हुई निकल गई। गोलीबारी के बाद मौके से पांच से अधिक खाली खोखे बरामद हुए।

    जानकारी के अनुसार, घायल ससुर-दामाद को फौरन नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर हालत के चलते उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया। दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है।

    घटना से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह हमला एक दिन पहले हुई मारपीट और धमकी की घटनाओं का नतीजा था। बुधवार को गीताराम, गिर्राज, छोटू गुर्जर और उनके साथियों ने देवेंद्र गुर्जर और बबलू गुर्जर को नेशनल हाईवे-44 के जारह गांव चौराहे के पास घेरकर पीटा और धमकी दी थी कि अगर थाने में शिकायत की तो गोली मार दी जाएगी। पीड़ितों ने तुरंत सराय छोला थाना जाकर FIR दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाते हुए गुरुवार शाम करीब 5 बजे वही आरोपियों ने ससुर-दामाद को घेर लिया और फायरिंग शुरू कर दी। इस वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।

    घायलों के परिजनों के अनुसार, देवेंद्र की जांघ और औतार गुर्जर के पैर में गोली लगी थी। दोनों खून से सने हुए थे और उनकी हालत गंभीर थी। उन्हें इलाज के लिए तत्काल ग्वालियर रेफर किया गया। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि पहले की मारपीट और धमकी की घटनाओं के बावजूद आरोपियों की तलाश नहीं की गई थी, जिससे वारदात को अंजाम देने का मौका मिला।

    मामले में सीएसपी दीपाली चन्दौरिया ने बताया कि घायलों के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस टीम ग्वालियर भेजी गई है और मौके से कुछ कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जाएंगे।

    यह घटना मुरैना जिले में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठाती है। पहले हुई धमकी और मारपीट के बावजूद सुरक्षा उपाय न किए जाने से ससुर-दामाद की जान खतरे में पड़ गई। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के घातक हमलों से बचा जा सके।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत

    भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत


    भोपाल। राजधानी के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक मर्मांतक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। अपने पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने की कोशिश कर रही 6 वर्षीय बच्ची को एक बेकाबू कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    इलाज कराकर लौट रहे थे घर मृतक बच्ची की पहचान 6 वर्षीय आसिया अली के रूप में हुई है, जो परेवा खेड़ा (पतलोन) की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, आसिया पिछले तीन दिनों से वायरल फीवर (बुखार) से पीड़ित थी। शनिवार रात करीब 10 बजे उसके पिता इकबाल अली उसे हाईवे स्थित एक क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। डॉक्टर से दवाई लेने के बाद पिता-पुत्री पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि घर पहुँचने से पहले ही काल उनके सामने खड़ा है।

    एक पल की चूक और मातम में बदली रात हादसा परेवा खेड़ा के पास मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिता इकबाल ने बच्ची का हाथ पकड़ रखा था, लेकिन अचानक आसिया ने पिता का हाथ छुड़ाया और सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए दौड़ लगा दी। इसी दौरान अंधेरे में आ रही एक तेज रफ्तार कार ने मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची सड़क पर काफी दूर जाकर गिरी और लहूलुहान हो गई।

    ड्राइवर ही लेकर पहुँचा अस्पताल हादसे के बाद कार चालक ने इंसानियत दिखाते हुए भागने के बजाय अपनी ही कार से घायल बच्ची और उसके पिता को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम आसिया को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर ईटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है।

    भोपाल के ईटखेड़ी में पिता के साथ डॉक्टर के पास से लौट रही 6 साल की आसिया की कार की टक्कर से मौत हो गई। सड़क पार करते समय पिता का हाथ छूटने से यह हादसा हुआ। कार चालक बच्ची को अस्पताल ले गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस जांच जारी है।

  • उज्जैन में बदमाशों का दुस्साहस: घर के बाहर खड़ी कारोबारी की 11 लाख की कार फूंकी; एक ने लगाई आग

    उज्जैन में बदमाशों का दुस्साहस: घर के बाहर खड़ी कारोबारी की 11 लाख की कार फूंकी; एक ने लगाई आग


    उज्जैन । महाकाल की नगरी उज्जैन में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। शहर के भार्गव नगर इलाके में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात बदमाशों ने सरेराह गुंडागर्दी का ऐसा नंगा नाच दिखाया, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने एक कपड़ा कारोबारी के घर के बाहर खड़ी कीमती कार को आग के हवाले कर दिया। वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जहाँ एक बदमाश आग लगा रहा था, वहीं उसका साथी मोबाइल से इस पूरी घटना का वीडियो बना रहा था, जिससे यह मामला आपसी रंजिश या दहशत फैलाने की साजिश प्रतीत हो रहा है।

    सीसीटीवी में कैद हुई लाइव वारदात पूरी घटना भार्गव नगर निवासी कारोबारी नरेश धनवानी के घर के बाहर रात करीब ढाई बजे घटित हुई। उनकी हुंडई वर्ना कार क्रमांक एमपी 13 पी 1313 घर के बाहर पार्क थी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि दो युवक बाइक पर सवार होकर आते हैं। एक बदमाश बाइक से उतरता है और कार पर कोई ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर माचिस मार देता है। देखते ही देखते कार आग के गोले में तब्दील हो जाती है। इस दौरान बाइक पर बैठा दूसरा बदमाश भागने के बजाय स्थिर होकर अपने मोबाइल से आगजनी का वीडियो रिकॉर्ड करता रहा, मानो वह अपनी इस करतूत का ‘जश्न’ मना रहा हो।

    पूरी तरह जलकर खाक हुई 11 लाख की कार धमाके और आग की लपटें देख कारोबारी के परिजनों की नींद खुली और वे आनन-फानन में बाहर आए। तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँचती और आग पर काबू पाया जाता, तब तक 11 लाख रुपये मूल्य की कार पूरी तरह जलकर लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी थी। गनीमत यह रही कि आग की लपटें घर के भीतर तक नहीं पहुँची, अन्यथा कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी।

    रंजिश या दहशत फैलाने की कोशिश? घटना के बाद से क्षेत्र के निवासियों में डर का माहौल है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। वीडियो बनाने की मंशा यह संकेत देती है कि आरोपी इसे किसी को डराने के लिए साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते थे या सोशल मीडिया पर रील बनाकर दहशत फैलाना चाहते थे। पुलिस कारोबारी के पुराने विवादों और व्यावसायिक रंजिश के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। नीलगंगा थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।