हॉस्टल कारोबार की रंजिश ने लिया हिंसक रूप, आठ युवकों ने बरसाए पत्थर, पुलिस जांच में जुटी


भोपाल  राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र स्थित पटेल नगर में शुक्रवार देर रात एक हॉस्टल पर हुए पथराव से इलाके में हड़कंप मच गया। करीब आठ युवकों ने अचानक हॉस्टल पर पत्थर बरसाकर दहशत फैला दी। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस ने शांति भंग की आशंका के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की हैभोपाल 

हॉस्टल संचालक दुर्गेश तिवारी और शिवम सिंह ने आरोप लगाया है कि यह हमला कारोबारी रंजिश के चलते कराया गया। उनका कहना है कि क्षेत्र में हॉस्टल संचालन को लेकर प्रतिस्पर्धा है और दूसरे हॉस्टल संचालक पुष्पराज यादव उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने अपने साथियों के जरिए हॉस्टल पर हमला करवाया। हालांकि पुलिस ने फिलहाल इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार रात कुछ युवक अचानक हॉस्टल के बाहर पहुंचे और बिना किसी विवाद के पथराव शुरू कर दिया। कुछ मिनट तक लगातार पत्थर फेंके गए जिससे हॉस्टल परिसर में अफरा तफरी मच गई। घटना में भवन की खिड़कियों और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचा लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

घटना की सबसे अहम कड़ी सीसीटीवी फुटेज बनी है जिसमें कथित आरोपी पत्थर फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब इन फुटेज के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान करने और उनकी भूमिका तय करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

पिपलानी थाना पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फरियादियों के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने घटना के बाद कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इनमें से कुछ लोगों के खिलाफ शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के माध्यम से जेल भेजा गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि यदि जांच में पथराव और साजिश के आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।