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  • वर्दी से वायरल स्टार तक का सफर, सोशल मीडिया कमाई और विभागीय कार्रवाई के बीच क्यों दिया हेड कॉन्स्टेबल ने इस्तीफा

    वर्दी से वायरल स्टार तक का सफर, सोशल मीडिया कमाई और विभागीय कार्रवाई के बीच क्यों दिया हेड कॉन्स्टेबल ने इस्तीफा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश पुलिस के सबसे चर्चित सोशल मीडिया चेहरों में शामिल शहडोल के निलंबित हेड कॉन्स्टेबल विवेकानंद तिवारी इन दिनों फिर सुर्खियों में हैं। करोड़ों फॉलोअर्स और सोशल मीडिया पर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल करने वाले तिवारी ने पुलिस सेवा से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। हालांकि उनका इस्तीफा अभी विभाग ने स्वीकार नहीं किया है और पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है। इस घटनाक्रम ने सरकारी सेवा और सोशल मीडिया से होने वाली कमाई के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

    विवेकानंद तिवारी फेसबुक यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर बेहद लोकप्रिय हैं। उनके सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मिलाकर करीब एक करोड़ अठासी लाख फॉलोअर्स बताए जाते हैं। पुलिस विभाग ने तीन जून को उन्हें निलंबित किया था। आरोप था कि वे कई बार बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहे और इसी दौरान वर्दी में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करते रहे। इसके करीब दो सप्ताह बाद उन्होंने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया।

    विभागीय जांच में सबसे बड़ा सवाल उनकी सोशल मीडिया से होने वाली आय को लेकर उठा है। विभिन्न ऑनलाइन एनालिटिक्स वेबसाइटों के अनुमानों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि उनके डिजिटल प्लेटफॉर्म से लाखों रुपये मासिक और करोड़ों रुपये सालाना की संभावित कमाई हो सकती है। हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विवेकानंद तिवारी ने इन दावों को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया बताया है। उनका कहना है कि वास्तविक आय इससे काफी कम है और सभी सोशल मीडिया अकाउंट उनकी पत्नी के नाम पर संचालित होते हैं। उन्होंने जांच एजेंसियों को अपने और पत्नी के बैंक खातों का पूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने की बात कही है।

    पुलिस विभाग का दूसरा आरोप यह है कि तिवारी कई बार निर्धारित समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे और बिना अनुमति अनुपस्थित रहे। विभाग के अनुसार जिन दिनों उनकी गैरहाजिरी दर्ज हुई उन्हीं दिनों उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर नए वीडियो अपलोड किए गए। वहीं तिवारी का कहना है कि वे मेडिकल अवकाश पर थे और इसकी जानकारी विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में पहले ही साझा कर दी गई थी। उनके अनुसार अवकाश की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण गलतफहमी पैदा हुई और उन्हें अनुपस्थित मान लिया गया।

    विवाद का एक बड़ा कारण वर्दी में वीडियो बनाना भी बना। पुलिस मुख्यालय पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी कर चुका है कि कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में ऐसे वीडियो या रील नहीं बनाएगा जिससे विभाग की गरिमा प्रभावित हो। विभाग का आरोप है कि विवेकानंद तिवारी निजी वीडियोग्राफरों और कर्मचारियों की मदद से व्यावसायिक उद्देश्य से कंटेंट तैयार करते थे। हालांकि तिवारी का कहना है कि उन्होंने कभी ड्यूटी के दौरान वीडियो नहीं बनाए और अधिकतर वीडियो पहले से रिकॉर्ड किए गए थे जिन्हें उनकी पत्नी बाद में अपलोड करती थीं।

    मामले के दौरान पुलिस विभाग ने उन्हें दो विकल्प भी दिए थे। पहला यह कि वे पुलिस के सोशल मीडिया सेल में रहकर जनजागरूकता से जुड़े आधिकारिक वीडियो बनाएं। दूसरा यह कि वे पुलिस मुख्यालय की सोशल मीडिया शाखा में सेवाएं दें। लेकिन इससे पहले ही उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया।

    विवेकानंद तिवारी का कहना है कि निलंबन के बाद लगातार मानसिक दबाव और अपमान की भावना के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया। दूसरी ओर विभाग से जुड़े सूत्रों का मानना है कि सोशल मीडिया से संभावित अधिक आय भी इस फैसले का एक कारण हो सकती है। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष उसी के बाद सामने आएगा।

  • रहस्यमयी गुमशुदगी से हत्या तक कर्ज प्रेम संबंध और एक फोन कॉल में उलझी नरसिंहपुर की सनसनीखेज कहानी

    रहस्यमयी गुमशुदगी से हत्या तक कर्ज प्रेम संबंध और एक फोन कॉल में उलझी नरसिंहपुर की सनसनीखेज कहानी


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक युवक की रहस्यमयी गुमशुदगी और सात दिन बाद तालाब से मिली लाश ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। शुरुआत में यह मामला गुमशुदगी या हादसे का माना जा रहा था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। जांच में सामने आए एक फोन कॉल कर्ज के विवाद और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े कई पहलुओं ने इस हत्याकांड को और भी रहस्यमय बना दिया।

    घटना 24 जनवरी 2021 की है। करेली निवासी 32 वर्षीय सपनेश पटेल शाम के समय अपने काम से लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी उनके मोबाइल पर एक परिचित का फोन आया जिसमें उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए बुलाया गया। सपनेश तुरंत वहां जाने के लिए निकल गए लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। रात भर इंतजार करने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल भी बंद मिला तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।

    अगले दिन परिवार ने रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां तलाश शुरू की लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। आखिरकार करेली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस बीच गांव में तरह तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने बताया कि सपनेश पर पहले भी कर्ज था और संभव है कि वह फिर कहीं चला गया हो। हालांकि पुलिस ने हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखी।

    जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि लापता होने से पहले सपनेश की आखिरी बातचीत उनके रिश्तेदार सूर्यप्रकाश पटेल से हुई थी। पूछताछ में सूर्यप्रकाश ने स्वीकार किया कि उसने ही सपनेश को शराब पार्टी के लिए बुलाया था लेकिन इसके बाद वह लगातार यही कहता रहा कि सपनेश शायद कर्ज के कारण कहीं चला गया होगा। उसके बयान पुलिस के संदेह को और गहरा करते गए।

    सात दिन बाद डूडा गांव के पास एक तालाब में ग्रामीणों ने एक शव देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और परिजनों से पहचान कराई। शव सपनेश का ही था। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव सड़ चुका था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सबसे बड़ा खुलासा किया। डॉक्टरों ने साफ किया कि मौत डूबने से नहीं बल्कि गला दबाकर हत्या करने से हुई थी। गले पर तार जैसी किसी वस्तु से कसने के स्पष्ट निशान मिले थे। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच का दायरा और बढ़ा दिया।

    इसी दौरान सपनेश के भाई ने पुलिस को बताया कि सूर्यप्रकाश का उनके घर में लगातार आना जाना था और उसने कई बार उसे सपनेश की पत्नी के साथ बेहद घुलते मिलते देखा था। इस जानकारी के बाद जांच की दिशा बदल गई और पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि हत्या के पीछे असली वजह कर्ज थी या पारिवारिक संबंधों से जुड़ा कोई विवाद।

    फिलहाल इस सनसनीखेज मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। क्या हत्या की साजिश पहले से रची गई थी या यह किसी विवाद का नतीजा थी। इन सवालों के जवाब जांच के अगले चरण में सामने आने की उम्मीद है।

  • MP पुलिस की बेटी ने रचा इतिहास, माउंट किलिमंजारो फतह करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं दीपिका गौतम

    MP पुलिस की बेटी ने रचा इतिहास, माउंट किलिमंजारो फतह करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं दीपिका गौतम


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश पुलिस की एक महिला अधिकारी ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और जुनून से ऐसा इतिहास रच दिया है, जिस पर पूरा प्रदेश गर्व कर सकता है। भोपाल स्थित एससीआरबी (SCRB) पुलिस मुख्यालय में पदस्थ इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह कर मध्यप्रदेश पुलिस के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। इस उपलब्धि के साथ वह प्रदेश पुलिस की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

    तंजानिया में स्थित माउंट किलिमंजारो समुद्र तल से लगभग 5,895 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्वत अभियानों में गिना जाता है। दीपिका गौतम ने 29 मई को इस ऊंची चोटी पर पहुंचकर तिरंगा लहराया और अपनी उपलब्धि से देश तथा प्रदेश का नाम रोशन किया।

    इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल में दीपिका भारत की एकमात्र प्रतिभागी थीं। कठिन मौसम, ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और लगातार बदलती प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने यह चुनौती स्वीकार की और सफलता हासिल की।

    दीपिका बताती हैं कि नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अक्सर लोग अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को कभी पीछे नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि जीवन में लक्ष्य और सपने होना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इसी सोच ने उन्हें अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचने का हौसला दिया।

    माउंट किलिमंजारो का यह अभियान आसान नहीं था। पांच दिनों तक चले इस कठिन सफर में उन्हें तीन अलग-अलग बेस कैंप पार करने पड़े। अंतिम चरण की चढ़ाई रात के समय शुरू हुई, जब तापमान माइनस 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। ऊंचाई बढ़ने के साथ मौसम लगातार बदल रहा था और हर कदम पर नई चुनौती सामने थी। इसके बावजूद दीपिका ने धैर्य, शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए अपने लक्ष्य को हासिल किया।

    हालांकि यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियान था, लेकिन रोमांच और ट्रेकिंग के क्षेत्र में उनका अनुभव पहले से ही काफी समृद्ध रहा है। वह कई बार अमरनाथ और केदारनाथ जैसी कठिन धार्मिक यात्राएं पूरी कर चुकी हैं। पर्वतारोहण और साहसिक गतिविधियों के प्रति उनका विशेष लगाव रहा है, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

    दीपिका स्वयं को मल्टीटास्किंग व्यक्ति मानती हैं और उनका विश्वास है कि जीवन में नई चुनौतियों को स्वीकार करना ही सफलता का मार्ग बनाता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल महिला पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए भी एक संदेश है जो जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को जीवित रखना चाहते हैं।

    माउंट किलिमंजारो फतह करने के बाद अब दीपिका का अगला लक्ष्य भी तय हो चुका है। हालांकि उन्होंने अपने आगामी अभियान का खुलासा नहीं किया है, लेकिन संकेत दिए हैं कि अगले वर्ष वह विदेश में एक और बड़े पर्वतारोहण मिशन का हिस्सा बन सकती हैं। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और साहस का प्रतीक बन गई है।

  • देवास में चोरी गिरोह का पर्दाफाश: एलएंडटी पाइप चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    देवास में चोरी गिरोह का पर्दाफाश: एलएंडटी पाइप चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई


    मध्‍य प्रदेश /देवास जिले के बागली क्षेत्र में एलएंडटी कंपनी से पाइप चोरी के एक संगठित मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया है। कांटाफोड़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस घटना में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए लोहे के पाइप और वारदात में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी सहित लगभग 5 लाख रुपए मूल्य का माल बरामद किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा हो रही है।

    यह पूरा मामला 14 मई का बताया जा रहा है, जब एलएंडटी कंपनी प्रबंधन की ओर से पाइप चोरी की लिखित शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि चोरी की घटना सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी और इसमें एक संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय मुखबिर तंत्र की मदद से जांच को आगे बढ़ाया।

    लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिनके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद विशेष टीम ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और बताया कि उन्होंने तुमड़ीखेड़ा क्षेत्र के पास से एलएंडटी कंपनी के पाइप चोरी किए थे। आरोपियों के बयान और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने चोरी किया गया पूरा सामान बरामद कर लिया।

    हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस चोरी की घटना में कुल सात लोग शामिल थे, जिनमें से चार आरोपी अभी फरार हैं। बताया जा रहा है कि ये फरार आरोपी चोरी के माल को खरीदने और उसे आगे बेचने के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब इस पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल एक चोरी के मामले का खुलासा नहीं है, बल्कि एक संभावित संगठित अपराध नेटवर्क की ओर भी इशारा करती है। इसलिए जांच को और व्यापक किया जा रहा है ताकि इस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचा जा सके। कांटाफोड़ थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिसने न केवल चोरी का खुलासा किया बल्कि त्वरित कार्रवाई से माल भी बरामद कर लिया।

    इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी और पूरे मामले का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जाएगा, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता

    सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता


    नई दिल्ली। सतना के जवाहरनगर स्थित वन स्टॉप सेंटर (सखी) से 27 अप्रैल को तीन नाबालिग बालिकाओं के लापता होने का मामला सामने आया था। घटना की रिपोर्ट सेंटर की प्रशासक नीता श्रीवास्तव द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।
    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने विशेष टीम गठित कर बालिकाओं की तलाश तेज करने के निर्देश दिए थे।

    तकनीकी इनपुट और मुखबिर की मदद से मिली दूसरी सफलता
    पुलिस ने लगातार तलाश अभियान चलाते हुए पहले चरण में 30 अप्रैल को एक बालिका को कटनी से सकुशल बरामद किया था। अब 3 मई को दूसरी किशोरी को रामपुर बघेलान क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया है।
    पुलिस के अनुसार, दोनों किशोरियों को सुरक्षित परिजनों या संबंधित संरक्षण व्यवस्था में सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

    तीसरी किशोरी अब भी लापता, यूपी के बिजनौर की रहने वाली है
    तीनों में से एक नाबालिग बालिका अभी भी लापता है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। जानकारी के अनुसार, यह किशोरी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की निवासी है। पुलिस टीम विभिन्न तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    पुलिस ने घोषित किया था इनाम, तलाश अभियान जारी
    तीनों बालिकाओं के लापता होने के बाद पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने उनके बारे में पुख्ता जानकारी देने पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद से ही पुलिस ने खोजबीन अभियान को और तेज कर दिया है।

    प्रशासन सतर्क, तीसरी किशोरी की सुरक्षित वापसी पर फोकस
    दो किशोरियों की बरामदगी के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन तीसरी बालिका की बरामदगी अब भी प्राथमिकता बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

  • इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा भारी: 210 चालकों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड

    इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा भारी: 210 चालकों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ने वाली है। शहर की ट्रैफिक पुलिस ने लगातार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 210 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    ट्रैफिक विभाग के अनुसार, जिन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे पिछले तीन महीनों में बार-बार गंभीर नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इनमें रेड सिग्नल जंप करना, रॉन्ग साइड वाहन चलाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना जैसे खतरनाक व्यवहार शामिल हैं, जो सड़क पर अन्य लोगों की जान को जोखिम में डालते हैं।
    राजेश त्रिपाठी (डीसीपी ट्रैफिक) ने बताया कि ऐसे चालकों की पहचान वाहन नंबर और रजिस्ट्रेशन के आधार पर की गई है। इनकी सूची परिवहन विभाग को भेज दी गई है, जहां से लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
    पुलिस का कहना है कि यह कदम सड़क हादसों को कम करने और लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। लगातार नियम तोड़ने वालों पर निगरानी और सख्ती आगे भी जारी रहेगी। 
    ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, ताकि खुद की और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नियमों की अनदेखी न सिर्फ कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।
  • ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    दतिया । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के दतिया जिले के विजयपुर गांव में लालच और पारिवारिक कलह ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। यहां एक बेटे ने जमीन के मामूली टुकड़े के लिए अपनी ही मां के सिर को पत्थर से कुचलकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। यह वारदात जितनी खौफनाक थी, उसका मंजर उतना ही हृदयविदारक था; मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतका का डेढ़ साल का मासूम पोता अपनी दादी के लहूलुहान शव के पास बैठकर रो रहा था।

    पत्नी के दबाव में की हत्या

    घटना जिगना थाना क्षेत्र की है। आरोपी बेटे अरविन्द पाल का अपनी मां मिथला पाल से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि अरविन्द की पत्नी लगातार उस पर जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बना रही थी। बुधवार की रात इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया और अरविन्द ने सो रही मां पर भारी पत्थर से हमला कर उनकी जान ले ली।

    ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया आरोपी
    चीख-पुकार और हलचल सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोपी बेटे को भागने से पहले ही पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी अरविन्द पाल को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

    वारदात का संक्षिप्त विवरण

    स्थान: विजयपुर गांव, जिगना थाना क्षेत्र, दतिया। मृतका: मिथला पाल मां ।आरोपी: अरविन्द पाल बेटा।कारण: जमीनी विवाद और पत्नी का उकसावा।मार्मिक दृश्य: दादी के शव के पास बिलखता रहा डेढ़ साल का मासूम।

  • मध्यप्रदेश पुलिस ने किया एमडी ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़, 5 करोड़ का एमडी ड्रग्स जब्‍त

    मध्यप्रदेश पुलिस ने किया एमडी ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़, 5 करोड़ का एमडी ड्रग्स जब्‍त


    भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी कार्यवाही के परिणामस्वरूप राजगढ़ एवं मंदसौर जिले में की गई दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयों में पुलिस ने एमडी ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल, मादक पदार्थ एवं उपकरण जप्त की है।

    राजगढ़- लगभग 5 करोड़ रुपये का एमडी ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त 266.9 किलोग्राम कैमिकल जब्त

    दिनांक 07 फरवरी को थाना माचलपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम आदमपुरा के जंगल क्षेत्र में खेत में बनी एक खंती में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा एमडी ड्रग्स (मादक पदार्थ) निर्माण में प्रयुक्त रासायनिक पदार्थ ड्रमों में छिपाकर फेंका गया है।

    सूचना की तस्दीक उपरांत पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान खंती से 05 नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम बरामद हुए, जिनमें प्लास्टिक पन्नियों में भरा सफेद रंग का क्रिस्टलनुमा कैमिकल पाउडर पाया गया।

    प्रारंभिक परीक्षण एवं विशेषज्ञ अनुभव के आधार पर उक्त पदार्थ एमडी ड्रग्स के निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल होना पाया गया। तौल करने पर ड्रमों सहित कुल वजन 266.9 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग 05 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    बरामद समस्त कैमिकल को विधिवत जप्त कर थाना माचलपुर में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है तथा मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े नेटवर्क की गहन जांच जारी है।

    मंदसौर- गरोठ थाना क्षेत्र में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

    थाना प्रभारी गरोठ एवं उनकी टीम द्वारा मुखबिर सूचना पर ग्राम सुरजना स्थित खेत के कुएं पर दबिश दी गई। दबिश के दौरान मौके पर दो व्यक्ति एमडी ड्रग्स बनाते हुए पाए गए। मोके पर उनके कब्जे से 102 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी, 12 किलो 610 ग्राम एमडी निर्माण में प्रयुक्त केमीकलों का गाढ़ा मिश्रण, 3 किलो 540 ग्राम एमडी निर्माण में सहयोगी पारदर्शी तरल पदार्थ, 680 ग्राम एमडी निर्माण में सहयोगी सफेद केमीकल पाउडर, एक गैस सिलेंडर, एक सेंट्रीफ्यूज मशीन, एक चूल्हा-भट्टी, एक स्टील की थाली, एक स्टील का भगोना, नीले रंग का बिजली कनेक्शन तार, एक अर्थिंग हेतु लोहे का सरिया तथा दो मोबाइल फोन जब्त किए है। आरोपियों के विरुद्ध थाना गरोठ में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

    मध्यप्रदेश पुलिस अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, तस्करी एवं वितरण में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई कर रही है। भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यवाहियां निरंतर जारी रहेंगी।

  • विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता के आरोप में हुए पदावनत

    विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता के आरोप में हुए पदावनत

    इंदौर। बीते कुछ महीनों से लगातार विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर आखिरकार पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। एक युवती द्वारा फेसबुक मैसेंजर के जरिए आपत्तिजनक संदेश भेजने के आरोप सामने आने के बाद यह मामला तूल पकड़ता चला गया। युवती ने आरोप लगाया था कि रंजीत सिंह ने उसे इंदौर बुलाने और ठहरने की व्यवस्था कराने से जुड़े संदेश भेजे थे। इस संबंध में युवती ने स्क्रीनशॉट भी साझा किए थे।

    मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हुए। शुरुआती कार्रवाई के तौर पर रंजीत सिंह को ट्रैफिक थाना से हटाकर पुलिस लाइन में पदस्थ किया गया था। हालांकि इसके बावजूद रंजीत ने सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाकर उसे वायरल कर दिया। इस हरकत को विभागीय अनुशासन का खुला उल्लंघन माना गया।

    विवाद यहीं नहीं थमा। हाल ही में रंजीत सिंह ने हाथ में पिस्टल और हथकड़ी लेकर एक और रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इस वीडियो ने पुलिस महकमे को और असहज कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी डीसीपी मुख्यालय प्रकाश परिहार को सौंपी गई।

    जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि रंजीत सिंह द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया गया और वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को डीसीपी द्वारा आदेश जारी करते हुए रंजीत सिंह को पदावनत कर पुनः आरक्षक बना दिया गया।पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और वर्दी की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर वर्दी पहनकर हथियारों का प्रदर्शन करना और रील बनाना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि पुलिस बल की साख और अनुशासन बना रहे।

    पुलिस महकमे की इस कार्रवाई को विभागीय सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मामलों पर कड़ा रुख अपनाना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करने से पहले सौ बार सोचे।

  • दामजीपुरा बवाल अपडेट: बैतूल में भारी पुलिस बल तैनात, आरोपी अब्बू खान गिरफ्तार; हिंसा के बाद अब शांति की ओर कदम

    दामजीपुरा बवाल अपडेट: बैतूल में भारी पुलिस बल तैनात, आरोपी अब्बू खान गिरफ्तार; हिंसा के बाद अब शांति की ओर कदम


    बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के दामजीपुरा गांव में बीते रविवार को हुई साम्प्रदायिक हिंसा के बाद अब हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे हैं। एक आपत्तिजनक और अमानवीय वीडियो वायरल होने के बाद भड़की भीड़ ने इलाके में जमकर उत्पात मचाया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है और फिलहाल गांव एक छावनी में तब्दील नजर आ रहा है।

    घटना का मूल कारण: अमानवीय कृत्य और आक्रोश विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक विशेष समुदाय के आदतन अपराधी अब्बू खान द्वारा गाय के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने का मामला सामने आया। इस घृणित कार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार सुबह दामजीपुरा और आसपास के करीब 10 गांवों से हजारों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित भीड़ ने आरोपी के घर और दुकान सहित कई स्थानों पर तोड़फोड़, आगजनी और पथराव किया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

    भारी सुरक्षा घेरा और 120 जवानों की तैनाती हालात बेकाबू होते देख बैतूल सहित आसपास के चार जिलों का पुलिस बल तत्काल दामजीपुरा रवाना किया गया। वर्तमान में करीब 120 सशस्त्र जवान गांव की गलियों में गश्त कर रहे हैं। पुलिस की पैनी नजर उन असामाजिक तत्वों पर है जो सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था तब तक कायम रहेगी जब तक पूर्ण विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता।

    आरोपी सलाखों के पीछे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अब्बू खान को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश कर सख्त रिमांड मांगी जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि आरोपी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बने। वहीं, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल उपद्रवियों की भी पहचान की जा रही है।

    बाजारों में लौटी रौनक, शांति की अपील सोमवार से दामजीपुरा के बाजार में दुकानें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं और लोग अपनी दिनचर्या की ओर लौट रहे हैं। कलेक्टर और एसपी ने संयुक्त रूप से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस विभाग ने चेतावनी जारी की है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।