Tag: MP police

  • सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता

    सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता


    नई दिल्ली। सतना के जवाहरनगर स्थित वन स्टॉप सेंटर (सखी) से 27 अप्रैल को तीन नाबालिग बालिकाओं के लापता होने का मामला सामने आया था। घटना की रिपोर्ट सेंटर की प्रशासक नीता श्रीवास्तव द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।
    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने विशेष टीम गठित कर बालिकाओं की तलाश तेज करने के निर्देश दिए थे।

    तकनीकी इनपुट और मुखबिर की मदद से मिली दूसरी सफलता
    पुलिस ने लगातार तलाश अभियान चलाते हुए पहले चरण में 30 अप्रैल को एक बालिका को कटनी से सकुशल बरामद किया था। अब 3 मई को दूसरी किशोरी को रामपुर बघेलान क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया है।
    पुलिस के अनुसार, दोनों किशोरियों को सुरक्षित परिजनों या संबंधित संरक्षण व्यवस्था में सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

    तीसरी किशोरी अब भी लापता, यूपी के बिजनौर की रहने वाली है
    तीनों में से एक नाबालिग बालिका अभी भी लापता है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। जानकारी के अनुसार, यह किशोरी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की निवासी है। पुलिस टीम विभिन्न तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    पुलिस ने घोषित किया था इनाम, तलाश अभियान जारी
    तीनों बालिकाओं के लापता होने के बाद पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने उनके बारे में पुख्ता जानकारी देने पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद से ही पुलिस ने खोजबीन अभियान को और तेज कर दिया है।

    प्रशासन सतर्क, तीसरी किशोरी की सुरक्षित वापसी पर फोकस
    दो किशोरियों की बरामदगी के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन तीसरी बालिका की बरामदगी अब भी प्राथमिकता बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

  • इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा भारी: 210 चालकों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड

    इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा भारी: 210 चालकों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ने वाली है। शहर की ट्रैफिक पुलिस ने लगातार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 210 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    ट्रैफिक विभाग के अनुसार, जिन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे पिछले तीन महीनों में बार-बार गंभीर नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इनमें रेड सिग्नल जंप करना, रॉन्ग साइड वाहन चलाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना जैसे खतरनाक व्यवहार शामिल हैं, जो सड़क पर अन्य लोगों की जान को जोखिम में डालते हैं।
    राजेश त्रिपाठी (डीसीपी ट्रैफिक) ने बताया कि ऐसे चालकों की पहचान वाहन नंबर और रजिस्ट्रेशन के आधार पर की गई है। इनकी सूची परिवहन विभाग को भेज दी गई है, जहां से लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
    पुलिस का कहना है कि यह कदम सड़क हादसों को कम करने और लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। लगातार नियम तोड़ने वालों पर निगरानी और सख्ती आगे भी जारी रहेगी। 
    ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, ताकि खुद की और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नियमों की अनदेखी न सिर्फ कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।
  • ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    दतिया । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के दतिया जिले के विजयपुर गांव में लालच और पारिवारिक कलह ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। यहां एक बेटे ने जमीन के मामूली टुकड़े के लिए अपनी ही मां के सिर को पत्थर से कुचलकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। यह वारदात जितनी खौफनाक थी, उसका मंजर उतना ही हृदयविदारक था; मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतका का डेढ़ साल का मासूम पोता अपनी दादी के लहूलुहान शव के पास बैठकर रो रहा था।

    पत्नी के दबाव में की हत्या

    घटना जिगना थाना क्षेत्र की है। आरोपी बेटे अरविन्द पाल का अपनी मां मिथला पाल से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि अरविन्द की पत्नी लगातार उस पर जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बना रही थी। बुधवार की रात इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया और अरविन्द ने सो रही मां पर भारी पत्थर से हमला कर उनकी जान ले ली।

    ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया आरोपी
    चीख-पुकार और हलचल सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोपी बेटे को भागने से पहले ही पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी अरविन्द पाल को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

    वारदात का संक्षिप्त विवरण

    स्थान: विजयपुर गांव, जिगना थाना क्षेत्र, दतिया। मृतका: मिथला पाल मां ।आरोपी: अरविन्द पाल बेटा।कारण: जमीनी विवाद और पत्नी का उकसावा।मार्मिक दृश्य: दादी के शव के पास बिलखता रहा डेढ़ साल का मासूम।

  • मध्यप्रदेश पुलिस ने किया एमडी ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़, 5 करोड़ का एमडी ड्रग्स जब्‍त

    मध्यप्रदेश पुलिस ने किया एमडी ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़, 5 करोड़ का एमडी ड्रग्स जब्‍त


    भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी कार्यवाही के परिणामस्वरूप राजगढ़ एवं मंदसौर जिले में की गई दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयों में पुलिस ने एमडी ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल, मादक पदार्थ एवं उपकरण जप्त की है।

    राजगढ़- लगभग 5 करोड़ रुपये का एमडी ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त 266.9 किलोग्राम कैमिकल जब्त

    दिनांक 07 फरवरी को थाना माचलपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम आदमपुरा के जंगल क्षेत्र में खेत में बनी एक खंती में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा एमडी ड्रग्स (मादक पदार्थ) निर्माण में प्रयुक्त रासायनिक पदार्थ ड्रमों में छिपाकर फेंका गया है।

    सूचना की तस्दीक उपरांत पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान खंती से 05 नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम बरामद हुए, जिनमें प्लास्टिक पन्नियों में भरा सफेद रंग का क्रिस्टलनुमा कैमिकल पाउडर पाया गया।

    प्रारंभिक परीक्षण एवं विशेषज्ञ अनुभव के आधार पर उक्त पदार्थ एमडी ड्रग्स के निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल होना पाया गया। तौल करने पर ड्रमों सहित कुल वजन 266.9 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग 05 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    बरामद समस्त कैमिकल को विधिवत जप्त कर थाना माचलपुर में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है तथा मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े नेटवर्क की गहन जांच जारी है।

    मंदसौर- गरोठ थाना क्षेत्र में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

    थाना प्रभारी गरोठ एवं उनकी टीम द्वारा मुखबिर सूचना पर ग्राम सुरजना स्थित खेत के कुएं पर दबिश दी गई। दबिश के दौरान मौके पर दो व्यक्ति एमडी ड्रग्स बनाते हुए पाए गए। मोके पर उनके कब्जे से 102 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी, 12 किलो 610 ग्राम एमडी निर्माण में प्रयुक्त केमीकलों का गाढ़ा मिश्रण, 3 किलो 540 ग्राम एमडी निर्माण में सहयोगी पारदर्शी तरल पदार्थ, 680 ग्राम एमडी निर्माण में सहयोगी सफेद केमीकल पाउडर, एक गैस सिलेंडर, एक सेंट्रीफ्यूज मशीन, एक चूल्हा-भट्टी, एक स्टील की थाली, एक स्टील का भगोना, नीले रंग का बिजली कनेक्शन तार, एक अर्थिंग हेतु लोहे का सरिया तथा दो मोबाइल फोन जब्त किए है। आरोपियों के विरुद्ध थाना गरोठ में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

    मध्यप्रदेश पुलिस अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, तस्करी एवं वितरण में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई कर रही है। भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यवाहियां निरंतर जारी रहेंगी।

  • विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता के आरोप में हुए पदावनत

    विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता के आरोप में हुए पदावनत

    इंदौर। बीते कुछ महीनों से लगातार विवादों में घिरे रंजीत सिंह पर आखिरकार पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। एक युवती द्वारा फेसबुक मैसेंजर के जरिए आपत्तिजनक संदेश भेजने के आरोप सामने आने के बाद यह मामला तूल पकड़ता चला गया। युवती ने आरोप लगाया था कि रंजीत सिंह ने उसे इंदौर बुलाने और ठहरने की व्यवस्था कराने से जुड़े संदेश भेजे थे। इस संबंध में युवती ने स्क्रीनशॉट भी साझा किए थे।

    मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हुए। शुरुआती कार्रवाई के तौर पर रंजीत सिंह को ट्रैफिक थाना से हटाकर पुलिस लाइन में पदस्थ किया गया था। हालांकि इसके बावजूद रंजीत ने सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाकर उसे वायरल कर दिया। इस हरकत को विभागीय अनुशासन का खुला उल्लंघन माना गया।

    विवाद यहीं नहीं थमा। हाल ही में रंजीत सिंह ने हाथ में पिस्टल और हथकड़ी लेकर एक और रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इस वीडियो ने पुलिस महकमे को और असहज कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी डीसीपी मुख्यालय प्रकाश परिहार को सौंपी गई।

    जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि रंजीत सिंह द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया गया और वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को डीसीपी द्वारा आदेश जारी करते हुए रंजीत सिंह को पदावनत कर पुनः आरक्षक बना दिया गया।पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और वर्दी की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर वर्दी पहनकर हथियारों का प्रदर्शन करना और रील बनाना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि पुलिस बल की साख और अनुशासन बना रहे।

    पुलिस महकमे की इस कार्रवाई को विभागीय सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मामलों पर कड़ा रुख अपनाना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करने से पहले सौ बार सोचे।

  • दामजीपुरा बवाल अपडेट: बैतूल में भारी पुलिस बल तैनात, आरोपी अब्बू खान गिरफ्तार; हिंसा के बाद अब शांति की ओर कदम

    दामजीपुरा बवाल अपडेट: बैतूल में भारी पुलिस बल तैनात, आरोपी अब्बू खान गिरफ्तार; हिंसा के बाद अब शांति की ओर कदम


    बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के दामजीपुरा गांव में बीते रविवार को हुई साम्प्रदायिक हिंसा के बाद अब हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे हैं। एक आपत्तिजनक और अमानवीय वीडियो वायरल होने के बाद भड़की भीड़ ने इलाके में जमकर उत्पात मचाया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है और फिलहाल गांव एक छावनी में तब्दील नजर आ रहा है।

    घटना का मूल कारण: अमानवीय कृत्य और आक्रोश विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक विशेष समुदाय के आदतन अपराधी अब्बू खान द्वारा गाय के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने का मामला सामने आया। इस घृणित कार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार सुबह दामजीपुरा और आसपास के करीब 10 गांवों से हजारों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित भीड़ ने आरोपी के घर और दुकान सहित कई स्थानों पर तोड़फोड़, आगजनी और पथराव किया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

    भारी सुरक्षा घेरा और 120 जवानों की तैनाती हालात बेकाबू होते देख बैतूल सहित आसपास के चार जिलों का पुलिस बल तत्काल दामजीपुरा रवाना किया गया। वर्तमान में करीब 120 सशस्त्र जवान गांव की गलियों में गश्त कर रहे हैं। पुलिस की पैनी नजर उन असामाजिक तत्वों पर है जो सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था तब तक कायम रहेगी जब तक पूर्ण विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता।

    आरोपी सलाखों के पीछे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अब्बू खान को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश कर सख्त रिमांड मांगी जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि आरोपी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बने। वहीं, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल उपद्रवियों की भी पहचान की जा रही है।

    बाजारों में लौटी रौनक, शांति की अपील सोमवार से दामजीपुरा के बाजार में दुकानें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं और लोग अपनी दिनचर्या की ओर लौट रहे हैं। कलेक्टर और एसपी ने संयुक्त रूप से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस विभाग ने चेतावनी जारी की है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

  • कलंकित हुआ शिक्षा का मंदिर: टीकमगढ़ में 58 वर्षीय शिक्षक ने मासूम छात्रा के साथ की दरिंदगी की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार

    कलंकित हुआ शिक्षा का मंदिर: टीकमगढ़ में 58 वर्षीय शिक्षक ने मासूम छात्रा के साथ की दरिंदगी की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार


    टीकमगढ़ । मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से मानवता और गुरु-शिष्य की पवित्र परंपरा को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। जहाँ एक ओर शिक्षक को समाज में ‘गुरु’ का दर्जा देकर भगवान से ऊपर माना जाता है, वहीं पलेरा थाना क्षेत्र के एक शासकीय स्कूल में एक 58 वर्षीय शिक्षक ने इस मर्यादा को तार-तार कर दिया। इस कलयुगी शिक्षक ने स्कूल परिसर के भीतर ही एक छह वर्षीय मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाने का प्रयास किया, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित मासूम रोज की तरह विद्या के मंदिर में शिक्षा ग्रहण करने पहुंची थी। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस शिक्षक की सुरक्षा में वह स्कूल जा रही है, वही उसकी मासूमियत को रौंदने की ताक में बैठा है। आरोपी शिक्षक ने मासूम को बहला-फुसलाकर स्कूल परिसर में ही बन रहे एक निर्माणाधीन कक्ष में ले गया। एकांत का फायदा उठाकर आरोपी ने छात्रा के कपड़े उतारे और उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। इस घिनौनी हरकत से सहमी मासूम जोर-जोर से रोने लगी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर और पकड़े जाने के डर से आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और इस बारे में किसी को न बताने की चेतावनी देकर छोड़ दिया।

    रोती-बिलखती मासूम जब अपने घर पहुंची, तो उसने अपनी दादी को पूरी आपबीती सुनाई। पोती की जुबानी शिक्षक की काली करतूत सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बिना देर किए परिजन बच्ची को लेकर पलेरा थाने पहुंचे और आरोपी शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की और आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

    इस घटना की खबर जैसे ही कस्बे में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हिंदू संगठनों ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों और संगठनों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि दोषी शिक्षक के खिलाफ न केवल कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए, बल्कि उसके घर पर प्रशासन का बुलडोजर चलाकर कड़ी नजीर पेश की जाए।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है और पुलिस हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच कर रही है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है कि कैसे शिक्षण संस्थानों में भी बच्चों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उचित कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है।

  • तराना में नमाज के बाद हंगामा: CCTV में कैद हुआ उपद्रव, 6 उपद्रवियों पर नामजद FIR दर्ज

    तराना में नमाज के बाद हंगामा: CCTV में कैद हुआ उपद्रव, 6 उपद्रवियों पर नामजद FIR दर्ज


    उज्जैन/तराना। मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के तराना शहर में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद माहौल गरमा गया। शहर के नई बाखल क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर उपद्रव मचाया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि उपद्रवियों की यह पूरी करतूत पास ही लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर थाने का घेराव किया और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है।

    घटना का विवरण और पुलिस की कार्रवाई

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को नमाज के बाद अचानक कुछ युवकों ने क्षेत्र में हुड़दंग शुरू कर दिया।नामजद FIR पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर 6 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।पहचान की प्रक्रिया: पुलिस वीडियो फुटेज को खंगाल रही है ताकि भीड़ में शामिल अन्य उपद्रवियों के चेहरों की पहचान कर उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके।वर्तमान स्थिति: घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।

    स्थानीय निवासियों में रोष

    नई बाखल के निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई न हो बल्कि कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में शांति भंग न हो सके। पुलिस ने जनता को आश्वस्त किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

    एक अन्य दुखद घटना: कुएं में मिली मां-बेटे की लाश

    तराना में मचे उपद्रव के बीच जिले से एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक महिला और उसके 3 माह के मासूम बच्चे की लाश कुएं में तैरती मिली है। जांच जारी: पुलिस इस मामले में उलझी हुई है कि यह आत्महत्या है, कोई दुखद हादसा या फिर सोची-समझी हत्या। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया गया है।

  • सतना में चांदी की चमक पर चोरों की टेढ़ी नजर: दो मंदिरों में सेंधमारी, डेढ़ किलो वजनी छत्र और मुकुट पार

    सतना में चांदी की चमक पर चोरों की टेढ़ी नजर: दो मंदिरों में सेंधमारी, डेढ़ किलो वजनी छत्र और मुकुट पार


    सतना । चांदी की आसमान छूती कीमतों ने अब चोरों को मंदिरों की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है। मध्यप्रदेश के सतना शहर में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात अज्ञात बदमाशों ने आस्था पर प्रहार करते हुए दो प्रमुख मंदिरों को निशाना बनाया। चोरों ने बड़ी सफाई से देवताओं के सिर से चांदी के मुकुट और छत्र पार कर दिए। इस दोहरी वारदात से न केवल पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े हुए हैं बल्कि शहर के श्रद्धालुओं में भी गहरा रोष है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह वारदात शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग इलाकों में हुई राजेंद्र नगर देवी मंदिर: यहाँ बदमाशों ने मंदिर का ताला तोड़कर माता रानी के ऊपर लगा चांदी का छत्र और अन्य आभूषण चोरी कर लिए। सुबह जब पुजारी और भक्त मंदिर पहुंचे, तब उन्हें इस चोरी की जानकारी हुई। हनुमान मंदिर: इसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हनुमान मंदिर में भी बदमाशों ने हाथ साफ किया। यहाँ पवनपुत्र हनुमान जी का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, दोनों मंदिरों से चोरी की गई चांदी का कुल वजन लगभग डेढ़ किलो बताया जा रहा है।

    वारदात की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस घटना के पीछे किसी ऐसे गिरोह का हाथ हो सकता है जो केवल कीमती धातुओं के लिए धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है चोरी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का सुराग लग सके। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मंदिरों की सुरक्षा के लिए रात के समय गश्त बढ़ाई जाए।

  • दमोह में सनसनी: कुएं में उतराती मिली मां और 3 माह के मासूम की लाश, हत्या या आत्महत्या के उलझाव में फंसी पुलिस

    दमोह में सनसनी: कुएं में उतराती मिली मां और 3 माह के मासूम की लाश, हत्या या आत्महत्या के उलझाव में फंसी पुलिस


    दमोह । मध्यप्रदेश के दमोह जिले से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक सरकारी कुएं के भीतर 35 वर्षीय महिला और उसके महज तीन महीने के दुधमुंहे बच्चे की लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने न केवल पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के बीच भी गहरे शोक और संदेह का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर एक मां और उसके मासूम बच्चे की जल समाधि के पीछे की असली वजह क्या है।

    घटना तेंदूखेड़ा के वार्ड नंबर एक स्थित एक सरकारी कुएं की है। शुक्रवार की सुबह जब नगर पालिका के सफाई कर्मचारी रोजाना की तरह अपने काम पर निकले और उनकी नजर कुएं के भीतर पड़ी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं के ठहरे हुए पानी में एक महिला और एक छोटे बच्चे का शव उतरा रहा था। शोर मचते ही वहां भारी भीड़ जमा हो गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय जयंती केवट और उसके 3 माह के पुत्र दीपांश केवट के रूप में हुई है।

    इस घटना ने कई अनसुलझे सवालों को जन्म दे दिया है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। पहली नजर में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है जिसमें मानसिक तनाव या पारिवारिक कलह के कारण मां ने आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस हत्या के एंगल को भी पूरी तरह से खारिज नहीं कर रही है। क्या किसी ने जयंती और उसके मासूम बच्चे को कुएं में धकेला? या फिर यह किसी गहरे षड्यंत्र का हिस्सा है? इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस की टीम सघन जांच कर रही है।

    तेंदूखेड़ा पुलिस ने पंचनामा तैयार कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और कारणों का खुलासा हो पाएगा। मृतिका के परिजनों और ससुराल पक्ष से भी पूछताछ की जा रही है ताकि जयंती के अंतिम घंटों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। एक हंसते-खेलते परिवार की इस तरह दुखद समाप्ति ने क्षेत्र में मातम पसरा दिया है वहीं मासूम दीपांश की मौत ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए हैं। फिलहाल पुलिस की तहकीकात जारी है और जल्द ही इस गुत्थी के सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।