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  • MP में सितंबर के आखिरी सप्ताह में तेज बारिश के आसार, 45 जिलों में बरसे बदरा; भोपाल के बांधों के गेट खोले गए

    MP में सितंबर के आखिरी सप्ताह में तेज बारिश के आसार, 45 जिलों में बरसे बदरा; भोपाल के बांधों के गेट खोले गए


    भोपाल । मध्य प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून की विदाई का दौर शुरू होने के बावजूद बारिश का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर तेज बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर अंडमान सागर में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय होने की स्थिति में है जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इसके चलते अगले चार दिनों में भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर ग्वालियर समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि 23 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नए सिस्टम की ताकत और उसकी दिशा आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति तय करेगी। सिस्टम यदि मजबूत होता है तो प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर और बढ़ सकता है। मौसम की गतिविधियों में बदलाव के साथ पूर्वानुमान भी बदलने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रदेश के लोगों को आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

    इससे पहले शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। भोपाल में लगातार बारिश के बाद भदभदा और कलियासोत डैम में पानी की आवक बढ़ गई। इसके चलते भदभदा का एक और कलियासोत डैम के दो गेट खोलने पड़े। कलियासोत नदी में भी लगातार पानी पहुंच रहा है। वहीं कई इलाकों में बारिश के कारण नदी नाले उफान पर आ गए।

    ब्यावरा में लगातार बारिश के कारण अजनार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा और इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए। आगर मालवा जिले के नलखेड़ा समेत कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई। रिपोर्ट के अनुसार नलखेड़ा में एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई जिसमें आठ लोगों की मौत की सूचना है। शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं ने बारिश के दौरान नदी नालों और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।

    शनिवार को मध्य प्रदेश के करीब 45 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। इनमें शिवपुरी गुना अशोकनगर दतिया रीवा सीधी सिंगरौली सतना जबलपुर कटनी नरसिंहपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट डिंडौरी भोपाल राजगढ़ सीहोर विदिशा रायसेन शहडोल उज्जैन देवास रतलाम इंदौर धार झाबुआ बड़वानी खंडवा नर्मदापुरम बैतूल हरदा समेत कई जिले शामिल रहे।

    बारिश के आंकड़ों में विदिशा के लटेरी में सबसे ज्यादा 4.2 इंच बारिश दर्ज की गई। गुना के कुंभराज में चार इंच जबकि आगर मालवा के नलखेड़ा में 92 मिलीमीटर यानी करीब 3.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। आगर के बड़ौद में 2.9 इंच और गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच बारिश हुई।

    मानसून सीजन की बात करें तो प्रदेश के कई जिलों में बारिश सामान्य से कम भी रही है। खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में कमी दर्ज की गई है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ है और कई क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात भी बने हैं। अब नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना के बीच सितंबर के आखिरी दिनों में प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

  • MP में 83.5% बारिश का कोटा पूरा, फिर भी 31 जिलों में कमी: मऊगंज में 53 इंच पानी, आलीराजपुर सबसे सूखा

    MP में 83.5% बारिश का कोटा पूरा, फिर भी 31 जिलों में कमी: मऊगंज में 53 इंच पानी, आलीराजपुर सबसे सूखा


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून अब धीरे धीरे अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और प्रदेश में अब तक बारिश का बड़ा आंकड़ा दर्ज हो चुका है। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसतन 31.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है जो अब तक की सामान्य बारिश के कोटे का 83.5 प्रतिशत है। हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण एक समान नहीं रहा है। जहां भोपाल समेत 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है वहीं 31 जिलों में अब भी औसत से काफी कम पानी गिरा है। ऐसे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश के बावजूद मानसून का आंकड़ा अभी पूरी तरह संतुलित नहीं हो पाया है।

    मौसम के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 790.8 मिलीमीटर यानी करीब 31.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह अब तक की सामान्य बारिश 840.6 मिलीमीटर यानी 33.1 इंच से लगभग 2 इंच कम है। पूरे प्रदेश के स्तर पर अभी तक औसत से करीब 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है जहां औसत के आसपास और कुछ क्षेत्रों में उससे ज्यादा बारिश हुई है जबकि पश्चिमी हिस्से में बारिश की कमी अधिक दिखाई दे रही है।

    भोपाल राजगढ़ शिवपुरी निवाड़ी मैहर भिंड श्योपुर सिंगरौली सीधी सतना मऊगंज और उमरिया उन जिलों में शामिल हैं जहां सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में मानसून का आंकड़ा 90 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच चुका है। उमरिया अनूपपुर आगर मालवा टीकमगढ़ छतरपुर पन्ना ग्वालियर गुना दतिया खरगोन और बुरहानपुर में भी अब तक बारिश की स्थिति काफी बेहतर मानी जा रही है।

    इस सीजन में सबसे ज्यादा बारिश पूर्वी मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में दर्ज की गई है जहां अब तक करीब 53 इंच पानी गिर चुका है। इसके विपरीत आलीराजपुर में सबसे कम करीब 13.6 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह अंतर साफ दिखाता है कि प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में मानसून की सक्रियता कितनी अलग रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिन भी प्रदेश के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बादल अधिक सक्रिय रहेंगे जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। 12 सितंबर के बाद नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने पर पूरे मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

    पूर्वी मध्यप्रदेश में पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई तेज बारिश से वहां के मौसमी आंकड़ों में बड़ा सुधार हुआ है। कई जिलों में लगातार बारिश के कारण नदी नालों का जलस्तर बढ़ा और कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात भी बने। इसके चलते सीजन की शुरुआत में बारिश में पीछे रहने वाला पूर्वी हिस्सा अब आंकड़ों में बेहतर स्थिति में पहुंच गया है।

    वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिले अब भी सामान्य बारिश से पीछे चल रहे हैं। आलीराजपुर अशोकनगर बैतूल देवास धार हरदा इंदौर झाबुआ खंडवा मंदसौर मुरैना नर्मदापुरम नीमच बड़वानी रायसेन रतलाम सीहोर शाजापुर उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। कुछ क्षेत्रों में यह कमी 7 प्रतिशत से लेकर 54 प्रतिशत तक बताई गई है।

    मध्यप्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का औसत करीब 37.3 इंच है। राजधानी भोपाल सहित इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच तक रहता है। जून में सामान्य से कम बारिश होने के बाद जुलाई और अगस्त में हुई अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार जरूर आया लेकिन शुरुआती कमी की पूरी भरपाई अभी नहीं हो सकी है।

    फिलहाल प्रदेश में अब तक 83.5 प्रतिशत बारिश का कोटा पूरा हो चुका है और आने वाले दिनों में नया सिस्टम सक्रिय होने पर बाकी इलाकों में भी बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा नजर अब रीवा और शहडोल संभाग पर रहेगी जहां अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

  • बारिश में पचमढ़ी बन जाती है स्वर्ग की तस्वीर घूमने से पहले जान लें मौसम से लेकर जरूरी सावधानियां तक पूरी जानकारी

    बारिश में पचमढ़ी बन जाती है स्वर्ग की तस्वीर घूमने से पहले जान लें मौसम से लेकर जरूरी सावधानियां तक पूरी जानकारी


    नई दिल्ली ।
     मध्यप्रदेश की सतपुड़ा पहाड़ियों के बीच बसा पचमढ़ी बारिश के मौसम में अपनी खूबसूरती के चरम पर पहुंच जाता है। चारों तरफ फैली हरियाली पहाड़ियों से उतरते झरने बादलों से ढकी चोटियां और जंगलों के बीच छाई धुंध यहां आने वाले पर्यटकों को अलग ही अनुभव देती है। पचमढ़ी को मानसून में घूमने की खास वजह यहां के झरने और प्राकृतिक नजारे हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन भी बारिश के मौसम में पचमढ़ी के धूपगढ़ और आसपास के प्राकृतिक स्थलों को खास आकर्षण के तौर पर बताता है।

    बारिश के मौसम में पचमढ़ी की सबसे खास बात यहां कऔर ठंडा मौसम है। सितंबर की शुरुआत में भी मौसम विभाग के पर्यटन पूर्वानुमान में पचमढ़ी में बादल और बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना दर्ज की गई है। 3 सितंबर को यहां अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जबकि पिछले 24 घंटे में 9 मिलीमीटर बारिश हुई थी। आने वाले दिनों में भी बादलों और बारिश का दौर बने रहने के संकेत मिले हैं।

    मानसून में पचमढ़ी घूमने वालों के लिए बी फॉल्स राजत प्रपात और अप्सरा विहार खास आकर्षण बने रहते हैं। बारिश के बाद इन झरनों में पानी का प्रवाह बढ़ जाता है जिससे इनका नजारा बेहद शानदार दिखाई देता है। राजत प्रपात करीब 350 फीट की ऊंचाई से गिरता है और धूप पड़ने पर पानी की धार चांदी की पट्टी जैसी नजर आती है। अप्सरा विहार भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है और यहां तक पहुंचने के लिए छोटा पैदल रास्ता तय करना पड़ता है।

    इसके अलावा धूपगढ़ मानसून में पचमढ़ी की यात्रा का सबसे यादगार पड़ाव बन सकता है। बारिश के बाद पहाड़ों पर छाई धुंध और बादलों के बीच से दिखाई देने वाला नजारा पर्यटकों को आकर्षित करता है। सतपुड़ा की पहाड़ियों पर हरियाली की चादर बिछ जाती है और कई जगहों पर बादल इतने नीचे नजर आते हैं कि ऐसा लगता है जैसे पर्यटक बादलों के बीच खड़े हों। पचमढ़ी समुद्र तल से करीब 1067 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसी वजह से बारिश के दौरान यहां का वातावरण मैदानी इलाकों की तुलना में काफी ठंडा और खुशनुमा रहता है।

    हालांकि बारिश के मौसम में पचमढ़ी घूमने का अपना रोमांच है लेकिन यात्रा के दौरान सावधानी भी बेहद जरूरी है। लगातार बारिश के बाद पहाड़ी रास्ते और ट्रैक फिसलन भरे हो सकते हैं इसलिए मजबूत ग्रिप वाले जूते पहनना बेहतर रहेगा। झरनों और गहरी घाटियों के आसपास सुरक्षा घेरा पार करने से बचना चाहिए। मौसम अचानक खराब होने पर ऊंचे और खुले स्थानों पर जाने से भी बचना जरूरी है। जंगल या ट्रैकिंग वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और गाइड के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

    बारिश में पचमढ़ी जाने वालों को छाता या रेनकोट के साथ अतिरिक्त कपड़े और मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए वाटरप्रूफ कवर भी रखना चाहिए। अगर यात्रा का उद्देश्य झरनों और हरियाली का आनंद लेना है तो सुबह का समय बेहतर रह सकता है क्योंकि बाद में बारिश तेज होने पर कुछ रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान देखकर ही दिन की यात्रा तय करना समझदारी होगी।

    कुल मिलाकर बारिश के मौसम में पचमढ़ी उन लोगों के लिए शानदार पर्यटन स्थल है जो भीड़भाड़ से दूर पहाड़ हरियाली झरने और बादलों के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं। मानसून में यहां की प्रकृति का रंग पूरी तरह बदल जाता है और यही वजह है कि बारिश के दिनों में पचमढ़ी की यात्रा सामान्य पर्यटन से कहीं ज्यादा यादगार बन जाती है।

  • भोपाल में रविवार को बरसेंगे बादल! 6 सितंबर को बारिश के साथ गरज चमक के आसार जानिए पूरे दिन कैसा रहेगा मौसम

    भोपाल में रविवार को बरसेंगे बादल! 6 सितंबर को बारिश के साथ गरज चमक के आसार जानिए पूरे दिन कैसा रहेगा मौसम


    भोपाल । भोपाल में 6 सितंबर को मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को राजधानी में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज चमक की स्थिति बन सकती है। भोपाल एयरपोर्ट के मौसम पूर्वानुमान में 6 सितंबर को न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री और अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है। दिन के दौरान आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है और बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। साथ ही आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

    राजधानी में पिछले दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी तेज बारिश तो कभी बादलों के बीच हल्की फुहारों का दौर देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण तापमान में भी राहत बनी हुई है और उमस से परेशान लोगों को कुछ राहत मिली है। 6 सितंबर को भी मौसम के इसी तरह बने रहने के आसार हैं। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ समय के अंतराल पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें देखने को मिल सकती हैं।

    रविवार को भोपाल में बारिश का असर खासतौर पर सुबह और दोपहर के आसपास देखने को मिल सकता है। अलग अलग पूर्वानुमानों में बारिश की संभावना के स्तर में अंतर है लेकिन सभी संकेत राजधानी में बादल और बारिश की संभावित गतिविधि की ओर इशारा कर रहे हैं। एक घंटेवार पूर्वानुमान में भी दिन के कई घंटों के दौरान बारिश की संभावना दर्ज की गई है। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जा सकती है।

    मौसम विभाग ने भोपाल के लिए गरज चमक और आकाशीय बिजली की संभावना भी बताई है। ऐसे मौसम में खुले मैदानों पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है। तेज बारिश होने की स्थिति में शहर के निचले इलाकों में पानी जमा होने और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना भी बनी रहती है। वाहन चालकों को बारिश के दौरान रफ्तार नियंत्रित रखने और पर्याप्त दूरी बनाकर चलने की जरूरत होगी।

    भोपाल के साथ ही मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है और पूर्वी मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में स्थिति प्रभावित हुई है। ऐसे में राजधानी में भी मौसम की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।

    कुल मिलाकर 6 सितंबर को भोपाल में मौसम सुहाना लेकिन अस्थिर रहने की संभावना है। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच बारिश और गरज चमक का दौर देखने को मिल सकता है। तापमान सामान्य से कम रहने के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी लेकिन आकाशीय बिजली और अचानक बारिश को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी होगा। खासकर सुबह से शाम तक बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम का ताजा अपडेट लेते रहना चाहिए।

  • शिवपुरी में मानसून फिर मेहरबान दोपहर से रुक-रुककर बारिश जारी औसत बारिश का आंकड़ा पहुंचा इतने करीब

    शिवपुरी में मानसून फिर मेहरबान दोपहर से रुक-रुककर बारिश जारी औसत बारिश का आंकड़ा पहुंचा इतने करीब


    शिवपुरी । शिवपुरी में शुक्रवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली और दोपहर बाद बारिश का दौर शुरू हो गया। आसमान में बादल छाने के बाद दोपहर से रुक-रुककर बारिश होती रही। देर शाम तक कई इलाकों में बूंदाबांदी और बारिश का सिलसिला जारी रहा। लगातार बदलते मौसम के बीच शहरवासियों को उमस और गर्मी से राहत मिली। शिवपुरी में फिलहाल मानसून सक्रिय बना हुआ है और मौसम विभाग के पूर्वानुमान में भी आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है।

    बारिश शुरू होने के साथ ही शहर का मौसम सुहाना हो गया। दोपहर में अचानक बादल घिरने के बाद बारिश हुई और इसके बाद कुछ समय के अंतराल पर फिर पानी बरसता रहा। बारिश की वजह से सड़कों पर भी नमी बढ़ गई और मौसम में ठंडक महसूस की गई। शिवपुरी में शुक्रवार को तापमान भी अपेक्षाकृत कम रहा। मौसम संबंधी ताजा जानकारी के मुताबिक दिन का अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के करीब रहने का अनुमान है।

    इस बारिश को सितंबर में सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम से जोड़कर देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में इस समय बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग से जुड़े पूर्वानुमानों के अनुसार 4 और 5 सितंबर को प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश का असर बढ़ सकता है। भोपाल उज्जैन नर्मदापुरम और ग्वालियर चंबल समेत कई संभागों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

    शिवपुरी में इस सीजन अब तक औसत बारिश का आंकड़ा भी लगातार बढ़ा है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार जिले में जून से अब तक 600 मिलीमीटर से ज्यादा औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। एक स्थानीय अपडेट में यह आंकड़ा 606.52 मिलीमीटर बताया गया है। वहीं बाद के अपडेट में कुल वर्षा 626.90 मिलीमीटर तक पहुंचने का उल्लेख है। इससे साफ है कि सितंबर की बारिश ने जिले के कुल वर्षा आंकड़े में भी इजाफा किया है।

    बारिश के बीच किसानों की नजर भी मौसम पर बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बारिश खेती के लिए अहम मानी जा रही है हालांकि ज्यादा बारिश होने पर खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है। शहर में भी निचले इलाकों और खराब जल निकासी वाले रास्तों पर बारिश का पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।

    फिलहाल शिवपुरी में बारिश का दौर पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी बारिश की संभावना है जबकि रविवार को भी शिवपुरी में बारिश का पूर्वानुमान है। ऐसे में अगले दो दिनों तक जिले में बादल और बारिश का असर बना रह सकता है।

  • भोपाल वालों के लिए मौसम का बड़ा अपडेट! 3 सितंबर को मध्यम बारिश के साथ गरज चमक के आसार

    भोपाल वालों के लिए मौसम का बड़ा अपडेट! 3 सितंबर को मध्यम बारिश के साथ गरज चमक के आसार


    भोपाल । भोपाल में सितंबर की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ नजर आ रहा है। बारिश और बादलों का दौर शहर में अभी पूरी तरह थमता दिखाई नहीं दे रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 3 सितंबर को राजधानी भोपाल में आसमान सामान्य तौर पर बादलों से घिरा रहेगा और मध्यम बारिश होने की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ऐसे में शहरवासियों को गर्मी से राहत मिलने के साथ दिनभर मौसम ठंडा और नम बना रह सकता है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 सितंबर को भोपाल में बारिश के साथ गरज चमक भी देखने को मिल सकती है। इसका असर शहर के अलग अलग इलाकों में अलग तरीके से दिखाई दे सकता है। कहीं हल्की बारिश हो सकती है तो कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और दिन बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। ऐसे में खुले आसमान के नीचे काम करने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    3 सितंबर को तापमान में भी बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने से सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो सकता है। वहीं अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने से दोपहर में भी तेज गर्मी का असर कम रहने की उम्मीद है। लगातार बादल और बारिश के कारण वातावरण में नमी बनी रह सकती है जिससे उमस का अनुभव कुछ समय के लिए बढ़ सकता है।

    बारिश के दौरान शहर की सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी कुछ इलाकों में परेशानी बढ़ा सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। बारिश के समय विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए।

    मौसम का यह बदलाव शहर के लिए कई मायनों में राहत देने वाला भी है। बारिश से तापमान नियंत्रित रहने के साथ वातावरण में गर्मी का असर कम हो सकता है। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सड़क यातायात प्रभावित होने और जलभराव जैसी स्थानीय समस्याएं सामने आ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर को भी भोपाल में बादल और मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है।

    कुल मिलाकर 3 सितंबर को भोपाल में मौसम बारिश वाला रहने के आसार हैं। आसमान में बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश के साथ गरज चमक देखने को मिल सकती है। तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण राजधानी में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना रह सकता है। ऐसे में बाहर निकलने वाले लोग छाता या रेनकोट साथ रखें और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें।

  • MP में बारिश का रौद्र रूप जारी, रीवा-शहडोल समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले 3 दिन अति भारी बारिश की आशंका

    MP में बारिश का रौद्र रूप जारी, रीवा-शहडोल समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले 3 दिन अति भारी बारिश की आशंका


    भोपाल । मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। शहडोल के बाणसागर डैम में तेजी से पानी की आवक बढ़ने के बाद इसके 6 गेट खोल दिए गए हैं। वहीं सतना और चित्रकूट में बाढ़ जैसे हालात ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लगातार बारिश को देखते हुए सतना में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है जबकि मैहर में भी सोमवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को रीवा मऊगंज मैहर सीधी उमरिया शहडोल डिंडौरी अनूपपुर मंडला सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    भोपाल समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। राजधानी भोपाल में बड़ा तालाब लगभग भरने की स्थिति में पहुंच गया है। तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच चुका है और अब यह फुल टैंक लेवल से महज 0.30 फीट नीचे है। इसके पूरी तरह भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाने की संभावना है। इससे कलियासोत डैम में भी पानी की आवक बढ़ सकती है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से सुधरा है और कई बांधों में 70 प्रतिशत से ज्यादा पानी पहुंच चुका है।

    पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट तक उफान पर पहुंच गई थी। गोरगी बांध फूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव के कारण रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सड़कों और घरों में मिट्टी कीचड़ और मलबा जमा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और राहत शिविर में प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने अतिक्रमण को भी बाढ़ की संभावित वजहों में शामिल बताया।

    शहडोल के बाणसागर डैम में भी पानी की आवक अचानक बढ़ी। डैम में पानी की आवक 808.64 क्यूमेक्स से बढ़कर 12 घंटे में 2677.29 क्यूमेक्स हो गई। इसके बाद दोपहर में डैम के 6 गेट खोल दिए गए। निचले इलाकों में प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। सिंगरौली मंडला सतना और अन्य जिलों में भी भारी बारिश के कारण नदी नाले उफान पर रहे।

    मौसम विभाग ने सितंबर की शुरुआत के अगले तीन दिनों में भी कई जिलों में अति भारी बारिश की आशंका जताई है। सीधी उमरिया मंडला निवाड़ी छतरपुर पन्ना दमोह नरसिंहपुर और नर्मदापुरम समेत कई क्षेत्रों में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। ऐसे में नदी नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

    प्रदेश में अब तक करीब 700 मिलीमीटर यानी 27.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य औसत 30.4 इंच से करीब 3.2 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में करीब 5 प्रतिशत जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि अनूपपुर निवाड़ी सतना शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया समेत कुछ जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

  • Madhya Pradesh Weather: 27 अगस्त तक बारिश का दौर, डिंडौरी-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट; विदिशा से रीवा तक बारिश बनी मुसीबत

    Madhya Pradesh Weather: 27 अगस्त तक बारिश का दौर, डिंडौरी-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट; विदिशा से रीवा तक बारिश बनी मुसीबत


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र से बने मजबूत मौसम सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। अगले 24 घंटे में खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने डिंडौरी और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए 4 से 8 इंच तक बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा विदिशा सागर रायसेन नर्मदापुरम बैतूल छिंदवाड़ा पांढुर्णा नरसिंहपुर दमोह सिवनी जबलपुर मंडला कटनी उमरिया शहडोल अनूपपुर रीवा मऊगंज सीधी और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    राजधानी भोपाल में रविवार रात तेज बारिश हुई। वहीं विदिशा जिले के लटेरी में करीब एक घंटे हुई मूसलाधार बारिश के बाद मुख्य बाजार में पानी भर गया। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अशोकनगर में बारिश ने एक परिवार पर दुखों का पहाड़ गिरा दिया। ईसागढ़ के नरसूखेड़ी गांव के पास पुलिया पार करते समय करीब 30 वर्षीय अजय मराठा बाइक समेत तेज बहाव में बह गया। काफी तलाश के बाद सोमवार सुबह उसका शव झाड़ियों में फंसा मिला।

    सीधी में भी बारिश के दौरान हादसा सामने आया जहां प्रसिद्ध बढ़ौरा शिव मंदिर के पास एक महिला की पुल से गिरने के बाद मौत हो गई। दूसरी ओर रीवा के जवा जनपद की रौली गांव में बाढ़ ने अंतिम यात्रा का रास्ता भी रोक दिया। संजय गांधी अस्पताल रीवा में मोतीलाल तिवारी के निधन के बाद जब उनका शव गांव ले जाया जा रहा था तो रास्ते में तेज बहाव के कारण आगे जाना मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने दो ड्रमों को आपस में बांधकर उनके ऊपर शव रखा और बाढ़ के पानी को पार कराया। इसके बाद शव गांव पहुंचाया गया और अंतिम संस्कार किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में 27 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी हिस्से के साथ अब पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई जगह तेज बारिश होने की संभावना है। भोपाल सीहोर राजगढ़ इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर सतना सिंगरौली मैहर पन्ना टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के मुताबिक जून में बारिश की कमी के बाद जुलाई में स्थिति कुछ सुधरी थी लेकिन मानसून के दो बार ब्रेक लेने से बारिश का आंकड़ा फिर पीछे चला गया। अब अगस्त के आखिरी सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत सिस्टम ने प्रदेश के कई हिस्सों में राहत दी है। हालांकि लगातार भारी बारिश के कारण नदी नालों के उफान पर आने और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और तेज बहाव वाले रास्तों व पुलियाओं को पार करने से बचने की सलाह दी गई है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का असर देखने को मिलेगा।
  • बारिश से फिर भीगेगा मध्य प्रदेश 20 अगस्त को इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भोपाल समेत कई जिलों में बढ़ी मौसम की हलचल

    बारिश से फिर भीगेगा मध्य प्रदेश 20 अगस्त को इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भोपाल समेत कई जिलों में बढ़ी मौसम की हलचल


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है और 20 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है जबकि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां धीरे धीरे मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

    20 अगस्त को टीकमगढ़ और सागर समेत कुछ इलाकों में भारी से बेहद भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर बना रहेगा। ग्वालियर दतिया और शिवपुरी सहित कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है। इस दौरान गरज चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है।

    राजधानी भोपाल की बात करें तो 20 अगस्त को मौसम मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहने और बारिश के आसार बने रहने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान में दिन का तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले कुछ दिनों में भी भोपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना दिखाई दे रही है।

    प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में नदी नालों और जलाशयों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने और खेतों में पानी जमा होने जैसी स्थिति भी सामने आ सकती है।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश की गतिविधि के पीछे सक्रिय मानसूनी सिस्टम का प्रभाव अहम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर रहने के बाद यह गतिविधि मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकती है। ऐसे में इंदौर उज्जैन भोपाल सागर जबलपुर रीवा और ग्वालियर चंबल संभाग के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी एक शहर में बारिश की तीव्रता अलग अलग हो सकती है इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनी पर ध्यान देना जरूरी है।

    बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज चमक का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे मौसम में खुले मैदान खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचना बेहतर होगा क्योंकि कई बार कम समय में हुई तेज बारिश से पानी तेजी से बढ़ सकता है।

    कुल मिलाकर 20 अगस्त को मध्य प्रदेश में मौसम सक्रिय रहने वाला है। कई जिलों में बारिश का दौर तेज हो सकता है जबकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए। आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं।

  • MP Weather Alert: पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में अलर्ट बांधों पर भी बढ़ा दबाव

    MP Weather Alert: पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में अलर्ट बांधों पर भी बढ़ा दबाव


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से अगले तीन दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं टीकमगढ़ छतरपुर सागर छिंदवाड़ा पांढुर्णा नरसिंहपुर सिवनी मंडला कटनी शहडोल सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर जबलपुर डिंडौरी सतना मऊगंज मैहर उमरिया अनूपपुर पन्ना दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    बारिश के इस दौर के बीच बांधों और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ने लगी है। मंडला डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बरगी बांध के गेट इस साल पहली बार खोले जाने की तैयारी है। 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोलकर करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। 17 अगस्त की रात बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था जबकि पानी की आवक करीब 1620 क्यूमेक बताई गई।

    उमरिया में भी जोहिला डैम के दो गेट एक एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में नदी नालों और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में परेशानी पैदा हो सकती है।

    हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण अभी भी एक समान नहीं है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में अब तक औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में बारिश की कमी 4 से 58 प्रतिशत तक बताई गई है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। दूसरी तरफ अनूपपुर शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया बड़वानी भिंड भोपाल बुरहानपुर देवास ग्वालियर खंडवा खरगोन राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी स्तर पर दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार 17 से 21 अगस्त के दौरान मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    ऐसे में अगले तीन दिन प्रदेश के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जा सकती है। खासकर नदी नालों और जलाशयों के आसपास जाने से बचना जरूरी है क्योंकि लगातार बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।