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  • MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना

    MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना


    सतना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में गुरुवार की रात एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई, जिसकी कहानी किसी फिल्म की पटकथा (Film script) जैसी लगती है। यहां एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने गोली लगने के बावजूद वो दिलेरी दिखाई, जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई है। बिजली विभाग के कर्मचारी (Electricity department employees) को एक दिव्यांग बदमाश ने सीने में गोली मार दी। खून से लथपथ होने के बाद भी बुजुर्ग ने हार नहीं मानी और हमलावर से भिड़ गए। छीना-झपटी में उन्होंने हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीन लिया, जिसके बाद बदमाश लंगड़ाते हुए भाग निकला।


    ड्यूटी से घर लौटते वक्त किया हमला

    बिजली विभाग के घायल कर्मचारी की पहचान रामनरेश बर्मन (60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अमदरा थाना क्षेत्र के नौगांव के निवासी हैं और सतना के प्रेम नगर स्थित विद्युत विभाग कार्यालय में चपरासी हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम जब वह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन पकड़ने के लिए पैदल स्टेशन की ओर जा रहे थे, और जैसे ही वह पटरी किनारे चलते हुए प्रेम नगर अंडरब्रिज के पास पहुंचे, तभी अंधेरे में छिपे एक दिव्यांग व्यक्ति ने उन्हें रोका और कट्टे से फायर कर दिया। गोली सीधे उनके बाएं सीने में लगी।


    मौत सामने थी, पर नहीं टूटा हौसला

    गोली लगते ही रामनरेश के शरीर से खून बहने लगा, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और गजब की जीवटता दिखाई। वे गिरने के बजाय हमलावर पर टूट पड़े। इसके बाद दोनों के बीच जमकर गुत्थम-गुत्था हुई और इस दौरान दिव्यांग हमलावर जमीन पर गिर गया। रामनरेश ने मौका देखते ही उसका नकली पैर खींच लिया और हाथ से कट्टा भी छीन लिया। अपना पैर और हथियार छिनता देख हमलावर घबरा गया और एक पैर से लंगड़ाते हुए मौके से फरार हो गया।


    झोले में नकली पैर और कट्टा लेकर थाने पहुंचे

    इस खौफनाक घटना और सीने में गोली लगी होने के बावजूद रामनरेश बर्मन झोले में हमलावर का नकली पैर और कट्टा भरकर सीधे सिटी कोतवाली पहुंचे। उनके एक हाथ में हमलावर का कृत्रिम पैर था और दूसरे हाथ में कट्टा था। यह दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए है। पुलिस ने तत्काल उन्हें वाहन से जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और घायल के बयान लिए।


    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    उधर सतना सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रामनरेश बर्मन जो कि विद्युत विभाग में चपरासी के पद पदस्थ हैं। वह रोज की तरह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन से घर जाने के लिए निकले थे तभी रास्ते पर अंधेरे में एक अज्ञात व्यक्ति आया और आकर रामनरेश पर कट्टे से फायर कर दिया। पुलिस ने कहा कि फायर करने वाला व्यक्ति विकलांग था उसका नकली पैर भी वहीं छूट गया है। आगे उन्होंने कहा कि हो सकता है अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश ने लूट के इरादे से गोली मारी होगी। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

  • MP: पाकिस्तानी पति-पति का पारिवारिक विवाद पहुंचा इंदौर HC, पत्नी ने लगाई पति को वापस भेजने की गुहार

    MP: पाकिस्तानी पति-पति का पारिवारिक विवाद पहुंचा इंदौर HC, पत्नी ने लगाई पति को वापस भेजने की गुहार


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) में पारिवारिक विवाद का एक बेहद खास मामला सुनवाई के लिए आया है, जिसमें पति-पत्नी दोनों पाकिस्तान (Husband and Wife Pakistani) के रहने वाले हैं, हालांकि पति बीते कुछ सालों से भारत में रह रहा है। अब इस कपल ने पारिवारिक सुलह के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल इस हिंदू जोड़े की शादी साल 2020 में पाकिस्तान में हुई थी, और शादी के कुछ समय बाद से ही यह दोनों अलग-अलग देशों में रह रहे हैं। इस दौरान सुलह-समझौते की तमाम कोशिशें नाकाम होने के बाद दोनों के बीच विवाद का यह मुद्दा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय पहुंच गया है। महिला ने पति पर आरोप लगाया है कि वह दूसरी शादी करने की तैयारी कर रहा है, वहीं पति का कहना है कि उसकी पत्नी उससे धन ऐंठने के लिए यह सब कर रही है।


    पत्नी का आरोप- पति करने जा रहा दूसरी शादी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी महिला निकिता देवी (28) ने उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में रिट याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता निकिता पाकिस्तान के कराची शहर की रहने वाली है। उसने अपने पति विक्रम कुमार नागदेव (35) पर बिना तलाक दिए दूसरी शादी की तैयारी करने का आरोप लगाया है और अदालत से उसे भारत से वापस पाकिस्तान भेजने की गुहार लगाई है।


    लॉन्ग टर्म वीजा पर इंदौर में रह रहा पाकिस्तानी शख्स

    अधिकारियों के मुताबिक पति-पत्नी पाकिस्तान के नागरिक हैं और उनकी शादी 26 जनवरी 2020 को वहां के सिंध प्रांत में हुई थी। फिलहाल महिला का पति लंबी अवधि के वीजा (LTV) के आधार पर इंदौर में रह रहा है। पाकिस्तानी महिला ने याचिका में आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसे छोड़ दिया है और वह भारत में रहने वाली एक महिला से मार्च 2026 में गैरकानूनी तौर पर दूसरी शादी की तैयारी कर रहा है।

    याचिकाकर्ता के वकील दिनेश रावत ने गुरुवार को बताया कि पाकिस्तान में अपने मायके में रह रही निकिता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दायर की है जिस पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों के मामलों में अलग-अलग रिट (औपचारिक आदेश) जारी करने की शक्ति देता है।


    महिला की गुहार- पति उठा रहा बेजा फायदा

    पाकिस्तानी महिला के वकील ने बताया, ‘मेरी मुवक्किल ने याचिका में उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है कि कानूनी जटिलताओं का बेजा फायदा उठा रहे उनके पति को भारत में दूसरी शादी करने से रोका जाए और वापस पाकिस्तान भेज दिया जाए।’


    पति बोला- वह अपनी मर्जी से पाकिस्तान लौटी थी

    उधर, निकिता के पति ने अपनी पत्नी के आरोपों को खारिज किया है। नागदेव ने कहा, ‘पाकिस्तान में शादी के बाद हम भारत आ गए थे। इसके थोड़े समय बाद मेरी पत्नी अपनी मर्जी से पाकिस्तान लौट गई थी। वह भारत आने या आपसी सहमति से तलाक लेने को राजी नहीं हुई। मैंने अपने समुदाय की पंचायतों के जरिए भी पारिवारिक विवाद सुलझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी।’


    शख्स ने कहा- अब पत्नी को तलाक देना चाहता हूं

    शख्स ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी पारिवारिक विवाद के बहाने उससे धन ऐंठने की कोशिश कर रही है। नागदेव का कहना है कि वह एलटीवी के आधार पर इंदौर में रह रहा है और तमाम भारतीय कानूनों का पालन कर रहा है। उसने कहा, ‘अब मैं अपनी पत्नी को तलाक देना चाहता हूं। उसने मुझे देश-विदेश में बदनाम करके मानसिक रूप से परेशान कर दिया है।’


    सिंधी पारिवारिक परामर्श केंद्र भी पहुंचा था मामला

    पाकिस्तानी दंपति का यह पारिवारिक विवाद उच्च न्यायालय से पहले, इंदौर के ‘सिंधी पंच मध्यस्थता एवं विधिक परामर्श केंद्र’ पहुंचा था, लेकिन वहां कोई समझौता नहीं हो सका। केंद्र के प्रमुख और सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने बताया, ‘मेरी कई कोशिशों के बाद भी दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता नहीं हो सका। इसके बाद मैंने जिला प्रशासन के सामने पेश अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की कि नागदेव को वापस पाकिस्तान भेज दिया जाना चाहिए क्योंकि वह और उसकी पत्नी दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं तथा उनके पारिवारिक विवाद का न्याय क्षेत्र पाकिस्तान है।’

    मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहलाने वाले इंदौर में लंबी अवधि के वीजा (एलटीवी) या रेजिडेंशियल परमिट के आधार पर सिंधी हिंदू समुदाय के उन शरणार्थियों की बड़ी आबादी रहती है जो कथित प्रताड़ना के चलते पाकिस्तान से पलायन कर भारत आए हैं।

  • MP: खंडवा के इस पूरे गांव को बताया था वक्फ प्रॉपर्टी.. जिला प्रशासन ने चलाया बुलडोजर, हटाया अतिक्रमण

    MP: खंडवा के इस पूरे गांव को बताया था वक्फ प्रॉपर्टी.. जिला प्रशासन ने चलाया बुलडोजर, हटाया अतिक्रमण


    खंडवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा जिले (Khandwa district) के सिहाड़ा गांव (Sihada village) में मंगलवार को तब हड़कंप मच गया जब प्रशासन ने दरगाह पीर मौजा परिसर (Dargah Peer Mouza Complex) के आसपास अवैध कब्जों पर बुलडोजर (Bulldozers Illegal Encroachments) चला दिया। इस दौरान 6 थाने की पुलिस मौजूद रही। इससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। दरगाह कमेटी में इस जमीन को वक्फ की बताया था। कमेटी में जिस खसरा नंबर पर दावा किया था वह खसरा पूरे गांव का खसरा था। खसरे के मुताबिक पूरे गांव की जमीन को वक्फ प्रॉपर्टी बता दिया गया था। इसको लेकर हड़कंप मच गया था।

    मामले की शुरुआत तब हुई जब सिहाड़ा ग्राम पंचायत ने सरकारी जमीन पर दुकान निर्माण के लिए दरगाह कमेटी को नोटिस भेजा था। सिहाड़ा ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि हेमंत सिंह चौहान का कहना है कि जिस जगह पर अवैध कब्जा किया गया है। वह सरकारी जमीन है। ग्राम पंचायत ने जमीन पर बाजार बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ग्राम पंचायत ने फरवरी में संबंधित पक्ष को नोटिस दिया था। कब्जाधारी पक्ष की ओर से कहा गया कि जमीन वक्फ की है आप वहां बाजार नहीं बना सकते हैं। इसके बाद सिहाड़ा ग्राम पंचायत ने तहसीलदार से गुहार लगाई थी।

    तहसीलदार की ओर से भी कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया गया था लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बजाए दरगाह कमेटी ने दुकान की जमीन समेत पूरे सिहाड़ा गांव की 14.500 हेक्टयर भूमि (जिस पर गांव बसा है) को वक्फ की बता दिया था। इतना ही नहीं कब्जाधारियों ने पूरे गांव को वक्त की संपत्ति बताकर भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील तक कर दी थी। इधर जिस रकबे पर पूरा गांव बसा है उसे वक्फ का बताए जाने को लेकर सिहाड़ा के लोगों में खलबली मच गई थी।

    हालांकि समिति ने बाद में कहा कि देखिए जी खसरा नंबर में टाइपो एरर होने के चलते यह स्थिति बन गई है। फिर वक्फ ट्रिब्यूनल में सुनवाई शुरू हो गई। वक्फ ट्रिब्यूनल ने ग्राम पंचायत को नोटिस जारी किया था। साथ ही वक्फ बोर्ड से भी दावे के पक्ष में दस्तावेज मांगे थे। वक्फ बोर्ड को इसके लिए टाइम दिया गया था। सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान ने भी अपने अधिवक्ता के माध्यम से गांव का पक्ष रखा। आखिरकार ट्रिब्यूनल का फैसला आया और उसने कब्जाधारियों के दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वक्फ बोर्ड ने निर्धारित समय में अपने दावे के पक्ष में जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए हैं इसलिए उनका दावा खारिज किया जाता है।

    ग्राम पंचायत ने सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने के लिए जिला प्रशासन को आवेदन दिया था। फैसला आते ही प्रशासन का अमला पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंचा और अवैध कब्जे के खिलाफ ऐक्शन शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि फैसले के बाद दरगाह पीर मौजा परिसर के आसपास का अतिक्रमण हटाया गया। दरगाह पीर मौज परिसर में दुकान तक बना दी गई गई थी जिसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। एक शौचालय और तार फेंसिंग को भी बुलडोजर चलाकर हटा दिया गया।

    बताया जाता है कि दरगाह परिसर में ही सामुदायिक भवन था। गौर करने वाली बात यह कि इस सामुदायिक भवन में मदरसा चलाया जा रहा था। प्रशासन के ऐक्शन के बाद मदरसे का संचालन बंद करा दिया गया है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे। खंडवा एसडीएम बजरंग बहादुर ने बताया कि ग्राम सिहाड़ा में कुछ लोगों ने सरकार की जमीन को वक्फ की संपत्ति बता कर अवैत तरीके से कब्जा कर लिया था। दुकान बना ली गई थी। प्रशासन ने बुलडोजर लगाकर अवैध कब्जों को हटा दिया है। दरगाह क्षेत्र से पूरे अतिक्रमण को हटा दिया गया है।

  • MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा

    MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा


    पन्ना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना में 24 वर्षीय सतीश खटीक और 23 वर्षीय साजिद मोहम्मद की किस्मत तब एकाएक चमक (Suddenly Luck Shines) गई, जब उनको खदान से 50 लाख रुपये कीमत का हीरा (Diamond worth Rs 50 lakh) मिला। दोनों ही युवा आर्थिक परेशानियों को लेकर भारी दबाव में थे और इसे बाहर निकलने की उम्मीद में 20 दिन पहले खदान को लीज पर लेने का दांव खेला था। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि यह कीमत रत्न 15.34 कैरेट का हीरा है, जिसे दोनों युवाओं ने पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराया है। इसकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पन्ना के रानीगंज मोहल्ला निवासी सतीश खटीक (24) और साजिद मोहम्मद (23) ने करीब 20 दिन पहले हीरा कार्यालय से कृष्णा कल्याणपुर क्षेत्र की उथली खदान का पट्टा लिया था। दोनों गरीबी की मार झेल रहे थे। दोनों अपने परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने और बहनों की शादी के लिए पैसों की जरूरत के चलते किस्मत आजमा रहे थे।

    परिवार की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साजिद ने दोस्त सतीश के साथ खदान खोदी और महज 20 दिन में बड़ी सफलता हासिल कर ली। सतीश एक मीट शॉप चलाता है जबकि साजिद फलों के ठेले पर काम करके अपना गुजारा करता है। साजिद के दादा और पिता ने भी दशकों तक अपनी किस्मत आजमाई लेकिन उन्हें कभी बड़ी सफलता नहीं मिली। दोनों दोस्त अपनी बहनों की शादी करना चाहते हैं।

    दोनों युवकों ने हीरा मिलने के बाद उसे तुरंत हीरा कार्यालय पन्ना में जमा करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह हीरा ‘जैम क्वालिटी’ का है। इसकी कीमत नीलामी में 50 लाख से भी अधिक तक पहुंच सकती है। हीरा आगामी नीलामी में रखा जाएगा। इसके बाद मिलने वाली राशि दोनों में बराबर बांटी जाएगी।

    दोनों ने बताया कि नीलामी से मिली रकम से वे सबसे पहले अपनी बहनों की शादी करेंगे। बाकी रकम अपने छोटे कारोबार को बढ़ाने में लगाएंगे। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि हीरे का वजन आकार और चमक बेहतरीन स्तर की है। विशेषज्ञ अनुपम सिंह ने इसे साल का अब तक का सबसे उम्दा हीरा बताया है। दो युवाओं को मिली इस कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पन्ना जिले की धरती मेहनतकश लोगों की किस्मत पलटने की क्षमता रखती है। सतीश और साजिद की सफलता पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • MP: जबलपुर में 96 घंटे डिजिटल अरेस्ट रहे बुजुर्ग दंपति, पुलिस ने लूटने से बचाया

    MP: जबलपुर में 96 घंटे डिजिटल अरेस्ट रहे बुजुर्ग दंपति, पुलिस ने लूटने से बचाया


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) से साइबर ठगों (Cyber ​​fraudsters) की खौफनाक करतूत सामने आई है। साइबर ठगों ने एक रिटायर स्कूल प्रधानाचार्य और उनके पति को खुद को एटीएस अधिकारी बताकर चार दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ किए रखा। ठगों ने दंपति को आतंकवादियों से संबंध और 70 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर उनकी निजी व बैंक संबंधी जानकारी ले ली और एक ऐप डाउनलोड कराकर उन पर निगरानी रखी।

    मंगलवार को महिला को बैंक भेजा गया, तो उसने एक वकील को सूचना दी। इसके बाद एएसपी-क्राइम ब्रांच जितेंद्र सिंह घमपुर इलाके में दंपति के घर पहुंचे और उन्हें डिजिटल गिरफ्तारी से बचाया।

    उन्होंने बताया कि छह दिसंबर को एक व्यक्ति ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर दंपति से कहा कि उनके संबंध एक ‘आतंकवादी’ के साथ हैं और उनके बैंक खाते के जरिए 70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। ठगों ने बुजुर्ग दंपत्ति पर आरोप लगाया कि उन्हें कमीशन के रूप में 70 लाख रुपये मिले हैं।

    एएसपी के अनुसार, फोन करने वाले ने दोनों को यह भी बताया कि उनके नाम पर पंजीकृत सिम कार्ड का उपयोग करके देश के बारे में गोपनीय जानकारी विदेश भेजी जा रही है। फोन करने वाले ने दंपति से उनके परिवार के सदस्यों, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, बैंक खातों और एफडी के बारे में जानकारी मांगी।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद आरोपियों ने उन्हें एक लिंक से भेजे ऐप को डाउनलोड करने के लिए कहा। आरोपियों ने दंपति को 4 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। मंगलवार दोपहर को महिला किसी काम के लिए बैंक गई। घर से निकलने के बाद महिला ने एक वकील को अपनी स्थिति के बारे में सूचित किया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। अभी पता नहीं चल सका है कि दंपति ने डिजिटल अरेस्ट होने के दौरान ठगों को कोई पैसा ट्रांसफर किया था या नहीं।

  • मप्रः रीवा में जीएसटी विभाग का छापा, किराना दुकान में मिले संदिग्ध बिल और कागजात

    मप्रः रीवा में जीएसटी विभाग का छापा, किराना दुकान में मिले संदिग्ध बिल और कागजात


    रीवा।
    मध्य प्रदेश के रीवा में शुक्रवार शाम शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में जीएसटी विभाग की टीम ने रतन किराना स्टोर पर अचानक छापा मारा। लंबे समय से दुकान पर जीएसटी चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विभाग ने बिना पूर्व जानकारी के कार्रवाई करने का निर्णय लिया। टीम के पहुंचते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ ही मिनटों में दुकान के बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

    विभाग के अधिकारियों ने दुकान के अंदर जाकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। सूत्रों के अनुसार, टीम को कई ऐसे बिल और कागजात मिले हैं जिनमें बिलिंग से जुड़ी अनियमितताओं के संकेत मिलते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ बिल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे, जबकि कुछ में जीएसटी की गणना संदिग्ध पाई गई है। अधिकारियों ने इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और दुकान के कंप्यूटर सिस्टम का बैकअप भी लिया गया है, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा सके।

    कार्रवाई के दौरान दुकान मालिक से भी पूछताछ की गई और विभाग ने लेखा-जोखा से जुड़े कई प्रश्नों के उत्तर मांगे। हालांकि, दुकान संचालक ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि वह सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए तैयार है और किसी प्रकार की जानबूझकर की गई गलती नहीं हुई है।

    जीएसटी विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई शिकायतों और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही यह तय होगा कि दुकान के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

  • मप्रः इंदौर में दो साल की मासूम से दुष्कर्म करने वाले को 4 धाराओं में उम्रकैद

    मप्रः इंदौर में दो साल की मासूम से दुष्कर्म करने वाले को 4 धाराओं में उम्रकैद


    – देश में पहली बार दुष्कर्मी को चार बार उम्रकैद, कोर्ट ने कहा- महिलाएं बाहर ही नहीं, घर में भी असुरक्षित

    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दो साल की बच्ची को घर से उठाकर दुष्कर्म और उसकी हत्या की कोशिश करने वाले आरोपित को न्यायालय ने चार अलग-अलग धाराओं में चार बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पाक्सो) शिप्रा पटेल की कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। आरोपित दिनेश डाबर (38 वर्ष), निवासी धार को पाक्सो एक्ट की तीन धाराओं के साथ ही हत्या के प्रयास की धारा में अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही जबरदस्ती संबंध बनाने की धारा में भी पांच साल की सजा सुनाई गई। दोषी पर कोर्ट ने 42,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

    फैसले में कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि दोषी ने बालिका को घर से ले जाकर उसके साथ बलात्कार की घटना कारित की। उसे गंभीर चोंटे पहुंचाई। यह उसकी आपराधिक कुंठित मानसिकता को दर्शाता है। वर्तमान परिवेश में महिलाएं न केवल घर के बाहर बल्कि घर के अंदर भी असुरक्षित हैं। ऐसी स्थिति में अभियुक्त को न्यूनतम दंडादेश दिया जाना न्यायोचित और विधिपूर्ण नहीं है ।

    विशेष लोक अभियोजक सुशीला राठौर एवं प्रीति अग्रवाल ने बताया कि घटना 13 अक्टूबर 2022 की है। बालिका के पिता ने थाना चंदननगर में सूचना दी कि वह एक निर्माणाधीन भवन में परिवार सहित रहता है वहां चौकीदारी करते हैं। रात में लगभग 2 बजे से उनकी दो साल की वर्षीय जो अपनी मां के पास सो रही थी, वह गायब हो गई है। उसने और उसकी पत्नी ने पुत्री की आसपास तलाश किया लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मामले में पुलिस ने पिता की रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर तलाश शुरू की। 13 अक्टूबर को सुबह रेती मंडी रोड स्थित खम्बाती कंपाउंड के सामने डायल-100 के सिपाही अभिनव सेन को झाड़ियों के पास घायल अवस्था में वह बच्ची मिली। जिसकी पहचान उसके माता-पिता ने की। विवेचना में घटनास्थल के आसपास स्थित सीसीटीवी फुटेज की रिकार्डिंग जब्त की। सीसीटीवी फुटेज में घटना में प्रयुक्त ट्रक ड्राइवर बच्ची के घर जाते हुए और वापस आते हुए दिखाई दिया।

    इन फुटेज की पहचान बच्ची के पिता से कराई तो उन्होंने बताया कि यह इस ट्रक का ड्राइवर दिनेश डाबर है। पुलिस ने इसे हिरासत में लेकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके साथ ही डीएनए जांच करवाई गई तो उसके द्वारा यह अपराध किया जाना साबित हुआ और उसने स्वीकार भी किया। इस पर पुलिस ने उसके खिलाफ अपहरण, पाक्सो, जान से मारने का प्रयास सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। बाद में पुलिस ने बालिका के शरीर में मिले डीएनए की जांच की तो आरोपित से डीएनए मैच हुआ। पुलिस ने मेडिकल व वैज्ञानिक साक्ष्यों, विशेषकर डीएनए रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी।

    शुक्रवार को अपर सत्र न्या्याधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो अधिनियम) क्षिप्रा पटेल ने आरोपी को विभिन्न चार धाराओं में आजीवन कारावास से दंडित किया। जिन धाराओं में उसे चार बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है वे धारा 5एम/6 पॉक्सो एक्ट, 5-J (iii) /6 पॉक्सो एक्ट, 5(ईR/ 6 पॉक्सो एक्टा और धारा 307 है। इसके साथ ही भादंवि की धारा 366 में 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 42 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक सुशीला राठौर और प्रीति अग्रवाल ने की।

    खास बात यह कि इस केस को कोर्ट ने गंभीर एवं सनसनीखेज प्रकरणों की श्रेणी में लिया। इसमें अभियोजन की ओर से कुल 31 गवाह करवाए गए। इसके अलावा परिस्थितजंय साक्ष्य भी काफी मजबूत रहे जिससे आरोपी को चौहरा आजीवन कारावास हुआ। कोर्ट ने बालिका को हुई मानसिक और शारीरिक क्षति की पूर्ति के लिए उसे 3 लाख रुपये पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत देने की अनुशंसा भी की है। कोर्ट ने इस मामले में दोषी को कम सजा देने को सही नहीं माना। कोर्ट ने आदेश में टिप्पणी की है कि उसने 2 वर्षीय मासूम को घर से उठाकर उसके साथ जघन्य कृत्य किया तथा उसे गंभीर चोटें पहुंचाईं, जो उसकी कुंठित आपराधिक मानसिकता को दर्शाता है। वर्तमान परिस्थिति में महिलाएं घर से बाहर ही नहीं, बल्कि घर के अंदर भी असुरक्षित हैं। ऐसी स्थिति में न्यूनतम दंड देना न्यायोचित नहीं है।

  • MP: सिवनी के सरकारी स्कूल में छात्रों से लगवाए गए 'अल्लाह हू अकबर' के नारे

    MP: सिवनी के सरकारी स्कूल में छात्रों से लगवाए गए 'अल्लाह हू अकबर' के नारे


    सिवनी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सिवनी जिले (Seoni district) के एक सरकारी स्कूल (Government school) में बच्चों से जबरन ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगवाने के बाद बवाल मच गया. मामला अरी थाना क्षेत्र के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल का है। बच्चों ने आरोप लगाया कि 1 दिसंबर को गीता पाठ के बाद उनसे 16 बार ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगवाए गए और स्कूल की प्रभारी प्रिंसिपल प्रतीक्षा मानगढ़े ने सभी बच्चों को नारा लगाने के लिए दबाव डाला।

    घर आकर बच्चों ने ये बात परिजनों को बताई तो बवाल मच गया. 3 दिसंबर को बच्चों और अभिभावकों के साथ हिंदूवादी संगठन के लोग भी स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल का विरोध करते हुए उनको स्कूल से हटाने और सस्पेंड किए जाने की मांग करने लगे।

    हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया. थोड़ी ही देर में जिला शिक्षा अधिकारी एसएस कुमरे भी स्कूल पहुंचे तो लोगों ने उनके ख़िलाफ़ भी नारेबाजी की, इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रभारी प्रिंसिपल प्रतीक्षा मानगढ़े से बात की और उन्हें स्कूल से हटाकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच कर दिया।

    गांव के लोग इस पर भी नहीं माने और प्रिंसिपल के निलंबन की मांग करने लगे तो जिला शिक्षा अधिकारी ने मौके पर ही एक जांच टीम का गठन कर दिया, जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद प्रिंसिपल पर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।

    जिला शिक्षा अधिकारी एसएस कुमरे ने बताया, ”शिकायत के बाद मैं खुद जांच करने स्कूल गया था, जहां प्रिंसिपल ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं, बल्कि सर्वधर्म सद्भाव का था, उन्होंने सबसे माफी भी मांगी. प्रिंसिपल को स्कूल से हटा दिया गया है और पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई है. रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

  • मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव खजुराहो में वैवाहिक कार्यक्रमों में हुए शामिल

    मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव खजुराहो में वैवाहिक कार्यक्रमों में हुए शामिल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को खजुराहो में दो वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित होकर वर एवं वधू को आशीर्वाद देकर सुखमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खजुराहो के एक निजी होटल में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस विवेक कुमार की पुत्री तथा राजनगर में पूर्व विधायक रेखा यादव के पुत्र के शादी समारोह में शामिल हुए। शुभकामना दी।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार सहित सांसद विष्णुदत्त शर्मा, विधायक अरविन्द पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या अग्निहोत्री भी उपस्थित रहीं।


    मुख्यमंत्री ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री तोमर के भतीजे के वैवाहिक कार्यक्रम में हुए शामिल

    इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के पारिवारिक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने ग्वालियर में रेसकोर्स रोड स्थित ऊर्जा मंत्री के निवास पर पहुंचकर उनके भतीजे सूर्य प्रताप सिंह तोमर (हितांशु) को सुखद दाम्पत्य जीवन के लिये आशीर्वाद एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने ऊर्जा मंत्री तोमर की माताश्री सुधा तोमर सहित अन्य परिजन से भी भेंट की। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल एवं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी ऊर्जा मंत्री तोमर के निवास पर पहुँचकर सूर्य प्रताप सिंह तोमर को सुखद दाम्पत्य जीवन के लिये शुभकामनाएँ प्रदान की।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले फिल्म निर्देशक गोवारीकर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से फिल्म निर्माता एवं निर्देशक आशुतोष गोवारीकर ने गुरुवार को ग्वालियर विमानतल पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवारीकर का आत्मीय स्वागत किया और प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर उनसे चर्चा की। आशुतोष गोवारीकर ने भी मध्य प्रदेश में मिल रहे सहयोग की सराहना की तथा ग्वालियर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता की प्रशंसा की। मुलाकात के दौरान फिल्म और पर्यटन क्षेत्र में संभावित सहयोग पर बातचीत हुई।

  • मप्रः अब भोपाल में पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव

    मप्रः अब भोपाल में पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 20 नवीन शिकारा नाव सेवा का शुभारंभ

    भोपाल। मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में ‘शिकारा नाव’ सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इन नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा।

    यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को भोपाल के बोट क्लब पर ‘शिकारा नाव’ सेवा को झंडी दिखाने के बाद कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे।

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है। ये शिकारे प्रदेश के जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलवाएंगे। प्रदेशवासी पर्यटन सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आएं। एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है। शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे। उन्हाेंने कहा कि मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है। आज अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान हैं। नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई।

    शिकारे की सैर का लिया आनंद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकारों को झंडा दिखाने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गणमान्य नागरिकों ने शिकारा बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे एवं फलों का जायका लिया। साथ ही फ्लोटिंग बोट मार्केट से मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाघ और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली और अथितियों के साथ टेलीस्कोप से सूर्य के दर्शन किए। टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई थी।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजधानी की इतनी बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है। इससे प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

    देश के दिल भोपाल का विशेष दर्जा है : हरियाणा वि.स. अध्यक्ष हरविंदर

    शिकारा सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब है, यह शहर देशभर में अलग दर्जा हासिल किए हुए है। बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय है। वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डल झील के शिकारों के माध्यम से कश्मीर को मध्यप्रदेश ले आएं हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म की यह पहल सराहनीय है।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण ‘फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन’ और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे।

    इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में पर्यटन प्रेमी उपस्थित थे।