Tag: Murder Case

  • जमीन के झगड़े में ग्रामीण को पीटकर जिंदा जलाने का आरोप: इलाज के दौरान मौत, पोते ने कहा- मेरी आंखों के सामने डीजल डालकर लगा दी आग

    जमीन के झगड़े में ग्रामीण को पीटकर जिंदा जलाने का आरोप: इलाज के दौरान मौत, पोते ने कहा- मेरी आंखों के सामने डीजल डालकर लगा दी आग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के नयागांव में जमीन विवाद को लेकर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक ग्रामीण को कथित तौर पर पहले बेरहमी से पीटा गया और फिर उस पर डीजल डालकर आग लगा दी गई। गंभीर रूप से झुलसे ग्रामीण की शनिवार सुबह जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    मृतक की पहचान अरविंद धाकड़ के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक परिवार में काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसका मामला अदालत में विचाराधीन है। गुरुवार को अरविंद धाकड़ और उनके परिजनों ने विवादित जमीन पर बोवनी की थी। शुक्रवार दोपहर वह अपने पोते अंशुल धाकड़ के साथ खेत पर फसल देखने पहुंचे थे। इसी दौरान आरोप है कि दूसरे पक्ष के कुछ लोग वहां पहुंचे और विवाद हिंसक हो गया।

    मृतक के पोते अंशुल धाकड़ ने आरोप लगाया कि प्रकाश धाकड़, आशा धाकड़, बंटी धाकड़, हरिओम धाकड़, हरिशंकर और विमल धाकड़ ने आते ही उन पर और उनके दादा पर लाठियों से हमला कर दिया। अंशुल किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकला, लेकिन उसने दूर से देखा कि आरोपी उसके दादा की लगातार पिटाई कर रहे थे। अंशुल का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने ट्रैक्टर से डीजल निकालकर अरविंद धाकड़ के ऊपर डाला और उन्हें आग के हवाले कर दिया।

    घटना के समय अंशुल के पास मोबाइल फोन नहीं था। वह दौड़कर घर पहुंचा और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद गंभीर रूप से झुलसे अरविंद धाकड़ को पहले पोहरी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। शनिवार सुबह करीब पांच बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

    पोहरी थाना प्रभारी रवि चौहान ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। घटना के संबंध में परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    प्राथमिक जांच में मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • रंजिश बनी हत्या की वजह, रेहटी पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

    रंजिश बनी हत्या की वजह, रेहटी पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार


    सीहोर। जिले के रेहटी थाना पुलिस ने युवक की हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बुदनी एसडीओपी रवि शर्मा के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपियों को पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

    पुलिस के अनुसार 2 जुलाई को महागांवजदीद निवासी रमाबाई ने रेहटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि संदीप, विनीत और उनके दो साथियों ने उनके भाई सुनील यदुवंशी के साथ डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी संदीप यदुवंशी और विनीत यदुवंशी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका सुनील यदुवंशी से लंबे समय से विवाद और आपसी रंजिश चल रही थी।

    आरोपियों के अनुसार 1 जुलाई की रात संदीप अपने चचेरे भाई विनीत यदुवंशी तथा दोस्तों मोहित धनवारे और प्रदीप यदुवंशी के साथ कार से महागांवजदीद जा रहा था। विनीत को उसके घर छोड़ने के दौरान संदीप के घर के सामने सड़क पर एक स्कूटी खड़ी थी। रास्ता साफ कराने के लिए विनीत ने कार का हॉर्न बजाया।

    हॉर्न की आवाज सुनकर सुनील यदुवंशी घर से बाहर आया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर संदीप, विनीत, मोहित धनवारे और प्रदीप कार से उतर गए और अपने पास मौजूद डंडों से सुनील पर हमला कर दिया। हमले में सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया।

    सुनील को बचाने के लिए उसकी बहन रमाबाई और जीजा सबर सिंह बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। आरोप है कि संदीप ने डंडे से सबर सिंह के सिर पर वार किया। गांव के पूनम यदुवंशी ने भी बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट कर उसे वहां से भगा दिया।

    वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी नीले रंग की कार से मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

  • रिश्ते पर शक ने छीनी दो जिंदगियां छह माह की गर्भवती पत्नी की पानी में डुबोकर हत्या का सनसनीखेज मामला

    रिश्ते पर शक ने छीनी दो जिंदगियां छह माह की गर्भवती पत्नी की पानी में डुबोकर हत्या का सनसनीखेज मामला


    नई दिल्ली। फरीदाबाद से सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले ने घरेलू हिंसा और रिश्तों में अविश्वास की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है। पुलिस के अनुसार 23 वर्षीय छह माह की गर्भवती महिला की कथित तौर पर उसके पति ने हत्या कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी पर लगातार शक करता था और इसी वजह से उसे रोजाना कई घंटों तक घर के अंदर बंद रखता था। घटना के बाद आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अमित गुप्ता दिल्ली के लाजपत नगर स्थित एक निजी कंपनी में ग्राफिक डिजाइनर के रूप में काम करता था। वह रोज सुबह काम पर निकलने से पहले घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर देता था और शाम को लौटकर ही उसे खोलता था। इस दौरान उसकी पत्नी नेहा कुमारी पूरे दिन घर के अंदर अकेली रहती थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को संदेह था कि उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध है और इसी शक के कारण वह उसे किसी से मिलने तक नहीं देता था।

    परिवार के लोगों और पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि नेहा लंबे समय से इस तरह की प्रताड़ना झेल रही थी। उसे अकेले बाजार जाने की भी अनुमति नहीं थी और वह अधिकतर समय घर में कैद जैसी जिंदगी बिताने को मजबूर थी। पड़ोसियों ने पुष्टि की कि महिला अक्सर पूरे दिन घर के अंदर बंद रहती थी और बाहर बहुत कम दिखाई देती थी। इसके बावजूद उसने कभी खुलकर अपने साथ हो रही प्रताड़ना का विरोध नहीं किया।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पिछले कुछ दिनों से नौकरी पर जाना बंद कर दिया था। इसी बात को लेकर पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था। अधिकारियों के अनुसार इसी विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपनी गर्भवती पत्नी का सिर पानी से भरी बाल्टी में डुबो दिया जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि महिला के पिता ने अपनी बेटी और दामाद के लिए जमीन खरीदकर घर बनवाया था। हालांकि जमीन का पंजीकरण आरोपी के नाम पर कराया गया था। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    महिला के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और मजबूत होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरेलू हिंसा और संदेह जैसी मानसिकता किस तरह पूरे परिवार को बर्बाद कर सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • जमीन विवाद में रिश्तों का कत्ल, ससुर पर दामाद की हत्या का आरोप, सास-ससुर हिरासत में

    जमीन विवाद में रिश्तों का कत्ल, ससुर पर दामाद की हत्या का आरोप, सास-ससुर हिरासत में


    रायबरेली । उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में जमीन विवाद ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। नसीराबाद थाना क्षेत्र के कुंवरमऊ ग्राम सभा के पूरे दुर्गा सिंह मजरे में हुए खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान वीरेंद्र सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई, जबकि मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इस दौरान वीरेंद्र सिंह पर चाकू से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    मृतक के परिजनों ने इस घटना के लिए उसके ससुर को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि जमीन विवाद के दौरान ससुर ने चाकू से हमला किया, जिसके कारण वीरेंद्र सिंह की मौत हुई। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    घटना की सूचना मिलते ही नसीराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ साक्ष्य भी जुटाए हैं। मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने मृतक के सास और ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर पुलिस क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

  • बच्चों की गवाही ने खोला हत्या का राज: संपत्ति विवाद में भाभी की हत्या के मामले में 6 ननदों को उम्रकैद

    बच्चों की गवाही ने खोला हत्या का राज: संपत्ति विवाद में भाभी की हत्या के मामले में 6 ननदों को उम्रकैद


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में सामने आया एक पारिवारिक विवाद उस समय सनसनीखेज आपराधिक मामले में बदल गया, जब एक महिला की संदिग्ध मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। शुरुआत में यह मामला सामान्य पारिवारिक कलह जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने रिश्तों की परतों के पीछे छिपी एक गंभीर साजिश को उजागर कर दिया। आखिरकार अदालत ने छह महिलाओं को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

    घटना उस समय की है जब परिवार में पिता की तेरहवीं का कार्यक्रम चल रहा था। घर में रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ था और शोक का माहौल था। इसी दौरान घर की बहू सुनीता अचानक अचेत अवस्था में मिली। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में मौत के कारणों को लेकर संशय बना रहा, लेकिन परिस्थितियां सामान्य नहीं लग रही थीं।

    जांच के दौरान पुलिस ने पड़ोसियों और परिवार के लोगों से पूछताछ की। पड़ोसियों ने बताया कि घटना से पहले घर के भीतर विवाद और झगड़े की आवाजें सुनाई दी थीं। इसके बाद पुलिस का ध्यान परिवार के भीतर चल रहे संपत्ति विवाद की ओर गया। सुनीता के पति का पहले ही निधन हो चुका था और वह अपने बच्चों के साथ ससुराल में रह रही थी। बताया गया कि पैतृक मकान और संपत्ति को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों और सुनीता के बीच लंबे समय से तनाव था।

    मामले में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब पुलिस ने सुनीता के बेटे सचिन और बेटी अंजली से बातचीत की। दोनों बच्चों ने जो जानकारी दी, उसने जांच की दिशा बदल दी। बच्चों ने बताया कि घटना वाले दिन घर में विवाद हुआ था और उन्होंने अपनी मां के साथ मारपीट होते देखी थी। बाद में उन्हें बहाने से घर से बाहर भेज दिया गया। जब वे लौटे तो उनकी मां अचेत अवस्था में पड़ी थी।

    इस बीच पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी सामने आई, जिसमें महिला के शरीर पर चोटों के निशान मिलने और गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। मेडिकल रिपोर्ट ने बच्चों के बयानों को मजबूती प्रदान की। पुलिस ने मामले में छह महिलाओं से पूछताछ की, लेकिन उनके बयानों में कई विरोधाभास सामने आए। जांच एजेंसियों को संदेह हुआ कि हत्या के पीछे संपत्ति विवाद प्रमुख कारण हो सकता है।

    मामला अदालत तक पहुंचा तो सुनवाई के दौरान बच्चों की गवाही सबसे अहम साबित हुई। बचाव पक्ष ने उनके बयानों को चुनौती देने की कोशिश की और यह साबित करने का प्रयास किया कि उन्हें प्रभावित किया गया है। हालांकि अदालत ने पाया कि दोनों बच्चों के बयान लगातार एक जैसे रहे और उनमें कोई महत्वपूर्ण विरोधाभास नहीं था। उनके बयान मेडिकल रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से भी मेल खाते थे।

    करीब एक वर्ष तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और जांच रिपोर्ट का परीक्षण किया। न्यायालय ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में सफल रहा है। अदालत ने बच्चों की गवाही को विश्वसनीय और महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए छहों आरोपियों को दोषी करार दिया।

    31 मार्च 2022 को सुनाए गए फैसले में अदालत ने छहों महिलाओं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला इस बात का उदाहरण बन गया कि कई बार बच्चों द्वारा देखी गई सच्चाई और उनका साहसिक बयान किसी जटिल अपराध की गुत्थी सुलझाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। साथ ही यह मामला पारिवारिक संपत्ति विवादों के खतरनाक परिणामों की भी एक गंभीर चेतावनी माना जाता है।

  • गुजरात के होटल में प्रेमिका की हत्या का आरोप, शिवपुरी ला रही पुलिस टीम के सामने हुई सनसनीखेज वारदात

    गुजरात के होटल में प्रेमिका की हत्या का आरोप, शिवपुरी ला रही पुलिस टीम के सामने हुई सनसनीखेज वारदात


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से जुड़े एक मामले में गुजरात के गांधी नगर जिले में ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया है। पुलिस के अनुसार, शिवपुरी से फरार हुए एक प्रेमी जोड़े को गुजरात से बरामद कर वापस लाया जा रहा था। इसी दौरान होटल में ठहरने के समय युवती की मौत हो गई, जबकि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक पर युवती की हत्या करने और बाद में खुद को घायल करने का आरोप है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    जानकारी के मुताबिक, शिवपुरी जिले के देहात थाना क्षेत्र के पिपरसमा गांव निवासी 21 वर्षीय रजनी धाकड़ और 25 वर्षीय संतोष जाटव 7 जून को घर से चले गए थे। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर उनकी तलाश शुरू की। पुलिस टीम युवती के भाई को साथ लेकर गुजरात पहुंची और 11 जून को दोनों को राजकोट जिले के सांपर क्षेत्र से बरामद कर लिया।

    इसके बाद पुलिस टीम दोनों को लेकर शिवपुरी लौट रही थी। लंबी यात्रा के चलते टीम ने गांधी नगर से आगे उदयपुर हाईवे पर स्थित एक होटल में रात के समय विश्राम करने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार, होटल के कमरे में पुलिसकर्मी, दोनों युवक-युवती और युवती का भाई समेत कुल छह लोग मौजूद थे।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, देर रात करीब दो से ढाई बजे के बीच कमरे में अचानक हलचल और चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी। मौजूद लोगों के जागने पर युवती गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली, जबकि युवक भी घायल था। पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने युवती को मृत घोषित कर दिया, जबकि युवक को गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

    घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि युवक की तलाशी ली गई थी और उसके पास कोई धारदार वस्तु नहीं मिली थी। हालांकि, महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होने के कारण युवती की तलाशी नहीं ली गई थी। ऐसे में घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार कहां से आया, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।

    चूंकि घटना गुजरात के गांधी नगर जिले के अंतर्गत हुई है, इसलिए स्थानीय चिलोड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिवपुरी पुलिस के अधिकारियों ने भी घटना की पुष्टि की है और बताया है कि अब पूरे मामले की जांच गुजरात पुलिस के अधिकार क्षेत्र में की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। होटल स्टाफ, प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस टीम के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही होटल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

    फिलहाल युवक अस्पताल में उपचाराधीन है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

  • सीबीआई जांच नहीं होती तो हो जाता एनकाउंटर: रिहा हुए बलिया के राज सिंह का सनसनीखेज दावा

    सीबीआई जांच नहीं होती तो हो जाता एनकाउंटर: रिहा हुए बलिया के राज सिंह का सनसनीखेज दावा

    बलिया। पश्चिम बंगाल सीएम के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले में गलत पहचान के चलते गिरफ्तार किए गए बलिया के राज सिंह ने रिहाई के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की सीबीआई जांच नहीं होती तो उनका एनकाउंटर तक हो सकता था।

    राज सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें एसओजी टीम ने बिना ठोस सबूत के अयोध्या से उठाया था और जबरन दबाव बनाया गया कि वह अपराध स्वीकार करें। उनके मुताबिक, पूछताछ के दौरान उन पर लगातार दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं कि “सच नहीं बताया तो एनकाउंटर कर दिया जाएगा।”

    उन्होंने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के बाद परिवार ने लगातार उनके निर्दोष होने के सबूत पेश किए, जिनमें घर के सीसीटीवी फुटेज भी शामिल थे, जिससे यह साबित हुआ कि घटना के समय वह अपने घर पर मौजूद थे। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई और जांच में सामने आया कि असली आरोपी कोई और है।

    सीबीआई जांच में खुलासा होने के बाद राज सिंह को रिहा कर दिया गया, जबकि असली आरोपी राजकुमार सिंह उर्फ राज को बाद में मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया।

    रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में राज सिंह ने कहा कि अगर जांच एजेंसी बदलकर सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, तो शायद सच सामने नहीं आ पाता और वह आज जिंदा नहीं होते। उन्होंने सीबीआई अधिकारियों का आभार जताया कि उन्होंने निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई।

    राज सिंह बलिया के आनंद नगर मोहल्ले के रहने वाले हैं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े बताए जाते हैं। इससे पहले उन पर एक अंडा व्यवसायी की हत्या के मामले में भी आरोप लग चुका है, जिसमें वे फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

    इस पूरे मामले ने पुलिस की शुरुआती जांच और एसओजी की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • जबलपुर में खौफनाक वारदात: गले और चेहरे पर चाकू मारकर युवक की हत्या

    जबलपुर में खौफनाक वारदात: गले और चेहरे पर चाकू मारकर युवक की हत्या


    नई दिल्ली।  मध्यप्रदेश के Jabalpur में एक बार फिर देर रात हुई हिंसक वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है। गोहलपुर थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। यह घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है, जिसमें पुरानी रंजिश को मुख्य वजह माना जा रहा है।

    मृतक की पहचान समता कॉलोनी निवासी भावेश वीरानी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, भावेश अपने घर के पास देर रात घूम रहा था, तभी बाइक पर सवार होकर तीन युवक वहां पहुंचे। आरोपियों की पहचान अरुण, आयुष और शिव के रूप में हुई है।

    बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहुंचते ही भावेश को घेर लिया और पुराने विवाद को लेकर बहस शुरू कर दी। कुछ ही मिनटों में यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि तीनों हमलावरों ने युवक पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए, जिसमें गले और हाथ पर गंभीर चोटें आईं।

    हमले के बाद भावेश मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत वहां से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

    Jabalpur के गोहलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। हालांकि अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिजनों का कहना है कि करीब छह महीने पहले भावेश का आरोपियों से विवाद हुआ था, जिसके बाद से दोनों पक्षों में तनाव चल रहा था। उसी रंजिश का बदला लेने के लिए इस हत्या को अंजाम दिया गया।

    घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। लगातार हो रही चाकूबाजी की घटनाओं ने शहर की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • अमरोहा में खून के रिश्तों का काला सच: नशे से परेशान परिवार ने ही कर दी बेटे की 5 लाख की सुपारी देकर हत्या

    अमरोहा में खून के रिश्तों का काला सच: नशे से परेशान परिवार ने ही कर दी बेटे की 5 लाख की सुपारी देकर हत्या



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक परिवार पर अपने ही 35 वर्षीय बेटे की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। मामला डिडौली कोतवाली क्षेत्र के शमपुर गांव, अमरोहा का है, जहां सूखी गंगनहर में युवक दुष्यंत का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि दुष्यंत लंबे समय से नशे का आदी था और आए दिन घर में विवाद और मारपीट करता था। इसी से परेशान होकर कथित तौर पर उसके परिवार ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि इस साजिश में छोटे भाई संकित ने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।

    जानकारी के अनुसार, हत्या के लिए लगभग 5 लाख रुपये की सुपारी देने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि दुष्यंत को ईंट से सिर पर वार कर गंभीर रूप से घायल किया गया और फिर उसके शव को गंगनहर में फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    घटना के अगले दिन शव मिलने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। मृतक के सिर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे हत्या की पुष्टि और मजबूत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू की और जब परिवार से पूछताछ की गई तो मामला संदिग्ध लगा।

    एसपी के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि मृतक का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी चोरी और मारपीट जैसे मामलों में जेल जा चुका था। पूछताछ के बाद परिवार के कुछ सदस्यों ने अपराध में संलिप्तता की बात स्वीकार की है, जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    कुल मिलाकर यह मामला नशे, पारिवारिक तनाव और अपराध की ऐसी दर्दनाक कहानी बन गया है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।

  • सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा

    सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शराब माफियाओं की पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार ने भी रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी घटना में नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी।

    लगातार दो मौतों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बोलेरो से आए हमलावरों ने की थी बेरहमी से पिटाई

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है जब वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से काम के बाद लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के संदेह में लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह बचकर घर पहुंचा था। बाद में नीरज की मौत हो गई थी।

    सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

    शनिवार सुबह नीरज का शव बरेठा बाबा की घाटी के पास सड़क किनारे मिला था। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को वहां फेंक दिया। इसी बीच सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी भी मौत हो गई।

    मरने से पहले दिए आरोपियों के नाम

    अस्पताल में भर्ती सूरज ने पुलिस को दिए बयान में कई नामों का खुलासा किया था। उसने बताया कि अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत कई लोगों ने मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं।

    शाहपुर में तनाव, चक्काजाम और पुलिस पर सवाल

    दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।

    पुलिस की कार्रवाई जारी

    पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।