Tag: Murder Case

  • सीबीआई जांच नहीं होती तो हो जाता एनकाउंटर: रिहा हुए बलिया के राज सिंह का सनसनीखेज दावा

    सीबीआई जांच नहीं होती तो हो जाता एनकाउंटर: रिहा हुए बलिया के राज सिंह का सनसनीखेज दावा

    बलिया। पश्चिम बंगाल सीएम के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले में गलत पहचान के चलते गिरफ्तार किए गए बलिया के राज सिंह ने रिहाई के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले की सीबीआई जांच नहीं होती तो उनका एनकाउंटर तक हो सकता था।

    राज सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें एसओजी टीम ने बिना ठोस सबूत के अयोध्या से उठाया था और जबरन दबाव बनाया गया कि वह अपराध स्वीकार करें। उनके मुताबिक, पूछताछ के दौरान उन पर लगातार दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं कि “सच नहीं बताया तो एनकाउंटर कर दिया जाएगा।”

    उन्होंने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के बाद परिवार ने लगातार उनके निर्दोष होने के सबूत पेश किए, जिनमें घर के सीसीटीवी फुटेज भी शामिल थे, जिससे यह साबित हुआ कि घटना के समय वह अपने घर पर मौजूद थे। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई और जांच में सामने आया कि असली आरोपी कोई और है।

    सीबीआई जांच में खुलासा होने के बाद राज सिंह को रिहा कर दिया गया, जबकि असली आरोपी राजकुमार सिंह उर्फ राज को बाद में मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया।

    रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में राज सिंह ने कहा कि अगर जांच एजेंसी बदलकर सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, तो शायद सच सामने नहीं आ पाता और वह आज जिंदा नहीं होते। उन्होंने सीबीआई अधिकारियों का आभार जताया कि उन्होंने निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई।

    राज सिंह बलिया के आनंद नगर मोहल्ले के रहने वाले हैं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े बताए जाते हैं। इससे पहले उन पर एक अंडा व्यवसायी की हत्या के मामले में भी आरोप लग चुका है, जिसमें वे फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

    इस पूरे मामले ने पुलिस की शुरुआती जांच और एसओजी की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • जबलपुर में खौफनाक वारदात: गले और चेहरे पर चाकू मारकर युवक की हत्या

    जबलपुर में खौफनाक वारदात: गले और चेहरे पर चाकू मारकर युवक की हत्या


    नई दिल्ली।  मध्यप्रदेश के Jabalpur में एक बार फिर देर रात हुई हिंसक वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है। गोहलपुर थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। यह घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है, जिसमें पुरानी रंजिश को मुख्य वजह माना जा रहा है।

    मृतक की पहचान समता कॉलोनी निवासी भावेश वीरानी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, भावेश अपने घर के पास देर रात घूम रहा था, तभी बाइक पर सवार होकर तीन युवक वहां पहुंचे। आरोपियों की पहचान अरुण, आयुष और शिव के रूप में हुई है।

    बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहुंचते ही भावेश को घेर लिया और पुराने विवाद को लेकर बहस शुरू कर दी। कुछ ही मिनटों में यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि तीनों हमलावरों ने युवक पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए, जिसमें गले और हाथ पर गंभीर चोटें आईं।

    हमले के बाद भावेश मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत वहां से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

    Jabalpur के गोहलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। हालांकि अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिजनों का कहना है कि करीब छह महीने पहले भावेश का आरोपियों से विवाद हुआ था, जिसके बाद से दोनों पक्षों में तनाव चल रहा था। उसी रंजिश का बदला लेने के लिए इस हत्या को अंजाम दिया गया।

    घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। लगातार हो रही चाकूबाजी की घटनाओं ने शहर की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • अमरोहा में खून के रिश्तों का काला सच: नशे से परेशान परिवार ने ही कर दी बेटे की 5 लाख की सुपारी देकर हत्या

    अमरोहा में खून के रिश्तों का काला सच: नशे से परेशान परिवार ने ही कर दी बेटे की 5 लाख की सुपारी देकर हत्या



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक परिवार पर अपने ही 35 वर्षीय बेटे की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। मामला डिडौली कोतवाली क्षेत्र के शमपुर गांव, अमरोहा का है, जहां सूखी गंगनहर में युवक दुष्यंत का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि दुष्यंत लंबे समय से नशे का आदी था और आए दिन घर में विवाद और मारपीट करता था। इसी से परेशान होकर कथित तौर पर उसके परिवार ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि इस साजिश में छोटे भाई संकित ने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।

    जानकारी के अनुसार, हत्या के लिए लगभग 5 लाख रुपये की सुपारी देने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि दुष्यंत को ईंट से सिर पर वार कर गंभीर रूप से घायल किया गया और फिर उसके शव को गंगनहर में फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    घटना के अगले दिन शव मिलने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। मृतक के सिर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे हत्या की पुष्टि और मजबूत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू की और जब परिवार से पूछताछ की गई तो मामला संदिग्ध लगा।

    एसपी के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि मृतक का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी चोरी और मारपीट जैसे मामलों में जेल जा चुका था। पूछताछ के बाद परिवार के कुछ सदस्यों ने अपराध में संलिप्तता की बात स्वीकार की है, जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    कुल मिलाकर यह मामला नशे, पारिवारिक तनाव और अपराध की ऐसी दर्दनाक कहानी बन गया है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।

  • सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा

    सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शराब माफियाओं की पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार ने भी रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी घटना में नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी।

    लगातार दो मौतों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बोलेरो से आए हमलावरों ने की थी बेरहमी से पिटाई

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है जब वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से काम के बाद लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के संदेह में लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह बचकर घर पहुंचा था। बाद में नीरज की मौत हो गई थी।

    सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

    शनिवार सुबह नीरज का शव बरेठा बाबा की घाटी के पास सड़क किनारे मिला था। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को वहां फेंक दिया। इसी बीच सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी भी मौत हो गई।

    मरने से पहले दिए आरोपियों के नाम

    अस्पताल में भर्ती सूरज ने पुलिस को दिए बयान में कई नामों का खुलासा किया था। उसने बताया कि अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत कई लोगों ने मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं।

    शाहपुर में तनाव, चक्काजाम और पुलिस पर सवाल

    दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।

    पुलिस की कार्रवाई जारी

    पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

  • निजाम पैलेस आ जाओ… आखिरी कॉल और फिर गोलियों की बारिश, चंद्रनाथ रथ की रहस्यमयी हत्या से दहला बंगाल

    निजाम पैलेस आ जाओ… आखिरी कॉल और फिर गोलियों की बारिश, चंद्रनाथ रथ की रहस्यमयी हत्या से दहला बंगाल

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों एक ऐसी घटना से हिल गई है, जिसने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाने वाले चंद्रनाथ रथ की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उनकी आखिरी फोन कॉल की हो रही है, जिसमें उन्होंने अपने एक करीबी दोस्त से कहा था कि वह “निजाम पैलेस आ जाए”, जहां वे चाय पीने और राजनीतिक जीत का जश्न मनाने की बात कर रहे थे। यह साधारण सी बातचीत कुछ ही घंटों बाद एक दर्दनाक हकीकत में बदल गई।

    जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब चंद्रनाथ रथ अपनी कार से देर रात यात्रा कर रहे थे। रास्ते में कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी का पीछा किया और अचानक घेरकर गोलियां चला दीं। फायरिंग इतनी तेज थी कि चंद्रनाथ और उनके ड्राइवर दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही चंद्रनाथ की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

    बताया जाता है कि हमलावर बेहद योजनाबद्ध तरीके से आए थे। उन्होंने पहले से रेकी की हुई थी और जैसे ही गाड़ी एक सुनसान हिस्से में धीमी हुई, हमला कर दिया गया। चंद्रनाथ को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस घटना ने पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    चंद्रनाथ रथ का जीवन काफी प्रेरणादायक माना जाता है। वे मूल रूप से एक अनुशासित और सेवाभावी पृष्ठभूमि से आते थे और लगभग 20 साल तक वायुसेना में देश की सेवा कर चुके थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र में भी काम किया, लेकिन जल्द ही उनका रुझान राजनीति की ओर बढ़ा। धीरे-धीरे वे सुवेंदु अधिकारी के बेहद भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल हो गए और उनके चुनावी अभियानों में अहम भूमिका निभाने लगे।

    राजनीतिक हलकों में उन्हें एक शांत लेकिन बेहद प्रभावशाली रणनीतिकार माना जाता था। वे कैमरों से दूर रहकर पूरी रणनीति और संगठनात्मक काम संभालते थे। यही वजह थी कि उन्हें अधिकारी का सबसे करीबी और भरोसेमंद व्यक्ति कहा जाता था। उनकी अचानक हुई हत्या ने कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।

    घटना के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है। एक पक्ष इसे सुनियोजित साजिश बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इन आरोपों को खारिज कर रहा है। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम जनता में डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और हमलावरों की पहचान के लिए टीमें बनाई गई हैं। हालांकि अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है। चंद्रनाथ रथ की मौत ने सिर्फ एक व्यक्ति की जान नहीं ली, बल्कि एक पूरे राजनीतिक समीकरण को भी झकझोर कर रख दिया है।

  • रतलाम से किडनैप कर उज्जैन में युवक की हत्या, शराब पार्टी के बाद गला घोंटा; आरोपियों के घरों में आगजनी से तनाव

    रतलाम से किडनैप कर उज्जैन में युवक की हत्या, शराब पार्टी के बाद गला घोंटा; आरोपियों के घरों में आगजनी से तनाव


    नई दिल्ली। रतलाम जिले में हुए एक सनसनीखेज अपहरण और हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र में तनाव फैला दिया है। 22 वर्षीय मनीष माली को घर से किडनैप कर लगभग 90 किलोमीटर दूर उज्जैन ले जाया गया, जहां उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई।

     शराब पार्टी के बाद हत्या

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले शराब पी और फिर पुरानी रंजिश के चलते विवाद हुआ। इसी दौरान मनीष की गला दबाकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपियों ने शव को एक कमरे में लॉक कर दिया और मौके से फरार हो गए।

    पुरानी रंजिश बनी वजह

    जानकारी के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पुराना विवाद इस हत्या की जड़ में बताया जा रहा है। एक लड़की को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था, जो बाद में जानलेवा वारदात में बदल गया।

    पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल हैं। मामले में अपहरण के बाद हत्या की धाराएं जोड़ी गई हैं और जांच जारी है।

     गुस्साई भीड़ का प्रदर्शन

    हत्या की खबर के बाद परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव रखकर चक्काजाम किया और आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ की। कुछ जगहों पर आगजनी की भी घटना हुई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और कई स्थानों पर अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई भी की गई।

     स्थिति पर नजर

    रतलाम और उज्जैन दोनों क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो।

    यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि पुरानी रंजिश और व्यक्तिगत विवाद कैसे गंभीर अपराध में बदल सकते हैं, जिससे पूरे इलाके की शांति प्रभावित हो जाती है।

  • राज की जमानत खारिज, शिलॉन्ग कोर्ट का बड़ा फैसला: राजा रघुवंशी हत्याकांड में अन्य आरोपियों ने भी लगाई अर्जी

    राज की जमानत खारिज, शिलॉन्ग कोर्ट का बड़ा फैसला: राजा रघुवंशी हत्याकांड में अन्य आरोपियों ने भी लगाई अर्जी


    नई दिल्ली। चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। मेघालय के शिलॉन्ग की अदालत ने आरोपी राज कुशवाहा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला लंबे समय से चल रही जांच और कई आरोपियों की भूमिका को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है।

    जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने जमानत याचिका को “तकनीकी आधार” पर खारिज किया है। बताया गया कि आवेदन में पिछली जमानत याचिका का उल्लेख नहीं किया गया था, जिसे अदालत ने गंभीर त्रुटि माना। हालांकि, यह फैसला मामले के गुण-दोष (मेरिट) पर आधारित नहीं था। आरोपी के वकील के अनुसार, अब सोमवार को नई जमानत याचिका दायर की जाएगी।

    इस मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को हाल ही में जमानत मिल चुकी है और वह फिलहाल शिलॉन्ग के एक होटल में ठहरी हुई है। जमानत मिलने के बाद अब अन्य आरोपी विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत ने भी अदालत में राहत के लिए अर्जी दाखिल कर दी है।

    सोनम के मामले में पुलिस ने मेघालय हाईकोर्ट में जमानत को चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि वह इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड हो सकती है और उसकी रिहाई से जांच और गवाहों पर असर पड़ सकता है। शिलॉन्ग एसपी विवेक सियेम ने कहा है कि जांच प्रक्रिया कानून के अनुसार जारी रहेगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    इधर, सोनम फिलहाल जमानत के बाद होटल में रह रही है और उसने शिलॉन्ग से बाहर जाने की अनुमति के लिए भी आवेदन करने की तैयारी की है। सुरक्षा कारणों का हवाला देकर यह अर्जी दाखिल की जा सकती है।

    इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) पिछले 10 महीनों से जांच कर रहा है। अदालत ने पहले जमानत देते समय जांच में कुछ खामियों और सही धाराएं न लगाए जाने जैसी बातों की ओर इशारा किया था। साथ ही, सभी गवाहों के बयान अभी तक पूरी तरह दर्ज नहीं किए जा सके हैं।

    इस हाई-प्रोफाइल मामले में आने वाले दिनों में कोर्ट की सुनवाई और जांच एजेंसियों की कार्रवाई और भी महत्वपूर्ण मोड़ ले सकती है।

  • दिल्ली के कैलाश हिल्स में सनसनीखेज वारदात, जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य..

    दिल्ली के कैलाश हिल्स में सनसनीखेज वारदात, जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य..


    नई दिल्ली । दिल्ली के दक्षिणी इलाके कैलाश हिल्स में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। भारतीय राजस्व सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार 19 वर्षीय पूर्व घरेलू सहायक लगातार अपने बयान बदल रहा है, जिससे जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी ने घर में घुसने के लिए पहले से मौजूद अतिरिक्त चाबी का इस्तेमाल किया और सीधे घर के अंदर स्टडी रूम तक पहुंच गया। वहीं पर उसने युवती पर हमला किया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद वह उसे सीढ़ियों से नीचे ले गया और घर के दूसरे हिस्से में लेकर गया, जहां पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना ने घर की सुरक्षा व्यवस्था और भरोसे की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई बार अपने बयान बदले हैं। शुरुआत में उसने दावा किया कि वह अलवर से दिल्ली एंबुलेंस से आया था, लेकिन बाद में उसने कहा कि उसने एक निजी वाहन बुक किया था और उसी से दिल्ली पहुंचा। इन विरोधाभासी बयानों ने जांच को और अधिक जटिल बना दिया है। हालांकि पुलिस सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ने में लगी हुई है।

    जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी पहले इसी घर में घरेलू सहायक के रूप में काम कर चुका था, जिससे उसे घर की पूरी दिनचर्या और परिवार की गतिविधियों की जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने घटना के समय का चयन किया, जब घर के सदस्य मौजूद नहीं थे। पुलिस का मानना है कि यह घटना सुनियोजित हो सकती है, क्योंकि आरोपी को घर की संरचना और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी।

    घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया और कुछ घंटों बाद उसे एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या वह अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल रहा है। प्रारंभिक जांच में उसके खिलाफ अन्य मामलों की भी जानकारी सामने आई है, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

    पीड़िता एक मेधावी छात्रा थी, जिसने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी। उसकी असामयिक मृत्यु से परिवार और परिचित गहरे सदमे में हैं। यह घटना समाज में सुरक्षा और भरोसे को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है।

    पुलिस इस मामले की हर दिशा में गहन जांच कर रही है और सभी सबूतों को जोड़कर सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

  • फोटो खींचने के विवाद में हत्या का मामला दो आरोपियों को उम्रकैद सहित जुर्माना

    फोटो खींचने के विवाद में हत्या का मामला दो आरोपियों को उम्रकैद सहित जुर्माना


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शादी समारोह के दौरान फोटो खींचने को लेकर हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली थी इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने दो आरोपियों को सजा सुनाई प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र थपलियाल की अदालत ने आरोपी विक्की यादव 22 वर्षीय निवासी ग्राम लावण्या और देवेंद्र यादव 27 वर्षीय निवासी ग्राम हाथीकुंड थाना शाहपुर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 34 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा दी

    सजा के साथ-साथ अदालत ने प्रत्येक आरोपी को सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी दंडित किया इसके अलावा अदालत ने धारा 324 और 34 के तहत दोनों को दो वर्ष के सश्रम कारावास और तीन-तीन हजार रुपये के अतिरिक्त जुर्माने की सजा भी सुनाई इस तरह दोनों आरोपी अलग-अलग धाराओं के तहत कुल दंड भुगतेंगे

    यह घटना बैतूल जिले में शादी समारोह के दौरान हुई थी जब फोटो खींचने को लेकर विवाद बढ़ गया और युवकों के बीच झगड़ा इतनी गंभीर स्थिति तक पहुंच गया कि एक युवक की हत्या हो गई पूरे मामले की जांच और सबूतों के आधार पर अदालत ने स्पष्ट रूप से दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया

    अदालत की इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि कानून के सामने कोई भी अपराध बेशिफा नहीं रह सकता चाहे विवाद कितनी भी मामूली क्यों न लगे पुलिस और न्याय व्यवस्था की सतर्कता और तेज कार्रवाई ने मामले को निष्पक्ष ढंग से सुलझाने में मदद की है

  • भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी

    भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी के छोला मंदिर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रहने के ठिकाने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
    शादी के 14 महीने और मौत का मंजर मृतक महिला और आरोपी पति हेमराज जो पेशे से सब्जी का ठेला लगाता है दोनों की यह दूसरी शादी थी। महज 14 महीने पहले ही दोनों एक-दूसरे के साथ वैवाहिक बंधन में बंधे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच रहने की जगह को लेकर अनबन चल रही थी। हेमराज चाहता था कि वे अपने पैतृक गांव में जाकर रहें जबकि पत्नी भोपाल शहर को छोड़कर गांव जाने के लिए तैयार नहीं थी।विवाद ने लिया हिंसा का रूप घटना वाले दिन इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई।
    विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर हेमराज ने अपनी पत्नी का गला दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घबराया नहीं बल्कि उसने खुद ही पत्नी के मायके वालों को फोन कर घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सूचना मिलते ही छोला थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पति को पकड़ लिया गया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बाद हत्या की धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।