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  • शुक्र जल्‍द बदलेंगे नक्षत्र, इन 4 राशियों को रहना होगा सतर्क, बढ़ सकते हैं खर्च, तनाव और चुनौतियां

    शुक्र जल्‍द बदलेंगे नक्षत्र, इन 4 राशियों को रहना होगा सतर्क, बढ़ सकते हैं खर्च, तनाव और चुनौतियां


    नई दिल्ली। 16 जुलाई 2026 को सुख, वैभव और भौतिक सुख-सुविधाओं के कारक शुक्र देव अपने स्वामित्व वाले पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह नक्षत्र परिवर्तन कई राशियों के लिए शुभ फल देने वाला माना जा रहा है, लेकिन कुछ राशियों के जातकों को इस दौरान आर्थिक, पारिवारिक, करियर और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

    वृषभ राशि
    शुक्र आपकी राशि के स्वामी हैं, लेकिन इस गोचर के दौरान खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। सुख-सुविधाओं और विलासिता की वस्तुओं पर जरूरत से ज्यादा खर्च होने से आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है। कर्ज लेने की नौबत भी आ सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद या गलतफहमी की स्थिति बन सकती है। इस अवधि में किसी को बड़ी रकम उधार देने से बचना बेहतर रहेगा।

    कन्या राशि
    कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक दबाव और अनावश्यक खर्च बढ़ाने वाला हो सकता है। कार्यस्थल पर प्रतिस्पर्धा तेज रहेगी और कुछ लोग आपके काम में कमियां निकालने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में विवादों और ऑफिस की राजनीति से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य के लिहाज से आंखों, त्वचा और थकान से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। साथ ही विरोधियों की गतिविधियों पर भी नजर रखना जरूरी होगा।

    वृश्चिक राशि
    शुक्र का यह नक्षत्र परिवर्तन करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में उतार-चढ़ाव ला सकता है। नौकरी या कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। मेहनत के अनुरूप परिणाम नहीं मिलने से निराशा महसूस हो सकती है। प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में विश्वास बनाए रखने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में किसी भी अनैतिक या शॉर्टकट रास्ते से बचना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

    मीन राशि
    मीन राशि के जातकों के लिए यह गोचर विरोधियों को मजबूत कर सकता है। यदि कोई कानूनी मामला चल रहा है तो उसमें चुनौतियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान किसी भी तरह के विवाद से बचना बेहतर रहेगा। साझेदारी में कारोबार करने वालों को पैसों के लेनदेन में पूरी पारदर्शिता रखनी चाहिए। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें और बाहर के भोजन से परहेज करें।

    नकारात्मक प्रभाव कम करने के उपाय
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार के दिन चावल, दूध, चीनी या सफेद वस्त्र जैसी सफेद वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा शुक्रवार को या प्रतिदिन “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने की सलाह दी जाती है। महिलाओं का सम्मान करना और घर की विशेष रूप से दक्षिण-पूर्व दिशा की साफ-सफाई का ध्यान रखना भी शुभ माना गया है।

  • आज का पंचांग: 4 फरवरी 2026 गणेश पूजा और बुधवार व्रत का संयोग..

    आज का पंचांग: 4 फरवरी 2026 गणेश पूजा और बुधवार व्रत का संयोग..


    नई दिल्ली।आज बुधवार, 4 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। पंचांग के अनुसार यह दिन भगवान गणेश की उपासना और बुधवार व्रत के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार का दिन बुद्धि, विवेक और बाधा निवारण के प्रतीक गणेश जी को समर्पित माना जाता है। साथ ही यह दिन बुध ग्रह से भी जुड़ा हुआ है, जिसे वाणी, व्यापार, शिक्षा और तर्कशक्ति का कारक ग्रह कहा गया है। इस कारण आज का दिन पूजा-पाठ के साथ-साथ जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए भी शुभ माना जाता है।

    फाल्गुन मास का पहला बुधवार होने के कारण आज का व्रत और पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन विधि-विधान से गणेश पूजन करने से बुध ग्रह की स्थिति सुदृढ़ होती है। इसका असर करियर, शिक्षा और व्यापार में स्थिरता के रूप में देखने को मिलता है। विद्यार्थी नौकरीपेशा और कारोबारी वर्ग आज के दिन पूजा और संकल्प को विशेष महत्व देते हैं।

    आज तृतीया तिथि रात 12:09 बजे तक प्रभावी रहेगी उसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगी। दिन में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात 10:12 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रभाव में आएगा। आज अतिगण्ड योग बना हुआ है, जो 5 फरवरी की रात 1:05 बजे तक रहेगा, इसके पश्चात सुकर्मा योग का आरंभ होगा। चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा और बाद में कन्या राशि में प्रवेश करेगा।सूर्योदय आज सुबह 7:08 बजे और सूर्यास्त शाम 6:03 बजे होगा। चंद्रोदय रात 8:37 बजे और चंद्रास्त सुबह 8:36 बजे है। ये समय व्रत, पूजा और दान कार्य के लिए शुभ माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:23 से 6:15 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:24 से 3:08 बजे तक और अमृत काल 3:48 से 5:24 बजे तक रहेगा। शाम को गोधूलि मुहूर्त 6:00 से 6:26 बजे तक प्रभावी रहेगा।

    अशुभ समय में राहुकाल दोपहर 12:35 से 1:57 बजे, भद्रा दोपहर 12:19 बजे से रात 12:09 बजे तक (5 फरवरी) रहेगा। इसके अतिरिक्त यमगण्ड, गुलिक काल और दुर्मुहूर्त भी दिन में पड़ रहे हैं। उत्तर दिशा में दिशाशूल होने के कारण आज इस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

    गणेश पूजा करने के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। लाल पुष्प, मोदक या लड्डू का भोग लगाएं और “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। हरी वस्तुओं का दान करना, कटु वाणी से बचना और व्रत के नियमों का पालन करना शुभ माना गया है।आज का यह दिन बुद्धि, व्यापार और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। सरल उपाय और विधि-विधान से गणेश पूजन करने से जीवन में बाधाएं दूर होती हैं और बुध ग्रह का सकारात्मक प्रभाव मिलता है।