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  • अगस्त में शुरू होगी मध्य प्रदेश के ‘अमरनाथ’ नागद्वारी की ऐतिहासिक यात्रा, कलेक्टर ने दुर्गम पहाड़ियों पर पैदल पहुंचकर परखी तैयारियां

    अगस्त में शुरू होगी मध्य प्रदेश के ‘अमरनाथ’ नागद्वारी की ऐतिहासिक यात्रा, कलेक्टर ने दुर्गम पहाड़ियों पर पैदल पहुंचकर परखी तैयारियां


     मध्य प्रदेश: के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल नागद्वारी यात्रा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। सतपुड़ा की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित प्रसिद्ध नागद्वारी गुफा में हर वर्ष आयोजित होने वाली यह यात्रा इस बार अगस्त माह में नागपंचमी के अवसर पर शुरू होगी। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित आमद को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारी आरंभ कर दी है। इसी क्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने दुर्गम पहाड़ी मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा लिया।

    नर्मदापुरम जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने यात्रा मार्ग का पैदल भ्रमण कर उन सभी स्थानों का निरीक्षण किया जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक रहती है। पहाड़ी रास्तों, संकरे ट्रैक और वन क्षेत्र से गुजरने वाले मार्गों की स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया गया ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

    नागद्वारी गुफा पचमढ़ी क्षेत्र के घने जंगलों और प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान भगवान नागदेव से जुड़ी विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। हर वर्ष नागपंचमी के दौरान यहां विशाल मेला आयोजित होता है, जिसमें मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था इस यात्रा को प्रदेश के महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में शामिल करती है।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जलगली, नागफनी, कालाझाड़, चिंतामन और स्वर्गद्वार जैसे प्रमुख मार्गों की स्थिति का मूल्यांकन किया। ये सभी क्षेत्र ऊबड़-खाबड़ और चुनौतीपूर्ण ट्रैकिंग मार्गों के लिए जाने जाते हैं। यात्रा के दौरान इन्हीं रास्तों से होकर श्रद्धालुओं को गुजरना पड़ता है। इसलिए प्रशासन इन मार्गों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए विशेष योजना पर कार्य कर रहा है।

    यात्रा की तैयारियों के तहत संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क और ट्रैकिंग मार्गों के सुधार, आवश्यक संकेतक बोर्डों की स्थापना, विश्राम स्थलों के विकास, विद्युत व्यवस्था तथा पेयजल सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    प्रशासन का मानना है कि धार्मिक आयोजन के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सभी जिम्मेदार विभागों को स्पष्ट दायित्व सौंपे गए हैं ताकि यात्रा शुरू होने से पहले आवश्यक कार्य पूरे किए जा सकें। सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

    नागद्वारी यात्रा केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन से स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और अन्य सेवाओं को बढ़ावा मिलता है। यही कारण है कि प्रशासन इस आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है।

    आगामी अगस्त में शुरू होने वाली यह यात्रा एक बार फिर आस्था, प्रकृति और सांस्कृतिक विरासत के संगम का प्रतीक बनेगी। प्रशासनिक तैयारियों की गति को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

  • साइबर ठगी के पैसों से खरीदा सोना, उज्जैन में पकड़ा गया गिरोह: MBA पास युवकों का नेटवर्क बेनकाब, BJP नेता का बेटा निकला मास्टरमाइंड

    साइबर ठगी के पैसों से खरीदा सोना, उज्जैन में पकड़ा गया गिरोह: MBA पास युवकों का नेटवर्क बेनकाब, BJP नेता का बेटा निकला मास्टरमाइंड


    मध्यप्रदेश । साइबर अपराधियों द्वारा ठगी के पैसों को वैध बनाने के लिए अपनाए जा रहे नए तरीकों का एक चौंकाने वाला मामला उज्जैन में सामने आया है। उज्जैन पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो साइबर ठगी से हासिल रकम को सोने में निवेश कर उसे नकदी में बदलने की साजिश रच रहा था। मामले में नर्मदापुरम के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी एक स्थानीय भाजपा नेता का बेटा बताया जा रहा है।

    पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनिमेष वर्मा, कशिश बढ़ानी और राहुल गुप्ता आपस में मित्र हैं और तीनों उच्च शिक्षित हैं। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर उज्जैन के विभिन्न ज्वेलरी शोरूम से करीब 4.65 लाख रुपए का सोना खरीदा। इन खरीदारी का भुगतान साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर किया गया था।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब फ्रीगंज स्थित एक ज्वेलर्स के बैंक खाते को संदिग्ध ट्रांजेक्शन के चलते होल्ड कर दिया गया। शोरूम संचालक ने इसकी सूचना माधवनगर थाने में दी। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में खरीदारी करने आए युवक के मोबाइल पर आए एक कॉल का नंबर स्क्रीन पर दिखाई दे गया। यही नंबर जांच का सबसे अहम सुराग साबित हुआ।

    माधवनगर थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से महाकाल क्षेत्र के एक होटल में दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अनिमेष वर्मा कुछ महीने पहले क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के माध्यम से टेलीग्राम पर सक्रिय साइबर ठगों के संपर्क में आया था। ठगों ने उसे मोटे कमीशन और त्वरित मुनाफे का लालच दिया था।

    आरोपियों ने पिछले दस दिनों में उज्जैन के कई ज्वेलरी शोरूम से सोना खरीदा। दुकानदारों के क्यूआर कोड दिल्ली में बैठे साइबर ठगों को भेजे जाते थे। इसके बाद राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के शिकार लोगों के बैंक खातों से सीधे भुगतान किया जाता था। सोना खरीदने के बाद उसे बेचकर रकम को नकदी में बदलने की योजना थी।

    उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश के पीड़ितों के खातों से लाखों रुपए के भुगतान की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का हिस्सा है, जो ठगी के पैसों को पेट्रोल पंपों और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश कर वैध बनाने का प्रयास करता है।

    फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 21 जून तक रिमांड पर लिया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए एक विशेष टीम दिल्ली भेजी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में साइबर अपराध के इस संगठित नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

  • भाजपा कार्यकर्ता सचिन राजपूत हत्याकांड का खुलासा, मुंहबोले जीजा ने चरित्र शंका में मारी गोली

    भाजपा कार्यकर्ता सचिन राजपूत हत्याकांड का खुलासा, मुंहबोले जीजा ने चरित्र शंका में मारी गोली

    मध्यप्रदेश । नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में भाजपा कार्यकर्ता और ढाबा संचालक सचिन राजपूत की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड का आरोपी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि सचिन का मुंहबोला जीजा विवेक गुर्जर निकला, जिसने चरित्र शंका के चलते इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल, बाइक, मोबाइल फोन और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं।

    जानकारी के अनुसार, सचिन राजपूत पिपरिया रोड स्थित महुआ गांव के पास राजपूत ढाबा संचालित करता था। 17 जून की रात वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद से जांच शुरू की। सचिन के मोबाइल की अंतिम लोकेशन स्टेट हाईवे से करीब एक किलोमीटर दूर रानी पिपरिया नहर क्षेत्र में मिली। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रात करीब तीन बजे नहर की पुलिया के पास सचिन का खून से लथपथ शव बरामद किया। उसके सिर में गोली लगने का निशान था।

    शुरुआत में यह मामला अंधे कत्ल जैसा नजर आ रहा था, लेकिन पुलिस ने ढाबे और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो जांच की दिशा बदल गई। फुटेज में आरोपी विवेक गुर्जर दिखाई दिया, जो करीब 80 किलोमीटर दूर सीहोर जिले से बाइक पर सचिन के ढाबे पर पहुंचा था। फुटेज में यह भी देखा गया कि ढाबे पर पहुंचने के बाद सचिन ने सम्मान स्वरूप अपने मुंहबोले जीजा के पैर छुए और दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से ही हत्या की योजना बनाकर आया था। बातचीत के बाद वह सचिन को अपने साथ बाइक पर बैठाकर सुनसान रानी पिपरिया नहर की पुलिया तक ले गया। वहां पहुंचकर उसने सचिन के सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में विवेक गुर्जर ने स्वीकार किया कि उसे अपनी पत्नी और सचिन के बीच संबंधों को लेकर लंबे समय से संदेह था। इसी शक ने उसके मन में नफरत और बदले की भावना पैदा कर दी। उसने सुनियोजित तरीके से सचिन को रास्ते से हटाने का फैसला किया और हत्या की साजिश रच डाली।

    हत्याकांड की खबर फैलते ही सोहागपुर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा थोटा ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

    सचिन राजपूत क्षेत्र में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता और सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले युवा के रूप में पहचान रखते थे। वह स्थानीय विधायक विजयपाल सिंह के करीबी समर्थक माने जाते थे और हर वर्ष विधायक ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन भी करते थे। उनकी हत्या से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

  • नर्मदापुरम में चोरी का तांडव: शराब दुकान में धावा, तवा पुल से माल चोरी में पूर्व कर्मचारी पकड़ा गया

    नर्मदापुरम में चोरी का तांडव: शराब दुकान में धावा, तवा पुल से माल चोरी में पूर्व कर्मचारी पकड़ा गया

    मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां सोहागपुर में स्थित शराब दुकान में चोरों ने टीन उखाड़कर अंदर घुसकर नकदी और शराब पर हाथ साफ किया, वहीं दूसरी ओर माखननगर क्षेत्र में निर्माणाधीन तवा पुल से सरिए चोरी के मामले में पुलिस ने एक पूर्व कर्मचारी और कबाड़ी को गिरफ्तार किया है।

    पहली घटना सोहागपुर शहर की है, जहां मुख्य मार्ग पर स्थित शराब दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि चोरों ने दुकान की छत का टीन उखाड़कर अंदर प्रवेश किया और गल्ले में रखे लगभग 25 हजार रुपए नकद तथा शराब की कई बोतलें चुरा लीं। यह वारदात पूरी तरह से सुनियोजित लग रही है क्योंकि चोरों ने बिना किसी को भनक लगे बड़ी आसानी से घटना को अंजाम दिया। अगली सुबह जब सेल्समैन दुकान खोलने पहुंचे तो उन्हें ताला टूटा हुआ मिला, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेन रोड पर स्थित दुकान में हुई इस तरह की वारदात ने रात्रिकालीन पुलिस गश्त की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दूसरी घटना माखननगर थाना क्षेत्र की है, जहां निर्माणाधीन तवा पुल से सरिए चोरी का मामला सामने आया। इस मामले में निर्माण कंपनी के इंजीनियर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि लगातार सरिए गायब हो रहे हैं। जांच के दौरान शक की सुई एक पूर्व कर्मचारी बैनी प्रसाद उर्फ राजा कहार पर गई, जिसने पहले इसी निर्माण कार्य में मजदूरी की थी और कुछ समय पहले ही नौकरी छोड़ दी थी।

    पुलिस जांच में सामने आया कि बैनी प्रसाद ने अपने परिचित कबाड़ी अंशुल साहू के साथ मिलकर इस चोरी की योजना बनाई थी। जानकारी के अनुसार, 16 मई की रात दोनों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ऑटो की मदद से सरिए लादे और उन्हें कबाड़ी को बेच दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी किए गए सरिए बरामद कर लिए और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में जांच जारी है और सोहागपुर की शराब दुकान में हुई चोरी के आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

    इन घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण स्थलों की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके और स्थानीय व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • नर्मदापुरम में दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आकर कोचिंग शिक्षक की मौत, जांच जारी…

    नर्मदापुरम में दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आकर कोचिंग शिक्षक की मौत, जांच जारी…

    नर्मदापुरम में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया, जब ईदगाह रेलवे फाटक के पास आउटर क्षेत्र में एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है, जब रेलवे ट्रैक के पास अचानक एक तेज रफ्तार ट्रेन गुजर रही थी और उसी दौरान यह हादसा हो गया।

    मृतक की पहचान रोशन रैकवार के रूप में हुई है, जो स्थानीय स्तर पर छोटे बच्चों को पढ़ाने का काम करता था। हादसे के बाद उसके शरीर को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही दम तोड़ गया। इस घटना से परिवार और आसपास के क्षेत्र में गहरा शोक फैल गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। ट्रैक पर शव मिलने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से शव को ट्रैक से हटाया गया और आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

    कुछ ही देर बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने शव की पहचान की। परिवार के अनुसार रोशन रैकवार ईदगाह मोहल्ले का निवासी था और रोजाना बच्चों को कोचिंग पढ़ाने जाता था। उसकी अचानक मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह हादसा कैसे हुआ। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवक रेलवे ट्रैक पार कर रहा था या किसी अन्य कारण से ट्रेन की चपेट में आया। यह भी जांच का विषय है कि यह एक दुर्घटना थी या किसी अन्य परिस्थिति का परिणाम।

    रेलवे और पुलिस विभाग के अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच कर रहे हैं। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है ताकि सही कारण सामने आ सके।

    इस घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे इलाकों में सुरक्षा इंतजाम और मजबूत किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। यह हादसा पूरे क्षेत्र के लिए एक गहरा सदमा बनकर सामने आया है।

  • शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा

    शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा


    नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।

    मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।

  • गैस संकट पर फूटा छात्रों का गुस्सा नर्मदापुरम में कलेक्ट्रेट के बाहर चूल्हा जलाकर किया विरोध

    गैस संकट पर फूटा छात्रों का गुस्सा नर्मदापुरम में कलेक्ट्रेट के बाहर चूल्हा जलाकर किया विरोध

    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में रसोई गैस की किल्लत और कथित कालाबाजारी को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में छात्र सोमवार रात करीब 10 बजे अचानक कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंच गए और वहां अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्र अपने साथ सब्जी पोहा और चूल्हा लेकर आए थे और उन्होंने मौके पर ही खाना बनाना शुरू कर दिया जिससे प्रशासन भी हैरान रह गया।

    छात्रों का आरोप है कि शहर में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी है और इसका फायदा उठाकर कुछ लोग खुलेआम कालाबाजारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि जो सिलेंडर सामान्य रूप से करीब 900 रुपये में मिलता है उसे 3500 से 4000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इस वजह से किराए के कमरों में रहने वाले और सीमित संसाधनों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए रोजमर्रा का जीवन बेहद कठिन हो गया है।

    प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तहसीलदार सरिता मालवीय तथा शक्ति तोमर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की और तत्काल राहत के तौर पर दीनदयाल रसोई योजना के तहत भोजन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा लेकिन छात्रों ने इसे साफ तौर पर ठुकरा दिया। उनका कहना था कि उन्हें मुफ्त भोजन नहीं बल्कि उचित कीमत पर गैस सिलेंडर चाहिए ताकि वे खुद अपना खाना बना सकें और सम्मानजनक तरीके से रह सकें।

    प्रदर्शन के दौरान यह बात भी सामने आई कि अधिकांश छात्र बाहरी जिलों से आकर यहां रह रहे हैं और उनके पास स्थानीय गैस एजेंसियों के कनेक्शन नहीं हैं। यही वजह है कि वे नियमित आपूर्ति से वंचित हैं और मजबूरी में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।

    करीब एक घंटे तक चले इस विरोध के दौरान प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत हुई। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों के पास जिले के गैस कनेक्शन हैं वे अगले दिन अपनी बुक और डीएससी नंबर के साथ आएं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।इसी बीच स्थानीय कांग्रेस नेता Faizan ने आगे आकर छात्रों के भोजन की निजी व्यवस्था करने की बात कही जिसके बाद माहौल थोड़ा शांत हुआ और छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला लिया।

    हालांकि छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस की किल्लत दूर नहीं की गई और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे और बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। यह घटना न केवल प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है बल्कि शहर में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

  • मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल

    मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल


    भोपाल। मध्यप्रदेश के मध्य प्रदेश में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी का कार्यक्रम जल्द शुरू होने जा रहा है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से होगी जबकि शेष संभागों में यह 7 अप्रैल से शुरू होगी। खरीदी शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष गेहूँ खरीदी पर किसानों को 40 रुपये अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा। इसके साथ प्रदेश में गेहूँ की दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है।

    इस रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु कुल 19,04,651 किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष 15,44,000 से अधिक है। जिलेवार पंजीयन की बात करें तो इंदौर में 71,713 उज्जैन में 1,23,281 भोपाल में 37,129 और नर्मदापुर में 71,831 किसानों ने पंजीयन कराया है। अन्य जिलों में भी हजारों किसानों ने अपना पंजीयन कराया है जिससे इस वर्ष खरीदी की तैयारी मजबूत दिखाई दे रही है।

    मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय और केंद्रों पर पहुंचकर अपने गेहूँ का पंजीयन और विक्रय सुनिश्चित करें। राज्य सरकार ने किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। इस कार्यक्रम से मध्यप्रदेश में गेहूँ उत्पादन करने वाले किसानों को अच्छा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है और खरीदी के साथ ही रबी विपणन वर्ष का संचालन सुचारू रूप से होगा।

  • तवानगर जंगल में लुटेरों का एक घंटे का आतंक: आदिवासी दंपति और ग्रामीण से छीने मोबाइल व नकदी, पुलिस ने 6 घंटे में पकड़ा

    तवानगर जंगल में लुटेरों का एक घंटे का आतंक: आदिवासी दंपति और ग्रामीण से छीने मोबाइल व नकदी, पुलिस ने 6 घंटे में पकड़ा


    नर्मदापुरमर। नर्मदापुरम के तवानगर के जंगल में शुक्रवार शाम घोघरी और बटकुई के पास तीन लुटेरों ने एक घंटे में दो अलग-अलग लूट की घटनाओं को अंजाम देकर क्षेत्र में दहशत फैला दी। आदिवासी दंपति और एक अन्य ग्रामीण से कुल 6 हजार रुपए और दो मोबाइल छीने गए।

    जानकारी के अनुसार, फरियादी साहब लाल भूसारे अपनी पत्नी फूलवती के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। घोघरी के छिपीखापा रोड पर जंगल में तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और उनका मोबाइल व नगदी छीनकर भाग गए। कुछ देर बाद शाम 7 बजे, रामेश्वर निवासी घोघरी को भी रोककर उसके पास से 500 रुपए और मोबाइल छीना गया।

    जैसे ही घटना की सूचना ग्रामीणों और तवानगर थाने तक पहुंची, थाना प्रभारी संजय पांडे और उनकी टीम ने इलाके में घेराबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू की। तत्परता और ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने 6 घंटे के भीतर संदिग्ध दो युवकों को पकड़ लिया, जिनसे पूछताछ जारी है।

    एसपी सांई कृष्णा थोटा ने बताया कि दोनों लूट की वारदात तवानगर थाना क्षेत्र में हुई है और जल्द ही मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा।

    ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और बताया कि जंगल में सुरक्षा के इंतजामों को और कड़ा करने की आवश्यकता है।

  • डीजल बचाने के चक्कर में बेकाबू हुआ कंटेनर, डिवाइडर तोड़ बाइक पर पलटा; बिजली कर्मचारी की मौत, पत्नी-बेटा घायल

    डीजल बचाने के चक्कर में बेकाबू हुआ कंटेनर, डिवाइडर तोड़ बाइक पर पलटा; बिजली कर्मचारी की मौत, पत्नी-बेटा घायल


    नर्मदापुरम । बैतूल-नागपुर फोरलेन पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में नर्मदापुरम के 38 वर्षीय बिजली कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी और सात वर्षीय बेटा घायल हो गए। हादसा ग्राम झिटापाटी जोड़ के पास सुबह करीब 10.30 बजे हुआ जब तेज रफ्तार कंटेनर ढलान पर बेकाबू होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में जा पलटा और सामने से आ रही बाइक को अपनी चपेट में ले लिया।

    पुलिस के मुताबिक नर्मदापुरम निवासी विकास झरबड़े अपनी पत्नी मीनाक्षी 34 और बेटे दिवांश 7 के साथ बाइक से मोहरखेड़ा गांव जा रहे थे। परिवार वहां एक रिश्तेदार के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकला था। इसी दौरान चेन्नई से आठ कार लेकर कोटा जा रहा एक कंटेनर झिटापाटी जोड़ के पास घाट क्षेत्र में अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि कंटेनर चालक डीजल बचाने के उद्देश्य से वाहन को न्यूट्रल में डालकर ढलान में उतार रहा था। ढलान पर अचानक वाहन की रफ्तार तेज हो गई और चालक कंटेनर पर से नियंत्रण खो बैठा।

    तेज रफ्तार कंटेनर करीब दस डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंच गया और पलट गया। इसी समय सामने से आ रही विकास झरबड़े की बाइक कंटेनर की चपेट में आ गई। भारी कंटेनर के नीचे दबकर बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई और विकास झरबड़े की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनकी पत्नी मीनाक्षी और बेटा दिवांश गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तत्काल स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। कंटेनर के टैंक से डीजल रिसने लगा था जिससे आग लगने का खतरा पैदा हो गया था। स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा के इंतजाम करते हुए क्रेन की मदद से पलटे कंटेनर को हटाया गया। इस दौरान करीब दो घंटे तक फोरलेन पर यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई।

    थाना प्रभारी अंजना धुर्वे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंटेनर चालक घाट क्षेत्र में वाहन को न्यूट्रल में डालकर उतार रहा था जिससे ढलान में वाहन की गति अचानक बढ़ गई और चालक नियंत्रण खो बैठा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है वहीं मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।