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  • मार्च की शुरुआत में ही तपने लगा मध्य प्रदेश, पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर, रतलाम में सबसे गर्म

    मार्च की शुरुआत में ही तपने लगा मध्य प्रदेश, पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर, रतलाम में सबसे गर्म


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। महीने के पहले ही सप्ताह में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया है। मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के कई शहरों में तापमान 39 डिग्री तक पहुंच गया है।

    रविवार को रंगपंचमी के दिन रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में दिनभर तेज धूप और गर्मी का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और अगले 4 से 5 दिन तक मौसम का यही रुख रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 9 मार्च से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर आगे देखने को मिल सकता है।

    कई शहरों में तापमान 36 डिग्री के पार
    रविवार को प्रदेश के लगभग सभी शहरों में गर्मी का असर रहा। बड़े शहरों में उज्जैन का तापमान सबसे ज्यादा 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद ग्वालियर में 36.5 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, भोपाल में 34.8 डिग्री और जबलपुर में 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। अन्य शहरों की बात करें तो रतलाम में पारा 39 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि नर्मदापुरम में 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। गुना और सागर में तापमान 37.4 डिग्री और श्योपुर में 37 डिग्री रहा। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

    हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी
    मौसम विभाग के अनुसार इस साल मार्च में पिछले साल की तुलना में ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। प्रदेश के कई शहरों में सामान्य तापमान से 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी मुख्य वजह हवा की दिशा में बदलाव बताया जा रहा है। फिलहाल हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हैं। साथ ही हवा में नमी कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं प्रदेश में तापमान बढ़ा रही हैं।

    इस बार मार्च में ही तेज गर्मी के संकेत
    आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी का दौर मार्च के दूसरे पखवाड़े में शुरू होता है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में भी 15 मार्च के बाद ही तापमान में तेज बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन इस बार ट्रेंड पहले ही बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले पखवाड़े में ही प्रदेश के कई इलाकों में पारा 40 डिग्री तक पहुंच जाए। साथ ही अनुमान जताया जा रहा है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में हीट वेव यानी लू का असर देखने को मिलेगा, जो करीब 15 से 20 दिनों तक चल सकती है।

  • होटल में साइलेंट अटैक से मालिक की मौत: थाली में सब्जी रखते ही गिरा, भाई की CPR भी काम नहीं आई

    होटल में साइलेंट अटैक से मालिक की मौत: थाली में सब्जी रखते ही गिरा, भाई की CPR भी काम नहीं आई


    नई दिल्ली। नर्मदापुरम के ग्वालटोली रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें होटल संचालक अशोक नवलानी (60) का साइलेंट अटैक से निधन हो गया। घटना उस समय हुई जब अशोक नवलानी ग्राहकों को खाना परोस रहे थे। जैसे ही उन्होंने एक थाली में सब्जी रखी, अचानक वह जमीन पर गिर पड़े। घटना का सीसीटीवी वीडियो शनिवार सुबह सामने आया, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि गिरते ही आसपास के लोग समझ नहीं पाए कि क्या हुआ। कुछ ही पलों में अशोक के भाई पप्पन नवलानी और अन्य कर्मचारी दौड़कर उन्हें उठाने पहुंचे और तुरंत सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
     
    अशोक नवलानी गोकुलपुरी की सिंधी कॉलोनी के निवासी थे और अपने भाई पप्पन नवलानी के साथ मिलकर ‘चाचा-भतीजा’ नाम से होटल चला रहे थे। पप्पन ने बताया कि गुरुवार रात दोनों दुकान पर ही थे। वह सब्जी बना रहे थे और अशोक ग्राहकों को टेबल पर खाना परोस रहे थे। थाली में सब्जी रखते ही अचानक गिरने के बाद उन्होंने सीपीआर की कोशिश की, लेकिन अशोक अचेत हो गए। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पप्पन ने आगे बताया कि अशोक परिवार में सबसे बड़े भाई थे, उनके छह भाई-बहन हैं, और उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है। पिछले तीन साल में गर्मियों में उन्हें दो-तीन बार हल्की घबराहट और बीपी कम होने की समस्या हुई थी, लेकिन हार्ट की कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।

    नर्मदापुरम जिला अस्पताल के क्लिनिकल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील जैन ने कहा कि आजकल असीमित दिनचर्या, तनाव, बिगड़ा खानपान और व्यायाम की कमी से हार्ट अटैक की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने सभी से कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें, नियमित रूटीन चेकअप कराएं, 7-8 घंटे की नींद लें और रोजाना व्यायाम या योग से तनाव कम करें।

    होटल में हुए इस हादसे ने स्थानीय लोगों और परिवार में शोक की लहर फैला दी है। अशोक नवलानी का निधन इस बात का भी संदेश देता है कि व्यस्त दिनचर्या और स्वास्थ्य पर ध्यान न देना गंभीर परिणाम ला सकता है।

    इस घटना की वजह से लोगों में चेतना बढ़ी है कि कार्यस्थल पर भी स्वास्थ्य और आराम को महत्व देना जरूरी है, खासकर व्यवसायिक जीवन में तनाव और थकान के बीच।

  • लाड़ली बहना योजना से बदली मंजू यादव की किस्मत: घर से शुरू किया सिलाई काम, आज चला रहीं रोजगार देने वाला सेंटर

    लाड़ली बहना योजना से बदली मंजू यादव की किस्मत: घर से शुरू किया सिलाई काम, आज चला रहीं रोजगार देने वाला सेंटर


    भोपाल ।मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है। इस योजना के माध्यम से कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। नर्मदापुरम जिले की रहने वाली मंजू यादव इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं जिन्होंने योजना से मिली आर्थिक सहायता का सदुपयोग करते हुए अपनी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। आज वे न केवल आत्मनिर्भर बन चुकी हैं बल्कि अपने प्रयासों से अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर रही हैं।

    नर्मदापुरम जिले के वार्ड क्रमांक 31 दीवान चौक ग्वालटोली निवासी 30 वर्षीय मंजू यादव कभी सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देखती थीं। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उनके लिए यह सपना पूरा करना आसान नहीं था लेकिन मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने उनके जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाई। जून 2023 से उन्हें इस योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिलने लगी जिससे उन्हें अपने भविष्य के लिए कुछ नया करने का आत्मविश्वास मिला।

    मंजू यादव ने योजना से प्राप्त राशि को खर्च करने के बजाय सोच समझकर उसका उपयोग करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने घर से ही सिलाई का छोटा सा काम शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ काम शुरू किया लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने धीरे धीरे इस छोटे से प्रयास को एक सफल व्यवसाय में बदल दिया। आसपास के लोगों से कपड़ों की सिलाई के ऑर्डर मिलने लगे और उनका काम लगातार बढ़ने लगा।

    फरवरी 2026 तक मंजू यादव को योजना की 33वीं किश्त सहित कुल 43 हजार 500 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। इस आर्थिक सहयोग और सिलाई के काम से हुए मुनाफे को उन्होंने अपने व्यवसाय के विस्तार में लगाया। उन्होंने सिलाई के लिए अतिरिक्त मशीनें खरीदीं और धीरे धीरे अपने काम को बढ़ाते हुए एक सिलाई सेंटर की शुरुआत कर दी। आज उनके सेंटर में पांच सिलाई मशीनें संचालित हो रही हैं और काम भी नियमित रूप से मिल रहा है।

    मंजू यादव की इस पहल का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि उन्होंने केवल खुद को ही आत्मनिर्भर नहीं बनाया बल्कि अपने सिलाई सेंटर के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार का अवसर प्रदान किया है। उनके साथ काम करने वाली कई महिलाएं अब नियमित आय अर्जित कर रही हैं जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो रही है।

    मंजू यादव भावुक होकर बताती हैं कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास और उम्मीद जगाई है। इस योजना ने उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया। आज वे गर्व के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे रही हैं और अपने काम के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक संदेश भी दे रही हैं कि सही अवसर और थोड़े से सहयोग से महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

    उनकी सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाया जाए तो वे न केवल व्यक्तिगत जीवन में बदलाव ला सकती हैं बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन की राह खोल सकती हैं।

  • नर्मदापुरम में दिनदहाड़े एक्टिवा चोरी: 40 सेकंड में लॉक तोड़कर फरार हुआ चोर, CCTV में कैद

    नर्मदापुरम में दिनदहाड़े एक्टिवा चोरी: 40 सेकंड में लॉक तोड़कर फरार हुआ चोर, CCTV में कैद



    नई दिल्ली। नर्मदापुरम शहर के राजा मोहल्ला इलाके में बोहरा मस्जिद के सामने दिनदहाड़े एक चोर ने एक्टिवा चोरी कर ली। घटना मंगलवार शाम करीब 6:10 बजे हुई, जब फरियादी हातिम अली अपनी एक्टिवा (MP 05 ZC 5153) मस्जिद के सामने खड़ी कर नमाज अदा करने अंदर गए थे। कुछ ही देर में लौटने पर उन्होंने देखा कि उनकी गाड़ी गायब है।

    सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध युवक गाड़ी की रैकी करते नजर आए। दो युवक पैदल चले गए, जबकि तीसरे ने एक्टिवा के पास बैठकर महज 40 सेकंड में लॉक तोड़ा और गाड़ी स्टार्ट कर फरार हो गया। पुलिस ने घटना की शिकायत पर तुरंत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का केस दर्ज किया और फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और तलाश शुरू कर दी।

    रमजान के महीने में मस्जिद आने-जाने वाले लोग इस घटना से भयभीत हैं। कोतवाली पुलिस ने आसपास के इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास संदिग्धों की जानकारी या CCTV फुटेज हो तो पुलिस से साझा करें।

    यह वारदात सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि दिनदहाड़े हुई चोरी ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस की प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि चोरों ने पूरी वारदात योजनाबद्ध तरीके से की और कैमरे में कैद होने के बावजूद आसानी से फरार हो गए।

    फरियादी ने बताया कि वह जल्द ही पुलिस के साथ सहयोग करेंगे ताकि चोरी की गाड़ी को बरामद किया जा सके और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके। पुलिस ने आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किए हैं और संदिग्धों की पहचान के लिए स्थानीय क्षेत्रों में पूछताछ शुरू कर दी है।

    संक्षेप में: नर्मदापुरम में राजा मोहल्ला स्थित बोहरा मस्जिद के सामने दिनदहाड़े एक्टिवा चोरी, चोर ने महज 40 सेकंड में लॉक तोड़ा और गाड़ी स्टार्ट कर फरार। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर फुटेज के आधार पर तलाश शुरू कर दी।

  • नर्मदापुरम में होली पर गाने को लेकर युवाओं की जमकर पिटाई, बोतलें भी फेंकी गईं

    नर्मदापुरम में होली पर गाने को लेकर युवाओं की जमकर पिटाई, बोतलें भी फेंकी गईं

    नर्मदापुरम नर्मदापुरम के अनाज मंडी परिसर में होली के दिन दो युवा गुटों के बीच हिंसक झगड़ा देखने को मिला। यह झगड़ा कैंटीन के सामने गाने बजाने को लेकर शुरू हुआ और कुछ ही देर में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक पक्ष द्वारा बजाए जा रहे गाने की आवाज दूसरे पक्ष को नागवार गुजरी, जिससे आपत्ति जताई गई और दोनों पक्षों के बीच तकरार बढ़ गई। कुछ ही समय में विवाद हिंसक रूप ले गया और युवाओं ने एक-दूसरे पर लात-घूसे बरसाना शुरू कर दिया।

    झगड़े के दौरान युवाओं ने कैंटीन परिसर में रखी खाली कांच की बोतलें भी फेंकीं, जिससे वहां मौजूद अन्य लोग डर के मारे भाग खड़े हुए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों गुटों के युवाओं के बीच जमकर मारपीट होती दिखाई दे रही है। वीडियो में एक गुट का युवक दूसरे युवक को जमीन पर पटककर लात-घूसे मारता दिखाई दे रहा है।

    सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के आने पर झगड़ रहे एक पक्ष के युवक भाग निकले, जबकि दूसरे पक्ष के कुछ युवाओं को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को समय रहते सूचना दी, जिससे बड़ी घटना को टाला जा सका।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गानों को लेकर होने वाला विवाद केवल एक छोटी बहस से शुरू हुआ, लेकिन होली के दौरान उत्साह और शराब के प्रभाव के चलते यह हिंसा में बदल गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो व अन्य सबूतों के आधार पर फरार युवाओं की पहचान करने में जुट गई है।

    अनाज मंडी परिसर में हुए इस झगड़े से आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठान और कैंटीन में आए लोग भयभीत हो गए। उन्होंने कहा कि होली के दिन इस तरह की हिंसा समाज और सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पलीता जमाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी।

    इस घटना ने नर्मदापुरम में होली के अवसर पर सुरक्षा की चुनौतियों को भी उजागर कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि हिंसा में शामिल युवाओं के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार कर मामले को गंभीरता से निपटाया जाएगा।

  • दो काले हिरण का शिकार: रेंजर समेत 6 वनकर्मी सस्पेंड, प्राकृतिक मौत दिखाने का प्रयास विफल

    दो काले हिरण का शिकार: रेंजर समेत 6 वनकर्मी सस्पेंड, प्राकृतिक मौत दिखाने का प्रयास विफल


    नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सिवनी मालवा क्षेत्र में दो दुर्लभ काले हिरणों के शिकार के मामले ने वन विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया। सोमवार देर रात वन विभाग ने रेंजर और चार वनकर्मियों सहित कुल छह कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। आरोप है कि हिरणों की मौत को प्राकृतिक घटनाक्रम दिखाने की कोशिश की गई और सबूतों को नष्ट किया गया लेकिन जांच में उनका झूठ बेनकाब हो गया।

    नर्मदापुरम के डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि यह घटना 21 जनवरी को बासनिया गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार शिकारी दो हिरणों को ले जा रहे थे जिन्हें गांव वालों ने देख लिया। लोगों ने सूचना दी और हिरण रिवेन्यू भूमि पर छोड़ दिए। इसके बाद वन कर्मचारियों ने हिरणों की उचित जांच नहीं की और पूरी जानकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी।

    डीएफओ ने आगे बताया कि मुखबिर की सूचना पर स्टाफ की कॉल डिटेल्स और कार्रवाई का विश्लेषण किया गया। कड़ी पूछताछ में सामने आया कि वन कर्मचारियों ने वास्तविक स्थिति को छिपाया। उन्होंने बताया कि एक हिरण के शिकार की बात की गई जबकि वास्तव में दो हिरणों में से एक जिंदा था और दूसरा मृत। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना को प्राकृतिक मौत का रूप देने का प्रयास किया गया।

    इस मामले में सिवनी मालवा रेंजर आशीष रावत वनपाल महेश गौर वनरक्षक मनीष गौर रूपक झा ब्रजेश पगारे और पवन उइके को निलंबित किया गया। डीएफओ ने कहा कि रेंजर के निलंबन के लिए सीसीएफ को पत्र लिखा गया जिसके बाद रेंजर को भी निलंबित किया गया।

    सीसीएफ अशोक कुमार चौहान ने बताया कि प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में वन कर्मचारियों द्वारा प्रकरण के वास्तविक स्वरूप को छिपाने और जांच में गंभीर लापरवाही बरतने के तथ्य सामने आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।

    इस घटना ने वन विभाग में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी को उजागर किया है। दुर्लभ काले हिरण की शिकार की घटनाओं पर पर्यावरणविद और वन संरक्षणकर्ता चिंतित हैं। वन विभाग के सख्त कदम से यह संदेश गया कि किसी भी कर्मचारी की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

    इस प्रकरण से यह भी स्पष्ट हुआ कि वन्य जीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन गंभीर मामला है और इसे छिपाने या दबाने की कोशिश करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

     मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सिवनी मालवा क्षेत्र में दो दुर्लभ काले हिरणों के शिकार के मामले ने वन विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया। सोमवार देर रात वन विभाग ने रेंजर और चार वनकर्मियों सहित कुल छह कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। आरोप है कि हिरणों की मौत को प्राकृतिक घटनाक्रम दिखाने की कोशिश की गई और सबूतों को नष्ट किया गया लेकिन जांच में उनका झूठ बेनकाब हो गया।

    नर्मदापुरम के डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि यह घटना 21 जनवरी को बासनिया गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार शिकारी दो हिरणों को ले जा रहे थे जिन्हें गांव वालों ने देख लिया। लोगों ने सूचना दी और हिरण रिवेन्यू भूमि पर छोड़ दिए। इसके बाद वन कर्मचारियों ने हिरणों की उचित जांच नहीं की और पूरी जानकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी।

    डीएफओ ने आगे बताया कि मुखबिर की सूचना पर स्टाफ की कॉल डिटेल्स और कार्रवाई का विश्लेषण किया गया। कड़ी पूछताछ में सामने आया कि वन कर्मचारियों ने वास्तविक स्थिति को छिपाया। उन्होंने बताया कि एक हिरण के शिकार की बात की गई जबकि वास्तव में दो हिरणों में से एक जिंदा था और दूसरा मृत। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना को प्राकृतिक मौत का रूप देने का प्रयास किया गया।

    इस मामले में सिवनी मालवा रेंजर आशीष रावत वनपाल महेश गौर वनरक्षक मनीष गौर रूपक झा ब्रजेश पगारे और पवन उइके को निलंबित किया गया। डीएफओ ने कहा कि रेंजर के निलंबन के लिए सीसीएफ को पत्र लिखा गया जिसके बाद रेंजर को भी निलंबित किया गया।

    सीसीएफ अशोक कुमार चौहान ने बताया कि प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में वन कर्मचारियों द्वारा प्रकरण के वास्तविक स्वरूप को छिपाने और जांच में गंभीर लापरवाही बरतने के तथ्य सामने आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।

    इस घटना ने वन विभाग में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी को उजागर किया है। दुर्लभ काले हिरण की शिकार की घटनाओं पर पर्यावरणविद और वन संरक्षणकर्ता चिंतित हैं। वन विभाग के सख्त कदम से यह संदेश गया कि किसी भी कर्मचारी की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

  • नर्मदापुरम में गोवंश तस्करी पर ग्रामीणों का आक्रोश, पिकअप में लगाई आग, ड्राइवर फरार

    नर्मदापुरम में गोवंश तस्करी पर ग्रामीणों का आक्रोश, पिकअप में लगाई आग, ड्राइवर फरार


    नर्मदापुरम /मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में गोवंश तस्करी के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश इस बार उग्र रूप में सामने आया। आरी ढोडई गांव के पास सोमवार और मंगलवार की रात करीब 1:30 बजे ग्रामीणों ने एक पिकअप वाहन को रोक लिया, जिसमें दो गायें लदी हुई थीं। ग्रामीणों को संदेह हुआ कि इन गोवंशों को कत्लखाने या अवैध तरीके से ले जाया जा रहा है।

    ग्रामीणों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गायों को वाहन से उतारा और लगभग आधे घंटे तक घटनाक्रम चलता रहा। आक्रोशित ग्रामीणों ने तस्करी के प्रयास में इस्तेमाल पिकअप वाहन में आग लगा दी। वहीं, ड्राइवर मौके से फरार हो गया।

    सूचना मिलते ही माखन नगर थाना प्रभारी अनूप कुमार उइके और उनके बल ने घटनास्थल का दौरा किया, लेकिन तब तक पिकअप पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    ग्रामीणों ने कहा कि वे गौ-हत्या और गोवंश तस्करी के खिलाफ सतर्क हैं और ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पुलिस अब फरार ड्राइवर की तलाश में लगी हुई है और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

    इस घटना ने नर्मदापुरम में गोवंश सुरक्षा और तस्करी के खिलाफ स्थानीय लोगों की गंभीर प्रतिक्रिया को उजागर किया है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ग्रामीणों को भी कानून के तहत कार्रवाई करने की हिदायत दी गई है।

  • नर्मदापुरम के स्कूल में बदमाशों ने आग लगाई, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर खाक

    नर्मदापुरम के स्कूल में बदमाशों ने आग लगाई, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर खाक


    नर्मदापुरम। जिले के हिरनखेड़ा गांव में रविवार तड़के हड़कंप मच गया जब अज्ञात बदमाशों ने शासकीय माखनलाल चतुर्वेदी हायर सेकेंडरी स्कूल में घुसकर आग लगा दी। आरोपियों ने स्कूल के ऑफिस और रिकॉर्ड रूम को निशाना बनाया। आग इतनी भीषण थी कि स्कूल के महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें, सेवा पुस्तिकाएं, कंप्यूटर और फर्नीचर पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

    ग्रामीणों का आक्रोश और सड़क जाम
    घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लाखों का नुकसान हो चुका था। आक्रोशित ग्रामीणों ने धर्मकुंडी-इटारसी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की और साथ ही स्कूल में लाइट और सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की भी अपील की।

    सुरक्षा व्यवस्था की कमी

    ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त सुरक्षा और बिजली व्यवस्था नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और संदिग्धों की पहचान में जुट गई है। इस मामले की पुष्टि राकेश साहू, संकुल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हीरानखेड़ा ने की। यह घटना शिक्षा और प्रशासनिक सुरक्षा की अनदेखी का उदाहरण भी सामने लाती है, जबकि ग्रामीण और शिक्षक दोनों ही बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं।

  • मकर संक्रांति पर नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी ठंड में ,हर हर नर्मदे,के जयकारे

    मकर संक्रांति पर नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी ठंड में ,हर हर नर्मदे,के जयकारे


    नर्मदापुरम । मकर संक्रांति का पर्व हर वर्ष सनातन संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ मनाया जाता है और इसी दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं। मकर संक्रांति का पर्व प्रकृति सूर्य उपासना और मानव जीवन के संतुलन का प्रतीक है। इस दिन से खरमास का अंत होता है और शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। इस दिन को लेकर नर्मदापुरम बैतूल छिंदवाड़ा भोपाल जैसे बड़े शहरों से श्रद्धालु नर्मदा तट पर आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे।

    नर्मदापुरम के प्रसिद्ध सेठानी घाट पर सुबह 4:00 बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। कड़कड़ाती ठंड में भी श्रद्धालु “हर हर नर्मदे” के जयकारे लगाते हुए नर्मदा नदी में स्नान करने पहुंचे। मकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से तिल और खिचड़ी का दान करना पवित्र माना जाता है और श्रद्धालु यहां आकर सत्यनारायण भगवान की पूजा के बाद इन दानों को नर्मदा नदी में अर्पित कर रहे हैं। दरिद्र नारायण को कंबल और अन्य वस्तुएं भेंट करने की भी परंपरा है जिसे श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा से निभा रहे हैं।

    मकर संक्रांति के पर्व पर नेमावर के पेढ़ी घाट सिद्धनाथ घाट और नागर घाट पर भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। यहां देवास हरदा और सीहोर जिले से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। ठंड में भी श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और नर्मदे हर के उद्घोष के साथ सूर्योदय का स्वागत किया। मकर संक्रांति के दिन स्नान दान और सूर्य उपासना का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां श्रद्धालुओं ने अनाज कपड़े तिल खिचड़ी और अन्य सामग्री का दान किया।

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पुलिस ने घाटों पर पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शास्त्रों में मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव को विशेष वस्तुएं अर्पित करने का विधान है जिनमें लाल वस्त्र गेहूं गुड़ मसूर दाल तांबा स्वर्ण सुपारी नारियल और दक्षिणा शामिल हैं। इन धार्मिक क्रियाओं के साथ श्रद्धालु अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। कुल मिलाकर मकर संक्रांति का यह पर्व नर्मदा तट पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम बनकर उभरा जहां लाखों श्रद्धालुओं ने एक साथ आकर इस पवित्र दिन का लाभ उठाया।