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  • अवैध संबंधों में बना हत्या का ब्लूप्रिंट, पत्नी और प्रेमी ने रची साजिश; 77 मिनट की कॉल डिटेल से खुला पूरे मर्डर का राज

    अवैध संबंधों में बना हत्या का ब्लूप्रिंट, पत्नी और प्रेमी ने रची साजिश; 77 मिनट की कॉल डिटेल से खुला पूरे मर्डर का राज

    मध्य प्रदेश: के नरसिंहपुर जिले में युवक सपनेश पटेल की हत्या का मामला पुलिस जांच के दौरान एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के रूप में सामने आया। शुरुआत में युवक के अचानक लापता होने और कर्ज के कारण घर छोड़ने जैसी चर्चाओं के बीच जांच आगे बढ़ी, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और लगातार जुटाए गए प्रमाणों ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे पारिवारिक रिश्तों में आई दरार, कथित अवैध संबंध और पूर्व नियोजित षड्यंत्र प्रमुख कारण थे।

    घटना 24 जनवरी 2021 की है, जब सपनेश पटेल शाम के समय एक फोन कॉल आने के बाद घर से यह कहकर निकला कि वह दोस्त के बुलावे पर पार्टी में जा रहा है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई, जबकि स्थानीय स्तर पर उसके कर्ज के कारण कहीं चले जाने की चर्चाएं भी होती रहीं। लगभग एक सप्ताह बाद उसका शव एक तालाब से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और परिजनों के बयान खंगाले। इसी क्रम में पता चला कि घटना से एक दिन पहले मृतक की पत्नी स्लेखा और रिश्तेदार सूर्यप्रकाश पटेल के बीच करीब 77 मिनट तक मोबाइल पर बातचीत हुई थी। घटना वाले दिन भी दोनों लगातार संपर्क में रहे। वहीं सूर्यप्रकाश के मोबाइल रिकॉर्ड की जांच में बृजेश यादव का नाम भी सामने आया, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया।

    पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि सूर्यप्रकाश और स्लेखा के बीच लंबे समय से कथित प्रेम संबंध थे। जांच में यह भी सामने आया कि सपनेश को इस संबंध की जानकारी हो चुकी थी और वह इसका विरोध करता था। आरोप है कि सूर्यप्रकाश ने उसे आर्थिक सहायता देकर चुप कराने का प्रयास भी किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद सपनेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई, जिसमें बृजेश यादव को भी शामिल किया गया।

    पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सपनेश को शराब पार्टी के बहाने बुलाया गया। तीनों ने एक ढाबे पर समय बिताया, जिसके बाद सुनसान स्थान पर मोबाइल चार्जिंग केबल से उसका गला घोंट दिया गया। हत्या के बाद शव को कार की डिक्की में रखकर पूरी रात इधर-उधर घुमाया गया ताकि ऐसा स्थान मिल सके, जहां सबूत आसानी से छिपाए जा सकें। बाद में शव को तालाब में फेंक दिया गया और उसके ऊपर पत्थर रख दिए गए। मृतक का मोबाइल फोन भी अलग स्थान पर फेंककर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।

    जांच के दौरान टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों ने पुलिस की जांच को मजबूत आधार दिया। आरोपियों के बयानों में लगातार विरोधाभास सामने आने पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चार्जिंग केबल, वाहन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए। अदालत में अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी प्रमाण, गवाहों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायालय ने मामले को पूर्व नियोजित हत्या मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला आधुनिक तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुलझाए गए प्रमुख आपराधिक मामलों में शामिल माना गया।

  • तेंदुखेड़ा में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला: बच्ची के मां बनने पर खुली पोल, आरोपी गिरफ्तार; पुलिस कराएगी DNA जांच

    तेंदुखेड़ा में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला: बच्ची के मां बनने पर खुली पोल, आरोपी गिरफ्तार; पुलिस कराएगी DNA जांच

    मध्य प्रदेश: के नरसिंहपुर जिले के तेंदुखेड़ा क्षेत्र से नाबालिग से दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार एक नाबालिग लड़की को लंबे समय तक डरा-धमकाकर उसका शारीरिक शोषण किया गया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब किशोरी ने एक बच्चे को जन्म दिया। घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

    तेंदुखेड़ा थाना पुलिस के मुताबिक आरोपी राजा लोधी लंबे समय से पीड़ित किशोरी को धमकाता था और उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाता रहा। नाबालिग होने के कारण पीड़िता भय के माहौल में रही और किसी को कुछ नहीं बता सकी। परिवार को तब संदेह हुआ जब बच्ची गर्भवती पाई गई और बाद में उसने एक नवजात को जन्म दिया।

    परिजनों द्वारा पूछताछ किए जाने पर किशोरी ने रोते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की और आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया।

    पुलिस ने आरोपी राजा लोधी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नवजात बच्चे और आरोपी का DNA परीक्षण कराया जाएगा। इसके लिए दोनों के नमूने एकत्र कर संबंधित प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।

    जांच अधिकारियों के अनुसार DNA रिपोर्ट आने के बाद मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकेंगे, जो न्यायिक प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना कितने समय से चल रही थी और क्या आरोपी ने किसी प्रकार का दबाव या धमकी देकर पीड़िता को चुप रहने के लिए मजबूर किया था।

    प्रशासन ने पीड़ित किशोरी और उसके परिवार को आवश्यक कानूनी तथा मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। बाल संरक्षण से जुड़े विभागों को भी मामले की जानकारी दे दी गई है ताकि पीड़िता को उचित परामर्श और सहायता मिल सके।

    तेंदुखेड़ा पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानून के तहत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

  • रहस्यमयी गुमशुदगी से हत्या तक कर्ज प्रेम संबंध और एक फोन कॉल में उलझी नरसिंहपुर की सनसनीखेज कहानी

    रहस्यमयी गुमशुदगी से हत्या तक कर्ज प्रेम संबंध और एक फोन कॉल में उलझी नरसिंहपुर की सनसनीखेज कहानी


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक युवक की रहस्यमयी गुमशुदगी और सात दिन बाद तालाब से मिली लाश ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। शुरुआत में यह मामला गुमशुदगी या हादसे का माना जा रहा था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। जांच में सामने आए एक फोन कॉल कर्ज के विवाद और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े कई पहलुओं ने इस हत्याकांड को और भी रहस्यमय बना दिया।

    घटना 24 जनवरी 2021 की है। करेली निवासी 32 वर्षीय सपनेश पटेल शाम के समय अपने काम से लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी उनके मोबाइल पर एक परिचित का फोन आया जिसमें उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए बुलाया गया। सपनेश तुरंत वहां जाने के लिए निकल गए लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। रात भर इंतजार करने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल भी बंद मिला तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।

    अगले दिन परिवार ने रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां तलाश शुरू की लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। आखिरकार करेली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस बीच गांव में तरह तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने बताया कि सपनेश पर पहले भी कर्ज था और संभव है कि वह फिर कहीं चला गया हो। हालांकि पुलिस ने हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखी।

    जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि लापता होने से पहले सपनेश की आखिरी बातचीत उनके रिश्तेदार सूर्यप्रकाश पटेल से हुई थी। पूछताछ में सूर्यप्रकाश ने स्वीकार किया कि उसने ही सपनेश को शराब पार्टी के लिए बुलाया था लेकिन इसके बाद वह लगातार यही कहता रहा कि सपनेश शायद कर्ज के कारण कहीं चला गया होगा। उसके बयान पुलिस के संदेह को और गहरा करते गए।

    सात दिन बाद डूडा गांव के पास एक तालाब में ग्रामीणों ने एक शव देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और परिजनों से पहचान कराई। शव सपनेश का ही था। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव सड़ चुका था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सबसे बड़ा खुलासा किया। डॉक्टरों ने साफ किया कि मौत डूबने से नहीं बल्कि गला दबाकर हत्या करने से हुई थी। गले पर तार जैसी किसी वस्तु से कसने के स्पष्ट निशान मिले थे। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच का दायरा और बढ़ा दिया।

    इसी दौरान सपनेश के भाई ने पुलिस को बताया कि सूर्यप्रकाश का उनके घर में लगातार आना जाना था और उसने कई बार उसे सपनेश की पत्नी के साथ बेहद घुलते मिलते देखा था। इस जानकारी के बाद जांच की दिशा बदल गई और पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि हत्या के पीछे असली वजह कर्ज थी या पारिवारिक संबंधों से जुड़ा कोई विवाद।

    फिलहाल इस सनसनीखेज मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। क्या हत्या की साजिश पहले से रची गई थी या यह किसी विवाद का नतीजा थी। इन सवालों के जवाब जांच के अगले चरण में सामने आने की उम्मीद है।

  • इजरायली तकनीक से नरसिंहपुर में चमत्कार: बंजर जमीन पर खड़ा किया 70 एकड़ का 'मैंगो किंगडम', अब लंदन-दुबई में धूम

    इजरायली तकनीक से नरसिंहपुर में चमत्कार: बंजर जमीन पर खड़ा किया 70 एकड़ का 'मैंगो किंगडम', अब लंदन-दुबई में धूम

    मध्य प्रदेश। राज्य के नरसिंहपुर जिले के छेना गाँव से आधुनिक कृषि और दृढ़ संकल्प की एक ऐसी अभूतपूर्व कहानी सामने आई है, जिसने देश के कृषि विशेषज्ञों को हैरत में डाल दिया है। जहां की पथरीली और कम उपजाऊ जमीन पर पारंपरिक खेती करना भी घाटे का सौदा माना जाता था, वहीं आज इजरायली तकनीक के चमत्कार से 70 एकड़ का एक विशाल और आधुनिक आमों का साम्राज्य खड़ा हो चुका है। स्थानीय प्रगतिशील किसान के इस साहसिक और तकनीकी प्रयास की बदौलत अब नरसिंहपुर के रसीले आमों का स्वाद सात समंदर पार दुबई और लंदन जैसे वैश्विक बाजारों तक पहुँच गया है।

    कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस सफलता के पीछे इजरायल की प्रसिद्ध ‘अल्ट्रा हाई डेंसिटी प्लांटेशन’ (UHDP) यानी सघन बागवानी कूटनीति और आधुनिक ड्रिप सिंचाई प्रणाली का कुशल उपयोग है। पारंपरिक तरीके से जहां एक एकड़ में आम के बेहद सीमित पौधे लगाए जाते हैं, वहीं इस आधुनिक इजरायली तकनीक के माध्यम से प्रति एकड़ पौधों की संख्या कई गुना बढ़ा दी गई। इसके साथ ही, बूंद-बूंद सिंचाई और नियंत्रित खाद प्रबंधन के जरिए पौधों को सीधे जड़ों तक पोषक तत्व दिए गए, जिससे पथरीली और कम पानी वाली जमीन पर भी पौधों का तेजी से और स्वस्थ विकास संभव हो सका।

    नरसिंहपुर के इस विशाल मैंगो ऑर्चर्ड (आम के बाग) में आम की कई उन्नत और व्यावसायिक प्रजातियों का उत्पादन किया जा रहा है, जिनकी मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बहुत अधिक है। फसल की गुणवत्ता, रंग और स्वाद को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए पूरी तरह से जैविक और वैज्ञानिक पद्धतियों का पालन किया जाता है। यही कारण है कि इस बाग के आमों को सीधे विदेशों में निर्यात करने के लिए अंतरराष्ट्रीय डीलर्स और बड़ी कंपनियों से अनुबंध मिले हैं, जिससे स्थानीय क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी आय के नए मार्ग खुल गए हैं।

    इस चमत्कारिक कृषि मॉडल ने न केवल नरसिंहपुर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के कृषि परिदृश्य को एक नई दिशा दिखाई है। जिला प्रशासन और बागवानी विभाग के अधिकारी भी इस सफलता को एक बड़े उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। इस बागवानी मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम पानी और विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों में भी बंपर पैदावार सुनिश्चित करता है। लंदन और दुबई जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में यहां के आमों की खेप पहुंचने से भारतीय कृषि उत्पादों की साख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत हुई है।

    इस कृषि क्रांति ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही तकनीक, कड़ा परिश्रम और आधुनिक दृष्टिकोण को मिला दिया जाए, तो किसी भी बंजर या कम उम्मीद वाली जमीन को सोने की खान में बदला जा सकता है। आज इस 70 एकड़ के आम साम्राज्य को देखने और समझने के लिए दूर-दूर से किसान और कृषि वैज्ञानिक नरसिंहपुर के छेना गाँव पहुँच रहे हैं। यह प्रोजेक्ट अब क्षेत्र के ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा जरिया बन चुका है और आत्मनिर्भर खेती की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

  • नरसिंहपुर में 12 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त, प्रशासन का बड़ा एक्शन; जेसीबी से ढहाया कच्चा मकान

    नरसिंहपुर में 12 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त, प्रशासन का बड़ा एक्शन; जेसीबी से ढहाया कच्चा मकान


    नरसिंहपुर नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के ग्राम टेकापार में सोमवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 12 एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान लंबे समय से सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन और ट्रैक्टरों की सहायता से अतिक्रमण को हटाते हुए एक कच्चे मकान को भी ध्वस्त किया गया।

    प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। सुबह शुरू हुआ अभियान देर शाम तक जारी रहा। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे और प्रशासनिक कार्रवाई को देखते रहे।

    जानकारी के अनुसार, टेकापार गांव स्थित शासकीय भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। राजस्व विभाग को इसकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जांच के बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई का निर्णय लिया और संयुक्त अभियान चलाकर कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू की। अभियान का नेतृत्व नायब तहसीलदार ने किया, जबकि राजस्व विभाग के पटवारी, पुलिस बल और अन्य अधिकारी भी मौके पर तैनात रहे।

    अतिक्रमण हटाने के लिए 4 से 5 ट्रैक्टरों के साथ एक जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। अधिकारियों ने जमीन की पैमाइश कर सीमांकन के आधार पर कब्जे हटाए। इस दौरान सरकारी भूमि पर बना एक कच्चा मकान भी प्रशासन ने हटवा दिया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है और शासकीय भूमि को सुरक्षित रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

    कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कानून-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस बल की मौजूदगी के कारण पूरा अभियान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। किसी भी तरह के विरोध या विवाद की स्थिति सामने नहीं आई। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को शासकीय भूमि पर कब्जा न करने और नियमों का पालन करने की समझाइश भी दी।

    राजस्व विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिलेभर में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों की पहचान की जा रही है। जहां भी अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों और भूमि की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

    टेकापार में हुई इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। प्रशासन के सख्त रुख से यह संदेश गया है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • नरसिंहपुर सड़क हादसा: बुजुर्ग महिला की मौत, परिजनों ने रेत के ट्रैक्टर पर जताया शक

    नरसिंहपुर सड़क हादसा: बुजुर्ग महिला की मौत, परिजनों ने रेत के ट्रैक्टर पर जताया शक


    मध्‍य प्रदेश । नरसिंहपुर जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। यह घटना कालदाऊ घाट स्थित सीतारेवा नदी के पास हुई, जहां किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    मृतका की पहचान हरोबाई पति मूलचंद्र हरिजन (उम्र लगभग 65 से 70 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ग्राम पंचायत छेनाकछार के बांदरबारू गांव की निवासी थीं। बताया जा रहा है कि वह बाजार से घरेलू सामान लेकर अपने घर लौट रही थीं, तभी यह हादसा हो गया।

    घटना की सूचना मिलते ही डोंगरगांव पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर वाहन की पहचान करने की कोशिश की है। घटनास्थल से महिला का सामान भी बरामद किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह बाजार से लौट रही थीं।

    परिजनों का आरोप है कि यह हादसा रेत से भरे ट्रैक्टर की टक्कर से हुआ है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी वाहन की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध वाहनों की तलाश की जा रही है।

    थाना प्रभारी प्रकाश पाठक के अनुसार, महिला सुबह के समय बाजार से खाने का तेल लेकर लौट रही थीं, जो उनके पास मिला है। उन्होंने बताया कि अभी तक टक्कर मारने वाला वाहन अज्ञात है और पुलिस इसकी पहचान करने में जुटी हुई है।

    फिलहाल परिजन पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर अड़े हुए हैं। पुलिस ने मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और आगे की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास शुरू कर दिया है।

  • नरसिंहपुर में साइकिल महोत्सव की शुरुआत: विश्व साइकिलिंग दिवस पर निकली भव्य रैली

    नरसिंहपुर में साइकिल महोत्सव की शुरुआत: विश्व साइकिलिंग दिवस पर निकली भव्य रैली


    मध्‍य प्रदेश ।  नरसिंहपुर में विश्व साइकिलिंग दिवस के अवसर पर शनिवार को खेल और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ा एक भव्य आयोजन देखने को मिला। जिले में दो दिवसीय साइकिल महोत्सव की शुरुआत के साथ ही शहर की सड़कों पर साइकिल रैली निकाली गई, जिसमें बच्चों, युवाओं, महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

    साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के ‘अस्मिता कार्यक्रम’ के तहत आयोजित इस रैली को स्थानीय स्टेडियम ग्राउंड से कलेक्टर रजनी सिंह और जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह नागेश ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक साइकिल यात्रा पूरी करने वाले रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अनंत दुबे और उनकी टीम का भी सम्मान किया गया।

    रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जिसमें गांधी चौक, नगर पालिका चौराहा, सुभाष पार्क, बाहरी रोड और पुलिस लाइन जैसे क्षेत्र शामिल रहे। पूरे रास्ते प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला और लोगों ने स्वस्थ जीवन के लिए साइकिलिंग को अपनाने का संदेश दिया।

    कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर रजनी सिंह ने कहा कि आज के आधुनिक और मशीन आधारित जीवन में शारीरिक श्रम काफी कम हो गया है। ऐसे में साइकिलिंग, योग, दौड़, तैराकी और अन्य खेल गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों को नियमित खेल गतिविधियों से जुड़ने की सलाह दी।

    मध्यप्रदेश साइकिलिंग एसोसिएशन के सचिव बी.एस. राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री के ‘फिट इंडिया’ और ‘स्वस्थ भारत’ अभियान को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में अस्मिता लीग का आयोजन किया जा रहा है, जिससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और अधिक लोग फिटनेस गतिविधियों से जुड़ेंगे।

    रैली के समापन पर राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर जिला साइकिलिंग संघ के अध्यक्ष सुनील कोठारी ने ‘नरसिंह साइक्लिंग क्लब’ शुरू करने की घोषणा भी की। वहीं आयोजन प्रभारी मनीष कटारे ने बताया कि 14 जून को बालिका और महिला वर्ग की साइकिल रेस आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न आयु वर्गों की प्रतियोगिताएं होंगी और विजेताओं को मेडल, सर्टिफिकेट एवं पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके साथ ही रविवार शाम को बरमान कला में भी साइकिल रैली निकाली जाएगी।

  • सऊदी से नरसिंहपुर पहुंचे युवक की बिगड़ी मानसिक हालत, पुलिस ने मिलवाया परिवार से

    सऊदी से नरसिंहपुर पहुंचे युवक की बिगड़ी मानसिक हालत, पुलिस ने मिलवाया परिवार से


    नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश: मानवीय संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल नरसिंहपुर जिले से सामने आई है, जहां सऊदी अरब से भटककर भारत पहुंचे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को पुलिस ने न सिर्फ सुरक्षित पाया, बल्कि उसे उसके परिवार से भी मिलवाया। यह पूरी घटना नरसिंहपुर पुलिस की तत्परता और इंसानियत की मिसाल बन गई है।

    मामला 44 वर्षीय उनसाद मियां का है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के रहने वाले हैं। वे सऊदी अरब में ड्राइवर के रूप में काम करते थे, लेकिन कुछ समय पहले उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उन्हें 24 अप्रैल 2026 को रियाद एयरपोर्ट से भारत वापस भेज दिया गया।

    भारत आने के बाद वे मुंबई एयरपोर्ट पर उतरे, लेकिन मानसिक अस्वस्थता के कारण अपने घर नहीं पहुंच सके। वह भटकते हुए भुसावल होते हुए मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले तक आ पहुंचे और कई दिनों तक शहर में इधर-उधर घूमते रहे।

    इसी दौरान 5 मई 2026 को नरसिंहपुर कोतवाली में तैनात आरक्षक पंकज राजपूत की नजर उन पर पड़ी। उनकी स्थिति देखकर आरक्षक ने मानवता दिखाते हुए उनसे बातचीत शुरू की। शुरुआती बातचीत में वे ज्यादा कुछ नहीं बता पा रहे थे, लेकिन धैर्यपूर्वक संवाद के बाद उन्होंने अपनी पहचान उजागर की।

    उनसाद के पास सिर्फ पासपोर्ट था, जबकि उनका मोबाइल फोन खो चुका था। आरक्षक पंकज राजपूत ने उन्हें भोजन कराया, कपड़े उपलब्ध कराए और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान उनसाद ने अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर बताया, जिसे उन्होंने याद रखा था।

    आरक्षक ने उस नंबर पर संपर्क कर परिवार को पूरी जानकारी दी। लंबे समय से लापता अपने परिजन की सूचना मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। 9 मई को उनके बड़े भाई जैश मोहम्मद और दो भतीजे नरसिंहपुर पहुंचे।

    परिवार के लोग जब उनसे मिले तो माहौल भावुक हो गया। अपनों को सामने देखकर उनसाद भी भावुक हो उठे। परिजनों ने नरसिंहपुर पुलिस और आरक्षक पंकज राजपूत का आभार व्यक्त किया।

    बाद में पुलिस की मौजूदगी में उन्हें सुरक्षित ट्रेन के माध्यम से उनके घर रवाना किया गया। स्टेशन पर विदाई का दृश्य बेहद भावुक था, जहां पुलिस और परिजनों दोनों की आंखें नम हो गईं।

    यह घटना न सिर्फ पुलिस की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि इंसानियत आज भी जिंदा है।

  • नरसिंहपुर में रहस्य गहराया, छोटे भाई के खेत में मिला बड़े भाई का शव, हत्या की आशंका से हड़कंप

    नरसिंहपुर में रहस्य गहराया, छोटे भाई के खेत में मिला बड़े भाई का शव, हत्या की आशंका से हड़कंप

    मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के खैरुआ गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। गांव के एक किसान का शव उसके ही छोटे भाई के खेत से मिलने के बाद मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय नरेंद्र पटेल के रूप में की गई है।

    घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचने लगे और देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। शुरुआती जांच में यह मामला एक दुर्घटना जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन जैसे ही परिजनों ने सवाल उठाने शुरू किए, स्थिति संदिग्ध हो गई।

    परिजनों का कहना है कि यह मौत केवल एक हादसा नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि नरेंद्र पटेल की मौत किसी अन्य स्थान पर हुई है और बाद में उनके शव को जानबूझकर खेत में लाकर रखा गया, ताकि इसे सामान्य दुर्घटना का रूप दिया जा सके। परिवार का यह भी दावा है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए कई जगहों पर बिजली का करंट लगाया जाता है और संभव है कि इसी वजह से यह घटना हुई हो।

    हालांकि परिजन इस बात को स्वीकार नहीं कर रहे कि यह केवल एक लापरवाही का परिणाम है। उनका मानना है कि शव को खेत में मौजूद ट्रांसफार्मर के पास रखा गया, ताकि घटना को बिजली हादसे के रूप में दिखाया जा सके और असली कारण छिपाया जा सके। इसी आधार पर परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    दूसरी ओर पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे करंट लगने से हुई दुर्घटनात्मक मौत बताया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल की स्थिति और शुरुआती साक्ष्यों को देखते हुए यह मामला फिलहाल एक हादसा प्रतीत होता है, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खेत में बिजली की व्यवस्था कैसे की गई थी और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है।

    इस घटना के बाद गांव में तनाव और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। लोग अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं और हर कोई यह जानने की कोशिश में है कि यह वास्तव में एक दुखद हादसा था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभावित पहलू की जांच कर रही है। यह मामला अब केवल एक सामान्य मौत नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा रहस्य बन गया है जिसका सच सामने आना बाकी है और जिस पर पूरे गांव की नजर टिकी हुई है।

  • नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार

    नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 152 किलो गांजा जब्त किया है। अंतर्राज्यीय स्तर पर गांजा की खेप ले जा रहे एक तस्कर को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से उत्तर प्रदेश के झांसी की ओर एक पिकअप वाहन में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जिले में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया और संदिग्ध वाहन की तलाश की गई।

    रणनीति के तहत पुलिस टीम ने संभावित मार्गों पर घेराबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से 152 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से चालक रोहित सिंह, निवासी ग्वालियर को गिरफ्तार कर लिया।

    प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गांजा की यह खेप अंतर्राज्यीय स्तर पर सप्लाई की जानी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजा कहां से लाया गया और किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब्त किए गए गांजा की बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना ने कहा कि अंतर्राज्यीय तस्करी के मामलों में पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। सीमावर्ती जिलों और प्रमुख मार्गों पर नियमित चेकिंग की जा रही है जिससे मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।

    इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास कर रही है ताकि तस्करी की जड़ तक पहुंचा जा सके।