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  • श्रावण के पहले सोमवार नरसिंहपुर के शिवालयों में उमड़ी आस्था, मिट्टी के शिवलिंग बनाकर भक्तों ने की विशेष पूजा

    श्रावण के पहले सोमवार नरसिंहपुर के शिवालयों में उमड़ी आस्था, मिट्टी के शिवलिंग बनाकर भक्तों ने की विशेष पूजा

    मध्य प्रदेश: के नरसिंहपुर जिले में श्रावण मास के पहले सोमवार को भगवान शिव की भक्ति का विशेष उत्साह देखने को मिला। जिले के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल जीवन की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजते रहे।

    श्रावण के पहले सोमवार के अवसर पर जिले के कई शिव मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मिट्टी से शिवलिंग और रुद्री का निर्माण कर पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व होता है और सोमवार के दिन की गई पूजा को विशेष फलदायी माना जाता है।

    इस वर्ष श्रावण का पहला सोमवार उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग के शुभ संयोग में पड़ा। धार्मिक विद्वानों के अनुसार सुकर्मा योग में किए गए जप, तप, दान, पूजा और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस शुभ समय में भगवान शिव की आराधना करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    पहले सोमवार को लेकर जिले के प्रमुख शिवालयों को विशेष रूप से सजाया गया था। मंदिरों में सुबह से पूजा-पाठ का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट की। कई मंदिरों में सामूहिक जलाभिषेक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।

    नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा स्थित डमरूघाटी, परमहंसी गंगा आश्रम स्थित लोधेश्वर मंदिर, महादेव पिपरिया के जबरेश्वर महादेव मंदिर, बरमान घाट के दीपेश्वर महादेव मंदिर सहित कई प्रमुख शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसके अलावा पुलिस लाइन शिव मंदिर, व्यंकटेश महादेव मंदिर, आजाद वार्ड शिव मंदिर, नृसिंह मंदिर परिसर, सदर मढ़िया शिवलिंग, स्टेशनगंज श्री शिव मंदिर, सांकल रोड तिराहा स्थित ठाकुर बाबू शिव मंदिर, काली मठ और झिरना महादेव मंदिर में भी भक्तों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।

    श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक कर परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और सुख-शांति की प्रार्थना की। कई भक्तों ने सावन सोमवार का व्रत रखा और दिनभर धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। मंदिरों में भजन, मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ के कारण वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

    श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समितियों की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। दर्शन, जलाभिषेक और पूजा के दौरान भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक इंतजाम किए गए। सावन के पहले सोमवार पर जिलेभर में धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

  • पांच हत्याओं के सनसनीखेज मामले में जांच तेज फरार आरोपी ऋतुराज हिरासत में बुधगांव कनेक्शन और डॉक्टर की डिग्री भी जांच के घेरे में

    पांच हत्याओं के सनसनीखेज मामले में जांच तेज फरार आरोपी ऋतुराज हिरासत में बुधगांव कनेक्शन और डॉक्टर की डिग्री भी जांच के घेरे में


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के बहुचर्चित पांच हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 19 जुलाई को इंदिरानगर में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी ऋतुराज को पुलिस ने रविवार शाम हिरासत में ले लिया। आरोपी को जबलपुर के मढ़ाताल थाना क्षेत्र से नरसिंहपुर लाया गया है जहां उससे पूरे घटनाक्रम और फरार आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी पूछताछ से मामले के कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी के जबलपुर में होने की सूचना मिलने के बाद नरसिंहपुर पुलिस की विशेष टीम वहां पहुंची और उसे अभिरक्षा में लेकर जिले आई। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आरोपी ने स्वयं थाने में पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था या पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। फिलहाल जांच एजेंसियां उससे हत्या की साजिश वारदात की योजना और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर लगातार पूछताछ कर रही हैं।

    इस हत्याकांड में अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें आनंद लोधी अनुज लोधी और राजा पटेल को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की गई। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पूछताछ के दौरान पुलिस ने हत्या की साजिश पैसों के लेनदेन और फरार आरोपियों की लोकेशन से जुड़े सवाल किए लेकिन पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी पहले दिए गए बयानों पर ही कायम रहे और फरार आरोपियों प्रीतम तथा शुभम के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दे सके।

    जांच के दौरान पुलिस का फोकस अब घटना के बाद सामने आए बुधगांव कनेक्शन पर भी है। पुलिस आनंद लोधी के उस दावे की पड़ताल कर रही है जिसमें उसने वारदात के बाद बुधगांव पहुंचकर सतीश पटेल के यहां वाहन छोड़ने की बात कही थी। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इस घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं और आरोपी के बयान कितने तथ्यात्मक हैं।

    मामले में गिरफ्तार जबलपुर निवासी डॉ. अमित खरे भी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। पुलिस अब उनकी शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल डिग्री का सत्यापन कराने की प्रक्रिया में जुटी है। इसके लिए जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से पत्राचार किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी डिग्री वैध है या नहीं। पुलिस का मानना है कि जांच के इस पहलू से भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने बताया कि फरार आरोपी ऋतुराज से पूछताछ जारी है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं फरार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या

    मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या


    नरसिंहपुर।
    मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक सप्ताह पहले जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर एक सड़क हादसे में हुई पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हादसा नहीं, बल्कि रेत के अवैध कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई में रची गई सुनियोजित हत्या थी।

    रेत कारोबारी राजेंद्र लोधी को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर उसकी गाड़ी को पहले से सड़क के दोनों ओर खड़े हाईवा से कुचलकर हादसे का रूप दिया गया था। पुलिस ने जांच के बाद मुख्य आरोपी शहपुरा जनपद पंचायत सदस्य आनंद पटेल समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ हत्या की साजिश से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है।

    गौरतलब है कि नरसिंहपुर जिले के जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर गत 19 जुलाई को एक बेकाबू हाईवा ने सड़क किनारे अपनी कार खड़ी करके सेल्फी ले रहे 6 युवकों को कुचल दिया था। इस हादसे में जबलपुर के पावला निवासी राजेंद्र लोधी (28) की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि वीरेंद्र लोधी (20), राजपाल लोधी (21), जयपाल लोधी (30) और नीरज लोधी (30) ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में दम तोड़ दिया था। वहीं, एक युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जबलपुर में चल रहा है।

    पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि राजेंद्र लोधी और आरोपी आनंद पटेल दोनों बेलखेड़ा क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार से जुड़े थे। दोनों के बीच अवैध रेत कारोबार में वर्चस्व और आर्थिक हितों को लेकर विवाद था। जबलपुर के डॉ. अमित खरे की भी राजेंद्र से रुपये के लेनदेन को लेकर रंजिश थी, इसीलिए आनंद और डॉ. अमित खरे ने हत्या की साजिश रची। जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक डॉ. अमित खरे ने मुख्य आरोपी को घटना को हादसा दिखाने व साक्ष्य छिपाने के तरीके बताए। घटना वाले दिन आरोपी राजा, अरविंद और भरत पटेल लगातार राजेंद्र लोधी की लोकेशन मुख्य आरोपी आनंद पटेल तक पहुंचा रहे थे। राजेंद्र साथियों के साथ जैसे ही वहां पहुंचा, हाईवा से उनकी गाड़ी को कुचल दिया।

    नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने बताया कि वर्चस्व की लड़ाई को लेकर मुख्य आरोपी आनंद राजपूत और मृतक राजेंद्र पटेल के बीच व्यापार की पुरानी रंजिश थी। इसी रंजिश में राजेंद्र पटेल सहित पांच युवकों को हाईवा से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो हत्या में इस्तेमाल हाईवा हीरापुर-बंदरोहा के जंगल से बरामद हो गई। पूछताछ में राजा पटेल ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद आरोपी भी पकड़े गए।

    पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शुभम, प्रीतम और ऋतुराज फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। हत्या में इस्तेमाल हाईवा के अलावा थार और फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने बताया कि साजिश में जबलपुर के अस्पताल संचालक अमित खरे भी शामिल था। उसने आनंद पटेल को हत्या को हादसा दिखाने के तरीके बताए थे। वहीं, राजा पटेल ने राजेंद्र लोधी की रेकी कर उसकी लोकेशन आरोपियों तक पहुंचाई।

  • नरसिंहपुर हाईवे कांड का सनसनीखेज खुलासा, अवैध रेत कारोबार की दुश्मनी में हाईवा से कुचलकर ली गई पांच जानें

    नरसिंहपुर हाईवे कांड का सनसनीखेज खुलासा, अवैध रेत कारोबार की दुश्मनी में हाईवा से कुचलकर ली गई पांच जानें


    नरसिंहपुर मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में 19 जुलाई को जबलपुर भोपाल नेशनल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शुरुआती जांच में जिसे सामान्य सड़क दुर्घटना माना जा रहा था वह दरअसल अवैध रेत कारोबार की खूनी रंजिश का नतीजा निकला। छह दिन तक चली गहन जांच के बाद पुलिस ने खुलासा किया कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित सामूहिक हत्या थी जिसे दुर्घटना का रूप देने की पूरी तैयारी पहले से कर ली गई थी। इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी शहपुरा जनपद पंचायत सदस्य आनंद पटेल समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।

    पुलिस के मुताबिक अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार में वर्चस्व स्थापित करने के लिए कारोबारी राजेंद्र लोधी को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई थी। वारदात वाले दिन आरोपियों ने राजेंद्र लोधी की हर गतिविधि पर नजर रखी। उसकी लोकेशन लगातार मुख्य आरोपी तक पहुंचाई जाती रही। जैसे ही राजेंद्र अपने साथियों के साथ तय स्थान पर पहुंचा वैसे ही पहले से हाईवे के दोनों ओर खड़े हाईवा वाहनों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और कुचल दिया। इस हमले में राजेंद्र लोधी सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसका इलाज जारी है।

    जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक वाहन का टूटा हुआ अंग्रेजी अक्षर ए मिला जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और हत्या में इस्तेमाल हाईवा को हीरापुर बंदरोहा के जंगल से बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी राजा पटेल ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया जिसके बाद एक के बाद एक आरोपियों की गिरफ्तारी होती चली गई।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जबलपुर स्थित एक निजी अस्पताल के संचालक डॉ अमित खरे भी इस साजिश का हिस्सा थे। आरोप है कि उन्होंने हत्या को सड़क हादसा दिखाने और सबूत मिटाने के तरीके बताए। वारदात के बाद आरोपियों के बीच हुई बातचीत में मौत की पुष्टि होने पर खुशी जताने जैसी बातें भी सामने आई हैं जो इस साजिश की गंभीरता को दर्शाती हैं।

    पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हाईवा के अलावा थार और फॉर्च्यूनर वाहन भी जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार राजेंद्र लोधी और मुख्य आरोपी आनंद पटेल के बीच लंबे समय से अवैध रेत कारोबार और आर्थिक हितों को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया और पांच लोगों की जान चली गई।

    पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। इस खुलासे के बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े आपराधिक गठजोड़ पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • अवैध संबंधों में बना हत्या का ब्लूप्रिंट, पत्नी और प्रेमी ने रची साजिश; 77 मिनट की कॉल डिटेल से खुला पूरे मर्डर का राज

    अवैध संबंधों में बना हत्या का ब्लूप्रिंट, पत्नी और प्रेमी ने रची साजिश; 77 मिनट की कॉल डिटेल से खुला पूरे मर्डर का राज

    मध्य प्रदेश: के नरसिंहपुर जिले में युवक सपनेश पटेल की हत्या का मामला पुलिस जांच के दौरान एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के रूप में सामने आया। शुरुआत में युवक के अचानक लापता होने और कर्ज के कारण घर छोड़ने जैसी चर्चाओं के बीच जांच आगे बढ़ी, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और लगातार जुटाए गए प्रमाणों ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे पारिवारिक रिश्तों में आई दरार, कथित अवैध संबंध और पूर्व नियोजित षड्यंत्र प्रमुख कारण थे।

    घटना 24 जनवरी 2021 की है, जब सपनेश पटेल शाम के समय एक फोन कॉल आने के बाद घर से यह कहकर निकला कि वह दोस्त के बुलावे पर पार्टी में जा रहा है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई, जबकि स्थानीय स्तर पर उसके कर्ज के कारण कहीं चले जाने की चर्चाएं भी होती रहीं। लगभग एक सप्ताह बाद उसका शव एक तालाब से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और परिजनों के बयान खंगाले। इसी क्रम में पता चला कि घटना से एक दिन पहले मृतक की पत्नी स्लेखा और रिश्तेदार सूर्यप्रकाश पटेल के बीच करीब 77 मिनट तक मोबाइल पर बातचीत हुई थी। घटना वाले दिन भी दोनों लगातार संपर्क में रहे। वहीं सूर्यप्रकाश के मोबाइल रिकॉर्ड की जांच में बृजेश यादव का नाम भी सामने आया, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया।

    पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि सूर्यप्रकाश और स्लेखा के बीच लंबे समय से कथित प्रेम संबंध थे। जांच में यह भी सामने आया कि सपनेश को इस संबंध की जानकारी हो चुकी थी और वह इसका विरोध करता था। आरोप है कि सूर्यप्रकाश ने उसे आर्थिक सहायता देकर चुप कराने का प्रयास भी किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद सपनेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई, जिसमें बृजेश यादव को भी शामिल किया गया।

    पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सपनेश को शराब पार्टी के बहाने बुलाया गया। तीनों ने एक ढाबे पर समय बिताया, जिसके बाद सुनसान स्थान पर मोबाइल चार्जिंग केबल से उसका गला घोंट दिया गया। हत्या के बाद शव को कार की डिक्की में रखकर पूरी रात इधर-उधर घुमाया गया ताकि ऐसा स्थान मिल सके, जहां सबूत आसानी से छिपाए जा सकें। बाद में शव को तालाब में फेंक दिया गया और उसके ऊपर पत्थर रख दिए गए। मृतक का मोबाइल फोन भी अलग स्थान पर फेंककर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।

    जांच के दौरान टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों ने पुलिस की जांच को मजबूत आधार दिया। आरोपियों के बयानों में लगातार विरोधाभास सामने आने पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चार्जिंग केबल, वाहन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए। अदालत में अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी प्रमाण, गवाहों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायालय ने मामले को पूर्व नियोजित हत्या मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला आधुनिक तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुलझाए गए प्रमुख आपराधिक मामलों में शामिल माना गया।

  • तेंदुखेड़ा में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला: बच्ची के मां बनने पर खुली पोल, आरोपी गिरफ्तार; पुलिस कराएगी DNA जांच

    तेंदुखेड़ा में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला: बच्ची के मां बनने पर खुली पोल, आरोपी गिरफ्तार; पुलिस कराएगी DNA जांच

    मध्य प्रदेश: के नरसिंहपुर जिले के तेंदुखेड़ा क्षेत्र से नाबालिग से दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार एक नाबालिग लड़की को लंबे समय तक डरा-धमकाकर उसका शारीरिक शोषण किया गया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब किशोरी ने एक बच्चे को जन्म दिया। घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

    तेंदुखेड़ा थाना पुलिस के मुताबिक आरोपी राजा लोधी लंबे समय से पीड़ित किशोरी को धमकाता था और उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाता रहा। नाबालिग होने के कारण पीड़िता भय के माहौल में रही और किसी को कुछ नहीं बता सकी। परिवार को तब संदेह हुआ जब बच्ची गर्भवती पाई गई और बाद में उसने एक नवजात को जन्म दिया।

    परिजनों द्वारा पूछताछ किए जाने पर किशोरी ने रोते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की और आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया।

    पुलिस ने आरोपी राजा लोधी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नवजात बच्चे और आरोपी का DNA परीक्षण कराया जाएगा। इसके लिए दोनों के नमूने एकत्र कर संबंधित प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।

    जांच अधिकारियों के अनुसार DNA रिपोर्ट आने के बाद मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकेंगे, जो न्यायिक प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना कितने समय से चल रही थी और क्या आरोपी ने किसी प्रकार का दबाव या धमकी देकर पीड़िता को चुप रहने के लिए मजबूर किया था।

    प्रशासन ने पीड़ित किशोरी और उसके परिवार को आवश्यक कानूनी तथा मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। बाल संरक्षण से जुड़े विभागों को भी मामले की जानकारी दे दी गई है ताकि पीड़िता को उचित परामर्श और सहायता मिल सके।

    तेंदुखेड़ा पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानून के तहत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

  • रहस्यमयी गुमशुदगी से हत्या तक कर्ज प्रेम संबंध और एक फोन कॉल में उलझी नरसिंहपुर की सनसनीखेज कहानी

    रहस्यमयी गुमशुदगी से हत्या तक कर्ज प्रेम संबंध और एक फोन कॉल में उलझी नरसिंहपुर की सनसनीखेज कहानी


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक युवक की रहस्यमयी गुमशुदगी और सात दिन बाद तालाब से मिली लाश ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। शुरुआत में यह मामला गुमशुदगी या हादसे का माना जा रहा था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। जांच में सामने आए एक फोन कॉल कर्ज के विवाद और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े कई पहलुओं ने इस हत्याकांड को और भी रहस्यमय बना दिया।

    घटना 24 जनवरी 2021 की है। करेली निवासी 32 वर्षीय सपनेश पटेल शाम के समय अपने काम से लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी उनके मोबाइल पर एक परिचित का फोन आया जिसमें उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए बुलाया गया। सपनेश तुरंत वहां जाने के लिए निकल गए लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। रात भर इंतजार करने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल भी बंद मिला तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।

    अगले दिन परिवार ने रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां तलाश शुरू की लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। आखिरकार करेली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस बीच गांव में तरह तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने बताया कि सपनेश पर पहले भी कर्ज था और संभव है कि वह फिर कहीं चला गया हो। हालांकि पुलिस ने हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखी।

    जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि लापता होने से पहले सपनेश की आखिरी बातचीत उनके रिश्तेदार सूर्यप्रकाश पटेल से हुई थी। पूछताछ में सूर्यप्रकाश ने स्वीकार किया कि उसने ही सपनेश को शराब पार्टी के लिए बुलाया था लेकिन इसके बाद वह लगातार यही कहता रहा कि सपनेश शायद कर्ज के कारण कहीं चला गया होगा। उसके बयान पुलिस के संदेह को और गहरा करते गए।

    सात दिन बाद डूडा गांव के पास एक तालाब में ग्रामीणों ने एक शव देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और परिजनों से पहचान कराई। शव सपनेश का ही था। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव सड़ चुका था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सबसे बड़ा खुलासा किया। डॉक्टरों ने साफ किया कि मौत डूबने से नहीं बल्कि गला दबाकर हत्या करने से हुई थी। गले पर तार जैसी किसी वस्तु से कसने के स्पष्ट निशान मिले थे। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच का दायरा और बढ़ा दिया।

    इसी दौरान सपनेश के भाई ने पुलिस को बताया कि सूर्यप्रकाश का उनके घर में लगातार आना जाना था और उसने कई बार उसे सपनेश की पत्नी के साथ बेहद घुलते मिलते देखा था। इस जानकारी के बाद जांच की दिशा बदल गई और पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि हत्या के पीछे असली वजह कर्ज थी या पारिवारिक संबंधों से जुड़ा कोई विवाद।

    फिलहाल इस सनसनीखेज मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। क्या हत्या की साजिश पहले से रची गई थी या यह किसी विवाद का नतीजा थी। इन सवालों के जवाब जांच के अगले चरण में सामने आने की उम्मीद है।

  • इजरायली तकनीक से नरसिंहपुर में चमत्कार: बंजर जमीन पर खड़ा किया 70 एकड़ का 'मैंगो किंगडम', अब लंदन-दुबई में धूम

    इजरायली तकनीक से नरसिंहपुर में चमत्कार: बंजर जमीन पर खड़ा किया 70 एकड़ का 'मैंगो किंगडम', अब लंदन-दुबई में धूम

    मध्य प्रदेश। राज्य के नरसिंहपुर जिले के छेना गाँव से आधुनिक कृषि और दृढ़ संकल्प की एक ऐसी अभूतपूर्व कहानी सामने आई है, जिसने देश के कृषि विशेषज्ञों को हैरत में डाल दिया है। जहां की पथरीली और कम उपजाऊ जमीन पर पारंपरिक खेती करना भी घाटे का सौदा माना जाता था, वहीं आज इजरायली तकनीक के चमत्कार से 70 एकड़ का एक विशाल और आधुनिक आमों का साम्राज्य खड़ा हो चुका है। स्थानीय प्रगतिशील किसान के इस साहसिक और तकनीकी प्रयास की बदौलत अब नरसिंहपुर के रसीले आमों का स्वाद सात समंदर पार दुबई और लंदन जैसे वैश्विक बाजारों तक पहुँच गया है।

    कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस सफलता के पीछे इजरायल की प्रसिद्ध ‘अल्ट्रा हाई डेंसिटी प्लांटेशन’ (UHDP) यानी सघन बागवानी कूटनीति और आधुनिक ड्रिप सिंचाई प्रणाली का कुशल उपयोग है। पारंपरिक तरीके से जहां एक एकड़ में आम के बेहद सीमित पौधे लगाए जाते हैं, वहीं इस आधुनिक इजरायली तकनीक के माध्यम से प्रति एकड़ पौधों की संख्या कई गुना बढ़ा दी गई। इसके साथ ही, बूंद-बूंद सिंचाई और नियंत्रित खाद प्रबंधन के जरिए पौधों को सीधे जड़ों तक पोषक तत्व दिए गए, जिससे पथरीली और कम पानी वाली जमीन पर भी पौधों का तेजी से और स्वस्थ विकास संभव हो सका।

    नरसिंहपुर के इस विशाल मैंगो ऑर्चर्ड (आम के बाग) में आम की कई उन्नत और व्यावसायिक प्रजातियों का उत्पादन किया जा रहा है, जिनकी मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बहुत अधिक है। फसल की गुणवत्ता, रंग और स्वाद को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए पूरी तरह से जैविक और वैज्ञानिक पद्धतियों का पालन किया जाता है। यही कारण है कि इस बाग के आमों को सीधे विदेशों में निर्यात करने के लिए अंतरराष्ट्रीय डीलर्स और बड़ी कंपनियों से अनुबंध मिले हैं, जिससे स्थानीय क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी आय के नए मार्ग खुल गए हैं।

    इस चमत्कारिक कृषि मॉडल ने न केवल नरसिंहपुर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के कृषि परिदृश्य को एक नई दिशा दिखाई है। जिला प्रशासन और बागवानी विभाग के अधिकारी भी इस सफलता को एक बड़े उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। इस बागवानी मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम पानी और विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों में भी बंपर पैदावार सुनिश्चित करता है। लंदन और दुबई जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में यहां के आमों की खेप पहुंचने से भारतीय कृषि उत्पादों की साख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत हुई है।

    इस कृषि क्रांति ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही तकनीक, कड़ा परिश्रम और आधुनिक दृष्टिकोण को मिला दिया जाए, तो किसी भी बंजर या कम उम्मीद वाली जमीन को सोने की खान में बदला जा सकता है। आज इस 70 एकड़ के आम साम्राज्य को देखने और समझने के लिए दूर-दूर से किसान और कृषि वैज्ञानिक नरसिंहपुर के छेना गाँव पहुँच रहे हैं। यह प्रोजेक्ट अब क्षेत्र के ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा जरिया बन चुका है और आत्मनिर्भर खेती की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

  • नरसिंहपुर में 12 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त, प्रशासन का बड़ा एक्शन; जेसीबी से ढहाया कच्चा मकान

    नरसिंहपुर में 12 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त, प्रशासन का बड़ा एक्शन; जेसीबी से ढहाया कच्चा मकान


    नरसिंहपुर नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के ग्राम टेकापार में सोमवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 12 एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान लंबे समय से सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन और ट्रैक्टरों की सहायता से अतिक्रमण को हटाते हुए एक कच्चे मकान को भी ध्वस्त किया गया।

    प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। सुबह शुरू हुआ अभियान देर शाम तक जारी रहा। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद रहे और प्रशासनिक कार्रवाई को देखते रहे।

    जानकारी के अनुसार, टेकापार गांव स्थित शासकीय भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। राजस्व विभाग को इसकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जांच के बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई का निर्णय लिया और संयुक्त अभियान चलाकर कब्जे हटाने की प्रक्रिया शुरू की। अभियान का नेतृत्व नायब तहसीलदार ने किया, जबकि राजस्व विभाग के पटवारी, पुलिस बल और अन्य अधिकारी भी मौके पर तैनात रहे।

    अतिक्रमण हटाने के लिए 4 से 5 ट्रैक्टरों के साथ एक जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। अधिकारियों ने जमीन की पैमाइश कर सीमांकन के आधार पर कब्जे हटाए। इस दौरान सरकारी भूमि पर बना एक कच्चा मकान भी प्रशासन ने हटवा दिया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है और शासकीय भूमि को सुरक्षित रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

    कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कानून-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस बल की मौजूदगी के कारण पूरा अभियान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। किसी भी तरह के विरोध या विवाद की स्थिति सामने नहीं आई। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को शासकीय भूमि पर कब्जा न करने और नियमों का पालन करने की समझाइश भी दी।

    राजस्व विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिलेभर में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों की पहचान की जा रही है। जहां भी अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों और भूमि की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

    टेकापार में हुई इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। प्रशासन के सख्त रुख से यह संदेश गया है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • नरसिंहपुर सड़क हादसा: बुजुर्ग महिला की मौत, परिजनों ने रेत के ट्रैक्टर पर जताया शक

    नरसिंहपुर सड़क हादसा: बुजुर्ग महिला की मौत, परिजनों ने रेत के ट्रैक्टर पर जताया शक


    मध्‍य प्रदेश । नरसिंहपुर जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। यह घटना कालदाऊ घाट स्थित सीतारेवा नदी के पास हुई, जहां किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    मृतका की पहचान हरोबाई पति मूलचंद्र हरिजन (उम्र लगभग 65 से 70 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ग्राम पंचायत छेनाकछार के बांदरबारू गांव की निवासी थीं। बताया जा रहा है कि वह बाजार से घरेलू सामान लेकर अपने घर लौट रही थीं, तभी यह हादसा हो गया।

    घटना की सूचना मिलते ही डोंगरगांव पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर वाहन की पहचान करने की कोशिश की है। घटनास्थल से महिला का सामान भी बरामद किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह बाजार से लौट रही थीं।

    परिजनों का आरोप है कि यह हादसा रेत से भरे ट्रैक्टर की टक्कर से हुआ है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी वाहन की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध वाहनों की तलाश की जा रही है।

    थाना प्रभारी प्रकाश पाठक के अनुसार, महिला सुबह के समय बाजार से खाने का तेल लेकर लौट रही थीं, जो उनके पास मिला है। उन्होंने बताया कि अभी तक टक्कर मारने वाला वाहन अज्ञात है और पुलिस इसकी पहचान करने में जुटी हुई है।

    फिलहाल परिजन पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर अड़े हुए हैं। पुलिस ने मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और आगे की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास शुरू कर दिया है।