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  • नरसिंहपुर में साइकिल महोत्सव की शुरुआत: विश्व साइकिलिंग दिवस पर निकली भव्य रैली

    नरसिंहपुर में साइकिल महोत्सव की शुरुआत: विश्व साइकिलिंग दिवस पर निकली भव्य रैली


    मध्‍य प्रदेश ।  नरसिंहपुर में विश्व साइकिलिंग दिवस के अवसर पर शनिवार को खेल और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ा एक भव्य आयोजन देखने को मिला। जिले में दो दिवसीय साइकिल महोत्सव की शुरुआत के साथ ही शहर की सड़कों पर साइकिल रैली निकाली गई, जिसमें बच्चों, युवाओं, महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

    साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के ‘अस्मिता कार्यक्रम’ के तहत आयोजित इस रैली को स्थानीय स्टेडियम ग्राउंड से कलेक्टर रजनी सिंह और जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह नागेश ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक साइकिल यात्रा पूरी करने वाले रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अनंत दुबे और उनकी टीम का भी सम्मान किया गया।

    रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जिसमें गांधी चौक, नगर पालिका चौराहा, सुभाष पार्क, बाहरी रोड और पुलिस लाइन जैसे क्षेत्र शामिल रहे। पूरे रास्ते प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला और लोगों ने स्वस्थ जीवन के लिए साइकिलिंग को अपनाने का संदेश दिया।

    कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर रजनी सिंह ने कहा कि आज के आधुनिक और मशीन आधारित जीवन में शारीरिक श्रम काफी कम हो गया है। ऐसे में साइकिलिंग, योग, दौड़, तैराकी और अन्य खेल गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों को नियमित खेल गतिविधियों से जुड़ने की सलाह दी।

    मध्यप्रदेश साइकिलिंग एसोसिएशन के सचिव बी.एस. राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री के ‘फिट इंडिया’ और ‘स्वस्थ भारत’ अभियान को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में अस्मिता लीग का आयोजन किया जा रहा है, जिससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और अधिक लोग फिटनेस गतिविधियों से जुड़ेंगे।

    रैली के समापन पर राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर जिला साइकिलिंग संघ के अध्यक्ष सुनील कोठारी ने ‘नरसिंह साइक्लिंग क्लब’ शुरू करने की घोषणा भी की। वहीं आयोजन प्रभारी मनीष कटारे ने बताया कि 14 जून को बालिका और महिला वर्ग की साइकिल रेस आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न आयु वर्गों की प्रतियोगिताएं होंगी और विजेताओं को मेडल, सर्टिफिकेट एवं पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके साथ ही रविवार शाम को बरमान कला में भी साइकिल रैली निकाली जाएगी।

  • सऊदी से नरसिंहपुर पहुंचे युवक की बिगड़ी मानसिक हालत, पुलिस ने मिलवाया परिवार से

    सऊदी से नरसिंहपुर पहुंचे युवक की बिगड़ी मानसिक हालत, पुलिस ने मिलवाया परिवार से


    नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश: मानवीय संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल नरसिंहपुर जिले से सामने आई है, जहां सऊदी अरब से भटककर भारत पहुंचे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को पुलिस ने न सिर्फ सुरक्षित पाया, बल्कि उसे उसके परिवार से भी मिलवाया। यह पूरी घटना नरसिंहपुर पुलिस की तत्परता और इंसानियत की मिसाल बन गई है।

    मामला 44 वर्षीय उनसाद मियां का है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के रहने वाले हैं। वे सऊदी अरब में ड्राइवर के रूप में काम करते थे, लेकिन कुछ समय पहले उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उन्हें 24 अप्रैल 2026 को रियाद एयरपोर्ट से भारत वापस भेज दिया गया।

    भारत आने के बाद वे मुंबई एयरपोर्ट पर उतरे, लेकिन मानसिक अस्वस्थता के कारण अपने घर नहीं पहुंच सके। वह भटकते हुए भुसावल होते हुए मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले तक आ पहुंचे और कई दिनों तक शहर में इधर-उधर घूमते रहे।

    इसी दौरान 5 मई 2026 को नरसिंहपुर कोतवाली में तैनात आरक्षक पंकज राजपूत की नजर उन पर पड़ी। उनकी स्थिति देखकर आरक्षक ने मानवता दिखाते हुए उनसे बातचीत शुरू की। शुरुआती बातचीत में वे ज्यादा कुछ नहीं बता पा रहे थे, लेकिन धैर्यपूर्वक संवाद के बाद उन्होंने अपनी पहचान उजागर की।

    उनसाद के पास सिर्फ पासपोर्ट था, जबकि उनका मोबाइल फोन खो चुका था। आरक्षक पंकज राजपूत ने उन्हें भोजन कराया, कपड़े उपलब्ध कराए और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान उनसाद ने अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर बताया, जिसे उन्होंने याद रखा था।

    आरक्षक ने उस नंबर पर संपर्क कर परिवार को पूरी जानकारी दी। लंबे समय से लापता अपने परिजन की सूचना मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। 9 मई को उनके बड़े भाई जैश मोहम्मद और दो भतीजे नरसिंहपुर पहुंचे।

    परिवार के लोग जब उनसे मिले तो माहौल भावुक हो गया। अपनों को सामने देखकर उनसाद भी भावुक हो उठे। परिजनों ने नरसिंहपुर पुलिस और आरक्षक पंकज राजपूत का आभार व्यक्त किया।

    बाद में पुलिस की मौजूदगी में उन्हें सुरक्षित ट्रेन के माध्यम से उनके घर रवाना किया गया। स्टेशन पर विदाई का दृश्य बेहद भावुक था, जहां पुलिस और परिजनों दोनों की आंखें नम हो गईं।

    यह घटना न सिर्फ पुलिस की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि इंसानियत आज भी जिंदा है।

  • नरसिंहपुर में रहस्य गहराया, छोटे भाई के खेत में मिला बड़े भाई का शव, हत्या की आशंका से हड़कंप

    नरसिंहपुर में रहस्य गहराया, छोटे भाई के खेत में मिला बड़े भाई का शव, हत्या की आशंका से हड़कंप

    मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के खैरुआ गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। गांव के एक किसान का शव उसके ही छोटे भाई के खेत से मिलने के बाद मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय नरेंद्र पटेल के रूप में की गई है।

    घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचने लगे और देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। शुरुआती जांच में यह मामला एक दुर्घटना जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन जैसे ही परिजनों ने सवाल उठाने शुरू किए, स्थिति संदिग्ध हो गई।

    परिजनों का कहना है कि यह मौत केवल एक हादसा नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि नरेंद्र पटेल की मौत किसी अन्य स्थान पर हुई है और बाद में उनके शव को जानबूझकर खेत में लाकर रखा गया, ताकि इसे सामान्य दुर्घटना का रूप दिया जा सके। परिवार का यह भी दावा है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए कई जगहों पर बिजली का करंट लगाया जाता है और संभव है कि इसी वजह से यह घटना हुई हो।

    हालांकि परिजन इस बात को स्वीकार नहीं कर रहे कि यह केवल एक लापरवाही का परिणाम है। उनका मानना है कि शव को खेत में मौजूद ट्रांसफार्मर के पास रखा गया, ताकि घटना को बिजली हादसे के रूप में दिखाया जा सके और असली कारण छिपाया जा सके। इसी आधार पर परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    दूसरी ओर पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे करंट लगने से हुई दुर्घटनात्मक मौत बताया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल की स्थिति और शुरुआती साक्ष्यों को देखते हुए यह मामला फिलहाल एक हादसा प्रतीत होता है, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खेत में बिजली की व्यवस्था कैसे की गई थी और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है।

    इस घटना के बाद गांव में तनाव और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। लोग अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं और हर कोई यह जानने की कोशिश में है कि यह वास्तव में एक दुखद हादसा था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभावित पहलू की जांच कर रही है। यह मामला अब केवल एक सामान्य मौत नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा रहस्य बन गया है जिसका सच सामने आना बाकी है और जिस पर पूरे गांव की नजर टिकी हुई है।

  • नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार

    नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 152 किलो गांजा जब्त किया है। अंतर्राज्यीय स्तर पर गांजा की खेप ले जा रहे एक तस्कर को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से उत्तर प्रदेश के झांसी की ओर एक पिकअप वाहन में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जिले में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया और संदिग्ध वाहन की तलाश की गई।

    रणनीति के तहत पुलिस टीम ने संभावित मार्गों पर घेराबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से 152 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से चालक रोहित सिंह, निवासी ग्वालियर को गिरफ्तार कर लिया।

    प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गांजा की यह खेप अंतर्राज्यीय स्तर पर सप्लाई की जानी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजा कहां से लाया गया और किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब्त किए गए गांजा की बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना ने कहा कि अंतर्राज्यीय तस्करी के मामलों में पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। सीमावर्ती जिलों और प्रमुख मार्गों पर नियमित चेकिंग की जा रही है जिससे मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।

    इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास कर रही है ताकि तस्करी की जड़ तक पहुंचा जा सके।

  • नरसिंहपुर में सड़क हादसा, निर्माणाधीन ब्रिज से पिकअप वाहन गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 7 गंभीर घायल

    नरसिंहपुर में सड़क हादसा, निर्माणाधीन ब्रिज से पिकअप वाहन गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 7 गंभीर घायल


    नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में सूआतला थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर सोमवार को मजदूरों से भरा एक पिकअप वाहन निर्माणाधीन ब्रिज से गिरकर पलट गया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें करेली के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    पुलिस के अनुसार, छिंदवाड़ा जिले के हर्रई क्षेत्र के ग्राम सुरलाखापा से मजदूरी कार्य के लिए पिकअप वाहन में सवार होकर मजदूर नरसिंहपुर की ओर आ रहे थे। वाहन में कुल 10 मजदूर सवार थे। वे नरसिंहपुर के राजमार्ग क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य के लिए जा रहे थे। सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग -44 पर बरमान के पास बने ओवरब्रिज पर अचानक एक बाइक चालक पिकअप के सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने वाहन मोड़ा, जिससे वह अनियंत्रित हो गया और ओवरब्रिज की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे बरमान कनेक्टिंग रोड पर जा गिरा और पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

    स्थानीय लोगों की सूचना पर बरमान चौकी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सात घायलों को करेली के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में वाहन का अनियंत्रित होना दुर्घटना की वजह माना जा रहा है।

    बरमान उप थाना प्रभारी आशीष बोपचे ने बताया कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। शिनाख्त के बाद ही उनके नाम और पते स्पष्ट हो सकेंगे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी मजदूर हर्रई क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं और किसी गार्डन में कार्य करने के लिए जा रहे थे।