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  • विपक्ष ने देश को गहरी चोट पहुंचाई, लेकिन मोदी सरकार ने भारत को मजबूत बनाया: केशव प्रसाद मौर्य

    विपक्ष ने देश को गहरी चोट पहुंचाई, लेकिन मोदी सरकार ने भारत को मजबूत बनाया: केशव प्रसाद मौर्य

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्रीकेशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने देश को गहरी चोट पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मुद्दों पर विपक्ष को देश के साथ खड़ा होना चाहिए वहां वह लगातार सरकार पर आरोप लगाने और भ्रम फैलाने का काम करता रहा है।

    वाराणसी के सर्किट हाउस में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मौर्य ने कहा कि देश ने कई चुनौतियों का सामना किया है लेकिन विपक्ष ने हमेशा सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय सरकार को घेरने की राजनीति की है। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा भारत की जमीन पर कब्जा करने और कश्मीर के एक हिस्से पर पाकिस्तान के नियंत्रण जैसे गंभीर मुद्दों के बावजूद विपक्ष सरकार पर आरोप लगाने से बाज नहीं आता।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देशहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीति करने से बचना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य से विपक्षी दलों ने इन मुद्दों को भी राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इससे देश की छवि और एकता को नुकसान पहुंचता है।

    मौर्य ने विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस भाषा और शैली में वे सरकार की आलोचना करते हैं वह किसी भी जिम्मेदार राजनीतिक दल को शोभा नहीं देती। उनका कहना था कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है लेकिन आलोचना तथ्यों और मर्यादा के साथ होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने सुरक्षा विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में भारत आज पहले से अधिक मजबूत और सुरक्षित हुआ है।

    मौर्य ने कहा कि मोदी सरकार ने देश की सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया गया है। साथ ही सरकार ने विकास को भी समान महत्व देते हुए बुनियादी ढांचे रोजगार निवेश और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से देश को आगे बढ़ाने का काम किया है।

    उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। दुनिया के कई देश भारत के साथ साझेदारी बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं और यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और नीतियों का परिणाम है। उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी देश इसी तरह तेजी से प्रगति करेगा और भारत दुनिया की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा।

  • घर में ही मिला भारत का दुश्मन, पाकिस्तान के लिए करता था जासूसी; ISI को भेजी सेना की गोपनीय जानकारी

    घर में ही मिला भारत का दुश्मन, पाकिस्तान के लिए करता था जासूसी; ISI को भेजी सेना की गोपनीय जानकारी


    नई दिल्ली । पंजाब के अमृतसर से एक चिंताजनक खबर सामने आई हैजिसने देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत अमृतसर में एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया हैजो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारतीय सेना की गोपनीय जानकारियां भेज रहा था। आरोपी की पहचान हरपाल सिंह के रूप में हुई हैजो अजनाला सेक्टर के सीमावर्ती इलाके का रहने वाला और पेशे से किसान बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

    शुरुआती जांच में पता चला है कि हरपाल सिंह लगभग एक साल से ISI के संपर्क में था और नियमित रूप से भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान को भेज रहा था। इस मामले की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी के कब्जे से एक सीडी और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। मोबाइल फोन में कुछ पाकिस्तान के नंबर भी मिले हैंजिससे उसकी पाकिस्तानी एजेंसी के साथ कनेक्शन की पुष्टि होती है।

    खुफिया इनपुट के आधार पर SSO ने अमृतसर के खालसा कॉलेज इलाके में नाकेबंदी की और हरपाल सिंह को दबोच लिया। 35 वर्षीय आरोपी अमृतसर जिले की तहसील अजनाला के सीमावर्ती इलाके का रहने वाला है। पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों की नजर उसकी गतिविधियों पर बनी हुई थीइसलिए कार्रवाई तुरंत संभव हो पाई। तलाशी के दौरान मिली सीडी में सेना से संबंधित डाटा और सैन्य गतिविधियों की मूवमेंट से जुड़ी जानकारियां होने की बात सामने आई हैजो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर है।

    आरोपी के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और किस अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क से जुड़ा था। मोबाइल की कॉल डिटेलचैटसोशल मीडिया और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जाएगी ताकि पूरा नेटवर्क उजागर हो सके। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने की तैयारी कर रही हैताकि उससे विस्तार से पूछताछ की जा सके और मामले की गहराई से जांच हो सके।

    पंजाब के सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की जासूसी का जाल लगातार फैलता रहा है। अमृतसरपठानकोटफिरोजपुरफाजिल्का और गुरदासपुर से पहले भी कई ऐसे लोग पकड़े जा चुके हैंजो पैसों और अन्य लालच में फंसकर जासूसी नेटवर्क का हिस्सा बन गए। खासकर सीमा से सटे गांवों के लोग ISI की फंदेबाजी का शिकार बनते हैं।

    मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के बाद से पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ गई है। लगातार जासूसों की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि दुश्मन देश की साजिशें अभी भी जारी हैं। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर रही हैंताकि देश की सुरक्षा को किसी भी तरह का नुकसान न हो।

  • भारत की वायुसेना को बड़ा बूस्ट: 100 से ज्यादा राफेल विमानों की खरीद पर चर्चा, खर्च 3.25 लाख करोड़

    भारत की वायुसेना को बड़ा बूस्ट: 100 से ज्यादा राफेल विमानों की खरीद पर चर्चा, खर्च 3.25 लाख करोड़


    नई दिल्ली । रक्षा बजट बढ़ाने के बाद अब भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी जोर पकड़ रही है। खबर है कि भारत फ्रांस के साथ 100 से ज्यादा राफेल लड़ाकू विमान खरीदने पर बातचीत करने वाला है। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब सीमा पर पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से संबंध तनावपूर्ण हैं।

    बड़ी डील की तैयारी

    फरवरी के तीसरे हफ्ते में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दौरे से पहले रक्षा मंत्रालय भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल विमानों की 3.25 लाख करोड़ रुपये की खरीद पर चर्चा कर सकता है। पिछले महीने रक्षा खरीद बोर्ड ने इस प्रस्ताव को शुरुआती मंजूरी दी थी। राष्ट्रपति मैक्रों 18 फरवरी को एआई शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली में रहेंगे। रक्षा सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि यह प्रस्ताव अगले हफ्ते रक्षा मंत्रालय की उच्च-स्तरीय बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। इसे भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल जरूरतों और मौजूदा सुरक्षा हालात के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    अभी की स्थिति
    वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास लगभग 30 लड़ाकू स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन-पाकिस्तान के बढ़ते गठजोड़ के कारण खतरे की आशंका बढ़ गई है।

    डील का महत्व

    इस परियोजना से भारतीय वायुसेना को लंबे समय तक 4.5-जेनरेशन-प्लस मल्टीरोल लड़ाकू विमानों की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी। प्रस्तावित 114 राफेल में से लगभग 80% विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इसके तहत 88 सिंगल-सीटर और 26 ट्विन-सीटर विमान शामिल होंगे, जिन्हें डसॉल्ट और भारतीय निजी कंपनियों के सहयोग से भारत में तैयार किया जाएगा।एक बार डील पूरी होने पर भारतीय वायुसेना के पास कुल 150 राफेल होंगे, जबकि भारतीय नौसेना के पास 26 एयरक्राफ्ट कैरियर-कंपैटिबल राफेल होंगे।

    रक्षा बजट में वृद्धि

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में पेश बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया। यह कुल बजट का 14.68% है और पिछले वर्ष से 15% अधिक है। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से रक्षा बजट में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2021-22 में रक्षा बजट 4.84 लाख करोड़ रुपये, 2022-23 में 5.25 लाख करोड़, 2023-24 में 5.94 लाख करोड़, 2024-25 में 6.2 लाख करोड़ और 2025-26 में 6.81 लाख करोड़ था। इस बार पहली बार रिकॉर्ड 1.03 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इसके बावजूद रक्षा बजट GDP का सिर्फ 2% है, जो चीन के मुकाबले समान है।
  • फर्जी दस्तावेज़ों से बांग्लादेशी महिला को ‘भारतीय’ बनाने की साजिश बेनकाब, ‘कोली’ को ‘मायना सेन’ बनाने की थी तैयारी

    फर्जी दस्तावेज़ों से बांग्लादेशी महिला को ‘भारतीय’ बनाने की साजिश बेनकाब, ‘कोली’ को ‘मायना सेन’ बनाने की थी तैयारी


    नई दिल्ली। /पश्चिम बर्दवान। जिले के सालानपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया हैजहां फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए एक बांग्लादेशी महिला को भारतीय नागरिक बनाने की सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। यह पूरा मामला उस समय उजागर हुआजब एक पासपोर्ट आवेदन के सत्यापन के दौरान दस्तावेज़ों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। पुलिस जांच में सामने आया कि कोली नाम की बांग्लादेशी महिला को मायना सेन के नाम से भारतीय नागरिक साबित करने की कोशिश की जा रही थी।पुलिस के मुताबिकसाजिश के तहत सबसे पहले महिला के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। इसके बाद उसी आधार पर आधार कार्डवोटर कार्ड और पैन कार्ड जैसे अहम सरकारी दस्तावेज बनवाए गए। इन्हीं दस्तावेज़ों के सहारे पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया था। जब पासपोर्ट सत्यापन के लिए पुलिस आवेदन में दर्ज पते पर पहुंचीतो वहां मायना सेन मौजूद नहीं मिली।

    स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर पुलिस को और भी चौंकाने वाली जानकारी मिली। जिन लोगों को दस्तावेज़ों में महिला के माता-पिता बताया गया थाउनका उससे कोई वास्तविक पारिवारिक रिश्ता नहीं था। इस पर पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कीजिसमें साजिश की परतें धीरे-धीरे खुलती चली गईं।जांच के दौरान पुलिस ने देंदुआ निवासी छोटन सेन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि छोटन सेन ने अपने चाचा उत्पल सेन और चाची शुभंकारी सेन को महिला का माता-पिता दिखाकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार करवाए थे। जब पुलिस ने उत्पल सेन से पूछताछ कीतो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनकी कोई बेटी नहीं है और न ही मायना सेन नाम की किसी लड़की से उनका कोई संबंध है।

    पुलिस पूछताछ में छोटन सेन ने यह भी स्वीकार किया कि मायना सेन उसकी पत्नी नहीं है। उसने बताया कि वर्ष 2019 में उसकी मुलाकात कोली से हुई थीजो बांग्लादेश की नागरिक है और अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महिला लंबे समय तक कुल्टी के रेड लाइट एरिया में फर्जी पहचान के साथ रह रही थी।पुलिस का मानना है कि अपनी असली पहचान उजागर होने के डर से महिला बांग्लादेश लौटने की तैयारी में थी और इसी वजह से जल्दबाजी में पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की गई। यह पूरा मामला भारतीय नागरिकता हासिल करने के इरादे से रची गई साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।

    आरोपी छोटन सेन के खिलाफ अवैध घुसपैठ में मददजालसाज़ीफर्जी दस्तावेज़ तैयार करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम दस्तावेज़ों के दुरुपयोग की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उसे आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गयाजहां से दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।पश्चिम बर्दवान। जिले के सालानपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहांफर्जीदस्तावेज़ों के जरिए एक बांग्लादेशी महिला को भारतीय नागरिक बनाने की सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। यह पूरा मामला उस समय उजागर हुआ, जब एक पासपोर्ट आवेदन के सत्यापन के दौरान दस्तावेज़ों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। पुलिस जांच में सामने आया कि ‘कोली’ नाम की बांग्लादेशी महिला को ‘मायना सेन’ के नाम से भारतीय नागरिक साबित करने की कोशिश की जा रही थी।

    पुलिस के मुताबिक, साजिश के तहत सबसे पहले महिला के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराया गया। इसके बाद उसी आधार पर आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पैन कार्ड जैसे अहम सरकारी दस्तावेज बनवाए गए। इन्हीं दस्तावेज़ों के सहारे पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया था। जब पासपोर्ट सत्यापन के लिए पुलिस आवेदन में दर्ज पते पर पहुंची, तो वहां ‘मायना सेन’ मौजूद नहीं मिली।

    स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर पुलिस को और भी चौंकाने वाली जानकारी मिली। जिन लोगों को दस्तावेज़ों में महिला के माता-पिता बताया गया था, उनका उससे कोई वास्तविक पारिवारिक रिश्ता नहीं था। इस पर पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू की, जिसमें साजिश की परतें धीरे-धीरे खुलती चली गईं।जांच के दौरान पुलिस ने देंदुआ निवासी छोटन सेन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि छोटन सेन ने अपने चाचा उत्पल सेन और चाची शुभंकारी सेन को महिला का माता-पिता दिखाकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार करवाए थे। जब पुलिस ने उत्पल सेन से पूछताछ की, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनकी कोई बेटी नहीं है और न ही ‘मायना सेन’ नाम की किसी लड़की से उनका कोई संबंध है।पुलिस पूछताछ में छोटन सेन ने यह भी स्वीकार किया कि मायना सेन उसकी पत्नी नहीं है। उसने बताया कि वर्ष 2019 में उसकी मुलाकात ‘कोली’ से हुई थी, जो बांग्लादेश की नागरिक है और अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महिला लंबे समय तक कुल्टी के रेड लाइट एरिया में फर्जी पहचान के साथ रह रही थी।

    पुलिस का मानना है कि अपनी असली पहचान उजागर होने के डर से महिला बांग्लादेश लौटने की तैयारी में थी और इसी वजह से जल्दबाजी में पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की गई। यह पूरा मामला भारतीय नागरिकता हासिल करने के इरादे से रची गई साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।आरोपी छोटन सेन के खिलाफ अवैध घुसपैठ में मदद, जालसाज़ी, फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम दस्तावेज़ों के दुरुपयोग की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उसे आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।