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  • इंग्लैंड की रिकॉर्ड हार पर कप्तान हैरी ब्रूक का बड़ा बयान, बोले- हम अपनी गलती जानते हैं, 429 रन बनाकर भी नहीं बचा पाए मैच

    इंग्लैंड की रिकॉर्ड हार पर कप्तान हैरी ब्रूक का बड़ा बयान, बोले- हम अपनी गलती जानते हैं, 429 रन बनाकर भी नहीं बचा पाए मैच


    नई दिल्ली। पाकिस्तान में खेली जा रही वनडे त्रिकोणीय सीरीज में इंग्लैंड को श्रीलंका के खिलाफ ऐसी हार का सामना करना पड़ा जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। इंग्लैंड ने कप्तान हैरी ब्रूक के ऐतिहासिक दोहरे शतक की बदौलत 429 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया लेकिन श्रीलंका ने 49.5 ओवर में आठ विकेट खोकर 430 रन बना लिए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस रिकॉर्डतोड़ हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने स्वीकार किया कि उनकी टीम गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी और उसे अपनी गलतियों को सुधारने की जरूरत है।

    मैच के बाद ब्रूक ने कहा कि यह शानदार मुकाबला था और दोनों टीमों ने बेहतरीन क्रिकेट खेला लेकिन दुर्भाग्य से श्रीलंका ने बाजी मार ली। उन्होंने माना कि इंग्लैंड के गेंदबाज विपक्षी टीम की ताकत के हिसाब से गेंदबाजी करते रहे और बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। ब्रूक के मुताबिक टीम को पता है कि उससे कहां गलती हुई है। अब खिलाड़ियों को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा और आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन के लिए सरल योजनाओं के साथ मैदान पर उतरना होगा।

    इस मुकाबले में इंग्लैंड की बल्लेबाजी शानदार रही। टॉस जीतकर श्रीलंका ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में चार विकेट पर 429 रन बनाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 116 गेंदों पर 202 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 21 चौके और 10 छक्के शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ ब्रूक ने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया। उनके अलावा जो रूट ने 66 गेंदों पर 69 रन बनाए जबकि विल जैक्स ने केवल 30 गेंदों पर नाबाद 66 रन ठोककर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

    इंग्लैंड को उम्मीद रही होगी कि 430 रन का लक्ष्य श्रीलंका के लिए बेहद मुश्किल साबित होगा लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी। सलामी बल्लेबाज अविष्का फर्नांडो ने 83 गेंदों पर 97 रन बनाकर मजबूत नींव रखी। इसके बाद पवन रथनायके ने चौथे नंबर पर उतरकर 106 गेंदों पर 130 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी ने श्रीलंका को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। रथनायके को उनके प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    मुकाबले के अंतिम चरण में दासुन शनाका और जेनिथ लियांगे ने इंग्लैंड की उम्मीदों को झटका दिया। शनाका ने 50 गेंदों पर 97 रन बनाए जबकि लियांगे ने 27 गेंदों पर नाबाद 61 रन की तेजतर्रार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने जरूरी रन गति बनाए रखी और श्रीलंका को आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर ऐतिहासिक जीत दिला दी। श्रीलंका का यह वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ा सफल रन चेज बताया गया जबकि विश्व क्रिकेट में यह दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल करने का कारनामा रहा।

    इस हार ने इंग्लैंड की गेंदबाजी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 429 रन बनाने के बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी जो उसके लिए बड़ी चिंता का विषय है। ब्रूक ने कहा कि टीम के पास फाइनल में जगह बनाने का मौका अभी मौजूद है और खिलाड़ियों को खुद पर भरोसा बनाए रखना होगा। अब इंग्लैंड की कोशिश अपनी गेंदबाजी की कमियों को दूर कर अगले मुकाबलों में वापसी करने की होगी जबकि श्रीलंका की टीम इस ऐतिहासिक जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगी।

  • बाबर आजम का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 141 वनडे पारियों में बनाए 6671 रन; हाशिम अमला को पछाड़ा, विराट कोहली तीसरे नंबर पर

    बाबर आजम का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 141 वनडे पारियों में बनाए 6671 रन; हाशिम अमला को पछाड़ा, विराट कोहली तीसरे नंबर पर

    नई दिल्ली । पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम ने वनडे क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अपने वनडे करियर की 141 पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। श्रीलंका के खिलाफ ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में 45 रनों की पारी खेलने के दौरान बाबर ने यह उपलब्धि हासिल की। इस रिकॉर्ड के साथ उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला को पीछे छोड़ दिया, जबकि भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली इस सूची में तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं।

    बाबर आजम ने वनडे क्रिकेट में अब तक 141 पारियों में 6671 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 53.37 का रहा है। उनके नाम इस प्रारूप में 20 शतक और 38 अर्धशतक दर्ज हैं। श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में वह अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन 45 रनों की पारी ने उनके रिकॉर्ड में एक नया अध्याय जोड़ दिया। इसी मैच के दौरान बाबर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 16000 रन भी पूरे किए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पाकिस्तान के पांचवें बल्लेबाज बने।

    हाशिम अमला का रिकॉर्ड टूटा

    बाबर आजम से पहले वनडे क्रिकेट की 141 पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला के नाम था। अमला ने अपनी शुरुआती 141 वनडे पारियों में 6626 रन बनाए थे। बाबर ने 6671 रन के साथ उन्हें पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच इस सूची में 45 रनों का अंतर है।

    हाशिम अमला अपने वनडे करियर में तेजी से रन बनाने और विभिन्न व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल करने के लिए जाने जाते रहे हैं। कई प्रमुख रन संबंधी पड़ावों पर उन्होंने विराट कोहली से भी पहले उपलब्धियां दर्ज की थीं। हालांकि, 141 पारियों के बाद सर्वाधिक रन बनाने के मामले में अब बाबर आजम उनसे आगे निकल गए हैं।

    विराट कोहली तीसरे स्थान पर

    इस सूची में भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने वनडे करियर की शुरुआती 141 पारियों में 6224 रन बनाए थे। बाबर आजम और हाशिम अमला के मुकाबले इस आंकड़े के आधार पर कोहली तीसरे पायदान पर हैं। हालांकि, वनडे क्रिकेट में कुल रनों के मामले में विराट कोहली अब भी दुनिया के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं।

    कोहली ने वनडे क्रिकेट में 305 पारियों में 15109 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 58.78 रहा है। उनके नाम वनडे प्रारूप में 55 शतक दर्ज हैं, जो इस प्रारूप में सबसे अधिक शतकों का रिकॉर्ड है। इस तरह शुरुआती 141 पारियों में रनों की सूची और पूरे वनडे करियर के कुल रनों की सूची में बल्लेबाजों की स्थिति अलग-अलग है।

    141 पारियों के बाद सबसे ज्यादा वनडे रन
    बाबर आजम इस सूची में 6671 रनों के साथ पहले स्थान पर हैं। हाशिम अमला ने 6626 रन बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया था, जबकि विराट कोहली की शुरुआती 141 पारियों में 6224 रन रहे। इन आंकड़ों के आधार पर बाबर ने दोनों दिग्गज बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है। यह रिकॉर्ड उनके वनडे करियर में लगातार रन बनाने की क्षमता को दर्शाता है।

    पाकिस्तान ने श्रीलंका को 37 रन से हराया
    पाकिस्तान, श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच ट्राई सीरीज पाकिस्तान में खेली जा रही है। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में मेजबान पाकिस्तान ने श्रीलंका को 37 रनों से हराकर जीत के साथ शुरुआत की। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 306 रनों का लक्ष्य रखा। टीम की ओर से सलमान आगा ने शानदार शतक लगाया। उन्होंने 90 गेंदों में 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 107 रन बनाए। उनके अलावा पाकिस्तान का कोई अन्य बल्लेबाज 50 रनों का आंकड़ा नहीं छू सका।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम 268 रन पर सिमट गई। शाहीन अफरीदी की अगुवाई में पाकिस्तान के गेंदबाजों ने प्रभावी प्रदर्शन किया और टीम को 37 रनों से जीत दिलाई। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने ट्राई सीरीज में अपना अभियान शुरू किया। बाबर आजम की व्यक्तिगत उपलब्धि और टीम की जीत ने इस मुकाबले को पाकिस्तान क्रिकेट के लिए खास बना दिया।

  • सीरीज जीत के बाद भी बढ़ी टेंशन, आखिरी ODI में 6-7 कैच छूटने पर गिल का फूटा गुस्सा, वर्ल्ड कप से पहले दी कड़ी चेतावनी

    सीरीज जीत के बाद भी बढ़ी टेंशन, आखिरी ODI में 6-7 कैच छूटने पर गिल का फूटा गुस्सा, वर्ल्ड कप से पहले दी कड़ी चेतावनी


    नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज भले ही टीम इंडिया ने 2-1 से अपने नाम कर ली हो लेकिन मुल्लांपुर में खेले गए आखिरी मुकाबले ने भारतीय टीम की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को हुए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 351 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था और वेस्टइंडीज के सामने 352 रन का लक्ष्य रखा था। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज इस स्कोर का बचाव नहीं कर सके। वेस्टइंडीज ने पांच विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया और इस जीत में कप्तान शाई होप की शानदार पारी सबसे बड़ी वजह रही।

    शाई होप ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना करते हुए नाबाद 162 रन बनाए। ग्रोइन इंजरी के बावजूद उन्होंने जिस तरह बल्लेबाजी की उसने भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य 48.2 ओवर में हासिल कर लिया। यह वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा सफल रन चेज भी रहा। होप के लिए यह लगातार दूसरा शतक था। इससे पहले गुवाहाटी वनडे में भी उन्होंने शतकीय पारी खेली थी।

    मुकाबला खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टीम की कमियों पर खुलकर बात की। गिल की सबसे बड़ी नाराजगी भारतीय टीम की फील्डिंग को लेकर थी। मुकाबले के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने करीब 6-7 कैच छोड़े। इतने मौके गंवाने का सीधा फायदा वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को मिला और शाई होप ने भी मिले मौकों का पूरा फायदा उठाते हुए मैच भारत से दूर कर दिया। गिल ने माना कि वर्ल्ड कप से पहले इस तरह की फील्डिंग चिंता बढ़ाने वाली है और टीम को इस क्षेत्र में तत्काल सुधार करना होगा।

    कप्तान की दूसरी बड़ी चिंता डेथ ओवर्स की गेंदबाजी रही। गिल के मुताबिक आखिरी ओवरों में भारतीय टीम को अपनी रणनीति को लेकर स्पष्टता की जरूरत है। टीम को यह तय करना होगा कि किस स्थिति में बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए आक्रामक गेंदबाजी करनी है और कब रन रोकने के लिए रक्षात्मक फील्ड लगानी है। गिल ने यह भी संकेत दिया कि कई बार टीम डेथ ओवर्स की रणनीति जरूरत से पहले शुरू कर देती है जबकि उस समय मिडिल ओवर्स की तरह गेंदबाजी करने की जरूरत होती है।

    इस हार के बावजूद सीरीज जीतना भारत के लिए राहत की बात है लेकिन वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग और डेथ बॉलिंग जैसी कमजोरियां टीम मैनेजमेंट के लिए गंभीर विषय बन गई हैं। बड़े टूर्नामेंट में छोटी सी गलती भी मुकाबले का रुख बदल सकती है। ऐसे में भारतीय टीम को अगले मुकाबलों में इन कमियों को दूर करने पर खास ध्यान देना होगा।

    दूसरी ओर वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने अपनी शानदार पारी के पीछे पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सलाह का भी जिक्र किया। होप ने बताया कि धोनी ने उन्हें समझाया था कि बल्लेबाज के पास अक्सर उसकी सोच से ज्यादा समय होता है। इसी सोच के साथ होप अब नतीजे के बजाय अपनी प्रक्रिया पर ध्यान देते हैं। मुल्लांपुर में उनकी पारी ने इसी सोच का शानदार उदाहरण पेश किया और वेस्टइंडीज को ऐतिहासिक जीत दिला दी।

  • 35 की उम्र के बाद भी नहीं थमी विराट कोहली की रनों की भूख, 27 पारियों में 7 शतक, रिकॉर्ड बना रहा है दबदबा

    35 की उम्र के बाद भी नहीं थमी विराट कोहली की रनों की भूख, 27 पारियों में 7 शतक, रिकॉर्ड बना रहा है दबदबा


    नई दिल्ली। विराट कोहली का नाम वनडे क्रिकेट के उन बल्लेबाजों में शामिल है जिन्होंने लंबे समय तक अपने बल्ले से दुनिया भर के गेंदबाजों पर दबदबा बनाए रखा है। उम्र बढ़ने के साथ जहां आमतौर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिलती है वहीं विराट कोहली के आंकड़े एक अलग कहानी बयां करते हैं। 37 साल की उम्र में भी विराट की रनों की भूख कम होती नजर नहीं आ रही है। बल्कि 35 साल की उम्र के बाद वनडे क्रिकेट में उनके आंकड़े बताते हैं कि इस दौर में भी वह लगातार बड़ी पारियां खेलने में सफल रहे हैं।

    35 साल की उम्र के बाद विराट कोहली ने वनडे में 27 पारियां खेली हैं और इस दौरान उन्होंने 1555 रन बनाए हैं। इन रनों को उन्होंने 70.68 की शानदार औसत और 100.51 के स्ट्राइक रेट से बनाया है। इस दौरान विराट के बल्ले से सात शतक और नौ अर्धशतक भी निकले हैं। यानी 27 पारियों के छोटे से आंकड़े में ही उन्होंने 16 बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है। यह आंकड़ा बताता है कि वनडे क्रिकेट में विराट की निरंतरता अब भी बरकरार है।

    विराट कोहली ने 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया। इस पारी के दौरान उन्होंने वनडे क्रिकेट में 15000 रन भी पूरे किए और इस उपलब्धि तक पहुंचने के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया। विराट ने 15000 वनडे रन तक पहुंचने के लिए 287 पारियां लीं जबकि सचिन तेंदुलकर को इस मुकाम तक पहुंचने में 361 पारियां लगी थीं। इस तरह विराट ने 74 पारियां कम खेलकर यह आंकड़ा हासिल किया।

    विराट के नाम अब वनडे क्रिकेट में 55 शतक हैं और यह संख्या अपने आप में उनकी बल्लेबाजी की निरंतरता को दिखाती है। हालांकि सचिन तेंदुलकर के वनडे करियर में 18426 रन दर्ज हैं और इस मामले में विराट अभी काफी पीछे हैं। वनडे क्रिकेट में मैचों की संख्या और कार्यक्रम पहले की तुलना में कम होने के कारण दोनों खिलाड़ियों के करियर आंकड़ों की सीधी तुलना करना आसान नहीं है।

    विराट और सचिन की तुलना क्रिकेट में अक्सर होती रही है लेकिन केवल आंकड़ों के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि दोनों में कौन बेहतर है। दोनों बल्लेबाज अलग-अलग दौर में खेले और उनके सामने क्रिकेट की परिस्थितियां भी अलग रहीं। सचिन ने अपने लंबे करियर में कई पीढ़ियों के गेंदबाजों का सामना किया जबकि विराट ने आधुनिक दौर के क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    फिलहाल विराट कोहली का ध्यान आगे भी रन बनाने और भारतीय क्रिकेट के लिए बड़े मुकाबलों में योगदान देने पर है। 35 साल की उम्र के बाद सात वनडे शतक और 1555 रन यह जरूर दिखाते हैं कि अनुभव के साथ उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता बनी हुई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले मुकाबलों में विराट अपने आंकड़ों में और कितना इजाफा करते हैं।

  • विराट कोहली के पास एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका! 15000 ODI रन से सिर्फ 59 रन दूर

    विराट कोहली के पास एक साथ कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका! 15000 ODI रन से सिर्फ 59 रन दूर

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 सितंबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू होने जा रही है और इस सीरीज में क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें विराट कोहली पर टिकी रहेंगी। टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके विराट अब वनडे फॉर्मेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली यह सीरीज उनके लिए खास हो सकती है। साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले विराट के पास अपनी लय बनाए रखने के साथ साथ कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है।

    विराट कोहली वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने से सिर्फ 59 रन दूर हैं। उन्होंने अब तक 302 पारियों में 58.59 की शानदार औसत से 14941 रन बनाए हैं। अगर वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में विराट 59 रन बना लेते हैं तो वह वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने वाले दुनिया के केवल दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। उनसे पहले यह उपलब्धि महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हासिल कर चुके हैं। सचिन के नाम वनडे क्रिकेट में 18426 रन दर्ज हैं। इस लिहाज से विराट के लिए आगामी सीरीज का हर रन एक नए रिकॉर्ड की ओर कदम होगा।

    विराट के पास भारत की धरती पर भी सचिन तेंदुलकर के एक बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का मौका है। घरेलू मैदान पर विराट ने अब तक 130 वनडे मैचों में 62.42 की औसत से 6867 रन बनाए हैं। वहीं सचिन तेंदुलकर ने भारत में वनडे क्रिकेट खेलते हुए 6976 रन बनाए हैं। विराट को इस आंकड़े को पार करने के लिए 110 रन की जरूरत है। अगर वह वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 110 रन बना लेते हैं तो भारत में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के मामले में सचिन से आगे निकल सकते हैं।

    विराट कोहली के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक भी एक बड़ी उपलब्धि लेकर आ सकता है। कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में 10 शतक लगाए हैं। किसी एक टीम के खिलाफ 10 वनडे शतक लगाने वाले वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। वहीं वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट के नाम फिलहाल 9 वनडे शतक दर्ज हैं। अगर आगामी सीरीज में उनके बल्ले से एक और शतक निकलता है तो वह दो अलग अलग टीमों के खिलाफ 10 या उससे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे।

    विराट कोहली आखिरी बार इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की जर्सी में नजर आए थे। अब लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी का इंतजार खत्म होने वाला है। वनडे क्रिकेट में अपनी जगह बनाए रखने के साथ विराट के सामने कई व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हैं। 27 सितंबर से शुरू होने वाली सीरीज इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि इसके प्रदर्शन पर प्रशंसकों की नजर रहेगी और विराट के सामने एक साथ कई रिकॉर्ड तक पहुंचने का मौका होगा।

    भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में विराट की बल्लेबाजी पर खास निगाहें रहेंगी। 59 रन उन्हें 15000 वनडे रनों के क्लब में पहुंचा सकते हैं जबकि 110 रन उन्हें भारत में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने के सचिन तेंदुलकर के आंकड़े के करीब ले जाएंगे। इसके अलावा एक शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके 10 शतकों का आंकड़ा पूरा कर सकता है। ऐसे में सीरीज शुरू होने से पहले ही विराट के रिकॉर्ड्स की चर्चा ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।

  • जैंपा का बड़ा कारनामा: 200 वनडे विकेट पूरे कर शेन वॉर्न का रिकॉर्ड तोड़ा, इस मामले में भारतीय गेंदबाज भी पीछे

    जैंपा का बड़ा कारनामा: 200 वनडे विकेट पूरे कर शेन वॉर्न का रिकॉर्ड तोड़ा, इस मामले में भारतीय गेंदबाज भी पीछे


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के स्टार स्पिन गेंदबाज एडम जैंपा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज कर ली है। हरारे में खेले गए मुकाबले में जैंपा ने दो विकेट हासिल किए और इसी के साथ वनडे क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ वह ऑस्ट्रेलिया की ओर से वनडे में सबसे तेज 200 विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज बन गए हैं। जैंपा ने इस मामले में ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न का पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। वॉर्न ने 125 वनडे मुकाबलों में 200 विकेट पूरे किए थे जबकि जैंपा ने यह मुकाम 123 मैचों में हासिल किया।

    ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे वनडे में कंगारू टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार स्कोर खड़ा किया। ट्रैविस हेड के तूफानी शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 356 रन बनाए। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 48.3 ओवर में 272 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 84 रन से जीतकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। जैंपा ने गेंद से अहम भूमिका निभाते हुए दो विकेट चटकाए और इसी दौरान अपने वनडे करियर के 200 विकेट पूरे कर लिए।

    जैंपा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने शेन वॉर्न जैसे दिग्गज गेंदबाज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा है। वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे क्रिकेट में 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। अब जैंपा 123 मैचों में यह आंकड़ा हासिल करके ऑस्ट्रेलिया के सबसे तेज स्पिनर बन गए हैं। हालांकि पूरी दुनिया में सबसे तेज 200 वनडे विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज का रिकॉर्ड अभी भी पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक के नाम है।

    सकलैन मुश्ताक ने केवल 104 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इस मामले में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान दूसरे स्थान पर हैं। राशिद ने 115 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब 123 मैचों के साथ जैंपा इस खास सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके बाद शेन वॉर्न का नाम आता है जिन्होंने 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इंग्लैंड के आदिल रशिद 137 मैचों के साथ इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं।

    इस रिकॉर्ड सूची में भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो टॉप पांच में कोई भी भारतीय शामिल नहीं है। भारत की ओर से सबसे ऊपर अनिल कुंबले का नाम है। कुंबले ने वनडे क्रिकेट में 200 विकेट तक पहुंचने के लिए 147 मैच खेले थे और वह इस सूची में सातवें स्थान पर हैं। उनके बाद हरभजन सिंह का नाम आता है जिन्होंने 178 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे।

    एडम जैंपा के लिए यह उपलब्धि उनके वनडे करियर में एक और बड़ा पड़ाव है। ऑस्ट्रेलियाई टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में लगातार दूसरी जीत दिलाने में उनकी गेंदबाजी का भी अहम योगदान रहा। अब जैंपा की नजर अपने प्रदर्शन को आगे और मजबूत करने पर होगी जबकि क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वह आने वाले मुकाबलों में अपनी विकेटों की संख्या को कहां तक पहुंचाते हैं।

  • पहले वनडे में ही इतिहास रच गए लाइल रॉबर्टसन! 6 विकेट लेकर स्कॉटलैंड को दिलाई 170 रन की बड़ी जीत

    पहले वनडे में ही इतिहास रच गए लाइल रॉबर्टसन! 6 विकेट लेकर स्कॉटलैंड को दिलाई 170 रन की बड़ी जीत


    नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के 23 वर्षीय ऑफ स्पिनर लाइल रॉबर्टसन ने वनडे क्रिकेट में अपने डेब्यू को यादगार बना दिया। आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप लीग 2 के तहत स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच डंडी में खेले गए मुकाबले में रॉबर्टसन ने गेंद से ऐसा कमाल किया कि उनका नाम वनडे डेब्यू पर सबसे शानदार गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गया। उन्होंने अपने पहले ही वनडे मुकाबले में 10 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 52 रन देकर 6 विकेट झटके। उनकी इस शानदार गेंदबाजी ने स्कॉटलैंड को कनाडा के खिलाफ 170 रन की बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    लाइल रॉबर्टसन के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास रहा क्योंकि वनडे करियर की पहली ही पारी में उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह परेशान कर दिया। ऑफ स्पिनर ने लगातार विकेट निकालकर कनाडा की रन चेज को पटरी से उतार दिया। 10 ओवर में 52 रन देकर 6 विकेट का उनका आंकड़ा वनडे क्रिकेट में डेब्यू करते हुए किसी गेंदबाज का चौथा सर्वश्रेष्ठ स्पेल रहा। इस प्रदर्शन के साथ रॉबर्टसन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत बेहद प्रभावशाली अंदाज में की है।

    वनडे डेब्यू पर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का रिकॉर्ड भी स्कॉटलैंड के ही गेंदबाज चार्ली कैसल के नाम दर्ज है। कैसल ने 2024 में ओमान के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में महज 21 रन देकर 7 विकेट हासिल किए थे। उनका यह प्रदर्शन वनडे क्रिकेट में डेब्यू करने वाले किसी गेंदबाज का सबसे बेहतरीन स्पेल है। दूसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा का नाम आता है। रबाडा ने 2015 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे डेब्यू करते हुए 16 रन देकर 6 विकेट झटके थे।

    इस सूची में तीसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के फिदेल एडवर्ड्स हैं। उन्होंने 2003 में जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू मुकाबले में 22 रन देकर 6 विकेट हासिल किए थे। अब लाइल रॉबर्टसन ने 52 रन देकर 6 विकेट के प्रदर्शन के साथ इस खास सूची में चौथा स्थान हासिल किया है। नामीबिया के जैन फ्रीलिंक पांचवें स्थान पर हैं जिन्होंने 2019 में ओमान के खिलाफ डेब्यू करते हुए 13 रन देकर 5 विकेट लिए थे।

    मुकाबले की बात करें तो स्कॉटलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की और निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 347 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान रिची बेरिंगटन ने शानदार शतकीय पारी खेलते हुए 120 रन बनाए। उनके अलावा मैथ्यू क्रॉस ने 51 रन और ब्रैंडन मैकमुलेन ने 64 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। इन पारियों की बदौलत स्कॉटलैंड ने कनाडा के सामने जीत के लिए 348 रन का बड़ा लक्ष्य रखा।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी कनाडाई टीम स्कॉटलैंड की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी। कनाडा की पूरी टीम 35 ओवर में 177 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। परगट सिंह ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा 42 रन बनाए लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। स्कॉटलैंड के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालते हुए कनाडा की पारी को समेट दिया।

    इस तरह स्कॉटलैंड ने यह मुकाबला 170 रन के बड़े अंतर से अपने नाम किया। हालांकि जीत में कई खिलाड़ियों का योगदान रहा लेकिन लाइल रॉबर्टसन का डेब्यू स्पेल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। महज 23 साल की उम्र में वनडे क्रिकेट की शुरुआत करते हुए इतिहास के शीर्ष डेब्यू स्पेल में जगह बनाना उनके करियर के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस युवा ऑफ स्पिनर के आने वाले मुकाबलों पर रहेगी कि क्या वह अपने डेब्यू के प्रदर्शन को आगे भी बरकरार रख पाते हैं।

  • कौन है फोटो वाला, आ जाओ… 1100 करोड़ के मालिक विराट कोहली ने खुद बुलाकर फैंस संग खिंचवाई तस्वीर, वीडियो हुआ वायरल

    कौन है फोटो वाला, आ जाओ… 1100 करोड़ के मालिक विराट कोहली ने खुद बुलाकर फैंस संग खिंचवाई तस्वीर, वीडियो हुआ वायरल


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली एक बार फिर अपने खेल से नहीं बल्कि अपने व्यवहार से सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कोहली एयरपोर्ट पर फैंस को खुद बुलाकर उनके साथ फोटो खिंचवाते नजर आ रहे हैं। करोड़ों की नेटवर्थ और वैश्विक पहचान के बावजूद उनका यह सादा और अपनापन भरा अंदाज लोगों का दिल जीत रहा है।

    भारतीय टीम इन दिनों 2026 टी20 वर्ल्ड कप में व्यस्त है। हालांकि कोहली 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद इस फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं और फिलहाल केवल वनडे क्रिकेट में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसी बीच उन्हें एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया जहां उनका एक खास अंदाज कैमरे में कैद हो गया।

    वीडियो में दिखता है कि एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त कोहली अपना बैग स्टाफ को पकड़ाते हैं और फिर आसपास खड़े फैंस की ओर देखते हुए मुस्कुराकर कहते हैं कौन है फोटो वाला आ जाओ इसके बाद वे कहते हैं आराम से-आराम से और फैन को पास बुलाकर तस्वीर खिंचवाते हैं। आमतौर पर बड़े सितारे सुरक्षा घेरे में रहते हैं और फैंस से दूरी बनाए रखते हैं लेकिन कोहली का यह व्यवहार उनकी विनम्रता और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व को दर्शाता है।

    कथित तौर पर लगभग 1100 करोड़ रुपये की नेटवर्थ रखने वाले विराट कोहली का इस तरह फैंस को खुद बुलाकर फोटो क्लिक करवाना सोशल मीडिया यूजर्स को बेहद पसंद आ रहा है। वीडियो पर हजारों लाइक्स और कमेंट्स आ चुके हैं। कई यूजर्स ने उन्हें डाउन टू अर्थ और रियल किंग बताया है।

    अगर उनके हालिया प्रदर्शन की बात करें तो साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में कोहली का बल्ला जमकर बोला था। तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने 93 23 और 124 रन की पारियां खेलीं। इससे पहले उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली के लिए भी दो मुकाबले खेले थे।

    वर्तमान में कोहली भारत के लिए सिर्फ वनडे फॉर्मेट में उपलब्ध हैं। उनके शानदार करियर पर नजर डालें तो अब तक वह 311 वनडे मैच खेल चुके हैं। 299 पारियों में उन्होंने 14 797 रन बनाए हैं जिसमें 54 शतक और 77 अर्धशतक शामिल हैं। यह आंकड़े उन्हें आधुनिक क्रिकेट के महान बल्लेबाजों की श्रेणी में खड़ा करते हैं।

    क्रिकेट के मैदान पर आक्रामक अंदाज और मैदान के बाहर विनम्र व्यवहार यही विराट कोहली की असली पहचान है। वायरल हो रहा यह वीडियो एक बार फिर साबित करता है कि असली किंग वही होता है जो ऊंचाइयों पर पहुंचकर भी जमीन से जुड़ा रहे।

  • ICC ODI रैंकिंग 2026: विराट कोहली बने नंबर एक, रोहित शर्मा तीसरे स्थान पर खिसके, मिचेल ने लिया नंबर दो

    ICC ODI रैंकिंग 2026: विराट कोहली बने नंबर एक, रोहित शर्मा तीसरे स्थान पर खिसके, मिचेल ने लिया नंबर दो


    नई दिल्ली। आईसीसी ने 2026 की पहली वनडे रैंकिंग जारी की है, जिसमें भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर अपने शानदार फॉर्म का सबूत दिया है। साल के पहले ही मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ 93 रनों की दमदार पारी खेलकर कोहली ने अपनी रेटिंग 785 तक बढ़ा दी और लंबे 1403 दिनों बाद आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर एक बल्लेबाज बनने में सफल रहे। इस बदलाव के साथ ही न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल दूसरे नंबर पर हैं, जिनकी रेटिंग कोहली से केवल एक अंक कम यानी 784 है, जबकि रोहित शर्मा जो पहले शीर्ष स्थान पर थे, दो स्थान गिरकर तीसरे नंबर पर आ गए हैं।
    रोहित शर्मा ने साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ 29 गेंदों में 26 रन बनाए, जो उनके उच्च मानक के अनुसार कम साबित हुआ और इसके कारण उनकी रेटिंग 775 तक गिर गई। कोहली की लगातार पांच मैचों में 50 या उससे अधिक रन की पारी ने उन्हें इस बार नंबर एक की कुर्सी पर पहुँचाया। इस रैंकिंग से साफ होता है कि कोहली ने लंबे समय के बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी छवि लौटाई है और उनकी निरंतरता ने उन्हें फिर से वनडे क्रिकेट के शीर्ष खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है।
    आईसीसी की यह नई रैंकिंग न केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन का संकेत देती है, बल्कि आगामी मैचों और सीरीज के लिए उनके मनोबल और टीम की रणनीति पर भी प्रभाव डालती है। आने वाले मैचों में कोहली, रोहित और मिचेल जैसे बल्लेबाजों के प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कोहली की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए गर्व का विषय है और दर्शाती है कि वे अब भी दुनिया के टॉप बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाए हुए हैं।
    इस रैंकिंग अपडेट ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह भर दिया है, वहीं रोहित शर्मा के लिए चुनौती और बढ़ गई है कि वे पुनः शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए अपने खेल में सुधार करें। ऐसे समय में जब भारत और न्यूजीलैंड की सीरीज जारी है, खिलाड़ियों का हर प्रदर्शन सीधे उनकी रेटिंग और रैंकिंग पर असर डाल रहा है। कोहली की वापसी नंबर एक पर उनकी मेहनत, अनुभव और निरंतर उच्च प्रदर्शन का परिणाम है, जो उन्हें भारतीय क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजी ताकत बनाता है।
  • IND vs NZ पहला वनडे: शुभमन गिल ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, देखें प्लेइंग 11 और मैच अपडेट

    IND vs NZ पहला वनडे: शुभमन गिल ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, देखें प्लेइंग 11 और मैच अपडेट


    नई दिल्ली ।भारत और न्यूजीलैंड के बीच 11 जनवरी को वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में पहला वनडे मैच शुरू हो गया है। इस मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह मैदान भारत और न्यूजीलैंड के लिए पहला मेंस इंटरनेशनल मैच हो रहा हैऔर दोनों टीमें नया साल 2026 जीत के साथ शुरू करने का लक्ष्य लेकर उतरी हैं। भारत की टीम रोहित शर्माविराट कोहली और श्रेयस अय्यर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ मैदान पर हैजबकि कीवी टीम की कमान माइकल ब्रेसवेल के हाथ में है।

    टीम इंडिया ने टॉस जीतने के बाद गेंदबाजी का फैसला कियाजिससे पहले बल्लेबाजी करने के लिए न्यूजीलैंड मैदान पर उतरेगी। भारतीय प्लेइंग 11 में रोहित शर्माशुभमन गिल कप्तानविराट कोहलीश्रेयस अय्यरकेएल राहुल विकेटकीपररवींद्र जड़ेजावॉशिंगटन सुंदरहर्षित राणाकुलदीप यादवमोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा शामिल हैं। वहींन्यूजीलैंड की टीम में डेवोन कॉनवेहेनरी निकोल्सविल यंगडेरिल मिशेलग्लेन फिलिप्समिशेल हे विकेटकीपरमाइकल ब्रेसवेल कप्तान ज़ैकरी फाउल्क्सक्रिस्टियन क्लार्ककाइल जैमीसन और आदित्य अशोक मैदान पर हैं।भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब तक कुल 120 वनडे मैच खेले जा चुके हैं। इसमें भारत ने 62 मैचों में जीत हासिल की हैजबकि कीवी टीम ने 50 मैच जीते हैं। 7 मुकाबले बिना परिणाम के रहे और 1 मैच टाई रहा। भारत की सरजमीं पर दोनों देशों के बीच अब तक 40 मैच हुए हैंजिनमें से भारत ने 31 मुकाबले जीतेकीवी टीम ने 8 में जीत दर्ज कीऔर 1 मैच अनरिजल्ट रहा। इससे साफ है कि होम टीम का पलड़ा हमेशा भारी रहा है।

    मैच का लाइव कवरेज स्टार स्पोर्ट्स चैनलों और जियोहॉटस्टार एप पर उपलब्ध होगा। मौसम भी भारतीय टीम के पक्ष में है। वडोदरा में दिन भर धूप रहने की संभावना है और बारिश का कोई खतरा नहीं हैजिससे मैच बिना किसी रुकावट के पूरा हो सकेगा।भारत और न्यूजीलैंड के पहले वनडे का यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए सीरीज में बढ़त बनाने का महत्वपूर्ण मौका है। भारतीय टीम नए साल 2026 में जीत के साथ शुरुआत करना चाहती है और कीवी टीम इसका सामना मजबूती से करेगी। टॉस जीतने के बाद गेंदबाजी का फैसला शुभमन गिल की रणनीति का हिस्सा हैजिससे शुरुआती विकेट लेकर न्यूजीलैंड को दबाव में लाया जा सके।