Tag: Piplani Police

  • भोपाल के होटल में पुलिसकर्मी बनकर घुसे चार लोग, युवक-युवती को केस में फंसाने की धमकी देकर ऐंठे 70 हजार

    भोपाल के होटल में पुलिसकर्मी बनकर घुसे चार लोग, युवक-युवती को केस में फंसाने की धमकी देकर ऐंठे 70 हजार


    नई दिल्ली। भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक होटल के कमरे में युवक और युवती से कथित तौर पर पुलिसकर्मी बनकर पैसे वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि चार लोग सामान्य कपड़ों में होटल के कमरे में पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर युवक-युवती से पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद दोनों को केस में फंसाने और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाया गया। इसी दबाव के बीच आरोपियों ने युवक से करीब 60 से 70 हजार रुपये ऐंठ लिए। घटना की शिकायत मिलने के बाद पिपलानी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।

    पुलिस के मुताबिक घटना 3 अगस्त की शाम करीब 6 बजे की है। बरखेड़ी खुर्द निवासी युवक पिपलानी इलाके के एक होटल में युवती के साथ कमरे में मौजूद था। इसी दौरान चार लोग कमरे में पहुंचे। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और युवक-युवती से पूछताछ करने लगे। अचानक कमरे में इस तरह पहुंचने और खुद को पुलिसकर्मी बताने के कारण दोनों घबरा गए। आरोपियों ने उन्हें कथित तौर पर कार्रवाई और केस में फंसाने की धमकी दी।

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने युवक पर दबाव बनाया। इसी दौरान उनमें से एक व्यक्ति ने खुद को मदद करने वाला बताते हुए मामले को खत्म कराने और युवक-युवती को कार्रवाई से बचाने की बात कही। आरोप है कि इसी बहाने युवक से करीब 60 से 70 हजार रुपये वसूल लिए गए। घटना के बाद युवक ने पिपलानी थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। हालांकि शिकायत घटना के करीब चार से पांच दिन बाद दर्ज कराई गई।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अबूजर, रघुवीर और करुणा शाही के रूप में हुई है। वहीं चौथा आरोपी यावर अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया था और मंगलवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया जाना है।

    इस मामले में पुलिस को केवल फर्जी पुलिसकर्मी बनकर वसूली किए जाने का शक ही नहीं है बल्कि पूरे घटनाक्रम के पीछे पहले से बनाई गई किसी साजिश की आशंका भी जांच के दायरे में है। प्रारंभिक जांच में पुलिस हनीट्रैप जैसी साजिश के एंगल से भी मामले को देख रही है। हालांकि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि युवक को होटल तक बुलाने या फिर आरोपियों के कमरे में पहुंचने के पीछे कोई सुनियोजित योजना थी।

    पुलिस उस युवती की भूमिका की भी जांच कर रही है जिसके साथ युवक होटल के कमरे में था। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि युवती की आरोपियों से पहले से कोई पहचान या संपर्क था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या युवती को पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी या वह भी इस कथित साजिश का हिस्सा थी। फिलहाल उसकी भूमिका को लेकर पुलिस ने कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।

    जांच के दौरान पुलिस होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन और उनके आपसी संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अचानक होटल पहुंचे थे या पहले से युवक-युवती पर नजर रखी जा रही थी। आरोपियों ने सामान्य कपड़े पहन रखे थे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर कार्रवाई का भय पैदा किया था।

    फिलहाल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। साथ ही युवती की भूमिका और कथित हनीट्रैप एंगल की भी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

  • हॉस्टल कारोबार की रंजिश ने लिया हिंसक रूप, आठ युवकों ने बरसाए पत्थर, पुलिस जांच में जुटी

    हॉस्टल कारोबार की रंजिश ने लिया हिंसक रूप, आठ युवकों ने बरसाए पत्थर, पुलिस जांच में जुटी


    भोपाल  राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र स्थित पटेल नगर में शुक्रवार देर रात एक हॉस्टल पर हुए पथराव से इलाके में हड़कंप मच गया। करीब आठ युवकों ने अचानक हॉस्टल पर पत्थर बरसाकर दहशत फैला दी। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस ने शांति भंग की आशंका के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की हैभोपाल 

    हॉस्टल संचालक दुर्गेश तिवारी और शिवम सिंह ने आरोप लगाया है कि यह हमला कारोबारी रंजिश के चलते कराया गया। उनका कहना है कि क्षेत्र में हॉस्टल संचालन को लेकर प्रतिस्पर्धा है और दूसरे हॉस्टल संचालक पुष्पराज यादव उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने अपने साथियों के जरिए हॉस्टल पर हमला करवाया। हालांकि पुलिस ने फिलहाल इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार रात कुछ युवक अचानक हॉस्टल के बाहर पहुंचे और बिना किसी विवाद के पथराव शुरू कर दिया। कुछ मिनट तक लगातार पत्थर फेंके गए जिससे हॉस्टल परिसर में अफरा तफरी मच गई। घटना में भवन की खिड़कियों और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचा लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    घटना की सबसे अहम कड़ी सीसीटीवी फुटेज बनी है जिसमें कथित आरोपी पत्थर फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब इन फुटेज के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान करने और उनकी भूमिका तय करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

    पिपलानी थाना पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फरियादियों के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने घटना के बाद कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इनमें से कुछ लोगों के खिलाफ शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के माध्यम से जेल भेजा गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि यदि जांच में पथराव और साजिश के आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल के होटल में 'खूनी' ड्रामा: पति के सीने पर बैठकर नर्स पत्नी ने ब्लेड से रेता शरीर, हमले के बाद पी शराब और सिगरेट

    भोपाल के होटल में 'खूनी' ड्रामा: पति के सीने पर बैठकर नर्स पत्नी ने ब्लेड से रेता शरीर, हमले के बाद पी शराब और सिगरेट


    भोपाल।  राजधानी के आनंद नगर स्थित ‘होटल कोमल पैलेस’ में शनिवार रात एक ऐसी वारदात हुई जिसने पति-पत्नी के रिश्ते को लहूलुहान कर दिया। सीहोर से भोपाल आई एक सरकारी नर्स ने मामूली विवाद के बाद अपने पति पर ब्लेड और कांच के गिलास से हमला कर दिया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला हमले के बाद बेखौफ होकर सिगरेट फूंकती और शराब पीती नजर आ रही है।

    विवाद की जड़: ‘खाने’ से शुरू हुआ झगड़ा, खून-खराबे पर थमा
    पुणे की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत राजकुमार (परिवर्तित नाम) अपनी पत्नी निलिमा (परिवर्तित नाम) से मिलने होटल पहुँचा था। निलिमा शाजापुर की रहने वाली है और पेशे से नर्स है।

    झगड़े का बहाना: निलिमा ने होटल में खाना ऑर्डर किया था, लेकिन राजकुमार ने यह कहकर मना कर दिया कि वह घर से खाकर आया है। बस इतनी सी बात पर विवाद बढ़ा और पूरी रात हंगामा चलता रहा।

    तड़के हमला: सुबह करीब 7 बजे जब राजकुमार की नींद खुली, तो वह सिहर उठा। उसकी पत्नी उसके सीने पर बैठी थी और हाथ में धारदार सर्जिकल ब्लेड था।

    बर्बरता: पेट और हाथ पर वार, बाथरूम में छिपकर बचाई जान
    राजकुमार के अनुसार, निलिमा ने उस पर ब्लेड से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। दाहिने हाथ और पेट पर गहरे जख्म होने के बाद जब उसने बचने की कोशिश की, तो पत्नी ने कांच का गिलास सिर पर दे मारा। खून से लथपथ राजकुमार जान बचाने के लिए बाथरूम की ओर भागा और बाद में होटल से निकलकर सीधे अस्पताल पहुँचा।

    रिश्ते का काला सच: ‘रेप केस’ से शुरू हुई थी शादी
    पुलिस जांच में इस विवाद की एक पुरानी और कड़वी परत भी सामने आई है:

    पुराना केस: निलिमा ने पहले राजकुमार के खिलाफ बलात्कार (Rape) का केस दर्ज कराया था।

    समझौता शादी: उस कानूनी पचड़े से बचने के लिए राजकुमार ने आर्य समाज मंदिर में उससे शादी कर ली थी।

    तनाव: शादी के बाद से ही दोनों के बीच अनबन चल रही थी। आरोप है कि राजकुमार उसे तलाक देने के लिए दबाव बना रहा था, जिससे निलिमा आक्रोशित थी।

    पुलिस की कार्रवाई और संदेहास्पद परिस्थितियां
    पिपलानी थाना पुलिस ने राजकुमार की शिकायत पर धारदार हथियार से हमला करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह एकतरफा नहीं लग रहा है। पति द्वारा दी गई जानकारी और मौके के वीडियो के आधार पर पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

    “यह घटना रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और प्रतिशोध की भावना का चरम है। जहाँ एक नर्स (जीवनदायिनी) के हाथ में ब्लेड इलाज के लिए होना चाहिए था, वहां उसने इसे हिंसा का हथियार बना लिया। फिलहाल, भोपाल पुलिस इस ‘मिस्ट्री’ को सुलझाने में जुटी है।”