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  • भारत-ओमान ट्रेड डील से किसानों और व्यापारियों को बड़ा फायदा, गोयल का बयान

    भारत-ओमान ट्रेड डील से किसानों और व्यापारियों को बड़ा फायदा, गोयल का बयान


    नई दिल्ली। भारत और ओमान के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) सोमवार से लागू हो गया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। इस समझौते को भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा लाभ किसानों, छोटे व्यापारियों, कारीगरों और लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को मिलने की उम्मीद है।

    वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक विज़न की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के निर्यात को नए बाजार उपलब्ध कराएगा, विदेशी निवेश को आकर्षित करेगा और देश में रोजगार सृजन को गति देगा।

    CEPA लागू होने के बाद ओमान में भारत के लगभग 99.38 प्रतिशत निर्यात को 98 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर तुरंत शून्य शुल्क (Zero Duty) का लाभ मिल जाएगा। इससे भारतीय उत्पाद ओमान के बाजार में पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। पहले जहां केवल 15.3 प्रतिशत निर्यात पर ही शुल्क-मुक्त पहुंच थी, अब यह दायरा बेहद व्यापक हो गया है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस समझौते से ओमान को भारत का निर्यात 4.06 अरब डॉलर से बढ़कर आने वाले वर्षों में 6 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जबकि मध्य अवधि में यह 10 अरब डॉलर तक जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके चलते कपड़ा, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषण, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स और फार्मा जैसे क्षेत्रों में बड़ा विस्तार देखने को मिल सकता है।

    विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। तिरुपुर, सूरत, लुधियाना, पानीपत, कोयंबटूर, जयपुर और अहमदाबाद जैसे औद्योगिक केंद्रों में उत्पादन और रोजगार दोनों बढ़ सकते हैं।

    इस समझौते के तहत भारत ने भी 77.79 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर उदारीकरण की पेशकश की है, जो ओमान से आने वाले 94.81 प्रतिशत आयात को कवर करता है। हालांकि, भारत ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों—जैसे डेयरी, चाय, कॉफी, रबर और तंबाकू—को किसी भी रियायत से बाहर रखा है ताकि घरेलू उद्योगों और किसानों के हित सुरक्षित रह सकें।

    इसके अलावा सोना-चांदी, आभूषण और कुछ श्रम-प्रधान उत्पादों पर भी सीमित या कोटा आधारित व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का मानना है कि यह संतुलित समझौता भारत के हितों की रक्षा करते हुए वैश्विक व्यापार को मजबूती देगा।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इस समझौते से भारत की सेवाक्षेत्र अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि ओमान का आयात बाजार बड़ा और विविध है, जो भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर खोल सकता है।

  • भारत ने दिखाई आर्थिक मजबूती की मिसाल: संकट के समय भी लगातार आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था, बोले पीयूष गोयल

    भारत ने दिखाई आर्थिक मजबूती की मिसाल: संकट के समय भी लगातार आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था, बोले पीयूष गोयल


    नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर चल रहे आर्थिक और भू-राजनीतिक संकटों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है। इसी संदर्भ में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने हर चुनौती के समय खुद को पहले से अधिक मजबूत बनाकर दुनिया के सामने एक भरोसेमंद अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है।

    नई दिल्ली में आयोजित एक बड़े बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत की आर्थिक नींव स्थिर और मजबूत बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के विभिन्न देश अब भारत की क्षमता और स्थिरता पर अधिक विश्वास जता रहे हैं, जो देश की बढ़ती आर्थिक ताकत का संकेत है।

    उन्होंने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि केवल सरकार के प्रयासों से आर्थिक प्रगति संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए उद्योग जगत, व्यापार क्षेत्र और आम नागरिकों के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। उनका मानना है कि जब सभी हिस्से मिलकर काम करते हैं, तभी देश की आर्थिक गति और अधिक मजबूत होती है।

    पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योगों से यह भी अपील की कि वे घरेलू आपूर्तिकर्ताओं और स्थानीय उत्पादन को प्राथमिकता दें। उनके अनुसार, बदलते वैश्विक माहौल में आत्मनिर्भरता केवल एक नीति नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी औद्योगिक क्षमता को भीतर से मजबूत करना होगा, ताकि बाहरी निर्भरता कम हो सके।

    उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई विकसित देश अपने घरेलू उद्योगों को प्राथमिकता देकर मजबूत औद्योगिक नेटवर्क तैयार कर चुके हैं। भारत को भी इसी दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है, जहां उद्योग एक-दूसरे का समर्थन करें और देश के भीतर मजबूत सप्लाई चेन विकसित हो।

    मंत्री ने यह भी कहा कि आज की परिस्थितियों में सामान्य व्यापारिक सोच से आगे बढ़ने की जरूरत है। वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए भारत को अपनी रणनीति को और अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना होगा। उनका कहना था कि यह केवल एक विकल्प नहीं बल्कि भविष्य की जरूरत है।

    उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत की आर्थिक मजबूती केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस विश्वास का परिणाम है जो दुनिया अब भारत पर जता रही है। विभिन्न वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश ने उत्पादन, निवेश और विकास के क्षेत्र में लगातार प्रगति दिखाई है।

  • भारत की ताकत उसकी संस्कृति और संकल्प में है: सोमनाथ उदाहरण से पीयूष गोयल का संदेश

    भारत की ताकत उसकी संस्कृति और संकल्प में है: सोमनाथ उदाहरण से पीयूष गोयल का संदेश

    नई दिल्ली ।सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और उसकी ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने भारत की मजबूती, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सोमनाथ मंदिर ने बार-बार कठिन दौर और आक्रमणों के बावजूद खुद को पुनः स्थापित किया, उसी तरह भारत भी हर चुनौती के बाद और अधिक सशक्त होकर उभरा है।

    उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत शक्ति और आत्मसम्मान का प्रतीक है। सदियों के संघर्ष और कई बार हुए हमलों के बाद भी इस मंदिर का अस्तित्व और उसकी पुनर्स्थापना यह दर्शाती है कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें कितनी मजबूत हैं।

    Piyush Goyal ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण देश के लिए केवल धार्मिक महत्व की घटना नहीं थी, बल्कि यह एक नए भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक भी बना। यह वह समय था जब देश अपनी सांस्कृतिक पहचान को फिर से स्थापित करने और अपनी विरासत पर गर्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा था।

    उन्होंने भारत की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उनके अनुसार भारत की खासियत यह है कि यहां आधुनिकता और परंपरा दोनों साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। एक ओर देश तकनीक, उद्योग और आर्थिक विकास में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर अपनी सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों को भी मजबूती से संजोए हुए है।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत का इतिहास संघर्षों से भरा रहा है, लेकिन हर कठिन परिस्थिति के बाद देश ने नई ऊर्जा के साथ वापसी की है। यही क्षमता भारत को दुनिया के अन्य देशों से अलग बनाती है। उनके अनुसार भारत की सभ्यता और संस्कृति ने हमेशा लोगों को जोड़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।

    अपने विचारों में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले वर्षों में भारत अपने विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य केवल आर्थिक ताकत से नहीं, बल्कि उसके मूल्यों, विरासत और आत्मविश्वास से तय होगा।

    उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आने वाले समय में एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में दुनिया के सामने और अधिक मजबूती से उभरेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि देश की प्रगति का आधार उसकी सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक विरासत ही बनी रहेगी, जो हर पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

  • लॉरियल के साथ भारत के ब्यूटी सेक्टर पर बड़ी चर्चा, पीयूष गोयल ने मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर

    लॉरियल के साथ भारत के ब्यूटी सेक्टर पर बड़ी चर्चा, पीयूष गोयल ने मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर


    नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को फ्रांस की प्रमुख ब्यूटी और पर्सनल केयर कंपनी L’Oréal Group के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत में ब्यूटी और पर्सनल केयर सेक्टर को और अधिक मजबूत बनाना, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देना और निर्यात के नए अवसर तलाशना रहा।

    पीयूष गोयल ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए बताया कि उन्होंने लॉरियल के दक्षिण एशिया, प्रशांत, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र के अध्यक्ष विस्मय शर्मा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। इस दौरान भारत से सोर्सिंग, मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक बाजारों में निर्यात को विस्तार देने पर विस्तार से चर्चा हुई।

    बैठक में खास तौर पर इस बात पर जोर दिया गया कि भारत को ब्यूटी और पर्सनल केयर इंडस्ट्री का एक प्रमुख वैश्विक हब बनाया जा सकता है। इसके लिए निवेश को बढ़ावा देने और तकनीक आधारित उत्पादन क्षमता विकसित करने की जरूरत पर सहमति बनी।

    मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि लॉरियल ने हाल ही में हैदराबाद में अपना विश्व का सबसे बड़ा ब्यूटी टेक ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर स्थापित किया है। यह केंद्र कंपनी की वैश्विक रणनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भारत को एआई आधारित ब्यूटी इनोवेशन के केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

    इस परियोजना के तहत लॉरियल ने करीब 383.4 मिलियन डॉलर के शुरुआती निवेश से ब्यूटी टेक और इनोवेशन हब विकसित किया है। कंपनी का लक्ष्य इसे भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ब्यूटी सॉल्यूशंस का वैश्विक केंद्र बनाना है। अनुमान है कि 2030 तक इस पहल से लगभग 2,000 तकनीकी नौकरियां भी पैदा होंगी।

    यह केंद्र न केवल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन और डिजिटल सेवाओं के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे भारत की भूमिका वैश्विक ब्यूटी इंडस्ट्री में और मजबूत होने की उम्मीद है।

    बैठक के दौरान भारत और फ्रांस के व्यापारिक संबंधों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच व्यापार पिछले कुछ वर्षों में स्थिर वृद्धि के साथ आगे बढ़ा है और वित्त वर्ष 2024-25 में कुल व्यापार 12.67 अरब यूरो तक पहुंच गया। इसमें भारत का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है।

    इसके अलावा, वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल वस्तु और सेवा निर्यात 4.6 प्रतिशत बढ़कर 863.11 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और टैरिफ विवादों के बावजूद भारत की मजबूत निर्यात क्षमता को दर्शाता है।

    पीयूष गोयल ने हाल ही में विभागीय अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में भी इस बात पर जोर दिया कि भारत को नए वैश्विक बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और अधिक से अधिक निर्यातकों को अवसर देने की दिशा में काम करना चाहिए।

    इस तरह लॉरियल के साथ हुई यह बैठक भारत के ब्यूटी और पर्सनल केयर सेक्टर को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • पीयूष गोयल ने EPC प्रमुखों संग की बैठक, निर्यात बढ़ाने और वैश्विक अवसरों पर किया मंथन

    पीयूष गोयल ने EPC प्रमुखों संग की बैठक, निर्यात बढ़ाने और वैश्विक अवसरों पर किया मंथन


    नई दिल्ली| भारत के निर्यात क्षेत्र को नई गति देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने सोमवार को विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों (EPCs) के प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में निर्यात को मजबूत बनाने और वैश्विक व्यापार अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

    मंत्री Piyush Goyal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में क्षेत्र-विशेष प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों की रचनात्मक प्रतिक्रियाएं भी सुनी गईं।

    बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि हाल ही में भारत द्वारा किए गए विभिन्न मुक्त व्यापार समझौते (FTA) देश के निर्यातकों के लिए नए बाजार खोल सकते हैं। इन समझौतों का अधिकतम लाभ उठाकर भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने पर फोकस किया गया।

    मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार निर्यातकों को मजबूत बनाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार नीतिगत सहयोग प्रदान कर रही है।

    इससे पहले, Piyush Goyal ने भारत-न्यूजीलैंड व्यापार मंच को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत का बड़ा बाजार, कुशल कार्यबल, डिजिटल क्षमता और विनिर्माण शक्ति न्यूजीलैंड की कृषि-तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और फिनटेक विशेषज्ञता के साथ मिलकर नए अवसर पैदा कर सकती है।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में संपन्न मुक्त व्यापार समझौता (FTA) को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। दोनों देशों का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में व्यापार को 5 अरब डॉलर तक बढ़ाने का है, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की यह पहल भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में और मजबूत स्थिति में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • संसद में ईरान जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बहस के लिए तैयार

    संसद में ईरान जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बहस के लिए तैयार


    नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में ईरान और अमेरिकी-इजराइल संघर्ष को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी दलों ने पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात और भारत पर असर पर चर्चा की मांग की।

    लोकसभा में स्थिति:
    विपक्ष ने “We want discussion” के नारे लगाए और विदेश नीति पर सवाल उठाए। चेयर के बार-बार निर्देश देने के बावजूद विपक्ष शांत नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि विपक्ष प्रस्ताव लाने के नियम का पालन नहीं कर रहा और सदन का समय बेबुनियाद हंगामे में बर्बाद कर रहा है।

    राज्यसभा में हंगामा:
    विदेश मंत्री जयशंकर जब खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट पर संबोधन दे रहे थे, विपक्ष ने वॉक आउट किया। मंत्री ने बताया कि 67,000 भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चुके हैं और भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय है।

    सरकार का पक्ष:
    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस बहस से भाग रही है और स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर नियमों का पालन किया गया। उन्होंने विपक्ष पर संसद के नियमों और प्रक्रिया का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

    विपक्ष की प्रतिक्रिया:
    कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन और केसी वेणुगोपल ने कहा कि वे पश्चिम एशिया संकट, फ्यूल की बढ़ती कीमत और भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा चाहते हैं। उनका आरोप है कि सरकार गंभीर विषयों पर चर्चा से भाग रही है।

    विदेश मंत्री का अपडेट:

    ईरान में स्थिति अस्थिर

    खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय नागरिक

    दो भारतीय नाविकों की मृत्यु, एक अभी लापता

    भारत शांति और बातचीत के पक्ष मेंलोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित। विपक्ष और सरकार के बीच बहस जारी है।

  • इंडिया-US ट्रेड डील पर अंतिम दौर में.. पीयूष गोयल बोले-मार्च में समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना

    इंडिया-US ट्रेड डील पर अंतिम दौर में.. पीयूष गोयल बोले-मार्च में समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना


    नई दिल्ली।
    वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शुक्रवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों (India-America Trade Agreements) को लेकर कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच एक ‘अंतरिम व्यापार समझौते’ पर इस साल मार्च में हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है और इसे अप्रैल के महीने से पूरी तरह लागू (ऑपरेशनल) कर दिया जाएगा।


    भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

    इस समझौते के कानूनी मसौदे (लीगल टेक्स्ट) को अंतिम रूप देने के लिए 23 फरवरी से अमेरिका में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक शुरू होने जा रही है। गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर यह स्पष्ट कर दिया था कि इस अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पहले ही तय कर ली गई है।

    समझौते की प्रमुख शर्तों में कहा गया है कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं एवं अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या घटाएगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं। साथ ही भारत ने अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने तथा ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।

    ‘समृद्ध भविष्य की राह’ शीर्षक वाले खंड में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी जनता के हितों को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच बढ़ा रहे हैं। साथ ही आर्थिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए शुल्क एवं गैर-शुल्क बाधाओं को कम कर रहे हैं। इसमें कहा गया- भारत ने दुनिया की किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में अमेरिका पर सबसे अधिक शुल्क बनाए रखे हैं, जहां कृषि उत्पादों पर औसतन 37 प्रतिशत तक और कुछ वाहनों पर 100 प्रतिशत से अधिक शुल्क है। भारत का इतिहास अत्यधिक संरक्षणवादी गैर-शुल्क बाधाएं लगाने का भी रहा है जिनके कारण अमेरिका के कई निर्यात भारत में प्रतिबंधित रहे हैं।’ दस्तावेज के अनुसार- आने वाले हफ्तों में अमेरिका और भारत इस ढांचे को शीघ्र लागू करेंगे और अमेरिकी श्रमिकों तथा कारोबार के लिए लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पारस्परिक रूप से लाभकारी बीटीए को अंतिम रूप देने की दिशा में अंतरिम समझौते पर काम करेंगे।’

    ब्रिटेन और ओमान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA): केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यह भी जानकारी दी कि केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन (UK) और ओमान के साथ भी भारत के बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) अप्रैल महीने में लागू होने की पूरी उम्मीद है। न्यूजीलैंड के साथ समझौता: इसके अलावा, भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले व्यापार समझौते के भी इसी साल सितंबर महीने तक लागू होने की संभावना जताई गई है। इन सभी व्यापारिक समझौतों के लागू होने से भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को एक नई गति मिलने और निर्यात के क्षेत्र में बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

  • पीयूष गोयल बोले… US डील किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित… राहुल गांधी ने झूठी कहानी गढ़ी

    पीयूष गोयल बोले… US डील किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित… राहुल गांधी ने झूठी कहानी गढ़ी


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के आरोपों को पूरी तरह झूठी कहानी करार देते हुए पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर सुनियोजित तरीके से पूरी तरह बनावटी और झूठी कहानी गढ़ी है। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के इशारों पर किसानों को गुमराह कर रहे हैं और उनका दावा बेबुनियाद है।

    गोयल ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं के इशारों पर चल रहे हैं, जो किसान नेता होने का ढोंग कर रहे हैं, जबकि यह पूरी तरह से बनावटी और बेबुनियादी बातचीत है। अब मैं राहुल गांधी के झूठे दावों की सच्चाई सामने लाता हूं और उन्हें और उनके मित्रों को बेनकाब करता हूं, जो हमारे भोले-भाले, मेहनती अन्नदाताओं को गुमराह कर रहे हैं। मंत्री ने आगे कहा, मोदी सरकार ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Agreement) में किसानों की हितों की पूरी तरह सुरक्षा की है। जब मैं कहता हूं कि पूरी सुरक्षा की गई है, तो मैं इसे रिकॉर्ड पर और पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं।

    उन्होंने कहा, हमने सभी किसानों के हितों की रक्षा की है और यह एक ऐसा समझौता है जो हमारे किसानों, मछुआरों, मेहनती युवाओं, एमएसएमई, स्टार्टअप्स को लाभ पहुंचाएगा। राहुल गांधी, आज आप एक नाटकबाज और झूठे, बेबुनियाद आरोपों और मनगढ़ंत कहानियों को लगातार फैलाने वाले के रूप में पूरी तरह बेनकाब हुए हैं।


    राहुल गांधी ने क्या कहा था?

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने भारत के किसानों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता किसानों की आजीविका के लिए सीधा खतरा है।

    रायबरेली सांसद ने पर लिखा, नरेंद्र सरेंडर मोदी ने भारत के किसानों को धोखा दिया है और किसानों ने इसे समझ लिया है। यह केवल एक व्यापार समझौता नहीं है। यह हमारे अन्नदाताओं की आजीविका पर सीधा हमला है। कांग्रेस नेता ने कहा कि संसद में किसानों के संगठनों के प्रतिनिधियों से हुई बैठक में यह चिंता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उन्होंने लिखा, आज संसद में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में उनकी चिंताएं स्पष्ट रूप से सामने आईं। महंगाई, बढ़ती लागत और एमएसपी की अनिश्चितता से जूझ रहे किसान अब विदेशी फसलों का सामना करने के लिए तैयार नहीं हैं, जो बड़ी सब्सिडी और यांत्रिक ताकत के साथ आती हैं।

  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील: दवाइयां, डायमंड्स, मसाले पर 0% टैरिफ, किसानों और डेयरी को पूरी सुरक्षा

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: दवाइयां, डायमंड्स, मसाले पर 0% टैरिफ, किसानों और डेयरी को पूरी सुरक्षा


    नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी होने के बाद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विस्तार से जानकारी दी कि किन उत्पादों पर अमेरिका ने 0% टैरिफ लागू किया है। वहीं, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने किसी भी कृषि और डेयरी उत्पादों पर कोई छूट नहीं दी है, ताकि किसानों और घरेलू उत्पादन की सुरक्षा बनी रहे।

    गोयल ने बताया कि अमेरिका ने भारत के लिए जिन वस्तुओं पर 0% टैरिफ लागू किया है, उनमें शामिल हैं:
    जेम्स और डायमंड्स, सोने-चांदी की आभूषण सामग्री
    दवाइयां, फार्मा प्रोडक्ट्स, स्मार्टफोन
    मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, केस्यू नट्स
    केला, आम, चीनी, पाइनएपल, मशरूम, सब्जियों के रूट्स
    एयरक्राफ्ट और मशीनरी पार्ट्स, एल्यूमिनियम और जिंक ऑक्साइड, मिनरल्स, नेचुरल रबर
    प्रोसेस्ड फल जैसे अमरूद का जेम्स

    उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत ने मीट, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्‍का, चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, अमरनाथ फल, ग्रीन टी, कोका, चना, एनीमल सीड्स, नॉन-एल्कोहलिक उत्पाद, इथेनॉल और तंबाकू जैसी कृषि और डेयरी वस्तुओं पर किसी भी तरह की रियायत नहीं दी।

    पीयूष गोयल ने बताया कि इस समझौते से अमेरिका का 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कम टैरिफ पर खुल गया है। अमेरिकी टैरिफ अब भारत के लिए पड़ोसी देशों की तुलना में बहुत कम है—जैसे चीन पर 35%, वियतनाम 20%, और इंडोनेशिया 19% टैरिफ है, जबकि अमेरिका ने इसे भारत के लिए 18% कर दिया है।

    गोयल ने कहा कि आज का दिन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। फरवरी 2025 से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच सालाना 500 बिलियन डॉलर का व्यापार हासिल करना था। इस समझौते से देश के निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे और अमेरिका भारत के लिए सबसे पसंदीदा निर्यात राष्ट्र बन जाएगा।

  • US को भारत का ऑफर पसंद है तो उसे तुरंत कर देना चाहिए FTA पर साइन: पीयूष गोयल

    US को भारत का ऑफर पसंद है तो उसे तुरंत कर देना चाहिए FTA पर साइन: पीयूष गोयल


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री (Minister of Commerce and Industry) पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने गुरुवार को कहा कि अगर वॉशिंगटन (Washington) को भारत का ऑफर (India’s offer) पसंद है, तो अमेरिका ((America) को भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (Free trade agreements- FTA) पर तुरंत साइन कर देने चाहिए. पीयूष गोयल ने ट्रंप प्रशासन की ओर से भारत के प्रस्ताव की सराहना किए जाने का स्वागत किया, लेकिन भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित इस ट्रेड डील पर साइन होने की कोई समयसीमा बताने से इनकार कर दिया.

    पीयूष गोयल अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमिसन ग्रीर की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका को भारत की ओर से ‘अब तक का सबसे अच्छा ऑफर’ मिला है. उन्होंने कहा, ‘अगर वे खुश हैं, तो उन्हें तुरंत साइन कर देना चाहिए.’ उन्होंने भारत के प्रस्ताव के बारे में बताने से मना कर दिया.

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    मंत्री ने बताया कि ट्रेड डील पर अब तक पांच दौर की बातचीत हो चुकी है और वर्तमान में भारत आए अमेरिका के डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव रिक स्विट्जर की यात्रा किसी नए दौर की बातचीत के लिए नहीं है, बल्कि एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने के लिए है.

    ‘डेडलाइन के दबाव में डील नहीं होनी चाहिए’
    पीयूष गोयल हाल के महीनों में चिली, इजरायल और न्यूजीलैंड समेत कई देशों के साथ FTA पर काम कर रहे हैं. इस बीच, जब उनसे मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन की उस टिप्पणी पर सवाल पूछा गया कि यह डील अगले साल मार्च तक साइन हो जाएगी, तो गोयल ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है और वे किसी समयसीमा पर टिप्पणी नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा, ‘डील तभी होती है जब दोनों पक्षों को फायदा हो. डेडलाइन के दबाव में समझौता नहीं होना चाहिए.’