Tag: PM Narendra Modi

  • प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात दौरा: धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों मे

    प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात दौरा: धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों मे


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम से गुजरात दौरे की शुरुआत करेंगे। वे शाम 8 बजे सोमनाथ मंदिर में ओंकार मंत्र का जाप करने वाले भक्तों के साथ शामिल होंगे। इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित विशेष ड्रोन शो का अवलोकन करेंगे, जो धार्मिक और सांस्कृतिक समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है।

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और शौर्य यात्रा

    11 जनवरी को प्रधानमंत्री सुबह 9:45 बजे ‘शौर्य यात्रा’ में भाग लेंगे, जिसमें उन वीर योद्धाओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इसके बाद सुबह 10:15 बजे मंदिर में दर्शन और पूजा होगी। सुबह 11 बजे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित होगा।

    राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन

    सोमनाथ के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री राजकोट के लिए रवाना होंगे। वहां वे कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन’ में शामिल होंगे। दोपहर 1:30 बजे वे सम्मेलन के व्यापार शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, इसके बाद दोपहर 2 बजे मारवाड़ी विश्वविद्यालय में क्षेत्रीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन होगा और प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे।

    अहमदाबाद मेट्रो का उद्घाटन

    राजकोट से प्रधानमंत्री अहमदाबाद जाएंगे। शाम 5:15 बजे महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन पर सेक्टर 10A से महात्मा मंदिर तक अहमदाबाद मेट्रो के चरण 2 के शेष खंड का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना शहर की परिवहन सुविधा को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    अहमदाबाद में जर्मन चांसलर से द्विपक्षीय बैठक

    12 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात करेंगे। सुबह 9:30 बजे दोनों नेता साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे और 10 बजे साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। इसके बाद 11:15 बजे महात्मा मंदिर, गांधीनगर में द्विपक्षीय वार्ता होगी। यह बैठक भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की 25 वर्ष की प्रगति की समीक्षा करेगी।

    तीन दिवसीय दौरे का महत्व

    प्रधानमंत्री मोदी का यह तीन दिवसीय दौरा धार्मिक स्थलों, क्षेत्रीय विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को जोड़ने वाला माना जा रहा है। सोमनाथ और अहमदाबाद में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में उद्योग और व्यापार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह दौरा गुजरात की सामाजिक, आर्थिक और कूटनीतिक महत्वाकांक्षाओं को मजबूत करने में सहायक होगा।

  • JNU नारेबाजी विवाद: ‘शरजील इमाम की औलादों के इरादों को कुचलेंगे’ CM फडणवीस का तीखा हमला

    JNU नारेबाजी विवाद: ‘शरजील इमाम की औलादों के इरादों को कुचलेंगे’ CM फडणवीस का तीखा हमला

    नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर लगाए गए विवादित नारों ने एक बार फिर देश की राजनीति को गरमा दिया है। इस घटना के बाद जहां JNU प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए FIR दर्ज कराई, वहीं अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान ने इस विवाद को और तीखा बना दिया है।

    JNU प्रशासन ने इस नारेबाजी को लोकतंत्र और राष्ट्रीय मूल्यों पर हमला करार देते हुए साफ कहा है कि विश्वविद्यालय किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का मंच नहीं बन सकता। प्रशासन की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और पूरे मामले की जांच जारी है।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ा है पूरा मामला

    दरअसल, यह विवाद सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद शुरू हुआ। मंगलवार को शीर्ष अदालत ने फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में जेल में बंद आरोपियों शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के तुरंत बाद JNU कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

    प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए, जिससे देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस घटना को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

    CM देवेंद्र फडणवीस का तीखा बयान

    JNU में हुई नारेबाजी पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा और विवादित बयान दिया है। नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि JNU में लगाए गए नारे देशविरोधी मानसिकता को दर्शाते हैं।

    फडणवीस ने कहा, “ये शरजील इमाम की औलादें हैं, जो JNU में पैदा हुई हैं। देशद्रोहियों और देश को तोड़ने की भाषा बोलने वालों के इरादों को कुचलने का काम किया जाएगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है।

    उन्होंने यह भी साफ किया कि देश की एकता और अखंडता के खिलाफ किसी भी सोच को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    शिवाजी महाराज पर भी दिया बयान

    इसी दौरान देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर भी अहम टिप्पणी की। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटील के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी एक समाज या जाति के नहीं होते।

    फडणवीस ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज पूरे देश के थे। उन्हें किसी एक समाज से जोड़ना गलत है। महापुरुषों को बांटना देश के हित में नहीं है।”

    JNU विवाद और नेताओं के बयानों के बाद यह मुद्दा अब केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा विषय बन गया है।

  • पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

    पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की


    नई दिल्‍ली ।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रणब मुखर्जी को आज उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने मुखर्जी को एक महान राजनेता और असाधारण विद्वत्तापूर्ण व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उन्होंने दशकों के सार्वजनिक जीवन में अटूट समर्पण के साथ देश की सेवा की।

    पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा “प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। वह एक महान राजनेता और असाधारण विद्वत्तापूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे और उन्होंने दशकों के सार्वजनिक जीवन में अटूट समर्पण के साथ भारत की सेवा की। प्रणब बाबू की बुद्धिमत्ता और स्पष्ट विचार ने हर कदम पर हमारे लोकतंत्र को समृद्ध किया। यह मेरा सौभाग्य है कि इतने वर्षों तक उनके साथ संवाद करने के दौरान मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला।”

    https://twitter.com/narendramodi/status/1998967658382024940?s=20

    राष्ट्रपति ने प्रणब मुखर्जी की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

  • भारत दौरे से पहले पुतिन ने अमेरिकी टैरिफ पर दिया बयान, बोले- PM मोदी दबाव में आने वाले नेता नहीं

    भारत दौरे से पहले पुतिन ने अमेरिकी टैरिफ पर दिया बयान, बोले- PM मोदी दबाव में आने वाले नेता नहीं


    नई दिल्‍ली । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के दौरे पर आ रहे हैं. अपने भारत दौरे के दौरान वो कई बड़े समझौते साइन कर सकते हैं. इसी बीच भारत पर अमेरिका की तरफ से लगाए टैरिफ को लेकर उन्होंने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दबाव में आने वाले नेता नहीं हैं. यह बयान उन्होंने उस सवाल के जवाब में दिया जिसमें पूछा गया था कि क्या अमेरिका भारत पर टैरिफ के जरिए दबाव डाल रहा है.

    पुतिन ने PM मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना की
    पुतिन से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता और भारत-रूस संबंधों के भविष्य के बारे में भी पूछा गया. इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि दुनिया ने भारत की अडिग नीति देखी है और देश को अपने नेतृत्व पर गर्व होना चाहिए. पुतिन ने यह भी बताया कि भारत और रूस के बीच 90 प्रतिशत से अधिक द्विपक्षीय लेन देन सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं.

    मोदी से मित्रता और आगामी भारत दौरा
    पुतिन ने कहा कि उन्हें अपने मित्र, प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए यात्रा करने में बहुत खुशी हो रही है. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों नेताओं ने अगली बैठक भारत में आयोजित करने पर सहमति जताई है.

    भारत-रूस सहयोग और ऐतिहासिक संबंध
    पुतिन ने कहा कि बहुत सारी बातें चर्चा के लिए हैं, क्योंकि भारत और रूस के बीच सहयोग का दायरा बहुत व्यापक है. उन्होंने दोनों देशों के बीच के विशिष्ट ऐतिहासिक संबंधों को भी रेखांकित किया. उन्होंने भारत की आजादी के बाद की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि सिर्फ 77 साल के अल्प समय में, देश ने अद्भुत विकास हासिल किया है.

    बता दें कि पुतिन अब तक भारत के नौ दौरे कर चुके हैं, जिनमें से तीन मोदी के कार्यकाल में (2016, 2018 और 2021) हुए. दिसंबर में यह उनका दसवां दौरा होगा. वहीं प्रधानमंत्री मोदी सात बार रूस जा चुके हैं.