Tag: PoliceAction

  • पंधाना थाना पुलिस ने 9 जुआरी पकड़े बाइक और कार समेत लाखों की संपत्ति जब्त

    पंधाना थाना पुलिस ने 9 जुआरी पकड़े बाइक और कार समेत लाखों की संपत्ति जब्त


    खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र में पुलिस ने देर रात अवैध जुआ खेल रहे 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में पुलिस ने नगदी, तीन मोटरसाइकिल और दो कारें जब्त की हैं। कुल जब्त सामग्री की कीमत 3,79,465 रुपए आंकी गई है।

    टीआई दिलीपसिंह देवड़ा को सूचना मिली कि खापरी गांव के बाहर ईंट भट्टे के पास कुछ लोग ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व डीएसपी मुख्यालय के मार्गदर्शन में टीम गठित कर दबिश दी गई।

    पुलिस टीम ने मौके पर पंचों के साथ घेराबंदी कर 9 लोगों को पकड़ा। सभी आरोपी और जब्त सामान विधिवत थाने लाए गए। आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत अपराध क्रमांक 81/26 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

    गिरफ्तार आरोपी:

    भूपेंद्र यादव (33), घुघरिया खेड़ी, थाना गोगावा

    दिलावर शाह (48), ग्राम टेमी

    कृष्णा सेन (40), ग्राम बगमार

    योगेंद्र राजावत (24), ग्राम जामली

    जितेंद्र पटेल (30), बगमार

    अक्तर खान (38), पंधाना

    सलीम खान (40), पंधाना

    वसीम (36), सिविल लाइन, खंडवा

    अशफाक खान (42), पंधाना

    मौके से जब्त सामान:

    नगदी: 24,465 रुपए

    52 ताश के पत्ते

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-9725 (करीब 20 हजार रुपए)

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-6281 (करीब 15 हजार रुपए)

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-7690 (करीब 20 हजार रुपए)

    टाटा कार MP-12-ZG-6502 (करीब 1.20 लाख रुपए)

    मारुति सुजुकी आर्टिगा MP-09-WD-8070 (करीब 1.80 लाख रुपए)

    पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई जारी है और बाकी सहयोगियों की पहचान के लिए जांच बढ़ाई जा रही है।

  • सिहोरा पत्थरबाजी मामला: TI हटाए गए, प्रतीक्षा मार्को को सौंपा थाने का प्रभार

    सिहोरा पत्थरबाजी मामला: TI हटाए गए, प्रतीक्षा मार्को को सौंपा थाने का प्रभार

    जबलपुर जिले के सिहोरा में हाल ही में हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद टीआई पर कार्रवाई की गई है। सिहोरा के आजाद चौक इलाके में घरों और लोगों पर पत्थरबाजी करने वाले कई युवकों का वीडियो कैमरे में कैद हुआ था, जिसमें कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग भी पत्थरबाजी करते हुए दिखाई दिए थे।

    मामले में सिहोरा टीआई को हटाकर प्रतीक्षा मार्को को थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस घटना के बाद सिहोरा के हालात बिगड़ गए थे और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने कई पत्थरबाजों को हिरासत में लेकर जेल भेजा है और अभी भी संदेहियों से पूछताछ जारी है।

    स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि पत्थरबाजी जैसी हिंसक घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। नए प्रभारी टीआई प्रतीक्षा मार्को ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और पुलिस फोर्स को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

  • गाजियाबाद में नकली Liv-52 टैबलेट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत 5 गिरफ्तार

    गाजियाबाद में नकली Liv-52 टैबलेट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत 5 गिरफ्तार


    गाजियाबाद । मुरादनगर पुलिस ने एक बड़े पैमाने पर नकली दवा बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह ने नामी कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर Liv-52 टैबलेट नकली बनाकर बेचने का काम किया। पुलिस ने गिरोह के सरगना मयंक अग्रवाल सहित कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लगभग 50,000 टैबलेट, डेढ़ हजार खाली डिब्बियां और रैपर बरामद किए गए हैं।

    पकड़े गए आरोपी और उनकी पहचान

    डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में शामिल हैं:
    मयंक अग्रवाल (मोदीनगर, तिबड़ा रोड) – सरगना
    अनूप गर्ग (दिल्ली, उत्तम नगर)
    तुषार ठाकुर (नंदग्राम, सुभाषनगर)
    आकाश ठाकुर (नंदग्राम, हिंडन विहार)
    नितिन त्यागी (निवाड़ी)

    पुलिस अब अन्य छह साथियों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम को 20,000 रुपये का इनाम भी मिला।

    गिरोह का काम करने का तरीका

    जांच में पता चला कि गिरोह ने लगभग चार महीने पहले ही यह नेटवर्क तैयार किया। आरोपियों ने सफेद डिब्बी और ढक्कन मेरठ के एक प्लास्टिक उद्योग से बनवाए, रैपर की प्रिंटिंग प्रेस खैरनगर चौपला में करवाई। टैबलेट सोनीपत की सुबको लेबोरेट्रीज़ से बनवाई जाती थी। सभी सामग्री इकट्ठा कर मुरादनगर निवासी जोनी और फरमान के साथ मिलकर पैक की जाती थी। फर्म में मुकेश कुमार को मालिक बनाया गया था और फरमान जीएसटी की फर्जी बिलिंग तैयार करता था।

    जिम्मेदारी बांटी गई थी
    मयंक – सोनीपत की लेबोरेट्री से दवा बनवाता
    तुषार – मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के साथ दवा की सप्लाई और कुरियरिंग
    नितिन – नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष, प्रशासनिक मदद

    50,000 से अधिक गोलियां सप्लाई
    जांच में पता चला कि गिरोह ने पिछले चार महीनों में अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, आगरा, मेरठ, शामली और अन्य जिलों में 50,000 से अधिक नकली टैबलेट सप्लाई की। दवा को बाजार भाव से 20% कम पर मेडिकल स्टोर संचालकों को दिया गया। डीसीपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया, “पुलिस ने नामी कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर Liv-52 बनाने वाले गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार किए। दवाइयों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।”

  • संपत्ति और मुआवजा विवाद पर शहडोल के परिवार में सड़क से थाने तक हाथापाई और गाली-गलौज

    संपत्ति और मुआवजा विवाद पर शहडोल के परिवार में सड़क से थाने तक हाथापाई और गाली-गलौज

    शहडोल / मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में पारिवारिक संपत्ति विवाद अचानक हाईवोल्टेज ड्रामा में बदल गया। बुढ़ार और धनपुरी थाना क्षेत्र के माली मोहल्ला निवासी परिवार के सदस्य सड़क पर आमने-सामने आ गए और थाने तक अपना विवाद लेकर पहुंचे। हाथापाई, झूमा-झपटी और गाली-गलौज के इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    मामले की शुरुआत बुढ़ार थाना क्षेत्र के जैन झरोखा के सामने सड़क पर हुई। माली मोहल्ला के अजय माली की कुछ साल पहले करंट लगने से मौत हो गई थी। उनकी पत्नी सोनम बाद में पुणे चली गई थी। अब सोनम के धनपुरी लौटने पर पति की मृत्यु के बाद मिली मुआवजा राशि और संपत्ति को लेकर देवर विजय और देवरानी के बीच विवाद शुरू हुआ।

    विवाद सड़क तक सीमित नहीं रहा और दोनों पक्ष थाने में पहुंचे। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी संघर्षरत पक्षों को शांत करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन हालात काबू में करना उनके लिए आसान नहीं रहा। पुलिस दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने में जुटी हुई है।

    यह विवाद और उसका वायरल वीडियो जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। परिवारिक संपत्ति और मुआवजा को लेकर शुरू हुआ मामूली झगड़ा हिंसक रूप लेने के बाद थाने तक पहुंच गया।

  • दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार, लखनऊ में डिप्टी सीएम के आवास से पकड़ा गया

    दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार, लखनऊ में डिप्टी सीएम के आवास से पकड़ा गया


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़े ठग का पर्दाफाश हुआ है, जो खुद को दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का प्रतिनिधि बताकर लोगों से ठगी कर रहा था। आरोपी, नोएडा निवासी दशरथ पाल को शुक्रवार (12 दिसंबर 2025) को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास से गिरफ्तार किया गया। वह कई शहरों में सत्ता और संगठन के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने का काम कर चुका था।

    कैसे पकड़ा गया ठग?
    आरोपी दशरथ पाल ने उपमुख्यमंत्री के आवास पर शिष्टाचार भेंट देने का दावा करते हुए पहुंचने की कोशिश की। उपमुख्यमंत्री की टीम को पहले ही सूचना मिल गई थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति उनके आवास तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। जब वह अंदर गया, तो सतर्कता टीम ने उसकी पहचान जांची और पाया कि वह दिल्ली बीजेपी नेतृत्व से कोई संबंध नहीं रखता। इसके बाद उसे तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    ठगी की वारदातें
    पूछताछ में सामने आया कि दशरथ पाल नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ और लखनऊ जैसे शहरों में कई लोगों से ठगी कर चुका था। वह खुद को बीजेपी के बड़े नेताओं का प्रतिनिधि बताकर लोगों को काम करने का वादा करता और बदले में पैसों की मांग करता था। अब पुलिस उसकी जांच कर रही है कि उसने कितने लोगों से ठगी की और उसके पीछे कोई गिरोह तो नहीं है।

    डिप्टी सीएम का कड़ा संदेश
    घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस तरह के लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन की छवि खराब करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मौर्य ने इस मामले में कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

    पुलिस की जांच जारी
    पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसने किस-किस व्यक्ति से ठगी की और उसके पास कितने पैसे हैं। पुलिस आरोपी के नेटवर्क और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है, ताकि उसकी अन्य ठगी की वारदातों का भी खुलासा हो सके।

  • रतलाम कलेक्ट्रेट में हाई वोल्टेज ड्रामा: कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा, प्रेमी अस्पताल में भर्ती

    रतलाम कलेक्ट्रेट में हाई वोल्टेज ड्रामा: कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा, प्रेमी अस्पताल में भर्ती


    रतलाम । रतलाम कलेक्ट्रेट (Ratlam Collectorate)में मंगलवार को प्रेमी-प्रेमिका(boyfriend girlfriend) का ऐसा हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. मामला तब शुरू हुआ जब स्टेशन रोड थाना पुलिस एक 19 साल के युवक और उसकी 19 वर्षीय प्रेमिका को अपर कलेक्टर(Additional Collector) कोर्ट में लेकर पहुंची. युवती के परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस दोनों को ढूंढकर कलेक्ट्रेट लाई.

    कोर्ट में पता चला कि युवक सिर्फ 19 साल का है. प्रेमी-प्रेमिका दोनों ने 2 दिसंबर को लव मैरिज की थी, लेकिन उम्र के कारण कोर्ट ने शादी की वैधता पर सवाल उठाए. युवती की इच्छा जानने के बाद एडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने उसे उज्जैन नारी निकेतन भेजने का आदेश दे दिया.

    प्रेमी-प्रेमिका का हाई वोल्टेज ड्रामा
    फैसला सुनते ही युवक और उसके परिजन विरोध में खड़े हो गए. जब नारी निकेतन की गाड़ी युवती को लेने पहुंची, तब भी युवक ने कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा किया. वह बार-बार अपनी पत्नी को अपने साथ भेजने की मांग करता रहा. एक घंटे तक समझाइश का दौर चलता रहा, मगर युवक शांत नहीं हुआ.

    लगातार रोने-चिल्लाने और तनाव के चलते अचानक युवक की तबीयत बिगड़ गई. वह बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया. फिलहाल युवक का इलाज रतलाम के सरकारी अस्पताल में चल रहा है.

    कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा
    युवक के परिजनों का कहना है कि दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है और प्रशासन को युवती को नारी निकेतन भेजने की जरूरत नहीं थी. वे चाहते हैं कि उनकी बहू जल्द से जल्द वापस घर आए. अपर कलेक्टर शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की गई है और युवती की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे नारी निकेतन भेजा गया है.

  • गुरुग्राम में भाजपा पार्षद की बेटी ने शादी से एक दिन पहले दर्ज कराई शिकायत, पुलिस ने सुरक्षित निकाला

    गुरुग्राम में भाजपा पार्षद की बेटी ने शादी से एक दिन पहले दर्ज कराई शिकायत, पुलिस ने सुरक्षित निकाला


    नई दिल्ली । गुरुग्राम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें भाजपा पार्षद नरेश कटारिया की बेटी ने अपनी शादी से ठीक एक दिन पहले अपने माता-पिता के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। लड़की का आरोप है कि उसके माता-पिता उसकी मर्जी के खिलाफ शादी कराने पर अड़े हुए थे और उसे घर में बंधक बनाकर रखने की कोशिश कर रहे थे।

    सूत्रों के अनुसार, लड़की ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता ने उसके मोबाइल फोन छीन लिए थे और उसे कमरे में बंद कर दिया था। इसके बावजूद उसने लैपटॉप का इस्तेमाल कर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पुलिस आयुक्त गुरुग्राम, जिला उपायुक्त, महिला आयोग और सेक्टर-9ए पुलिस स्टेशन को ईमेल के माध्यम से अपनी शिकायत भेजी।

    लड़की ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने एमबीए और एमएड तक की पढ़ाई की है और पिछले 15 वर्षों से एक दोस्त के साथ प्रेम संबंध में है। उसकी शादी चार दिसंबर को तय की गई थी, लेकिन वह उस व्यक्ति से विवाह करना चाहती थी, जिससे वह लंबे समय से संबंध में है। लड़की का कहना है कि उसके माता-पिता उसकी मर्जी को नजरअंदाज कर उसे मजबूर कर रहे थे।

    सेक्टर-9ए पुलिस ने तुरंत मामले में कार्रवाई की और लड़की को देर रात उसके घर से सुरक्षित निकालकर सेफ हाउस में शिफ्ट कर दिया। पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि लड़की की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    भाजपा नेता नरेश कटारिया ने फिलहाल इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया है। वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की योजना बना रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले परिवारिक विवाद से बढ़कर बच्चों के अधिकार और उनकी सुरक्षा का मामला बन जाते हैं। कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी मर्जी के खिलाफ शादी करने पर मजबूर किया जा रहा है, तो वह इसे पुलिस में रिपोर्ट कर सकता है और उसकी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाते हैं।

    इस घटना ने समाज में एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक दबाव में लोग अपनी मर्जी के खिलाफ निर्णय लेने को मजबूर क्यों होते हैं। सामाजिक और कानूनी जानकार कहते हैं कि ऐसी परिस्थितियों में बच्चों की इच्छाओं और स्वतंत्रता का सम्मान करना जरूरी है।

    पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि लड़की फिलहाल सुरक्षित है और उसे किसी भी तरह का खतरा नहीं है। वे परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ कर रहे हैं और मामले की पूरी जांच कर रहे हैं। वहीं महिला आयोग ने भी इस मामले पर नजर बनाए रखी है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की बात कही है।

    इस घटना ने न केवल गुरुग्राम बल्कि पूरे देश में शादी और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मामलों पर ध्यान आकर्षित किया है। कई मानवाधिकार और महिला संगठन भी इस मामले को लेकर गंभीर हैं और उन्होंने लड़की की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसके अधिकारों की रक्षा करने की अपील की है।

    अंततः यह मामला यह बताता है कि आज के समय में भी कई युवा अपनी पसंद और मर्जी के खिलाफ शादी के दबाव का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा, यह घटना यह भी दिखाती है कि जब युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, तो कानून और पुलिस उन्हें सुरक्षा प्रदान कर सकती है।