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  • IRCTC की काशी तीर्थ यात्रा: सिर्फ 16,700 रुपये में काशी, अयोध्या और प्रयागराज के दर्शन, रहने-खाने की पूरी व्यवस्था

    IRCTC की काशी तीर्थ यात्रा: सिर्फ 16,700 रुपये में काशी, अयोध्या और प्रयागराज के दर्शन, रहने-खाने की पूरी व्यवस्था


    नई दिल्ली । देशभर के श्रद्धालुओं के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने एक विशेष आध्यात्मिक यात्रा पैकेज लॉन्च किया है। ‘काशी तीर्थ यात्रा’ नाम से शुरू की गई यह 9 दिवसीय धार्मिक यात्रा श्रद्धालुओं को भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराने का अवसर देगी। खास बात यह है कि इस पैकेज में यात्रा, भोजन, ठहरने और स्थानीय परिवहन जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं, जिससे यात्रियों को अलग से किसी व्यवस्था की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

    यह विशेष यात्रा 9 सितंबर 2026 को तिरुनेलवेली से शुरू होकर 17 सितंबर 2026 तक चलेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु गया, बोधगया, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन करेंगे। IRCTC की भारत गौरव ट्रेन योजना के तहत संचालित इस टूर का उद्देश्य देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से लोगों को जोड़ना है।

    यात्रा के पहले दिन ट्रेन तिरुनेलवेली से रवाना होगी। रास्ते में कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को चढ़ने और उतरने की सुविधा दी जाएगी। तीसरे दिन श्रद्धालु गया पहुंचेंगे, जहां उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद बोधगया स्थित विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। यह वही स्थान है जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और यह बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में गिना जाता है।

    इसके बाद यात्रा वाराणसी पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर, अन्नपूर्णा देवी मंदिर, काशी विशालाक्षी मंदिर और काल भैरव मंदिर के दर्शन करेंगे। वाराणसी की प्रसिद्ध गंगा आरती भी इस यात्रा का प्रमुख आकर्षण होगी। शाम के समय गंगा घाटों पर होने वाली यह आरती श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और अद्भुत अनुभव प्रदान करती है।

    वाराणसी के बाद यात्रा अयोध्या पहुंचेगी। यहां श्रद्धालु राम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। इसके बाद ट्रेन प्रयागराज पहुंचेगी, जहां यात्री त्रिवेणी संगम में स्नान कर सकेंगे और प्रसिद्ध बड़े हनुमान मंदिर के दर्शन भी करेंगे।

    IRCTC ने इस पैकेज को तीन श्रेणियों में उपलब्ध कराया है। स्लीपर क्लास का किराया 16,700 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। वहीं थर्ड एसी के लिए 26,100 रुपये और सेकंड एसी के लिए 34,100 रुपये निर्धारित किए गए हैं। बच्चों के लिए अलग रियायती दरें लागू होंगी। पैकेज में रेल यात्रा, होटल में ठहरने की व्यवस्था, भोजन, स्थानीय परिवहन और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण शामिल है।

    धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह पैकेज उन लोगों के लिए बेहतरीन अवसर है, जो एक ही यात्रा में भारत की प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के दर्शन करना चाहते हैं। काशी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे पवित्र स्थलों की यात्रा निश्चित रूप से श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार और आध्यात्मिक अनुभव साबित हो सकती है।

  • प्रयागराज में सनसनीखेज हत्याकांड…. मकान से एक के बाद एक 4 शव बरामद

    प्रयागराज में सनसनीखेज हत्याकांड…. मकान से एक के बाद एक 4 शव बरामद


    प्रयागराज।
    यूपी (UP) के प्रयागराज (Prayagraj) के साउथ मलाका (South Malacca) में चार लोगों की निर्मम हत्या की बात फैलते ही पूरा इलाके में सनसनी फैल गई। मंगलवार दोपहर घर के भीतर से उठ रही तेज दुर्गंध ने जिस खौफनाक कांड से पर्दा उठाया, उसने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पुलिस को भी हैरान कर दिया। एक के बाद एक, चार शव बरामद होने की खबर फैलते ही साउथ मलाका चौराहे पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर चार लोगों की इतनी बेरहमी से हत्या किसने और क्यों की?

    मकान से निकल रही दुर्गंध इतनी तीव्र थी कि चौराहे से गुजरने वाले राहगीरों तक को परेशानी हो रही थी। आसपास के दुकानदारों को पहले लगा कि किसी जानवर की मौत हुई होगी, लेकिन जब पुलिस ने मकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो पूरा मामला सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया। बताया जा रहा है कि शव करीब तीन दिन तक बंद कमरों में पड़े रहने के कारण सड़ने लगे थे, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई थी। चार हत्याओं की खबर फैलते ही आसपास के लोग अपने घरों और दुकानों से निकलकर घटनास्थल पर पहुंच गए। चौराहे पर देर शाम तक लोगों की भीड़ जुटी रही। घटनास्थल पर पुलिस कमिश्नर, अपर पुलिस आयुक्त, डीसीपी सिटी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वायड की टीम घंटों जांच में जुटी रही।

    पुलिस को मकान से तीन मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल होने की आशंका वाली एक हथौड़ी भी मिली है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस आसपास के लोगों, किरायेदारों, रिश्तेदारों और परिवार से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। शहर के बीचोंबीच हुए इस सनसनीखेज चौहरे हत्याकांड ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है।


    चौथा शव किसका? सबसे बड़ा सवाल

    साउथ मलाका हत्याकांड की जांच में सबसे बड़ा सवाल भूतल स्थित कलर लैब से बरामद चौथे शव की पहचान को लेकर खड़ा हो गया है। पुलिस को आशंका है कि युवक की पहले दुकान के भीतर हत्या की गई और फिर केमिकल डालकर उसका चेहरा जला दिया गया, ताकि पहचान छिपाई जा सके। प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि शव वीरेंद्र वैश्य के बड़े बेटे अभिषेक का हो सकता है, लेकिन चेहरा बुरी तरह झुलस जाने के कारण इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस डीएनए परीक्षण और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से पहचान सुनिश्चित कराने की तैयारी कर रही है।

    पुलिस को यह भी संदेह है कि युवक की हत्या के बाद आरोपी पहली मंजिल पर पहुंचे और वृद्ध दंपती वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता और बेटी मीनाक्षी पर हथौड़ी या किसी भारी वस्तु से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं चौथा शव किसी अन्य व्यक्ति का तो नहीं है और पहचान छिपाने के लिए चेहरा जलाया गया हो। इसी बिंदु को जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

  • प्रयागराज में पर्यटकों को बड़ी राहत: राही पर्यटक आवासों में 25% छूट की घोषणा

    प्रयागराज में पर्यटकों को बड़ी राहत: राही पर्यटक आवासों में 25% छूट की घोषणा



    प्रयागराज । प्रयागराज में पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को आकर्षित करने और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब जिले के राही पर्यटक आवासों में ठहरने पर पर्यटकों को 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यह योजना इसी माह से लागू होने जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, प्रयागराज में पर्यटन विभाग के दो प्रमुख राही पर्यटक आवास संचालित हैं, जिनमें Triveni Darshan Tourist Bungalow (बोट क्लब, पाल क्षेत्र) और Rahi Ilavart Hotel (सिविल लाइंस) शामिल हैं। इन दोनों स्थानों पर पर्यटक अब कम कीमत में ठहर सकेंगे।

    पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य लोगों को विदेश यात्रा के बजाय भारत के भीतर ही धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की ओर आकर्षित करना है। प्रयागराज जैसे तीर्थ और सांस्कृतिक शहर में पर्यटन को नई गति देने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इस योजना के तहत न केवल ठहरने की सुविधा सस्ती होगी, बल्कि रेस्टोरेंट और अन्य सेवाओं में भी विशेष छूट देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विभाग को रेस्टोरेंट एसोसिएशन के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से प्रयागराज आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

  • प्रयागराज के दशहरी-लंगड़ा आम अब यूएई और ओमान को 50 हजार टन आम निर्यात की तैयारी, किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार

    प्रयागराज के दशहरी-लंगड़ा आम अब यूएई और ओमान को 50 हजार टन आम निर्यात की तैयारी, किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार



    प्रयागराज। प्रयागराज मंडल के मशहूर दशहरी, लंगड़ा और फजली आम की मिठास अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह अब विदेशों तक अपनी पहचान बनाएगी। इस बार प्रयागराज मंडल से करीब 50 हजार टन आम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान भेजने की तैयारी की जा रही है, जिससे किसानों और निर्यात कारोबार को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

    प्रयागराज मंडल के प्रयागराज, प्रतापगढ़ और कौशांबी जिलों में लगभग 2400 से 2500 हेक्टेयर क्षेत्र में आम की बागवानी की जाती है। यहां से हर साल करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा निर्यात के लिए तैयार किया जाता है। खास बात यह है कि प्रयागराज जिले में अकेले ही 600 से 650 हेक्टेयर में आम की खेती होती है और यहां से लगभग 10 हजार टन से अधिक उत्पादन होता है।

    विदेशी बाजारों में यहां के आमों की मांग लगातार बढ़ रही है। दशहरी, लंगड़ा और फजली किस्मों को उनकी मिठास, सुगंध और गुणवत्ता के कारण खाड़ी देशों में काफी पसंद किया जा रहा है। इसी कारण हर साल लगभग 50 हजार टन आम यूएई और ओमान जैसे देशों में निर्यात किया जाता है।

    इसके साथ ही किसानों का रुझान अब नई प्रजातियों की ओर भी बढ़ रहा है। उद्यान विभाग के अनुसार अंबिका, अरुणिका, मल्लिका और बॉम्बे ग्रीन जैसी नई किस्में कम समय में तैयार होने और बेहतर उत्पादन के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। इन किस्मों की मांग न सिर्फ घरेलू बाजार में बल्कि विदेशों में भी बढ़ रही है।

    निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पैकिंग, ग्रेडिंग और कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। किसानों को बेहतर गुणवत्ता बनाए रखने और सुरक्षित पैकिंग के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जो खुसरो बाग सहित विभिन्न केंद्रों पर आयोजित किया जाता है।

    कुल मिलाकर, प्रयागराज मंडल के आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।

  • प्रयागराज में दिल दहला देने वाला हादसा: बच्चों को बचाते-बचाते जिंदा जल गई मां

    प्रयागराज में दिल दहला देने वाला हादसा: बच्चों को बचाते-बचाते जिंदा जल गई मां


    प्रयागराज। प्रयागराज में इंसानियत और मां की ममता की एक ऐसी दर्दनाक और साहसिक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। यहां एक मां ने अपने चार बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। यह घटना 12 मई की रात नैनी बाजार के चैंपियन गली इलाके में हुई, जहां एक क्रॉकरी कारोबारी के घर में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई।

    जानकारी के अनुसार, आग घर के फर्स्ट फ्लोर पर बने गोदाम से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में पूरे मकान में फैल गई। उस समय घर की महिलाएं और बच्चे ऊपर की मंजिल पर फंस गए थे। नीचे से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा और सभी लोग जान बचाने के लिए छत पर पहुंच गए। आग की लपटें और धुआं तेजी से बढ़ता जा रहा था, जिससे हालात बेहद भयावह हो गए।

    इसी दौरान मां ने असाधारण साहस दिखाते हुए अपने बच्चों को बचाने का फैसला किया। पहले उसने अपने एक साल के मासूम बच्चे को चादर में लपेटा और पड़ोसी की छत की ओर लगभग 12 फीट दूर उछाल दिया। पड़ोसियों ने किसी तरह बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद छत पर रखी सीढ़ी का सहारा लेकर उसने अपनी दो बेटियों को भी पड़ोसी की छत पर सुरक्षित पहुंचा दिया।

    इसके बाद उसने अपने भतीजे को भी सीढ़ी के जरिए दूसरी छत पर भेजकर बचा लिया। इस तरह उसने चार बच्चों को सुरक्षित कर दिया, लेकिन इस दौरान आग और धुएं ने पूरी छत को घेर लिया था। लगातार बढ़ती लपटों और घने धुएं के कारण वह खुद बाहर नहीं निकल सकी और आग की चपेट में आ गई।

    कुछ ही देर में वह बुरी तरह झुलस गई और मौके पर ही गंभीर हालत में पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की टीम बाद में मौके पर पहुंची, लेकिन तंग गली होने के कारण राहत कार्य में काफी देर लगी। किसी तरह महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    बताया गया कि महिला का नाम अर्चना था, जिन्होंने अपने बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की। उनकी 13 साल की बेटी भी इस हादसे में झुलस गई और आईसीयू में भर्ती है, जबकि अन्य परिजन भी घायल हुए हैं।

    फायर ब्रिगेड की करीब 12 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यह हादसा पूरे इलाके में शोक और सदमे का कारण बन गया है। लोगों का कहना है कि यह घटना मां के अद्भुत साहस और बलिदान की मिसाल है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

  • गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा विकास की नई लाइफलाइन, कई तीर्थ स्थलों को मिलेगा सीधा लाभ

    नई दिल्ली । गंगा एक्सप्रेसवे (करीब 594 किमी) मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला एक बड़ा हाईवे प्रोजेक्ट है, जो उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई रफ्तार देगा। पहले जहां मेरठ से प्रयागराज तक पहुंचने में 10–12 घंटे लगते थे, अब यह सफर लगभग 5–6 घंटे में पूरा हो सकेगा।

    इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा धार्मिक पर्यटन को होगा, क्योंकि यह कई प्रमुख तीर्थ स्थलों जैसे गढ़मुक्तेश्वर, कल्कि धाम, बेल्हा देवी धाम, चंद्रिका देवी मंदिर और त्रिवेणी संगम को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। इससे श्रद्धालुओं के लिए एक ही यात्रा में कई धार्मिक स्थलों के दर्शन करना आसान हो जाएगा।

    इसके अलावा यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज को वाराणसी, विंध्याचल, अयोध्या, गोरखनाथ मंदिर, नैमिषारण्य, चित्रकूट, मथुरा और वृंदावन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से भी बेहतर रूप से जोड़ने में मदद करेगा। इससे पूरे राज्य में तीर्थ यात्राओं और टूरिज्म में तेजी आने की संभावना है।

    हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल भी इस विकास से लाभान्वित होंगे, जिससे जैन और महाभारत काल से जुड़े पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही संभल, बदायूं, शाहजहांपुर और रायबरेली जैसे छोटे शहरों में होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार में भी तेजी आएगी।

    कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाली एक बड़ी विकास कड़ी साबित हो सकता है।

  • झांसी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: ADM वरुण कुमार पांडेय बने विधि विश्वविद्यालय के कुलसचिव, गौरव शुक्ला को मिला JDA सचिव का जिम्मा

    झांसी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: ADM वरुण कुमार पांडेय बने विधि विश्वविद्यालय के कुलसचिव, गौरव शुक्ला को मिला JDA सचिव का जिम्मा


    नई दिल्ली। झांसी में प्रशासनिक फेरबदल के तहत पीसीएस अधिकारी वरुण कुमार पांडेय का तबादला कर उन्हें प्रयागराज स्थित डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का नया कुलसचिव नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वह झांसी में एडीएम वित्त एवं राजस्व के पद पर तैनात थे।

    वरुण कुमार पांडेय अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों को लेकर चर्चा में रहे। सिटी मजिस्ट्रेट रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई थी, खासकर महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु वार्ड में हुए भीषण अग्निकांड के दौरान उनकी संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की काफी सराहना हुई थी। उस हादसे के दौरान एक मां अपने बच्चे को ढूंढते हुए उनके पास पहुंची थी, जहां उन्होंने न सिर्फ महिला को संभाला बल्कि अधिकारियों की मदद से बच्चे को सुरक्षित ढूंढकर मां से मिलवाया था, जिसे लोगों ने उनकी मानवीय कार्यशैली का उदाहरण माना।

    इसी बीच शासन ने एक और बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए सुल्तानपुर में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात गौरव शुक्ला को झांसी विकास प्राधिकरण (JDA) का नया सचिव नियुक्त किया है। वह जल्द ही अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे।

    इस तबादले को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे दोनों जिलों में नई कार्यशैली और गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • लेंसकार्ट विवाद में धीरेंद्र शास्त्री की एंट्री, बोले- अपनी कंपनी लाहौर में खोल लो

    लेंसकार्ट विवाद में धीरेंद्र शास्त्री की एंट्री, बोले- अपनी कंपनी लाहौर में खोल लो

    प्रयागराज. प्रयागराज में एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने लेंसकार्ट कंपनी के मालिक पर जमकर भड़के और उन्हें लाहौर जाने की सलाह दे डाली. कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने ने कहा कि ‘एक कंपनी है उसका नाम लेंसकार्ट है. उसने अपने वर्करों को बोला है कि हमारे यहां कोई तिलक लगा के नहीं आ सकता, मंगलसूत्र पहन के नहीं आ सकता, सिंदूर लगा के नहीं आ सकता. अरे… नकटा, तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे को मर रहा है.
    धीरेंद्र शास्त्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि लेंसकार्ट जैसी कंपनियां हिंदू समाज की भावनाओं और विचारधारा को आहत करती हैं, इनका बहिष्कार होना चाहिए. उन्हें लाहौर जाना चाहिए. इन्हें भारत में व्यापार करने का अधिकार नहीं है. ऐसे शुरू हुआ था विवाद यह पूरा विवाद कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ था. इस दस्तावेज़ में दावा किया गया था कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए कुछ धार्मिक प्रतीकों- जैसे बिंदी, तिलक और कलावा- पर रोक लगाई है.
    विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के सह-संस्थापक पीयूष बंसल ने सार्वजनिक रूप से सफाई दी. उन्होंने कहा कि वायरल हो रहा दस्तावेज़ पुराना और भ्रामक है, जिसे पहले ही हटा दिया गया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि लेंसकार्ट अपने कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का धार्मिक भेदभाव नहीं करता और सभी को अपनी आस्था के अनुसार पहनावे की पूरी स्वतंत्रता है. लेंसकार्ट के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं लोग इसके बावजूद यह मुद्दा थमता नजर नहीं आ रहा है. सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग कंपनी के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और बहिष्कार की मांग कर रहे हैं. कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं. भोपाल में कुछ संगठनों ने लेंसकार्ट के स्टोर्स के बाहर प्रदर्शन किया और कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की. फिलहाल यह मामला धार्मिक भावनाओं, कॉर्पोरेट नीतियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच असंतुलन का एक बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है. अब देखना यह होगा कि कंपनी और संबंधित पक्ष इस विवाद को शांत करने के लिए आगे क्या कदम उठाते हैं?
  • प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद पर बाल यौन शोषण FIR, पुलिस ने शुरू की गहन जांच

    प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद पर बाल यौन शोषण FIR, पुलिस ने शुरू की गहन जांच


    प्रयागराज। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ बाल यौन शोषण के गंभीर आरोपों पर FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है। मामला POCSO कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और पीड़ित शिष्यों ने अदालत में बच्चों के कथित शोषण के बयानों को दर्ज कराया था, जिनके आधार पर पुलिस ने देर रात FIR को औपचारिक रूप दिया।

    पुलिस की पांच सदस्यीय टीम, जिसका नेतृत्व डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य कर रहे हैं, ने घटना स्थल का नक्शा तैयार कर लिया है और पीड़ितों के मेडिकल परीक्षण के बाद साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज़ कर दी है। टीम ने माघ मेला शिविर और अन्य कथित घटनास्थलों का निरीक्षण भी किया है। पुलिस का मुख्य फोकस अब उन पीड़ितों और शिकायतकर्ता तक पहुंचकर कलम बंद बयान और सबूत दर्ज करना है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके।

    अविमुक्तेश्वरानंद ने FIR दर्ज होने के बाद कहा कि वे जांच से भागेंगे नहीं और उनके मठ के दरवाजे पुलिस के लिए हमेशा खुले हैं। उन्होंने बताया कि कई वकीलों ने उनका केस मुफ्त में लड़ने का प्रस्ताव दिया है और उनकी लीगल टीम अब अग्रिम कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है। वहीं, उन्होंने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी के आपराधिक इतिहास पर सवाल उठाया और दावा किया कि वह कांधला थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी रह चुका है।

    इस हाई‑प्रोफाइल मामले में पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई है जिसमें एसीपी और इंस्पेक्टर झूंसी समेत पांच वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। टीम निष्पक्ष और तेज़ जांच सुनिश्चित कर रही है। POCSO Act के तहत यह मामला तीव्र और संवेदनशील माना जा रहा है, इसलिए पुलिस मेडिकल, फोरेंसिक और गवाह सबूत के आधार पर अगली कानूनी कार्रवाई तय करेगी।

    इस बीच समाज और धार्मिक जगत में भी इस मामले पर बहस जारी है। स्वामी ने आरोपों को झूठा और साजिशपूर्ण बताया है और कहा कि न्याय जल्द ही दोनों न्यायालयों में सही रूप से होगा। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के बयानों का उन्होंने समर्थन करते हुए उन्हें जनता की आवाज बताया।

  • Holi Special Train: जबलपुर से अयोध्या, दिल्ली, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी के लिए दौड़ेंगी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत

    Holi Special Train: जबलपुर से अयोध्या, दिल्ली, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी के लिए दौड़ेंगी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत


    जबलपुर। रंगों के महापर्व होली पर घर लौटने और धार्मिक स्थलों पर रंगोत्सव मनाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेल ने जबलपुर से दो प्रमुख दिशाओंअयोध्या और दिल्लीके लिए विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। ये दोनों स्पेशल ट्रेनें 2 से 11 मार्च के बीच सप्ताह में एक दिन संचालित होंगी और दो-दो फेरे लगाएंगी। इनके लिए आरक्षण भी शुरू कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ गई है।

    पहली स्पेशल ट्रेन जबलपुर-अयोध्या धाम के बीच चलेगी। ट्रेन क्रमांक 01705 तीन और 10 मार्च को शाम 7.40 बजे जबलपुर जंक्शन से रवाना होगी। यह सिहोरा रोड, कटनी जंक्शन, मैहर, सतना, मानिकपुर, मिर्जापुर और जौनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहरते हुए मध्यरात्रि 2.15 बजे प्रयागराज छिवकी, सुबह 7.05 बजे वाराणसी और सुबह 11.25 बजे अयोध्या धाम पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन क्रमांक 01706 चार और 11 मार्च को दोपहर 1.30 बजे अयोध्या धाम से चलकर अगले दिन सुबह 6.45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में दो सेकेंड एसी, पांच थर्ड एसी, आठ स्लीपर और दो एसएलआरडी कोच रहेंगे।

    दूसरी स्पेशल ट्रेन जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन दिल्ली के लिए चलाई जाएगी। ट्रेन क्रमांक 01701 दो और नौ मार्च को रात 8.20 बजे जबलपुर से रवाना होगी। यह कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, झांसी, ग्वालियर, आगरा, मथुरा और कोशी कला होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन क्रमांक 01702 तीन और 10 मार्च को अपराह्न 3.45 बजे निजामुद्दीन से चलकर अगले दिन सुबह 9.30 बजे जबलपुर पहुंचेगी। 24 कोच वाली इस ट्रेन में चार जनरल, नौ स्लीपर, छह थर्ड एसी, दो सेकेंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा।

    होली के दौरान मथुरा और काशी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह ट्रेनें बड़ी सुविधा साबित होंगी। नियमित ट्रेनों में सीटों की कमी के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है, ऐसे में इन स्पेशल ट्रेनों से भीड़ का दबाव कम होगा। अयोध्या स्पेशल ट्रेन के मिर्जापुर ठहराव से विंध्याचल धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिलेगा।

    इसके अलावा रीवा-भोपाल-दानापुर रूट पर भी विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। रानी कमलापति से रीवा और दानापुर के लिए सुपरफास्ट एवं स्पेशल ट्रेनों की तिथियां घोषित कर दी गई हैं, जिससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश-बिहार के बीच यात्रा करने वालों को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे।

    रेल प्रशासन का मानना है कि इन स्पेशल ट्रेनों से न केवल त्योहार के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। होली के रंगों के बीच सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। यात्रियों से समय पर आरक्षण कराने और निर्धारित समय-सारिणी की जानकारी प्राप्त करने की अपील की गई है।