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  • देशसेवा और फिटनेस का संगम, राष्ट्रपति मुर्मु ने सोल्जरथॉन व NCC साइक्लोथॉन का किया शुभारंभ

    देशसेवा और फिटनेस का संगम, राष्ट्रपति मुर्मु ने सोल्जरथॉन व NCC साइक्लोथॉन का किया शुभारंभ


    नई दिल्ली। देश में फिटनेस राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली में शनिवार को कई प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन परिसर से पीबीजी सोल्जरथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जबकि केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से एनसीसी साइक्लोथॉन 2026 की शुरुआत कर युवाओं को अनुशासन फिटनेस और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया। इन आयोजनों ने देशवासियों विशेषकर युवाओं में देशभक्ति और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।

    राष्ट्रपति भवन में आयोजित पीबीजी सोल्जरथॉन का आयोजन सैनिकों के साथ दौड़ें सैनिकों के लिए दौड़ें विषय पर किया गया। इस पहल का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों के साहस समर्पण और बलिदान को सम्मान देना तथा आम नागरिकों और सैनिकों के बीच मजबूत भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना था। इस अवसर पर मिजोरम के राज्यपाल और इस अभियान के संरक्षक जनरल वीके सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सैनिकों और आम नागरिकों ने भाग लेकर एक साथ दौड़ लगाई और राष्ट्रीय ध्वज के साथ देश के वीर जवानों के प्रति अपना सम्मान और समर्थन व्यक्त किया।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि सोल्जरथॉन केवल एक दौड़ नहीं बल्कि नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच विश्वास और सम्मान का मजबूत सेतु है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक सीमाओं पर दिन रात देश की रक्षा करते हैं और उनके साहस तथा त्याग को सम्मान देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। राष्ट्रपति ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं और लोगों को सैनिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराते हैं।

    दूसरी ओर भारत की आजादी के 79 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एनसीसी साइक्लोथॉन 2026 को केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में 79 एनसीसी कैडेट शामिल हुए जिन्होंने अनुशासन फिटनेस और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम में ओलंपिक पदक विजेता और विश्व चैंपियन मुक्केबाज मैरी कॉम की उपस्थिति ने युवाओं का उत्साह और बढ़ा दिया।

    मनसुख मांडविया ने कहा कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं बल्कि अनुशासन नेतृत्व क्षमता और समाज सेवा की पाठशाला है। उन्होंने कहा कि आज के युवा विकसित भारत के सबसे मजबूत आधार हैं और उनकी ऊर्जा देश के भविष्य को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने युवाओं से फिट रहने समाज के प्रति जिम्मेदार बनने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

    मैरी कॉम ने भी युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि एनसीसी की वर्दी केवल कपड़ा नहीं बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी और सेवा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन मेहनत और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण हैं तथा युवा इन्हीं मूल्यों को अपनाकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

    इसी क्रम में जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से नशा मुक्त भारत अभियान के तहत फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 84वें संस्करण का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नियमित व्यायाम स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्त समाज के प्रति जागरूक करना था।

    इन सभी आयोजनों ने यह संदेश दिया कि फिट शरीर अनुशासित जीवन और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। सैनिकों के सम्मान से लेकर युवाओं की भागीदारी तक दिल्ली में आयोजित ये कार्यक्रम देशभक्ति सामाजिक एकता और स्वस्थ भारत के संकल्प को नई मजबूती देने वाले साबित हुए।

  • राष्ट्रपति मुर्मु के आगमन से शिमला में बढ़ी हलचल, सुरक्षा और स्वागत के कड़े इंतजाम..

    राष्ट्रपति मुर्मु के आगमन से शिमला में बढ़ी हलचल, सुरक्षा और स्वागत के कड़े इंतजाम..

    नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला इन दिनों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन को लेकर विशेष चर्चा में है। उनके पांच दिवसीय प्रवास के चलते पूरे शहर में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। यह दौरा राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें कई आधिकारिक, शैक्षणिक और विकास से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं।

    राष्ट्रपति मुर्मु का यह दौरा 27 अप्रैल से 1 मई तक निर्धारित है। इस दौरान वे शिमला और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। उनके आगमन के सम्मान में राजभवन में विशेष स्वागत समारोह का आयोजन किया गया है, जहां राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे। यह कार्यक्रम राष्ट्रपति के प्रवास की शुरुआत को औपचारिक रूप से चिह्नित करता है।

    अपने प्रवास के दौरान राष्ट्रपति शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड का दौरा करेंगी, जहां वे सैन्य प्रशिक्षण और तैयारियों की समीक्षा करेंगी। इसके अलावा वे पालमपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी, जहां विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियों को सराहा जाएगा।

    राष्ट्रपति मुर्मु सोमवार को मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास पहुंचीं, जो उनके प्रवास के दौरान उनका अस्थायी आवास बना हुआ है। यह स्थान अपनी ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है और लंबे समय से देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के प्रवास का हिस्सा रहा है।

    दौरे के कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति 29 अप्रैल को अटल टनल का निरीक्षण करेंगी। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश की प्रमुख आधारभूत संरचना उपलब्धियों में से एक मानी जाती है और राज्य के विकास में इसकी अहम भूमिका है। इसके बाद 30 अप्रैल को वे पालमपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी और उसी दिन शाम को मशोबरा स्थित निवास पर “एट होम” कार्यक्रम में शामिल होंगी, जहां विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आमंत्रित अतिथि उनसे मुलाकात करेंगे।

    1 मई को राष्ट्रपति का अंतिम कार्यक्रम शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड का दौरा होगा, जिसके बाद वे राजधानी दिल्ली के लिए रवाना होंगी। यह पूरा दौरा प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें रक्षा, शिक्षा और विकास तीनों क्षेत्रों की गतिविधियों की समीक्षा और सहभागिता शामिल है।

    मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास का ऐतिहासिक महत्व भी विशेष है। यह भवन लगभग 174 वर्ष पुराना है और अपनी यूरोपीय स्थापत्य शैली के कारण जाना जाता है। पहले इसे रिट्रीट बिल्डिंग के नाम से जाना जाता था, जो अब देश के प्रमुख राष्ट्रपति आवासों में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है।

  • जलियांवाला बाग शहीदों को राष्ट्रपति और पीएम ने दी श्रद्धांजलि, बताया अमर बलिदान

    जलियांवाला बाग शहीदों को राष्ट्रपति और पीएम ने दी श्रद्धांजलि, बताया अमर बलिदान

    नई दिल्ली। देशभर में आज जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके अद्वितीय बलिदान को भावपूर्ण स्मरण के साथ नमन किया गया। इस अवसर पर द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी ने शहीदों को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा को मजबूत करने वाला एक अमर अध्याय है।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि जलियांवाला बाग में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों का बलिदान देश के इतिहास में सदैव अमर रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक घटना ने स्वतंत्रता के प्रति देशवासियों में नई चेतना और दृढ़ संकल्प का संचार किया, जिसने पूरे राष्ट्र को एकजुट किया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र सदैव इन शहीदों का ऋणी रहेगा और उनकी देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों का साहस और त्याग भारतीयों की अदम्य भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उन वीरों ने जिस दृढ़ता के साथ अत्याचार का सामना किया, वह आज भी देशवासियों को न्याय, स्वतंत्रता और गरिमा के मूल्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उस समय की क्रूर घटनाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और देश में जागरूकता तथा संघर्ष की भावना को और मजबूत किया। उन्होंने समाज को एकजुट रहने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश भी दिया।

    इस अवसर पर अमित शाह ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह घटना औपनिवेशिक शासन की क्रूरता का सबसे भयावह उदाहरण थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि इस घटना ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और देश में क्रांतिकारी चेतना को बढ़ाया।

    उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के बाद देश में स्वतंत्रता की लौ और तेज हुई, जिसने भगत सिंह और ऊधम सिंह जैसे अनेक महान क्रांतिकारियों को प्रेरित किया।जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है, जिसने देश कोएकजुट कर स्वतंत्रता संग्राम को नई गति दी। यह घटना आज भी साहस, बलिदान और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक मानी जाती है और हर पीढ़ी को प्रेरित करती है।

  • रामनवमी पर राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश: प्रभु राम से मिलते हैं जीवन के आदर्श

    रामनवमी पर राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश: प्रभु राम से मिलते हैं जीवन के आदर्श


    नई दिल्ली।  मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव रामनवमी के पावन अवसर पर देशभर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। इस खास दिन पर द्रौपदी मुर्मु, नरेंद्र मोदी, ओम बिरला समेत कई बड़े नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, समरसता और आदर्श मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें न्याय, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से रामराज्य की परिकल्पना के अनुरूप एक समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

    वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन त्याग, तप और संयम से भरा हुआ है। उनके आदर्श हर परिस्थिति में मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा देते हैं और मानवता के लिए सदैव मार्गदर्शक रहेंगे। उन्होंने कामना की कि भगवान राम की कृपा से सभी का कल्याण हो और देश आत्मनिर्भर व विकसित बनने की दिशा में आगे बढ़े।

    उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने संदेश में भगवान राम को धैर्य, त्याग और न्यायप्रियता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन संपूर्ण मानवता के लिए सर्वोच्च आदर्श है। उन्होंने प्रार्थना की कि समाज में अधर्म, अहंकार और अशांति का अंत हो तथा राष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस अवसर पर कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति, आस्था और लोकमंगल के प्रतीक हैं। उनके आदर्श आज भी सुशासन, न्याय और लोककल्याण के लिए प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी से कर्तव्य, संस्कार और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

    इसके अलावा केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी देशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। सभी नेताओं ने भगवान राम के आदर्शों सत्य, सेवा, समर्पण और धर्-को अपनाकर एक बेहतर समाज और राष्ट्र के निर्माण पर जोर दिया।

    देशभर में इस मौके पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और शोभायात्राओं का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया।